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राघव चड्ढा की एंट्री के बावजूद पंजाब में BJP को फायदा नहीं, जानें क्या है वजह

लुधियाना  आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्य सभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसको लेकर राज्य सभा सचिवालय ने भी अधिसूचना जारी कर दी है। इसी के साथ उच्च सदन में भाजपा की ताकत भी बढ़ी है और सांसदों की संख्या 113 हो गई है। जिन सात सांसदों ने बीजेपी का दामन थामा है, उनमें से 6 पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं और स्वाती मालिवाल दिल्ली से है। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राज्य सभा सांसदों का बीजेपी में जाना अरविंद केजरीवाल की पार्टी AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, दिल्ली हारने के बाद अब आम आदमी पार्टी की पंजाब में ही सरकार है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव हारने के बाद पूरा ध्यान पंजाब पर लगा दिया है। AAP के बागी सांसदों के शामिल होने से बीजेपी खुश नजर आ रही है। दरअसल, राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने विधासनभा चुनाव 2022 में AAP की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। जो सांसद बीजेपी में शामिल हुए हैं उनमें- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, राजिंदर गुप्ता और स्वाति मालीवाल शामिल है।  क्या बीजेपी को मिलेगा फायदा?  AAP के सातों राज्य सभा सांसदों के विलय के बाद उच्च सदन में भले ही बीजेपी का संख्या बल बढ़ा हो, लेकिन जमीनी स्तर पर फायदा कम होता नजर आ रहा है। अपनी रणनीति से 2022 में राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने AAP को जीत दिलाई हो, लेकिन जमीनी स्तर पर इन नेताओं का कोई जनाधार नहीं है। ऐसे में बीजेपी के लिए इनका कितना उपयोगी साबित होना संभव है, यह आने वाला समय बताएगा। पंजाब में चड्ढा का इस्तेमाल करेगी बीजेपी वहीं पंजाब में बीजेपी अब राघव चड्ढा का इस्तेमाल करेगी, क्योंकि प्रदेश में कायदे से पार्टी अपनी उपस्थिति भी दर्ज नहीं करा पाई है। इसके अलावा बीजेपी पर पंजाब में किसान विरोधी होने का आरोप भी लगता है। खासकर केंद्र के कृषि कानूनों के विवाद के बाद। संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों ने बीजेपी पर किसानों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसलिए अकाली दल भी अब बीजेपी के साथ नहीं है। चड्ढा के सामने भी होगी चुनौती राघव चड्ढा AAP की तरफ से राज्य सभा में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन अब बीजेपी में जाने के बाद उनके सामने कई चुनौतियां होगी। दरअसल, इससे पहले तक वे बीजेपी के मुखर विरोधी रहे है और कई मौके पर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। खासतौर पर कृषि कानूनों को लेकर। ऐसे में प्रदेश की जनता और बीजेपी में अपनी जगह कैसे बनाते है, यह आने वाला समय बताएगा। उन्हें न केवल पार्टी की विचारधारा के साथ तालमेल बैठाना होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का भरोसा भी जीतना होगा। 

हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में की सुरक्षा बहाल करने की मांग, HC ने केंद्र और पंजाब सरकार को दिया नोटिस

लुधियाना  राज्यसभा सांसद और क्रिकेटर हरभजन सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा वापिस बहाल करने की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि जिस भीड़ ने उनके घर के बाहर गद्दार लिखा था, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सहित पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही सरकार को आदेश दिए हैं कि हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी।  इसके बाद पंजाब सरकार और केंद्र सरकार दोनों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।अदालत ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने शनिवार को हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस ले ली थी. इसके बाद केंद्र सरकार ने उन्हें CRPF सुरक्षा प्रदान की. अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी, जहां सरकार को अपना पक्ष विस्तार से रखना होगा।  हरभजन सिंह का राजनीतिक करियर 2022 में शुरू हुआ. क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी जॉइन की. मार्च 2022 में AAP ने उन्हें पंजाब से राज्यसभा के लिए नामित किया. वे बिना विरोध के निर्वाचित हुए और 18 जुलाई 2022 को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ली. AAP में उनकी पारी चार सालों की रही. सीएम भगवंत मान को 24 अप्रैल को जब पता चला कि कुछ सांसद पार्टी छोड़ने वाले हैं तो उन्होंने सबसे पहले हरभजन सिंह को फोन लगाया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कई बार कॉल लगाने के बावजूद हरभजन ने सीएम का कॉल नहीं उठाया. हरभजन सिंह आईपीएल के लिए कमेंट्री कर रहे हैं और इस वक्त वे मुंबई में हैं।  अब सुनवाई के दौरान क्या हुआ, पांच प्वाइंटों में जानिए – 1. किस आधार पर सिक्योरिटी वापस ली हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि आखिर किस “थ्रेट परसेप्शन” (खतरे के आकलन) के आधार पर अचानक सुरक्षा वापस ली गई। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि सुरक्षा प्रदान करना राज्य का कर्तव्य है, खासकर तब जब किसी व्यक्ति के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हों। 2. सरकार ने रूटीन प्रक्रिया बताया पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने सुरक्षा वापस लेने के फैसले का बचाव करते हुए इसे रूटीन प्रक्रिया बताया। हालांकि, कोर्ट ने राजनीतिक बदलाव (AAP से BJP में जाने) और उसके तुरंत बाद सुरक्षा हटाए जाने के समय पर सवाल उठाए। 3. केंद्र की तरफ से सिक्योरिटी दी गई कोर्ट को बताया गया कि राज्य पुलिस की सुरक्षा हटने के बाद केंद्र सरकार ने हरभजन सिंह को CRPF का सुरक्षा कवर दिया है, जो फिलहाल उनके जालंधर स्थित निवास पर तैनात है। 4. गद्दार लिखने का संज्ञान भी लिया कोर्ट ने हरभजन सिंह के घर के बाहर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शनों और उनकी दीवार पर “गद्दार” लिखे जाने की घटनाओं का भी संज्ञान लिया। 5. विस्तार से हलफनामा देना होगा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है, जिसमें सुरक्षा समीक्षा की पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

Sri Guru Granth Sahib सत्कार कानून पर बवाल, चर्च ने उठाई सेक्युलरिज्म पर चिंता

चंडीगढ़. पंजाब सरकार के बहुचर्चित “जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026” के खिलाफ अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एक और संवैधानिक चुनौती पहुंच गई है। एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया (सीआईपीबीसी) ने इस संशोधन कानून को धर्म-विशेष आधारित, भेदभावपूर्ण और संविधान विरोधी बताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इसके क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने तथा इसे रद्द घोषित करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार ने एक विशेष धार्मिक ग्रंथ को पृथक और अधिक कठोर दंडात्मक संरक्षण देकर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन किया है। चर्च का तर्क है कि राज्य किसी एक धर्म या उसके पवित्र प्रतीक को ऐसा विशिष्ट विधायी संरक्षण नहीं दे सकता, जिससे अन्य धार्मिक समुदायों के बीच असमानता की भावना उत्पन्न हो। याचिका में इसे संविधान की मूल संरचना में शामिल धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम बताया गया है। अन्य धर्म भी प्रभावित हो सकते हैं इंडियन चर्च एक्ट, 1927 के तहत गठित धार्मिक निकाय होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि पंजाब सरकार स्वयं अपने पूर्व प्रस्तावित “पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंसेज अगेंस्ट होली स्क्रिप्चर्स बिल, 2025” में स्वीकार कर चुकी थी कि पवित्र ग्रंथों के अपमान की घटनाएं केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब तक सीमित नहीं, बल्कि गीता, कुरान और अन्य धार्मिक ग्रंथ भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में 2026 के संशोधन के जरिए केवल एक धार्मिक ग्रंथ के लिए पृथक कठोर आपराधिक ढांचा तैयार करना राज्य की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। प्रावधानों पर विशेष आपत्ति याचिका में संशोधन कानून के उन प्रावधानों पर विशेष आपत्ति जताई गई है, जिनमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की प्रिंटिंग, प्रकाशन, भंडारण और वितरण पर कड़ा नियामक नियंत्रण, एसजीपीसी के माध्यम से केंद्रीय रजिस्टर, अपराधों को संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौतायोग्य बनाना तथा गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा शामिल है। चर्च का कहना है कि इस प्रकार का विशेष दंड विधान अन्य धर्मों के पवित्र ग्रंथों को तुलनात्मक रूप से कमतर कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। एसआर बोम्मई, केशवानंद भारती और शायरा बानो जैसे सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि राज्य धार्मिक तटस्थता से विचलित नहीं हो सकता। एक धर्मग्रंथ को कानून संरक्षण साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 सहित मौजूदा केंद्रीय कानून धार्मिक भावनाओं से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त हैं, इसलिए पृथक राज्य कानून विधायी संतुलन और संवैधानिक वैधता दोनों पर सवाल खड़े करता है। चर्च की जनरल काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि वह सभी धर्मग्रंथों के सम्मान और अंतर-धार्मिक सौहार्द के पक्ष में है, लेकिन किसी एक धर्मग्रंथ को विशिष्ट कानूनी संरक्षण देकर अन्य आस्थाओं को अपेक्षाकृत कमतर दर्जा देना संवैधानिक समानता के विरुद्ध है।

बॉर्डर पर सुरक्षा में सेंध! सोलर कैमरों के जरिए सेना की जासूसी, एक गिरफ्तारी के बाद कई लोग रडार पर

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर यूनिट को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एजेंसी ने आईएसआई समर्थित जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए फिरोजपुर निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुखा को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में जो खुलासे सामने आए हैं, उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस के अनुसार आरोपित और उसके साथी राज्य के विभिन्न इलाकों में चीन निर्मित सोलर सीसीटीवी कैमरे लगा रहे थे। ये कैमरे 4जी कनेक्टिविटी से लैस थे, जिनके जरिए संवेदनशील ठिकानों की लाइव फुटेज सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों तक भेजी जा रही थी। खास बात यह है कि जिन स्थानों को निगरानी के लिए चुना गया, उनमें सेना से जुड़े प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। कपूरथला से बरामद किए गए उपकरणों ने इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को उजागर किया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक सुनियोजित साजिश के तहत किया जा रहा था, जिसमें तकनीक का इस्तेमाल कर संवेदनशील जानकारियां जुटाई जा रही थीं। कैमरों की सच्चाई जानने में जुटी पुलिस पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन कैमरों को किन-किन स्थानों पर लगाया गया और कितनी अवधि से यह गतिविधि चल रही थी। इस मामले में अमृतसर स्थित स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस आरोपित के नेटवर्क के ‘फॉरवर्ड’ और ‘बैकवर्ड’ लिंक खंगाल रही है, ताकि इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। सूत्रों के मुताबिक, आरोपित मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए लाइव फीड साझा करता था, जिससे हैंडलर रियल टाइम में गतिविधियों पर नजर रख सकें। विदेशी एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी जांच इस पूरे मामले में विदेशी एजेंसियों की भूमिका को लेकर भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस नेटवर्क का संबंध सीमा पार से होने वाली अन्य गतिविधियों से तो नहीं है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में सक्रिय किसी भी तरह के जासूसी नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस तरह के मॉड्यूल को जड़ से खत्म किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक के जरिए जासूसी के तरीकों में बदलाव आया है, जिससे सतर्कता और बढ़ाने की जरूरत है। फिलहाल, इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है।

पंजाब में येलो अलर्ट, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी, पारे में आई गिरावट; मौसम कैसा रहेगा?

जालंधर  पंजाब में आज भी तेज हवाएं चलने और बरसात का अलर्ट है। बुधवार को कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। इससे सूबे के न्यूनतम पारे में 2.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।  मौसम विभाग ने आज के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है जिसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इसके बाद एक मई को पंजाब में मुख्यता मौसम शुष्क बना रहेगा। केवल पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  दो मई से पंजाब में मौसम के मिजाज ज्यादा बिगड़ेंगे। मौसम विभाग ने 2, 3, 4 और पांच मई के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान पंजाब में कईं जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इससे आने वाले दिनों में पंजाब में गर्मी से राहत रहेगी। तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। अभी यह सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे बना हुआ है। सबसे अधिक 39.3 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज हुआ। वहीं अमृतसर का अधिकतम पारा 33.0 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 38.1 डिग्री, पठानकोट का 30.2 डिग्री, फरीदकोट का 35.5 डिग्री, गुरदासपुर का भी 35.5 डिग्री, एसबीएस नगर का 34.4 डिग्री, फिरोजपुर का 34.9 डिग्री, होशियारपुर का 33.2 डिग्री और रूपनगर का 32.2 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे कम 18.1 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज हुआ। अमृतसर का न्यूनतम पारा 20.6 डिग्री, लुधियाना का 22.8 डिग्री, पटियाला का 23.2 डिग्री, बठिंडा का 23.8 डिग्री, फरीदकोट का 22.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.1 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री, होशियारपुर का 20.7 डिग्री और रूपनगर का 21.4 डिग्री दर्ज किया गया।

ठगी का नया तरीका: Ludhiana में फर्जी एक्सीडेंट दिखाकर वसूली, महिलाएं-बुजुर्ग टारगेट

लुधियाना. शहर में एक शातिर गिरोह सक्रिय हो गया है, जो व्यस्त ट्रैफिक सिग्नलों और भीड़भाड़ वाले चौकों पर फर्जी एक्सीडेंट का ड्रामा रचकर लोगों से जबरन पैसे वसूल रहा है। इस गिरोह के निशाने पर खासतौर पर महिलाएं और बुजुर्ग ड्राइवर हैं। इस संबंध में धवल अग्रवाल ने पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता है। जब कोई कार ट्रैफिक सिग्नल या जाम में रुकती है, तो बाइक सवार युवक कार के बेहद करीब आकर खड़े हो जाते हैं। इसके बाद अचानक चिल्लाने लगते हैं कि कार का टायर उनके पैर पर चढ़ गया या वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। कुछ ही देर में गिरोह के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचकर ड्राइवर को घेर लेते हैं और आक्रामक व्यवहार शुरू कर देते हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह गिरोह उन ड्राइवरों को ज्यादा निशाना बनाता है जो सीट बेल्ट नहीं लगाए होते या मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। उनके एक दोस्त से दुगरी नहर पुल के पास 40 हजार रुपये वसूले गए, जबकि गिल रोड के पास उनके चाचा के साथ भी ऐसी कोशिश की गई, लेकिन वे बच निकले। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ड्रग माफिया पर सरकार का वार, Bathinda में अवैध निर्माण ध्वस्त

बठिंडा. पंजाब में नशा विरोधी अभियान के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बठिंडा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत धोबियाना बस्ती में वीरवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस मामले के आरोपी की अवैध इमारत पर बुलडोजर चला दिया। यह निर्माण कमल गर्ग पुत्र रमेश कुमार द्वारा गैरकानूनी तरीके से किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति को कई बार नोटिस जारी किए गए थे और अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके आरोपी ने न तो निर्माण हटाया और न ही प्रशासन के आदेशों का पालन किया। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर कम मजिस्ट्रेट के निर्देशों पर सिविल प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा के बीच कार्रवाई करते हुए इमारत को गिरा दिया। नशा तस्करी के चार मामले पहले से दर्ज बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ से जुड़े कानून के तहत चार मामले पहले से दर्ज हैं। इस वजह से प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले में लगातार अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशे के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें। इसके लिए एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 और 91155-02252 जारी किए गए हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अब तक 16 अवैध निर्माण गिराए जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार बठिंडा में अब तक 16 अवैध निर्माणों को गिराया जा चुका है। इसके अलावा एक मार्च 2025 से अब तक 2418 मामले दर्ज किए गए हैं और 3458 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 89 बड़े तस्कर भी शामिल हैं। वहीं वर्ष 2023 से अब तक 87 आरोपियों की करीब 14 करोड़ 21 लाख रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नशा तस्करों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

कच्चे माल के संकट में फंसी कॉटन इंडस्ट्री, पंजाब का टेक्सटाइल सेक्टर अब दूसरे राज्यों पर निर्भर

लुधियाना कच्चे माल की कमी ने पंजाब की कॉटन इंडस्ट्री की रफ्तार थाम दी है। हालत यह है कि स्थानीय स्तर पर जरूरत के अनुसार कपास उपलब्ध नहीं हो रही, जिसके चलते उद्योगों को महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों से कच्चा माल मंगवाकर उत्पादन चलाना पड़ रहा है।  इस संकट ने खासकर जिनिंग सेक्टर को बुरी तरह प्रभावित किया है, जहां कभी 422 इकाइयां संचालित होती थीं, अब उनकी संख्या घटकर मात्र 25 रह गई है। उद्यमियों का कहना है कि यदि हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो उद्योग के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है। 7 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.2 लाख पर सिमटा रकबा एक समय पंजाब में सात लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कपास की खेती होती थी, जिससे राज्य में जिनिंग और स्पिनिंग उद्योग तेजी से विकसित हुआ। लेकिन बीते वर्षों में कपास का रकबा लगातार घटता गया, 2019 में यह 3.35 लाख हेक्टेयर था और अब यह करीब 1.2 लाख हेक्टेयर तक सिमट चुका है। रकबा घटने के पीछे कीटनाशक हमले, कम पैदावार और किसानों का अन्य फसलों की ओर झुकाव प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। उन्नत बीज की कमी से पिछड़ रहा पंजाब पंजाब कॉटन फैक्ट्रीज एंड जिनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान बांसल के अनुसार, महाराष्ट्र में किसानों को जी-4 जैसी उन्नत किस्म का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, जो गुलाबी सुंडी और सफेद मक्खी जैसी बीमारियों के प्रति अधिक प्रतिरोधी है। इससे वहां प्रति एकड़ 12-15 क्विंटल तक उत्पादन मिल रहा है। इसके विपरीत, पंजाब अभी भी पुरानी किस्मों पर निर्भर है, जिससे पैदावार कम है और किसान कपास की खेती से दूरी बना रहे हैं। उत्पादन में भारी अंतर, बाहर से मंगानी पड़ रही कपास आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में महाराष्ट्र में लगभग 1.15 करोड़ गांठ कपास का उत्पादन हुआ, जबकि पंजाब में यह आंकड़ा केवल 1.5 लाख गांठ तक सीमित है। यही कारण है कि राज्य की स्पिनिंग मिलों और जिनिंग इकाइयों को अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। –देशभर में 26 अप्रैल 2026 तक कपास की आवक 308.70 लाख गांठ को पार कर चुकी है और 30 अप्रैल 2026 तक 311 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है। पूरे सीजन में कुल उत्पादन 335 लाख गांठ से अधिक रहने की संभावना है, लेकिन इसमें पंजाब की हिस्सेदारी बेहद कम है। कई इकाइयां बंद, कारोबार का पलायन कपास की कमी के चलते राज्य में बड़ी संख्या में जिनिंग मिलें बंद हो चुकी हैं। कई उद्योगपति अपना कारोबार राजस्थान और अन्य राज्यों में स्थानांतरित कर चुके हैं। इससे न केवल उद्योग प्रभावित हुआ है, बल्कि रोजगार पर भी असर पड़ा है। सरकार का फोकस: सब्सिडी और रकबा बढ़ाने का लक्ष्य स्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने कपास की खेती को बढ़ावा देने हेतु प्रमाणित बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी देने का फैसला किया है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के अनुसार, सरकार ने 2026 के लिए कपास का रकबा 1.25 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित 87 बीटी हाइब्रिड और चार देसी किस्मों को शामिल किया गया है। सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। धान से कपास की ओर शिफ्ट की अपील सरकार ने किसानों से अधिक पानी खपत करने वाली धान की खेती छोड़कर कपास की ओर रुख करने की अपील की है। इसे ‘सफेद सोना’ बताते हुए वैज्ञानिक खेती और उन्नत बीजों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि सरकार के प्रयास जारी हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उद्योग को तत्काल राहत मिलती नजर नहीं आ रही। जब तक उत्पादन और रकबा दोनों में ठोस वृद्धि नहीं होती, तब तक पंजाब की कॉटन इंडस्ट्री पर संकट के बादल छाए रहेंगे।  

पंजाब में CM भगवंत मान का ऐतिहासिक निर्णय, विधानसभा में प्रस्ताव से 6 महीने के लिए सुरक्षित होगी AAP सरकार

चंडीगढ़  पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्यसभा सांसदों की बगावत के बाद अब पंजाब में पार्टी को मजबूत बनाए रखने के लिए आलाकमान बड़ा कदम उठा रहा है. सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'ऑपरेशन लोटस' से बचने के लिए AAP सरकार पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव ला सकती है।  पंजाब विधानसभा चुनाव का विशेष सत्र 1 मई को बुलाया गया है. यह असेंबली सेशन बुलाया तो श्रमिक दिवस के मौके पर गया है, लेकिन उम्मीद है कि इसमें बहुमत का प्रस्ताव लाया जाएगा. इसका फायदा यह है कि विधानसभा में एक बार बहुमत साबित होने के बाद अगले 6 महीने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार सुरक्षित हो जाएगी।  सरकार गिरने की चिंता से मुक्त होना चाहती है AAP दरअसल, 7 राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने के बाद पंजाब में विधायकों की टूट की अटकलें लग रही हैं. अगर ऐसा होता है तो साल 2022 के विधानसभा चुनाव में 92 सीट जीतने वाली AAP पर सरकार बचाने का संकट गहरा सकता है. इसलिए विशेष सत्र में प्रस्ताव लाकर पार्टी बहुमत पर मुहर लगाना चाहती है ताकि सियासी चिंता को संवैधानिक तरीके से खत्म किया जा सके।  सत्र से पहले मान कैबिनेट की बैठक पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र से पहले सुबह भगवंत मान सरकार की कैबिनेट बैठक होगी. यह बैठक सुबह 9.30 बजे बुलाई गई है. विशेष सत्र अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर बुलाया गया है. हालांकि इसमें सरकार कॉन्फिडेंस मोशन भी ला सकती है. पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद कुछ विधायकों के भी पाला बदलने की अटकलें हैं।  इससे पहले भी अक्टूबर 2022 में सरकार कॉन्फिडेंस मोशन लाई थी जब आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर राज्य में ऑपरेशन लोटस के तहत विधायकों को तोड़ने की कोशिश के इल्जाम लगाए थे। 

UGC NET 2023 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, आवेदन की आखिरी तारीख 20 मई

लुधियाना  देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने और जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जे.आर.एफ.) हासिल करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एन.टी.ए.) ने यू.जी.सी. नेट जून सत्र के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 29 अप्रैल से शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवार अब एन.टी.ए. की आधिकारिक वैबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शैड्यूल के अनुसार रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान की अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित की गई है। इसके बाद उम्मीदवारों को आवेदन में सुधार के लिए 22 मई से 24 मई तक करेक्शन विंडो का मौका दिया जाएगा। विभाग द्वारा एग्जाम सिटी स्लिप 10 जून को और एडमिट कार्ड 15 जून को जारी किए जाएंगे जबकि मुख्य परीक्षाओं का आयोजन 22 जून से 30 जून के बीच किया जाएगा।