samacharsecretary.com

चुनावी रण से पहले कांग्रेस में हलचल, पंजाब इकाई में बड़े बदलाव की चर्चा तेज

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में अभी समय है, लेकिन कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी नेतृत्व को चिंता है कि गुटबाजी, कई पावर सेंटर और अंदरूनी खींचतान का फायदा विरोधी दल उठा सकते हैं. यही वजह है कि कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब पर फोकस बढ़ा दिया है।  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के साथ पंजाब के वरिष्ठ नेताओं की बैठक की है. इस बैठक का मकसद संगठन की स्थिति, चुनावी तैयारियों और नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं का आकलन करना है।  इसके बाद पार्टी ने अजय माकन समेत तीन सदस्यों की एक ऑब्जर्वर कमेटी गठित कर दी है. इस कमेटी को पंजाब की स्थिति का मूल्यांकन करने और भविष्य की रणनीति पर सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है. कमेटी की रिपोर्ट से पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष का नाम तय होगा।  हाईकमान ने हलचल बढ़ाई पंजाब को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की गंभीरता लगातार बढ़ती बैठकों से साफ दिखाई दे रही है. पिछले दो सप्ताह में ही पार्टी ने पंजाब मामलों पर चार महत्वपूर्ण बैठकें की हैं. इससे ये संकेत मिलता है कि हाईकमान चुनाव से काफी पहले संगठनात्मक कमियों को दूर करना चाहता है।  ऑब्जर्वर कमेटी ने करीब 70 नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है. इनमें सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं. चर्चाओं का केंद्र संगठनात्मक पुनर्गठन, लंबित चुनावी समितियां और नेतृत्व में संभावित बदलाव है।  सूत्रों के मुताबिक, ऑब्जर्वर कमेटी ने नेताओं से मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष पर भी राय मांगी है. उनसे पूछा गया कि क्या वर्तमान नेतृत्व को जारी रखा जाना चाहिए या बदलाव की जरूरत है. कमेटी अगले दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है. इसके बाद संगठनात्मक बदलाव हो सकते हैं।  PCC में बदलाव की बहस तेज स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों ने पंजाब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की बहस को तेज कर दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग को अपने राजनीतिक गढ़ गिद्दड़बाहा में बड़ा झटका लगा. यहां आम आदमी पार्टी ने 19 में से 17 नगर निकाय वार्डों में जीत दर्ज की थी।  इस प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर कई नेताओं ने नेतृत्व में बदलाव पर जोर देना शुरू कर दिया है. उनका मानना है कि यदि कांग्रेस को 2027 में मजबूत चुनौती पेश करनी है, तो संगठन को नए सिरे से खड़ा करना होगा. दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का पलड़ा भारी हुआ है।  चन्नी स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन के बाद अधिक मजबूत होकर उभरे हैं. चमकौर साहिब में कांग्रेस के अच्छे नतीजों ने उनके राजनीतिक कद को बढ़ाया है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि चन्नी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी की संभावनाओं को लेकर सक्रिय हैं. उनके साथ कई नाम चर्चा में हैं।  चन्नी की महत्वाकांक्षा और चुनौती इसमें सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजेंदर सिंगला के नाम भी संभावित PCC चीफ के तौर पर चर्चा में हैं. इससे साफ है कि नेतृत्व को लेकर पार्टी के भीतर कई दावेदार मौजूद हैं. चन्नी की बढ़ती सक्रियता ने कांग्रेस नेतृत्व के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. वो अभी भी पंजाब में बड़े चेहरे हैं।  उनकी गिनती कांग्रेस के सबसे बड़े दलित चेहरे के रूप में होती है. लेकिन पार्टी नेतृत्व 2022 विधानसभा चुनाव के अनुभव को भी नजरअंदाज नहीं कर सकता. कांग्रेस ने तब उनको पंजाब के पहले दलित मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट किया था. इसके बावजूद पार्टी सत्ता बरकरार नहीं रख सकी।  यही कारण है कि संगठन के भीतर इस बात पर अलग-अलग राय है कि क्या चन्नी को फिर से पार्टी का प्रमुख चेहरा बनाया जाना चाहिए. चन्नी समर्थकों का तर्क है कि उनके पास दलित समाज में मजबूत जनाधार है. इतना ही नहीं वो पार्टी को सामाजिक संतुलन देने की क्षमता रखते हैं।  जट्ट और दलित सिख समीकरण वहीं विरोधी खेमे का मानना है कि कांग्रेस को किसी एक चेहरे पर निर्भर होने की बजाय संगठन को मजबूत करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. पंजाब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती जट्ट और दलित सिख के बीच संतुलन बनाए रखने की है. दोनों बेहद प्रभावशाली भूमिका निभाते हैं।  फिलहाल पार्टी के दो सबसे अहम पद जट्ट सिख नेताओं के पास हैं. राजा अमरिंदर सिंह वारिंग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं, जबकि प्रताप सिंह बाजवा कांग्रेस विधायक दल का नेतृत्व कर रहे हैं. ऐसे में चन्नी समर्थक दलित नेताओं का एक वर्ग संगठन में अधिक प्रतिनिधित्व की मांग कर रहा है।  यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब देश का वह राज्य है, जहां अनुसूचित जाति की आबादी सबसे अधिक है. हालांकि, इसके साथ ही कांग्रेस के सामने एक और चुनौती है. पिछले कुछ वर्षों में चुनाव के दौरान दलित वोट बैंक का बड़ा हिस्सा आम आदमी पार्टी की ओर शिफ्ट हुआ है।  कमेटी की रिपोर्ट पर टिकीं निगाहें ऐसे में नेतृत्व से जुड़ा कोई भी फैसला केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं होगा, बल्कि उसका सीधा असर पार्टी के सामाजिक और चुनावी समीकरणों पर भी पड़ेगा. फिलहाल पंजाब कांग्रेस की राजनीति का केंद्र अजय माकन की अगुवाई वाली ऑब्जर्वर कमेटी की रिपोर्ट बन गई है।  ये रिपोर्ट तय कर सकती है कि कांग्रेस पार्टी नेतृत्व में बड़ा बदलाव होगा या मौजूदा टीम को ही 2027 चुनाव तक मौका दिया जाएगा. राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और भूपेश बघेल की सक्रियता यह संकेत दे रही है कि कांग्रेस पंजाब को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। 

दिल्ली एयरपोर्ट पर KZF आतंकियों की गिरफ्तारी, पंजाब में बड़े धमाके की साजिश से जुड़े तार

चंडीगढ़  पंजाब पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से दो वांधित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रतिबंधित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) से जुड़े दो वांछित संचालकों को गिरफ्तार किया। इन्हें मलेशिया से डिपोर्ट किया गया था। अंबाला के गुरविंदर सिंह और पटियाला के मंजीत सिंह नाम के इन दो आरोपियों को डिपोर्ट कराने का काम पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों और रॉयल मलेशिया पुलिस की मदद से पूरा किया। उन्हें बुधवार को दिल्ली लाया गया था। पंजाब डीजीपी ने किया पोस्ट पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर एक पोस्ट में बताया कि गुरविंदर और मंजीत, KZF समर्थित उस टेरर मॉड्यूल के मलेशिया-स्थित मुख्य सदस्य थे जो पंजाब में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर लाइनों समेत रेलवे के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की साजिश में शामिल थे। डी.जी.पी. ने बताया कि ये दोनों के.एफ.जे. से जुड़े एक टेररिस्ट मॉड्यूल से जुड़े थे। पंजाब पुलिस पहले ही इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर चुकी है, जो पंजाब में रेलवे लाइनों पर IED ब्लास्ट में शामिल था, जिसने 23 जनवरी को सरहिंद ब्लास्ट किया था और 27 अप्रैल को पटियाला में धमाके की कोशिश की थी। इन मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके पास से RPG लॉन्चर, IED, RDX, हैंड ग्रेनेड जैसे खतरनाक हथियार बरामद किए गए थे। गौरव यादव ने आगे कहा कि जांच के दौरान यह भी पता चला कि मलेशिया से काम कर रहे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स  हैंडलर इस सबके पीछे हैं, जो इस सब की फंडिंग भी कर रहे थे। ये दोनों डिपोर्ट किए गए आरोपी विदेशी अकाउंट के ज़रिए पंजाब में बैठे खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स एक्टिविस्ट की 'टेररिस्ट फंडिंग' में अहम भूमिका निभा रहे थे, ताकि पंजाब में टेररिस्ट हमले करके शांति भंग की जा सके। दोनों आरोपियों को पटियाला कोर्ट में पेश किया गया है और पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने एक्स पर बताया कि इससे पहले, पंजाब पुलिस ने उस टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था जो 23 जनवरी, 2026 को फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद के पास रेलवे फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर हुए IED धमाके और 27 अप्रैल, 2026 को पटियाला जिले के शंभू के पास उसी कॉरिडोर पर धमाके की कोशिश के लिए जिम्मेदार था। हथियारों का जखीरा बरामद डीजीपी ने लिखा कि जांच के दौरान, चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में मिलिटेंट हार्डवेयर बरामद किया गया, जिसमें RPG लॉन्चर, IED, RDX, हैंड ग्रेनेड और गोला-बारूद के साथ हाई-एंड पिस्तौलें शामिल थीं। उन्होंने लिखा,     इस अंतरराष्ट्रीय साजिश की आगे की जांच में मलेशिया से काम कर रहे KZF हैंडलर्स और फाइनेंशियल फैसिलिटेटर्स (आर्थिक मदद पहुंचाने वालों) की भूमिका का पता चला। डिपोर्ट किए गए आरोपी पंजाब में KZF ऑपरेटिव्स को विदेशी खातों के जरिए टेरर फंड पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते पाए गए, जिससे राज्य में आतंकवादी हमलों को अंजाम देने और शांति व कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की योजनाओं को बढ़ावा मिला। दोनों आरोपियों को 18 जून, 2026 को पटियाला की सक्षम अदालत में पेश किया गया और आगे की पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। बड़े नेटवर्क का पता लगाने और साजिश में शामिल सभी लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।- गौरव यादव, पंजाब डीजीपी  

धुस्सी बांध सड़क परियोजना शुरू, जालंधर के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत; सीचेवाल ने जताई खुशी

 जालंधर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर दौरे के दौरान शाहकोट में सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर बनने वाली 35 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का शिलान्यास किया। गिदड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाली यह सड़क क्षेत्र के दर्जनों गांवों को आपस में जोड़ेगी। राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के लंबे प्रयासों और मान सरकार की इस पहल से बाढ़ प्रभावित इलाके के हजारों लोगों को राहत मिलेगी। इससे उनकी वर्षों पुरानी मांग भी पूरी हो गई है। बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि इससे लोगों का सफर आसान होगा। भारी सुरक्षा के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को विशेष रूप से जालंधर दौरे पर पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। जालंधर में सतलुज नदी के पूरे किनारे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इसी कड़ी सुरक्षा के बीच उन्होंने शाहकोट पहुंचकर धुस्सी बांध सड़क का शिलान्यास किया। 35 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण इस प्रोजेक्ट के तहत सतलुज नदी के धुस्सी बांध पर गिदड़पिंडी से फिल्लौर तक एक मजबूत और पक्की सड़क का निर्माण किया जाएगा। यह सड़क लगभग 35 किलोमीटर लंबी होगी। इसके बनने से पूरे क्षेत्र और आसपास के लोगों की आवाजाही में बड़ा सुधार होगा, जिससे स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी। संत सीचेवाल के प्रयासों की सराहना इस शिलान्यास समारोह के दौरान राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल विशेष रूप से मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए संत सीचेवाल लंबे समय से लगातार प्रयास कर रहे थे। स्थानीय लोग उनके इन प्रयासों को बड़ी उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं। 2023 की बाढ़ के बाद उठी थी मांग सीचेवाल ने इस मौके पर 2023 की पुरानी आपदा को याद करते हुए कहा कि मंडाला छन्ना के पास अचानक धुस्सी बांध टूट गया था। बांध टूटने के कारण पूरे इलाके में बाढ़ आ गई थी, जिससे लोगों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। तभी से बांध को मजबूत करने और उस पर पक्की सड़क बनाने की मांग लगातार उठ रही है। दर्जनों गांवों को मिलेगा सीधा फायदा संत सीचेवाल ने आगे बताया कि गिदड़पिंडी से फिल्लौर तक बनने वाली यह पक्की सड़क क्षेत्र के दर्जनों गांवों को आपस में सीधे जोड़ेगी। इससे लोगों का सफर आसान होगा और बांध की मजबूती भी बढ़ेगी। इस इलाके की यह मांग पिछले कई सालों से लंबित थी, जिसे अब भगवंत मान सरकार ने पूरा कर दिया है। पिछली सरकारों के प्रति स्थानीय लोगों में था रोष इस मौके पर मंडाला छन्ना, गट्टा मुंडी कासू, गिदड़पिंडी समेत आसपास के कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। स्थानीय निवासियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वे कई सालों से इस सड़क के निर्माण की मांग कर रहे थे, लेकिन पिछली किसी भी सरकार ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया। मान सरकार का जताया आभार ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए कहा कि मौजूदा मान सरकार द्वारा इस सड़क का नींव पत्थर रख दिया गया है। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलेगी और उनका जीवन अधिक सुगम हो जाएगा।  

पंजाब में सतलुज सफाई परियोजना को कोर्ट की हरी झंडी, विरोध में उतरी संघर्ष समिति

 रूपनगर  सतलुज नदी पर स्थित अगमपुर पुल के निकट डी-सिल्टिंग मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के ताजा आदेशों को लागू करने से पहले विभाग को मौके की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए व कानून और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही कार्य किया जाना चाहिए। जिससे आगामी बरसाती मौसम में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी या नुकसान का सामना न करना पड़े। ये मांग संघर्ष समिति के सदस्यों ने करते हुए कहा कि प्रशासन पहले इस क्षेत्र का सीमांकन कर उसे पूरी तरह स्पष्ट करे और तारबंदी करने के बाद ही डी-सिल्टिंग का कार्य शुरू किया जाए। जिससे कि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। संघर्ष समिति ने यह भी सवाल उठाया कि सतलुज नदी का पानी पुल के पिल्लर नंबर-1 की ओर ही अधिक दबाव के साथ क्यों बह रहा है। क्या इसका कारण पुल के ऊपरी क्षेत्र में पूर्व में हुए अवैध खनन के कारण नदी की प्राकृतिक धारा का बदल जाना है। यदि ऐसा है तो विभाग इस तथ्य को सार्वजनिक करने से क्यों बच रहा है। 30 जून को दी गई थी डी-सिल्टिंग की अनुमति सदस्यों ने करते हुए कहा कि 8 जून को दिए गए अंतरिम स्थगन आदेश में संशोधन करते हुए हाईकोर्ट ने पुल के पिलर नंबर-1 की मरम्मत व पुल से 35 से 50 मीटर अपस्ट्रीम तक सीमित क्षेत्र में 30 जून 2026 तक डी-सिल्टिंग की अनुमति दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि 30 जून के बाद न्यायालय की अनुमति के बिना किसी प्रकार की डी-सिल्टिंग नहीं की जाएगी। इसके साथ ही रूपनगर के उपायुक्त को स्वयं मौके पर निगरानी रखने, अवैध खनन पर रोक सुनिश्चित करने व अगली सुनवाई से पहले स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अदालती आदेश के बाद संघर्ष समिति ने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार और संबंधित विभागों को कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सार्वजनिक करने चाहिए। संघर्ष समिति के अध्यक्ष हरदेव सिंह माजरी टिब्बा, यशवीर चंद भलाण, पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा, एडवोकेट विशाल सैनी, सुरजीत सिंह ढेर, बलवीर सिंह शाहपुर, कीर्ति किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वीर सिंह बड़वा, संयुक्त किसान मोर्चा के नेता धर्मपाल सैनी माजरा व निहंग जत्थेबंदियों के प्रमुख बाबा अच्छर सिंह महाकाल ने संयुक्त रूप से कहा कि विभाग द्वारा अदालत के समक्ष नए खसरा नंबर प्रस्तुत किए गए हैं। ऐसे में सबसे पहले यह स्पष्ट किया जाए कि पुल से 35 से 50 मीटर तक डी-सिल्टिंग का वास्तविक क्षेत्र कौन-सा है। 2020 की पीडब्ल्यूडी विभाग की रिपोर्ट पर सरकार ने क्या कार्रवाई की पंजाब मोर्चा के संयोजक गौरव राणा ने वर्ष 2020 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा जारी पत्र का हवाला देते हुए कहा कि उस समय स्वयं विभाग ने स्वीकार किया था कि अवैध खनन के कारण पुल के पिलर 20 से 25 फीट तक उजागर हो चुके थे और पुल की सुरक्षा के लिए एक विशेष समिति गठित करने की सिफारिश की गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि उस रिपोर्ट के बाद सरकार ने क्या कार्रवाई की, समिति का गठन हुआ या नहीं और पिछले छह वर्षों में पुल की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए। उन्होंने मांग की कि यदि वर्ष 2020 में पिल्लर 20 से 25 फीट तक उजागर हो चुके थे तो वर्ष 2026 में उनकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही पुल की वर्तमान स्थिति, नदी की जलधारा की दिशा तथा डी-सिल्टिंग के संभावित प्रभावों की पूरी जानकारी भी जनता के सामने रखी जाए।  

Punjab Weather Update: बारिश की दस्तक के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी, 21 जून तक येलो अलर्ट

लुधियाना  पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 22 जून तक येलो अलर्ट जारी रहेगा। इस दौरान गरज चमक के साथ छीटे पड़ने, धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। इससे पहले वीरवार भी मौसम का येलो अलर्ट रहा लेकिन विभिन्न जिलों में दिन में धूप निकली और बीच-बीच में बादल भी हने। इस दौरान हवाएं भी जारी रही। जिला बठिंडा में दिन का तापमान सबसे अधिक 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खराब मौसम के बीच आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह  मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके बावजूद पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि तापमान अभी भी सामान्य के आसपास बना हुआ है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 42.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज और बदलेगा तथा बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके बाद पटियाला का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस, पठानकोट और फरीदकोट का तापमान क्रमश 39.5 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर का तापमान 39 डिग्री सेल्सियस, फिरोजपुर का तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना का तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रहा। चौबीस घंटे में राज्य का औसतन तापमान 1.2 डिगरी सेल्सियस बढ़ा है जोकि सामान्य के नजदीक रहा है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के पूर्वानुमान अनुसार 22 जून तक मौसम का येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान राज्य के कुछ कुछ हिस्सों में गरज चमक के साथ छींटें पड़ने की संभावना है। कुछ जगह पर 40-50 किमी की गति के साथ धूल भरी आंधी भी चल सकती है।  

यात्रियों के लिए खुशखबरी, कालका-कटरा रेल सेवा बहाल; लंबे इंतजार के बाद आज से दौड़ेगी ट्रेन

कालका कालका, हिमाचल, चंडीगढ़ और पंजाब के लोगों के लिए यह एक अच्छी खबर है। कालका क्षेत्रवासियों की मांग पर भारतीय रेल ने कालका से कटरा ट्रेन शुरू करने जा रहा है। माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पहली ट्रेन शुक्रवार 19 जून 2026 को 7.35 बजे चलेगी। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन शुक्रवार और मंगलवार को कटरा के लिए चलेगी। रेल मंत्रालय ने यह ट्रेन चलाकर कालका क्षेत्र सहित हिमाचल के बद्दी, परवाणू, कसौली तथा धर्मपुर, चंडीगढ़ सहित अन्य जगह के लोगों को माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए बड़ी सौगात दी है। कटरा के लिए ट्रेन चलाने की मांग क्षेत्रवासी लंबे समय से कर रहे थे। क्योंकि कोरोना काल के दौरान कालका से कटरा जाने वाली ट्रेन को बंद कर दिया गया था। बता दें कि कोरोना काल के दौरान हिमालयन क्वीन, पश्चिम एक्सप्रेस का परिचालन भी रेलवे ने बंद कर दिया गया था। लालगढ़ एक्सप्रेस जोड़ेगा कालका को बठिंडा से रेल मंत्रालय ने कालका को बठिंडा सेे जोड़ने का भी फैसला किया है। इसका अंतिम सर्वे भी हो गया है। हालांकि इस ट्रेन को चलाने को लेकर अंतिम फैसला लिया जाना है। विभागीय जानकारों के अनुसार कालका से वाया बठिंडा होते हुए लालगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने के लिए रेलवे विभाग ने अंतिम रूप दे दिया है। पहले इस ट्रेन को 5:30 बजे लालगढ़ के लिए रवाना करने का समय निर्धारित किया गया था नए सर्वे के बाद अब इस ट्रेन का कालका से रवाना होने का समय सुबह 9:30 बजे तय किया गया है जबकि लालगढ़ से चलकर सुबह सवा सात बजे यह ट्रेन कालका पहुंचेगी। जानकारी के अनुसार रेलवे ने लालगढ़ एक्सप्रेस का टाइम टेबल तो बना लिया हैं लेकिन इसे चलाने की अधिकारिक घोषणा होनी अभी बाकी है। कटरा के लिए बस सर्विस भी शुरू ट्रेन के साथ साथ माता के भक्त तथा पंजाब और जम्मू साइड में जाने वाले लोग अब हरियाणा रोडवेज की बस सर्विस का भी लाभ उठा सकेंगे। रोडवेज विभाग ने पिछले लंबे समय से बंद पड़े कालका कटरा रूट को पिछले दिनों दोबारा शुरू कर दिया है। कालका बस अड्डे से रोजाना बाद दोपहर 4:40 बजे कटरा के लिए बस रवाना होगी।  

Working Women Hostel Project: मोहाली में 350 महिलाओं के रहने की सुविधा, आज होगा परियोजना का शुभारंभ

मोहाली  पंजाब सरकार की ओर से अब चंडीगढ़ की तर्ज पर मोहाली में भी वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाया जाएगा। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। करीब 15 साल से इसकी मांग की जा रही थी। इसका नींव पत्थर सेक्टर-66 में आज कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर रखेंगी।  अब तीन प्वाइंटों में जानिए हॉस्टल कितना जरूरी     मोहाली में कई कंपनियां व यूनिवर्सिटी: मोहाली में विकास काफी तेज गति से हुआ है। पढ़ाई और रोजगार के लिए पंजाब समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में महिलाएं मोहाली आती हैं। इलाके में कई नामी कंपनियां चल रही है, जहां पर महिलाएं काम करती है। ऐसे में काफी समय से यह मांग चल रही थी कि यहां पर वर्किंग वुमन हास्टल बनाया जाए।     सुरक्षा को लेकर चिंता: शहर में नए एरिया भी बसे हैं। प्राइवेट पीजी और हॉस्टलों में रहने वाली महिलाओं के साथ लूटपाट, धोखाधड़ी और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के मामले सामने आते रहे हैं। इतना ही नहीं पीजीआई में हत्या तक हुई। ऐसे में लोगों को सुरक्षा का हर समय डर रहता है।     महंगे किराए से राहत: प्राइवेट पीजी और कमरों का किराया अधिक होने के कारण कई कामकाजी और छात्राएं परेशानी झेलती हैं। सरकारी हॉस्टल उन्हें सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराएगा। प्राइवेट पीजी में किराया बहुत है। महिलाओं को उचित सुविधाएं भी नहीं मिल पाती है। इस प्रोजेक्ट को पहले मिली मंजूरी मोहाली के सबसे बड़े महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट पर ₹73.85 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसमें 350 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। सेक्टर-79 हॉस्टल के प्रोजेक्ट पर ₹12.57 करोड़ खर्च होंगे। फंडिंग में 60% राशि केंद्र सरकार के निर्भया फंड से और 40% (करीब ₹5.03 करोड़) पंजाब सरकार देगी।

पंजाब बॉर्डर पर हाई अलर्ट, अमृतसर से AK-47 समेत भारी मात्रा में हथियार और कारतूस जब्त

अमृतसर  अमृतसर के अजनाला क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में हथियारों का जखीरा बरामद किया है। BSF की 117 बटालियन ने खुफिया जानकारी के आधार पर हरड़ खुर्द गांव के पास एक भारतीय नागरिक को हिरासत में लिया। BSF को गुरुवार रात एक विशेष खुफिया सूचना मिली थी। इसी आधार पर थाना अजनाला, अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के हरड़ खुर्द गांव में यह कार्रवाई हुई। बरामद सामग्री में एक AK-47 राइफल, 25 पिस्तौल, 47 पिस्तौल मैगजीन, एक बुलेटप्रूफ जैकेट और 368 कारतूस शामिल हैं। इस साल की सबसे बड़ी बरामदगी:- साल 2026 में जनवरी से जून (अब तक) के बीच अमृतसर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार (पाकिस्तान/ISI लिंक्ड) व स्थानीय गैंगस्टरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस दौरान बड़ी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, ग्रेनेड, कारतूस और नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।     29 जनवरी 2026: अमृतसर रूरल पुलिस ने विलेज डिफेंस कमेटी (VDC) की मदद से ओथियां गांव के पास एक बड़े नार्को-टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में एक स्टार मार्क पिस्तौल, 46 जिंदा कारतूस, चार हैंड ग्रेनेड और करीब 43 किलो हेरोइन बरामद की गई। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि हथियार ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भेजे गए थे।     14 मार्च 2026 : अमृतसर रूरल पुलिस (घरिंडा थाना) ने मुहावा गांव में ISI-प्रायोजित और विदेशी गैंगस्टरों से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में एक AK-47 असॉल्ट राइफल (दो मैगजीन और 36 राउंड के साथ) और तीन ऑस्ट्रिया-निर्मित ग्लॉक पिस्तौलें बरामद की गईं। इस मामले में सुरज और रोहित नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो पुलिस पर हमले की साजिश रच रहे थे।     16 अप्रैल 2026 : पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने अमृतसर में स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) के साथ मिलकर एक और ISI-समर्थित टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस दौरान 2 विदेशी अत्याधुनिक पिस्तौल (गोला-बारूद के साथ) और 4 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए। इस मॉड्यूल का संबंध चंडीगढ़ में हुए एक ग्रेनेड अटैक से भी जुड़ा था।     14 मई 2026 : अमृतसर पुलिस ने जेल से छूटे अपराधी आकाशदीप के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 6 पिस्तौल और 14 कारतूस बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई मंगवा रहा था।     27 मई 2026 : एक अन्य कार्रवाई में अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से कई अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद हुईं।     17-18 जून 2026 : अमृतसर पुलिस ने दो अलग-अलग ऑपरेशनों में बड़ी सफलता हासिल की। पहले ऑपरेशन में कमिश्नरेट पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 11 अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद कीं, जिनमें चीन निर्मित .30 बोर और ऑस्ट्रिया की ग्लॉक पिस्तौलें शामिल थीं। दूसरा ऑपरेशन (रूरल व स्पेशल सेल) पुलिस ने बॉर्डर रेंज से जुड़े 4 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 10 पाकिस्तान-निर्मित पिस्तौलें बरामद कीं। कुल बरामदगी का अनुमानित सारांश (जनवरी-जून 2026) AK-47 राइफल: 1 पिस्तौलें (Pistols): 35 से अधिक (ग्लॉक, स्टार मार्क, जिगाना और पाकिस्तान-निर्मित सहित) हैंड ग्रेनेड: 8 जिंदा कारतूस: 110 से अधिक गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ जारी BSF अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्ति फिलहाल 117 बटालियन की हिरासत में है और उससे आगे की पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इन हथियारों को किस उद्देश्य से इकट्ठा किया गया था। इस नेटवर्क के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। BSF ने सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। एंटी-ड्रोन सिस्टम बॉर्डर क्षेत्रों में लगाए पंजाब सरकार की ओर से एंटी-ड्रोन सिस्टम बॉर्डर क्षेत्रों में लगाए गए हैं। हालांकि अब जीपीएस सिस्टम के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजे जा रहे हैं। डीआईजी बॉर्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत पंजाब पुलिस और BSF के सहयोग से इन गतिविधियों को रोकने के लिए नई तकनीक पर काम किया जा रहा है। पहले की तुलना में स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

पंजाब सरकार की खास तैयारी, NEET री-एग्जाम के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट; प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में CAPF तैनात

चंडीगढ़  पंजाब और केंद्र सरकार ने नीट री-एग्जाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर फुलप्रूफ तैयारियां कर दी हैं। सरकार ने परीक्षा संचालन के लिए सख्त एसओपी जारी की है और सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उधर, छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने पंजाब में बठिंडा से चंडीगढ़ तक नीट स्पेशल ट्रेन चलाने के साथ कुछ अन्य ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने का फैसला किया है। रेलवे ने इसके लिए बाकायदा शेड्यूल भी जारी कर दिया है। अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी पंजाब में करीब 25 हजार छात्रों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। पंजाब सरकार ने छात्रों और उनके एक अभिभावक के लिए पंजाब रोडवेज और पनबस की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी जिम्मेदारी नीट की परीक्षा सामग्री को कस्टोडियन बैंक से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी गई है। केंद्र और राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 19 जून को तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी विभागों के साथ बैठक करें। परीक्षा में केंद्र सरकार की सभी गाइडलाइन का पालन किया जाए, ताकि छात्र बिना किसी तनाव के परीक्षा दे सकें। इन 5 बड़े पॉइंट्स में समझें प्रशासनिक तैयारी:     परीक्षा केंद्र: प्रदेशभर में नीट री एग्जाम के लिए 16 जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक पिछली बार भी इतने ही परीक्षा केंद्र थे। पंजाब के कुछ जिलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए हैं तो स्टूडेंट्स को उनकी च्वाइस के हिसाब से परीक्षा केंद्र एलॉट किए गए हैं।     नो-पावर कट: डिप्टी कमिश्नर लुधियाना हिमांशु जैन का कहना है कि परीक्षा के दौरान बिजली की सप्लाई बाधित न हो इसके लिए पीएसपीसीएल को पहले ही सख्त हिदायतें जारी कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान पीएसपीसीएल नो पावर कट सुनिश्चित करेगा।     मेडिकल टीमें तैनात: परीक्षा केंद्रों के बाहर फर्स्ट-एड किट और जरूरी दवाओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैद रहेंगी। लुधियाना जिले में 15 परीक्षा केंद्रों के लिए मेडिकल टीम गठित कर दी गई हैं।     फायर ब्रिगेड अलर्ट: डीसी ने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी घटना में तुरंत बचाव कार्य किए जा सकें।     पुलिस कमिश्नर को जिम्मा: कस्टोडियन बैंक से प्रश्नपत्र व आंसरसीट परीक्षा केंद्रों तक ले जाने के लिए पुलिस को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रश्नपत्र व आंसरसीट ले जाने वाले व्हीकल को एस्कॉट करके ले जाया जाएगा। डीसी ने बताया कि लुधयाना जिले में शहरी क्षेत्र में पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसपी की रहेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी परीक्षा से एक दिन पहले और परीक्षा के दिन यानी 20 और 21 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। डिप्टी कमिश्नरों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। सीएपीएफ के 2 सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे डिप्टी कमिश्नर (DC) हिमांशु जैन ने बताया कि परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए इस बार विशेष रणनीति तैयार की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) के दो सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। ये जवान सबसे पहले कस्टोडियन बैंक पहुंचकर वहां से परीक्षा सामग्री वाले वाहनों को सुरक्षा घेरा (एस्कॉर्ट) के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगे। पंजाब के लिए स्पेशल 'परीक्षा स्पेशल ट्रेन' नॉर्दर्न रेलवे ने पंजाब के छात्रों के लिए एक विशेष अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। ट्रेन नंबर 04556/04555 (बठिंडा–चंडीगढ़–बठिंडा स्पेशल) 21 जून (परीक्षा के दिन) सुबह 05:30 बजे बठिंडा कैंट से रवाना होगी और सुबह 11:00 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में यही ट्रेन चंडीगढ़ से शाम 07:10 बजे चलेगी। यह स्पेशल ट्रेन भुच्चू, रामपुरा फूल, तपा, बरनाला, धूरी, नाभा, पटियाला, राजपुरा, सरहिंद, फतेहगढ़ साहिब, न्यू मोरिंडा, खरड़ और मोहाली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें कुल 14 डिब्बे होंगे, जिनमें 12 जनरल कोच शामिल हैं, ताकि बिना रिजर्वेशन के भी छात्र और अभिभावक आसानी से यात्रा कर सकें। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और दिल्ली रूट पर चलने वाली कई इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनों में भीड़ को देखते हुए अस्थायी रूप से अतिरिक्त जनरल और स्लीपर कोच जोड़े जा रहे हैं, ताकि लंबी दूरी तय करने वाले छात्रों को सीट या बर्थ उपलब्ध हो सके। सरकारी बसों में मुफ्त सफर पंजाब सरकार ने नीट परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा देने का फैसला किया है। परीक्षा के दिन परीक्षार्थी पंजाब रोडवेज और पनबस (PUNBUS) की सरकारी बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगे। बस में सफर के दौरान छात्रों को कंडक्टर को अपना NEET-UG एडमिट कार्ड और एक सरकारी पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) दिखाना होगा। सरकार ने छात्रों के साथ एक अभिभावक को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। NEET-UG परीक्षा NTA व केंद्र सरकार की तरफ से जारी SOP… 1. सुरक्षा और गोपनीयता: CAPF और स्थानीय पुलिस का पहरा: कस्टोडियन बैंक (जहां पेपर रखे जाते हैं) से लेकर परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय परीक्षा सामग्री को लाने-ले जाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सशस्त्र जवान और स्थानीय पुलिस तैनात रहेगी। परीक्षा सामग्री को विशेष वाहनों में पूरी सुरक्षा के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक एस्कॉर्ट किया जाएगा। सीसीटीवी और जैमर्स: परीक्षा के दौरान पेपर लीक या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी सर्विलांस और हाई-पावर जैमर्स लगाए जाएंगे। 2. परीक्षा केंद्र पर एंट्री और चेकिंग बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: डमी कैंडिडेट की पहचान के लिए एंट्री गेट पर और परीक्षा हॉल के अंदर उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशनअनिवार्य है। कड़ी तलाशी : उम्मीदवारों की मेटल डिटेक्टर के जरिए सघन तलाशी ली जाती है। स्टूडेंट्स अपने साथ एडमिट … Read more

रेलवे ट्रैक ब्लास्ट की साजिश रचने वाले KZF आतंकियों पर शिकंजा, मलेशिया से लौटते ही दबोचे गए

पटियाला  पंजाब पुलिस ने इंटेलिजेंस-लेड ऑपरेशन के तहत केंद्रीय एजेंसियों और रॉयल मलेशिया पुलिस (RMP) के सहयोग से प्रतिबंधित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) से जुड़े दो आतंकियों को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।  दोनों आरोपियों को पंजाब पुलिस ने मलेशिया से डिपोर्ट करवाया था। जैसे ही उन्हें भारत भेजा गया, उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से पुलिस कस्टडी में लेकर आगे की जांच के लिए पंजाब लाया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकियों की पहचान अंबाला निवासी गुरविंदर सिंह और पटियाला निवासी मनजीत सिंह के रूप में हुई है। ये दोनों मलेशिया में बैठकर केजेडएफ समर्थित आतंकी मॉड्यूल के मुख्य नेटवर्क के रूप में काम कर रहे थे। यह मॉड्यूल पंजाब में महत्वपूर्ण रेलवे बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (मालगाड़ी लाइनों) को निशाना बनाने में शामिल था। इससे पहले, पंजाब पुलिस ने 23 जनवरी 2026 को सरहिंद (फतेहगढ़ साहिब) के पास रेलवे फ्रेट कॉरिडोर लाइन पर हुए IED ब्लास्ट और 27 अप्रैल 2026 को जिला पटियाला के शंभू के पास इसी कॉरिडोर पर विस्फोट की कोशिश करने वाले आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। पहले ही पकड़े जा चुके हैं 4 आतंकी फतेहगढ़ साहिब व पटियाला के शंभू में हुए ब्लास्ट की जांच के दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से भारी मात्रा में सैन्य हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए थे। इसमें एक आरपीजी (RPG) लॉन्चर, एक आईईडी (IED), आरडीएक्स (RDX), हैंड ग्रेनेड और कारतूस के साथ हाई-एंड पिस्तौल शामिल थीं। विदेशी खातों से हो रही थी टेरर फंडिंग इस अंतरराष्ट्रीय साजिश की जांच के दौरान मलेशिया से काम कर रहे KZF के हैंडलर्स और फाइनेंशियल फेसिलिटेटर्स की संलिप्तता का खुलासा हुआ था। डिपोर्ट किए गए ये आरोपी विदेशी खातों के जरिए पंजाब में केजेडएफ गुर्गों को टेरर फंडिंग में मुख्य भूमिका निभा रहे थे, ताकि राज्य में आतंकी हमलों को अंजाम देकर कानून व्यवस्था को भंग किया जा सके। पुलिस रिमांड पर आरोपी दोनों आरोपियों को पटियाला की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत (रिमांड) में भेज दिया गया है। इस पूरी साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और इस व्यापक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जांच जारी है। पंजाब पुलिस आतंकी तंत्र को खत्म करने, टेरर फंडिंग नेटवर्क को तोड़ने और पंजाब की शांति, सुरक्षा व आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।