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दिल दहला देने वाला दृश्य: हादसे में नवजोत सिंह की मौत, पत्नी स्ट्रेचर पर घायल

नई दिल्ली काश वो घर से निकले ही न होते। काश कुछ सेकंड पहले उनकी बाइक वहां से निकल गई होती। काश ये सब एक बुरा सपना हो, और आंखें खोलते ही नवजोत सिंह अपने परिवार के पास हों। यह सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार का दर्द है जो दिल्ली की सड़कों पर बिखर गया। धौला कुआं के पास, एक बीएमडब्ल्यू की तेज रफ्तार ने 52 साल के नवजोत सिंह की जिंदगी छीन ली और उनकी पत्नी संदीप की दुनिया को एक झटके में उजाड़ दिया। गुरुद्वारा बंगला साहिब से लौटते समय उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि उनकी जिंदगी का सफर कुछ ही किलोमीटर में खत्म हो जाएगा। परिवार का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर पास के अस्पताल की बजाय दूर ले जाया गया और एक छोटे से अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। अगर समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद आज नवजोत सिंह जिंदा होते। लेकिन सबसे दर्दनाक दृश्य वो था, जब संदीप ने अपने बेजान पति को आखिरी बार देखा। वह खुद स्ट्रेचर पर थीं और उनके बगल में उनके पति का शव था। उस पल जब उन्होंने अपने पति को आखिरी बार छूने की कोशिश की, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। यह सिर्फ संदीप का दर्द नहीं था, बल्कि हर उस व्यक्ति का दर्द था जो यह समझ सकता है कि एक पल में कैसे किसी की दुनिया तबाह हो सकती है। यह तस्वीर हर किसी के दिल को झकझोर देती है। पत्नी बार-बार लगाती रही गुहार, फिर भी नहीं मानी बात संदीप ने अपनी शिकायत में कहा है कि हादसे के बाद उनके पति बेहोश हो गए थे। वह बार-बार गाड़ी चलाने वालों से गुहार लगाती रहीं कि उन्हें पास के किसी अस्पताल ले जाया जाए। उन्हें इलाज की तुरंत जरूरत है। लेकिन वह लोग नहीं माने और कई किलोमीटर दूर एक छोटे से अस्पताल ले गए। नवजोत सिंह वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी थे। मंगलवार को उनके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। नवजोत सिंह के पार्थिव शरीर को पहले द्वारका के वेंकटेश्वर अस्पताल ले जाया गया, जहां दुर्घटना में घायल उनकी पत्नी का इलाज किया जा रहा है। परिवार के सदस्यों द्वारा अस्पताल में श्रद्धांजलि देने के बाद, पार्थिव शरीर को उनके हरि नगर स्थित आवास पर लाया गया और बाद में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग में उप सचिव सिंह की मोटरसाइकिल को रविवार दोपहर एक बीएमडब्ल्यू कार ने टक्कर मार दी थी। वह अपनी पत्नी के साथ गुरुद्वारा बंगला साहिब से घर लौट रहे थे। शराब के नशे में नहीं थी आरोपी महिला इस घटना में सिंह की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस ने बताया कि घटना के दौरान कार चला रही गगनप्रीत के साथ उसके पति, दो बच्चे और एक घरेलू सहायिका भी थी। गुरुग्राम में रहने वाला यह परिवार विनिर्माण का कारोबार करता है। पुलिस के अनुसार, गगनप्रीत की रक्त जांच रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई कि हादसे के दौरान वह शराब के नशे में नहीं थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में शहर की एक अदालत ने दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दिल्ली के 50 हजार सीनियर सिटिज़न को मिलेगा गिफ्ट, पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगी खास स्कीम

 दिल्ली प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली के 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने रविवार को घोषित की गई तीन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में और जानकारी दी। योग्य पेंशनभोगियों को ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से अपने आवेदन जमा करने होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिवारों से इस योजना का लाभ उठाने के लिए तुरंत आवेदन करने की अपील की, क्योंकि लाभार्थियों का चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा। रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में लगभग ₹149 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “50,000 नई पेंशनों के साथ कई परिवारों को वित्तीय राहत मिलेगी। यह इस बात को दर्शाता है कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि वरिष्ठ नागरिक सम्मान और गरिमा के साथ अपना जीवन जी सकें।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भविष्य में लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है और अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है, तो सरकार बिना किसी देरी के अतिरिक्त बजटीय सहायता प्रदान करेगी। मार्च में अपने बजट भाषण में, मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक सहायता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये की जा रही है और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अमित शाह दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए 'रिसोर्स सेंटर' भी शुरू करेंगे, जिससे लगभग 12,500 बच्चों को लाभ होगा। ये केंद्र चिकित्सा, शैक्षिक और परामर्श सेवाओं को एकीकृत करेंगे, जिससे बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह पहल केवल स्कूल में प्रवेश के बारे में नहीं है। यह हर बच्चे के लिए गरिमा, सशक्तिकरण और समान अवसर के बारे में है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा चिकित्सा या सामाजिक जरूरतों के पूरा न होने के कारण पीछे न रह जाए।” मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, प्रत्येक केंद्र एक सेवा केंद्र के रूप में काम करेगा जिसमें छह विशेषज्ञों की एक टीम होगी, जिसमें एक स्पीच थेरेपिस्ट (वाक चिकित्सक), फिजियोथेरेपिस्ट (भौतिक चिकित्सक), ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट (व्यावसायिक चिकित्सक), और एक बिहेवियरल काउंसलर (व्यवहार परामर्शदाता) शामिल होंगे। ये टीम बच्चों की सीखने और रोजमर्रा की गतिविधियों में सहायता के लिए व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करेगी। सुश्री गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि इन सेवाओं का शैक्षिक उपलब्धि और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। मार्च में अपने बजट भाषण में, मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 60-69 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मासिक सहायता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹2,500 की जा रही है और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ₹2,500 से बढ़ाकर ₹3,000 की सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि अमित शाह दिव्यांग बच्चों के लिए 10 नए 'रिसोर्स सेंटर' भी शुरू करेंगे, जिससे लगभग 12,500 बच्चों को लाभ होगा। ये केंद्र चिकित्सा, शैक्षिक और परामर्श सेवाओं को जोड़ेंगे, जिससे बच्चों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए एक संपूर्ण दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।

फ्लाईओवर पर मौत की रफ्तार: वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवजोत सिंह की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत

    नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली के धौला कुआं इलाके में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी नवजोत सिंह की मौत हो गई. वहीं उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं. यह हादसा मेट्रो पिलर नंबर 57 के पास उस वक्त हुआ जब नवजोत सिंह और उनकी पत्नी अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर बंगला साहिब गुरुद्वारा से घर लौट रहे थे. चश्मदीद ने बताया कैसे हुआ हादसा इस घटना को लेकर वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जिस वक्त यह हादसा हुआ उस समय बीएमडब्ल्यू कार एक महिला चला रही थी और उसके साथ उसका पति भी मौजूद था. बीएमडब्ल्यू कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी जिसके बाद बाइक पहले डिवाइडर से टकराने के बाद बस से जा भिड़ी. हादसे में अधिकारी नवजोत सिंह और उनकी पत्नी घायल हो कर सड़क पर गिर पड़े. हालांकि कहा जा रहा है कि अधिकारी के बाइक को टक्कर मारने वाली महिला और उसके पति ने मौके पर कैब बुलाई और उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे लेकिन नवजोत सिंह को बचाया नहीं जा सके. वहीं उनकी पत्नी की भी हालत गंभीर है. 17 किलोमीटर दूर अस्पताल क्यों ले गए: परिवार परिवार का आरोप है कि नवजोत को पास के अस्पताल ले जाने के बजाय 17 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित न्यूलाईफ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनकी पत्नी की हालत फिलहाल नाजुक बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है. वहीं इस दुर्घटना को लेकर पुलिस ने बताया कि मृतक नवजोत सिंह दिल्ली के हरि नगर के रहने वाले थे और वित्त मंत्रालय, नॉर्थ ब्लॉक में बतौर डिप्टी सेक्रेटरी तैनात थे. हादसे की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने हादसे के बाद बीएमडब्ल्यू कार को जब्त कर लिया है. क्राइम टीम और एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपित दंपति गुरुग्राम के निवासी हैं. हादसे में वो भी घायल हुए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है.

राजधानी में हड़कंप: ताज पैलेस को बम की धमकी, पुलिस ने घेरा होटल परिसर

नई दिल्ली  दिल्ली में स्कूलों और हाई कोर्ट में बम धमाके की धमकी के बाद अब दिल्ली के ताज पैलेस को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। ताज पैलेस को धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है। जांच शुरू कर दी। जांच के बाद बम निरोधक दस्ते को ताज पैलेस परिसर में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर इसे अफवाह घोषित कर दिया गया। हालांकि, इस मामले की जांच की जा रही है और ईमेल भेजने वाले की तलाश की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में स्थित ताज पैलेस को धमकी भरा मेल मिला है, जिसमें बम धमाके की बात कही गई है। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में बम की धमकी दी गई थी, जिसके बाद हड़कंप मच गया था। मामले की सूचना मिलने के बाद परिसर को खाली करवाया गया था और जांच के बाद को संदिग्ध चीज नहीं मिली थी। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट परिसर के लोगों ने राहत की सांस ली। दिल्ली हाई कोर्ट को मिली बम की धमकी के बाद हड़कंप मच गया था। इस दौरान वकीलों और कर्मचारियों में भय का माहौल दिखा था। धमकी मिलने के बाद बम निरोधक दस्ता ऐक्शन में आया और पूरे हाई कोर्ट परिसर की तलाशी ली गई थीी। इस दौरान किसी तरह की संदिग्ध चीज ना मिलने पर उसे फर्जी करार दिया गया था। इस मामले में पुलिस का कहना है कि अब तक किसी की तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि ईमेल भेजने वाले की पहचान भी की जा रही है। पहचान हो जाने बाद ईमेल भेजने वाले पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस धमकी के बाद पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।  

हिमाचलवासियों के लिए अलर्ट: 21 जिलों में तेज बारिश, सुरक्षित रहें भूस्खलन और बिजली गिरने से

नई दिल्ली मानसून की विदाई का वक्त भले ही करीब हो, लेकिन उत्तर भारत का मौसम एक बार फिर असरदार करवट लेता नजर आ रहा है। दिल्ली समेत कई मैदानी राज्यों में बारिश थमने के बाद जहां उमस और गर्मी बढ़ती जा रही है, वहीं यूपी और बिहार में एक बार फिर बादल सक्रिय हो चुके हैं। दूसरी ओर, हिमाचल और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश अब लोगों की मुसीबतें बढ़ा रही है। दिल्ली में बारिश का इंतजार, उमस से बेहाल राजधानी राजधानी दिल्ली में बारिश का सिलसिला अब थमता दिख रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले 3 से 4 दिन तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। तापमान: शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33°C तक पहुंचने की उम्मीद है। मौसम का हाल: गर्मी के साथ उमस लोगों को परेशान कर सकती है। बादलों की हल्की आवाजाही रहेगी, लेकिन कोई बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सक्रिय हुआ मानसून, 21 जिलों में अलर्ट उत्तर प्रदेश में गुरुवार से मौसम ने अचानक करवट ली है और मानसून फिर से सक्रीय हो गया है। आज शुक्रवार को पश्चिमी यूपी में तेज बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। पूर्वी यूपी में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लखनऊ मौसम केंद्र के अनुसार, जिन 21 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ये प्रमुख हैं: बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, सहारनपुर मुजफ्फरनगर, मेरठ, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बस्ती सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, संत कबीरनगर, देवरिया चेतावनी: बिजली गिरने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में मूसलधार बारिश का रेड अलर्ट बिहार में भी एक बार फिर भारी बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, आज कई जिलों में मूसलधार बारिश हो सकती है।   प्रभावित जिले: पश्चिम चंपारण, बांका, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और सारण इन जिलों में बिजली गिरने की आशंका को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हिमाचल और उत्तराखंड में पहाड़ों पर बरस रहा कहर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बारिश की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही। हिमाचल प्रदेश: 12 से 14 सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आज के लिए ऊना, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में येलो अलर्ट है। बिजली गिरने और भूस्खलन की भी संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़कें बंद हो चुकी हैं और यातायात बाधित है। उत्तराखंड: देहरादून समेत 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज आंधी, बिजली गिरने और मूसलधार बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। पंजाब में अब भी बाढ़ जैसे हालात हालांकि पंजाब में बारिश की तीव्रता कुछ कम हुई है, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। बांधों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी कई निचले इलाकों में तबाही ला रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई गांव अभी भी जलमग्न हैं। फसलें और घर प्रभावित हुए हैं, और राहत कार्य जारी है। क्यों बदला मौसम अचानक? विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर के इस समय में मानसून की विदाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण दोबारा सक्रियता देखने को मिल रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम के पैटर्न में असामान्य बदलाव हो रहे हैं। इसकी वजह से देर से होने वाली भारी बारिश का खतरा बढ़ता जा रहा है, खासकर पहाड़ी और निचले इलाकों में।  

अब नहीं होगी झंझट! एक ही प्लेटफॉर्म से बुक करें नोएडा और दिल्ली मेट्रो टिकट

नई दिल्ली दिल्ली-नोएडा में मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. अब वे एक ही एप से दोनों मेट्रो के टिकट खरीद सकेंगे. पहले अलग-अलग एप डाउनलोड करनी पड़ती थीं, लेकिन अब नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) ने नोएडा और दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में सिगल क्यूआर टिकटिंग सुविधा की शुरुआत की है, इससे यात्रियों को एक ही एप के जरिए टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी. सारथी एप से खरीद सकेंगे टिकट एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक लोकेश एम ने इसके बारे में जानकारी देते हुए कहा- यात्रियों को इस कदम से बड़ी सुविधा मिलेगी. अब नोएडा मेट्रो-दिल्ली मेट्रो के QR कोड एक ही App पर मौजूद होंगे. दिल्ली मेट्रो के टिकट NMRC के एप और नोएडा मेट्रो के QR टिकट DMRC के सारथी एप से भी खरीदे जा सकेंगे. दोनों मेट्रो के टिकट अब एक ही एप से खरीद सकते हैं. यात्री नोएडा-दिल्ली मेट्रो में एक ही क्यूआर कोड से यात्रा कर सकेंगे. टिकट नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या यूपीआई के जरिए खरीदे जा सकेंगे.” क्या है ये बदलाव दरअसल, पहले पेटीएम या अन्य एप पर नोएडा से नोएडा के किसी स्टेशन के लिए मेट्रो टिकट उपलब्ध नहीं होते थे, यात्रियों को डीएमआरसी और एनएमआरसी की एप्स पर जाकर ही टिकट खरीदने पड़ते थे. अब दोनों टिकट एक ही एप के जरिए ले सकेंगे. लोकेश ने कहा कि बोडाकी से मेट्रो डिपो मेट्रो रूट (2.6 किमी) जल्द ही शुरू होगा. इसे 416 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है. इसी के साथ 2,200 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन रूट को मंजूरी मिल चुकी है. इसे 11.56 किमी का बनाया जाएगा. फिलहाल सरकारी मंजूरी का इंतजार है. एक क्लिक से मिलेगी टिकट खरीदने की सुविधा इसी के साथ दिल्ली मेट्रो ने एनपीसीआई भीम सर्विसेज लिमिटेड (एनबीएसएल) के साथ साझेदारी में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो सारथी एप के अंदर ‘डीएमआरसी पे पावर्ड बाई भीम’ लॉन्च किया है. इससे यात्रियों को एक क्लिक से तेज और सुरक्षित टिकट खरीदने की सुविधा मिलेगी. इससे बाहरी पेमेंट गेटवे की जरूरत नहीं होगी. भीम वेगा के साथ डीएमआरसी के एकीकरण से यात्रियों को पेमेंट के लिए बड़ी सुविधा मिलेगी. 

डाॅग स्क्वाड यूनिट के लिए नई पहचान, दिल्ली पुलिस ने जारी किया के-9 का प्रतीक चिह्न

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस का डॉग स्क्वाड (के-9 यूनिट) क्राइम ब्रांच के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक यूनिट है। इस यूनिट के उच्च प्रशिक्षित श्वानों को राजधानी में अपराध का पता लगाने, विस्फोटक और नशीले पदार्थों की पहचान करने के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में सहायता के लिए तैनात किया जाता है। इस दस्ते का अब तक कोई प्रतीक चिह्न नहीं था। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने बहस्पतिवार को पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डॉग स्क्वाड के आधिकारिक प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यह नया प्रतीक चिह्न डाॅग स्क्वाड की विशिष्ट स्थिति और समर्पित सेवा को दर्शाता है। आगे चलकर इसे श्वान दस्ता के कर्मियों की वर्दी, जैकेट और गियर पर प्रदर्शित किया जाएगा।  

PAK में पकड़ा गया बड़ा नेटवर्क, ऑपरेशन सिंदूर में मिले 11 भारतीय सिम कार्ड

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक जासूसी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में नेपाल के नागरिक प्रभात कुमार चौरसिया को गिरफ्तार किया गया है. चौरसिया पर आरोप है कि वह भारतीय सिम कार्ड्स नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भेज रहा था, जिन्हें जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ बहावलपुर और लाहौर में व्हाट्सऐप पर एक्टिव किया गया था. सूत्रों के मुताबिक, 28 अगस्त 2025 को टीम को पुख्ता इनपुट मिला कि ISI से जुड़ा व्यक्ति लक्ष्मी नगर में मौजूद है. तुरंत कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया. जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कुल 16 सिम कार्ड खरीदे थे, जिनमें से 11 पाकिस्तान में एक्टिव पाए गए. इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल पाकिस्तान से बैठे एजेंट्स भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां निकालने के लिए कर रहे थे. बरामदगी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से कई डिजिटल डिवाइस और सिम कार्ड्स के खाली पैकेट मिले हैं. पूछताछ में पता चला कि प्रभात का संपर्क 2024 में ISI एजेंट्स से एक नेपाली माध्यम के जरिए हुआ. उसे अमेरिका का वीजा दिलाने का लालच दिया गया और बदले में कहा गया कि वह भारत से सिम कार्ड्स उपलब्ध कराए और रक्षा से जुड़ी जानकारी जुटाए. पाकिस्तान में इस्तेमाल किए जा रहे थे भारतीय नंबर आरोपी ने लातूर में बने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर बिहार और महाराष्ट्र से सिम खरीदे और नेपाल के रास्ते इन्हें ISI एजेंट्स तक पहुंचाया. पाकिस्तान में बैठे एजेंट्स इन्हीं भारतीय नंबरों पर व्हाट्सऐप बनाकर भारत के खिलाफ जासूसी गतिविधियां चला रहे थे. आईएसआई के संपर्क में था आरोपी आरोपी प्रभात का जन्म 1982 में नेपाल में हुआ और उसने शुरुआती पढ़ाई नेपाल व बिहार के मोतिहारी से की. बाद में फार्मा सेक्टर में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और एरिया मैनेजर की नौकरी की. 2017 में उसने काठमांडू में लॉजिस्टिक्स कंपनी शुरू की, लेकिन घाटे में डूबने के बाद विदेश जाने की चाहत में ISI के संपर्क में आ गया. स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)/152 के तहत मामला दर्ज किया है और अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.

जैन दंपति का अनोखा कदम: AIIMS में भ्रूण दान, मेडिकल रिसर्च को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली दिल्ली में एक ऐतिहासिक पहल हुई है. एम्स (AIIMS) को पहली बार भ्रूण दान मिला है. ये कदम एक परिवार के दर्द को समाज और विज्ञान की ताकत में बदलने का उदाहरण है. 32 वर्षीय वंदना जैन का पांचवें महीने में गर्भपात हो गया था. इस मुश्किल घड़ी में परिवार ने भ्रूण को शोध और शिक्षा के लिए एम्स को दान करने का निर्णय लिया. सुबह से शाम तक संघर्ष और फिर रचा इतिहास वंदना जैन के परिवार का सुबह 8 बजे दधीचि देहदान समिति से संपर्क हुआ. समिति के उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता और समन्वयक जी.पी. तायल ने त्वरित पहल करते हुए एम्स के एनाटॉमी विभाग के प्रमुख डॉ. एस.बी. राय और उनकी टीम से बातचीत की. टीम के सहयोग से दिनभर दस्तावेज आद‍ि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शाम 7 बजे एम्स ने अपना पहला भ्रूण दान प्राप्त किया. क्या होगा भ्रूण दान का फायदा भ्रूण दान सिर्फ एक मेडिकल प्रोसेस नहीं, बल्कि आने वाले समय की रिसर्च और शिक्षा का बड़ा आधार है. AIIMS में एनाटॉमी विभााग के प्रोफेसर डॉ. सुब्रत बासु ने aajtak.in को बताया कि कि मानव शरीर के विकास को समझने के लिए भ्रूण अध्ययन बेहद अहम है. रिसर्च और टीचिंग में हमें यह देखने का मौका मिलता है कि किस तरह शरीर के अलग-अलग अंग अलग-अलग समय पर विकसित होते हैं. जैसे बच्चा जब जन्म लेता है तो उसका नर्वस सिस्टम पूरी तरह डेवेलप नहीं होता. वह धीरे-धीरे दो साल बाद विकसित होता है. ऐसे मामलों का अध्ययन मेडिकल छात्रों और वैज्ञानिकों को गहराई से समझने का मौका देता है. डॉ. बासु आगे कहते हैं कि यह शोध एजिंग की प्रक्रिया को समझने में भी मदद करेगा. भ्रूण में टिश्यू लगातार ग्रो करते हैं, वहीं बुढ़ापे में टिश्यू डैमेज होने लगते हैं. अगर हम यह समझ पाएं कि कौन से फैक्टर टिश्यू को ग्रो कराते हैं और कौन से उन्हें डैमेज करते हैं, तो भविष्य में उम्र से जुड़ी कई बीमारियों का हल निकालने में मदद मिलेगी. वह एक और अहम पहलू बताते हैं कि बच्चों में एनेस्थीसिया का इस्तेमाल एक बड़ी चुनौती है. छोटे बच्चे बोल नहीं पाते, उन्हें कितना डोज देना है, यह सटीक पता होना ज़रूरी है. भ्रूण अध्ययन से हमें यह समझने में मदद मिलती है कि किस स्टेज पर बच्चे का कौन-सा ऑर्गन कितना विकसित है और उसे किस तरह सुरक्षित तरीके से उसे ट्रीट किया जा सकता है. जैन परिवार की मिसाल इस पहल ने जैन परिवार को समाज में एक अनूठी मिसाल बना दिया. उन्होंने अपने व्यक्तिगत दुख को मानवता और विज्ञान के लिए अमूल्य योगदान में बदल दिया. दधीचि देहदान समिति पहले से ही अंगदान, नेत्रदान और देहदान के क्षेत्र में देशभर में जागरूकता फैलाती रही है. भ्रूण दान का यह पहला मामला समिति की मुहिम को और ऐतिहासिक बना गया है. ये कहानी सिर्फ भ्रूण दान की नहीं है, बल्कि संवेदना, साहस और समर्पण की है. वंदना जैन और उनका परिवार आने वाले समय में लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन गए हैं. एम्स और दधीचि देहदान समिति की ये पहल भविष्य की पीढ़ियों को चिकित्सा की नई राह दिखाएगाा. 

क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता: लाल किला से चोरी कलश हापुड़ में मिला, आरोपी पकड़ा गया

नई दिल्ली दिल्ली के लाल किला परिसर से चोरी हुए 1 करोड़ के कलश मामले में क्राइम ब्रांच ने कलश समेत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. CCTV फुटेज के आधार पर उत्तर प्रदेश के हापुड़ से चोर को गिरफ्तार किया गया है. एक नहीं तीन कलश की हुई थी चोरी आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया की एक नहीं 3 कलश चोरी हुए थे जिसमें अभी एक बरामद हुआ है. अन्य आरोपियों और 2 कलश की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है. दरअसल बीते दिनों दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर के 15 अगस्त पार्क में जैन समाज का धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था. इसी दौरान सोने का एक कीमती कलश चोरी हो गया, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये थी.  धोती पहने शख्स ने की थी चोरी जब जांच शुरू की गई तो सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि धोती पहना एक शख्स बड़ी चतुराई से पूजा स्थल तक पहुंचा और मौके का फायदा उठाकर कलश को अपने झोले में डालकर वहां से फरार हो गया था. हीरे और रत्नों से जड़ा हुआ था कलश यह कलश केवल सोने और रत्नों से जड़ा आभूषण नहीं था, बल्कि जैन समाज के धार्मिक आयोजनों में प्रतिदिन होने वाले पूजन का अहम हिस्सा था. इसमें लगभग 760 ग्राम सोना और करीब 150 ग्राम बहुमूल्य रत्न जैसे हीरा, पन्ना और माणिक्य जड़े हुए थे. आयोजन समिति के सदस्य पुनीत जैन ने इस चोरी को लेकर बताया था कि यह कलश लंबे समय से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग किया जा रहा था और हर दिन पूजा-पाठ के दौरान विशेष मंच पर स्थापित किया जाता था. मंच पर केवल परंपरागत परिधान पहने अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है.