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देशभर में 14 मई को ब्लैकआउट मॉक ड्रिल? सायरन सुनते ही बंद करनी होंगी लाइटें

पूर्णिया. एक बार फिर पूर्णिया समेत सीमांचल के चारों जिले के साथ राजधानी पटना में ब्लैक आउट होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देश के आलोक में किसी भी आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए आगामी 14 मई को हवाई हमला एवं ब्लैकआउट संबंधी एक वृहद मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन, पूर्णिया की ओर से जारी सूचना में आम जनमानस से यह अपील किया गया है कि 14 मई को शहर में सायरन बजने, अचानक बिजली कटने या आपातकालीन वाहनों की आवाजाही देखकर बिल्कुल भी घबराएं नहीं। यह कोई वास्तविक आपात स्थिति नहीं है, बल्कि हमारी सुरक्षा और बचाव प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए किया जा रहा एक मॉक ड्रिल है। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन कर इस मॉक ड्रिल को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। राज्य के छह जिलों में हो रहा है आयोजन केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वर्ष में दो बार इस तरह के अर्द्धवार्षिक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाना है। राज्य के छह नागरिक सुरक्षा जिलों पटना, किशनगंज, बेगूसराय, पूर्णिया, अररिया तथा कटिहार में यह आयोजन किया जा रहा है। राज्य स्तर पर नागरिक सुरक्षा निदेशालय को इस मॉक ड्रिल के सफल आयोजन के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है, जिसकी तैयारियां राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन विभाग की निगरानी में की जा रही हैं। इस वृहद अभ्यास के दौरान आपातकाल के विभिन्न परिदृश्यों का सजीव चित्रण और प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया जाएग। बताया गया है कि सायरन बजते ही पूरे क्षेत्र की बत्तियां बंद कर अंधेरा रखना है। इसके लिए विद्युत विभाग के साथ विशेष समन्वय स्थापित किया गया है। इस मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय और उनके रिस्पांस टाइम का आकलन किया जाएगा। इसके लिए अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, पुलिस प्रशासन, होमगार्ड, रेड क्रॉस सोसाइटी एवं नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों की विशेष रूप से तैनाती की जायेगी।

सभी जिलों में पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं तलाशकर युवाओं को अवसर देने पर जोर

पटना बिहार पर्यटन विभाग हर साल चार लाख लोगों को रोजगार देगा। इस संबंध में विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत अगले पांच वर्षों का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया है। शुक्रवार को विभाग के मंत्री केदार गुप्ता ने अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने विभाग की ओर से पिछली सरकार द्वारा तय की गई योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने को कहा। इसके अलावा लंबित पड़ी योजनाओं पर फिर से जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। विभाग अपनी नयी योजना में पांच वर्षों में 20 लाख लोगों को रोजगार देगा। वर्ष 2030 तक विभाग पूरे प्रदेश में इतने युवाओं को रोजगार से जोड़ेगा। इससे बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार का भी सृजन होगा। राज्य सरकार ने सात निश्चय तीन के तहत एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसमें सभी विभागों की हिस्सेदारी तय की जा रही है। सबसे बड़ी हिस्सेदारी उद्योग विभाग के साथ पर्यटन विभाग को ही मिला है। सरकार के लक्ष्य का 20 फीसदी केवल पर्यटन विभाग ही पूरा करेगा। ऐसे में रोजगार देने के लिए पर्यटन विभाग आगे आया है। उसने आगामी पांच वर्षों में 20 लाख रोजगार देने के लक्ष्य को हर वर्ष के लिए अलग-अलग निर्धारित किया है। पर्यटन विभाग अगले पांच वर्षों में सभी जिलों में रोजगार की संभावनाओं की तलाश करेगा और फिर युवाओं को उनकी पात्रता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराएगा। युवा जिस कौशल के होंगे, उन्हें उसी में रोजगार मिलेगा। इसके लिए सभी जिलों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। उन्हें अपने-अपने जिलों में रोजगार की संभावनाओं के सेक्टर की पहचान करने और फिर उनमें युवाओं के लिए अवसर की उपलब्धता की पूरी जानकारी देने को कहा गया है। सरकार हर संभावनाओं को युवाओं के लिए सुलभ बनाएगी विशेषज्ञों के अनुसार सूबे में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इसका अबतक ढंग से विकास नहीं हो पाया है। इस समय पर्यटन के क्षेत्र में काफी कम रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। यही नहीं बहुत कम संख्या में लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अधिसंख्य रोजगार असंगठित क्षेत्र में है और वे भी अनिश्चितता वाले हैं। इसलिए राज्य सरकार ने पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के हर संभव संभावनाओं की तलाश कर उन्हें युवाओं के लिए सुलभ बनाएगी। धार्मिक पयर्टन का होगा विकास सूबे के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को विस पहुंच अपने विभाग का कार्यभार संभाला। उन्होंने विभाग के प्रधान सचिव व अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर विभाग के कामकाज की जानकारी ली। मंत्री ने बताया कि उनका लक्ष्य अगले पांच सालों में प्रदेश के उन पर्यटन क्षेत्रों का विकास करना होगा, जिनकी चर्चा बहुत कम होती है। खासकर धार्मिक पर्यटन को लेकर प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। ऐसे में उनकी प्राथमिकता पर्यटकीय महत्व वाले धार्मिक स्थलों की पहचान करना है, ताकि विभागीय अधिकारियों से विमर्श कर उनके विकास के लिए किए जाने वाले कामों की सूची तैयार की जा सके। इसके लिए वे जल्द ही एक बैठक अधिकारियों संग बुलाकर इस योजना पर काम शुरू करेंगे। इसके अलावा प्रदेश में प्राकृतिक दृश्यों वाले स्थानों की भरमार है। उनको भी विकसित कर पर्यटन के मानचित्र पर स्थान दिलाना उनकी प्राथमिकता सूची में शामिल है।

बिहार सरकार में 26 मंत्रियों ने कार्यभार संभाला, विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने पर जोर

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि अपने-अपने विभाग को ठीक से समझें और योजनाओं की समीक्षा करें। साथ ही अपने-अपने विभाग में नयी योजनाओं की संभावनाओं को तलाशें और उसका प्रस्ताव तैयार करें। राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार के अगले ही दिन मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लोक सेवा आवास, 1अणे मार्ग के लोक संवाद में सभी नवनियुक्ति मंत्रियों के साथ औपचारिक बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को यह भी कहा कि अपने विभाग की पूरी जानकारी रखें। किसी भी योजना की पूरी जानकारी लेने के बाद ही मीडिया में इससे संबंधित बायन दें। 26 मंत्रियों ने कामकाज संभाला नवगठित एनडीए सरकार में शपथ लेने के अगले ही दिन ज्यादातर मंत्रियों ने अपने-अपने महकमे का दायित्व संभाल लिया है। शुक्रवार को सुबह दस बजे से ही मंत्रियों के कामकाज संभालने का सिलसिला शुरू हो गया और यह शाम साढ़े छह बजे तक चला। इस दौरान 26 मंत्रियों ने विभागों में जाकर विधिवत कामकाज शुरू कर दिया। दायित्व संभालने वाले मंत्रियों ने विकास कार्यों में तेजी लाने तथा विभागीय योजनाओं को लाभुक तक पहुंचाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। मुख्यमंत्री समेत दोनों उप मुख्यमंत्रियों ने 15 अप्रैल को ही अपना दायित्व संभाल लिया था। गुरुवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में 32 और मंत्री मंत्रिपरिषद का हिस्सा बने। 26 मंत्रियों के दायित्व संभालने के बाद शेष छह मंत्री शनिवार से लेकर मंगलवार तक अपने-अपने विभागों में योगदान करेंगे। इनमें कृषि मंत्री विजय सिन्हा, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा, लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन, पिछड़ा-अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र शामिल हैं। अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी इलाज की सुविधा : निशांत जदयू नेता निशांत ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक इलाज पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। मुख्यमंत्री ने उनको जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसको पूरी ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में राज्य में जो भी ईमानदारीपूर्वक विकास कार्य किए, उसे भविष्य में भी जारी रखा जाएगा। वे शुक्रवार को विकास भवन स्थित स्वास्थ्य विभाग में मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। निशांत ने कहा कि शहर से लेकर गांव तक बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जायेगी। गांवों और शहरों के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं के अंतर को खत्म किया जायेगा। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में कराये जाने वाले विकास कार्यों में पूरी ईमानदारी और संवेदना बरती जाएगी। राज्य की अच्छी छवि बनाने को प्रभावी कदम उठाएं : श्रवण सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि राज्य के बाहर भी बिहार की सकारात्मक छवि को मजबूत बनाना है। वे शुक्रवार को विभाग का पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि बिहार के बाहर भी राज्य की अच्छी छवि बनाए रखने के लिए विस्तृत कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो और सोशल मीडियाका समन्वित उपयोग किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरकार की प्रमुख योजनाओं अंतिम छोर तक पहुंचाई जाए। कहा कि विभाग में मानव संसाधन की कमी को तत्काल पूरा किया जाए, जिससे बिना किसी बाधा और देरी के सभी काम पूरा हो सके। सूचना प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नवीन तकनीकों और रचनात्मक तरीकों का इस्तेमाल किया जाए।

130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा, पटना में जनजीवन अस्त-व्यस्त

 पटना बिहार में अलग-अलग इलाकों में बारिश रोज हो रही है। पिछले 24 घंटे में पटना, पूर्णिया, अररिया, वैशाली, भोजपुर और समस्तीपुर और पूर्वी चंपारण में आंधी-बारिश ने काफी तबाही मचाई। पटना में पांच सौ से अधिक पेड़ टूटकर गिर गए। पेड़ के नीचे दबने से तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं वैशाली में दो, भोजपुर में एक और समस्तीपुर में एक-एक शख्स की जान वज्रपात की चपेट में आने से हो गई। आज फिर से मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के सभी 38 जिलों में आंधी और भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान ओले गिरने के भी आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क और सावधान रहने की सलाह दी है। पटना में 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा शुक्रवार शाम को पटना का मौसम अचानक बदल गया। 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आई आंधी ने सबकुछ तबाह कर दिया। करीब 500 से अधिक पेड़ सड़क पर गिर गए। बेली रोड, गर्दनीबाग, वीरचंद्र पटेल रोड समेत कई जगह पेड़ गिरने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गई। देर रात तक बेली रोड पर लंबा जाम लगा रहा। दो किमी की दूरी तय करने में दो से ढाई घंटे तक का वक्त लग गया। पटना जू में 35 से अधिक पेड़ गिर गए। आलम यह हआ कि आज यानी शनिवार को पटना जू को बंद कर दिया गया। वहीं खराब मौसम के कारण कोलकाता से आ रही फ्लाइट डायवर्ट हो गई। पटना के 125 फीडरों से बिजली सप्लाई बंद हो गई। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। Bihar: चिता सज चुकी थी, बेटे तैयार थे; लेकिन जमीन विवाद में सात घंटे तक अटका रहा मां का अंतिम संस्कार कहां कितनी गर्मी पड़ी? मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में राज्य का अधिकतम तापमान 30 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस कैमूर में दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 20.0 से 26.6 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड हुआ। सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस फॉरबिसगंज (अररिया) में दर्ज किया गया। राज्य में सबसे अधिक 54.4 मिमी बारिश ठाकुरगंज में दर्ज की गई। इसके अलावा पलासी में 42.4 मिमी, मानपुर में 22.0 मिमी, टेढ़ागाछ में 19.6 मिमी और दिघलबैंक में 19.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। इसके साथ ही कुमारखंड में 18.2 मिमी, मेसकौर में 17.0 मिमी, फॉरबिसगंज में 15.2 मिमी और सासाराम में 13.6 मिमी बारिश हुई।

तेज हवाओं और बारिश से पटना में तबाही, पेड़ गिरे और गाड़ियां क्षतिग्रस्त, मौसम विभाग की चेतावनी

 पटना बिहार की राजधानी पटना में मौसम एक बार फिर खराब हो गया है। शुक्रवार 8 मई को दोपहर में अचानक शहर के आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल दिया। दिन में 4 बजे ही अंधेरा छा गया और तेज हवाओं के साथ शाम को बारिश शुरू हो गई। आंधी से जगह-जगह पेड़ गिर गए। मौसम विभाग ने तात्कालिक पूर्वानुमान जारी करते हुए बिहार के 6 जिलों में शाम को आंधी, बारिश, वज्रपात का रेड अलर्ट जारी किया है। इनमें मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, शिवहर और सीतामढ़ी जिले शामिल हैं। इससे पहले औरंगाबाद, गयाजी, पटना, जहानाबाद और अरवल जिले में भी रेड अलर्ट की चेतावनी जारी की गई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के भीतर राज्य भर में मौसम खराब रहने की आशंका जताई है। शनिवार 9 मई को राज्य के अधिकांश जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने, बारिश के साथ आंधी और ओलावृष्टि का खतरा बना रहेगा। लोगों से खराब मौसम में सावधान रहने की अपील की गई है। पटना में बारिश पटना में गिरे पेड़, गाड़ियां दबीं राजधानी में शुक्रवार दोपहर बाद आई आंधी से कई जगहों पर नुकसान की खबर है। हार्डिंग रोड सिंचाई भवन के पास तेज हवा से एक पेड़ गिर गया, इससे ठेला और बाइक उसके नीचे दब गई। हज भवन के पास भी सड़क किनारे पेड़ गिरने से एक गाड़ी उसके नीचे दब गई। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पटना में आंधी से गिरे पेड़ बिहार में जारी है आंधी, बारिश का दौर बिहार में इस सप्ताह मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन आंधी, ओलावृष्टि और वज्रपात से विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है। पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को दक्षिण बिहार, पूर्वी बिहार और सीमांचल के कुछ जिलों में बरसात हुई। किशनगंज, अररिया, गयाजी, मधेपुरा, नवादा, रोहतास, नालंदा, कैमूर जैसे जिलों में कुछ जगहों पर पानी गिरा। पटना में दो दिन बारिश के आसार राजधानी में अगले दो दिनों तक आंधी-बारिश के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 9 और 10 मई को पटना में बादल छाए रहेंगे और मेघगर्जन के साथ बारिश के एक-दो दौर चल सकते हैं। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। कब तक खराब रहेगा बिहार का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी यूपी में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी यूपी और उससे सटे बिहार के इलाकों में भी हवा का एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इसका असर मौसम पर दिख रहा है। 9 मई को बिहार के अधिकांश हिस्सों में बरसात की संभावना जताई जा रही है। अगले सप्ताह से मौसम के सामान्य होने के आसार हैं। आंधी-बारिश का दौर खत्म होने के बाद राज्य में तापमान में अचानक बढ़ोतरी होगी। साथ ही भीषण गर्मी का दौर फिर शुरू हो जाएगा।

झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता, AK-47 बरामद

लातेहार झारखंड में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। प्रतिबंधित झारखंड जन मुक्ति परिषद से जुड़े दो माओवादियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ लातेहार जिले के कुरुखेता जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।पुलिस अधीक्षक (एसपी) कुमार गौरव ने बताया कि मंगलवार को एक खुफिया सूचना के बाद जंगल में चलाए गए एक अभियान के दौरान मनोज लोहरा (26) और महादेव सिंह (24) को पकड़ा गया। इस तरह झारखंड को नक्सलमुक्त बनाने में सुरक्षाबलों ने एक कदम और बढ़ा दिया है। भारी मात्रा में हथियार भी मिला बयान के आधार पर हमने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया। संगठन के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। अधिकारी ने बताया कि बरामद की गई वस्तुओं में एक एके-47 राइफल, 318 कारतूस, मोबाइल फोन और सिम कार्ड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई कुटमखेता जंगल क्षेत्र में छापामारी के दौरान की गई, जहां पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने एसपी के गुप्त सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। छापेमारी के दौरान पुलिस को देखते ही उग्रवादी भागने लगे, लेकिन सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर दो लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान 26 वर्षीय मनोज लोहरा, पिता भुनेश्वर लोहरा, ग्राम जोबला (ताल पांकी, पलामू) और 24 वर्षीय मनोज महादेव सिंह, पिता स्व. आदन सिंह, ग्राम सिमरियाटांड़, लातेहार के रूप में हुई है। पुलिस ने क्या बताया पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने प्रेस वार्ता कर बताया किनक्सल विरोधी अभियान में लगातार सफलता मिल रही है और माओवादी व जेजेएमपी जैसे संगठन कमजोर पड़ते जा रहे हैं। एसपी ने बताया कि मनोज लोहरा के पास से एसएलआर राइफल, मैगजीन, गोली, मोबाइल फोन सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। वहीं छापेमारी के दौरान झाड़ियों से एके-47 राइफल, मैगजीन, गोली, मोबाइल और वायरलेस सेट भी बरामद हुआ है। बरामद हथियारों और सामग्रियों से स्पष्ट है कि उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में थे। इस संबंध में मनिका थाना कांड संख्या 41/26, दिनांक 05 मई 2026 दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस शंकर राम नामक अन्य उग्रवादी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अभियान में पुलिस अधिकारियों के साथ सशस्त्र बल के जवानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसमें पुलिस पदाधिकारी प्रभात कुमार दास, यकीन अंसारी, सेट-42 कुमंडीडी पिकेट, सेट-137 आईआरबी-04 छिपादोहर के जवान और मनिका थाना के रिजर्व गार्ड शामिल थे।

प्रदूषण रोकने के लिए पटना प्रशासन सख्त, बड़े संस्थानों पर नई जिम्मेदारी

 पटना बिहार की राजधानी पटना में बढ़ते वायु प्रदूषण और गंदगी को कंट्रोल करने के लिए प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। अगर आप भी अब तक घर या मोहल्ले का कचरा सड़क किनारे, किसी खाली प्लॉट में खुले में फेंक देते थे या फिर उसे एक जगह इकट्ठा कर आग लगा देते थे, तो अब आपको सावधान होने की जरूरत है। पटना में अब खुले में कचरा फेंकने और उसे जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इन नियमों की अनदेखी करने वालों पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ सीधे FIR भी दर्ज किया जाएगा। बड़े संस्थानों, मॉल और अपार्टमेंट्स पर कसेगा शिकंजा प्रदूषण नियंत्रण पर्षद का यह नया आदेश विशेष रूप से बड़े कचरा उत्पादकों को ध्यान में रखकर लागू किया गया है। नए नियमों के तहत शहर के बड़े शॉपिंग मॉल, व्यावसायिक संस्थान, और बड़े आवासीय अपार्टमेंट्स अब अपना कचरा यूं ही खुले में या केवल नगर निगम के भरोसे नहीं छोड़ सकेंगे। इन सभी बड़े संस्थानों को अनिवार्य रूप से अपने स्तर पर ही कचरे का वैज्ञानिक तरीके से डिस्पोज करना होगा। कचरे को अलग-अलग कर उसे डिस्पोज करने की पूरी जिम्मेदारी अब खुद संस्थानों की होगी, जिससे शहर की सड़कों पर कचरे का अंबार न लगे। ईपीआर प्रमाण पत्र लेना जरूरी इस नई और सख्त व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए पर्षद ने सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को भी अनिवार्य कर दिया है। अब कचरा प्रबंधन के तहत सभी बड़े संस्थानों, मॉल्स और अपार्टमेंट्स को संबंधित स्थानीय निकाय (जैसे- पटना नगर निगम) से ईपीआर (Extended Producer Responsibility) प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जिन संस्थानों के पास कचरा निस्तारण का उचित प्रबंध और यह ईपीआर सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त पटना की दिशा में बड़ा कदम बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने इसे 'स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त पटना' बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया है। अक्सर देखा जाता है कि ठंड के मौसम में लोग जगह-जगह कचरा जलाते हैं, जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं शहर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को खतरनाक स्तर पर पहुंचा देता है। इस नई सख्ती से शहर की आबोहवा में सुधार होने की पूरी उम्मीद है।

अंगिका और अन्य स्थानीय भाषाओं को परीक्षा में जगह देने पर मंथन शुरू

 महगामा  झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा में अंगिका सहित क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को शामिल करने की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। महागामा विधायक और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पहल पर राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। 13 अप्रैल को मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर अंगिका, संथाली, मगही, मैथिली, भोजपुरी, कुड़माली और खोरठा जैसी स्थानीय भाषाओं को परीक्षा में विकल्प के रूप में शामिल करने की मांग की थी। मंत्री ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन में बताया कि संथालपरगना समेत राज्य के कई क्षेत्रों में अंगिका और अन्य क्षेत्रीय भाषाएं व्यापक रूप से बोली जाती हैं। परीक्षा व्यवस्था में इन भाषाओं का अभाव स्थानीय युवाओं को अवसरों से वंचित कर रहा है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में अंगिका को शामिल नहीं किए जाने पर छात्रों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ी थी। इसके बाद, राज्य सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने 5 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। यह समिति राज्य के विभिन्न जिलों में भाषाई स्थिति, जनभावनाओं और व्यावहारिक पक्षों का अध्ययन कर सरकार को अनुशंसा सौंपेगी। समिति में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को समन्वयक बनाया गया है, जबकि श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, पेयजल मंत्री योगेन्द्र प्रसाद और नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सदस्य हैं। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं का शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में समावेश झारखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। अंगिका साहित्य कला मंच और अन्य सामाजिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। अब छात्रों और भाषा प्रेमियों की नजर समिति की रिपोर्ट और सरकार के अगले निर्णय पर है।  

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए नियम में बदलाव की तैयारी

रांची  राज्य में सेवा देने वाले दूसरे राज्यों के चिकित्सकों को झारखंड में निबंधन से छूट मिलेगी। इसके लिए झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल के संबंधित प्रविधानों में संशोधन किया जाएगा। झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए यह छूट प्रदान करने पर विचार किया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सह नोडल पदाधिकारी छवि रंजन की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में यह निर्णय लेते हुए झारखंड में निबंधन से छूट की अनुशंसा राज्य सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया। बैठक में झारखंड मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. साहिर पाल, रजिस्ट्रार सह सचिव डॉ. विमलेश कुमार सिंह तथा आईएमए, झारखंड के प्रतिनिधि डॉ. शंभू प्रसाद उपस्थित थे। बैठक में झारखंड स्टेट मेडिकल काउंसिल रूल, 2023 के नियम 55 की विस्तार से समीक्षा की गई। वर्तमान नियम के अनुसार, झारखंड में चिकित्सा सेवा देने वाले सभी चिकित्सकों के लिए राज्य में निबंधन अनिवार्य है। इसके तहत दूसरे राज्यों से आनेवाले चिकित्सकों को भी झारखंड में निबंधन अनिवार्य है। भले ही वे पहले से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग या किसी अन्य राज्य मेडिकल काउंसिल में निबंधित हों। झारखंड में बिना निबंधन वे राज्य में प्रैक्टिस नहीं कर सकते। बैठक में इस नियम से उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि बाहर से आनेवाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को अतिरिक्त औपचारिकताओं के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता भी प्रभावित होती है। विमर्श के बाद नियम में आवश्यक संशोधन को लेकर राज्य सरकार को अनुशंसा भेजे जाने पर सहमति बनी।  

आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 2.50 लाख के 6 मोबाइल बरामद

मुजफ्फरपुर रेल पुलिस की आरपीएफ टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर जंक्शन से यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है। रेल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ अभियान के दौरान दो शातिरों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में एक अररिया और दूसरा पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। आरपीएफ टीम ने इनके पास से करीब 2.50 लाख रुपये कीमत के 6 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस दौरान मुख्य आरोपी रिंकू कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसके खिलाफ कई जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुई संयुक्त कार्रवाई दरअसल, यह कार्रवाई आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम ने मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर की। टीम ने एक शातिर अपराधी और उसके साथ एक किशोर को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें 5 महंगे टचस्क्रीन मोबाइल और 1 कीपैड फोन शामिल है। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये आंकी गई है। भीड़ का फायदा उठाकर उड़ाते थे मोबाइल पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे जंक्शन पर भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के मोबाइल चोरी करते थे। पुलिस को आशंका है कि यह गैंग लंबे समय से रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सक्रिय था और यात्रियों को निशाना बना रहा था। कई जिलों में दर्ज हैं मुख्य आरोपी पर मामले पूरे मामले को लेकर आरपीएफ मुजफ्फरपुर के इंचार्ज मनीष कुमार ने बताया कि रेल पुलिस की टीम ने यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा है। जांच और पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार अररिया निवासी रिंकू कुमार एक शातिर पेशेवर अपराधी है। उसके खिलाफ बेगूसराय, कटिहार और पटना जीआरपी में चोरी के अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी रेल पुलिस की टीम अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा और बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।