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पंजाब में बारिश से बदला मौसम, विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

चंडीगढ़. शहर में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। वीरवार सुबह से लगातार हुई बारिश के चलते ट्राईसिटी में ठंडक बढ़ गई और लोगों को मार्च के महीने में एक बार फिर हल्की सर्दी का अहसास हुआ। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण शहर के अधिकतम तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री और न्यूनतम 14.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। खास बात यह रही कि दिन और रात के तापमान में केवल 6 डिग्री का अंतर रहा, जो सामान्य से कम है। पिछले 24 घंटों में शहर में 4.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। लोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए चंडीगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि आज भी शहर में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद हल्की गिरावट के बाद फिर बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम में अचानक आए बदलाव के चलते सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को गर्म कपड़े पहनने और ठंडी चीजों से परहेज करने की सलाह दी गई है। अगले तीन दिन: धीरे-धीरे साफ होगा मौसम – शुक्रवार : बारिश और तेज हवाएं, तापमान 21 °डिग्री /14°डिग्री शनिवार : मौसम साफ रहने की संभावना, तापमान 23°डिग्री/13°डिग्री रविवार : आंशिक बादल, तापमान 25°डिग्री/14°डिग्री

फ्लाइट से पहले चेक करें अपडेट! रनवे रिपेयर के चलते पंजाब के चार एयरपोर्ट रहेंगे बंद

चंडीगढ़. हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अहम जानकारी सामने आई है। अगर आप आने वाले महीनों में हवाई यात्रा करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। देश के 4 बड़े एयरपोर्ट-  पंजाब के आदमपुर एयर बेस, जोधपुर, श्रीनगर और पुणे पर रनवे की मरम्मत के कारण उड़ानें कुछ समय के लिए प्रभावित रहेंगी। इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) ने इन एयरपोर्ट पर चरणबद्ध तरीके से रनवे रीकार्पेटिंग की योजना बनाई है। सबसे लंबे समय तक बंद रहेगा आदमपुर एयरपोर्ट पंजाब के यात्रियों के लिए चिंता की बात यह है कि जालंधर के पास आदमपुर एयर बेस पर उड़ानें साल के आखिर तक करीब 8 महीने तक बंद रहने की संभावना है। इन 4 एयरपोर्ट में यह सबसे लंबे समय तक बंद रहने वाला एयरपोर्ट होगा। अन्य एयरपोर्ट का शेड्यूल जोधपुर एयरपोर्ट में 29 मार्च से 27 अप्रैल तक फ्लाइट पूरी तरह बंद रहेंगी। वहीं इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस ने 28 मार्च के बाद की बुकिंग पहले ही बंद कर दी हैं। इसके साथ ही श्रीनगर एयरपोर्ट परअगस्त से अक्टूबर के बीच तक हर वीकेंड पर फ्लाइट्स प्रभावित रहेंगी। इसके बाद 16 अक्टूबर से 5 नवंबर तक एयरपोर्ट पूरी तरह बंद रहेगा। पुणे एयरपोर्ट पर भी रनवे रेनोवेशन का प्लान है, लेकिन तारीखों का ऑफिशियल अनाउंसमेंट होना बाकी है। क्यों लिया गया यह फैसला? ये एयरपोर्ट सिर्फ सिविल फ्लाइट्स के लिए ही इस्तेमाल नहीं होते, बल्कि मिलिट्री के नजरिए से भी बहुत जरूरी हैं। डिफेंस फ्लाइट्स और फाइटर जेट्स की सेफ्टी पक्का करने के लिए रनवे को हाई टेक्निकल स्टैंडर्ड्स के हिसाब से मेंटेन करना जरूरी है। सरकार ने फ्लाइट्स में कटौती और रीरूटिंग को देखते हुए पहले ही 'NOTAMs' जारी कर दिए हैं। यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी भी परेशानी से बचने के लिए एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट्स का स्टेटस चेक कर लें।

AAP का बरनाला में दबदबा कायम: ब्लॉक समिति की कमान नए नेतृत्व के हाथ

चंडीगढ़ बरनाला ब्लॉक समिति में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जीत के साथ जगदेव सिंह मान चेयरमैन और हरमेल सिंह उप चेयरमैन बने। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों और सांसद गुरमीत मीत हेयर के नेतृत्व में विकास को गति देने की तैयारी। बरनाला की राजनीति में नई हलचल पंजाब के बरनाला जिले की राजनीति में एक अहम बदलाव देखने को मिला है। भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों और गुरमीत सिंह मीत हेयर की अगुवाई में ब्लॉक समिति बरनाला के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए नेतृत्व अपने हाथ में लिया, जिससे स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समीकरणों में नई ऊर्जा आई है। जगदेव मान और हरमेल सिंह को बड़ी जिम्मेदारी ब्लॉक समिति के इस चुनाव में जगदेव सिंह मान को चेयरमैन और हरमेल सिंह को उप चेयरमैन चुना गया। दोनों नेताओं की नियुक्ति को क्षेत्र में विकास की नई उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे संगठन की मजबूती का संकेत बताया। सम्मान समारोह में दिखी एकजुटता चुनाव के बाद पंंचायत समिति कार्यालय में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां हलका इंचार्ज हरिंदर सिंह धालीवाल ने सभी निर्वाचित सदस्यों और पदाधिकारियों को सिरोपाओ देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर नगर सुधार ट्रस्ट बरनाला के चेयरमैन राम तीरथ मन्ना भी मौजूद रहे और उन्होंने सभी उम्मीदवारों, सरपंचों और पंचायत प्रतिनिधियों को जीत की बधाई दी। विकास को मिलेगी नई रफ्तार नए नेतृत्व ने भरोसा जताया कि वे बिना किसी भेदभाव के गांवों के विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के सहयोग से बरनाला जिले में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, ग्रामीण ढांचे को मजबूत करने और जनहित योजनाओं को तेजी से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संगठन और नेतृत्व पर जताया विश्वास इस मौके पर नेताओं ने पार्टी हाईकमान और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र में विकास की नई मिसाल कायम की जाएगी। स्थानीय स्तर पर यह बदलाव न केवल प्रशासनिक कार्यों को गति देगा, बल्कि लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का भी प्रयास करेगा।

राशन कार्ड वालों के लिए जरूरी अपडेट, सरकार का बड़ा ऐलान—अगले 3 महीने बदलेंगे नियम

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत देश के 82 करोड़ जरूरतमंद लोगों को मिलने वाले मुफ्त गेहूं और चावल की योजना में बड़ा फैसला लिया है। अब अप्रैल 2026 से जून 2026 (3 महीने) तक का राशन एक साथ देने के लिए पत्र जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि देश के 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आमतौर पर हर महीने राशन दिया जाता है, लेकिन पंजाब में पहले से ही 3 महीने का राशन एकमुश्त दिया जाता है। पंजाब के करीब 18 हजार डिपो होल्डर साल में 4 बार राशन वितरित करते हैं। केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार आगामी खरीद सीजन को ध्यान में रखते हुए तीन महीने का कोटा तुरंत उठाने और वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मुफ्त राशन प्रति सदस्य 5 किलो के हिसाब से दिया जाता है, जिसकी सप्लाई देशभर में करीब 6 लाख डिपो होल्डर बायोमेट्रिक मशीनों के जरिए करते हैं। लोगों में खुशी की लहर तीन महीने का मुफ्त कोटा जारी होने पर प्रतिक्रिया देते हुए ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय वाइस प्रेसिडेंट गुरजिंदर सिंह सिद्धू और पंजाब अध्यक्ष करमजीत सिंह अड़ेचा ने कहा कि इस फैसले से देश के 82 करोड़ लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे महंगाई पर भी नियंत्रण रहेगा और लोगों को गेहूं व चावल आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

अगले 24 घंटे भारी! पंजाब के इन शहरों में तेज बारिश-आंधी की चेतावनी

चंडीगढ़ पंजाब के कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम अचानक बिगड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि राज्य के अलग-अलग इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। जारी अलर्ट के अनुसार बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मलेरकोटला, मानसा, मोगा, पटियाला और संगरूर जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और खुले स्थानों से दूर रहें। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में लोग तुरंत हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं। पंजाब राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर: पंजाब सरकार की नई योजनाएं, आरक्षण से लेकर आर्थिक मदद तक

चंडीगढ़ पंजाब के गौरवशाली विकास के सफर में महिलाओं की अहम भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई हैं। CM मान ने गुरुवार को प्रशासन, अर्थव्यवस्था और समाज में महिलाओं के महत्व को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा है कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण शिक्षा, उचित प्रतिनिधित्व और आर्थिक अवसरों के माध्यम से ही संभव है। जमीनी स्तर पर अपने कौशल से सफल हुई महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के लिए आज मोहाली में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘आप’ सरकार की पहलों, नौकरियों में आरक्षण और वित्तीय सहायता सहित व्यापक आजीविका कार्यक्रमों की जानकारी दी और महिलाओं से निर्णय लेने वाले पदों तक पहुंचने और राज्य के भविष्य को संवारने की अपील की। महिला उद्यमियों को सम्मानित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बेहद जरूरी है कि लड़कियां आगे आएं और शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं। यह देश के लिए लाभदायक है क्योंकि घर और परिवार को बेहतर तरीके से संभालने वाली महिलाएं देश की व्यवस्था को भी बेहतर ढंग से चला सकती हैं। राज्य सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।” वहीं राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा, “लड़कियों को आगे आकर राजनीति में कदम रखना चाहिए ताकि वे निर्णय लेने में सक्रिय भागीदार बन सकें और समाज में जरूरी बदलाव ला सकें। आज लड़कियां लगभग हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं, लेकिन राजनीति में अभी भी पीछे हैं। इस क्षेत्र को लंबे समय से पुरुषों का गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि महिलाएं यहां भी अपनी पहचान बनाएं। समानता पर आधारित समाज और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। महिलाओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे और उनके परिवार अपने वोट का इस्तेमाल पूरी समझदारी और जिम्मेदारी से करें, ताकि विधानसभा और संसद के लिए योग्य नेताओं का चयन हो सके।” राज्य के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, “यह पंजाब को प्रगतिशील और समृद्ध राज्य बनाने में मदद करेगा। यह गर्व की बात है कि आज लड़कियां हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। ‘आप’ सरकार ने कई महिलाओं को डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी के पदों पर नियुक्त किया है, जो एक बड़ा बदलाव है। किसी भी सरकार की तुलना में ‘आप’ द्वारा इन पदों पर सबसे अधिक महिलाओं को नियुक्त किया गया है।” महिलाओं को प्रेरित करने के लिए वैश्विक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “चीन में हर महिला किसी न किसी उत्पादन कार्य में लगी हुई है। यदि वे निर्यात करना बंद कर दें, तो विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो जाएगी। पंजाबी महिलाओं को माता गुजरी जी, माई भागो और अन्य महान हस्तियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और विभिन्न क्षेत्रों में ऊंचाइयों को छूना चाहिए। हमारी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, ताकि पूरे राज्य में विशेष रूप से लड़कियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। शिक्षा कमजोर वर्गों के जीवन में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन पिछली सरकारों द्वारा इसे पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी या सामाजिक बुराइयों को समाप्त नहीं कर सकती। शिक्षा ही इस चक्र को तोड़ने और जीवन स्तर को बेहतर बनाने का एकमात्र तरीका है, और इसी कारण हमारी सरकार इसे मजबूत करने के लिए लगातार मेहनत कर रही है। महिलाओं को कड़ी मेहनत करनी चाहिए और हर क्षेत्र में समर्पण के साथ उत्कृष्टता हासिल करनी चाहिए। सरकार की ओर से पूरी सहायता दी जा रही है, लेकिन समय के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए नए कौशल सीखना और खुद को लगातार अपडेट करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा, “आज पंजाब की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अपनी पहचान बनाई है। महिला उद्यमियों को हमेशा अवसर मिलने चाहिए और हम उन्हें सम्मानित करके गर्व महसूस कर रहे हैं। किसी भी समाज का विकास महिलाओं के योगदान के बिना अधूरा है।” सांस्कृतिक और दार्शनिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख सिद्धांतों में महिलाओं को हमेशा सम्मानजनक स्थान दिया गया है। आज पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (पीएसआरएलएम) के तहत 23 जिलों की 100 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली महिला उद्यमियों को सम्मानित किया जा रहा है। प्रत्येक को 25,000 रुपये, एक प्रमाणपत्र और एक स्मृति चिन्ह दिया जाएगा। इससे पहले 117 विधानसभा क्षेत्रों में 11,700 महिलाओं को सम्मानित किया गया था। उन्होंने कहा, “जिला स्तर पर 23 जिलों में 2,300 महिलाओं को सम्मानित किया गया। कुल 58,303 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनसे लगभग 5.89 लाख ग्रामीण परिवार जुड़े हैं और इन्हें मजबूत करने के लिए 147 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है।” हर महीने मिलेंगे 1000 रुपए उद्यमिता के क्षेत्र में पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहल स्टार्टअप प्रोजेक्ट के तहत 2,000 से अधिक स्टार्टअप शुरू किए गए हैं, जिससे 7,560 लोगों को रोजगार मिला है और यह आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम है। इसके अलावा 19 जिलों में सखी शक्ति मेले आयोजित किए गए हैं, जिनसे महिलाओं को एक करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई है।

मौसम का यू-टर्न: पंजाब में तेज हवा और ओलावृष्टि की संभावना, सतर्क रहने की सलाह

लुधियाना. लुधियाना. पंजाब के कुछ हिस्सों में वीरवार और शुक्रवार मौसम का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें ओलावृष्टि के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। इससे पहले वीरवार भी विभिन्न जिलों में बादल छाए रहे। कहीं-कहीं वर्षा भी हुई। पिछले चौबीस घंटे में जिला पठानकोट में 4.5 एमएम वर्षा, अमृतसर में 0.5 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। जिला पटियाला में दिन का तापमान सबसे अधि 27.7 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना का तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर का तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग ने पंजाब के लिए दो दिनों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत तकरीबन सभी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और साथ में बारिश व ओलावृष्टि होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक इससे आने वाले दिनों में पंजाब में दिन के तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सबसे अधिक 27.7 डिग्री का पारा पटियाला का दर्ज किया गया। हालांकि पंजाब के न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य के नजदीक दर्ज किया गया। सबसे कम 12.5 डिग्री का पारा फरीदकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री, लुधियाना का 26.2 डिग्री, पठानकोट का 22.7 डिग्री, बठिंडा का 25.5 डिग्री, फिरोजपुर का 23.0 डिग्री, होशियारपुर का 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 14.8 डिग्री, लुधियाना का 15.6 डिग्री, पटियाला का 14.7 डिग्री, पठानकोट का 14.0 डिग्री और बठिंडा का 15.3 डिग्री दर्ज किया गया। गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने चंडीगढ़ के लिए अगले 48 घंटों का येलो अलर्ट जारी किया है। शहर में 19 और 20 मार्च को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। बारिश और बादलों के असर से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है जबकि रात का पारा 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। हालांकि, 21 से 23 मार्च के बीच मौसम में कुछ सुधार देखने को मिलेगा। इस दौरान आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और तापमान धीरे-धीरे बढ़कर 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार हाल ही में शहर का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से थोड़ा कम रहा। वहीं कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिली। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।

बुलेट के शोर पर कार्रवाई: पंजाब में पटाखा साइलेंसर वालों पर शिकंजा, 50 चालान जारी

मोगा. पंजाब के मोगा में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों, खासकर बुलेट मोटरसाइकिल के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान चलाया है। वीरवार को सुबह विभिन्न इलाकों में नाकाबंदी कर दोपहिया वाहन चालकों की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान काटे गए। ट्रैफिक पुलिस प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुखमंदर सिंह की अगुआई में चलाए गए इस अभियान के दौरान वाहन चालकों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। इस दौरान जिन चालकों के पास पूरे कागजात नहीं थे या जो अन्य नियमों की अनदेखी कर रहे थे, उनके खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई। ट्रैफिक प्रभारी ने बताया कि जिला पुलिस प्रभारी अजय गांधी और उप पुलिस आयुक्त ट्रैफिक गुरप्रीत सिंह के निर्देशों के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन जहां एक ओर असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने में जुटा है, वहीं ट्रैफिक पुलिस भी सड़कों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय है। कल से जारी अभियान में 50 चालान काटे उन्होंने बताया कि बुधवार को पूरे दिन चले अभियान के दौरान करीब 30 वाहन चालकों के चालान किए गए थे। इसके बाद वीरवार को सुबह से ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में नाकाबंदी कर जांच की गई, जिसमें 20 और वाहन चालकों के चालान काटे गए। इस तरह दो दिनों में कुल 50 चालान किए गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पटाखे की आवाज सुनी तो कटेगा चालान अभियान के दौरान विशेष रूप से उन बुलेट मोटरसाइकिलों पर कार्रवाई की गई, जिनके साइलेंसर से तेज पटाखे जैसी आवाज निकल रही थी। इसके अलावा बिना नंबर प्लेट, अधूरे दस्तावेज और अन्य खामियों वाले वाहनों को भी नहीं बख्शा गया। ट्रैफिक प्रभारी सुखमंदर सिंह ने वाहन चालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सभी लोग अपने वाहनों के जरूरी दस्तावेज पूरे रखें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी बुलेट मोटरसाइकिल के साइलेंसर से पटाखे की आवाज पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएम भगवंत मान ने किया खुलासा, पंजाब में नहर सिंचाई 78 प्रतिशत तक पहुंची

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने चार साल में मौसमी नदियों से 10,000 क्यूसेक पानी निकालकर और खराब हो रहे नहर नेटवर्क को फिर से चालू करके खेतों तक भाखड़ा नहर के बराबर पानी की सप्लाई सुनिश्चित की है। सीएम भगवंत मान ने कहा कि नहर सिंचाई का दायरा 2022 में 26.50 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है। इसके तहत 22 किलोमीटर लंबी सरहाली नहर जैसी लंबे समय से बंद पड़ी नहरों को फिर से चालू किया गया है। फिरोजपुर-सिरहिंद फीडर के जरिए 24 घंटे पानी की सप्लाई सुनिश्चित की गई है, और आजादी के बाद पहली बार 1,446 गांवों तक नहर का पानी पहुंचा है। मुख्यमंत्री मान ने यहां मीडिया के समक्ष पिछले चार वर्षों में सिंचाई क्षेत्र में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। सीएम ने कहा, "अप्रैल 2022 से अब तक नहरों की लाइनिंग, मरम्मत, आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर 6,700 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जो पंजाब के इतिहास में अब तक का सबसे ज्‍यादा खर्च है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब में नहर सिंचाई की कुल क्षमता लगभग 75.90 लाख एकड़ है, लेकिन मार्च 2022 तक, केवल 20.89 लाख एकड़ जमीन तक ही नहर का पानी पहुंच रहा था, जो कुल क्षमता का महज 26.5 प्रतिशत था। सीएम मान ने कहा, "आज हमने इस दायरे को बढ़ाकर लगभग 58 लाख एकड़ तक पहुंचा दिया है, जिससे नहर के पानी का इस्तेमाल लगभग 78 प्रतिशत तक हो गया है। यह पहले के आंकड़े का लगभग तीन गुना है।" उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने राज्य में उपलब्ध नहर के पानी का ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्तेमाल सुनिश्चित किया है। उन्होंने जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, "हमने लगभग 13,000 किलोमीटर नहरों के निर्माण और जीर्णोद्धार पर लगभग 2,000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जिसके कारण नहरों का पानी अब 58 लाख एकड़ भूमि तक पहुंच रहा है। इसके साथ ही, लगभग 7,000 जलमार्गों का जीर्णोद्धार किया गया है।" उन्होंने आगे कहा, "कुल 15,539 नहरों की सफाई की गई है और 18,349 जलमार्गों को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि अब कृषि के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों को भी नहर का पानी मिल रहा है।" मुख्यमंत्री मान ने एक महत्वपूर्ण ढांचागत सुधार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार 545 किलोमीटर में फैली 101 परित्यक्त नहरों को पुनर्जीवित किया गया है। इनमें से कई नहरें 30 से 40 वर्षों से बंद थीं और यहां तक कि मिट्टी से भर गई थीं। उन्होंने कहा, "हमने एक इंच भी जमीन अधिग्रहित किए बिना ही इन्हें बहाल कर दिया।" उन्होंने बताया कि केवल वर्षा जल निकासी चैनलों के पुनरुद्धार से ही अतिरिक्त 27 लाख एकड़ भूमि सिंचाई के अंतर्गत आ गई है। उन्होंने आगे कहा, "पुरानी नहर प्रणालियों को पुनर्स्थापित करके हमने यह सुनिश्चित किया कि अब खेतों तक अतिरिक्त 10,000 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है। वास्तव में, हमने बिना किसी भूमि अधिग्रहण के एक नई भाखरा नहर का निर्माण किया है।"

फूड सेफ्टी पर सख्ती: अमृतसर में दुकानों की जांच, गंदगी मिलने पर कार्रवाई

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर के नावल्टी चौक और लारेंस रोड क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों ने कई खाने-पीने की दुकानों पर अचानक जांच की और विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। जांच के दौरान एक चिकन दुकान पर भी टीम पहुंची, जहां कुछ खामियां सामने आईं। दुकान संचालक कुलविंदर सिंह ने माना कि दुकान में साफ-सफाई को लेकर कुछ लापरवाही रही है। उन्होंने बताया कि कई बार रात के समय काम करने वाले कर्मचारी सामान बाहर छोड़ देते हैं, जिससे सुबह गंदगी नजर आती है। दुकानदार ने चेतावनी मिलने पर दिया भरोसा उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इन कमियों को दूर किया जाएगा और केवल मानक के अनुसार सामग्री का ही उपयोग किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राहकों को बेहतर और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतनाम सिंह ने बताया कि विभाग को इस क्षेत्र की कुछ दुकानों के बारे में शिकायतें मिली थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि नमूनों को जांच के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सफाई को लेकर सख्त चेतावनी जारी अधिकारी ने यह भी बताया कि जांच के दौरान कई स्थानों पर साफ-सफाई के मानकों का उल्लंघन पाया गया। संबंधित दुकानदारों को सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए गए कि वे स्वच्छता बनाए रखें और खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से तैयार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में नियमों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विभाग ने यह भी कहा कि इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा सके।