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पटना में NEET छात्रा की मौत: कपड़ों पर मिला ‘स्पर्म’, DNA जांच से सुलझेगा मामला

पटना पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने अहम जानकारी दी है. पुलिस ने आधिकारिक तौर पर माना है कि जांच में नए सबूत मिले हैं. पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच के दौरान उसके कपड़ों से मानव शुक्राणु (Human sperm) मिलने की पुष्टि हुई है. अब पुलिस DNA जांच के जरिए आरोपी और अन्य संदिग्धों से इसका मिलान करेगी. वहीं, मामले में समय पर कार्रवाई न करने के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस के अनुसार, मृत छात्रा के परिजनों ने 10 जनवरी 2026 को उसके कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे. इन कपड़ों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेजा गया था. एफएसएल जांच रिपोर्ट में यह सामने आया है कि घटना के समय पहने गए छात्रा के कपड़े से ह्यूमन स्पर्म मिले हैं. अब एफएसएल इन स्पर्म की डीएनए प्रोफाइल तैयार कर रही है. पुलिस ने बताया कि तैयार की जा रही डीएनए प्रोफाइल का मिलान पहले से गिरफ्तार आरोपी और एसआईटी (विशेष जांच टीम) द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्ध लोगों के डीएनए से किया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आ सके. पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज इस मामले में एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद पटना पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं. जांच में लापरवाही बरतने के आरोप में चित्रगुप्त नगर थाने की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी और कदमकुआं थाने के अवर निरीक्षक हेमंत झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. पटना एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने सूचना जुटाने और समय पर कार्रवाई करने में गंभीर चूक की, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है. फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई डीएनए रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी.क्या था मामला पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला जनवरी 2026 में सामने आया था. छात्रा शहर के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में रहती थी. उसकी अचानक मौत के बाद परिवार ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार किया और गंभीर आरोप लगाए. परिजनों का कहना था कि छात्रा के साथ कुछ गलत हुआ है, इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए. परिजनों ने 10 जनवरी 2026 को पुलिस को छात्रा के कुछ कपड़े सौंपे, जिनके बारे में उनका दावा था कि छात्रा ने घटना के समय ये कपड़े पहने हुए थे. पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत इन कपड़ों को जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा. FSL की रिपोर्ट आने के बाद मामला गंभीर FSL की रिपोर्ट आने के बाद मामला और गंभीर हो गया. रिपोर्ट में बताया गया कि छात्रा के कपड़ों से मानव स्पर्म के अवशेष मिले हैं. इसके बाद FSL द्वारा डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है, ताकि इस डीएनए का मिलान पहले से गिरफ्तार आरोपी और SIT द्वारा चिन्हित अन्य संदिग्ध लोगों से किया जा सके. इस मामले की जांच में शुरुआती स्तर पर लापरवाही सामने आने के बाद पटना पुलिस ने कड़ा कदम उठाया. केस की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि चित्रगुप्त नगर थानाध्यक्ष और कदमकुआं थाने के एक अवर निरीक्षक ने समय पर सूचना जुटाने और जरूरी कार्रवाई करने में गंभीर चूक की. इसके बाद पटना एसएसपी के आदेश पर दोनों पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

बिहार में गुड़ उत्पादन यूनिट लगाने के लिए 1 करोड़ तक सब्सिडी

पटना. सरकार से अनुदान लेकर गुड़ उत्पादन इकाई लगाने के लिए गन्ना उद्योग विभाग में ऑनलाइन आवेदन 25 जनवरी तक जमा कर सकते हैं। रविवार अंतिम दिन है। विदित हो कि राज्य में गन्ना की खेती करने के साथ ही चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही हैं। जिसमें गन्ना की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार सरकार ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम संचालित है। इसमें गुड़ उत्पादन इकाइयों को स्थापित करने लिए गन्ना किसानों एवं निवेशकों को छह लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने सातवें चरण में 25 दिसंबर-2025 तक ही ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि निर्धारित किया था। इसके उपरांत तिथि को 25 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है। दारोगा के 78 पदों के लिए 27 फरवरी तक आवेदन बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक मद्य निषेध के 78 पदों पर नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन मंगलवार से स्वीकार करेगा। आवेदन के लिए लिंक 27 फरवरी तक आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। अभ्यर्थी एक से अधिक आवेदन करते हैं, तो परीक्षा में शामिल होने से वंचित भी हो सकते हैं। एक अगस्त, 2025 तक किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। उम्र की गणना एक अगस्त, 2025 से की जाएगी। विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट https://bpssc.bihar.gov.in/ पर अपलोड है। जेईई-मेन में अब तक 7.70 लाख परीक्षार्थी हुए हैं शामिल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन के जनवरी सेशन की परीक्षा 21 जनवरी से जारी है। बीई-बीटेक के लिए रोजाना दो पालियों में परीक्षा हो रही है। तीसरे दिन एनटीए की ओर से जारी की गई जानकारी के अनुसार 23 जनवरी फर्स्ट शिफ्ट तक पांच पालियों में आठ लाख एक हजार 326 विद्यार्थियों की परीक्षा शिड्यूल जारी की गई थी। इसमें सात लाख 70 हजार 441 विद्यार्थी शामिल हुए। ऐसे में उपस्थिति 96.15 प्रतिशत रही। बड़ी बात है कि परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में आधार कार्ड वैरिफाइड विद्यार्थियों की संख्या सात लाख 40 हजार 412 थी, जो 96.10 प्रतिशत है। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी 2,563 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। अभी बीई-बीटेक के लिए परीक्षा के पांच और शिफ्ट आयोजित की जानी है और एक शिफ्ट बीआर्क के लिए होनी है।

CM के विदेश में होने से दुमका में रिपब्लिक डे पर उपायुक्त करेंगे ध्वजारोहण

दुमका. झारखंड गठन के बाद से यह परंपरा रही है कि गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री उपराजधानी दुमका में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, लेकिन इस साल यह परंपरा टूटने जा रही है. इसकी वजह है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विदेश दौरे पर होना. इस वजह से वे 26 जनवरी को दुमका नहीं पहुंच पाएंगे. इधर, संताल परगना प्रमंडल में आयुक्त का पद भी पिछले करीब तीन महीने से खाली है. ऐसे में इस वर्ष दुमका के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. फुल ड्रेस रिहर्सल के साथ तैयारियां पूरी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शुक्रवार को पुलिस लाइन मैदान में भव्य परेड का फुल ड्रेस रिहर्सल कराया गया. रिहर्सल के दौरान डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर अनिकेत सचान और एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने परेड का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. परेड के 15 दस्ते होंगे परेड में शामिल इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में संताल परगना प्रमंडल के सभी छह जिलों से आए कुल 15 दस्ते हिस्सा लेंगे, जो परेड में शामिल भी होंगे. इनमें झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), आईआरबी, जिला पुलिस बल, स्काउट-गाइड और एनसीसी की टुकड़ियां शामिल हैं. इसके अलावा विभिन्न विभागों की ओर से विकास योजनाओं और सरकारी उपलब्धियों को दिखाने वाली कुल 14 आकर्षक झांकियां भी निकाली जाएंगी, जो समारोह का खास आकर्षण का केंद्र होगा. सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह टाइट डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर अनिकेत सचान ने बताया कि मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर हैं और राज्य में निवेश से जुड़े कार्यक्रमों में व्यस्त हैं, इसलिए इस बार उपायुक्त द्वारा झंडोत्तोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि समारोह से जुड़ी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. वहीं, एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार ने बताया कि सुरक्षा को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है. पुलिस लाइन मैदान में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. कार्यक्रम स्थल पर तीन प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनमें वीआईपी के लिए अलग गेट निर्धारित गया है. इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अलग-अलग रूट भी फाइनल कर लिए गये हैं.

हेडमास्टर को बंधक बनाने वाले पांच युवक गिरफ्तार

घाटशिला/बहरागोड़ा. बहरागोड़ा थाना अंतर्गत सियालबिंधा गांव में स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय से एक बड़ी खबर सामने आई है। जिसमें प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट, जाति सूचक शब्द के प्रयोग और पेड़ में बांधने के आरोप में बहरागोड़ा पुलिस ने पांच युवकों को प्रधानाचार्य की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार कर न्यायालयभेज दिया है। उक्त मामले में बहरागोड़ा थाना में कांड संख्या 5/26 दिनांक 23/01/26 को धारा 115/2,352/351/2/3/5बी एनएस सेक्शन3/01/आर/एसटी एससी एक्ट 1989 के तहत माणिक बेरा, संजय बेरा, नंदलाल बेरा विनोद बैरा और नारायण बेरा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है। पुलिस द्वारा पांचों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि उक्त विद्यालय में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था। आप परिहार का कारण से पूजा प्रारंभ करने में थोड़ी विलंब हुई थी। इससे नाराज पांच युवक प्रधानाचार्य से उलझ गए। पहले तो उन्हें जाति सूचक शब्द के साथ गाली गलौज किया, उनके साथ धक्का मुक्क़ी मारपीट किया और आकर्षित होकर परिसर के समीप नीम के पेड़ में बांध दिया। घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा बहरागोड़ा पुलिस को दी गयी। जिसमें बहरागोड़ा थाना प्राभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने अपने दल बल के साथ जाकर उन्हें मुक्त कराया। प्रधानाचार्य के लिखित शिकायत के आधार पर पांच लोगों के विरुद्ध प्राथमिक की दर्ज की गई। जिससे उक्त घटना को लेकर विद्यार्थी और अभिभावक भी काफी दुखी है।

झारखंड के कुचाई के टुसू मेले में 35 फीट के चौड़ल का जलवा

रांची. झारखंड के सरायकेला-खरसावां के कुचाई ब्लॉक के सीमावर्ती सेकरेडीह और तमाड़ (रांची) के आराहंगा गांव के बीच स्थित मैदान में बसंती पंचमी पर ट्रेडिशनल टुसू मेला लगाया गया. टुसू मेला का उद्घाटन लोकल एमएलए दशरथ गागराई ने किया. टुसू मेला में कुचाई और तमाड़ के गांवों से महिलाएं पारंपरिक चौड़ल ले कर पहुंचीं. इन महिलाओं ने चौड़ल के सामने ट्रेडिशन फॉकडांस पर डांस करके रंग जमा दिया. टुसू मेले में पब्लिक फेथ, ट्रेडिशन और कल्चरल हेरिटेज का जीवंत रूप दिखा. हजारों लोग टुसू के रंग सरोबर दिखे. पियाकुली के 35 फीट ऊंचे चौड़ल को मिला फर्स्ट प्राइज टुसू मेला में तमाड़ के पियाकुली का 35 फीट ऊंचा चौड़ल अट्रैक्शन का सेंटर बना रहा. खरसावां एमएलए दशरथ गागराई ने इस चौड़ल टीम को फर्स्ट प्राइज के तौर पर 10,000 हजार रुपये दे कर ऑनर किया. चौड़ल को काफी अट्रैक्टेड बनाया गया था. दूर से ही चौड़ल की लाइट दिखाई दे रही थी. चौड़ल कमिटी पियाकुली की महिलाओं ने बताया कि हर साल उनकी टीम टुसू मेलों में चौड़ल ले कर पहुंचती है. इसके जरिए अपने कल्चर और ट्रेडिशन को प्रोटेक्ट किया जा रहा है. पिछले करीब एक महीने तक लगातार मेनतन कर इस चौड़ल को बनाया है. कुचाई के बुरुबांडी के चौड़ल को मिला सेकंड प्राइज चौड़ल कंपीटिशन में कुचाई के बुरुबांडी के चौड़ल को सेकंड प्राइज के तौर पर सात हजार, चांडिल के चौड़ल को थर्ड प्राइज के तौर पर पांच हजार और कुचाई के कुदाडीह के चौड़ल को फोर्थ प्राइज के तौर पर दो हजार रुपये का प्राइज दिया गया. छोपोल-छापोल डांस से समां बांधा इस प्रोग्राम में डीजे डांस ग्रुप के आर्टिस्ट ने छोपोल छापोल आदिवासी डांस से समां बांध दिया. ट्रेडिशनल आदिवासी म्यूजिकल इंस्ट्रुमेंट की धुन पर ट्रेडिशनल ड्रेस पहने आर्टिस्ट ने डासं कर प्रोग्राम को मजेदार बना दिया. रिच कल्चरल हेरिटेज का साइन है टुसू पर्व : दशरथ गागराई अवॉर्ड डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम में खरसावां एमएलए दशरथ गागराई ने कहा कि टुसू पर्व यहां के रिच कल्चरल हेरिटेज का साइन है. टुसू मेला से सोशल भाईचारे की भावना मजबूत हो रही है. इससे यहां के रिच कल्चर और ट्रेडिशन के साथ-साथ गांव के स्पोर्ट्स टैलेंट को प्लेटफॉर्म मिल रहा है. उन्होंने एरिया के कल्चरल हेरिटेज और ट्रेडिशन्स को स्ट्रॉन्ग बनाने पर जोर देते हुए यूथ को आगे आने की अपील की. गागराई ने कहा कि साल दर साल टुसू मेला की भव्यता बढ़ना एक सुखद अनुभूति है. मेले में कौन-कौन रहे मौजूद टुसू मेले में मुख्य रूप से तमाड़ के जिप मेंबर भवानी मुंडा, कुचाई के एमएएलए रिप्रेजेंटेटिव धर्मेंद्र मुंडा, राम सोय, राहुल सोय, चंद्र मोहन मुंडा, शंभू मुंडा, कारु मुंडा, ऑर्गेनाइजिंग कमिटी के चेयरमैन बहादुर मुंडा, सोहन मुंडा, प्रभुदेवा टाव, प्रधान मुंडा, सोहन सिंह मुंडा आदि मौजूद रहे. यहां पहुंचने पर एमएलए दशरथ गागराई का ट्रेडिशनल रीति-रिवाज के साथ वेलकम किया गया. दो जिले के दो गांव के लोग लगाते हैं मेला सरायकेला-खरसावां और रांची के सीमावर्ती गांव सेकरेडीह (कुचाई) और आराहंगा (तमाड़) के लोग आपसी तालमेल से मेला लगाते हैं. दोनों गांव के बीच मैदान में हर साल बसंती पंचमी पर ट्रेडिशनल टुसू मेला लगता है. इस मेले में दोनों जिलों से लोग पहुंचते है. मेला के जरिये न सिर्फ लोकल कल्चर और ट्रेडिशन को प्रोटेक्शन मिल रहा है, बल्कि आपस में लोगों का भाईचारा भी बना हुआ है.

रांची के सपूत अजय लकड़ा जम्मू-कश्मीर में शहीद

रांची. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान जवान अजय लकड़ा की मौत हो गई। अजय लकड़ा धुर्वा स्थित लाबेद गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि वह खाई में गिरने से शहीद हुए। उनके परिवार के लिए यह घटना एक बड़ा सदमा है। अजय लकड़ा के पिता स्वर्गीय लोहरा उरांव की कई वर्ष पहले मौत हो गई थी। उस समय अजय बहुत छोटे थे। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पोकलो देवी ने उठाई। उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किया। अजय लकड़ा का एक छोटा भाई अरूण लकड़ा है और उनके चार बहनें हैं। मां ने बच्चों को हड़िया बेचकर और मजदूरी कराकर पढ़ाया और पालन-पोषण किया। अजय लकड़ा का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था। उन्होंने हमेशा शारीरिक रूप से खुद को तैयार रखा और दौड़ने जैसी मेहनत वाली गतिविधियों में भाग लिया। इसी जुनून के चलते अजय सात साल पहले सेना में भर्ती हुए। उनका भाई भी सीआइएसएफ में तैनात है और उनकी सबसे छोटी बहन अंजू लकड़ा झारखंड पुलिस में पदस्थापित हैं। अजय की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। सेना के अधिकारियों ने मां को फोन पर बेटे की मौत की दी सूचना सेना ने शहीद जवान अजय लकड़ा की मां को फोन पर उनकी मौत की जानकारी दी। अजय की मृत्यु की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया है। अजय का शव शनिवार को रांची पहुंचने की संभावना है। उनके परिवार के लोग रोते-बिलखते हुए भावुक नजर आए। माता-पिता और भाई-बहनों के साथ-साथ पूरे गांव में लोग अजय की शहादत को याद कर उनका सम्मान कर रहे हैं। उनके दोस्तों और सहकर्मियों ने भी कहा कि अजय हमेशा साहसी और जिम्मेदार जवान थे। मां पोकलो देवी ने अपने संघर्ष और मेहनत के बलबूते पर अपने छह बच्चों में तीन को सरकारी नौकरी लगावाया। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया जहां वह अपना नाम कर सके। दिसंबर में छुट्टी पर रांची आया था शहीद जवान अजय दिसंबर माह में अजय अपने घर 15 दिन की छुट्टी पर आए थे। छुट्टी पूरी करने के बाद वह जम्मू-कश्मीर लौट गए थे। उनका विवाह नहीं हुआ था, जबकि उनके छोटे भाई अरूण की शादी वर्ष 2025 में हो चुकी थी। अजय ने हमेशा अपनी मां से कहा था कि पूरी जिम्मेदारी निभाने के बाद ही विवाह करेंगे। अजय लकड़ा की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में शोक का माहौल है।

नीतीश से बेटे को लेकर ललन सिंह बोले- ‘अब इन्हें भी आने दीजिए’

पटना. बिहार की राजनीति अक्सर इशारों, मुस्कानों और खामोशी के बीच फैसले करती है. ऐसा ही एक पल शुक्रवार को पटना स्थित जेडीयू आईटी सेल कार्यालय में देखने को मिला, जब सरस्वती पूजा कार्यक्रम में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की एक हल्की-सी टिप्पणी और मुख्यमंत्री की मुस्कान ने इस चर्चा को और तेज कर दिया कि क्या निशांत कुमार की ‘राजनीतिक पारी’ अब बस शुरू होने वाली है. “तुम कब आ गए?” और उसके पीछे छिपा संकेत जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और उन्होंने निशांत को पहले से मौजूद देखा, तो सहज भाव में पूछा, “तुम कब आ गए?” निशांत का जवाब था, “आधा घंटा हो गया है.” यह संवाद भले ही सामान्य लगे, लेकिन राजनीति में हर शब्द और हर भाव का अपना अर्थ होता है. यह पहली बार नहीं है जब निशांत किसी सार्वजनिक राजनीतिक कार्यक्रम में दिखे हों, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग था. उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की मौजूदगी और पूरे कार्यक्रम में राजनीतिक गर्माहट साफ महसूस की जा सकती थी. ललन सिंह की लाइन और नीतीश की मुस्कान कार्यक्रम के दौरान ललन सिंह ने मजाकिया लहजे में नीतीश कुमार से कहा, “बोल दीजिए कि मानेंगे.” मतलब साफ था कि निशांत कुमार के राजनीति में आने पर अपनी सहमति दे दीजिए. इस पर मुख्यमंत्री और निशांत दोनों ही कुछ बोले नहीं, बस मुस्कुराते रहे. बिहार की राजनीति में यह मुस्कान किसी बयान से कम नहीं मानी जा रही है. यह न तो सीधा इनकार था और न ही खुला समर्थन, बल्कि संभावनाओं का एक दरवाजा खोलने वाला संकेत था. निशांत कुमार की मौजूदगी क्यों बन रही है बड़ी खबर निशांत कुमार अब तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखते आए हैं. वे चुनावी मंचों, रैलियों और पार्टी की रणनीतिक बैठकों से दूर ही दिखे हैं. ऐसे में जेडीयू आईटी सेल जैसे राजनीतिक रूप से अहम मंच पर उनकी मौजूदगी अपने आप में खास है. वहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से घुल-मिलकर बातचीत की, सरस्वती पूजा में हिस्सा लिया और पूरे कार्यक्रम में सहज दिखाई दिए. यह सब उस छवि से अलग था, जिसमें निशांत को हमेशा राजनीतिक हलकों से दूर रहने वाला माना जाता रहा है. बिहार की राजनीति और ‘राजनीतिक उत्तराधिकार’ की बहस बिहार में परिवारवाद हमेशा एक संवेदनशील मुद्दा रहा है. लालू प्रसाद यादव से लेकर रामविलास पासवान तक, हर बड़े नेता के परिवार ने राजनीति में अपनी जगह बनाई है. नीतीश कुमार को अब तक इस मामले में अलग माना जाता रहा है, क्योंकि उन्होंने कभी अपने बेटे को राजनीति में आगे नहीं बढ़ाया. यही वजह है कि निशांत कुमार की मौजूदगी और उस पर नीतीश की चुप्पी ज्यादा मायने रखती है. यह चुप्पी कहीं न कहीं इस संभावना को मजबूत करती है कि भविष्य में तस्वीर बदल सकती है. फिलहाल न तो नीतीश कुमार ने कोई औपचारिक ऐलान किया है और न ही निशांत कुमार ने अपनी मंशा जाहिर की है. लेकिन बिहार की राजनीति में इतना भर काफी है कि एक मुस्कान और एक चुप्पी से नई चर्चाओं का दौर शुरू हो जाए. अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि यह मुस्कान आगे चलकर राजनीतिक हरी झंडी में बदलती है या फिर सिर्फ एक संयोग बनकर रह जाती है.

पॉज मोड में ऑपरेशन सिंदूर, डीके त्रिपाठी ने रांची में दी हुंकार

रांची  नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके त्रिपाठी (DK Tripathi) ने अपने झारखंड दौरे के दौरान राजधानी रांची में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि पॉज (विराम) मोड में है. इस युद्ध में भारतीय सेना ने पराक्रम का परिचय दिया. हम युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार थे. जरूरत पड़ने पर अपनी ताकत दिखाने में भी सक्षम थे, लेकिन प्रतिद्वंदी ने लड़ने का मौका ही नहीं दिया. एडमिरल त्रिपाठी शुक्रवार को सीसीएल सभागार में आयोजित विकसित भारत-2047 संवाद कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे. सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलते हैं डीके त्रिपाठी (DK Tripathi) ने कहा कि भारत बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. बिना सुरक्षा के कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता. इसमें वर्दी और बिना वर्दी वाले, दोनों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होती है. सुरक्षा और विकास साथ-साथ चलते हैं. अगले दो दशकों की यात्रा से ही विकसित भारत का सपना पूरा होगा. इसके कई लक्ष्य हैं. ये लक्ष्य बहुत कठिन हैं, लेकिन सरकार की मंशा स्पष्ट है. इसके लिए शत-प्रतिशत शिक्षा का लक्ष्य पूरा करना होगा. सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देनी होंगी. इनोवेशन (नवाचार) में ग्लोबल लीडर बनना होगा. दूसरों पर निर्भरता को कम करना होगा. विकसित भारत कमजोरी से रेसिलिएंस (लचीलापन) की ओर बढ़ने का मार्ग है. यह केवल नीति-निर्माताओं से संभव नहीं होगा. आम लोगों की भागीदारी जरूरी है. इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. भारत की ओर गलत नजर उठी, तो जवाब होगा सख्त इससे पहले नौसेना प्रमुख ने रजप्पा में प्रसिद्ध मां छिन्नमस्तिके के दर्शन किए और वहां पूजा की. रजरप्पा में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहा है कि भारत के खिलाफ किसी तरह की गलत सोच या मंशा बर्दाश्त नहीं की जायेगी. भारत की ओर गलत नजर उठी, तो सख्त जवाब दिया जायेगा. देश की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्षम है. किसी भी चुनौती का सामना मजबूती के साथ करने के लिए तैयार है. आवश्यक होने पर कठोर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी. एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि देश की सुरक्षा आज मजबूत हाथों में है. समुद्री सीमाओं की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. भारत के खिलाफ किसी प्रकार की गतिविधि का तत्काल और प्रभावी जवाब दिया जायेगा.

गणतंत्र दिवस पर गांधी मैदान में 12 विभागों की झांकियों में दिखेगा नया बिहार

पटना. गणतंत्र दिवस पर पटना का गांधी मैदान सिर्फ परेड का स्थल नहीं, बल्कि बिहार के विकास, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की जीवंत प्रदर्शनी बनेगा। राज्य सरकार के 12 विभाग अपनी-अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे, जिससे आम लोग सीधे तौर पर 'नए बिहार' की तस्वीर देख सकेंगे। महिला सशक्तिकरण और सामाजिक बदलाव पर फोकस झांकियों में महिला शक्ति को खास तौर पर केंद्र में रखा गया है। महिला बस चालक, जीविका दीदियों की आत्मनिर्भरता, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना और नशामुक्त बिहार जैसे विषयों के जरिए सामाजिक बदलाव की मजबूत तस्वीर पेश होगी। परिवहन, जीविका और मद्य निषेध विभाग की झांकियां इसी थीम को मजबूती से उभारेंगी। संस्कृति से लेकर तकनीक तक का संगम कला-संस्कृति विभाग परंपरा और संरक्षण की कहानी कहेगा, वहीं ऊर्जा विभाग कजरा सौर ऊर्जा और बैटरी भंडारण परियोजना के जरिए भविष्य की ऊर्जा नीति को दिखाएगा। पर्यटन विभाग की झांकी में मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम की झलक होगी, जो आस्था और पर्यटन विकास का संगम दर्शाएगी। विकास योजनाओं की सीधी झलक कृषि, उद्योग, शिक्षा, सहकारिता और अग्निशमन विभाग की झांकियां गांवों की समृद्धि, औद्योगिक विकास, सुरक्षित विद्यालय, विकसित पैक्स और आपदा प्रबंधन जैसी योजनाओं को सामने लाएंगी। हर झांकी एक अलग कहानी कहेगी, लेकिन संदेश एक ही होगा, विकसित बिहार, सशक्त बिहार। कड़ी निगरानी और सख्त सुरक्षा व्यवस्था पूरे आयोजन की निगरानी के लिए प्रशासनिक टीम 24×7 सक्रिय है। गांधी मैदान में झांकियों के लिए अलग पंडाल तैयार किया जा रहा है और ऊंचाई 15 फीट से अधिक नहीं रखी जाएगी। सभी झांकियों की एंटी-सबोटाज जांच और पूर्वाभ्यास अनिवार्य किया गया है। कलाकारों की उम्र को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में परेड के साथ-साथ विकास की कहानी भी मंच पर उतरेगी। गांधी मैदान में सजी झांकियां सिर्फ देखने का दृश्य नहीं होंगी, बल्कि बिहार के वर्तमान और भविष्य की झलक बनेंगी- जहां परंपरा, प्रगति और परिवर्तन एक साथ नजर आएंगे।

जामताड़ा में जनसभा करने दौरे पर आएंगे राहुल गांधी

रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को जामताड़ा आगमन का औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार करते हुए शीघ्र जामताड़ा आने की सहमति दी। इस अवसर पर जामताड़ा में एक ऐतिहासिक जनसभा और सम्मेलन के आयोजन पर भी सहमति बनी। मुलाकात के दौरान झारखंड की राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। डॉ. इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी। राहुल गांधी ने झारखंड सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और सरकार जनहित के मुद्दों पर मजबूती से काम कर रही है। संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए डॉ. अंसारी ने बताया कि प्रदेश प्रभारी के मार्गदर्शन में कांग्रेस संगठन जमीनी स्तर पर लगातार मजबूत हो रहा है और कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से जनता के बीच सक्रिय हैं। राहुल गांधी ने राज्य सरकार के मंत्रियों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। भाजपा को दें सशक्त जवाब बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा को हर मुद्दे पर तथ्यों के साथ सशक्त और मुखर जवाब दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र और समाज की अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट राहुल गांधी को सौंपी गई। उन्होंने 15 लाख रुपये तक के हेल्थ कार्ड से निश्शुल्क इलाज की योजना की सराहना की और स्वास्थ्य ढांचे को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। डॉ. अंसारी ने बताया कि झारखंड में मेडिकल कालेजों की संख्या बढ़ाई जा रही है और बीमा आधारित स्वास्थ्य योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू हैं। खाद्य आपूर्ति व्यवस्था पर चर्चा में पीडीएस प्रणाली को मजबूत करने और फोर जी ई-पॉस मशीनों के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई। राहुल गांधी ने डॉ. इरफान अंसारी के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें जनहित में समर्पित भाव से कार्य करते रहने का संदेश दिया।