samacharsecretary.com

सासाराम में बारात में नाचते समय विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या

रोहतास. रोहतास जिले के सूर्यपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ढोढनडीह गांव में शनिवार की सुबह एक शादी समारोह उस वक्त मातम में बदल गया, जब बारात में चल रहे नाच के दौरान गोली चलने से एक युवक की मंच पर ही मौत हो गई। घटना सुबह करीब पांच बजे की बताई जा रही है, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान, शादी समारोह में था शामिल मृतक की पहचान ढोढनडीह गांव निवासी 24 वर्षीय वीर बहादुर सिंह के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी मिथिलेश सिंह की पुत्री की शादी थी। शुक्रवार की शाम भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के यादवपुर गांव से बारात आई थी और विवाह समारोह के तहत नाच का आयोजन किया गया था। नाच के दौरान मंच पर हुआ विवाद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाच के दौरान वीर बहादुर सिंह मंच पर नाचने वाली के साथ नाचने पहुंचे और उसे पैसे दे रहे थे। इसी दौरान उनका एक करीबी मित्र भी मंच पर चढ़ गया। वीर बहादुर ने उसे मना किया, जिसको लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। तीन गोलियां चलीं, मौके पर ही मौत विवाद के दौरान आरोपी ने अचानक रिवॉल्वर निकालकर ताबड़तोड़ तीन गोलियां चला दीं। गोली लगते ही वीर बहादुर सिंह मंच पर ही गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद शादी स्थल पर अफरातफरी मच गई और समारोह की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। मंच से नोट और मोबाइल बरामद घटना के बाद मंच के आसपास बिखरे हुए नोट और मृतक का मोबाइल फोन पुलिस ने बरामद किया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के थाना क्षेत्रों में हड़कंप मच गया। चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची सूचना पर सूर्यपुरा थाना, नटवार थाना, भानस ओपी और दावथ थाना की पुलिस इंस्पेक्टर शेर सिंह यादव और डीएसपी सिंधु शेखर सिंह के नेतृत्व में दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेजा। एक खोखा बरामद, एफएसएल जांच में जुटी घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है। डीएसपी सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला प्रतीत होता है। गोली चलाने वाला मृतक का करीबी मित्र बताया जा रहा है। एफएसएल टीम को भी साक्ष्य संकलन के लिए बुलाया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।

राजगीर जैन धर्मशाला मिस्ट्री: फंदे से लटके मिले चार शव

नालंदा. राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक कमरे से तेज दुर्गंध आने लगी। सूचना पर डीएसपी सुनील कुमार सिंह और थानाध्यक्ष रमण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दंडाधिकारी की निगरानी में जब कमरा नंबर छह-एबी का दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। मामले की गहराई से जांच के लिए एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। मृतकों के पारिवारिक, आर्थिक और मानसिक हालात की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी के दो सदस्यों को बेंगलुरु भेजा जाएगा। फंदे से लटके मिले मां, बेटा और दो बेटियां कमरे के भीतर एक ही परिवार के चार सदस्य- वृद्ध मां जीआर सुमंगला (78), पुत्र जीआर नागा प्रसाद (50) और पुत्रियां श्रुथा जीबी (43) व शिल्पा जीआर (48)- फंदे से लटके मिले। सभी शव बुरी तरह सड़ चुके थे। मृतकों के हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह पर लाल रंग का टेप चिपका था, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया। एंटी-डिप्रेशन की गोलियां और नकदी बरामद पुलिस और एफएसएल टीम की जांच में कमरे से अवसादरोधी दवाओं के 25 पत्ते बरामद किए गए। इसके अलावा आधार कार्ड, पैन कार्ड, डेबिट कार्ड, अन्य कागजात, लगभग एक लाख 18 हजार रुपये नकद और कपड़े भी मिले। आधार कार्ड कन्नड़ भाषा में हैं, जिससे मृतकों के कर्नाटक निवासी होने की पुष्टि हुई है। 31 जनवरी से ठहरे थे, दो फरवरी से बंद था कमरा जानकारी के अनुसार, चारों 31 जनवरी को नेपाल भ्रमण के बाद राजगीर पहुंचे थे और धर्मशाला में ठहरे थे। दो फरवरी तक उन्हें परिसर में देखा गया, इसके बाद कमरा बंद रहा। कई दिनों तक कमरा बंद रहने के बावजूद धर्मशाला प्रबंधन को संदेह न होना अब जांच के दायरे में है। सामूहिक आत्महत्या या जबरन हत्या? प्रथम दृष्टया मामला सामूहिक आत्महत्या का माना जा रहा है, लेकिन हाथ-पैर बंधे होने और मुंह पर टेप लगे होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या कोई व्यक्ति खुद अपने हाथ-पैर बांधकर फंदे से लटक सकता है-इसका जवाब एफएसएल रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है। डॉग स्क्वायड ने भी जांच की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, वीडियोग्राफी चारों शवों का मेडिकल बोर्ड गठित कर बिहारशरीफ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है, ताकि किसी भी स्तर पर जांच में चूक न हो। एसआईटी गठित, बेंगलुरु भेजे जाएंगे दो सदस्य एसपी भारत सोनी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच के लिए एसडीपीओ सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। मृतकों के पारिवारिक, आर्थिक और मानसिक हालात की जानकारी जुटाने के लिए एसआईटी के दो सदस्यों को बेंगलुरु भेजा जाएगा। रिपोर्ट के बाद ही खुलेगा मौत का राज फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह सामूहिक आत्महत्या है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। यह मामला अब पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।

9 लाख सरकारी कर्मचारियों को मेडिकल इमरजेंसी में कैशलेस इलाज को मिली मंजूरी

पटना. बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों और जन प्रतिनिधियों के लिए राहत का पिटारा खोल दिया है. राज्य के करीब 9 लाख सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए अब गंभीर बीमारी या अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी के समय अस्पताल में पैसे की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में घोषणा करते हुए राज्यकर्मियों और विधायकों-पार्षदों के लिए ‘कैशलेस इलाज’ की सुविधा लागू करने का एलान किया है. इस फैसले के बाद अब बिहार के कर्मचारी भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों (CGHS) की तर्ज पर बिना भुगतान किए बड़े अस्पतालों में अपना इलाज करा सकेंगे. विधानसभा में बड़हरा से भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप ने कर्मचारियों के इलाज में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया. चर्चा के दौरान जाले विधायक जीवेश मिश्रा भी इस मांग पर अड़ गए. आखिरकार विधायकों की लगातार मांग को देखते हुए उपमुख्यमंत्री ने कैशलेस इलाज को मंजूरी दे दी. इसका मतलब साफ है—अब सरकारी कर्मचारी, विधायक और विधान पार्षद इलाज के वक्त कोई भुगतान नहीं करेंगे, पूरा खर्च सीधे राज्य सरकार वहन करेगी. बिहार सरकार पहले से ही कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना चला रही है, जिसमें इलाज के बाद खर्च की भरपाई की जाती है. लेकिन विधायकों का कहना था कि गंभीर स्थिति में मरीज के पास पहले पैसा मांगना अमानवीय है. इसी समस्या को देखते हुए कैशलेस व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य की योजना सीजीएचएस से भी बेहतर है और अब इसे और मजबूत किया जाएगा. सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर लगेगी रोक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के संकेत देते हुए सम्राट चौधरी ने एक और बड़ा एलान किया. उन्होंने कहा कि सरकारी डॉक्टरों को किसी भी हालत में प्राइवेट प्रैक्टिस की इजाजत नहीं दी जाएगी. इसके लिए सरकार जल्द ही ठोस एक्शन प्लान और नीति लाएगी. साथ ही पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज चलाने के लिए भी नई नीति बनाई जा रही है. नीट छात्रा मौत मामले में सियासी तल्खी विधानसभा के बाहर नीट छात्रा मौत मामले पर भी सियासत गरमाई. उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर किसी मंत्री या उनके बेटे की भूमिका है तो नाम और सबूत दें. उन्होंने दावा किया कि दोषी 24 घंटे में जेल में होंगे. सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि नाम न बताने का मतलब साक्ष्य छुपाना है.

गिरफ्तारी के बाद सांसद पप्पू यादव की बिगड़ी तबीयत

पटना. पटना में पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। 32 साल पुराने एक मामले में पुलिसिया कार्रवाई के बाद न सिर्फ विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, बल्कि सांसद की बिगड़ती सेहत भी पूरे घटनाक्रम को संवेदनशील बना रही है। गिरफ्तारी के बाद रात भर चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम ने इस मामले को कानून से आगे सियासत के केंद्र में ला दिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस सबसे पहले सांसद को IGIMS लेकर गई, जहां से आज सुबह उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया। वहीं से अभी अभी IGIC में रेफर किया गया है बताया जा रहा है कि पुलिस ने बीती रात पटना स्थित आवास से सांसद पप्पू यादव को हिरासत में लिया। सांसद ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के समय कई पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं। पप्पू यादव ने अपनी खराब तबीयत का हवाला देते हुए गिरफ्तारी का विरोध भी किया। IGIMS से PMCH तक: इलाज को लेकर विवाद गिरफ्तारी के बाद पुलिस सबसे पहले सांसद को IGIMS लेकर गई, जहां से आज सुबह उन्हें PMCH शिफ्ट किया गया। पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज और उनके निजी सचिव ने दावा किया कि IGIMS में उन्हें पूरी रात बेड नहीं मिला और स्ट्रेचर पर रखा गया। इलाज में लापरवाही के आरोपों ने मामले को और तूल दे दिया है। ‘साजिश’ का आरोप, प्रशासन कटघरे में सांसद के समर्थकों और उनके सचिव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि नीट छात्रा के समर्थन में आवाज उठाने की वजह से पप्पू यादव को निशाना बनाया जा रहा है। यहां तक कहा गया कि उनके साथ साजिशन व्यवहार किया जा रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा हो सकता है। कानूनी प्रक्रिया पर वकील ने उठाए सवाल पप्पू यादव के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने पुलिस की कार्रवाई को कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि 1995 के मामले में सांसद पहले ही जमानत पर थे। बेल टूटने के बाद पुलिस ने नोटिसों को जानबूझकर दबाया और बिना धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए सीधे धारा 83 के तहत कुर्की और गिरफ्तारी की गई, जो कानून के खिलाफ है। कोर्ट में आज पेशी, जमानत या जेल पर फैसला अब सभी की नजरें आज होने वाली कोर्ट पेशी पर टिकी हैं। पप्पू यादव की कानूनी टीम जमानत के लिए अर्जी दाखिल करने की तैयारी में है। अगर अदालत राहत देती है तो सांसद को रिहाई मिल सकती है, अन्यथा उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। हालांकि, उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अस्पताल के कैदी वार्ड में रखने का विकल्प भी खुला माना जा रहा है। स्वास्थ्य बनाम कानून: सियासत के बीच फंसा मामला एक ओर कानून अपना रास्ता तय कर रहा है, तो दूसरी ओर सांसद की तबीयत और राजनीतिक आरोप इस मामले को और जटिल बना रहे हैं। आने वाले घंटों में कोर्ट का फैसला न सिर्फ पप्पू यादव के भविष्य को तय करेगा, बल्कि बिहार की सियासत में भी इसका असर साफ दिखेगा।

पप्पू यादव की तबीयत हुई बिगड़ी, गिरफ्तारी के बाद IGIMS से PMCH भेजा गया

पूर्णिया  बिहार की राजधानी पटना में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस टीम ने उन्हें मंदिरी स्थित आवास से कई घंटे की मशक्कत के बाद हिरासत में लिया और पहले मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले गई. गिरफ्तारी के बाद उन्हें IGIMS अस्पताल लाया गया, जहां बताया गया कि उन्हें लंबे समय तक स्ट्रेचर लेटाया गया और बेड उपलब्ध नहीं कराया गया. बाद में उन्हें आगे की जांच के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया. पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी करीब तीन दशक पुराने मामले से जुड़ी है. यह केस गर्दनीबाग थाने में वर्ष 1995 में दर्ज हुआ था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका मकान धोखे से किराए पर लेकर सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया और यह तथ्य किराए के समय छुपाया गया. अदालत में लगातार पेश नहीं होने के कारण पहले गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, फिर इश्तेहार चस्पा करने का आदेश दिया गया. इसके बाद भी पेशी नहीं होने पर कोर्ट ने संपत्ति कुर्क करने का अंतिम आदेश दिया और कार्रवाई तेज हो गई. पप्पू यादव का पुलिस पर आरोप गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें आशंका थी कि पुलिस उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है. उनका कहना था कि वे सीधे कोर्ट जाएंगे और पुलिस स्टेशन नहीं जाएंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस सिविल ड्रेस में आई और उन्हें लगा जैसे अपराधियों की तरह व्यवहार किया जा रहा हो. तीन दशक पुराने मामले पर पप्पू यादव हुए अरेस्ट फिलहाल पुलिस उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए ले गई है. करीब तीन दशक पुराने इस विवाद में हुई ताजा कार्रवाई को राज्य की राजनीति में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है और मामले पर सभी की नजर बनी हुई है.

जापानी युवक का बस में छूटा सामान झारखण्ड पुलिस ने वापस मिलवाया

धनबाद. जापान के टोक्यो से श्रीलंका के रास्ते भारत पहुंचे 30 वर्षीय जापानी पर्यटक हारूखी वतावनवे गुरुवार की सुबह महारानी बस से बिहार के बोधगया जाने के दौरान मैथन टोल प्लाजा पर उतर गया। इस दौरान उसका मोबाइल फोन, पैसे समेत सारा सामान बस में ही छूट गया। मैथन चेकपोस्ट पर भटकत रहा था जापानी युवक  बस छूट जाने के बाद झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमा पर स्थित मैथन टोल प्लाजा पर मदद के लिए जापानी पर्यटक इधर-उधर भटक रहा था। उस तक मदद पहुंचने में भाषा एक बड़ी समस्या थी। वह हिंदी न बोल पा रहा था और न समझ पा रहा था।  धनबाद जिले के मैथन थाना की पुलिस की नजर जापानी युवक पर पड़ी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महारानी बस के मालिक से संपर्क किया और युवक का सारा सामान गया स्थित महारानी बस के कार्यालय में सुरक्षित रखवाया। पुलिस ने युवक को दूसरी बस से भिजवाया मैथन थाना की पुलिस ने उसे दूसरी बस से सकुशल बोधगया भेज दिया। इस दौरान जापानी युवक ने मैथन पुलिस एवं झारखंड पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उसने जापानी भाषा में पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि पुलिस केवल डंडा चलाने का काम नहीं करती, बल्कि लोगों की सेवा भी करती है। युवक जापान में भारत की पुलिस की करेगा सराहना  जापानी युवक ने कहा कि वह मैथन पुलिस की मदद से काफी प्रभावित है और जापान लौटने के बाद अपने लोगों से भारतीय पुलिस, खासकर झारखंड पुलिस की मदद की सराहना करेगा। उसने कहा कि झारखंड पुलिस बहुत अच्छी है। पुलिस ने मेरी काफी मदद की। इसके साथ ही उसने यह भी बताया कि उसे केवल जापानी और अंग्रेजी भाषा ही आती हैं। इस मौके पर मैथन ओपी प्रभारी आकृष्ट अमन ने अंग्रेजी में बातचीत कर उसकी पूरी समस्या सुनी और उसे बोधगया के लिए रवाना किया।

निकाय चुनाव में मेयर-अध्यक्ष के 76 और पार्षद के 348 नामांकन रद

रांची. नगर निकाय चुनाव के तहत दाखिल नामांकन पत्रों की गुरुवार को निर्वाची पदाधिकारियों द्वारा जांच की की गई। जांच के बाद कुल 424 आवेदन रद हो गए।इनमें 76 नामांकन पत्र नगर निगमों के महापौर तथा नगर परिषदों व नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद के लिए दाखिल किए गए थे। नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पंचायतों के वार्ड पार्षदों के लिए दाखिल नामांकन पत्रों में भी 348 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र रद हो गए। नामांकन पत्रों की जांच के बाद कुल 6,555 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। इनमें 598 प्रत्याशी महापौर तथा अध्यक्ष पद के हैं, जबकि 5,957 प्रत्याशी वार्ड पार्षद चुनाव के हैं। हालांकि प्रत्याशी शुक्रवार शाम तीन बजे तक अपना नामांकन वापस ले सकंगे। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं तथा कितने में निर्विरोध निर्वाचन होगा। नामांकन पत्रों की जांच के बाद जितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं, उनमें 3,229 महिलाएं हैं। महापौर तथा अध्यक्ष के लिए 251 तथा वार्ड पार्षद के लिए 2,978 महिलाएं चुनाव मैदान में रह गई हैं। नामांकन के बाद कितने प्रत्याशियों का नामांकन पत्र हुआ रद पद     कुल नामांकन     रद्द नामांकन     चुनाव मैदान में शेष प्रत्याशी महापौर/अध्यक्ष     674     76     598 वार्ड पार्षद     6,305     348     5,957 कुल     6,979     424     6,555 महिलाओं के नामांकन पत्रों की जांच के बाद स्थिति पद     कुल नामांकन     रद्द नामांकन     चुनाव मैदान में शेष प्रत्याशी महापौर / अध्यक्ष     283     32     251 वार्ड पार्षद     3,179     201     2,978 कुल     3,462     233     3,229

होली पर कोटा और भोपाल सहित अन्य शहरों से बिहार के लिए चलेंगी 285 स्पेशल ट्रेनें

पटना. होली के मौके पर दूसरे राज्यों से बिहार आने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है. होली को लेकर अलग-अलग शहरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलेंगी. रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश पर एक से 22 मार्च तक टोटल 1410 होली स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है. इनमें पूर्व मध्य रेलवे की तरफ से 285 होली स्पेशल ट्रेनें चलाई जायेंगी. पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने इसकी जानकारी दी. ये रही कुछ ट्रेनें – (गाड़ी नंबर- 09821/09822) सोगरिया-दानापुर-सोगरिया स्पेशल: 28 फरवरी और 7 मार्च को सोगरिया (कोटा) से 23:10 बजे खुल कर अगले दिन 23:45 बजे दानापुर पहुंचेगी. वापसी में 2 और 9 मार्च सोमवार को दानापुर से 1:15 बजे खुल कर अगले दिन 01:10 बजे सोगरिया पहुंचेगी. (गाड़ी नंबर- 01667/01668) रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति स्पेशल: 27 फरवरी और 2 मार्च को रानी कमलापति से 14:25 बजे खुल कर अगले दिन 08:45 बजे दानापुर पहुंचेगी. वापसी में 28 फरवरी और 3 मार्च को दानापुर से 11:15 बजे खुल कर अगले दिन 08:55 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी. (गाड़ी नंबर- 01665/01666) रानी कमलापति-अगरतला-रानी कमलापति स्पेशल: 5 मार्च से हर गुरुवार को रानी कमलापति से 15:20 बजे खुल कर दूसरे दिन 10:10 बजे पाटलिपुत्र रुकते हुए तीसरे दिन 18:55 बजे अगरतला पहुंचेगी. वापसी में 8 मार्च से हर रविवार को अगरतला से 17:20 बजे खुल कर दूसरे दिन 22:25 बजे पाटलिपुत्र रुकते हुए तीसरे दिन 16:35 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी. (गाड़ी नंबर-09525/09526) हापा-नाहरलगुन-हापा स्पेशल: 4 मार्च से हर बुधवार को हापा से रात 12:40 बजे खुल कर दूसरे दिन 17:00 बजे हाजीपुर रुकते हुए तीसरे दिन 16:00 बजे नाहरलगुन पहुंचेगी. वापसी में 7 मार्च से हर शनिवार को नाहरलगुन से 9:40 बजे खुल कर दूसरे दिन 7:15 बजे हाजीपुर रुकते हुए चौथे दिन 00:30 बजे हापा पहुंचेगी. स्पेशल बसों के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू बिहार राज्य पथ परिवहन निगम करीब 200 इंटर स्टेट बस 23 फरवरी से 23 मार्च तक संचालित करेगी. इन बसों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग गुरुवार से शुरू हो गई है. अब होली और ईद में घर लौटने वाले बिहारियों को राहत मिलेगी. पैसेंजर निगम की आधिकारिक वेबसाइट https://bsrtc. bihar.gov.in/ पर जाकर आसानी से टिकट बुक कर सकते हैं और अपनी पसंद की सीट भी चुन सकते हैं.

होली पर घर जाने टाटा नगर और रांची से चलेंगी कई स्पेशल ट्रेनें

चक्रधरपुर. रंगों के त्योहार होली पर घर जाने की प्लानिंग कर रहे लाखों पैसेंजर्स के लिए भारतीय रेलवे एक खुशखबरी लेकर आया है। त्योहार के दौरान स्टेशनों पर भारी भीड़ और ट्रेनाें में लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए, रेलवे ने इस साल 1410 होली स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। 1410 होली स्पेशल ट्रेनों में से दक्षिण पूर्व रेलवे ने 22 होली स्पेशल ट्रेनों को चलाने की योजना बना ली है। 22 होली स्पेशल ट्रेनों में से चार चक्रधरपुर रेल मंडल से होते हुए चलेगी। दक्षिण पूर्व रेलवे जल्द ही होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन की तिथि जारी करेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए इस वर्ष रेलवे ने ट्रेनों की संख्या काफी बढ़ा दी है। इसका खास मकसद बड़े शहरों और उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों के बीच आसान कनेक्टिविटी देना है। मालूम रहे कि 3 व 4 मार्च को हाेली है। दक्षिण पूर्व रेलवे इन होली स्पेशल ट्रेनों का करेगी परिचालन टाटानगर-कटिहार-टाटानगर होली स्पेशल। टाटानगर-बक्सर-टाटानगर होली स्पेशल। रांची-गोरखपुर-रांची होली स्पेशल। रांची-अजमेर-रांची होली स्पेशल। रांची-जयनगर-रांची होली स्पेशल। संतरागाछी-एमजीआर चेन्नई-संतरागाछी होली स्पेशल । संतरागाछी-तिरुवनंतपुरम-संतरागाछी होली स्पेशल । संतरागाछी-चार्लापल्ली-संतरागाछी होली स्पेशल । संतरागाछी-दरभंगा-संतरागाछी होली स्पेशल । शालीमार-वडोदरा-शालीमार होली स्पेशल । शालीमार-विशाखापत्तनम-शालीमार होली स्पेशल।

‘शिक्षकों के ट्रांसफर में कोई भेदभाव नहीं’: शिक्षा मंत्री सुनील कुमार

पटना. बिहार के उन सरकारी शिक्षकों से जुड़ी अच्छी खबर है, जो अपने घर के पास के ही स्कूल में ट्रांसफर के इंतजार में हैं. बिहार सरकार उन्हें उनके घर के नजदीक ट्रांसफर करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है. दूर दराज जिलों में सालों से सेवा देने के बाद भी ट्रांसफर नहीं मिलने वाले शिक्षकों को बाकी के शिक्षकों की तरह ही समान अवसर मिलेगा. शिक्षकों के ट्रांसफर पर शिक्षा मंत्री ने क्या कहा? शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा, राज्य में ट्रांसफर को लेकर किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है. आकांक्षी जिलों (Aspirational District) और पिछड़े इलाकों से शिक्षकों के अपेक्षाकृत कम ट्रांसफर को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में ट्रांसफर एक समान नीति के तहत किया जा रहा है. आकांक्षी और गैर-आकांक्षी जिलों के बीच किसी प्रकार का फर्क नहीं रखा गया है और सभी शिक्षकों का ट्रांसफर एक ही पॉलिसी के आधार पर हो रहा है. शिक्षा मंत्री ने आरोपों को बताया झूठा शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे सभी आरोप लगाने वाले पूरी तरह झूठी और निराधार बातें कर रहे हैं. सरकार पारदर्शी तरीके से एक समान नियमों के तहत ट्रांसफर प्रक्रिया चला रही है. आकांक्षी जिलों में टीचरों की कमी के कारण ट्रांसफर में देरी या केंद्र के किसी दिशा निर्देश के कारण भेदभाव जैसी कोई बात नहीं है. BPSC TRE-4 की वैकेंसी पर क्या बोले? बातचीत के दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षक नियुक्ति को लेकर भी क्लियर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि टीआरई-4 का ड्राफ्ट दो दिन पहले ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है. शिक्षा विभाग ने अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है. दरअसल, बीपीएससी के कैलेंडर में टीआरई- 4 का जिक्र नहीं होने की वजह से शिक्षकों का गुस्सा फूट पड़ा था. शिक्षकों ने जमकर हंगामा किया था. लेकिन गुरुवार के जेडीयू के ऑफिशियल एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर किया गया. जिसमें 44 हजार शिक्षकों की बहाली का एलान किया गया. बीपीएससी की तरफ से अगले महीने विज्ञापन जारी होने का भी जिक्र किया गया.