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सीएम मान का सवाल: परिसीमन के बाद पंजाब में लोकसभा सीटें 13 से बढ़कर 19 हो सकती हैं

चंडीगढ़  केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन कानून के लागू होने पर पंजाब की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई व्यवस्था के तहत लोकसभा और विधानसभा सीटों में बढ़ोतरी के साथ राजनीतिक समीकरण भी बदलेंगे और दलों को नई रणनीति बनानी पड़ेगी।  अनुमान है कि परिसीमन के बाद पंजाब में लोकसभा सीटों की संख्या 13 से बढ़कर 19 हो सकती है जबकि विधानसभा सीटें 117 से बढ़कर करीब 140 तक पहुंच सकती हैं। इसके चलते नए हलकों का गठन होगा और कई शहर व गांव अपने पुराने क्षेत्रों से बदल जाएंगे जिससे चुनावी गणित पर सीधा असर पड़ेगा। सियासत भी गरमाई इस मुद्दे पर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि परिसीमन किसी एक पार्टी के फायदे के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि या तो महिला आरक्षण मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर लागू किया जाए या सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ाई जाएं। मान ने आरोप लगाया कि जहां भाजपा मजबूत है वहां सीटें बढ़ाने और जहां कमजोर है वहां संख्या कम रखने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि परिसीमन निष्पक्ष होना चाहिए और इसके लिए आगामी जनगणना के आंकड़ों का उपयोग किया जाना चाहिए। आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी आरोप लगाया कि विधेयक की आड़ में सीटों की संरचना से छेड़छाड़ की जा रही है जो देश की जनसांख्यिकी के खिलाफ है। वहीं शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि इस कदम से सत्ता संतुलन हिंदी भाषी राज्यों की ओर झुक सकता है जिससे संघीय ढांचा कमजोर होगा। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन की कड़ी आलोचना की है।  इन बिलों से पंजाब में लोकसभा की करीब 6-7 सीटें बढ़ेंगी और इतनी ही सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। हालांकि महिलाओं के लिए रिजर्व सीटों की हर साल रोटेशन भी होगी। परिसीमन क्या है? परिसीमन का अर्थ है लोकसभा या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा तय करने की प्रक्रिया. ये काम जनसंख्या के आधार पर किया जाता है. इसके लिए अलग से एक आयोग बनता है. इसका नोटिफिकेशन भारत राष्ट्रपति की ओर से जारी किया जाता है. परिसीमन आयोग के आदेशों को किसी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती है. इसके आदेशों की कॉपी लोकसभा और विधानसभा में रखी जाती है, लेकिन उन्हें इसमें संशोधन करने की परमिशन नहीं होती।  लोकसभा सीटों में होगा 50% का इजाफा गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में भरोसा दिया कि महिला आरक्षण के लागू होने से न तो पुरुषों को और न ही किसी राज्य को कोई नुकसान होगा. इसके तहत लोकसभा की मौजूदा संख्या में 50% का इजाफा होगा. अगर नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 बना रहता है, तो 2029 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण संभव नहीं होगा, क्योंकि यह अगली जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होगा. अब जानिए, किन राज्यों में कितनी बढ़ जाएंगी सीटें? अकेले यूपी-बिहार में होंगी 180 सीटें परिसीमन का सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश और बिहार को होगा. 2011 में यूपी की आबादी देश की कुल आबादी का 16% थी. इस लिहाज से अगर लोकसभा में राज्यों के लिए लोकसभा की सीटें 815 होंगी, तो जनसंख्या के लिहाज से यूपी की 80 सीटों में 40 सीटों का इजाफा होगा. यानी कुल 120 सीटें हो जाएंगी. इसी तरह बिहार में अभी 40 सीटें हैं. परिसीमन के बाद इसमें 20 सीटों का इजाफा होगा और कुल 60 सीटें हो जाएंगी।  गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली गुजरात में अभी लोकसभा की 26 सीटें हैं, जो बढ़कर 39 हो जाएंगी. राजस्थान में 25 सीटें हैं, जो 38 हो जाएंगी. उत्तराखंड में 5 सीटें हैं, जो 8 हो जाएंगी. दिल्ली में 7 लोकसभा सीटें हैं, ये बढ़कर 11 हो सकती हैं. इसके अलावा विधानसभा की सीटों में भी 50% की बढ़ोतरी की जाएगी. इससे विधानसभा की कुल सीटें 4123 से बढ़कर 6186 हो जाएंगी।   

पंजाब में आंधी-बारिश का अलर्ट, 15 शहरों में तापमान 35 डिग्री पार, बठिंडा सबसे गर्म

बठिंडा पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी का असर दिखने लगा है। तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहाड़ों पर पहुंच गया है। इस वजह से शुक्रवार को (17 अप्रैल को) आंधी, तूफान और बिजली चमकने का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। कुछ जिलों में बारिश की भी संभावना है। पिछले दिन की तुलना में तापमान में 1.3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। यह सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक हो गया है। सबसे अधिक तापमान 40.3 डिग्री बठिंडा में रहा है।  चंडीगढ़ 38.1 डिग्री तापमान रहा , जो कि सामान्य से 2.8°C अधिक है। वहीं, गर्मी बढ़ने से बिजली की खपत बढ़ गई। यह डिमांड 7854 से अधिक बनी हुई है। सात जिलों में बारिश और आंधी मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को 7 जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में अलग-अलग स्थानों पर तेज हवाओं (30 से 40 किमी/घंटा) के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। इन्हीं 7 जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की भी संभावना है।  इसके बाद 18 को मौसम साफ है, जबकि 19 को फिर से बारिश की संभावना है। राज्य में 23 अप्रैल तक किसी भी महत्वपूर्ण वर्षा की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान उत्तर और पूर्वी हिस्सों में 32 से 36°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में यह 36 से 40°C के बीच रह सकता है। इस सप्ताह राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। लुधियाना में सबसे अधिक तापमान बढ़ा लुधियाना में सबसे अधिक 4.1 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 39.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।  मौसम प्रणाली का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है, जो लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के आसपास निचले स्तर पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर ऊंचाई पर तेज पश्चिमी हवाएं भी चल रही हैं, जिनकी गति लगभग 100 नॉट्स तक है। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 17 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन गर्मी बनी रह सकती है। राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3.5 डिग्री अधिक रहा, जबकि सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 40.4 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर में 38.0 डिग्री (सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक), पटियाला में 39.5 डिग्री (सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक) और चंडीगढ़ शहर में 38.1 डिग्री (सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक) तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा फरीदकोट में 39.5 डिग्री, भाखड़ा बांध (रूपनगर) में 37.7 डिग्री, रोपड़ में 36.9 डिग्री, पठानकोट में 36.7 डिग्री, मोहाली और एसबीएस नगर (बलोवाल सौंखड़ी) में 36.6 डिग्री, होशियारपुर में 35.9 डिग्री से 36.2 डिग्री के बीच, थीन डैम (पठानकोट) में 35.8 डिग्री और गुरदासपुर में 35.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।  कुल मिलाकर राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा। इस तरह की मौसम की स्थिति इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा के हिस्सों में सक्रिय है। यह लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैला हुआ है और 58° पूर्वी देशांतर के आसपास तथा 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर की ओर स्थित है। उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में करीब 1.5 किलोमीटर की ऊँचाई पर हवा का एक घूमता हुआ सिस्टम बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर बहुत उंचाई (लगभग 13.5 किलोमीटर) पर तेज पश्चिमी हवाओं की धारा चल रही हैं, जिसमें हवा की रफ्तार करीब 100 नॉट्स तक है।  दो से तीन डिग्री तापमान बढ़ेगा मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 17 तारीख को कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले 2 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।

CM मान ने कहा- बेअदबी बिल गवर्नर को भेजा, कैबिनेट बैठक की शुरुआत

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आज पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बता दें कि, इस बैठक को उद्योग जगत और सामाजिक योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक को लेकर मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से अधिसूचना जारी की है वहीं विस्तृत एजेंडा बाद में सार्वजनिक किया गया है। उद्योगपतियों को मिली राहत जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों को राहत देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए। इससे पहले सरकार नई औद्योगिक नीति लागू कर चुकी है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को सहूलियत प्रदान करना है। माना जा रहा है कि आज की बैठक में इन प्रयासों को और मजबूती देने के लिए नई घोषणाएं हो सकती हैं।  इससे पहले कल पठानकोट में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा था कि बिल अभी तक उनके पास नहीं पहुंचा है और जैसे ही बिल आएगा, उस पर विचार किया जाएगा। आज की बैठक में बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में चल रही भर्तियों और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा। दोपहर 12 बजे वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा प्रेस कांफ्रंस करेंगे। एक महीने में यह दूसरी बैठक इससे पहले बड़ी कैबिनेट बैठक 11 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसमें ग्रामीण विकास और धार्मिक संरक्षण से जुड़े अहम फैसले लिए गए थे। इसमें 11,500 से अधिक गांवों में करीब 3 लाख स्ट्रीट लाइट्स लगाने को मंजूरी दी गई थी, जिसकी लागत ₹550 करोड़ तय की गई थी। साथ ही ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल-2026’ को मंजूरी मिली थी, जिसमें बेअदबी मामलों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। इससे पहले मार्च 2026 में हुई बैठकों में बजट से जुड़े फैसले, खिलाड़ियों के लिए 3% आरक्षण, स्वास्थ्य विभाग में भर्ती से जुड़ी अनुमति और शहीद होम गार्ड के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा देने जैसे निर्णय शामिल रहे थे। सामाजिक योजनाओं पर भी फोकस बैठक में मावां-धीयां सत्कार योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की। इसके अलावा मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना की प्रगति पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

ED की रेड: पंजाब में संजीव अरोड़ा के घर और दफ्तर पर कार्रवाई, AAP ने BJP पर उठाए सवाल

लुधियाना पंजाब में आज सुबह-सुबह बड़ा एक्शन हुआ है. पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी की रेड हुई है. जी हां, मान सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर और अन्य ठिकानों पर ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय का सर्च ऑपरेशन चल रहा है. FEMA के तहत गुरुग्राम, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में कुल 13 जगहों पर छापेमारी की गई. मंत्री संजीव अरोड़ा के सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि उनके कुछ अन्य ठिकानों पर भी एक साथ तलाशी ली गई. इसे लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा को घेरा है।  दरअसल, ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की टीम आज सुबह लुधियाना में उनके घर में ईडी की टीम पहुंची और बाहर केंद्रीय पुलिस बल को तैनात किया गया है. मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी. ED सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक पुराने मामले और जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं को लेकर की जा रही है।  सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पुराने मामले और कुछ जमीन सौदों में कथित अनियमितताओं के शक के आधार पर की जा रही है. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक ईडी की तरफ से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन जांच को लेकर कई तरह की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई हैं।  इस पर आम आदमी पार्टी की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया आई है. ‘आप’ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘ईडी ने अब पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां छापा मारा है. यह एक साफ पैटर्न है. भाजपा किसी भी राज्य चुनाव की तैयारी इसी तरह शुरू करती है।  वहीं पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी इस कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी की. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘तीन दिन में पंजाब में आम आदमी पार्टी के खिलाफ ईडी की ये दूसरी रेड है. अब पंजाब केबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां ईडी ने रेड की है. केंद्र सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं. अब ये लोकतांत्रिक व्यवस्था का दिखावा भी नहीं कर रहे, तानाशाही डिक्लेयर कर दी है. पश्चिम बंगाल में जो ईडी के साथ होता है वो सही ही होता है फिर तो।  इससे पहले 15 अप्रैल को भी ईडी ने आम आदमी पार्टी से जुड़े राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और उनके परिवार से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान गुरुग्राम, पंजाब और जालंधर समेत कई जगहों पर एक साथ कार्रवाई की गई थी. जांच कथित तौर पर फंड से जुड़े मामलों और यूनिवर्सिटी से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की जा रही थी।  खुलासे होने की संभावना इस पूरे घटनाक्रम के बीच संजीव अरोड़ा या उनके कार्यालय की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे अटकलों का बाजार और भी गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जांच में कोई ठोस तथ्य सामने आते हैं, तो इसका असर राज्य की राजनीति पर पड़ सकता है। फिलहाल, ईडी की टीम द्वारा की जा रही यह कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इससे जुड़े कोई बड़े तथ्य सामने आते हैं या नहीं। कौन हैं संजीव अरोड़ा और कहां-कहां रेड? ईडी अभी पंजाब के मंत्री श्री संजीव अरोड़ा, उनके बि नेस पार्टनर लुधियाना के श्री हेमंत सूद और जालंधर के चंद्रशेखर अग्रवाल के घरों और बिज़नेस की जगहों पर तलाशी ले रही है. संजीव अरोड़ा M/s Hampton Sky Realty Ltd (पहले M/s Ritesh Properties and Industries Ltd) कंपनी के प्रमोटर हैं, जो पंजाब में बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स का काम करती है. उनके बेटे काव्य अरोड़ा अभी कंपनी के MD हैं और उनके यहां भी तलाशी ली जा रही है।  • संजीव अरोड़ा की कंपनी पर कई तरह की गड़बड़ियों का शक है. जैसे पंजाब में ज़मीन के इस्तेमाल में गैर-कानूनी बदलाव करना, शेयर की कीमतें बढ़ाने के लिए फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर बिक्री दिखाना, शेयर बाज़ार में इनसाइडर ट्रेडिंग के घोटाले करना, UAE से भारत में गलत तरीके से कमाए गए पैसों और गैर-कानूनी सट्टेबाजी के पैसों की राउंडट्रिपिंग करना, वगैरह।

28 हजार कर्मचारियों से हर घर का सर्वे, जानें मान सरकार के इस बड़े कदम के पीछे की रणनीति

चंडीगढ़  पंजाब की सियासत और सामाजिक ताने-बाने में 1 अप्रैल 2026 से एक ऐसी हलचल शुरू हो चुकी है, जो आने वाले दशकों तक अपना असर छोड़ेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब के पहले जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वे का बिगुल फूंक दिया गया है। करीब 250 करोड़ रुपये के भारी भरकम बजट और 28 हजार प्रगणकों की फौज के साथ पंजाब के करीब 65 लाख परिवारों का दरवाजा खटखटाने की यह कवायद जारी है। सरकार का लक्ष्य साफ है कि अगले तीन महीनों में पंजाब के हर घर का कच्चा चिट्ठा सरकारी फाइलों में दर्ज हो जाए।  हम समझेंगे कि क्या यह सिर्फ एक सरकारी गिनती है या फिर पंजाब की रवायतों और हकीकतों को बदलने वाला कोई बड़ा मास्टरप्लान। आखिर क्यों पड़ी इस भारी भरकम सर्वे की जरूरत ? हकीकत यह है कि पंजाब में अनुसूचित जाति आबादी करीब 32 प्रतिशत है, जो पूरे देश में सबसे ज्यादा है। लेकिन यहां एक बड़ा पेंच है। यह आबादी कोई एकजुट समूह नहीं है। इस वर्ग में वाल्मीकि, रविदासिया, अधर्मी और मजहबी सिख जैसी कई जातियां शामिल हैं। इन सभी जातियों के बीच अपनी-अपनी अलग चुनौतियां और दूरियां हैं। अब तक सरकारों के पास कोई ठोस डाटा नहीं था कि विकास का पैसा वाकई किस घर की दहलीज तक पहुंचा है और कौन सा वर्ग आज भी पीछे छूटा हुआ है। यह सर्वे इसी बड़े डाटा गैप को भरने की एक गंभीर कोशिश है। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और कानूनी पेच इस सर्वे का एक बहुत गहरा कानूनी कनेक्शन भी है। अगस्त 2024 का वह ऐतिहासिक दिन याद कीजिए जब सुप्रीम कोर्ट ने द स्टेट ऑफ पंजाब बनाम दविंदर सिंह केस में एक अहम फैसला सुनाया था। अदालत ने साफ कहा था कि राज्य सरकारें आरक्षण के अंदर उप-वर्गीकरण कर सकती हैं। यानी आरक्षण के भीतर भी उन जातियों को प्राथमिकता दे सकती हैं जो सबसे ज्यादा पिछड़ी हुई हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट की एक सख्त शर्त भी थी। कोर्ट का कहना था कि सरकारों के पास ऐसा करने के लिए मात्रात्मक और विश्वसनीय डाटा होना चाहिए। एक अप्रैल से शुरू हुआ यह सर्वे असल में वही डाटा जुटाने की कानूनी कवायद है, जिससे कल को सरकार के किसी भी फैसले को अदालत में चुनौती ना दी जा सके। सियासत की बिसात और 2027 के चुनाव का कनेक्शन जाहिर है जहां डाटा है, वहां राजनीति भी होगी। पंजाब की राजनीतिक पिच पर फिलहाल सभी दल इस सर्वे के साथ खड़े दिख रहे हैं। कांग्रेस जहां इसे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और उनके निरंतर दबाव की जीत बता रही है, वहीं भाजपा के दिग्गज नेता भी इसे सामाजिक न्याय के लिए एक क्रांतिकारी कदम मान रहे हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए यह अपना चुनावी वादा पूरा करने और 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़े वोट बैंक को साधने का सीधा मौका है। निजता का डर: क्या सुरक्षित रहेगी आपकी निजी जानकारी ? इस बड़े कदम के साथ सबसे बड़ी चिंता निजता की उठ रही है। जब 28 हजार सरकारी कर्मचारी आपके घर आकर आपकी जाति, आपकी कमाई और आपकी निजी जिंदगी के सवाल पूछेंगे, तो डर लगना लाजमी है। क्या यह डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा? क्या डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन एक्ट के इस दौर में सरकार लोगों की प्रोफाइलिंग होने से रोक पाएगी? हालांकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्ण गोपनीयता का भरोसा दिया है, लेकिन डिजिटल दौर में भरोसे और हकीकत के बीच हमेशा एक बारीक लकीर होती है। अंत में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह डाटा वाकई पंजाब की सदियों पुरानी असमानता को खत्म करने का औजार बनेगा या फिर यह जातियों की दीवारें और ऊंची कर देगा। सर्वे के नतीजे ही भविष्य के इस पंजाब की असली तस्वीर साफ करेंगे।

फर्जी शादी के तहत फंसी NRI महिला की हत्या, पंजाब में रची गई खौफनाक साजिश

अमृतसर  अमेरिका के सिएटल में रहने वाली 69 साल की रूपिंदर कौर लंबे समय से अकेली थीं और अपने जीवन में प्यार की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात इंटरनेट के जरिए चरणजीत सिंह ग्रेवाल नाम के एक व्यक्ति से हुई, जिसने उनसे शादी करने का वादा किया। चरणजीत ने खुद को अमीर और अच्छा इंसान बताया, जिससे रूपिंदर कौर उस पर भरोसा कर बैठीं और शादी के लिए भारत आ गईं, लेकिन भारत पहुंचने के बाद कहानी बदल गई। एयरपोर्ट पर चरणजीत नहीं आया। उसकी जगह उसके दो साथी सुखजीत सिंह ग्रेवाल और मनवीर सिंह ग्रेवाल उन्हें अपने साथ ले गए। उन्होंने कहा कि दूल्हा बाद में आएगा और तब तक वे उनका ख्याल रखेंगे। उन्होंने रूपिंदर कौर को “मां” कहकर भरोसा दिलाया, लेकिन असल में वे उन्हें ठग रहे थे। उन्होंने डराया कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है और केस सुलझाने के नाम पर उनसे करीब 40 लाख रुपये और 40 तोला सोना ले लिया। कुछ दिनों बाद, 12-13 जुलाई की रात, इन लोगों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। फिर सबूत मिटाने के लिए उनके शव के टुकड़े किए, जलाया और नाले में फेंक दिया। इस पूरे मामले का खुलासा उनकी बड़ी बहन कमलजीत कौर ने किया। उन्हें शक हुआ जब उनकी बहन का फोन बंद हो गया। उन्होंने सारे चैट और सबूत इकट्ठा कर पुलिस को दिए। पुलिस ने जांच के बाद एक आरोपी सुखजीत को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी चरणजीत अभी फरार है। अब इस केस में डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह साबित होगा कि जो अवशेष मिले हैं, वे रूपिंदर कौर के ही हैं। उनकी बहन आज भी न्याय का इंतजार कर रही हैं।

CBSE Class 10th: चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने टॉप किया, अभय सिंह बने टॉपर

चंडीगढ़ चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों ने सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 के नतीजों में अपनी सफलता का परचम लहराया है. इस साल सरकारी स्कूलों के शैक्षणिक स्तर में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है, जिसने शहर के शिक्षा मॉडल की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है।  आंकड़ों में बड़ी छलांग इस साल चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों का कुल पास प्रतिशत बढ़कर 88.25% पहुंच गया है, जो पिछले साल (81.18%) के मुकाबले 7.07% ज्यादा है. दिलचस्प बात यह है कि इस बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या (9,356) पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम थी, लेकिन पास होने वाले छात्रों की संख्या (8,257) बढ़ गई है. यह आंकड़ा दर्शाता है कि पढ़ाई की गुणवत्ता पर दिया गया जोर रंग ला रहा है।  होनहारों ने गाड़े झंडे इस बार न केवल पास होने वालों की संख्या बढ़ी है, बल्कि 'हाई स्कोरर्स' की लिस्ट भी लंबी हुई है. 95% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल 11 थी, जो इस बार लगभग दोगुनी होकर 21 हो गई है. वहीं, 120 से ज्यादा छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए हैं।  शहर के चमकते सितारे: अभय सिंह (GMSSS सेक्टर 33-D): 98.8% सान्वी बिंजोला (GGMSSS सेक्टर 20-B): 98.4% विष्णु देव (GMSSS सेक्टर 35-D): 98.2% इसके अलावा अनुज शर्मा (97.4%), रिधिमा (96.8%) और जयकृत सिंह (96.8%) ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।  17 स्कूलों का 'परफेक्ट' स्कोर स्कूल स्तर पर भी नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं. शहर के 17 सरकारी स्कूलों ने 100% पास प्रतिशत हासिल किया है. वहीं, 23 स्कूल ऐसे रहे जहाँ 95% से ज्यादा छात्र सफल हुए. 10 अन्य स्कूलों ने भी 90 से 95 फीसदी के बीच शानदार प्रदर्शन किया है।  शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस सफलता के पीछे साल भर चली कड़ी मेहनत और सटीक रणनीति है. कमजोर छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज, स्ट्रक्चर्ड रिवीजन प्लान और मेंटरिंग प्रोग्राम जैसे कदमों ने नतीजों को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।  शिक्षा निदेशक, चंडीगढ़ ने इस उपलब्धि पर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य अब 'मिशन 100%' को पूरी तरह हासिल करना है ताकि आने वाले समय में शहर का हर सरकारी स्कूल शत-प्रतिशत रिजल्ट दे सके। 

Punjab Women Police: महिला पुलिसकर्मी पंजाब में बड़े अभियानों का नेतृत्व कर रही हैं, ऑपरेशन प्रहार से गैंगस्टर तक

चंडीगढ़   गैंगस्टर-विरोधी महत्वपूर्ण मुहिमों की निगरानी से लेकर समुदाय-केंद्रित पहलों का नेतृत्व करने तक, पंजाब पुलिस की महिला अधिकारी न केवल आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर रही हैं बल्कि पुलिस के भीतर नेतृत्व की नयी परिभाषा गढ़ रही हैं। नेतृत्व की भूमिकाओं में महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति ने पंजाब पुलिस को देश की सबसे प्रगतिशील कानून प्रवर्तन एजेंसियों में से एक बना दिया है। अधिकारियों ने बताया कि महिला अधिकारी वर्तमान में 'गैंगस्ट्रां ते वार' और 'ऑपरेशन प्रहार' जैसे प्रमुख अभियानों की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि ये अधिकारी न केवल राज्य को अपराध से बचा रही हैं बल्कि युवा महिलाओं की एक नई पीढ़ी को कानून प्रवर्तन में करियर बनाने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। वर्तमान में पुलिस के विशेष महानिदेशक (एसडीजीपी) से लेकर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) तक विभिन्न पदों पर 79 महिला अधिकारी तैनात हैं। पंजाब पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक पंजाब पुलिस में चार एसडीजीपी, एक अपर डीजीपी (पुलिस महानिदेशक), दो पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), दो उप आईजी, 18 वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/सहायक आईजी, 23 पुलिस अधीक्षक (एसपी), एक सहायक एसपी तथा 28 उप एसपी शामिल हैं। इन 79 अधिकारियों में से पांच अधिकारी फील्ड ड्यूटी पर तैनात हैं, जिसके तहत उन्हें 'गैंगस्ट्रां ते वार' सहित विभिन्न अभियानों की निगरानी और उनमें भागीदारी करनी होती है। बयान में कहा गया है कि ये अधिकारी अपराध से निपटने के लिए लगन से काम करते हैं, वहीं उनके परिवार और टीम के सदस्य उनके योगदान पर गर्व करते हैं। मजबूत शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यताओं के साथ पुलिस में शामिल होने वाली महिला अधिकारियों ने परिचालन और प्रशासनिक भूमिकाओं में सक्षम नेताओं के रूप में खुद को जल्दी ही स्थापित कर लिया है। फरीदकोट की एसएसपी प्रज्ञा जैन ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक पुलिसिंग की पहचान योग्यता और समन्वय से होती है, न कि लैंगिक पहचान से। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि महिला अधिकारी हर स्तर पर अपना योगदान दे रही हैं। फरीदकोट रेंज की पुलिस महानिरीक्षक, नीलम्बरी जगदाले ने इस बात पर जोर दिया कि 'गैंगस्ट्रां ते वार' अभियान आपराधिक तंत्र को जड़ से खत्म करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि गुंडागर्दी, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के दृढ़ संकल्प के साथ पुलिस की टीम राज्य भर में माफियाओं, उनके सहयोगियों, उनके रिश्तेदारों, असामाजिक तत्वों, मादक पदार्थों के तस्करों और संगठित आपराधिक समूहों के खिलाफ लगातार लक्षित और कड़ी कार्रवाई कर रही हैं।

पंजाब में कल किसानों का रेल रोको आंदोलन, गेहूं खरीद में देरी के खिलाफ तीन घंटे तक ट्रेनें रोकी जाएंगी

चंडीगढ़  केंद्र की एजेंसियों द्वारा पंजाब में गेहूं की खरीद ठप होने के विरोध में आजाद किसान मोर्चा (एकेएम ) ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है।  मोर्चे के वरिष्ठ नेताओं सुख गिल मोगा, सतनाम सिंह हरिके, जसबीर सिंह आहलूवालिया, परमजीत सिंह जब्बोवाल और नछत्तर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक पूरे पंजाब में रेलों का चक्का जाम किया जाएगा। नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) से जुड़ी विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। इस दौरान राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से रेल यातायात रोककर सरकार तक किसानों की आवाज पहुंचाई जाएगी। सुख गिल मोगा ने कहा कि गेहूं की खरीद में हो रही देरी के कारण किसानों को मंडियों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों की लापरवाही के चलते अनाज मंडियों में पड़ा है, जिससे किसान आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। किसान नेताओं ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांग की कि गेहूं की खरीद तुरंत शुरू की जाए, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मोर्चे ने किसानों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होकर इसे सफल बनाएं, ताकि मंडियों में पड़ी गेहूं की फसल को खराब होने से बचाया जा सके और सरकारों को सबक सिखाया जा सके। इस मौके पर विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें बीकेयू, पंजाब किसान यूनियन, बाढ़ पीड़ित किसान संघर्ष कमेटी, भारतीय किसान मजदूर यूनियन समेत कई जत्थेबंदियों के नेता शामिल थे।

लहरागागा के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में ओपीडी और आईपीडी सेवाओं की शुरुआत

लहरागागा  पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल द्वारा लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले की दिशा में पहला कदम उठाते हुए, यहां के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं सहित ओपीडी और आईपीडी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। लहरागागा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ये मेडिकल सेवाएं जनहित ट्रस्ट के यूनिट आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च द्वारा प्रदान की जाएंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस संस्था को किसी भी रूप में निजी हाथों में नहीं दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है, और इसी उद्देश्य से इसे जनहित ट्रस्ट को सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के प्रयासों से बंद पड़े बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में पुनः शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पहले इस क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन अब सरकार इस क्षेत्र में विशेष ध्यान दे रही है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अगले साल से मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की कक्षाएं शुरू होंगी, साथ ही एमडी और एमएस की पढ़ाई भी शुरू की जाएगी। इससे क्षेत्र के योग्य छात्रों को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले आपातकालीन सेवाओं की कमी के कारण मरीजों को संगरूर या पटियाला जाना पड़ता था, जिससे कई बार समय पर इलाज न मिलने के कारण जान का नुकसान हो जाता था। अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर औरo आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध होंगी। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और सीटों का वितरण राज्य सरकार के नियमों के अनुसार किया जाएगा। सभी श्रेणियों के लिए फीस भी सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही ली जाएगी। इस मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस सीटों की क्षमता और कम से कम 440 बेड होंगे।