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रेल फाटक खुला और तबाही: देवघर में ट्रेन-ट्रक टकराव, बाइकें चकनाचूर

देवघर देवघर–देवीपुर मुख्य सड़क पर नावाडीह रेलवे फाटक के पास शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गोरखपुर से आसनसोल जा रही एक यात्री ट्रेन की टक्कर सड़क पार कर रहे ट्रक से हो गई। हालांकि लोको पायलट की सूझबूझ से कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। इंजन की टक्कर ट्रक से हो गई देवघर–देवीपुर मुख्य सड़क स्थित नावाडीह रेलवे फाटक के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जसीडीह से आसनसोल की ओर जा रही यात्री ट्रेन एक ट्रक से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देवघर से देवीपुर की ओर जा रहा ट्रक रेलवे फाटक खुला होने के कारण रेल लाइन पार करने लगा, तभी तेज रफ्तार ट्रेन वहां पहुंच गई। खतरे को भांपते हुए लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन की गति कम कर दी, लेकिन ट्रेन पूरी तरह रुक नहीं पाई और इंजन की टक्कर ट्रक से हो गई। टक्कर के बाद ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क की ओर पलट गया और दो मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ समय के लिए सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित इस घटना में दोनों मोटरसाइकिल सवार घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क और रेल यातायात पूरी तरह बाधित रहा। ट्रेन को मौके पर रोक दिया गया, जबकि सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेल पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका रेलवे प्रशासन ने क्रेन की मदद से ट्रक को रेल लाइन से हटाने का काम शुरू किया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य किया गया। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है। सूत्रों के अनुसार इस घटना में रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि फाटक खुला हुआ था। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। लोको पायलट की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, अन्यथा भारी नुकसान हो सकता था।  

महाबोधि मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण के लिए प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध

बोधगया/गयाजी. विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा और सख्त निर्णय लिया गया है। गुरुवार से मंदिर परिसर में प्लास्टिक के पैकेट, बोतल और कंटेनर के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मंदिर परिसर की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पूजा सामग्री, जल, प्रसाद और अन्य जरूरी सामान प्लास्टिक के पैकेट या कंटेनर में लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश करते थे। पूजा के बाद इन्हें परिसर में ही फेंक दिया जाता था, जिससे यहां गंदगी और प्रदूषण की समस्या लगातार बढ़ रही थी। कई बार सफाई के बावजूद परिसर में प्लास्टिक कचरे का ढेर लग जाता था, जो विश्व धरोहर की गरिमा के अनुकूल नहीं था। इसी स्थिति को देखते हुए बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी (बीटीएमसी) ने प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मंदिर के सभी इंट्री प्वाइंट पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर चार भाषाओं में प्लास्टिक प्रतिबंध से संबंधित स्पष्ट जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पहले से नियमों की जानकारी देना है, ताकि वे बिना प्लास्टिक सामग्री के ही मंदिर परिसर में प्रवेश करें। बीटीएमसी की सचिव डॉ. महाश्वेता महारथी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पूजा सामग्री कपड़े या कागज के थैले में लेकर आएं। उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह विश्व धरोहर भी है। इसकी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करना सभी का नैतिक दायित्व है। प्लास्टिक मुक्त परिसर से मंदिर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि पहले बीटीएमसी के स्टाफ और मंदिर सुरक्षा में तैनात कर्मियों द्वारा कई बार प्लास्टिक का उपयोग न करने की हिदायत दी गई थी, लेकिन इसका पूरी तरह पालन नहीं हो पा रहा था। अब इस नियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मी प्रवेश द्वार पर ही प्लास्टिक सामग्री की जांच कर रहे हैं। जो भी श्रद्धालु या पर्यटक प्लास्टिक के साथ मंदिर पहुंच रहे हैं, उन्हें प्रवेश से पहले ही रोक दिया जा रहा है और बिना प्लास्टिक सामग्री के आने का निर्देश दिया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस सख्ती से कुछ समय में श्रद्धालुओं में जागरूकता बढ़ेगी और महाबोधि मंदिर परिसर पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बन सकेगा।

निकाय चुनाव में नामांकन से पूर्व खोलना होगा अलग बैंक खाता

धनबाद. आगामी निकाय चुनाव में मेयर और पार्षद के पदों पर नामांकन करने वाले उम्मीदवारों को हर हाल में नामिनेशन के एक दिन पहले तक अलग बैंक खाता खुलवाना होगा। नगरपालिका निर्वाचन नियमावली 2026 के तहत प्रत्याशियों को नामिनेशन से एक दिन पहले खाता खोलना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमावली के अनुसार यह खाता संयुक्त नाम से नहीं होने चाहिए। दरअसल, आगामी निकाय चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश जारी किया है। इसके तहत अब हर प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करने की तिथि से पहले एक अलग बैंक खाता खुलवाना अनिवार्य होगा। इसी खाते के माध्यम से चुनाव से जुड़ा पूरा लेन-देन करना होगा। आयोग का कहना है कि चुनावी खर्च पर निगरानी और हिसाब-किताब को स्पष्ट रखने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्याशी को प्रचार, वाहन, पोस्टर, बैनर सहित सभी खर्च इसी खाते से करने होंगे। नकद लेन-देन पर विशेष नजर रखी जाएगी। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले उम्मीदवारों पर कार्रवाई भी संभव है। निर्वाचन अधिकारियों को बैंक खाते की जानकारी नामांकन के समय जांचने का अधिकार दिया गया है। इस फैसले से चुनावी खर्च की पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर रोक लगेगी। वहीं, नामिनेशन के दौरान प्रत्याशियों को बैंक खाता नंबर, बैंक का नाम, शाखा का नाम व उस खाता के बैलेंस की राशि का विवरण भी बताना होगा। व्यय लेखा पंजी में देना होगा खर्च का ब्यौरा नगरपालिका निर्वाचन नियमावली 2026 के तहत इस बार चुनाव में प्रत्याशियों को व्यय लेखा पंजी भी भरनी होगी। नामांकन के समय उम्मीदवार को अपने चुनावी खर्च का व्यौरा देने वाला प्रपत्र मिल जाएगा। आयोग की ओर से यह प्रपत्र तैयार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार चुनाव के दौरान प्रत्याशी इसी में अपने सभी चुनावी खर्चे भरेंगे। किस किस मद में प्रत्याशी खर्च कर रहे हैं, इसका विवरण व्यय लेखा पंजी में होने से चुनाव में निष्पक्षता आ सकेगी। वहीं, जिस दिन प्रत्याशी कुछ भी खर्च नहीं करेगा, उस दिन भी कालम में निल यानी रिक्त भरना होगा।

इस साल कर्तव्य पथ पर क्यों नहीं दिखेगा बिहार?

पटना 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार कर्तव्य पथ पर बिहार की झांकी नजर नहीं आएगी। दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय परेड के लिए बिहार को झांकी नहीं पेश की जाएगी। जानकारी के अनुसार, झांकी चयन को लेकर पिछले कुछ वर्षों में विवाद बढ़ने के बाद रक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नई रोटेशन नीति लागू की है। इस नीति के तहत हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को तीन साल में कम से कम एक बार झांकी दिखाने का अवसर दिया जाएगा।  इसी रोटेशन नीति के चलते इस बार बिहार को झांकी की सूची में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि राज्य हाल के वर्षों में अपनी झांकी प्रस्तुत कर चुका है। इस बार 30 झांकियां, आत्मनिर्भर भारत थीम पर परेड इस साल गणतंत्र दिवस परेड में कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। झांकियों की मुख्य थीम ‘आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है। इसके साथ ही वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने की झलक भी झांकियों के माध्यम से दिखाई जाएगी। झांकियां देश की एकता, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास को दर्शाएंगी। इन राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां रहेंगी आकर्षण का केंन्द्र इस वर्ष जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां परेड में शामिल होंगी, उनमें असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और पंजाब शामिल हैं। राज्यों के अलावा कई केंद्रीय मंत्रालय और विभाग भी अपनी झांकियां पेश करेंगे। इनमें सेना, वायु सेना, नौसेना, संस्कृति मंत्रालय, आयुष मंत्रालय, गृह मंत्रालय, शिक्षा विभाग, पंचायती राज मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय शामिल हैं।

बिहार में दारोगा परीक्षा में 20 लाख में सेटिंग वाले गिरोह का भंडाफोड़

सहरसा. प्रतियोगी परीक्षाओं में सेटिंग-गेटिंग बिहार के लिए कोई नहीं बात नहीं है। बुधवार को आयोजित दारोगा परीक्षा में सेटिंग की तैयारी थी। हालांकि, सहरसा पुलिस ने परीक्षा से पहले ही इस रैकेट के आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूरी मामले की पोल खोल दी। इसमें एक महिला भी है। महिला के पास से कई चेक और परीक्षा से संबंधित कागजात भी जब्त किया गया है। पुलिस फिलहाल पूछताछ कर रही है। जानकारी अनुसार गुरूवार को पुलिस को सूचना मिली कि बाहर से कुछ बदमाश जिले में आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए जमा हो रहे हैं। इसको लेकर पुलिस सर्तक थी और गश्त चल रही थी। इसी दौरान सहरसा-बनगांव पथ में पुलिस ने एक स्कॉर्पियो को शक के आधार पर रोका। इस पर सवार चार युवकों से पुलिस ने पूछताछ करनी शुरू दी। पूछताछ के दौरान सभी युवक अलग-अलग बात बताने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो बताया गया कि दारोगा परीक्षा के लिए पूर्णिया जा रहे हैं। पूर्णिया जाने की बात जानने पर पुलिस का संदेह और बढ़ गया और उन चारों को गाड़ी चालक के साथ हिरासत में ले लिया गया। थाना पर पूछताछ में युवकों ने बताया कि उन्हें दारोगा परीक्षा पास कराने के लिए प्रश्न-उत्तर आज मिलना था। इसके लिए ही वो सभी जा रहे थे। बीस लाख में हुआ था सौदा पकड़े गये युवकों ने बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए बीस लाख रुपये में सौदा हुआ था। सभी अभ्यर्थी को बनगांव थाना क्षेत्र के रहुआ मणि के पास लाया गया था। जहां से किसी स्थान पर लेकर जाकर इन्हें अन्य परीक्षार्थियों के साथ प्रश्न उत्तर दिया जाना था। हालांकि युवकों को किस स्थान पर जाना था यह उन्हें नहीं पता था। दौलत कुमार है किंग पिन पूछताछ में पुलिस को इस रैकेट के सरगना बनमा इटहरी थाना क्षेत्र के सरबेला महारस के रमानंद ठाकुर उर्फ दौलत कुमार की जानकारी मिली। दौलत कुमार की तलाश में पुलिस जुट गयी। जांच के दौरान पता चला कि इसकी पत्नी भी आज होने वाली परीक्षा में शामिल हुई है। पुलिस ने उसकी पत्नी को परीक्षा केंद्र के बाहर दबोच लिया। महिला की जांच के दौरान उसके बैग से कुछ चेक और परीक्षार्थियों के परीक्षा से संबंधित कागजात बरामद हुए। दौलत का भाई और साला दे चुका है परीक्षा सेटिंग के सरगना दौलत कुमार की पत्नी मुंगेर जिला पुलिस बल में सिपाही पद पर पदस्थापित है। जांच में यह सामने आया है कि दौलत का भाई 18 जनवरी को हुई दारोगा परीक्षा में मुंगेर जिले में परीक्षा दे चुका है। वहीं, दौलत का साला बुधवार को हुए परीक्षा में मधेपुरा में परीक्षा दे चुका है।

महाधिरानी कामसुंदरी देवी के श्राद्धकर्म में शामिल होंगे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां

दरभंगा. दरभंगा महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह की तीसरी एवं अंतिम पत्नी महाधिरानी कामसुंदरी देवी के श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए आज बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां दरभंगा पहुंचेंगे। राज्यपाल सुबह 11 बजे दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वे सड़क मार्ग से कल्याणी निवास जाएंगे। राज्यपाल कल्याणी निवास में करीब 30 मिनट तक रुकेंगे और इसके बाद पुनः एयरपोर्ट पहुंचकर पटना के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल के आगमन को लेकर एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। श्राद्धकर्म कार्यक्रम से पूर्व ही कल्याणी निवास में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय सहित कई गणमान्य अतिथि पहुंच चुके हैं। कौन थीं महारानी कामसुंदरी देवी? महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा के अंतिम शासक महाराजाधिराज स्व. कामेश्वर सिंह की तीसरी एवं अंतिम पत्नी थीं। उन्हें ‘महारानी कल्याणी’ के नाम से भी जाना जाता था। वे भारत में ‘महाधिरानी’ की उपाधि धारण करने वाली अंतिम जीवित व्यक्ति मानी जाती थीं। महारानी ने अपने पति की स्मृति में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की थी। इसके माध्यम से उन्होंने मिथिला की सांस्कृतिक, साहित्यिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने महाराजा की निजी लाइब्रेरी को आम जनता और शोधकर्ताओं के लिए खोलकर उल्लेखनीय कार्य किया। महारानी कामसुंदरी देवी का निधन 12 जनवरी 2026 (सोमवार) को तड़के सुबह दरभंगा स्थित कल्याणी निवास में हुआ। उनकी आयु 94 से 96 वर्ष के बीच बताई जा रही है। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ थीं। सितंबर 2025 में गिरने के बाद उन्हें ब्रेन हेमरेज की गंभीर समस्या हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार दरभंगा के शाही श्यामा माई मंदिर परिसर (माधेश्वर परिसर) में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

शिक्षकों ने समृद्धि यात्रा के बीच उठाईं लंबित मांगें

मुजफ्फरपुर. मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के बीच में राज्य के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया है। तिरहुत परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ की ओर से मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई है। संघ के प्रमंडलीय संगठन प्रभारी लखन लाल निषाद ने कहा कि शिक्षकों से जुड़ी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। इससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में नियोजित शिक्षकों की कालबद्ध, स्नातक एवं प्रधानाध्यापक प्रोन्नति में हो रही देरी को दूर करने की मांग की गई है। अंतर राशि भुगतान की भी मांग इसके साथ ही डीएलएड प्रशिक्षण के बाद विरमन तिथि से ग्रेड पे देने, वेतन संरक्षण के साथ एरियर भुगतान, 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता एवं आवास भत्ता के अंतर राशि के भुगतान की भी मांग उठाई गई है। शिक्षकों के EPFO में समय पर अंशदान नहीं होने, जिला अंतर्गत स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने, शिक्षा भवन की जर्जर स्थिति की जांच, बच्चों के आधार सुधार के लिए विद्यालयों में कैंप लगाने और अपार योजना की जिम्मेदारी प्रखंड संसाधन केंद्र को सौंपने की मांग की है। इसके अलावा ई-शिक्षाकोष की गड़बड़ियों के कारण कटे वेतन की समीक्षा कर भुगतान, उच्च शिक्षा और पीएचडी के लिए अनुमति व अवकाश, शिशु देखभाल और पितृत्व अवकाश के लंबित आवेदनों की स्वीकृति तथा परिवीक्षा अवधि समाप्त शिक्षकों से संबंधित आदेश जारी करने की भी अपील की गई है। संघ ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समय पर समाधान होने से शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।

झारखंड में मुठभेड़ में 1 करोड़ के इनामी समेत 10 से 12 माओवादी ढेर!

पश्चिमी सिंहभूम/चाईबासा. झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले स्थित सारंडा के घने जंगलों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। गुरुवार सुबह से छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ जारी है। इसमें अब तक करीब 10 से 12 माओवादियों के ढेर होने की सूचना है। इसके साथ ही 1 करोड़ का इनामी माओवादी नेता अनल भी मारा गया है। अनल दस्ते के साथ आमना-सामना प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्रवाई में 5 से 7 माओवादी मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के कुख्यात अनल दस्ते के साथ हुई है। सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि इलाके में नक्सली बड़ी घटना की साजिश रच रहे हैं, जिसके बाद घेराबंदी शुरू की गई। गुरुवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। कौन है मारा गया माओवादी अनल?     नाम: अनल उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश     पिता: टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी     निवासी: ग्राम झरहाबाले, थाना पीरटांड, जिला गिरिडीह अनल भाकपा (माओवादी) संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) था और लंबे समय से सुरक्षाबलों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। सूत्रों के अनुसार, इस भीषण मुठभेड़ में अब तक 10 से 12 माओवादियों के मारे जाने की सूचना है। हालांकि, सुरक्षाबलों की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर रखा है। बड़े इनामी नक्सली के मारे जाने की संभावना सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस मुठभेड़ में 1 करोड़ रुपये के इनामी एक शीर्ष माओवादी कमांडर को भी ढेर कर दिया गया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अभी तक मारे गए नक्सलियों की संख्या और उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षाबलों का ऑपरेशन फिलहाल जारी है। क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। मुठभेड़ के बाद सारंडा के पूरे जंगली क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों और बैकअप टीम को मौके पर रवाना किया गया है ताकि नक्सलियों के भागने के सभी रास्ते बंद किए जा सकें। खबर लिखे जाने तक सर्च ऑपरेशन और मुठभेड़ की स्थिति बनी हुई है।

सिवान में पटाखा ब्लास्ट में एक की मौत और कई घायल

सिवान. सिवान जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बीच एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। यात्रा स्थल से कुछ ही दूरी पर जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी। अचानक हुए इस ब्लास्ट से आसपास के लोग सहम गए और देखते ही देखते इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट अवैध रूप से पटाखा बनाने के दौरान हुआ। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही इस हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। धमाके के बाद घटनास्थल पर पटाखों के अवशेष बिखरे मिले, जिससे अवैध गतिविधि की पुष्टि होती है। एक की मौत, दर्जनों घायल इस भीषण हादसे में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायल लोगों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। मकान क्षतिग्रस्त, लोग बेघर धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि आसपास के कई मकानों की दीवारें और छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई परिवारों को अस्थायी रूप से अपने घर छोड़ने पड़े। स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल मुआवजे और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया है। पुलिस ने विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है और अवैध पटाखा निर्माण से जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। समृद्धि यात्रा पर भी सुरक्षा का साया इसी बीच सिवान में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल भी तेज है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के तहत जिले को 201.83 करोड़ रुपये की 71 विकास योजनाओं की सौगात देने वाले हैं। इसमें 40 योजनाओं का शिलान्यास और 31 का उद्घाटन शामिल है। सजा शहर, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सिवान को दुल्हन की तरह सजाया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। लेकिन धमाके की घटना ने प्रशासन की तैयारियों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून सख्ती की दरकार समृद्धि यात्रा जैसे बड़े आयोजन के दौरान हुआ यह हादसा साफ संदेश देता है कि अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। प्रशासन के सामने चुनौती है कि विकास के साथ-साथ सुरक्षा और कानून व्यवस्था को भी पूरी मजबूती से लागू किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

झारखंड के गांव में बाहरी लोगों की NO ENTRY!

गोमो. हरिहरपुर थाना क्षेत्र के जीतपुर गांव में मंगलवार की रात संदिग्ध चार युवकों को गांव में घुसने पर ग्रामीण एकजुट होकर शोर मचाते हुए पीछा किया। लेकिन युवकों ने अंधेरा का फायदा उठाकर जीतपुर सरकारी विद्यालय के पीछे स्थित जंगल की ओर भाग निकले। घटना की मिलते ही थाना के सब इंस्पेक्टर डी. हांसदा दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के साथ पूरे जंगल में टोर्च की रौशनी सहारे खोजबीन किया। लेकिन तब तक वे लोग भाग चुके थे। महिलाएं भी एकजुट होकर घर के बाहर खड़ी ग्रामीणों ने डंडा, टोर्च लेकर देर रात तक तलाश करते रहे। वहीं महिलाएं भी एकजुट होकर घर के बाहर खड़ी नजर आई। बता दें कि 16 जनवरी को इसी गांव के एक बंद घर से करीब डेढ़ लाख रुपय की संपत्ति की चोरी हुई थी। जिसके बाद संदिग्ध व्यक्ति का चहल पहल ज्यादा बढ़ गया था। गांव में दूसरी चोरी की घटना ना हो इसके लिए जीतपुर गांव में पुलिस के सहयोग से ग्रामीण पिछले पांच दिनों से पहरेदारी कर रहे हैं। गांव में बाहरी लोगों के लिए प्रवेश वर्जित  चोरी की घटना के बाद से गांव में पुलिस के द्वारा दिए गए बैरियर को बीच सड़क पर लगा दिया गया है ताकि बाहरी लोगों की प्रवेश से पूर्व बैरियर में अपनी पहचान बतानी होगी।  ग्रामीणों ने कहा कि गांव में बाहरी लोगों के साथ कबाड़ी तथा फेरी करने वाले को भी अपनी पहचान बताना होगा, अन्यथा नहीं घुसने दिया जायेगा‌। गांव में कबाड़ी लेने के लिए पश्चिम बंगाल नंबर की मोपेड बाइक से घूमने वाले को भी चिन्हित किया जा रहा है। मौके पर पूर्व मुखिया जागरनाथ महतो, कपिल सिंह, पंसस सोहन महतो आदि शामिल थे। लोगों को चिन्हित किया जा रहा ग्रामीणों की सूचना पर हमलोग गांव पहुंचे। तब तक संदिग्ध युवक जंगल की ओर भाग निकले। खोजबीन किया पर उन लोगों का कुछ भी पता नहीं चल पाया, हालांकि वैसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। – डी. हांसदा, सब इंस्पेक्टर, हरिहरपुर थाना