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पटना DM बोले- ‘पैनिक होकर न करें बुकिंग, LPG की कमी नहीं’

पटना. पटना जिले में एलपीजी गैस को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि वे पैनिक होकर गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें। उन्होंने कहा कि सभी गैस कंपनियों और वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी डिस्ट्रिब्यूटर्स और गैस कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में एलपीजी का स्टॉक मौजूद है। उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से की जा रही है। ऐसे में लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि गैस बुकिंग की व्यवस्था पहले की तरह ही जारी है। उपभोक्ता मिस्ड कॉल, एसएमएस, आईवीआरएस, व्हाट्सएप और ओटीपी के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं। यह पूरी प्रणाली अभी भी सुचारू रूप से काम कर रही है। बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर जरूरी प्रशासन के अनुसार एलपीजी गैस की एक बुकिंग और अगली बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतराल निर्धारित किया गया है। उपभोक्ताओं को इसी निर्धारित अवधि के बाद ही अगली बुकिंग करनी चाहिए। इस व्यवस्था से सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस उपलब्ध कराना आसान होता है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस विषय पर गैस कंपनियों के एरिया ऑफिसर्स और फील्ड ऑफिसर्स के साथ समीक्षा बैठक की गई है। बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी (आपूर्ति), विशिष्ट पदाधिकारी अनुभाजन और सभी अनुमंडल पदाधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में जिले में गैस आपूर्ति की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रशासन की स्थिति पर पूरी नजर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गैस आपूर्ति व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखें। कहीं भी किसी प्रकार की समस्या सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ब्लैकमार्केटिंग और होर्डिंग पर सख्ती सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को गैस डीलरों और वितरकों के यहां नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। जरूरत पड़ने पर छापेमारी भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ब्लैकमार्केटिंग और होर्डिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी करने वालों पर दर्ज होगी प्राथमिकी जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति या एजेंसी गैस की कालाबाजारी या जमाखोरी करती पाई गई तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर और बिना किसी परेशानी के गैस उपलब्ध हो सके।

होली के बाद भी जारी रहेंगी 28 स्पेशल ट्रेनें, रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर

 समस्तीपुर रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. होली के दौरान चलाई गई होली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया गया है. सहरसा से आनंद विहार, पूर्णिया से आनंद विहार, मुज़फ्फरपुर से आनंद विहार, पटना, नई दिल्ली, दानापुर पुणे सहित 28 ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया गया है। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि होली के बाद भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए उनकी सुविधा के मद्देनजर पूर्व मध्य रेल के प्रमुख स्टेशनों से देश के विभिन्न शहरों के लिए चलाई जा रही होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन आगे भी जारी रखने का फैसला किया गया है। आइए देखते हैं ट्रेनों की लिस्ट…     गाड़ी संख्या 03293 पटना-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.      गाड़ी संख्या 03294 नई दिल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन 17.3.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.      गाड़ी संख्या 03257 दानापुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 15.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03258 आनंद विहार-दानापुर स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रत्येक सोमवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03697 शेखपुरा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक सोम, मंगल, शुक्र एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03698 आनंद विहार-शेखपुरा स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 31.03.2026 तक मंगल, बुध, शनि एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 02397 शेखपुरा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 22.03.2026 एवं 29.03.2026 (रविवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 02398 आनंद विहार-शेखपुरा स्पेशल ट्रेन 23.03.2026 एवं 30.03.2026 (सोमवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 01143 लोकमान्य तिलक-दानापुर स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01144 दानापुर-लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 01.04.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01449 पुणे-दानापुर स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01450 दानापुर-पुणे स्पेशल ट्रेन 12.03.2026 से 02.04.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 05219 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 13.03.2026 से 27.03.2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05220 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 28.03.2026 तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 04014 आनंद विहार-लौकहा बाजार स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 15.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 04013 लौकहा बाजार-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 16.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 05575 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 25.03.2026 तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05576 आनंद विहार-सहरसा स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रत्येक मंगलवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05579 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक मंगल, शुक्र एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05580 आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन 19.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक गुरु, शुक्र एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 06021 पोत्तनूर-बरौनी स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 एवं 23.03.2026 (सोमवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 06022 बरौनी-पोत्तनूर स्पेशल ट्रेन 19.03.2026 एवं 26.03.2026 (गुरुवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03311 धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल-10.03.2026 से 27.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03312 चंडीगढ़-धनबाद स्पेशल-12.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक गुरुवार एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03639 धनबाद-शकूरबस्ती स्पेशल ट्रेन 13.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रत्येक सोम एवं शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03640 शकूरबस्ती-धनबाद स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03309 धनबाद-दिल्ली स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 28.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03310 दिल्ली-धनबाद स्पेशल ट्रेन 15.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक बुध एवं रविवार को चलेगी.  

प्रशासन में हलचल: हड़ताल के दौरान 5 CO-RO के इस्तीफे स्वीकार, महिला अधिकारियों की संख्या ज्यादा

पटना   बिहार में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल जारी है। इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से बड़ी खबर आई है। विभाग ने पांच अधिकारियों के इस्तीफे पर मंजूर की मुहर लगा दी है। इनमें तीन महिला और दो पुरुष अधिकारी शामिल हैं। मंगलवार को विभाग की ओर से पत्र जारी करके इसकी जानकारी दी है। स बीचविभागीय मंत्री विजय कुमार ने हड़ताल पर गए अधिकारियों और कर्मियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानकारी के मुताबिक राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार राजस्व् सेवा के पांच अधिकारियों का त्याग पत्र स्वीकार कर लिया है। जिलाधिकारियों से मिले अनुशंसा पत्र के आलोक में विभाग ने अधिकारियों का त्याग पत्र बीते दिनों के प्रभाव से ही स्वीकार किया है। जिन अधिकारियों का त्याग पत्र स्वीकार किया गया है उसमें वैशाली के गोरौल के सीओ रहे अंशु कुमार हैं। इनका त्याग पत्र 19 दिसम्बर 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। बिक्रमगंज के राजस्व् अधिकारी रहे राजन कुमार का त्याग पत्र 26 जून 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। इसी प्रकार सारण के परसा की राजस्व् अधिकारी रहीं शिवांगी पांडेय का त्याग पत्र सात मई 2025 तो रोहतास के राजपुर की सीओ रही अंकिता वर्मा का त्याग पत्र 27 अगस्त 2024 के प्रभाव से ही स्वीकार किया गया है। जबकि हाजीपुर सदर की राजस्व अधिकारी रहीं स्मृति कुमारी का त्याग पत्र 20 अगस्त 2025 के प्रभाव से स्वीकार किया गया है। इधर उपमुख्यमंत्री सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। दिसंबर 2027 तक बिहार में भूमि सर्वेक्षण का कार्य हर हाल में पूरा किया जाएगा। भूमि सर्वेक्षण पूरा होने से राज्य में भूमि अभिलेख पूरी तरह अद्यतन और पारदर्शी हो जाएंगे, जिससे आम लोगों को जमीन से जुड़े विवादों से काफी राहत मिलेगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के कार्य को गति प्रदान करने के उद्देश्य से ही समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस दौरान हरेक मुद्दे की समीक्षा कर तय समय सीमा में कार्य पूरा कराना उद्देश्य है। राज्य में चल रहे विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए 13 मार्च को बैठक होगी। यह बैठक राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान, शास्त्रीनगर, पटना के सभाकक्ष में आयोजित होगी। भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत की ओर से पत्र जारी किया गया है।  

NCERT ने न्याय पालिका में Corruption वाले चैप्टर पर मांगी माफी

पटना. न्याय पालिका में भ्रष्टाचार वाले चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट से लगी फटकार के बाद NCERT ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है. संस्था ने कहा कि पूरी किताब वापस ले ली गई है और अब यह आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है. NCERT ने इस संबंध में ट्वीट के माध्यम से जानकारी दी. संस्था ने कहा, “हाल ही में क्लास 8 की सोशल साइंस की पुस्तक में Exploring Society: India and Beyond (भाग-2) प्रकाशित की थी, जिसमें चैप्टर-4 का शीर्षक था, हमारे समाज में न्याय पालिका की भूमिका. एनसीईआरटी के निदेशक और सदस्यों ने इस अध्याय को लेकर बिना किसी शर्त के सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी है. साथ ही बताया गया है कि पूरी किताब को वापस ले लिया गया है और अब यह उपलब्ध नहीं है.” 𝐏𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐑𝐞𝐥𝐞𝐚𝐬𝐞: 𝐏𝐮𝐛𝐥𝐢𝐜 𝐀𝐩𝐨𝐥𝐨𝐠𝐲 The National Council of Educational Research and Training [NCERT] has recently published a social science textbook, “Exploring Society: India and Beyond," Grade 8 (Part II), which contained Chapter IV titled “The Role of… — NCERT (@ncert) March 10, 2026 इसी के साथ NCERT ने आगे कहा कि हम इस कारण हुई असुविधा के लिए ईमानदारी से खेद व्यक्त करते हैं और सभी संबंधित पक्षों की समझदारी की सराहना करते हैं. NCERT शैक्षणिक सामग्री में सटीकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. कहां से शुरू हुआ पूरा मामला? सुप्रीम कोर्ट NCERT की किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ वाले टॉपिक के उल्लेख को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था. ये नोटिस 26 फरवरी को NCERT के निदेशक और शिक्षा मंत्रारलय के सचिव के लिए जारी किया गया. कोर्ट ने किताब की सभी कॉपियों को तुरंत बैन कर दिया. साथ ही पूछा कि इस मामले में आपराधिक अवमानना कार्रवाई क्यों न की जाए. यहीं से ये पूरा विवाद शुरू हुआ. क्या था सुप्रीम कोर्ट का कहना? सुप्रीम कोर्ट का मानना था कि इसमें न्यायपालिका की गलत या एकतरफा तस्वीर पेश की गई है. सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि इस उम्र में बच्चे जीवन की बारीकियों को समझना शुरू ही करते हैं, ऐसे में उन्हें गलत जानकारी देना उचित नहीं है. कोर्ट का साफ कहना था कि किताब के माध्यम से ये जानकारी स्टूडेंट्स, शिक्षक और माता पिता तक पहुंचेगी. इससे समाज पर प्रभाव पड़ेगा.

बिहार में कॉपियों, प्लास्टिक और इलेक्ट्रिक सामान की कीमत 12 तक बढ़ी

भागलपुर. खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध से पनपे वैश्विक हालात का असर अब भागलपुर के बाजारों में भी दिखने लगा है। पेट्रोकेमिकल आधारित कच्चे माल की कीमत बढ़ने से कागज, कॉपी, प्लास्टिक और कुछ इलेक्ट्रिक सामान महंगे हो गए हैं। स्कूलों में नया सत्र शुरू हो रहा है। सभी अभिभावकों को कॉपी खरीदनी ही है। इसी वक्त कॉपियों की कीमतों में बढ़ोतरी से अभिभावकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। भागलपुर में कॉपियों की कीमतें अचानक 12 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। हालांकि, थोक और खुदरा बाजार में कीमतों में अंतर होने से ग्राहकों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दुकानदारों की मानें तो कागज बनाने में कई पेट्रोकेमिकल आधारित रसायनों का उपयोग होता है। इन रसायनों का कच्चा माल खाड़ी देशों से आता है। वैश्विक तनाव के कारण इनकी लागत बढ़ने से कागज और कॉपियों की कीमतों में तेजी आई है। कोतवाली चौक के समीप कॉपियों के थोक विक्रेता गोपाल खेत्रीवाल ने बताया कि कई कंपनियों ने एमआरपी बढ़ा दी है। इससे बाजार में नई कॉपियां महंगी हो गई हैं। पहले 120 पेज की कॉपी का एमआरपी 32 रुपये था। इसे बढ़ाकर अब 40 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह 172 पेज की कॉपी का एमआरपी पहले 52 रुपये था, जो अब बढ़कर 60 रुपये हो गया है। जेराक्स के लिए इस्तेमाल होने वाले ए-4 साइज पेपर की कीमत भी बढ़ गई है। पहले इसका थोक भाव 175 रुपये था, अब बढ़कर 190 रुपये हो गया है। कीमतों में नहीं दिख रही एकरूपता एमआरपी बढ़ने के बाद खुदरा दुकानदार भी कॉपियां बढ़ी हुई कीमतों पर बेचने लगे हैं। इस कारण कीमतों में एकरूपता नहीं दिख रही है। स्कूलों से जुड़े विक्रेता कॉपियों पर करीब 10 प्रतिशत की छूट दे रहे हैं, जबकि खुदरा बाजार में ग्राहकों को एमआरपी पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। कुछ थोक विक्रेता भी खुदरा की तरह सीधे ग्राहकों को कॉपियां बेच रहे हैं। गोपाल खेत्रीवाल के अनुसार, कॉपियों पर अभी भी 50 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिल रहा है। सुबोध कुमार ने बताया कि कई दुकानदार बढ़ी हुई एमआरपी पर ही कॉपियां बेच रहे हैं। स्कूल सत्र शुरू होने के साथ ही बाजार में कॉपियों की मांग बढ़ गई है। फरवरी, मार्च और अप्रैल में कॉपियों की बिक्री सबसे अधिक होती है और साल का लगभग 40 प्रतिशत व्यापार इसी अवधि में हो जाता है। दूसरी ओर, अभिभावक संजय कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले कॉपी खरीदने की योजना थी, लेकिन किसी कारण से खरीद नहीं पाए। अब पांच से आठ रुपये बढ़ी हुई कीमतों पर कॉपी खरीदनी पड़ी। रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम 20 प्रतिशत तक बढ़े बाजार में प्लास्टिक और इलेक्ट्रिक सामान की कीमतों में भी तेजी आई है। गुरुद्वारा रोड स्थित प्लास्टिक विक्रेता आकाश कुमार ने बताया कि अधिकांश सामानों की कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। पहले साधारण प्लास्टिक बाल्टी 100 से 120 रुपये में मिलती थी, अब बढ़कर 130 से 140 रुपये हो गई है। बैठने वाला प्लास्टिक स्टूल पहले करीब 150 रुपये में मिलता था, अब 170 से 180 रुपये में बिक रहा है। डस्टबिन की कीमत 150 से 170 रुपये से बढ़कर 180 से 200 रुपये तक पहुंच गई है। किचन में इस्तेमाल होने वाला कंटेनर पहले 50 रुपये में मिल जाता था, अब 60 से 65 रुपये में बिक रहा है। प्लास्टिक मग, जो पहले 20 रुपये में मिलता था, अब 25 से 30 रुपये तक पहुंच गया है। आकाश के अनुसार ये रोजमर्रा के उपयोग के कम कीमत वाले सामान हैं, इसलिए बिक्री पर फिलहाल ज्यादा असर नहीं पड़ा है। लोग जरूरत के हिसाब से इन्हें खरीद रहे हैं और बाजार में मांग सामान्य बनी हुई है। दूसरी ओर, गर्मी के मौसम को देखते हुए इलेक्ट्रिक सामान की मांग भी बढ़ने लगी है। दुकानदारों के अनुसार पंखों की कीमत में भी तेजी आई है। एक ब्रांड का पंखा जो पहले 1250 रुपये में मिलता था, अब 1450 से 1500 रुपये में बिक रहा है।

सीएम नीतीश की समृद्धि यात्रा में सम्राट चौधरी बोले- ‘बिहार में चुन-चुनकर रोजगार देना है’

सुपौल. ‘बिहार में चुन-चुनकर रोजगार देना है. नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सबकुछ करना है.’ यह बात सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कही. सीएम नीतीश सुपौल जिले में पहुंचे, जहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. यहां मंच से लोगों को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा, जो लोग पलायन करते हैं, उनको पलायन नहीं करने देना है. इसके साथ ही सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर कहा, मैं एनडीए की तरफ से आश्वस्त करना चाहता हूं कि नीतीश कुमार जी कहीं नहीं जा रहे हैं. नीतीश कुमार जी हमारे बीच में हम लोगों को मार्गदर्शन देंगे और बिहार फिर से श्रेष्ठ बनने का काम करेगा. बिहार पूरी तरह से सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम करता रहेगा. इस तरह से सम्राट चौधरी ने बिहार में ही हर बिहारी को रोजगार देने की बात कही. बिहार में लाई जाएगी इंसेंटिव पॉलिसी बिहार में उद्योग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है. इसके जरिए ही लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध हो सकेगा. सोमवार को सम्राट चौधरी ने बिहार में इंसेंटिव पॉलिसी लाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था, इंसेंटिव पॉलिसी 2026 के माध्यम से राज्य में उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा. जो लोग मजदूरी करने के लिए बाहर जाते हैं, उन्हें पांच साल के अंदर चिह्नित कर बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा. यह सरकार की प्राथमिकता है. बिहार में गन्ना उद्योग को दिया बढ़ावा सम्राट चौधरी ने गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया. सम्राट चौधरी ने कृषि वैज्ञानिकों और गन्ना किसानों से अपील की कि नई तकनीक के साथ पुरानी पद्धति की ओर लौटना है. तभी हम अच्छी खेती कर पायेंगे. खेती की पुरानी पद्धति में कैसे लौटे, इस पर भी चर्चा होनी चाहिए. सरकार बंद मिलों को चालू कराने के साथ ही नई चीनी मिलें लगाने की दिशा में कार्य कर रही है. आज बिहार में 10 चीनी मिलें चालू हैं.

सुपौल में सीएम नीतीश बोले- ‘लालू-राबड़ी शासनकाल में शाम के बाद बाहर नहीं निकलते थे लोग’

सुपौल. मंगलवार से सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा की शुरुआत हुई. सुपौल जिले में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अगले 5 साल के विजन को बताया. सीएम नीतीश ने कहा कि 2025 से 2030 के लिए काम शुरू हो गया है. अगले 5 सालों में उद्योग को बढ़ावा, 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और महिलाओं को 2-2 लाख रुपए भी दिए जायेंगे. 7 प्वाइंट में बताया पूरा विजन दोगुना रोजगार, दोगुनी आय- प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना किया जाएगा. महिलाओं को दो-दो लाख रुपए और 1 करोड़ युवाओं को नौकरी दिया जाएगा.     समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार- अगले 5 सालों में उद्योग लगाने पर पूरा जोर दिया जाएगा. सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जा रही है. पुरानी बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा.     कृषि में प्रगति, प्रदेश की समृद्धि- इसके लिए पहले से ही काम किया गया है. इसमें और तेजी लाने के लिए अब नए बिहार विपणन प्रोत्साहक निगम की स्थापना की गई है. मखाना के उत्पादन को और बढ़ावा दिया जा रहा है. डेयरी और मछली पालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है.     उन्नत शिक्षा, उज्जवल भविष्य- राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं. एक नए एजुकेशन सिटी का निर्माण कराया जा रहा है.     सुलभ स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन- स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए जिला और प्रखंड के अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र बनाया जा रहा है. राज्य में प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा. सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी.     मजबूत आधार, आधुनिक विस्तार- आधारभूत संरचनाओं को बेहतर किया जाएगा. शहरों का विकास किया जाएगा. 5 नए एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा. ग्रामीण सड़कों को टू लेन बनाया जाएगा. इच्छुक लोगों के घर की छतों पर सोलर पैनल लगाए जायेंगे. टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा.     सबका सम्मान और जीवन आसान- आधुनिक तकनीक और अच्छे प्रशासन के माध्यम से राज्य के लोगों के जीवन को आसान बनाया जाएगा. लालू-राबड़ी शासनकाल पर भी बोले लोगों को संबोधित करते हुए लालू-राबड़ी शासनकाल पर सीएम नीतीश कुमार ने कहा, 2005 के पहले की जो सरकार बनी थी, लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे. शाम से ही घर में बंद हो जाते थे. पहले समाज में कितना विवाद होता था और हिंदू मुसलमान का झगड़ा भी होता था. पढ़ाई का भी हाल बुरा था. बहुत कम बच्चे ही पढ़ पाते थे. पहले इलाज का भी इंतजाम नहीं था और सड़कें भी बहुत कम थी. हम लोगों ने बिहार में सारा काम किया. बिहार में किसी प्रकार के डर-भय का वातावरण नहीं है.

बिहार में मौसम का मिजाज बदला: पटना-पूर्णिया समेत 27 जिलों में बारिश की चेतावनी

पटना बिहार में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, सोमवार (9 मार्च) से बुधवार (11 मार्च) तक राज्य के 27 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इन जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर, मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार के 27 जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर, कटिहार, अररिया, किशनगंज और सहरसा समेत अन्य जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना है। इन इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है। पश्चिमी बिहार में तपिश जारी रहेगी वहीं बक्सर, भोजपुर, रोहतास और औरंगाबाद जैसे पश्चिमी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। यहाँ तापमान में कोई विशेष कमी आने के संकेत नहीं हैं और गर्मी का सितम जारी रह सकता है। रविवार को कैमूर में अधिकतम तापमान 34.8°C दर्ज किया गया, जबकि पटना और फारबिसगंज में न्यूनतम तापमान भी 23.5°C तक पहुँच गया। तेज धूप और पछुआ हवाओं ने लोगों को बेहाल कर रखा था, लेकिन अब बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट की उम्मीद है। किसानों को जारी हुई एडवाइजरी मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली कड़कने के दौरान वे पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न रहें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने किसानों को चिंता में डाल दिया हैं। इस समय गेहूं की फसल तैयार हो रही है और आम के पेड़ों पर मंजर आए हुए हैं। तेज आंधी और बारिश से मंजरों के गिरने और गेहूं की खड़ी फसल को खतरा है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फिलहाल कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें।

जीविका दीदीयों को सहकारी संघ देगा 2 लाख तक का लोन

बांका. स्वरोजगार और छोटे कारोबार के लिए अब जीविका दीदियों को माइक्रो फाइनेंस या नॉन बैंकिंग कंपनियों से ऋण लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब उन्हें जीविका के माध्यम से ही सप्ताह भर के अंदर लोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जिला परियोजना विभाग (जीविका) की ओर से स्थानीय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। सुलभ तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के लिए बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ का गठन किया गया है। इससे जिले की करीब तीन लाख से अधिक जीविका दीदियों को लाभ मिलेगा। बांका में 3 लाख महिलाओं को होगा फायदा जिले में लगभग 26 हजार से अधिक जीविका समूह संचालित हैं, जिनसे तीन लाख से अधिक महिलाएं जुड़कर विभिन्न प्रकार के कारोबार कर रही हैं। जिला परियोजना प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि लोन लेने के लिए एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। लोन देने से लेकर उसे वापस करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। कम राशि को भी किया जाएगा फाइनेंस बैंकिंग व्यवस्था के संचालन के लिए जिले में 13 सीएलएफ का चयन किया गया है, जिन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। नई वित्तीय वर्ष से इस योजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। जीविका अधिकारियों के अनुसार समूह से जुड़ी महिलाओं को पहले एकमुश्त राशि दी जाती है, लेकिन कई बार स्वरोजगार के लिए अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में जीविका निधि के माध्यम से आसानी से ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी। आवेदन से लेकर ऋण वापसी तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिसकी निगरानी प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक की जाएगी। तीन तरह का मिलेगा ऋण जीविका बैंक से ऋण लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन में तीन विकल्प दिए जाएंगे। अल्पकालीन ऋण 15 हजार रुपये तक, सूक्ष्म ऋण 15 हजार से 75 हजार रुपये तक तथा लघु ऋण 75 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक मिल सकेगा। अल्पकालीन ऋण की अवधि अधिकतम 12 महीने, सूक्ष्म ऋण की 24 महीने और लघु ऋण की 36 महीने तक निर्धारित की गई है। जीविका दीदियों को सुलभ तरीके से ऋण उपलब्ध कराने के लिए जीविका निधि का गठन किया गया है। इससे जिले की तीन लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा। -राकेश कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक, जीविका माइक्रो फाइनेंस के दबाव से राहत दिलाएगी जीविका ऋण योजना माइक्रो फाइनेंस और नॉन बैंकिंग कंपनियों की ओर से लोन वसूली के लिए किए जाने वाले दबाव और प्रताड़ना से लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले वर्ष अमरपुर क्षेत्र में कर्ज के दबाव से तंग आकर एक दंपती समेत तीन लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। ऐसी कई घटनाओं के बाद प्रशासन और समाज में चिंता बढ़ी थी। अब जीविका के माध्यम से सुलभ और पारदर्शी तरीके से ऋण उपलब्ध होने से महिलाओं को निजी कंपनियों के चंगुल में फंसने से बचाव मिलेगा। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ कर्ज के दबाव से होने वाली परेशानियों में भी कमी आने की संभावना है।