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अजरबैजान में भारत का परचम लहराएंगी जूडो स्टार इशरूप, विश्व चैंपियनशिप में करेंगी चुनौती पेश

चंडीगढ़. चंडीगढ़ की युवा जूडो खिलाड़ी इशरूप नारंग सीनियर विश्व जूडो चैंपियनशिप 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। अजरबैजान के बाकू में 7 और 8 अक्टूबर को होने वाली इस प्रतियोगिता में 20 वर्षीय इशरूप दुनिया की शीर्ष जूडो खिलाड़ियों के बीच अपना दमखम दिखाएंगी। इशरूप ने सीनियर विश्व रैंकिंग में टॉप-100 में जगह बनाकर अंतरराष्ट्रीय जूडो महासंघ (आईजेएफ) की विश्व चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए निर्धारित योग्यता हासिल की है। वह एमसीएम डीएवी कॉलेज की छात्रा हैं और अमेच्योर जूडो एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़ (एजेएसी) का प्रतिनिधित्व करती हैं। अहमद युसिफोव के खिलाफ हर्ष सिंह का शानदार सफर समाप्त हुआ भारत के हर्ष सिंह ने अजरबैजान के बाकू में आयोजित जूडो विश्व चैंपियनशिप में अपने अभियान के सबसे बेहतरीन प्रदर्शनों में से एक दिया, जहां उन्होंने दो उच्च रैंक वाले प्रतिद्वंद्वियों को हराकर पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। विश्व रैंकिंग में 83वें स्थान पर काबिज हर्ष ने अपने अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के 40वें रैंक वाले पेड्रो कार्लोस एंटुन नेटो को पहले ही दौर में हराकर की। इसके बाद उन्होंने बहरीन के 20वें रैंक वाले रुस्लान पोल्टोरात्स्की पर एक और शानदार जीत हासिल कर राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई। आखिरकार उनका सफर अजरबैजान के घरेलू खिलाड़ी और विश्व नंबर 5 अहमद युसिफोव के खिलाफ समाप्त हो गया। फिर भी, यह परिणाम भारतीय जूडोका के लिए एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन साबित हुआ, जो रैंकिंग में शीर्ष समूह से काफी बाहर रहते हुए विश्व चैंपियनशिप में शामिल हुए थे, लेकिन उन्होंने बार-बार अपने से काफी ऊपर स्थान पर मौजूद प्रतिद्वंद्वियों को परास्त किया। पहले दौर के मुकाबले में हर्ष को अपने से कहीं अधिक उच्च रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ बढ़त हासिल करने का मौका मिला। विश्व रैंकिंग में 40वें स्थान पर काबिज एंटुन नेटो का सामना करते हुए, भारतीय खिलाड़ी ने वाजा-अरी से जीत हासिल कर 32वें दौर में प्रवेश किया। रैंकिंग में 43 स्थानों का अंतर इस परिणाम को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। हर्ष बाकू में 83वीं रैंकिंग के साथ पहुंचे थे, जबकि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने टूर्नामेंट में 40वें स्थान के जूडोका के रूप में प्रवेश किया था। पहले दौर में सिर्फ टिके रहने के बजाय, हर्ष ने स्कोरिंग एक्शन के जरिए जीत हासिल की, जिससे उन्हें अगले दौर में पहुंचने के लिए जरूरी बढ़त मिल गई। इसने -60 किलोग्राम वर्ग के मुश्किल दौर की नींव भी रख दी। दूसरे उलटफेर ने हर्ष को प्री-क्वार्टरफाइनल में पहुँचा दिया अगली चुनौती कागज़ पर और भी कठिन लग रही थी। हर्ष का सामना बहरीन के रुस्लान पोल्टोरात्स्की से था, जो विश्व रैंकिंग में 20वें स्थान पर थे। दोनों जूडो खिलाड़ियों के बीच 63 स्थानों का अंतर रैंकिंग में एक और बड़ा उलटफेर था। एक बार फिर, हर्ष ने वज़ा-अरी से जीत हासिल की। ​​इस जीत ने उन्हें प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुँचा दिया और इसका मतलब यह था कि भारतीय खिलाड़ी ने लगातार दो राउंड में अपने से काफी ऊँची रैंकिंग वाले दो प्रतिद्वंद्वियों को हराया था। हर्ष के लिए, विश्व रैंकिंग में 83वें स्थान से राउंड ऑफ़ 16 तक पहुँचना विश्व चैंपियनशिप के मंच पर एक बड़ी उपलब्धि थी। इसने भारत को जूडो की सबसे प्रतिस्पर्धी भार श्रेणियों में से एक में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने का अवसर भी दिया। हर्ष की दो जीत का इनाम उन्हें अज़रबैजान के अहमद युसिफोव के साथ राउंड ऑफ़ 16 में मुकाबले के रूप में मिला। युसिफोव एक बिल्कुल अलग स्तर की चुनौती पेश कर रहे थे। उपलब्ध परिणामों में अज़रबैजानी खिलाड़ी को विश्व का नंबर 5 जूडोका बताया गया था और वे घरेलू मैदान के प्रबल दावेदार के रूप में उतरे थे। विश्व के 40वें और 20वें नंबर के खिलाड़ियों को हराने के बाद भी हर्ष लगातार तीसरी बार उलटफेर करने में नाकाम रहे। युसिफोव ने राउंड ऑफ़ 16 में हर्ष को हराकर विश्व चैंपियनशिप में उनके शानदार सफर का अंत कर दिया। इस जीत के साथ हर्ष पुरुषों के -60 किलोग्राम वर्ग में शीर्ष 16 जूडो खिलाड़ियों में शामिल हो गए, जबकि टूर्नामेंट की शुरुआत में उनकी रैंकिंग 83वीं थी। एशियाई खेलों से बाहर होने के बाद एक महत्वपूर्ण अवसर हर्ष का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें भारत की एशियाई खेलों की टीम में नहीं चुना गया था। इस चूक का मतलब था कि विश्व चैंपियनशिप ने भारतीय खिलाड़ी को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया। उन्होंने दो उच्च रैंक वाले प्रतिद्वंद्वियों को हराकर और ड्रॉ में काफी आगे बढ़कर इसका जवाब दिया। एंटुन नेटो और पोल्टोरात्स्की पर उनकी जीत विशेष रूप से उल्लेखनीय थी क्योंकि दोनों जीतें उनसे काफी उच्च रैंक वाले जूडो खिलाड़ियों के खिलाफ थीं। विश्व रैंकिंग में 83वें स्थान से शुरुआत करते हुए, हर्ष ने पहले 40वें स्थान पर रहे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को हराया और फिर 20वें स्थान पर रहे बहरीनी खिलाड़ी को मात दी। उनकी इस प्रगति ने रैंकिंग के अंतर को एक संभावित नुकसान से बदलकर उनके अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कहानियों में से एक बना दिया। युसिफोव के खिलाफ उनकी अंतिम हार भी उनके सामने आए सबसे उच्च रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ हुई। हर्ष कॉमनवेल्थ स्तर पर एक स्थापित रिकॉर्ड के साथ बाकू पहुंचे थे, उन्हें उपलब्ध सामग्री में कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन के रूप में वर्णित किया गया था। हालांकि, विश्व चैंपियनशिप एक बिल्कुल अलग चुनौती थी, जिसमें दुनिया के शीर्ष जूडो खिलाड़ी शामिल थे। हर्ष ने जोरदार जवाब दिया। उच्च रैंक वाले प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ दो वाजा-अरी जीत ने उन्हें पहले दौर से ही अंतिम 16 में पहुंचा दिया। हालांकि वे युसिफोव के खिलाफ अपनी जीत का सिलसिला जारी नहीं रख सके, लेकिन इस अभियान ने रैंकिंग में अपने से कहीं ऊपर के जूडो खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने की उनकी क्षमता को प्रदर्शित किया। सबसे महत्वपूर्ण बात उनके प्रदर्शन में निरंतरता है। पहले उलटफेर को एक अलग घटना मानकर नजरअंदाज किया जा सकता था, लेकिन पोल्टोरात्स्की पर जीत ने इस बात की पुष्टि कर दी कि हर्ष कहीं अधिक उच्च रैंक वाले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भी जीत हासिल करने में सक्षम हैं। विश्व के नंबर 5 खिलाड़ी से हार के साथ उनका अभियान समाप्त हो गया, लेकिन इससे पहले हर्ष ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर … Read more

कांग्रेस ने फिर जताया चन्नी पर विश्वास, तीसरी बार कृषि समिति के अध्यक्ष बने

चंडीगढ़. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी पर पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर भरोसा जताया है। संसदीय स्थायी समितियों के पुनर्गठन के बाद चन्नी को लगातार तीसरी बार कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी और मत्स्य पालन संबंधी स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। जताया पार्टी प्रमुखों का आभार चन्नी ने इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का आभार जताया है। चन्नी ने कहा कि वह किसानों की सेवा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी ईमानदारी, लगन और समर्पण के साथ काम करते रहेंगे। चन्नी सितंबर 2024 से इस समिति के अध्यक्ष हैं। समिति कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े मंत्रालयों की नीतियों, योजनाओं, बजट और कामकाज की समीक्षा करती है। दो साल में दो संसद रत्न सम्मान चन्नी के संसदीय प्रदर्शन को हाल के वर्षों में लगातार पहचान मिली है। वर्ष 2025 में उन्हें व्यक्तिगत संसदीय प्रदर्शन के लिए संसद रत्न सम्मान मिला था। वहीं 2026 में उनके नेतृत्व वाली कृषि संबंधी स्थायी समिति को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए संसद रत्न सम्मान दिया गया।

अजनाला गोलीकांड: घायल ASI से अस्पताल में मिले DGP, भाई की हत्या के भी हैं गवाह

अमृतसर. अजनाला इलाके में बदमाशों की गोली लगने से जख्मी हुए जीआरपी के एएसआई सुखचैन सिंह के साथ डीजीपी (स्पेशल) प्रवीण कुमार सिन्हा ने सोमवार की शाम अस्पताल में मुलाकात की। डीजे पीने आदेश दिया है कि आरोपियों का पता लगाकर जल्द गिरफ्तार किया जाए। सिनोप्सिस-अजनाला के पास गोली लगने से जख्मी एएसआई सुखचैवन सिंह के मामले में पुलिस जांच कर रही है। सीसी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। पता चला है कि जीआरपी में तैनात सुखचैन सिंह के भाई की कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी। पता चला है कि सुखचैन भाई की हत्या के मामले में मुख्य गवा है और पैरवी कर रहा है। पुलिस आतंकी एंगिल के साथ साथ इस बिंदू पर भी जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि रविवार की देर रात सुख चैन सिंह को बाइक पर सवार तीन लोगों ने गोली मारकर जख्मी कर दिया था वह ड्यूटी के बाद सादे कपड़ों में बाइक से अपने घर लौट रहे थे।

पटियाला में किसानों और पुलिस में टकराव, मिनी सचिवालय के सभी गेट किए गए बंद

पटियाला. मांगों को लेकर किसानों ने सोमवार को डीसी दफ्तर के बाहर लगातार धरना शुरू कर दिया। धरने के दौरान किसानों ने मिनी सचिवालय के सभी गेट बंद कर दिए। जिसके बाद पुलिस और किसानों के बीच झड़प का मामला सामने आया है। किसानों ने गेट बंद करने और पुलिस की तरफ से उसे खोलने को लेकर धक्का मुक्की हुई। इस दौरान सचिवालय के अंदर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। लोग हो रहे परेशान किसानों द्वारा मिनी सचिवालय के मुख्य गेटों को बंद किए जाने के कारण न तो लोगों को अंदर जाने दिया जा रहा है और न ही अंदर मौजूद लोगों को बाहर आने दिया जा रहा है। इससे विभिन्न सरकारी विभागों में अपने काम करवाने के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई लोग गेटों के बाहर खड़े होकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करते दिखाई दिए।

देशभर के मेयरों को चंडीगढ़ से मिला संदेश, शहर की व्यवस्था देखने सुबह 5 बजे निकलने की सलाह

चंडीगढ़. मेयर का काम सिर्फ कार्यालय में बैठकर अधिकारियों से रिपोर्ट लेना नहीं है। उन्हें सुबह पांच, छह या सात बजे उठकर बिना किसी अधिकारी को साथ लिए शहर की गलियों, बाजारों और पार्कों में जाना चाहिए। वहां देखना चाहिए कि सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं या नहीं, सड़क और नालियों की स्थिति क्या है और जनता को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जनता के बीच जितना घूमेंगे, उतना ही काम मिलेगा। यह सलाह यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने 118वें अखिल भारतीय मेयर्स काउंसिल सम्मेलन में देशभर से आए महापौरों को दी। कटारिया ने कहा कि जनप्रतिनिधि को जनता से सीधे जुड़ना होगा। जनसुनवाई को औपचारिकता बनाने के बजाय अधिक से अधिक लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए। किसी बड़े व्यक्ति के आने पर चाय-पानी कराने में समय लगाने से बेहतर है कि आम आदमी को दो मिनट सुना जाए और उसकी समस्या के समाधान का रास्ता निकाला जाए।

ट्रेनों में बिना टिकट सफर करने वालों पर रेलवे की सख्ती, 23 हजार यात्री पकड़े गए, ₹2 करोड़ जुर्माना

फिरोजपुर. फिरोजपुर.उत्तर रेलवे के फिरोजपुर मंडल में बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर रोक लगाने के लिए लगातार टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा है। सितंबर 2026 के दौरान मंडल के टिकट जांच दल ने ट्रेनों में सघन जांच कर कुल 22,855 यात्रियों को बिना टिकट अथवा अनियमित यात्रा करते हुए पकड़ा। इन यात्रियों से जुर्माने के रूप में दो करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व वसूल किया गया। मंडल द्वारा वैध टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के साथ ही अनधिकृत यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए टिकट जांच अभियान लगातार जारी रखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिना टिकट या अनियमित यात्रा करने वाले यात्रियों के कारण वैध यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो। स्टेशनों पर गंदगी फैलाने वालों पर भी कार्रवाई फिरोजपुर मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को स्वच्छ बनाए रखने और यात्रियों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के लिए भी नियमित जांच की जा रही है। सितंबर माह में स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने के मामले में 202 यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनसे एंटी लिटरिंग अधिनियम के तहत 81 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया। मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार ने कहा कि फिरोजपुर मंडल में टिकट जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि टिकट जांच का मुख्य उद्देश्य वैध यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है। साथ ही बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा करने वालों पर कार्रवाई कर रेलवे के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

पंजाब रोडवेज कर्मचारियों के नियमितीकरण की जगी उम्मीद, परिवहन मंत्री के साथ होगी अहम बैठक

चंडीगढ़. पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के कर्मचारियों के लिए आज का दिन बेहद अहम रहने वाला है। लंबे समय से स्थायी करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे कर्मचारियों की परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ आज दोपहर यानि सोमवार अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित मांगों पर आज कोई ठोस फैसला हो सकता है। कर्मचारी नेताओं के अनुसार बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा 1300 से अधिक कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करना होगा। इसके अलावा पंजाब रोडवेज के नए अधिनियम को लागू करने, डिपो में नई बसें शामिल करने और कर्मचारियों के खिलाफ आंदोलन के दौरान दर्ज पुलिस मामले वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी जाएगी। पहले भी हुई हैं बेनतीजा बैठकें रोडवेज कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इन मांगों को लेकर सरकार के साथ पहले भी कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकला। पिछली बैठक भी स्थगित कर दी गई थी और इसे 30 सितंबर को कराने की बात कही गई थी। पिछले दो-तीन महीनों से कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। चक्का जाम तक हो चुका है। कर्मचारियों ने सरकार को पहले ही चेतावनी दी है कि यदि बैठक में उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन फिर तेज किया जाएगा। चुनाव से पहले कर्मचारियों का सरकार पर दबाव चुनाव से पहले कर्मचारी अपनी वर्षों पुरानी मांगों को पूरा कराने के लिए सरकार पर दबाव बढ़ा रहे हैं। रोडवेज कर्मचारी यूनियन नेता शमशेर सिंह और रेशम सिंह का कहना है कि रोडवेज कर्मचारियों की मांगे लंबे समय से लंबित है लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सरकार को कई बार इस मामले में अल्टीमेटम दिया जा चुका है, लेकिन अब सरकार को अंतिम चेतावनी दी गई है कि अगर कर्मचारियों की मांगों पर कोई फैसला नहीं किया तो पूरे प्रदेश में बसों का चक्काजाम होगा। 10 सालों से भी ज्यादा पुराना है संघर्ष 10 सालों से भी अधिक समय से कच्चे कर्मचारी रेगुलर करने की मांग कर रहे हैं जो की कोर्ट का भी फैसला है। रोडवेज विभाग में नई बसों को लेकर भी पिछले 5 साल से कोई काम नहीं हुआ है। रोडवेज में आउटसोर्स सिस्टम को बिल्कुल बंद किया जाना चाहिए और पहले से काम करें सभी आउटसोर्स कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को विभाग रेगुलर करें यही सभी कर्मचारियों की मांग है।

नानकमत्ता साहिब पहुंचे सीएम धामी, गुरुद्वारे में अरदास के बाद श्रमदान कर दिया स्वच्छता का संदेश

उधमसिंह नगर. सेवा संकल्प अभियान के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार नानकमता पहुंचे। उन्होंने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गुरुद्वारा परिसर में आयोजित स्वच्छता अभियान में श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं परिसर की साफ-सफाई की और कहा कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के साथ अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों की स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक अभियान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे निरंतर जनअभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन देश और देशवासियों के उत्थान के लिए समर्पित किया है। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान देशभर में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में नानकमता साहिब में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। इस दौरान गुरुद्वारा श्री नानकमता साहिब कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेम सिंह टुरना, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट, गुरुद्वारा कमेटी अध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह बोपराय, सचिव सरदार हरभजन सिंह, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, सीडीओ दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, एसडीएम ऋचा सिंह समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

UPSC CAPF में हरमनप्रीत का शानदार प्रदर्शन, 78वीं रैंक हासिल कर बनेंगी असिस्टेंट कमांडेंट

मानसा. पंजाब के मानसा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर एक बेटी ने देश स्तर पर अपनी सफलता का परचम लहराया है। गांव साधुवाला की रहने वाली हरमनप्रीत कौर ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सीएपीएफ (CAPF) परीक्षा में 78वीं रैंक प्राप्त की है। हरमनप्रीत कौर ने जिले के छोटे से गांव से उठकर यूपीएससी की आल इंडिया स्तर पर होने वाली परीक्षा में 78 वां रैंक हासिल करके न सिर्फ अपने परिजनों का सिर गर्व से ऊंचा किया है, वही मानसा जिले का नाम भी रोशन किया है। बेटी की इस सफलता के बाद उसके परिवार को बधाई मिल रही है। हरमनप्रीत कौर ने UPSC में प्राप्त की 78वीं रैंक जिले के गांव साधुवाला के समाजसेवी डा. बिक्करजीत सिंह साधुवाला की बेटी हरमनप्रीत कौर ने यूपीएससी की सीएपीएफ अफसर (सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स) भर्ती परीक्षा पास करके पूरे भारत में 78 वां रैंक हासिल किया है। यूपीएससी से सीएपीएफ की परीक्षा द्वारा असिस्टेंट कमांडेंट की भरती की जाती है, जो ग्रुप ए गैजेटेड अफसर का पद है। जिस तरह चुने गए अधिकारी सीएपीएफ के विभिन बल बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आइटीबीपी और एसएसबी मैं बतौर अधिकारी सेवा कर सकते हैं। कड़ी मेहनत से प्राप्त किया लक्ष्य हरमनप्रीत कौर की प्राथमिक शिक्षा सरदूलगढ़ के गांव कौड़ीवाड़ा की अकाल एकेडमी से हुई है। इसके बाद बठिंडा और चंडीगढ़ में अपनी बीए तक की पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ चंडीगढ़ और दिल्ली से कोचिंग ली गई। सोशल मीडिया का किया सही इस्तेमाल हरमनप्रीत कौर ने बताया कि उसके इस मुकाम तक पहुंचने में उसके माता-पिता का सपोर्ट मिला और उनकी गाइडेंस से ही वे इस मुकाम तक पहुंची है। हरमनप्रीत कौर के मुताबिक सोशल मीडिया का सहारा उसने अपनी पढ़ाई तक ही सीमित रखा। हरमनप्रीत कौर की इस उपलब्धि के बाद क्षेत्र के लोगों और उनके रिश्तेदारों की ओर से हरमनप्रीत कौर के पिता डा. बिक्करजीत सिंह साधुवाला और माता डा वीरपाल कौर साधुवाला को बधाई दी जा रही है। हरमनप्रीत कौर के पिता और माता दोनों ही सरकारी अध्यापक है।

पंजाब में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 7 अक्टूबर से बारिश का अलर्ट; तेज हवाओं के साथ गिरेगा तापमान

 पटियाला पंजाब में सात अक्तूबर से मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विभाग ने सात से नौ अक्तूबर तक तीन दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। यह अलर्ट पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली जिलों के लिए जारी किया गया है। बारिश और तेज हवाओं से तापमान में गिरावट आने से रात में ठंडक बढ़ सकती है और दिन में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। फिलहाल शुष्क है मौसम मानसून की विदाई के बाद फिलहाल पंजाब में मौसम लगातार शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, यह सामान्य के आसपास रहा। प्रदेश में सबसे अधिक 38.3 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में दर्ज किया गया। पटियाला में अधिकतम तापमान 34.9, अमृतसर में 34.7, लुधियाना में 34.8, फरीदकोट में 36.0 और संगरूर में 33.7 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का तापमान भी सामान्य से अधिक पंजाब में रात का तापमान सामान्य से 3.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। यानी दिन के साथ रात में भी गर्मी बनी हुई है। प्रदेश के औसत न्यूनतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले 0.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.7 डिग्री सेल्सियस पठानकोट में दर्ज किया गया।