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PSEB ने पंजाब के छात्रों को दिया सुनहरा मौका, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई शुरू

चंडीगढ़ पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने राज्य के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। जो छात्र पिछले 16 वर्षों में 10वीं या 12वीं की बोर्ड परीक्षा पास नहीं कर सके, उनके लिए बोर्ड ने विशेष मौका (स्पेशल मर्सी चांस) देने हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र उम्मीदवार 25 मई 2026 तक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार के लिए छात्रों को मौका  यह विशेष अवसर उन उम्मीदवारों के लिए है, जिन्होंने मार्च 2010 से मार्च 2025 के बीच 10वीं या 12वीं की परीक्षा दी थी और जिनके री-अपीयर या कंपार्टमेंट के सभी मौके समाप्त हो चुके हैं या जो अपने शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं। इसके अलावा वे उम्मीदवार भी इसके लिए पात्र हैं, जिन्होंने मार्च 2010 से मार्च 2026 के बीच परीक्षा दी और फेल हो गए, बशर्ते उन्होंने कम से कम एक मुख्य विषय पास किया हो। बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर अधिक जानकारी  यह मौका 10वीं और 12वीं की ओपन स्कूल स्ट्रीम के विद्यार्थियों के लिए भी उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म और विस्तृत दिशा-निर्देश बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.pseb.ac.in पर उपलब्ध हैं। बोर्ड द्वारा दिया गया यह स्पेशल मर्सी चांस उन विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर है, जो अपनी अधूरी पढ़ाई पूरी कर अपने भविष्य को नई दिशा देना चाहते हैं। 

मौसम विभाग का अलर्ट: पंजाब में 2 से 6 मई के बीच बारिश और तूफान की संभावना

चंडीगढ़  पहाड़ी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि के चलते पंजाब का मौसम सुहावना हो गया है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। 2 मई से मौसम खराब हो सकता है मौसम  हालांकि मौसम विभाग ने 2 से 6 मई के बीच बारिश, गरज-तूफान और बिजली चमकने की संभावना जताई है और इसको लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 1 मई के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया, लेकिन 2 मई से मौसम खराब हो सकता है। ऐसे में इन तारीखों के दौरान कहीं जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर ले लें। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना इस दौरान पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम केंद्र के अनुसार 7 मई को बारिश की संभावना नहीं है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की उम्मीद है।  

पंजाब में मजदूरों की सैलरी में बढ़ोतरी, सीएम भगवंत मान ने झटके में किया ऐलान

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजदूरों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐतिहासिक ऐलान किया है. सीएम मान के अनुसार यह वृद्धि सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में 13 साल के लंबे अंतराल के बाद न्यूनतम मजदूरी में संशोधन किया गया है. उन्होंने इसे राज्य के मेहनतकश वर्ग की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम करार दिया. इस फैसले से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा जिससे उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।  पंजाब न्यूनतम मजदूरी वृद्धि · 15% की वृद्धि: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।  · व्यापक कवरेज: यह फैसला सरकारी और गैर-सरकारी दोनों क्षेत्रों के मजदूरों पर समान रूप से लागू होगा।  · 13 साल का अंतराल: राज्य में न्यूनतम मजदूरी में यह संशोधन पूरे 13 वर्षों के लंबे समय के बाद किया गया है।  · श्रमिकों को लाभ: इस क्रांतिकारी कदम से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा।  · आर्थिक राहत: मुख्यमंत्री ने इसे मेहनतकश वर्ग को महंगाई के दौर में आर्थिक मजबूती देने वाला कदम बताया है।  मजदूरों की लंबे समय से मांग हुई पूरी यह फैसला पंजाब की अर्थव्यवस्था और श्रम शक्ति के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है: 1. परचेजिंग पावर में वृद्धि: वेतन में 15% की बढ़ोतरी से निचले स्तर के श्रमिकों के हाथ में अधिक पैसा आएगा, जिससे बाजार में मांग बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।  2. महंगाई से लड़ने में सहायक: वर्तमान आर्थिक स्थिति में जहां जीवनयापन की लागत बढ़ रही है, यह वृद्धि श्रमिकों को बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद करेगी।  3. श्रमिकों का पलायन रोकना: मजदूरी में सुधार होने से पंजाब पड़ोसी राज्यों के मुकाबले श्रमिकों के लिए अधिक आकर्षक बनेगा, जिससे लेबर शॉर्टेज की समस्या कम हो सकती है।  4. लंबे समय से लंबित सुधार: 13 साल तक मजदूरी न बढ़ाना एक बड़ा अंतराल था; यह निर्णय दर्शाता है कि सरकार अब श्रम कल्याण को प्राथमिकता दे रही है।  सवाल-जवाब पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में कितने प्रतिशत की वृद्धि की गई है? मुख्यमंत्री भगवंत मान ने न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है. क्या यह वृद्धि केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है? नहीं, मुख्यमंत्री के अनुसार यह वृद्धि सरकारी और गैर-सरकारी (प्राइवेट) दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. पंजाब में पिछली बार न्यूनतम मजदूरी कब संशोधित हुई थी? मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि पंजाब में यह संशोधन 13 साल के लंबे अंतराल के बाद किया गया है. पंजाब में मजदूरों की सैलरी बढ़ने से किन श्रेणियों के श्रमिकों को लाभ होगा? इस फैसले से प्रदेश के लाखों अकुशल और कुशल श्रमिकों के वेतन में सीधा इजाफा होगा. इस कदम के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है? इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के मेहनतकश वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें महंगाई के दौर में बड़ी राहत प्रदान करना है.

चंडीगढ़ में क्लर्क और स्टेनो की भर्ती पर रोक, नियमों की वैधता पर उठे सवाल

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन में क्लर्क और स्टेनो टाइपिस्ट पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया पर सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने अंतरिम रोक लगा दी है। भर्ती को लेकर शैक्षणिक योग्यता और वेतनमान के लिए तय किए गए नियमों को कैट में चुनौती दी गई थी। कैट ने पहली नजर में केस को स्वीकार करते हुए भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए। अब मामले की अगली सुनवाई 25 मई को होगी और तब तक भर्ती प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले में याचिकाकर्ता ने 30 जनवरी 2026 की अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा कि इसमें तय की गई शैक्षणिक योग्यता और वेतनमान केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। याचिका में यह भी मांग की गई कि 31 मार्च और चार अप्रैल 2026 को जारी सार्वजनिक नोटिस को रद किया जाए, जिनके जरिए 234 क्लर्क और 23 स्टेनो टाइपिस्ट पदों के लिए आवेदन मांगे गए। याचिकाकर्ता का तर्क था कि 2022 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी नियमों के अनुसार चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की सेवा शर्तें केंद्र सरकार के समान होनी चाहिए। इसके बावजूद नई भर्ती में क्लर्क और स्टेनो पदों के लिए अलग नियम अपनाए गए हैं। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से दलील दी गई कि संविधान के अनुच्छेद 309 और पूर्व अधिसूचनाओं के तहत प्रशासन को भर्ती नियम बनाने का अधिकार है और 2026 के नियम उसी के तहत बनाए गए हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने पाया कि प्रथम दृष्टा भर्ती नियम केंद्र सरकार के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं और आवश्यक स्वीकृति भी नहीं ली गई है। ट्रिब्यूनल ने अंतरिम राहत देते हुए 31 मार्च और चार अप्रैल के नोटिस के तहत जारी भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।  

चंडीगढ़ में यूटी कैडर के IAS अधिकारियों का वर्चस्व बढ़ने से पंजाब-हरियाणा का प्रभाव कम हुआ

 चंडीगढ़  केंद्रीय सेवा नियम लागू होने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन में अफसरशाही का संतुलन तेजी से बदलता नजर आ रहा है। यूटी कैडर के एक नए आईएएस अधिकारी डी. कार्तिकेयन ने वीरवार को प्रशासन में ज्वाइन किया। डी. कार्तिकेयन के ज्वाइन करने से यूटी कैडर के प्रशासन में आठ आईएएस हो गए, वहीं पंजाब और हरियाणा के दो-दो आईएएस प्रशासन में सेवाएं दे रहे हैं। केंद्रीय सेवा नियम लागू होने से पहले चंडीगढ़ प्रशासन में एडवाइजर को छोड़कर सभी विभागों में 60-40 के अनुपात से पंजाब और हरियाणा कैडर के आईएएस कार्यरत होते थे लेकिन अब यह परिस्थिति बदलती नजर आ रही है। डी. कार्तिकेयन को ज्वाइनिंग के बाद सेक्रेटरी आईटी, सेक्रेटरी विजिलेंस, सेक्रेटरी एग्रीकल्चर मार्केट बोर्ड और चीफ एग्जीक्यूटिव आफिसर (सीईओ) चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड का चार्ज दिया गया है। आईटी का हरियाणा और हाउसिंग बोर्ड सीईओ पद से पंजाब का खोया कब्जा : केंद्रीय सेवा नियम लागू होने से पहले प्रशासन के आईटी विभाग में सचिव पद का कार्यभार हरियाणा कैडर के आईएएस जो कि गृह सचिव पर आसीन होते थे, वह संभालते थे। वहीं, हाउसिंग बोर्ड के सीईओ का चार्ज पंजाब कैडर के आईएएस के पास होता था। इसी प्रकार शिक्षा विभाग सचिव का कार्यभार पंजाब कैडर से आए वित्त सचिव के पास होता था, जो कि आज यूटी कैडर की आईएएस प्रेरणा पुरी के पास है। अभिजीत हुए रिलीव तो कार्तिकेयन ने किया ज्वाइन चंडीगढ़ प्रशासन में अभी तक आठ आईएएस यूटी जबकि दो-दो पंजाब हरियाणा के ही हैं। वीरवार को स्पेशल सेक्रेटरी अभिजीत विजय चौधरी प्रशासन से रिलीव हुए, वह चंडीगढ़ में ही बीएसएफ में डिप्टी फाइनेंशियल एडवाइजर ज्वाइन करेंगे। वहीं, दानिक्स कैडर से प्रमोट हुए डी. कार्तिकेयन ने चंडीगढ़ में ज्वाइन किया। 60-40 के अनुपात पर इसलिए भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि बीते दिनों प्रशासन की तरफ से पंजाब के चार आईएएस का नाम केंद्र को भेजा था जिसे नकारा जा चुका है। ऐसे में इस समय यूटी कैडर का दबदबा बढ़ रहा है जबकि पंजाब-हरियाणा का वजूद कमजोर प्रतीत हो रहा है। पंजाब और हरियाणा सरकारें पहले भी चंडीगढ़ प्रशासन में अपने अधिकारियों की संख्या और अहम विभागों की जिम्मेदारी को लेकर मुद्दा उठाती रही हैं। अब यूटी कैडर के लगातार बढ़ते दखल और 60-40 फार्मूले के कमजोर पड़ने से यह विवाद फिर गहराने के संकेत हैं। यह है यूटी कैडर के आईएएस इस समय चंडीगढ़ में आठ आईएएस आफिसर हैं, जिसमें चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रताप सिंह, कार्मिक विभाग में सचिव स्वप्निल एम. नाइक, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, फूड एंड सप्लाई सचिव मोहम्मद मंसूर, संस्कृति और पर्यटन सचिव डॉ. सैयद आबिद राशिद शाह, सीएसएस से अनुराधा चगती हैं। वहीं, हरियाणा कैडर से होम सेक्रेटरी मंदीप सिंह बराड़ और डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव और पंजाब कैडर से फाइनेंस दीप्रा लाकड़ा और नगर निगम में कमिश्नर अमित कुमार तैनात हैं। राधिका को रिलीव कर डॉ. पालिका को बनाया उच्चतर शिक्षा विभाग निदेशक वीरवार को हुए प्रशासनिक फेरबदल में डी. कार्तिकेयन की ज्वाइनिंग के साथ निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग का कार्यभार भी बदला गया। निदेशक उच्चतर शिक्षा विभाग का कार्यभार डॉ. राधिका से लेकर डॉ. पालिका को दिया गया है।  

पलक तिवारी ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका, सिर ढककर गुरबाणी सुनी, अनुभव किया साझा

अमृतसर  अभिनेत्री पलक तिवारी इन दिनों आगामी वेब सीरीज 'लुक्खे' को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं। पलक तिवारी ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इसकी कुछ तस्वीरें उन्होंने  इंस्टाग्राम पर पोस्ट की। पोस्ट की गई तस्वीरों में वे बेहद सादगी में नजर आ रही हैं। उन्होंने नीला और गुलाबी रंग का एक सुंदर पारंपरिक सूट पहना हुआ है। उन्होंने अपने सिर पर दुपट्टा रखा हुआ है। तस्वीरों में उन्हें स्वर्ण मंदिर के पवित्र सरोवर के किनारे हाथ जोड़कर खड़े और परिसर की सुंदरता को निहारते हुए देखा जा सकता है। अपनी पोस्ट के जरिए पलक ने बताया कि यह स्वर्ण मंदिर में उनका पहला आगमन है। अभिनेत्री ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए लिखा, "स्वर्ण मंदिर में यह मेरा पहली बार जाना था। यह अनुभव सच में वैसा ही था, जैसा मैंने सोचा था। अत्यंत शांतिपूर्ण और जादुई।" फिल्मों के बाद अब अभिनेत्री पलक तिवारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। उनकी आगामी वेब सीरीज 'लुक्खे' को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। इस फिल्म के जरिए जहां, पलक ओटीटी डेब्यू कर रही हैं, तो मशहूर रैपर किंग अभिनय की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। सीरीज में पलक 'सनोबर' नामक किरदार निभा रही हैं, जो इमोशनल, प्यार और आंतरिक संघर्ष से भरा हुआ है। यह सीरीज पंजाब की पृष्ठभूमि में रैप संगीत, क्राइम और प्रतिशोध की कहानी है। सीरीज की कहानी लकी (लक्ष्यवीर) नाम के एक एथलीट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए पंजाब की अंडरग्राउंड रैप दुनिया में प्रवेश करता है। यह सीरीज रैपर्स के बीच के टकराव, प्यार, भाईचारे और बदले की कहानी है। सीरीज में रैपर किंग के खास गानों और संगीत का अहम रोल है, जो मुंबई में एक लाइव कॉन्सर्ट में रिलीज किया गया था। सीरीज में किंग (एमसी बदनाम), राशि खन्ना, पलक तिवारी (सनोबर), लक्ष्यवीर सिंह सरन (लकी), और शिवंकित परिहार अहम भूमिका में नजर आएंगे। परिक्रमा में बैठकर गुरबाणी कीर्तन सुना जानकारी के अनुसार, पलक तिवारी ने गोल्डन टेंपल पहुंचकर करीब आधे घंटे तक परिक्रमा में बैठकर गुरबाणी कीर्तन सुना और आध्यात्मिक वातावरण को महसूस किया। अपनी पोस्ट के कैप्शन में पलक ने लिखा कि यह उनका गोल्डन टेंपल का पहला दौरा था, लेकिन जैसा उन्होंने सोचा था, वैसा ही अनुभव उन्हें जहां आकर महसूस हुआ। सलमान खान की फिल्म से किया था डेब्यू पलक तिवारी ने साल 2023 में सलमान खान स्टारर 'किसी का भाई किसी की जान' सेडेब्यू किया था। फिल्म में पूजा हेगड़े, वेंकटेश, भूमिका चावला, जगपति बाबू, विजेंदर सिंह, राघव जुयाल, जस्सी गिल, सिद्धार्थ निगम, शहनाज गिल, पलक तिवारी, विनाली भटनागर और सतीश कौशिक भी नजर आए थे।

पंजाब में फ़्लोर टेस्ट की तैयारियां: अमन अरोड़ा पेश करेंगे प्रस्ताव, 6 BJP सांसदों के शामिल होने से टूट का खतरा

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा का आज 11 बजे विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके साथ ही AAP के 6 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने के बाद सरकार पर भी खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में सरकार आज फ्लोर टेस्ट करवा सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, AAP ने अपने सभी विधायकों को विधानसभा में हाजिर रहने के लिए व्हिप भी जारी कर दी है। यही नहीं पार्टी ने सभी विधायकों को तय समय से एक घंटा पहले विधानसभा में बुला लिया था। दरअसल, पार्टी में टूट की सुगबुगाहट के बीच दो दिन पहले सभी सांसदों व विधायकों को जालंधर में बुलाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस बैठक में 65 ही विधायक पहुंचे जबकि बाकी नदारद रहे। वहीं तीनों लोकसभा सांसद भी बैठक में नहीं पहुंचे। AAP के पास अभी 117 में से कुल 94 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 59 विधायक जरूरी होते हैं। भगवंत मानने खुद दी थी जानकारी सीएम भगवंत मान ने ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में जानकारी देते हुए बताया था कि पंजाब कैबिनेट द्वारा लिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में यह तय किया गया है कि 1 मई को ‘मजदूर दिवस’ के अवसर पर विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा। यह एक दिवसीय सत्र उन मेहनती मजदूरों और कारीगरों को समर्पित होगा, जो देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम योगदान देते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विधानसभा सत्र के समय पर सवाल उठाया है। क्या बोले सुखजिंदर सिंह रंधावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने विधानसभा सत्र के समय पर आपत्ति जताते हुए कहा किइसे मजदूर दिवस के दिन बुलाया गया है। उन्होंने इसे सरकार की जल्दबाज़ी और संभावित विश्वास प्रस्ताव की तैयारी से जोड़ते हुए कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि AAP सरकार पहले ही अपना बहुमत खो चुकी है। उनका आरोप है कि जालंधर में हुई एक अहम बैठक में कई विधायक अनुपस्थित रहे और जो पहुंचे वो कथित तौर पर प्रशासनिक दबाव में थे। बीजेपी ने बताया फिजूलखर्ची बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने बुधवार को 1 मई को होने वाले पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को फिजूलखर्ची और सरकारी खजाने पर बोझ बताया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार विधानसभा जैसी संवैधानिक संस्था का दुरुपयोग न केवल अपनी कमजोर होती पार्टी और अस्थिर विधायकों को संभालने के लिए कर रही है, बल्कि पंजाब में अपनी नाकामियों, अक्षमता, टूटे वादों, माफिया राज, गुंडागर्दी और जबरन वसूली के जाल से उपजे बढ़ते जन आक्रोश से ध्यान भटकाने के लिए भी कर रही है। चुघ ने कहा कि इस तरह का सत्र बुलाने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान को जनता को बताना होगा कि उनके तथाकथित ‘परिवर्तन’ ने चार वर्षों में क्या हासिल किया है। भ्रष्टाचार, अराजकता और आंतरिक कलह ने उनकी अपनी पार्टी को गहरे अविश्वास में धकेल दिया है। वड़िंग का दावा- 50 विधायक पार्टी छोड़ेंगे राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद लगातार कयास लगाए जा रहे हैं कि 30 से 35 विधायक राघव चड्‌ढा व संदीप पाठक के संपर्क में हैं। कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग भी AAP के 50 विधायकों के पार्टी छोड़ने का दावा कर चुके हैं। अकाली दल के नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया भी आप में टूट की बार-बार बात कर रहे हैं।

पठानकोट में ट्रैफिक एडवाइजरी लागू, खाली ट्रकों को रात 9 बजे तक प्रवेश की अनुमति नहीं

पठानकोट  गर्मी के मौसम में शाम के समय बाजारों में बढ़ती भीड़ और भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए पठानकोट पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि गर्मी के चलते लोग देर शाम को खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंच रहे हैं, जिससे ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में भारी वाहन जिनमें ट्रक, टिप्पर, ट्राला, ट्रैक्टर-ट्राली और कैंटरों के शहर से गुजरने से हादसे बढ़ सकते हैं। इस कारण बड़े वाहनों के लिए शहर में एंट्री का समय निर्धारित किया गया है। पुलिस ने खाली ट्रक, टिप्पर और ट्रैक्टर-ट्रॉली जो वाहन परमानंद और सुंदरचक साइड से कीड़ी मंगियाल व अन्य क्षेत्रों की ओर रेत, बजरी या अन्य खनिज सामग्री लेने जाते हैं, वे रात 9 बजे से पहले शहर की सीमा में प्रवेश नहीं करेंगे। लोड वाहन 10 बजे से शहर में नहीं होंगे एंटर जिला पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जो वाहन क्रशरों से खनिज सामग्री लेकर निकलते हैं, उन्हें रात 10 बजे से पहले शहर से निकलने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई वाहन नियमों के खिलाफ शहर में दिखा तो कार्रवाई की जाएगी। दुर्घटनाओं को रोकना पुलिस का मुख्य उद्देश्य पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना है। सभी वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना से बचा जा सके। नियम ना माने को होगी सख्त कानूनी कार्रवाई पठानकोट पुलिस ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वाले चालकों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा के दौरान सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर महंगा, इंडेन ने बढ़ाए दाम; ढाबों पर दाल-रोटी के दाम होंगे ऊंचे

लुधियाना  पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर का रेट बढ़ गया है। 19 किलो के सिलेंडर का रेट 1 हजार रुपए तक बढ़ाया गया है। अलग-अलग कंपनियों के रेट में 7 से लेकर 10 रुपए तक का अंतर है। इसी तरह इंडियन ऑयल की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि इंडेन का 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर पर 993 रुपए महंगा मिलेगा। बता दें कि, तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3071.50 का हो गया है, जो पहले 2078.50 में मिलता था। इसका सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग बिजनेस पर पड़ेगा। बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। चाय, नाश्ता, थाली और शादी-विवाह के खाने का खर्च बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। आज सुबह कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब एक हजार रुपये के उछाल की खबर आई ही थी कि अब 'छोटू' यानी 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर ने भी बजट बिगाड़ दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹261 प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी की गई है। महंगाई का यह दोहरा वार सीधे तौर पर उन लोगों की जेब पर पड़ा है, जो रोज कमाते और रोज खाते हैं। कीमतों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के बाद 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम अब आसमान छूने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जो सिलेंडर कल तक ₹549 में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹810 हो गई है। एक साथ ₹261 का इजाफा छोटे उपभोक्ताओं के लिए बहुत बड़ा झटका है। इससे पहले सुबह ही 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹993 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2,078.50 की बजाय अब ₹3,071.50 का मिलेगा। छात्रों और मजदूरों पर बढ़ेगा सबसे ज्यादा बोझ 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा वो लोग करते हैं जिनके पास स्थाई ठिकाना नहीं होता या जो अकेले रहते हैं। अपना गांव-घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले लोग इसी सिलेंडर पर निर्भर हैं। वहीं, पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले छात्रों के मासिक खर्च में अब बड़ी बढ़ोत्तरी होगी। डेली वेज वर्कर्स और छोटे दुकानदार: रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे ढाबा चलाने वालों के लिए अब चूल्हा जलाना महंगा हो जाएगा। ईरान संकट का दिख रहा है असर गैस की कीमतों में इस आग के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार बताई जा रही हैं। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी (LPG) का संकट गहरा गया है। भारत में इसका असर पहले से ही दिख रहा था, जिसकी वजह से दिल्ली, मुंबई और सूरत जैसे बड़े शहरों से प्रवासी मजदूरों का पलायन भी शुरू हो चुका है। अब कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी ने स्थिति को और भी दयनीय बना दिया है।

अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी का नया समय, आज से लागू: अब शाम 6:30 बजे तक

अमृतसर  अटारी-वाघा बॉर्डर पर रोज़ाना आयोजित होने वाली मशहूर रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। प्रशासन के नए फैसले के अनुसार, अब यह देशभक्ति से भरपूर समारोह शाम 6:00 बजे शुरू होगा और 6:30 बजे तक चलेगा। पहले यह कार्यक्रम शाम 5:30 बजे शुरू होकर 6:00 बजे समाप्त होता था। अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव मौसम और दिन के समय में हो रहे परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। साथ ही, इसका उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर अनुभव देना और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाना भी है। हर दिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग इस अनोखे आयोजन को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं। अब इस नए शेड्यूल पर होगा आयोजन नया समय आज यानी 1 मई से लागू कर दिया गया है, इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अब इस नए शेड्यूल के अनुसार अपनी योजना बनानी होगी। भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा किया जाने वाला यह बीटिंग रिट्रीट समारोह अनुशासन, जोश और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है। दर्शकों में गूंज उठता है ‘वंदे मातरम्’ का नारा हर शाम हजारों दर्शकों की मौजूदगी में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय से पहले पहुंचें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके और इस शानदार समारोह का पूरा आनंद लिया जा सके। मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है यह नया समय आज यानी 1 मई से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है। हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।