samacharsecretary.com

कॉपियों के बंडल में छिपाकर ले जा रहे थे शराब, मुजफ्फरपुर में ऑटो चालक गिरफ्तार

 मुजफ्फरपुर शराब की तस्करी करने को लेकर धंधेबाज नए-नए आइडिया अपना रहे हैं। धंधेबाजों ने किताब-कापी को भी नहीं छोड़ा है। उत्पाद विभाग की कार्रवाई में पहली बार चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल, अहियापुर के भिखनपुर से उत्पाद विभाग की टीम ने एक आटो को पकड़ा। इसकी तलाशी लेने पर कापियों का बंडल मिला। जब इसे खोला गया तो पाया कि कापियों को काटकर इसके बीच में शराब की बोतलों को छिपाया गया है। गिनती करने पर यह 360 बोतल पाई गई। उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार राम ने बताया कि कांटी के आटो चालक सद्दाम अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। उसके विरुद्ध अभियाेग दर्ज कर जेल भेजने की कवायद की जा रही है। सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा उन्होंने बताया कि ऑटो से शराब की आपूर्ति करने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर एएसआई राजा जन्मेजय के साथ छापेमारी की गई। ऑटो को रोककर तलाशी लेने पर शराब मिली। जब्त शराब की बोतलों पर उत्तर प्रदेश निर्मित लिखा है। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह नकली प्रतीत हो रहा है। इसलिए इसका सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि बोरियों के बंडल में कापियां रखी गई थी। इसे इस प्रकार की पैकिंग किया गया था कि बाहर से देखने पर संदेह नहीं हो रहा था, लेकिन सटीक सूचना के आधार पर बोरियों के बंडल को खोला गया तो कापियों से 180 एमएस वाली प्लास्टिक की शराब की बोतल मिली।

गंगा उफान पर, बिहार के 11 जिलों में 10 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित; मंत्री संभालेंगे मोर्चा

पटना बिहार में भारी बारिश और प्रमुख नदियों में उफान के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की निगरानी का काम सौंपा है। उनके साथ प्रभारी सचिवों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बक्सर से पटना, समस्तीपुर और भागलपुर तक कई इलाके जलमग्न हैं। पटना में बाढ़ के चलते अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। सीएम सम्राट लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाके के हवाई सर्वे पर निकले हैं। शनिवार को वह भागलपुर में बाढ़ से राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। बिहार सरकार की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की सघन निगरानी का काम प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को सौंपा है। जिन 13 जिलों के लिए निर्देश जारी हुए हैं, उनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव संबंधित जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और जमीन पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करेंगे। पटना में बाढ़ से हाई अलर्ट सीएम सम्राट ने पटना के शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर की विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं। पटना में तटबंध और आसपास के क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। गंगा नदी का जलस्तर पटना में गांधी घाट के पास गंगा नदी खतरे के निशान ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज साइट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 1.93 मीटर ऊपर है। नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है। अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की चेतावनी दी है। बिहार बाढ़ की स्थिति बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने ली। वह शनिवार को फिर पटना में सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। अधिकारियों को तटबंधों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए। बिहार बाढ़ से 10 लाख आबादी प्रभावित- सरकार आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को कहा कि बिहार के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में 10.28 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इन जिलों में बाढ़ की निगरानी करेंगे प्रभारी मंत्री-     बक्सर – नंद किशोर राम     भोजपुर – अरुण शंकर प्रसाद     पटना – विजय चौधरी     सारण – बिजेंद्र प्रसाद यादव     वैशाली – निशांत कुमार     बेगूसराय – रामकृपाल यादव     समस्तीपुर – दामोदर रावत     लखीसराय – सुनील कुमार     खगड़िया – मदन सहनी     मुंगेर – संजय पासवान     भागलपुर – नीतीश मिश्रा     कटिहार – प्रमोद चंद्रवंशी

JPSC घोटाले में एल खियांग्ते को राहत नहीं, कोर्ट ने जमानत से किया इनकार

रांची जेपीएससी नियुक्ति घोटाला मामले में जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को राहत नहीं मिली है। सीआईडी कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। इससे पूर्व, 3 सितंबर को दोनों पक्षों की ओर से विस्तृत बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने तर्क प्रस्तुत किया कि उनके मुवक्किल के विरुद्ध कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है। दोषी ठहराए जाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी द्वारा की गई छापेमारी में भी ऐसा कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या साक्ष्य नहीं मिला जो उन्हें दोषी ठहराए, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। दूसरी ओर, सीआईडी की जांच रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि एक ब्लैकलिस्टेड निजी कंपनी (टीडीपीएल) को परीक्षा आयोजित करने का काम दिलाने और इसके एवज में भारी कमीशन लेने में उनकी मुख्य भूमिका रही है। पूछताछ के दौरान साक्ष्य नष्ट करने की कोशिशों की बात सामने आने पर सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

पटना में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट, 13 जिलों की निगरानी के लिए मंत्रियों और सचिवों की तैनाती

 पटना बिहार में भारी बारिश और प्रमुख नदियों में उफान के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की निगरानी का काम सौंपा है। उनके साथ प्रभारी सचिवों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बक्सर से पटना, समस्तीपुर और भागलपुर तक कई इलाके जलमग्न हैं। पटना में बाढ़ के चलते अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। सीएम सम्राट लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाके के हवाई सर्वे पर निकले हैं। शनिवार को वह भागलपुर में बाढ़ से राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। बिहार सरकार की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की सघन निगरानी का काम प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को सौंपा है। जिन 13 जिलों के लिए निर्देश जारी हुए हैं, उनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव संबंधित जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और जमीन पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करेंगे। पटना में बाढ़ से हाई अलर्ट सीएम सम्राट ने पटना के शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर की विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं। पटना में तटबंध और आसपास के क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। गंगा नदी का जलस्तर पटना में गांधी घाट के पास गंगा नदी खतरे के निशान ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज साइट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 1.93 मीटर ऊपर है। नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है। अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की चेतावनी दी है। बिहार बाढ़ की स्थिति बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने ली। वह शनिवार को फिर पटना में सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। अधिकारियों को तटबंधों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए। बिहार बाढ़ से 10 लाख आबादी प्रभावित- सरकार आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को कहा कि बिहार के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में 10.28 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इन जिलों में बाढ़ की निगरानी करेंगे प्रभारी मंत्री-     बक्सर – नंद किशोर राम     भोजपुर – अरुण शंकर प्रसाद     पटना – विजय चौधरी     सारण – बिजेंद्र प्रसाद यादव     वैशाली – निशांत कुमार     बेगूसराय – रामकृपाल यादव     समस्तीपुर – दामोदर रावत     लखीसराय – सुनील कुमार     खगड़िया – मदन सहनी     मुंगेर – संजय पासवान     भागलपुर – नीतीश मिश्रा     कटिहार – प्रमोद चंद्रवंशी

झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में AI की एंट्री, शिक्षक दिवस पर हेमंत सोरेन ने बताया भविष्य का रोडमैप

रांची शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में तकनीक के बढ़ते महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा के तरीके में भी बदलाव जरूरी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत नई तकनीक विद्यार्थियों को उनकी जरूरत के मुताबिक बेहतर शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। डॉ. राधाकृष्णन को किया नमन मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक और भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार दिया। शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर सरकार का फोकस हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर मौजूद कमियों को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षा व्यवस्था में प्रभावी सुधार लाकर विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। AI से बदलेगा पढ़ाने का तरीका मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में AI और आधुनिक तकनीक शिक्षण प्रक्रिया को ज्यादा सहज और प्रभावी बना सकती है। तकनीक के इस्तेमाल से विद्यार्थियों की जरूरत और क्षमता के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक शिक्षा के साथ मूल्यों से जुड़ाव जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है। नई पीढ़ी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उसे अपने मूल्यों, संस्कृति और जड़ों से जोड़े रखना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि समाज और नई पीढ़ी के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

झारखंड के 4 बड़े NH होंगे NHAI के हवाले, केंद्र ने ट्रैफिक के आधार पर लिया फैसला

 रांची  झारखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों को लेकर अब व्यवस्था बदलने वाली है। राज्य के जिन हाईवे पर ज्यादा ट्रैफिक रहता है, उनके रखरखाव और निर्माण कार्य राज्य सरकार से हटाकर केंद्र की एजेंसी एनएचएआई को दी जाएगी। इन सड़कों का निर्माण, रखरखाव और विस्तार एनएचएआई की निगरानी में होगा। केंद्र के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने झारखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों की ट्रैफिक के आधार पर समीक्षा की। 10 हजार से ज्यादा वाहन गुजरने वाले एनएच को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसी समीक्षा के बाद मंत्रालय ने 21 अगस्त को राज्य के मुख्य सचिव और एनएचएआई चेयरमैन को पत्र भेजकर नई व्यवस्था की जानकारी दी। पहले चरण में चार एनएच को एनएचएआई के को देने का फैसला हुआ है। इनमें एनएच-139, एनएच-522 और एनएच-114A को तुरंत एनएचएआइ को सौंपा जाएगा, क्योंकि इन मार्गों पर फिलहाल कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है। एनएच-20 का एक हिस्सा राज्य के पास रहेगा। इसके 116 से 176 किलोमीटर के बीच चल रहे काम को पूरा कराया जाएगा और उसके बाद इस हिस्से की जिम्मेदारी भी एनएचएआई को दे दी जाएगी। हालांकि, सभी सड़कों की जिम्मेदारी अभी नहीं बदली है। एनएच-220 को फिलहाल झारखंड के पथ निर्माण विभाग के पास ही रखा गया है। वहीं, एनएच-419 के 49 से 65 किलोमीटर और एनएच-133 के 93 से 131 किलोमीटर वाले हिस्सों पर काम धनबाद स्थित सड़क परिवहन मंत्रालय के परियोजना कार्यान्वयन इकाई के जरिए जारी रहेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि केंद्र की नजर अब पूरे झारखंड के एनएच नेटवर्क पर है। मंत्रालय इस विकल्प पर भी विचार कर रहा है कि राज्य के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को राज्य सरकार की व्यवस्था से हटाकर सड़क परिवहन मंत्रालय के परियोजना कार्यान्वयन इकाई के जरिए संचालित किया जाए।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: इंजीनियरिंग-पॉलीटेक्निक का रिजल्ट 24 घंटे में, मैट्रिक परिणाम 7 दिन में

पटना बिहार में मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है। राज्य के करीब सात लाख से अधिक शिक्षकों के प्रशिक्षण और गुणवत्ता में सुधार के लिए एक अलग से विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी ये घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मंत्री शीला कुमारी मौजूद रहीं। 24 घंटे में इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक का रिजल्ट मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में लेटलतीफी पर चिंता जताते हुए कहा कि इंजीनियरिंग व पाॅलिटेक्निक का परिणाम 24 घंटे में जारी करने की व्यवस्था खड़ी की जाएगी। यदि किसी छात्र के अंक कम आते हैं, तो उसके लिए 15 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देकर तुरंत परिणाम पाने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। परीक्षा सुधार को लेकर पटना उच्च न्यायालय के एक 'सिटिंग जज' की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से आग्रह किया कि कॉपियों के मूल्यांकन को पूरी तरह से विकेंद्रीकृत कर सेंटर वाइज रिजल्ट जारी करने की दिशा में काम किया जाए नए विश्वविद्यालय में शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य में लगभग सात लाख से अधिक शिक्षक हैं। इनकी गुणवत्ता और सहूलियत के लिए सरकार एक नया विश्वविद्यालय बनाएगी, जो विशेष रूप से शिक्षकों के प्रशिक्षण का काम करेगा। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति को भी बेहद आसान बनाया गया है। अब महिला शिक्षक यदि अपनी वर्तमान पोस्टिंग से हटना चाहती हैं, तो उन्हें बगल की पंचायत में पोस्टिंग दी जाएगी। वहीं, पुरुष शिक्षक भी अपने पंचायत या प्रखंड के बगल में तबादला ले सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लाखों बच्चे कोटा जाकर तैयारी कर रहे हैं या एमिटी और लवली जैसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में बाहर जाकर पढ़ रहे हैं। इस पलायन को रोकने के लिए सरकार ने बिहार में ही प्राइवेट विश्वविद्यालयों को खोलने का रास्ता साफ कर दिया है। अभी चार प्राइवेट यूनिवर्सिटी को खोलने की अनुमति दी गई है। मदरसा और वित्त रहित शिक्षकों को मिला आश्वासन मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों का लंबित वेतन इसी सितंबर में भुगतान कर दिया जाएगा। वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संस्था के आंतरिक स्रोत और सरकारी अनुदान को मिलाकर उनके लिए एक नया वेतनमान तय करने की व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य में बीपीएससी के माध्यम से 33 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया जारी है। सरकार परीक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए गूगल, माइक्रोसाफ्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों का सहयोग लेने से भी पीछे नहीं हटेगी।

सरकारी स्कूल को बनाया मॉडल, नवाचारों से बदली बच्चों की पढ़ाई; मुनमुन भट्टाचार्य को मिला राष्ट्रपति सम्मान

धनबाद शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने धनबाद के राजकीयकृत मध्य विद्यालय बरमसिया की प्रभारी प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। देश के 48 चयनित शिक्षकों में शामिल मुनमुन को प्रशस्ति पत्र, शाल एवं 50 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। सीमित संसाधनों और सरकारी व्यवस्था की पुरानी छवि में सुधार लाते हुए मुनमुन भट्टाचार्य ने शिक्षा के क्षेत्र में इतिहास रचा है। उनके नवाचारों और अथक प्रयासों ने इस साधारण से सरकारी स्कूल को राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट शिक्षण संस्था के रूप में स्थापित कर दिया है। धनबाद से विज्ञान भवन तक का सफर धनबाद से विज्ञान भवन तक का सफर तय करने के लिए मुनमुन के नवाचारों ने मुख्य भूमिका निभाई। अंग्रेजी की शिक्षिका के रूप में कक्षा से निरंतर जुड़ाव रखते हुए बच्चों के मन से अंग्रेजी भाषा का भय समाप्त किया। बच्चों की भाषा दक्षता और अभिव्यक्ति क्षमता बढ़ाने के लिए इंग्लिश अराउंड मी जैसी अनूठी गतिविधि शुरू की गई है। बच्चे अपने दैनिक जीवन और आसपास के माहौल की कहानियों के माध्यम से अंग्रेजी बोलने, पढ़ने और अपनी बात बेझिझक रखने का अभ्यास करते हैं। रीडिंग बडी सिस्टम से वरिष्ठ बच्चे छोटे सहपाठियों के पठन-पाठन में मदद करते हैं। आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों का समावेश किया। स्मार्टफोन, शैक्षणिक वीडियो, दीक्षा पोर्टल और ई-कंटेंट का उपयोग कर बच्चों को सीखने के अतिरिक्त अवसर दिए गए। साउंड वाल, शब्द भंडार, बिग बुक, फ्लैश कार्ड, स्थानीय व अनुपयोगी सामग्रियों से तैयार खिलौनों के माध्यम से पढ़ाई को बोझिल होने से बचाया गया गणित विषय को सरल और रुचिकर बनाने के लिए विद्यालय में सभी बच्चों के लिए वैदिक गणित और अबेकस की शिक्षा अनिवार्य की गई। बालिका सशक्तिकरण के लिए स्थानीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षकों के सहयोग से बालिकाओं के लिए नियमित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। विद्यालय के शिक्षक नियमित गृह भ्रमण करते हैं, ताकि ड्रापआउट बच्चों की पहचान कर दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। मध्य विद्यालय बरमसिया पूरे जिले के स्कूलों के लिए उत्कृष्ट माडल है। नवाचार से बच्चों की संख्या बढ़ी है। बहुत कुछ सीखने को भी मिल रहा है। राष्ट्रपति पुरस्कार मिलना धनबाद के लिए गर्व की बात है। अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। अभिषेक झा, जिला शिक्षा पदाधिकारी धनबाद

पटना पर मंडराया बाढ़ का संकट, गंगा का जलस्तर HFL पार; रविवार सुबह तक और बढ़ने का अलर्ट

पटना बिहार में बाढ़ हाहाकारी रूप अख्तियार करता जा रहा है। राजधानी पटना के शहरी इलाके पर बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। जल संसाधन विभाग से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि गांधीघाट पर गंगा नदी के जलस्तर में मात्र चार घंटे में 10 सेंटीमीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। रविवार सुबह 8 बजे तक संकट और गहराने की आशंका है। जल संसाधन विभाग ने राज्य के सभी डीएम और एसपी को बाढ़ के खतरे से निपटने की तैयारी करने के लिए चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने को कहा है। जल संसाधन विभाग की ओर से बताया गया है कि पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी के जलस्तर में पिछले 4 घंटे में 10 सेंटीमीटर की अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। सुबह 10 बजे जलस्तर 50.53 सेंटीमीटर पाया गया है। यह उच्चतम जल स्तर (HFL) 50.52 मीटर से 1 सेंटीमीटर अधिक है। नए पूर्वानुमान के मुताबिक कल रविवार को सुबह 8 बजे तक यह 50.62 सेमी तक जा सकता है। विभाग की ओर से आवश्यक सतर्कता बरतने का परामर्श दिया जाता है। राजधानी थोड़ा दबाव बढ़ेगा। गंगा के दियारा क्षेत्र में इस बढ़ोतरी का विशेष प्रभाव रहेगा। पटना में गंगा नदी पर अन्य घाटों पर भी जलस्तर में बढ़ोतरी का ट्रेंड देखा जा रहा है। शनिवार के दीघा इलाके में गंगा नदी का जलस्तर 51.77 मीटर दर्ज किया गया। हथीदह में यह 43.37 मीटर पाया गया तो मुंगेर में नदी का जलस्तर 39.58 मीटर, भागलपुर में 34.16 मीटर और कहलगांव में 32.31 मीटर रिकॉर्ड किया गया। इन स्थितियों को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख की ओर से सभी जिलों के डीएम और पुलिस अधीक्षक को चेतावनी संवाद भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि नदी के प्रवाह क्षेत्र विशेषकर दियारा क्षेत्रों में दबाव बढ़ सकता है, जिस हेतु आवश्यक सतर्कता बरतें और संकट की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएं। आसन्न खतरे के मद्देनजर बाढ़ आपदा के दृष्टिकोण से सभी आवश्यक ऐहतियाती कदम उठायी जाय, तथा तटबंध के नदी भाग में रहने वाले परिवारों को इसकी सूचना देते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाय। साथ ही बाढ़ आपदा के लिए जिलास्तर पर गठित दल की लगातार गश्ती सुनिश्चित कराई जाय।  

CBI लोक अभियोजक शिवकांत श्रीवास्तव को झटका, हाई कोर्ट ने सेवा समाप्ति के आदेश में दखल से किया इनकार

 रांची  हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सीबीआई के लोक अभियोजक शिवकांत श्रीवास्तव की सेवा समाप्त करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि सीबीआइ ने तय नियमों के तहत एक महीने का नोटिस देकर उनकी सेवा समाप्त की है। इसलिए इस आदेश में न्यायिक हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। शिवकांत श्रीवास्तव ने आठ जुलाई को जारी उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके तहत उनकी लोक अभियोजक के रूप में सेवा समाप्त कर दी गई थी। उन्होंने कहा था कि सेवा समाप्त करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कार्रवाई को भेदभावपूर्ण और दुर्भावना से प्रेरित बताया था।सीबीआइ की ओर से अदालत को बताया गया कि 30 जनवरी 1997 की केंद्र सरकार की अधिसूचना के तहत अधिवक्ता की नियुक्ति एक महीने के लिखित नोटिस पर समाप्त की जा सकती है। किसी एक अधिवक्ता की सेवाएं जारी रखने के लिए सरकार को बाध्य नहीं किया जा सकता। अदालत ने पाया कि आठ जुलाई के आदेश में श्रीवास्तव को स्पष्ट रूप से एक महीने का नोटिस दिया गया था और उनकी सेवा नौ अगस्त से समाप्त हुई। अदालत ने कहा कि जब सेवा समाप्ति निर्धारित नियम के मुताबिक की गई है तो इसे मनमाना नहीं माना जा सकता। अदालत ने पशुपालन घोटाले से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया। शिवकांत श्रीवास्तव की ओर से कहा गया था कि वे इन मामलों को देख रहे थे और वर्ष 2013 के एक पत्र के कारण अधिवक्ता बदलने के लिए हाई कोर्ट की अनुमति जरूरी थी। अदालत ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि पशुपालन घोटाले से जुड़े मुकदमों की सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी है। दुर्भावना के आरोप पर भी अदालत ने कहा कि केवल आरोप लगाने से बात साबित नहीं होती। इसके लिए ठोस सामग्री या प्रमाण जरूरी है। अदालत ने कहा कि इस मामले में दुर्भावना के आरोप के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण रिकार्ड पर नहीं है।