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पंजाब में येलो अलर्ट, तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी, पारे में आई गिरावट; मौसम कैसा रहेगा?

जालंधर  पंजाब में आज भी तेज हवाएं चलने और बरसात का अलर्ट है। बुधवार को कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई। इससे सूबे के न्यूनतम पारे में 2.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।  मौसम विभाग ने आज के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है जिसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इसके बाद एक मई को पंजाब में मुख्यता मौसम शुष्क बना रहेगा। केवल पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  दो मई से पंजाब में मौसम के मिजाज ज्यादा बिगड़ेंगे। मौसम विभाग ने 2, 3, 4 और पांच मई के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान पंजाब में कईं जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी। इससे आने वाले दिनों में पंजाब में गर्मी से राहत रहेगी। तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। पंजाब के अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। अभी यह सामान्य से 2.5 डिग्री नीचे बना हुआ है। सबसे अधिक 39.3 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज हुआ। वहीं अमृतसर का अधिकतम पारा 33.0 डिग्री, लुधियाना का 35.6 डिग्री, पटियाला का 38.1 डिग्री, पठानकोट का 30.2 डिग्री, फरीदकोट का 35.5 डिग्री, गुरदासपुर का भी 35.5 डिग्री, एसबीएस नगर का 34.4 डिग्री, फिरोजपुर का 34.9 डिग्री, होशियारपुर का 33.2 डिग्री और रूपनगर का 32.2 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे कम 18.1 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज हुआ। अमृतसर का न्यूनतम पारा 20.6 डिग्री, लुधियाना का 22.8 डिग्री, पटियाला का 23.2 डिग्री, बठिंडा का 23.8 डिग्री, फरीदकोट का 22.0 डिग्री, फाजिल्का का 21.1 डिग्री, फिरोजपुर का 21.9 डिग्री, होशियारपुर का 20.7 डिग्री और रूपनगर का 21.4 डिग्री दर्ज किया गया।

ठगी का नया तरीका: Ludhiana में फर्जी एक्सीडेंट दिखाकर वसूली, महिलाएं-बुजुर्ग टारगेट

लुधियाना. शहर में एक शातिर गिरोह सक्रिय हो गया है, जो व्यस्त ट्रैफिक सिग्नलों और भीड़भाड़ वाले चौकों पर फर्जी एक्सीडेंट का ड्रामा रचकर लोगों से जबरन पैसे वसूल रहा है। इस गिरोह के निशाने पर खासतौर पर महिलाएं और बुजुर्ग ड्राइवर हैं। इस संबंध में धवल अग्रवाल ने पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देता है। जब कोई कार ट्रैफिक सिग्नल या जाम में रुकती है, तो बाइक सवार युवक कार के बेहद करीब आकर खड़े हो जाते हैं। इसके बाद अचानक चिल्लाने लगते हैं कि कार का टायर उनके पैर पर चढ़ गया या वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। कुछ ही देर में गिरोह के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचकर ड्राइवर को घेर लेते हैं और आक्रामक व्यवहार शुरू कर देते हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि यह गिरोह उन ड्राइवरों को ज्यादा निशाना बनाता है जो सीट बेल्ट नहीं लगाए होते या मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं। उनके एक दोस्त से दुगरी नहर पुल के पास 40 हजार रुपये वसूले गए, जबकि गिल रोड के पास उनके चाचा के साथ भी ऐसी कोशिश की गई, लेकिन वे बच निकले। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ड्रग माफिया पर सरकार का वार, Bathinda में अवैध निर्माण ध्वस्त

बठिंडा. पंजाब में नशा विरोधी अभियान के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में बठिंडा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत धोबियाना बस्ती में वीरवार को प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस मामले के आरोपी की अवैध इमारत पर बुलडोजर चला दिया। यह निर्माण कमल गर्ग पुत्र रमेश कुमार द्वारा गैरकानूनी तरीके से किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संबंधित व्यक्ति को कई बार नोटिस जारी किए गए थे और अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके आरोपी ने न तो निर्माण हटाया और न ही प्रशासन के आदेशों का पालन किया। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर कम मजिस्ट्रेट के निर्देशों पर सिविल प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा के बीच कार्रवाई करते हुए इमारत को गिरा दिया। नशा तस्करी के चार मामले पहले से दर्ज बताया जा रहा है कि आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ से जुड़े कानून के तहत चार मामले पहले से दर्ज हैं। इस वजह से प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत जिले में लगातार अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशे के खिलाफ इस अभियान में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग को दें। इसके लिए एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 और 91155-02252 जारी किए गए हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। अब तक 16 अवैध निर्माण गिराए जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार बठिंडा में अब तक 16 अवैध निर्माणों को गिराया जा चुका है। इसके अलावा एक मार्च 2025 से अब तक 2418 मामले दर्ज किए गए हैं और 3458 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 89 बड़े तस्कर भी शामिल हैं। वहीं वर्ष 2023 से अब तक 87 आरोपियों की करीब 14 करोड़ 21 लाख रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और नशा तस्करों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

कच्चे माल के संकट में फंसी कॉटन इंडस्ट्री, पंजाब का टेक्सटाइल सेक्टर अब दूसरे राज्यों पर निर्भर

लुधियाना कच्चे माल की कमी ने पंजाब की कॉटन इंडस्ट्री की रफ्तार थाम दी है। हालत यह है कि स्थानीय स्तर पर जरूरत के अनुसार कपास उपलब्ध नहीं हो रही, जिसके चलते उद्योगों को महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों से कच्चा माल मंगवाकर उत्पादन चलाना पड़ रहा है।  इस संकट ने खासकर जिनिंग सेक्टर को बुरी तरह प्रभावित किया है, जहां कभी 422 इकाइयां संचालित होती थीं, अब उनकी संख्या घटकर मात्र 25 रह गई है। उद्यमियों का कहना है कि यदि हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ तो उद्योग के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है। 7 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.2 लाख पर सिमटा रकबा एक समय पंजाब में सात लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में कपास की खेती होती थी, जिससे राज्य में जिनिंग और स्पिनिंग उद्योग तेजी से विकसित हुआ। लेकिन बीते वर्षों में कपास का रकबा लगातार घटता गया, 2019 में यह 3.35 लाख हेक्टेयर था और अब यह करीब 1.2 लाख हेक्टेयर तक सिमट चुका है। रकबा घटने के पीछे कीटनाशक हमले, कम पैदावार और किसानों का अन्य फसलों की ओर झुकाव प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। उन्नत बीज की कमी से पिछड़ रहा पंजाब पंजाब कॉटन फैक्ट्रीज एंड जिनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान बांसल के अनुसार, महाराष्ट्र में किसानों को जी-4 जैसी उन्नत किस्म का बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, जो गुलाबी सुंडी और सफेद मक्खी जैसी बीमारियों के प्रति अधिक प्रतिरोधी है। इससे वहां प्रति एकड़ 12-15 क्विंटल तक उत्पादन मिल रहा है। इसके विपरीत, पंजाब अभी भी पुरानी किस्मों पर निर्भर है, जिससे पैदावार कम है और किसान कपास की खेती से दूरी बना रहे हैं। उत्पादन में भारी अंतर, बाहर से मंगानी पड़ रही कपास आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में महाराष्ट्र में लगभग 1.15 करोड़ गांठ कपास का उत्पादन हुआ, जबकि पंजाब में यह आंकड़ा केवल 1.5 लाख गांठ तक सीमित है। यही कारण है कि राज्य की स्पिनिंग मिलों और जिनिंग इकाइयों को अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। –देशभर में 26 अप्रैल 2026 तक कपास की आवक 308.70 लाख गांठ को पार कर चुकी है और 30 अप्रैल 2026 तक 311 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है। पूरे सीजन में कुल उत्पादन 335 लाख गांठ से अधिक रहने की संभावना है, लेकिन इसमें पंजाब की हिस्सेदारी बेहद कम है। कई इकाइयां बंद, कारोबार का पलायन कपास की कमी के चलते राज्य में बड़ी संख्या में जिनिंग मिलें बंद हो चुकी हैं। कई उद्योगपति अपना कारोबार राजस्थान और अन्य राज्यों में स्थानांतरित कर चुके हैं। इससे न केवल उद्योग प्रभावित हुआ है, बल्कि रोजगार पर भी असर पड़ा है। सरकार का फोकस: सब्सिडी और रकबा बढ़ाने का लक्ष्य स्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने कपास की खेती को बढ़ावा देने हेतु प्रमाणित बीजों पर 33 प्रतिशत सब्सिडी देने का फैसला किया है। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के अनुसार, सरकार ने 2026 के लिए कपास का रकबा 1.25 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित 87 बीटी हाइब्रिड और चार देसी किस्मों को शामिल किया गया है। सब्सिडी सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। धान से कपास की ओर शिफ्ट की अपील सरकार ने किसानों से अधिक पानी खपत करने वाली धान की खेती छोड़कर कपास की ओर रुख करने की अपील की है। इसे ‘सफेद सोना’ बताते हुए वैज्ञानिक खेती और उन्नत बीजों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि सरकार के प्रयास जारी हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उद्योग को तत्काल राहत मिलती नजर नहीं आ रही। जब तक उत्पादन और रकबा दोनों में ठोस वृद्धि नहीं होती, तब तक पंजाब की कॉटन इंडस्ट्री पर संकट के बादल छाए रहेंगे।  

पंजाब में CM भगवंत मान का ऐतिहासिक निर्णय, विधानसभा में प्रस्ताव से 6 महीने के लिए सुरक्षित होगी AAP सरकार

चंडीगढ़  पंजाब में आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्यसभा सांसदों की बगावत के बाद अब पंजाब में पार्टी को मजबूत बनाए रखने के लिए आलाकमान बड़ा कदम उठा रहा है. सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'ऑपरेशन लोटस' से बचने के लिए AAP सरकार पंजाब विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव ला सकती है।  पंजाब विधानसभा चुनाव का विशेष सत्र 1 मई को बुलाया गया है. यह असेंबली सेशन बुलाया तो श्रमिक दिवस के मौके पर गया है, लेकिन उम्मीद है कि इसमें बहुमत का प्रस्ताव लाया जाएगा. इसका फायदा यह है कि विधानसभा में एक बार बहुमत साबित होने के बाद अगले 6 महीने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार सुरक्षित हो जाएगी।  सरकार गिरने की चिंता से मुक्त होना चाहती है AAP दरअसल, 7 राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने के बाद पंजाब में विधायकों की टूट की अटकलें लग रही हैं. अगर ऐसा होता है तो साल 2022 के विधानसभा चुनाव में 92 सीट जीतने वाली AAP पर सरकार बचाने का संकट गहरा सकता है. इसलिए विशेष सत्र में प्रस्ताव लाकर पार्टी बहुमत पर मुहर लगाना चाहती है ताकि सियासी चिंता को संवैधानिक तरीके से खत्म किया जा सके।  सत्र से पहले मान कैबिनेट की बैठक पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र से पहले सुबह भगवंत मान सरकार की कैबिनेट बैठक होगी. यह बैठक सुबह 9.30 बजे बुलाई गई है. विशेष सत्र अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर बुलाया गया है. हालांकि इसमें सरकार कॉन्फिडेंस मोशन भी ला सकती है. पंजाब के 6 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद कुछ विधायकों के भी पाला बदलने की अटकलें हैं।  इससे पहले भी अक्टूबर 2022 में सरकार कॉन्फिडेंस मोशन लाई थी जब आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर राज्य में ऑपरेशन लोटस के तहत विधायकों को तोड़ने की कोशिश के इल्जाम लगाए थे। 

UGC NET 2023 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, आवेदन की आखिरी तारीख 20 मई

लुधियाना  देश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने और जूनियर रिसर्च फैलोशिप (जे.आर.एफ.) हासिल करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एन.टी.ए.) ने यू.जी.सी. नेट जून सत्र के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 29 अप्रैल से शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवार अब एन.टी.ए. की आधिकारिक वैबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। शैड्यूल के अनुसार रजिस्ट्रेशन और फीस भुगतान की अंतिम तिथि 20 मई निर्धारित की गई है। इसके बाद उम्मीदवारों को आवेदन में सुधार के लिए 22 मई से 24 मई तक करेक्शन विंडो का मौका दिया जाएगा। विभाग द्वारा एग्जाम सिटी स्लिप 10 जून को और एडमिट कार्ड 15 जून को जारी किए जाएंगे जबकि मुख्य परीक्षाओं का आयोजन 22 जून से 30 जून के बीच किया जाएगा। 

रेलवे ट्रैक पर ड्रोन से होगी निगरानी, CCTV कैमरे लगवाने का फैसला: रवनीत बिट्टू

पटियाला/चंडीगढ़ रेलवे लाइनों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने शंभू के निकट हाल ही में हुए विस्फोट स्थल का बीते दिन दौरा किया और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ने पंजाब में रेलवे को निशाना बनाकर हो रही बार-बार की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा व निगरानी को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। रवनीत सिंह ने घोषणा की कि रेलवे ईडीएफसी पर 24 घंटे गश्त को और सघन करेगा तथा निगरानी व्यवस्था का व्यापक विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में 173 सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं और अतिरिक्त कैमरों की स्थापना जारी है। कॉरिडोर के एकांत एवं संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां ड्रोन निगरानी सहित उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे के की-मैन द्वारा निरंतर जमीनी गश्त की जाएगी। मंत्री ने बताया कि यह घटना पिछले 3 महीनों में लगभग 35 किलोमीटर के दायरे में दूसरी घटना है। पहली घटना 23 जनवरी को हुई थी, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से लगभग 800–900 मीटर की दूरी पर थी, जबकि ताजा विस्फोट स्थल इसी राजमार्ग से लगभग 300 मीटर दूर स्थित है। प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि असामाजिक तत्व राजमार्ग से आसान पहुंच का उपयोग कर रेलवे ट्रैक को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाहरी तत्वों की संलिप्तता के संकेत मिल रहे हैं, जो रेलवे जैसी महत्वपूर्ण अवसंरचना को निशाना बनाकर क्षेत्र को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं न केवल सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बाधित करने का भी प्रयास हैं। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जो साहनेवाल को पश्चिम बंगाल से जोड़ता है, एक महत्वपूर्ण आर्थिक धुरी है, जहां प्रतिदिन लगभग 30 ट्रेनें औद्योगिक और कृषि उत्पादों का परिवहन करती हैं। इस नेटवर्क में किसी भी प्रकार का व्यवधान राज्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है। मंत्री ने लोको पायलट की सतर्कता की सराहना की, जिन्होंने झटका महसूस होते ही तुरंत ट्रेन को रोक दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। तत्पश्चात सुरक्षा एवं आपातकालीन दलों को तुरंत मौके पर भेजा गया। सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा, यात्रियों और मालगाड़ियों की सुरक्षित आवाजाही तथा आर्थिक गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

अमृतसर में 6 किलो हेरोइन सहित तस्कर गिरफ्तार, दुबई से चल रहा नेटवर्क, मास्टरमाइंड अंतरप्रीत का था हाथ

चंडीगढ़  पंजाब में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। अमृतसर की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने अमृतसर-जालंधर हाईवे पर अड्डा मानावाला के पास कार्रवाई करते हुए एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 6 किलोग्राम हेरोइन बरामद की। डीजीपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई में बैठे एक हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहा था। इस हैंडलर की पहचान सुल्तानविंड निवासी अंतरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो पहले से ही नशीले पदार्थों की तस्करी के कई मामलों में वांछित है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय है और पंजाब में नशे की सप्लाई करने में संलिप्त रहा है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चैन की जानकारी जुटाई जा रही है। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है। बरामद नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। यूएई में बैठे हैंडलर के निर्देश पर कर रहा था काम प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई (यूएई) में बैठे एक हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहा था। इस हैंडलर की पहचान अमृतसर के सुल्तानविंड इलाके के निवासी अंतरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंतरप्रीत सिंह पहले भी नशा तस्करी के कई मामलों में शामिल रहा है और उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। पुलिस ने नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने यह भी कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस दिशा में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इससे पहले पंजाब पुलिस ने 23 अप्रैल को सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी करने वाले तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था, जिनके पास से 915 ग्राम 'आइस' (मेथैम्फेटामाइन), पांच पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह में संलिप्त लोग पाकिस्तान में बैठे लोगों के संपर्क में थे और उन्हें अपने यहां से हथियार व नशीले पदार्थों की आपूर्ति किया करते थे। इसके बाद पुलिस ने इस गिरोह को चिह्नित कर इसमें संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई से पहले इस मामले को लेकर गेट हकीमा पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अब आगे इस गिरोह को कैसे पूरी तरह से खत्म किया जाए। इस दिशा में जल्द से जल्द कदम उठाए जाएंगे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह को पूरी तरह से खत्म करने के लिए पूरी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है, जिसके तहत मौजूदा समय में काम किया जा रहा है। इस गिरोह में संलिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

गुरु ग्रंथ साहिब कानून पर हाई कोर्ट में सुनवाई, समानता और धर्मनिरपेक्षता पर उठे गंभीर सवाल

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के बहुचर्चित “जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026” के खिलाफ अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में एक और संवैधानिक चुनौती पहुंच गई है। एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया (सीआईपीबीसी) ने इस संशोधन कानून को धर्म-विशेष आधारित, भेदभावपूर्ण और संविधान विरोधी बताते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इसके क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने तथा इसे रद्द घोषित करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार ने एक विशेष धार्मिक ग्रंथ को पृथक और अधिक कठोर दंडात्मक संरक्षण देकर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन किया है। चर्च का तर्क है कि राज्य किसी एक धर्म या उसके पवित्र प्रतीक को ऐसा विशिष्ट विधायी संरक्षण नहीं दे सकता, जिससे अन्य धार्मिक समुदायों के बीच असमानता की भावना उत्पन्न हो। याचिका में इसे संविधान की मूल संरचना में शामिल धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम बताया गया है। अन्य धर्म भी प्रभावित हो सकते हैं इंडियन चर्च एक्ट, 1927 के तहत गठित धार्मिक निकाय होने का दावा करने वाले याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि पंजाब सरकार स्वयं अपने पूर्व प्रस्तावित “पंजाब प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंसेज अगेंस्ट होली स्क्रिप्चर्स बिल, 2025” में स्वीकार कर चुकी थी कि पवित्र ग्रंथों के अपमान की घटनाएं केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब तक सीमित नहीं, बल्कि गीता, कुरान और अन्य धार्मिक ग्रंथ भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में 2026 के संशोधन के जरिए केवल एक धार्मिक ग्रंथ के लिए पृथक कठोर आपराधिक ढांचा तैयार करना राज्य की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। प्रावधानों पर विशेष आपत्ति याचिका में संशोधन कानून के उन प्रावधानों पर विशेष आपत्ति जताई गई है, जिनमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की प्रिंटिंग, प्रकाशन, भंडारण और वितरण पर कड़ा नियामक नियंत्रण, एसजीपीसी के माध्यम से केंद्रीय रजिस्टर, अपराधों को संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौतायोग्य बनाना तथा गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक की सजा शामिल है। चर्च का कहना है कि इस प्रकार का विशेष दंड विधान अन्य धर्मों के पवित्र ग्रंथों को तुलनात्मक रूप से कमतर कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। एसआर बोम्मई, केशवानंद भारती और शायरा बानो जैसे सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि राज्य धार्मिक तटस्थता से विचलित नहीं हो सकता। एक धर्मग्रंथ को कानून संरक्षण साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 सहित मौजूदा केंद्रीय कानून धार्मिक भावनाओं से जुड़े अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त हैं, इसलिए पृथक राज्य कानून विधायी संतुलन और संवैधानिक वैधता दोनों पर सवाल खड़े करता है। चर्च की जनरल काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि वह सभी धर्मग्रंथों के सम्मान और अंतर-धार्मिक सौहार्द के पक्ष में है, लेकिन किसी एक धर्मग्रंथ को विशिष्ट कानूनी संरक्षण देकर अन्य आस्थाओं को अपेक्षाकृत कमतर दर्जा देना संवैधानिक समानता के विरुद्ध है।  

ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट भारतीयों की फ्लाइट दिल्ली पहुंची, पंजाब सरकार ने भेजे टेंपो ट्रैवलर और गाड़ियाँ

चंडीगढ़  स्ट्रेलिया से 15 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है, उनमें एक महिला समेत 11 पंजाबी हैं। इन लोगों की फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गई है। वहीं, पंजाब सरकार की टीमें भी उन्हें लेने के लिए दिल्ली पहुंची है। उनके लिए वाहनों का इंतजाम किया गया है।  इन जिलों के रहने वाले हैं लोग मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक जो लोग डिपोर्ट किए गए हैं, वह जांलधर, होशियारपुर, खन्ना, मोगा, नवांशहर, गढ़शंकर, तरनतारन, फिरोजपुर और रूपनगर के रहने वाले हैं। सीएम भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इन लोगों ने आस्ट्रेलिया में जाकर वहां के नियम तोड़े हैं, जिस वजह से उन्हें डिपोर्ट किया गया है। इन लोगों की पहचान जसवंत सिंह (34 वर्ष), अंग्रेज सिंह (32 वर्ष), सतिंदरजीत सिंह शेरगिल (31 वर्ष), गुरप्रीत सिंह संधू (30 वर्ष), जगजीत सिंह (35 वर्ष), जसप्रत सिंह (35 वर्ष), निर्मल सिंह (38 वर्ष), श्रुति शर्मा (35 वर्ष), रणजी सिंह (35 वर्ष), हरप्रीत सिंह (41 वर्ष) और गगनदीप सिंह (25 वर्ष) शामिल हैं। पंजाब के 11 लोगों समेत कुल 15 भारतीय नई दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। इनमें एक महिला भी शामिल है। यह कार्रवाई अवैध रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहने या वीजा नियमों के उल्लंघन के चलते की जा रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह आज उन्हें रिसीव करने नई दिल्ली जा रहे हैं। डिपोर्ट किए गए कुल 15 लोगों में पंजाब के 11, तेलंगाना के दो और हरियाणा-उत्तराखण्ड के एक एक लोग शामिल हैं। ये सभी आज रात दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। पहले अमेरिका से डिपोर्ट किए गए थे पंजाबी इससे पहले अमेरिका ने एक साल पहले नई इमिग्रेशन पॉलिसी के तहत 104 अवैध प्रवासी भारतीयों को जबरन डिपोर्ट कर दिया था। अमेरिकी एयरफोर्स का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर इन्हें लेकर अमृतसर में एयरफोर्स के एयरबेस पर उतरा था। इनमें पंजाब के 30, हरियाणा-गुजरात के 33-33 लोग शामिल थे। इनके कुछ परिवार और 8-10 साल के बच्चे भी शामिल थे। अमृतसर एयरपोर्ट के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों का वैरिफिकेशन किया गया। यहां से इमिग्रेशन और कस्टम से क्लियरेंस के बाद पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया। करीब साढ़े 3 घंटे बाद US एयरफोर्स विमान वापस लौट गया था।