samacharsecretary.com

पंजाब में चुनावी माहौल, नगर निगम व काउंसिल चुनाव महीने के अंत तक हो सकते हैं

चंडीगढ़  पंजाब में नगर निगम और नगर काउंसिल चुनाव को लेकर आज आधिकारिक घोषणा की जाएगी। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जो दोपहर 3:30 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव कार्यक्रम, नामांकन प्रक्रिया और मतदान की संभावित तारीखों की जानकारी साझा की जाएगी। राज्य में लंबे समय से स्थानीय निकाय चुनावों का इंतजार किया जा रहा था और अब प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों ने भी चुनावी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पंजाब में इस बार नौ नगर निगमों और 102 नगर काउंसिलों में चुनाव कराए जाने हैं। राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से वार्डबंदी समेत जरूरी प्रक्रियाएं पहले ही पूरी की जा चुकी हैं। जिन शहरों में चुनाव होने हैं वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और मोहाली जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में राजनीतिक दल लगातार बैठकें कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर संभावित उम्मीदवारों ने भी जनता के बीच सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टियों ने शुरू की चुनावी तैयारी नगर निकाय चुनाव को देखते हुए सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने-अपने ऑब्जर्वर तैनात कर दिए हैं। कई इलाकों में संभावित उम्मीदवारों ने पोस्टर और बैनर लगाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन पर मंथन कर रहे हैं। राजनीतिक दलों का फोकस खासतौर पर शहरी वोट बैंक पर बना हुआ है क्योंकि इन चुनावों का असर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर भी पड़ सकता है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अलग-अलग जिलों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है और संवेदनशील इलाकों की पहचान की जा रही है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। चंडीगढ़ और मोहाली सहित कई शहरों में चुनावी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें भी बनाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के अनुसार सभी तैयारियां पूरी की जाएंगी। स्थानीय निकाय मंत्री की गिरफ्तारी के बीच चुनाव यह चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री को हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद विभाग का अतिरिक्त प्रभार अब तक किसी अन्य मंत्री या अधिकारी को नहीं सौंपा गया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि सरकार आगे इस विभाग की जिम्मेदारी किसे देगी। विपक्षी दल इस मुद्दे को चुनाव प्रचार में उठाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि सरकार प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न होने का दावा कर रही है। 2027 विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे चुनाव राजनीतिक जानकार इन नगर निकाय चुनावों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत मान रहे हैं। चूंकि चुनाव शहरी क्षेत्रों में हो रहे हैं, इसलिए इन्हें सरकार के प्रदर्शन की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पिछले दो महीनों में उन अधिकांश शहरों का दौरा कर चुके हैं जहां चुनाव प्रस्तावित हैं। आम आदमी पार्टी इन चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है, जबकि विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का अवसर मान रहा है। पिछले चुनावों में सत्ताधारी दल को फायदा मिलता रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।

शहीद नायक विजय कुमार को नम आंखों से विदाई, अंतिम दर्शन में उमड़ी भीड़

मानसा. मानसा जिले के सरदूलगढ़ क्षेत्र के गांव खैरा खुर्द में रविवार को नायक विजय कुमार का पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। गांव के श्मशान घाट में हजारों लोगों की नम आंखों के बीच नायक को अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरा माहौल भावुक हो गया। गांव के लोगों ने फूलों की वर्षा कर अपने वीर बेटे को श्रद्धांजलि दी और “नायक विजय कुमार अमर रहे” के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। सेना की ओर से पहुंचे अधिकारियों ने पार्थिव शरीर को सलामी दी। इस दौरान सेना अधिकारियों ने नायक वियज कुमार के पिता हिम्मत सिंह को सम्मानपूर्वक तिरंगा सौंपा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार के दौरान शहीद की पत्नी ने भी अपने पति को सेल्यूट किया, जिसने पूरे माहौल को और भावुक बना दिया।  इलाज के दौरान तोड़ा दम जानकारी के अनुसार गांव खैरा खुर्द निवासी हिम्मत सिंह के बेटे नायक विजय कुमार वर्ष 2014 में 66 इंजीनियर रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने बीईजी सेंटर रुड़की में प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में उनकी तैनाती राजस्थान के जोधपुर में थी। यूनिट के नायब सूबेदार मेजर प्रेम प्रकाश ने बताया कि नायक विजय कुमार आर्मी की खेल टीम से जुड़े हुए थे और उन्हें कबड्डी खेलने का काफी शौक था। करीब चार महीने पहले उन्हें पेट संबंधी बीमारी की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उन्हें एचआरआर आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार का इकलौता बेटा थे नायक विजय नायक विजय कुमार अपने परिवार का सबसे बड़ा सहारा थे। मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले हिम्मत सिंह के तीन बेटों में विजय कुमार सबसे जिम्मेदार सदस्य माने जाते थे। उनके दोनों छोटे भाई अभी अविवाहित हैं, इसलिए परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। शहीद अपने पीछे पत्नी और तीन छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। प्रशासन से डीएसपी मंजीत सिंह और थाना सरदूलगढ़ प्रभारी पुष्पिंदर कौर मौजूद रहे। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व विधायक अजीतइंद्र सिंह मोफर, प्रेम गर्ग, पंकज गर्ग, पार्षद विरसा सिंह और गांव के सरपंच राजेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बेटियों के लिए सरकार से मदद की मांग गांव के सरपंच राजेश कुमार और अन्य ग्रामीणों ने पंजाब तथा केंद्र सरकार से शहीद परिवार के लिए विशेष वित्तीय सहायता पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटे से गांव से निकलकर नायक विजय कुमार ने देश सेवा कर पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार को शहीद परिवार की आर्थिक सहायता और बेटियों के भविष्य की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।

समर सीजन में रेलवे का तोहफा, चंडीगढ़ से वाराणसी के लिए शुरू होगी स्पेशल ट्रेन

चंडीगढ़. गर्मी के मौसम के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए अंबाला मंडल ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से एक और स्पैशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस प्रकार समर स्पैशल ट्रेन के रूप में चंडीगढ़ को यह तीसरी ट्रेन मिली है। अंबाला मंडल के सीनियर डी. सी. एम. यशनजीत सिंह ने बताया कि ट्रेन संख्या 04227-28 चंडीगढ़ से वाराणसी के लिए सप्ताह में दो दिन चलेगी और यह 18 फेरे लगाएगी, यह ट्रेन 14 मई से 13 जुलाई तक चलाई जाएगी। जिसमें 19 कोच सहित, ए.सी., स्लिपर व जनरल कोच शामिल है। ट्रेन संख्या 04227 वाराणसी से दोपहर 11.05 बजे हर वीरवार व रविवार को चलेगी, यह ट्रेन चंडीगढ़ अगले दिन सुबह 4.20 बजे चंडीगढ़ पंहुच जाएगी। जबकि चंडीगढ़ से वाराणासी के लिए गाड़ी संख्या 04228 हर शुक्रवार व सोमवार को सुबह 6 बजे चलेगी और रात को 12.55 बजे वाराणसी पहुंच जाएगी। यह ट्रेन वाराणसी, रायबरेली, लखनऊ, आलमनगर, शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन, बरेली, मुरादाबाद, रूड़की, अंबाला होते हुए चंडीगढ़ आएगी।

IPL मुकाबले से पहले Preity Zinta ने टेका माथा, Golden Temple में मांगी PBKS की जीत की दुआ

अमृतसर. बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा आज श्री हरमंदिर साहिब  में माथा टेकने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने गुरु घर में नतमस्तक होकर सरबत के भले की अरदास की और वाहेगुरु का शुक्राना अदा किया। प्रीटी जिंटा को देखने के लिए श्रद्धालुओं में भी काफी उत्साह देखने को मिला। माथा टेकने के बाद प्रीटी जिंटा ने लंगर हॉल में सेवा भी निभाई। उन्होंने संगत को लंगर वितरित किया और सेवा भाव से गुरु घर के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।  मीडिया से बातचीत करते हुए प्रीटी जिंटा ने कहा, “बस बाबा जी का बुलावा आया था, हम आ गए।” उन्होंने बताया कि 11 तारीख को टीम का अहम मैच है और वह पंजाब की जीत के लिए अरदास करने पहुंची हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि वाहेगुरु की कृपा से टीम शानदार प्रदर्शन करेगी और सभी मैच जीतने की कोशिश करेगी। इस मौके पर उन्होंने पंजाब टीम के कप्तान Shreyas Iyer की भी तारीफ की। प्रीटी जिंटा ने कहा कि पंजाब के लोग उन्हें प्यार से “सरपंच” कहकर बुलाते हैं, जो टीम के लिए गर्व की बात है। उन्होंने पंजाब के युवाओं और फैंस द्वारा मिल रहे प्यार और समर्थन के लिए सभी का धन्यवाद किया।

संजीव अरोड़ा केस में नया मोड़, पत्नी और बेटी ED दफ्तर पहुंचीं

चंडीगढ़. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है। वहीं गुरुग्राम कोर्ट ने उन्हें 7 दिनों की प्रवर्तन निदेशालय (ED) रिमांड पर भेज दिया है। इसी बीच खबर सामने आई है कि आज यानि रविवार को पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के परिजन दिल्ली में ED मुख्यालय पहुंचे। संजीव अरोड़ा की पत्नी और बेटी उनसे मुलाकात करने के लिए यहां पहुंची है। आपको बता दें कि ई.डी. ने शनिवार को संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ के सैक्टर-2 स्थित सरकारी निवास के साथ-साथ दिल्ली, गुरुग्राम सहित उनसे जुड़े कई ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। ई.डी. की यह कार्रवाई कथित तथाकथित मनी लॉन्ड्रिंग, फर्जी जी.एस.टी., लेन-देन से जुड़े मामले, बिलिंग, विदेशों से धन के लेन-देन और रियल एस्टेट कारोबार में अनियमितताओं को लेकर की गई। ई.डी. की टीमों ने 15 गाड़ियों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सुबह 5 बजे मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकार नियम में दबीश दी। करीब 12 घंटे की गहन पूछताछ के बाद ई.डी. अधिकारियों की टीम ने कई दस्तावेजों को कब्जे में लेने के बाद विभिन्न बैंक खातों को सीज किया और कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली के लिए रवाना हो गई।

ED एक्शन पर गरमाई सियासत, AAP नेताओं ने भाजपा महासचिव के निवास के बाहर किया विरोध

अमृतसर. पंजाब के अमृतसर में केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के विरोध में रविवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग के निवास स्थान के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, विधायक जसबीर सिंह, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रभबीर सिंह बराड़, विधायक डाॅ. इंदर बीर सिंह निज्जर, विधायक डाॅ. अजय गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों की आवाज दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि बीते दिनों पंजाब मंत्रिमंडल के मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी लगातार जनहित के मुद्दे उठा रही है और इसी कारण पार्टी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। लोकतंत्र के लिए बताया खतरा मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि आम आदमी पार्टी डरने वाली नहीं है और पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता की आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार यह सोचती है कि गिरफ्तारियों और दबाव की राजनीति से विपक्ष को चुप कराया जा सकता है तो यह उसकी गलतफहमी है। विधायक डाॅ. इंदर बीर सिंह निज्जर ने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा। वहीं विधायक डाॅ. अजय गुप्ता ने कहा कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को निशाना बनाना लोकतंत्र के लिए ठीक संकेत नहीं है। चुग के घर के बाहर बनाया सुरक्षा घेरा प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी बड़ी संख्या में तैनात रहा। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए इलाके में निगरानी बढ़ाई हुई थी। प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी वापस लेने की मांग की। आम आदमी पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इसी तरह विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई जारी रही तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

दिलजीत दोसांझ: राजनीति नहीं, लेकिन सुर्खियों में हमेशा

चंडीगढ़ पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) ने हाल के समय में कई संवेदनशील सिख मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। चाहे अलगाववादी राजनीति से दूरी बनाने की बात हो या विदेशों में बसे पंजाबी सिख प्रवासियों की संघर्षपूर्ण सफलता को पहचान देने की, दिलजीत ने अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि, अब तक उन्होंने राजनीति में आने का कोई संकेत नहीं दिया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में दोसांझ ने लिखा कि वह कभी भी राजनीति में नहीं आएंगे। दिलजीत दोसांझ ने लिखा, राजनीति में कभी नहीं… मेरा काम एंटरटेनमेंट करना है। मैं अपने क्षेत्र में बहुत खुश हूं। इसके बावजूद पंजाब में एक वर्ग ऐसा है जो उन्हें मौजूदा समय में राज्य के लिए संभावित राजनीतिक विकल्प के रूप में देख रहा है। आर्थिक चुनौतियों और नशे की समस्या से जूझ रहे पंजाब में कुछ सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि दिलजीत जैसे चेहरे की राजनीति में जरूरत है। ‘जागो पंजाब मंच’ नामक एक समूह, जिसमें पूर्व सैन्य अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं, ने सार्वजनिक रूप से दिलजीत दोसांझ से राजनीति में आने की अपील की है। सेवानिवृत्त नौकरशाह एस.एस. बोपाराय के नेतृत्व वाले इस समूह का मानना है कि दिलजीत मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व से अलग हैं, क्योंकि उन्होंने कभी सत्ता की इच्छा जाहिर नहीं की। दिलजीत आज सिर्फ एक वैश्विक कलाकार नहीं, बल्कि पंजाबी अस्मिता के प्रतीक बन चुके हैं। उनकी पहचान किसी राजनीतिक विचारधारा से नहीं, बल्कि “पंजाबी पहचान” से जुड़ी मानी जाती है। वह अपने देसी अंदाज को खुलकर अपनाते और प्रदर्शित करते हैं। हाल ही में मेट गाला में महाराजा शैली के हार और पंजाबी लिपि से सजी पोशाक पहनकर पहुंचे दिलजीत ने वैश्विक मंच पर पंजाबी संस्कृति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। वहीं सोशल मीडिया पर भी वह खुद को एक साधारण ‘देसी बॉय’ के रूप में पेश करते हैं, जो उनके प्रशंसकों को उनसे जोड़ता है। साल 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान दिलजीत ने खुलकर किसानों का समर्थन किया था। हालांकि, उस समय भी उन्होंने साफ किया था कि वह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं हैं। पिछले वर्ष उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) से मुलाकात की थी, जिसे राजनीतिक रूप से संतुलित रुख के तौर पर देखा गया। हाल के दिनों में कनाडा में अपने कार्यक्रम के दौरान खालिस्तानी झंडे लहराए जाने पर आपत्ति जताकर दिलजीत ने खुद को अलगाववादी राजनीति से भी अलग दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कनाडा में पंजाबी प्रवासियों की यात्रा कोमागाटा मारू घटना से लेकर आज वहां प्रभावशाली समुदाय बनने तक को गर्व के साथ प्रस्तुत किया। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दिलजीत दोसांझ कभी राजनीति में कदम रखेंगे? और अगर ऐसा होता है, तो क्या पंजाब की जनता उन्हें एक राजनीतिक नेता के रूप में स्वीकार करेगी? इसका जवाब आने वाला समय ही देगा।

वार्डबंदी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: अकाली दल की चुनौती नहीं हुई स्वीकार

बठिंडा. बठिंडा नगर निगम चुनावों को लेकर शिरोमणि अकाली दल द्वारा दायर की गई याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस याचिका में नगर निगम की वार्डबंदी, वार्डों की सीमाओं और मतदाताओं की संख्या को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। यह याचिका शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज इकबाल सिंह बबली ढिल्लों की ओर से दाखिल की गई थी। अकाली दल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि बठिंडा नगर निगम की वार्डबंदी प्रक्रिया के दौरान कई तरह की अनियमितताएं की गई हैं। पार्टी का कहना था कि कुछ वार्डों में मतदाताओं की संख्या असमान रूप से तय की गई है, जबकि कई इलाकों की सीमाएं भी गलत तरीके से निर्धारित की गई हैं। अकाली दल ने दलील दी थी कि यह सब सत्ताधारी पक्ष को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। याचिका में पारदर्शिता पर उठे थे सवाल याचिका में यह भी कहा गया था कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वार्डबंदी और मतदाता सूचियों की दोबारा समीक्षा की जानी चाहिए। पार्टी नेताओं का मानना था कि यदि इस प्रकार की गड़बड़ियों को नहीं रोका गया तो नगर निगम चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होंगे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद बठिंडा नगर निगम चुनावों को लेकर चल रही कानूनी अनिश्चितता काफी हद तक समाप्त हो गई है। इस फैसले के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। सत्ताधारी पक्ष ने फैसले का किया स्वागत सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने कहा कि पार्टी ने जनता की आवाज और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से यह मामला अदालत के समक्ष रखा था। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि वार्डबंदी को लेकर लोगों में अब भी नाराजगी है और पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर उठाती रहेगी। वहीं दूसरी ओर सत्ताधारी दल के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विपक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से विवादित बनाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों और निर्धारित प्रावधानों के तहत पूरी की गई है।

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा हुए गिरफ्तार, ED ने लिया सख्त एक्शन

चंडीगढ़  पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को शनिवार को बड़ा झटका लगा है। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। 100 करोड़ से ज्यादा के कथित फर्जी जीएसटी खरीद बिल और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शनिवार को करीब 7 घंटे लंबी चली रेड के बाद ईडी ने संजीव अरोड़ा की यह गिरफ्तारी की है। चंडीगढ़ में उनके सरकारी आवास से उम्हें गिरफ्तार किया गया है। उनके बेटे की भी गिरफ्तारी की सूचना है। अरोड़ा के चंडीगढ़ समेत कई ठिकानों पर ईडी ने आज सुबह रेड की थी। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी की कार्रवाई पांच परिसरों में की गई, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरोड़ा का चंडीगढ़ स्थित आधिकारिक आवास भी शामिल है। छापेमारी दिल्ली और हरियाणा के गुरुग्राम स्थित परिसरों में भी की गई। इनमें 'हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड' नामक कंपनी का परिसर भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किए जाने के बाद ये छापेमारी की गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में यह तीसरी बार है जब ईडी संजीव अरोड़ा के घर पहुंची है, लेकिन एजेंसी को अब तक कुछ नहीं मिला. उन्‍होंने कहा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे दबाया नहीं जा सकता. भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए कर रही है.  आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने ईडी को भाजपा का ‘सुपारी किलर’ बताते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि कुछ दिनों तक कार्रवाई और खबरों का दौर चलेगा, लेकिन बाद में एजेंसी खाली हाथ लौट जाएगी.  पंजाब सरकार में मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले भाजपा इस तरह की कार्रवाई कर विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश करती है. चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार के नेताओं को डराने और कामकाज प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. ईडी ने अप्रैल में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के दीवानी प्रावधानों के तहत अरोड़ा और उनसे जुड़ी इकाइयों के परिसरों पर छापे मारे थे। अरोड़ा (62) लुधियाना पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं। भगवंत मान ने साधा केंद्र पर निशाना वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शनिवार को छापेमारी किए जाने के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत केंद्र सरकार पर अपने राजनीतिक मकसद पूरे करने के लिए ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों को 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री मान ने संगरूर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां भाजपा के पास मौजूद वे चार-पांच हथियार हैं, जिनका राजनीतिकरण कर दिया गया है। मान ने कहा, ''वे लंबे समय से अपनी राजनीति के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। चाहे महाराष्ट्र हो या ओडिशा, बिहार हो या कर्नाटक अथवा पश्चिम बंगाल। अब पंजाब उनके निशाने पर है।''

650वीं जयंती पर श्रद्धा का महासंगम: धार्मिक समागम और नगर कीर्तन की तैयारियां तेज

अमृतसर. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से भक्त रविदास जी की 650वीं जयंती को बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में मुख्य कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने की। बैठक में आगामी धार्मिक समागमों, नगर कीर्तन, सेमिनार और अन्य कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। एडवोकेट धामी ने बताया कि 20 फरवरी 2027 को आने वाली भक्त रविदास जी की 650वीं जयंती को ऐतिहासिक तरीके से मनाया जाएगा। इसके तहत भक्त रविदास जी के जीवन, उनके दर्शन, सामाजिक संदेश और गुरबाणी से संबंधित छह बड़े सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर आठ कीर्तन दरबार भी सजाए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि भक्त रविदास जी के जन्म स्थान गोवर्धनपुर से एक विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। यह नगर कीर्तन अलग-अलग राज्यों से होता हुआ पंजाब पहुंचेगा। नगर कीर्तन के दौरान भक्त रविदास जी के उपदेशों और समाज सुधार के संदेश को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। भक्त रविदास जी से संबंधित पुस्तकें होंगी प्रकाशित एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि भक्त रविदास जी के जीवन और इतिहास से संबंधित पुस्तकें भी विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित की जाएंगी, ताकि देश और विदेश में रहने वाले लोग उनके विचारों और शिक्षाओं से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि कार्यक्रमों के सफल आयोजन और संत-महापुरुषों के साथ बेहतर तालमेल के लिए एसजीपीसी सदस्यों की अलग-अलग उप समितियां बनाई हैं। ये समितियां विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों से संपर्क करेंगी। इस संबंध में 25 मई को एक और बैठक कर सुझाव लिए जाएंगे। बैठक के दौरान परीक्षाओं में सिख विद्यार्थियों के कक्कार उतरवाने के मामले पर भी चर्चा हुई। एडवोकेट धामी ने कहा कि एसजीपीसी के विरोध के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिख भावनाओं से जुड़ा हुआ है और एजेंसी को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। बेअदबी कानून को लेकर पूछे गए सवाल पर धामी ने कहा कि एसजीपीसी हमेशा दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने के पक्ष में रही है, लेकिन नए कानून में शामिल कुछ प्रावधानों को लेकर संगतों में आशंकाएं हैं। उन्होंने कहा कि धर्म लोगों को प्रेम, भाईचारे और निर्मलता का संदेश देता है। सरकार को सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए लोगों की चिंताओं को दूर करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अकाल तख्त साहिब जो भी आदेश देगा, एसजीपीसी उसका पूरी तरह पालन करेगी।