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बिहार में भैंस पालन पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी

कटिहार. अब भैंस पालन पर अनुदान मिलेगा। कटिहार जिले को 39 भैंस पालन का लक्ष्य दिया गया है। एक भैंस पर 1.21 लाख रुपये का अनुदान है। यह पहल समग्र भैंस पालन योजना के तहत किया जा रहा है। बताया जाता है कि पहली बार भैंस पालन पर अनुदान की योजना लाई गई है। पशु पालन विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जिला गव्य पदाधिकारी ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि योजना अंतर्गत चयनित पशुपालकों को विभाग द्वारा चयनित एजेंसी के माध्यम से उन्नत मुर्रा नस्ल की दुधारू भैंस उपलब्ध कराई जाएगी। यह नस्ल प्रतिदिन 12 से 16 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। इससे जिले के कुल दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। बताया कि निर्धारित लक्ष्य के तहत सामान्य वर्ग के लिए 25, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 5, अनुसूचित जाति के लिए 4 तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 5 भैंस शामिल की गई हैं। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के लाभुकों को 50 प्रतिशत, जबकि एससी, एसटी एवं ईबीसी वर्ग के पशुपालकों को 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। भैंस दूध में वसा मात्रा होती अधिक बताया जाता है कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि दुग्ध व्यवसाय को भी नई गति मिलेगी। भैंस के दूध में वसा की मात्रा अधिक होने के कारण बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहती है। इससे पशुपालक किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उन्हें एक स्थायी आय का साधन मिलेगा। 1.21 लाख मानी गई एक भैंस की कीमत समग्र भैंस पालन योजना के तहत उन्नत नस्ल की एक दुधारू भैंस की कीमत 1.21 लाख निर्धारित की गई है। इसमें EBC, एससी एवं एसटी वर्ग के लाभार्थियों को 75 प्रतिशत या अधिकतम 90,750 रूपया का अनुदान दिया जाएगा। सामान्य वर्गों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 60 हजार 500 रूपया अनुदान मिलेगा।

सीएम नीतीश ने जीविका दीदियों से बात कर दिया योजनाओं का भरोसा

हाजीपुर/वैशाली. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को समृद्धि यात्रा के क्रम में वैशाली जिले के महुआ पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने महुआ में वाया नदी के गाद उड़ाही कार्य का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभागीय योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, महुआ स्थित ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। साथ ही स्थानीय स्टार्टअप, इनोवेशन स्टॉल और विभिन्न विभागों के स्टॉल का बारीकी से जायजा लिया। एक-एक स्टॉल पर जाकर ली योजनाओं की जानकारी महुआ मेडिकल कॉलेज परिसर में लगे विभागीय स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने स्वयं निरीक्षण किया। उन्होंने एक-एक स्टॉल पर जाकर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। जिले के विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों में बड़ी संख्या में जीविका दीदियां भी शामिल थीं। मुख्यमंत्री ने जीविका समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए उनसे संवाद किया और उनके उत्पादों एवं गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। 54 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, 98 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 54 करोड़ रुपये की लागत से 25 योजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि 98 करोड़ रुपये की लागत से 103 योजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से विभागीय कर्मियों और जीविका दीदियों में खासा उत्साह देखने को मिला। जंदाहा पहुंचे सीएम, जनसंवाद कार्यक्रम में होंगे शामिल इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के दौरान वैशाली जिले के जंदाहा प्रखंड स्थित बटेश्वर नाथ धाम परिसर भी पहुंचे। यहां जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री यहां आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री लखेन्द्र रोशन, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, विधायक अवधेश सिंह, सिद्धार्थ पटेल, महेन्द्र राम समेत कई जनप्रतिनिधि और पार्टी नेता उपस्थित रहे।

पदभार संभालते ही तीखा हमला: आदित्य साहू ने हेमंत सरकार को घेरा

रांची झारखंड भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आज औपचारिक रूप से अपने पद का कार्यभार संभाल लिया। इस मौके पर भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और झारखंड की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए। "राज्य में बड़े पैमाने पर अन्याय और अत्याचार हो रहे हैं" पदभार संभालने से पहले आदित्य साहू ने सरस्वती पूजा के अवसर पर पूजा-अर्चना की। इसके बाद संगठन की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधा। आदित्य साहू ने कहा कि जिस उद्देश्य और सपने के साथ झारखंड राज्य का गठन हुआ था, मौजूदा सरकार उसे खत्म करने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बड़े पैमाने पर अन्याय और अत्याचार हो रहे हैं। इसके खिलाफ भाजपा के बूथ स्तर के कार्यकर्ता संगठन के माध्यम से संघर्ष करेंगे। "भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे बड़ी पार्टी है" साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश की सबसे बड़ी पार्टी है और उसकी विचारधारा को गांव-गांव और व्यक्ति-व्यक्ति तक पहुंचाया जाएगा। पदभार ग्रहण करते समय उन्होंने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का आभार जताया और कहा कि उनका राजनीतिक सफर बूथ स्तर के कार्यकर्ता से शुरू होकर प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि ऐसा अवसर केवल भाजपा में ही संभव है।  

जंगल में घातक ऑपरेशन: झारखंड में सुरक्षाबलों की कार्रवाई, 21 नक्सली मारे गए

चाईबासा झारखंड के सारंडा जंगल में छिपे नक्सलियों पर मौत बरस पड़ी है। 36 घंटे से जारी मुठभेड़ में अब तक 21 नक्सली मौत के घाट उतारे जा चुके हैं। गुरुवार को 15 की मौत की पुष्टि के बाद शुक्रवार को 6 और शव बरामद किए गए हैं। सिर पर 2 करोड़ से ज्यादा इनाम वाला खूंखार नक्सली अनल यहां 25 लड़ाकों संग घिर गया था। अनल समेत 21 मारे जा चुके हैं।   झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में सारंडा के घने जंगलों में दो दर्जन नक्सलियों के साथ पतिराम मांझी उर्फ​अनल दा को घेर लिया गया था। सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन में इन्हें घेर लिया। नक्सलियों की ओर से फायरिंग के बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई से खलबली मचा दी। 2.35 करोड़ रुपये के इनाम वाला अनल दा भी मारा गया। उस पर झारखंड सरकार ने एक करोड़ रुपये, ओडिशा सरकार ने 1.2 करोड़ रुपये और नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। अनल दा का मारा जाना क्यों इतनी बड़ी चोट अनल दा माओवादियों के मिलिट्री कमीशन का प्रमुख भी था। हाल के सालों में कोल्हान के सारंडा जंगली क्षेत्र में माओवादियों की ओर से सुरक्षाबलों पर किए गए बड़े हमलों में अनल की भूमिका अहम थी। मारे गए नक्सलियों में 25 लाख का इनामी सैक कमांडर अनमोल उर्फ सुशांत भी है। अनमोल पर ओडिशा में भी 65 लाख का इनाम था। अब तक ढेर किए गए नक्सलियों में एक दर्जन से ज्यादा की पहचान कर ली गई है। मारे गए नक्सलियों में कई महिलाएं भी हैं। भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद आईजी अभियान माइकल राज एस ने बताया कि चाईबासा के किरीबुरु के बीहड़ कुमड़ी और होंजोदिरी गांव के बीच गुरुवार सुबह करीब छह बजे शुरू हुई मुठभेड़ के बाद सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक भी बरामद किए हैं। हेलीकॉप्टर और ड्रोन की मदद से नक्सलियों की तलाश की जा रही है। आईजी अभियान ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन से माओवादी संगठन की कमर टूट गई है।  

बिहार में बनेगा पहला शिव कॉरिडोर, गंगा की धारा मोड़ने की योजना, उज्जैन-वाराणसी मॉडल पर आधारित

भागलपुर.  सुल्तानगंज में बिहार का पहला शिव कॉरिडोर बनने का मार्ग अब पूरी तरह से साफ हो गया है. लंबे समय से अटकी यह योजना अब भूमि समस्याओं से मुक्त होने के बाद आगे बढ़ने वाली है. भूमि विवाद के कारण लंबे समय से अटकी शिव कॉरिडोर योजना को प्रशासन और रेलवे के बीच जमीन एक्सचेंज के फैसले ने नई गति दी है. गंगा तट पर प्रस्तावित कॉरिडोर, धर्मशाला और श्रद्धालु सुविधाओं के लिए जरूरी जमीन रेलवे की थी. अब जिला प्रशासन ने बदले में रेलवे को तीन अलग-अलग स्थानों पर जमीन देने का निर्णय लिया है, जिससे निर्माण का रास्ता पूरी तरह खुल गया है. जानकार कहते हैं कि श्रावणी मेले में कांवरियों को बेहतर सुविधा, सुरक्षा और सुव्यवस्था मिलेगी. यह परियोजना सुल्तानगंज की पहचान को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो सकती है. पुराने विवाद का ऐसे हुआ समाधान प्रशासन और रेलवे के बीच भूमि आदान-प्रदान का निर्णय होने से अब कॉरिडोर निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. गंगा किनारे सुल्तानगंज के प्रसिद्ध अजगैवीनाथ मंदिर के पास बनना प्रस्तावित शिव कॉरिडोर, धर्मशाला और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए चिन्हित जमीन रेलवे की थी. इसी वजह से प्रशासन लंबे समय से कॉरिडोर निर्माण के लिए आगे नहीं बढ़ पा रहा था. अब जिला प्रशासन ने भूमि एक्सचेंज नीति के तहत रेलवे को उनकी जमीन के बदले अन्य जगह की जमीन देने का निर्णय लिया है, जिससे भूमि प्राप्ति की बाधा दूर हो जाएगी. प्रशासन की योजना है कि यह जमीन देने का प्रस्ताव जल्द ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दिया जाए और विभागीय मंजूरी के बाद औपचारिक भूमिस्थानांतरण (लैंड एक्सचेंज) शुरू किया जाएगा. रेलवे को कौन-सी जमीन मिलेगी? भारतीय रेलवे की लगभग 17 एकड़ 47.625 डिसमिल जमीन के बदले में प्रशासन तीन अलग-अलग स्थानों पर जमीन देने वाला है. जगदीशपुर हॉल्ट के पास 18.98 एकड़, बरारी के निकट 0.6 डिसमिल और सुल्तानगंज में एनएच के आईबी के पास 0.7 एकड़. इन तीन स्थानों की जमीन देकर रेलवे से मूल जगह की जमीन खाली करवाई जाएगी, ताकि कॉरिडोर और उसके आसपास की सुविधाओं का निर्माण संभव हो सके. विभागीय मंजूरी के बाद निर्माण शुरू शिव कॉरिडोर के निर्माण को औपचारिक रूप से शुरू करने के लिए जिला समाहर्ता ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव को नि:शुल्क भू-स्थानांतरण का पत्र भेज दिया है. इसके बाद विभाग की मंजूरी मिलेगी और फिर भूमि एक्सचेंज की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सुल्तानगंज में भी उज्जैन और वाराणसी की तरह शिव कॉरिडोर का निर्माण संभव हो जाएगा, जिसका लंबे समय से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को इंतजार था. गंगा की धारा मोड़ने का काम भी जारी शिव कॉरिडोर के साथ-साथ सुल्तानगंज में गंगा नदी की पुरानी धारा को पुरानी सीढ़ी घाट की ओर मोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है. जल संसाधन विभाग बड़ी परियोजना के तहत अरबों रुपये की लागत से इस कार्य को आगे बढ़ा रहा है. इस योजना के पूरा होने पर गंगा नदी का बहाव पुराने रास्ते की ओर हो जाएगा और श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों को उत्तरवाहिनी गंगा में स्नान का सुरक्षित स्थान सीधे पुरानी सीढ़ी घाट के पास मिलेगा. यह बदलाव श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात माना जा रहा है. सुल्तानगंज की बदलती पहचान जानकारों का मानना है कि शिव कॉरिडोर सिर्फ एक धार्मिक स्थल का विस्तार नहीं होगा, बल्कि यह सुल्तानगंज की पहचान को बदलने वाली परियोजना साबित होगी. उज्जैन और वाराणसी की तर्ज पर विकसित यह कॉरिडोर यहां के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा. इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. कॉरिडोर के बनने से श्रद्धालुओं को और सुविधाएं, बेहतर प्रबंध और सुरक्षा मिलेगी जिससे सुल्तानगंज धार्मिक मानचित्र पर एक नई ऊंचाई हासिल कर सकता है. क्या आगे का काम होगा? अब सिर्फ विभागीय मंजूरी और भूमि एक्सचेंज की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है. मंजूरी मिलते ही भूमि की अदला-बदली और कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठेंगे. स्थानीय प्रशासन और योजना प्राधिकरण के अनुसार यह परियोजना सुल्तानगंज को धार्मिक पर्यटन और संस्कृति के केंद्र के रूप में एक नया चेहरा देगा. शिव कॉरिडोर के निर्माण और गंगा की धारा मोड़ने की योजना के पूरा होने से सुल्तानगंज सिर्फ एक धार्मिक नगर नहीं, बल्कि बड़ा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनेगा.

भयानक हत्या का खुलासा: चार अपराधियों को उम्रकैद, शिकार का शव निर्मम तरीके से प्रदर्शित

पटना बिहार के रोहतास जिले में प्रेम-प्रसंग में हुई एक बेहद नृशंस हत्या के मामले में अदालत ने सात साल बाद कड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मन्नू कुमार हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी है। अदालत ने सभी दोषियों पर 5,000-5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। मृतक की प्रेमिका और उसके परिजन दोषी दरअसल, यह फैसला जिला जज-IV अनिल कुमार की अदालत ने सुनाया है। जिन लोगों को सजा मिली है, उनमें मृतक की प्रेमिका सुमन देवी उर्फ चुमन देवी, उसका पति प्रभाकर सिंह उर्फ प्रकाश चौधरी, उसका भाई फूलचंद और पिता दुधेश्वर चौधरी शामिल हैं। कोर्ट ने इस वारदात को ऑनर किलिंग से जुड़ा, पूर्व नियोजित और अत्यंत क्रूर अपराध बताया। फोन कर बुलाया गया, फिर की गई हत्या अभियोजन पक्ष के अनुसार, 4 मार्च 2019 की शाम सुमन देवी ने मन्नू कुमार को फोन कर घर से बाहर बुलाया। मन्नू बिना बताए घर से निकला लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। अगले दिन 5 मार्च को उसका शव गांव के पास एक सरसों के खेत में मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। फिर मृतक के पिता अशोक चौधरी ने अगरेर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। पोस्टमॉर्टम में सामने आई निर्ममता पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि मन्नू का पेट चाकू से चीर दिया गया था। हत्या के बाद उसके निजी अंग काटकर सरसों के पौधे पर लटका दिए गए थे। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।   ‘इज्जत’ के नाम पर रची गई साजिश अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि प्रेम संबंधों को लेकर पहले गांव में पंचायत भी हुई थी और दोनों को संबंध खत्म करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद मन्नू और सुमन देवी का मिलना जारी रहा। इसे परिवार ने अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए हत्या की साजिश रची। हत्या से पहले बनी थी पूरी योजना कोर्ट में यह भी साबित हुआ कि हत्या से दो दिन पहले सुमन देवी अपने पति के साथ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से अपने मायके भगवानपुर आई थी। इसके बाद पूरे परिवार ने मिलकर मन्नू को फोन कर बुलाने और उसकी हत्या करने की योजना बनाई। ट्रायल के दौरान कुल नौ गवाहों ने अभियोजन पक्ष के समर्थन में गवाही दी। कोर्ट की सख्त टिप्पणी सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने आरोपों को संदेह से परे साबित किया है। अतिरिक्त लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट ने माना कि हत्या का तरीका अत्यंत क्रूर था और इससे समाज में भय, असुरक्षा और अमानवीयता का संदेश गया। इसी कारण दोषियों को अधिकतम सजा दी गई।  

ट्रेन में विराजे गणेश: स्लीपर कोच में बना मंदिर, यात्रियों को मिला अनोखा अनुभव

नई दिल्ली रेल यात्रा के दौरान आमतौर पर यात्री अपनी मंजिल का इंतजार करते हैं, लेकिन भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन  में सफर कर रहे श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा आस्था और भक्ति का विशेष अनुभव बन गई है। इस विशेष ट्रेन के एक स्लीपर कोच में भगवान गणेश का मंदिर स्थापित किया गया है, जहां यात्री पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करते हुए अपनी तीर्थयात्रा कर रहे हैं। यह भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन फिलहाल दक्षिण भारत और प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा पर निकली हुई है। ट्रेन में बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु सवार हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या बुजुर्ग यात्रियों की है। खास बात यह है कि स्लीपर कोच की साइड अपर सीट को पूरी तरह मंदिर का स्वरूप दिया गया है, जहां भगवान गणेश की मूर्ति विधिवत रूप से स्थापित की गई है।   भजन-कीर्तन और आरती से गूंज रहा कोच पूरे कोच को धार्मिक सजावट से सजाया गया है। सुबह और शाम सभी यात्री सामूहिक रूप से पूजा, आरती और भजन-कीर्तन करते हैं। ढोलक और झाल की व्यवस्था भी की गई है, जिससे यात्रा के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु मानते हैं कि भगवान गणेश की उपस्थिति से यात्रा और अधिक मंगलमय हो गई है।   18 जनवरी से 1 फरवरी तक चलेगी यात्रा यह भारत गौरव ट्रेन 18 जनवरी को सुगौली से रवाना हुई थी और 1 फरवरी को यात्रा का समापन होगा। यह यात्रा कुल 14 रात और 15 दिन की है। इस में ट्रेन में आठ स्लीपर कोच, एक थर्ड एसी, एक सेकेंड एसी, एक पैंट्री कार और दो एसएलआर कोच लगाए गए हैं। सुगौली से खुली इस ट्रेन में कुल 464 यात्रियों की बुकिंग है। आम यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं होती।   दक्षिण भारत और प्रमुख धामों के दर्शन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को तिरुपति बालाजी मंदिर, पद्मावती मंदिर, रामेश्वरम में रामनाथस्वामी ज्योतिर्लिंग, मदुरै में मीनाक्षी अम्मन मंदिर, कन्याकुमारी में कन्याकुमारी मंदिर और विवेकानंद रॉक मेमोरियल, तिरुवनंतपुरम में पद्मनाभस्वामी मंदिर, मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग और पुरी में श्री जगन्नाथ धाम के दर्शन कराए जा रहे हैं। यात्रा के चौथे दिन श्रद्धालुओं ने तिरुपति बालाजी मंदिर में विधिवत दर्शन किए और इसके बाद अगली मंज़िल की ओर प्रस्थान किया।   यात्रा पैकेज और सुविधाएं     स्लीपर क्लास में 27,535 रुपये प्रति व्यक्ति     थ्री एसी में 37,500 रुपये प्रति व्यक्ति     सेकेंड एसी में 51,405 रुपये प्रति व्यक्ति इस पैकेज में होटल में ठहराव, शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण, स्थानांतरण व्यवस्था, ऑनबोर्ड सुरक्षा, यात्रा बीमा और आईआरसीटीसी की सेवाएं शामिल हैं।  

झारखंड में 245 ब्लॉक में 203 करोड़ लागत की बनेंगी ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट

रांची. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा ऐलान किया है। जल्द ही सरकार जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) स्थापित करेगी। अंसारी ने बताया कि बीपीएचयू को प्रधामंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और 15वें वित्त आयोग से मिले ग्रांट के 203 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया जाएगा। इसका निर्माण कुल 245 ब्लॉक में किया जाएगा। इस मामले की जानकारी देते हुए इरफान अंसारी ने कहा कि बीपीएचयू की स्थापना झारखंड की हेल्थकेयर सिस्टम को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। आदिवासी, दूरदराज और पिछड़े इलाकों के लोगों को इससे सीधा फायदा होगा। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बड़ा ऐलान किया है। जल्द ही सरकार जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (BPHU) स्थापित करेगी। अंसारी ने बताया कि बीपीएचयू को प्रधामंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और 15वें वित्त आयोग से मिले ग्रांट के 203 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित किया जाएगा। इसका निर्माण कुल 245 ब्लॉक में किया जाएगा। इस मामले की जानकारी देते हुए अंसारी ने कहा कि बीपीएचयू ब्लॉक स्तर पर निगरानी, ​​योजना, इमरजेंसी की तैयारी और कोऑर्डिनेटेड पब्लिक हेल्थ रिस्पॉन्स के लिए मुख्य संस्थागत इकाई के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि क्वालिटी हेल्थकेयर सेवाएं, समय पर टेस्टिंग, सटीक डेटा और तेजी से स्वास्थ्य प्रतिक्रिया हर ब्लॉक तक पहुंचे, ताकि किसी भी बीमारी या महामारी के फैलने से पहले ही उस पर प्रभावी ढंग से कंट्रोल किया जा सके। मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता राज्य की हेल्थकेयर सिस्टम को आधुनिक, संवेदनशील और लोगों पर केंद्रित बनाना है।

इंटरपोल की हिट लिस्ट में जमशेदपुर का मो. अर्शियान

रांची/जमशेदपुर. रिपब्लिक डे से पहले अलकायदा और जैश-ए-मोहम्मद की ओर से देश के 26 स्थानों पर विस्फोट की धमकी दिए जाने के बाद पूरे भारत में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद प्रमुख शहरों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने 14 संदिग्ध आतंकियों के पोस्टर जारी किए हैं. इनमें जमशेदपुर के आजादनगर निवासी मो अर्शियान का नाम भी शामिल है. दिल्ली पुलिस मो अर्शियान की पूरे जोर-शोर से तलाश कर रही है. दिल्ली पुलिस की लिस्ट में जमशेदपुर का मो अर्शियान दिल्ली पुलिस की ओर से जारी पोस्टर में जिन 14 आतंकियों की तस्वीरें हैं, उनमें मो अर्शियान को अलकायदा से जुड़ा हुआ बताया गया है. मो अर्शियान जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र के रोड नंबर-14 का रहने वाला है. उसका नाम सामने आने के बाद झारखंड पुलिस और जमशेदपुर जिला पुलिस भी सतर्क हो गई है. सभी थाना क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. मो अर्शियान के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस सीबीआई के रिक्वेस्ट पर इंटरपोल ने मो अर्शियान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. इसका मतलब है कि अब उसकी तलाश इंटरनेशनल लेवल पर भी की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि मो अर्शियान देश के बाहर छिपा हो सकता है या किसी इंटरनेशनल टेरर नेटवर्क के संपर्क में है. रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की गहन जांच की जा रही है. भाई पहले से दिल्ली की जेल में है बंद जांच एजेंसियों के मुताबिक, मो अर्शियान का भाई मो जीशान पहले से ही दिल्ली की जेल में बंद है. दिल्ली पुलिस ने मो जीशान को 9 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया था. उस पर भी आतंकी संगठनों से जुड़े होने के गंभीर आरोप हैं. एजेंसियों का मानना है कि दोनों भाइयों के तार अलकायदा नेटवर्क से जुड़े हुए हैं. 2016 के ओडिशा केस के बाद सामने आया था नाम मो अर्शियान और उसके भाई का मो जीशान का नाम साल 2016 में तब सामने आया था, जब ओडिशा में अलकायदा से जुड़े आतंकी अब्दुल रहमान कटकी की गिरफ्तारी हुई थी. उस समय जांच के दौरान कई संदिग्धों के नेटवर्क का खुलासा हुआ था, जिसमें मो जीशान और मो अर्शियान का नाम प्रमुख रूप से सामने आया था. झारखंड पुलिस अलर्ट, लगातार निगरानी मो अर्शियान की तस्वीर जारी होने के बाद झारखंड पुलिस ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है. जमशेदपुर में विशेष रूप से आजादनगर और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है. पुलिस पुराने संपर्कों, रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों की जांच कर रही है. पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है.

बिहार में सुरक्षा श्रेणी में बड़ा फेरबदल: तेजस्वी यादव की Z सुरक्षा घटी, कई नेताओं को Z सिक्योरिटी

पटना बिहार की नीतीश सरकार ने सुरक्षा समीक्षा के बाद कई माननीयों की सुरक्षा में बदलाव किया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती की गई है। अब उन्हें Z श्रेणी की जगह Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, राज्य स्तरीय सुरक्षा समीक्षा समिति की रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के आधार पर यह फैसला लिया गया है। आदेश के अनुसार जहां कुछ नेताओं की सुरक्षा घटाई गई है, वहीं कई नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई भी गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, बीजेपी बिहार अध्यक्ष संजय सरावगी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे को अब Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को Y की जगह Y+ की सुरक्षा दी गई है इन नेताओं को Z सिक्योरिटी नितिन नबीन (बीजेपी अध्यक्ष) ललन सिंह (केंद्रीय मंत्री) संजय सरावगी (बिहार प्रदेश अध्यक्ष) मंगल पांडे (स्वास्थ्य मंत्री, बिहार सरकार) गिरिराज सिंह (केंद्रीय मंत्री) वहीं, तेजस्वी यादव को पहले दी जा रही Z श्रेणी की सुरक्षा को घटाकर Y+ कर दिया गया है। इसके अलावा तीन वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा पूरी तरह से हटा ली गई है। जिन नेताओं की सुरक्षा वापस ली गई है, उनमें मदन मोहन झा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी और राजेश राम शामिल हैं। जेड श्रेणी की सुरक्षा में चार से पांच NSG कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षागार्ड तैनात होते हैं। इसमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं। वहीं Y+ सिक्योरिटी में 11 सुरक्षाकर्मी मिले होते हैं। इनमें 1 या 2 कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते है।