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PM मोदी की अपील के बाद दिल्ली के विभागों में पेट्रोल-डीजल बचत और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर जोर

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली के लोक निर्माण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड और बाढ़ सिंचाई विभाग ने 11 बड़े निर्देश जारी किए हैं. विभागों में अब सप्ताह में एक दिन 'नो कार डे' लागू किया जाएगा. इसके साथ ही अगली सूचना तक अधिकारियों के विदेशी दौरों पर भी रोक लगा दी गई है. लंबित विदेश यात्रा प्रस्तावों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं. नई गाइडलाइन के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकारी वाहनों का इस्तेमाल न्यूनतम करने को कहा गया है. विभाग ने सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है. विभागों के वाहन बेड़े को तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के आदेश भी जारी किए गए हैं. इन विभागों ने अपने कर्मचारियों को निरीक्षण, फील्ड विजिट और कार्यालय आने-जाने के दौरान कार पूलिंग अपनाने की सलाह दी है. सरकारी कार्यक्रमों और निरीक्षणों में ग्रुप ट्रैवल के लिए इलेक्ट्रिक वाहन या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने को कहा गया है. निर्देशों में डीजल चालित पंपों की जगह इलेक्ट्रिक पंप और स्थायी पंपिंग स्टेशनों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है. साथ ही अनावश्यक यात्राओं को कम करने के लिए वर्चुअल बैठकों को बढ़ावा देने की बात कही गई है. इसके अलावा सभी कार्यालय परिसरों में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली सरकार के विभागों में बागवानी से संबंधित कार्यों में केवल जैविक खाद के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है. दिल्ली सरकार ने सभी विभागों से इन निर्देशों के पालन की साप्ताहिक रिपोर्ट जमा करने को भी कहा है.

एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स का मेगा ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम, 1397 ड्रग तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली  दिल्ली को साल 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मेगा 'ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम' में करीब 1700 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस साल 1397 ड्रग तस्कर पकड़े गए इस मौके पर एलजी ने दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ नशीले पदार्थ नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और मानसिकता को खत्म करने का प्रयास है जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है। ड्रग्स नष्ट कर दिए गए दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, गठित कमिटियों की निगरानी में वर्ष 1974 से 2025 तक के मामलों में अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जब्त ड्रग्स नष्ट किए गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1129 मामले दर्ज किए गए और 1397 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। 72 करोड़ रुपये की ड्रग्स नष्ट किए दिल्ली को साल 2027 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को मेगा 'ड्रग डिस्ट्रक्शन कार्यक्रम' में करीब 1700 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू शामिल हुए। उनके साथ दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस साल 1397 ड्रग तस्कर पकड़े गए इस मौके पर एलजी ने दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ नशीले पदार्थ नष्ट करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे नेटवर्क और मानसिकता को खत्म करने का प्रयास है जो युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रही है। पुलिस के अनुसार दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, गठित कमिटियों की निगरानी में वर्ष 1974 से 2025 तक के मामलों में अदालतों से अनुमति मिलने के बाद जब्त ड्रग्स नष्ट किए गए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में 30 अप्रैल तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1129 मामले दर्ज किए गए और 1397 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया। एलजी ने नष्ट किए नशीले पदार्थ…. पदार्थ     मात्रा गांजा     1610 kg चरस     21 kg हेरोइन     11 kg कोकेन     591 ग्राम कैनाबिस सटाइवा     21 kg अल्प्राजोलम टैबलेट     30 kg कब-कब नष्ट किए गए नशीले पदार्थ… तारीख     मात्रा 21 दिसंबर 2022     2,888kg 26 जून 2023     5,700 kg 20 फरवरी 2024     10,631 kg 17 दिसंबर 2024     10,601.192 kg 24 जनवरी 2025     1,575 kg 03 अप्रैल 2025     1,624 kg

वकीलों का बड़ा फैसला: दिल्ली जिला अदालतों में पूर्ण न्यायिक बहिष्कार का ऐलान

नई दिल्ली  दिल्ली की सभी जिला अदालतों में 14 मई को न्यायिक कामकाज प्रभावित रहेगा। सभी जिला अदालत बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमिटी ने गुरुवार को पूरी तरह से न्यायिक काम का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। 10 मई को हुई आपात बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया। 10 मई को हुई आपात बैठक में लिया गया फैसला समिति ने दिल्ली हाई कोर्ट पर जिला अदालत प्रशासन से जुड़े अहम फैसले ‘मनमाने तरीके’ से लेने का आरोप लगाया है। समिति के महासचिव विजय बिश्नोई द्वारा जारी बयान में कहा गया कि बार एसोसिएशनों को नीति निर्माण प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था की भावना के खिलाफ है। कोऑर्डिनेशन कमिटी ने सभी बार सदस्यों से हड़ताल में पूरी भागीदारी की अपील की है। हड़ताल के चलते दिल्ली की जिला अदालतों में जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों सहित नियमित सुनवाई प्रभावित होने की संभावना है। क्या है मामला     14 मई को दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल     दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा 'मनमाने तरीके' से फैसले लेने का विरोध     नीति निर्माण में बार एसोसिएशन की अनदेखी पर नाराजगी     10 मई को हुई आपात बैठक में काम के बहिष्कार का निर्णय     जमानत, सिविल और पारिवारिक मामलों की सुनवाई पर पड़ेगा असर     कोऑर्डिनेशन कमिटी द्वारा न्यायिक कार्य के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान     महासचिव विजय बिश्नोई ने जारी किया आधिकारिक बयान     बार एसोसिएशन को प्रक्रिया से बाहर रखना न्याय व्यवस्था के खिलाफ बताया गया

दिल्ली हाई कोर्ट सख्त: 3 झुग्गी बस्तियों को हटाने के निर्देश, निवासियों को मिला 15 दिन का समय

नई दिल्ली दिल्ली में तीन झुग्गी बस्तियों को खाली कराने का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास लोक कल्याण मार्ग और एयर फोर्स स्टेशन के नजदीक मौजूद इन बस्तियों को खाली कराने की हरी झंडी देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जे को हटाना 'आश्रय और आजीविका के अधिकार' का उल्लंघन नहीं है, बशर्ते उनका पुनर्वास उचित तरीके से हो। दिल्ली हाई कोर्ट ने भाई राम कैंप, डीआईडी कैंप और मस्जिद कैंप के निवासियों को हटाए जाने की प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। हालांकि, एजेंसियों को आदेश दिया कि सवदा घेवर्रा के पुनर्वास स्थलों पर पानी, स्वच्छता, स्कूल जैसी सभी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए। जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने इन बस्तियों के निवासियों को 15 दिन के भीतर जगह खाली करने को कहा। अदालत ने कहा कि उन्हें अक्टूबर 2025 में पहला नोटिस जारी किया गया था और तब से काफी समय बीत चुका है। सुरक्षा चिंता से अदालत सहमत अदालत ने सरकार की ओर से जाहिर की गई चिंताओं पर भी सहमति जताई। सरकार की ओर से कहा गया था कि संरक्षित क्षेत्र में अवैध कब्जा किया गया है। यह एक एयरफोर्स स्टेशन के साथ लगा हुआ है। अवैध निर्माणों को हटाने का फैसला रक्षा ढांचे को सुरक्षित करने और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा उद्देश्य से लिया गया है। जस्टिस कौरव ने कहा, 'मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताएं याचिकाकर्ताओं को बेदखल करने के कारणों के रूप में पर्याप्त हैं।' क्यों दूसरी जगह नहीं जाना चाहते झुग्गीवासी याचिकाकर्ताओं ने सवदा घेवर्रा में पुनर्वास को चुनौती देते हुए कहा था कि नया स्थान उनके कार्यस्थलों और बच्चों के स्कूलों से दूर है। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए वकील सैयद अब्दुल हसीब ने तर्क दिया था कि आसपास के क्षेत्र में वैकल्पिक आवास की कमी के कारण वर्तमान मामले में यथास्थान पुनर्वास संभव नहीं है, और इसलिए, तीन झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 717 निवासियों को सावदा घेवरा में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था। अदालत ने कहा- तुरंत लें फ्लैट नए स्थान पर प्रभावित लोगों को कम से कम समस्याएं हों, इसके लिए हाई कोर्ट ने कहा कि डीयूएसआईपी की नीति का पाल न किया जाए। अदालत ने कहा कि जिन्होंने वैकल्पिक आवंटन को स्वीकार नहीं किया है, वे तुरंत दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद आवंटित फ्लैट लें। अदालत ने यह भी नोटिस किया कि 192 निवासियों ने आवंटन पत्र स्वीकार कर लिए थे और 136 ने आवंटित फ्लैट में शिफ्ट हो चुके हैं।

DDA की नई योजना पर काम तेज, द्वारका-रोहिणी-नरेला बनेंगे फाइनेंशियल और टेक्नोलॉजी सेंटर

नई दिल्ल द्वारका को अब घरेलू और विदेशी निवेश का बड़ा सेंटर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए DDA ने तैयारियां शुरू कर दी है। LG टीएस संधु ने ने इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए है। DDA को LG ने जल्द योजना तैयार करने के दिए निर्देश द्वारका के साथ ही रोहिणी और नरेला को भी बड़े फाइनैंशल सेंटर के रूप में डिवेलप करने की योजना पर काम किया जा रहा है। हाल ही में DDA अधिकारियों के साथ हुई बैठक में LG ने इन तीनों इलाकों के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों के मुताबिक, इन इलाकों में बेहतर सड़कें, मेट्रो नेटवर्क, एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी इलाके तेजी से डिवेलप हो रहे हैं। द्वारका में यशोभूमि और बनने वाला डिप्लोमैटिक हब भी इस इलाके को खास बना रहा है। अधिकारियों ने बताया कि LG पिछले कुछ समय से इन इलाकों को बड़े फाइनैंशल सेंटर के रूप में डिवेलप करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने हाल ही में द्वारका सब सिटी का दौरा भी किया था, जहां कई अहम प्रोजेक्ट्स का इसके बाद DDA को यहां आईटी, हेल्थकेयर, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और ग्लोबल कंपनियों के ऑफिस बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने की भी योजना अधिकारियों के अनुसार, यूईआर (अर्बन एक्सटेंशन रोड) शुरू होने, बड़े मेट्रो नेटवर्क, टीओडी पॉलिसी, नए एजुकेशन सेंटर और बड़े रिहायशी इलाकों के विकास की वजह से द्वारका, रोहिणी और नरेला तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। नई सड़क परियोजनाओं और एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से यहां डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर प्लांट और वेयरहाउस बनाने की भी काफी संभावनाएं बताई जा रही है। LG ने अधिकारियों को सभी डिपार्टमेंट्स के साथ चर्चा कर जल्द योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि इससे दिल्ली में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए मौके बनेंगे और राजधानी का विकास भी संतुलित तरीके से होगा।  

चांदनी चौक मंदिर में पूजा-अर्चना, ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंजा वातावरण

 नई दिल्ली सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर सोमवार को देश भर में भक्ति और हर्षोल्लास का वातावरण रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आयोजित इस विशेष उत्सव के क्रम में, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी के प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री गौरी शंकर मंदिर (चांदनी चौक) पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और अटूट श्रद्धा का संगम आज का दिन भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। एक ओर जहां प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के प्रभास पाटन स्थित सोमनाथ मंदिर में नतमस्तक होकर राष्ट्र की खुशहाली की कामना की, वहीं दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी कैबिनेट के सहयोगियों के साथ देवाधिदेव महादेव की आराधना की। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर में सोमनाथ मंदिर के मुख्य आयोजन का लाइव प्रसारण देखा गया, जिससे श्रद्धालु वर्चुअली इस भव्य क्षण के साक्षी बने। 'हर हर महादेव' के जयकारों से पूरा चांदनी चौक और मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठा। विरासत भी, विकास भी पूजा के उपरांत मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत की अपराजेय जिजीविषा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनगिनत आक्रमणों और विध्वंसों के बावजूद सोमनाथ का बार-बार उठ खड़ा होना यह संदेश देता है कि भारत की सनातन चेतना को कोई पराजित नहीं कर सकता। आज प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देश 'विकास भी और विरासत भी' के मंत्र पर चल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ दिल्ली सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंत्रियों ने भी इस अवसर को भारत की सांस्कृतिक एकता का महापर्व बताया और सोमनाथ के 75 गौरवशाली वर्षों को आत्मसम्मान का प्रतीक करार दिया।

अब बिना ठोस सबूत नहीं लगेगा लुक आउट सर्कुलर! हाई कोर्ट ने 23 मामलों में दी राहत

नई दिल्ली  दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सिर्फ कर्ज न चुकाने के आधार पर किसी व्यक्ति के विरुद्ध लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कहा कि एलओसी एक अंतिम कार्रवाई के रूप में की जाने वाली दंडात्मक कार्यवाही है और बैंक ऋण अदा करने में चूक या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए लिए गए ऋण के हर मामले में एलओसी जारी नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जहां एलओसी जारी करने वाले व्यक्ति को गबन या हेराफेरी के किसी अपराध में आरोपित नहीं बनाया गया है, वहां एलओसी मान्य नहीं हो सकता। इसके साथ ही पीठ ने अलग-अलग मामलों में वित्तीय संस्थानों, बैंकों व जांच एजेंसियों के अनुरोध पर 23 याचिकाकर्ताओं के खिलाफ जारी किए गए एलओसी को रद कर दिया। 48 घंटे पहले देनी होगी विदेश यात्रा की सूचना अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं को कोर्ट की पहले से अनुमति लिए बिना विदेश यात्रा करने का अधिकार होगा, लेकिन उन्हें अपनी रवानगी से कम से कम 48 घंटे पहले संबंधित विभाग या एजेंसी को इसकी सूचना व अपना यात्रा का पूरा ब्योरा देना होगा। पीठ ने स्पष्ट किया कि कानून में किसी बदलाव या कोर्ट के आदेश सहित किसी अन्य अप्रत्याशित घटना के तहत जांच एजेंसी एलओसी जारी करने की मांग करने के लिए स्वतंत्र होगी। सभी याचिकाकर्ता को राहत देते हुए पीठ ने स्पष्ट किया कि एलओसी की जरूरत, उसकी कानूनी वैधता को सही ठहराने की जिम्मेदारी पूरी तरह से उसे जारी करने वाली एजेंसी की होती है। पीठ ने कहा कि एलओसी अनिश्चित काल के लिए जारी नहीं किया जा सकता और इसकी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए, ताकि जब इसका मकसद पूरा हो जाए, तो इसे वापस ले लेना चाहिए। पीठ ने कहा कि एलओसी जारी करने वाले अधिकारी को जांच एजेंसी के हथियार के तौर पर काम नहीं करने के बजाय ठोस और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर एक स्पष्ट आदेश जारी किया जाना चाहिए। तीन श्रेणियों में बांटा गया विभिन्न मामलों में फंसे 23 लोगों के खिलाफ ईडी, सीबीआइ, एसफआइओ व विभिन्न बैंकों के कहने पर एलओसी जारी किया गया था। इन सभी ने एलओसी को चुनौती दी है। अदालत ने 23 याचिकाओं को तीन मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। इसमें ए श्रेणी में कुछ मामले ऐसे थे जिसमें केवल वित्तीय संस्थानों के अनुरोध पर एलओसी जारी किया गया था, जबकि बी श्रेणी में जांच एजेंसियों के अनुरोध पर एलओसी जारी किया था। वहीं, सी श्रेणी में याचिकाकर्ता को एलओसी जारी करने वाले फोरम के पास भेज दिया गया था। प्रत्येक श्रेणी कुछ अलग, लेकिन आपस में जुड़े हुए कानूनी मुद्दे को उठाती है और सभी का समाधान इस निर्णय में उचित क्रम में किया जाएगा।

देर रात एनकाउंटर से दहशत, पुलिस जांच में जुटी

नई दिल्ली दिल्ली में देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई. पुलिस को सूचना मिली थी कि आपराधिक मामलों में शामिल दो आरोपी इलाके में आने वाले हैं. इसी इनपुट के आधार पर स्पेशल स्टाफ की टीम ने जाल बिछाया और संदिग्धों को घेरने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, जैसे ही टीम ने दोनों आरोपियों को रोकने का इशारा किया, बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. कुछ देर तक चली गोलीबारी के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए. पुलिस ने मौके पर ही दोनों को पकड़ लिया. घायल आरोपियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं. फिलहाल उनकी पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. सूत्रों के अनुसार, पुलिस को इन आरोपियों की लंबे समय से तलाश थी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई. मौके से हथियार और अन्य संदिग्ध सामान भी बरामद किए जाने की बात कही जा रही है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी किसी बड़े गैंग से जुड़े हैं या नहीं और हाल के दिनों में हुई किसी वारदात में उनकी भूमिका रही है या नहीं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के बाद कई अहम खुलासे हो सकते हैं. वहीं इस मुठभेड़ के बाद इलाके में दहशत का माहौल हो गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है.

भारत की बढ़ी परमाणु ताकत: MIRV क्षमता वाली अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण

नई दिल्ली भारत ने अपनी रक्षा क्षमता में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए MIRV (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल) प्रणाली से लैस उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। परीक्षण 8 मई 2026 को ओडिशा के डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) से किया गया। इस मिसाइल ने सभी निर्धारित मापदंडों को पूरा किया और हिंद महासागर क्षेत्र में विस्तृत भौगोलिक दायरे में अलग-अलग लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बनाने की अपनी क्षमता साबित की। एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की क्षमता रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित इस उन्नत अग्नि मिसाइल का परीक्षण स्ट्रैटजिक फोर्सेज कमांड (SFC) के सहयोग से किया गया। मिसाइल कई पेलोड्स (वारहेड्स) से लैस थी, जिन्हें स्वतंत्र रूप से विभिन्न दिशाओं और दूरी पर स्थित लक्ष्यों की ओर निर्देशित किया गया। एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने की यह क्षमता भारत को विश्व के चुनिंदा देशों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन) की पंक्ति में खड़ा करती है। राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और सेना को दी बधाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सेना और संबंधित उद्योग जगत को बधाई देते हुए कहा कि इस सफल परीक्षण से बढ़ते खतरों के प्रति देश की रक्षा तैयारियों में अभूतपूर्व क्षमता जुड़ गई है। यह ‘क्रेडिबल मिनिमम डिटरेंस’ को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने वैज्ञानिकों की मेहनत की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करती है। MIRV तकनीक का महत्व MIRV प्रणाली एक मिसाइल को एक साथ कई स्वतंत्र वारहेड्स ले जाने और उन्हें अलग-अलग लक्ष्यों पर मार्गदर्शन करने की क्षमता देती है। इससे दुश्मन के मिसाइल डिफेंस सिस्टम को चकमा देना आसान हो जाता है। अग्नि सीरीज की यह उन्नत संस्करण 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सटीक हमला कर सकती है, जो चीन के अधिकांश हिस्सों और पाकिस्तान के पूरे क्षेत्र को कवर करती है। कुछ रिपोर्ट्स में इसे अग्नि-5 Mk2 या उन्नत वेरिएंट बताया जा रहा है, जिसमें हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) जैसी अतिरिक्त क्षमताएं भी शामिल हो सकती हैं। चीन-पाक की उड़ी नींद! यह परीक्षण ऐसे समय में हुआ है जब भारत की रणनीतिक चुनौतियां बढ़ रही हैं। चीन की आक्रामक नीतियां और पाकिस्तान की सैन्य आधुनिकीकरण की कोशिशें देखते हुए यह सफलता सामरिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी। विश्लेषकों का मानना है कि MIRV-सक्षम अग्नि मिसाइल से भारत की न्यूक्लियर ट्रायड और मजबूत होगी तथा क्षेत्रीय स्थिरता में नया संदेश जाएगा। DRDO के वैज्ञानिकों ने टेलीमेट्री, रडार और शिप-बेस्ड स्टेशनों से प्राप्त डेटा के आधार पर पुष्टि की कि मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्रालय ने भी इस उपलब्धि पर DRDO की तारीफ की। यह सफल परीक्षण ‘मिशन दिव्यास्त्र’ (2024) के बाद MIRV तकनीक को और परिपक्व बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भारतीय सेना की मारक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और देश की सुरक्षा ढाल और मजबूत बनेगी।

दिल्ली को मिलेगा नया मेडिकल कॉलेज, 250 MBBS सीटों के साथ बढ़ेगी सुविधा

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने राजधानी के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए द्वारका में नया सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कॉलेज बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल निर्माण परियोजना को मंजूरी दे दी गई। इस महत्वाकांक्षी योजना पर 805.99 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज के निर्माण को वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सीएम रेखा गुप्ता के मुताबिक मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके बनने से हर साल 250 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले बढ़ेंगे। 150 छात्रों के साथ शुरू की जाएगी पढ़ाई उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में 150 छात्रों के साथ पढ़ाई शुरू की जाएगी। परियोजना के पहले चरण में अकैडमिक ब्लॉक, स्टूडेंट्स के अलग हॉस्टल और फैकल्टी के लिए रेजिडेंशल ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसके निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को मेडिकल एजुकेशन का प्रमुख केंद्र बनाना है। 1.17 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में किया जाएगा निर्माण सीएम ने बताया कि मेडिकल कॉलेज, हॉस्टल और रेजिडेंशल ब्लॉक का निर्माण करीब 1.17 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में होगा, जिसमें बेसमेंट पार्किंग और अन्य सुविधाएं भी रहेंगी। प्रोजेक्ट में ग्रीन बिल्डिंग मानकों का पालन किया जाएगा।     परिसर में सोलर पावर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, वॉटर रीसाइक्लिंग, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बिल्डिंग को भूकंपरोधी और दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाएगा।  सरकार के मुताबिक, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। लोक निर्माण विभाग (PWD) निर्माण कार्य करेगा, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग परियोजना की मॉनिटरिंग करेगा। दिल्ली को एक नया मेडिकल कॉलेज मिलने से बड़ा फायदा होगा। पहला, छात्रों के लिए MBBS की सीटों में इजाफा होगा। दूसरा, दिल्ली सरकार के अस्पतालो में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। द्वारका के जिस इंदिरा गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर में यह कॉलेज बनेगा, वहां भी डॉक्टर्स की कमी है। इसके चलते अस्पताल पूरी क्षमता से काम नही कर रहा है। मेडिकल कॉलेज बनने, एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई शुरू होने के साथ अस्पताल को भी पूरी क्षमता के साथ चलाने में भी मदद मिलेगी। द्वारका के साथ-साथ दिल्ली के आसपास के इलाकों, बाहरी दिल्ली के इलाकों से आने वाले लोगों के लिए मेडिकल सुविधाएं बढ़ेगी।