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बिहार में रेल नेटवर्क विस्तार की तैयारी तेज: बिहटा-औरंगाबाद परियोजना को मिली रफ्तार

 अरवल वर्ष 2001 में जहानाबाद से अलग होकर जिला बने अरवल को आज भी अपने रेलवे स्टेशन का इंतजार है। जिला गठन के करीब 25 वर्ष बाद भी अरवल रेल नेटवर्क से नहीं जुड़ सका है। हालांकि अब बहुप्रतीक्षित बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन परियोजना के जरिए जिले को रेल मानचित्र पर लाने की कवायद तेज होती दिख रही है। लालू प्रसाद ने क‍िया था श‍िलान्‍यास  बिहटा से अरवल होते हुए औरंगाबाद तक प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने किया था। इसके बाद वर्षों तक परियोजना ठंडे बस्ते में पड़ी रही। रेल आंदोलन के संयोजक मनोज सिंह यादव के नेतृत्व में लगातार आंदोलन और जनदबाव के बाद अब योजना को गति मिलने की उम्मीद जगी है। रेलवे के जीएम हाजीपुर द्वारा 30 सितंबर 2025 को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि 3606.42 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना को पूर्ण स्वीकृति मिल चुकी है। आंदोलनकारी मनोज सिंह यादव ने बताया कि परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। 117.6 किमी होगी रेल लाइन की लंबाई पहले चरण में अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन से औरंगाबाद तक 13 किलोमीटर रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं दूसरे चरण में बिहटा से औरंगाबाद तक 117.6 किलोमीटर लंबी रेल लाइन निर्माण के लिए रेलवे ने बिहार सरकार को जमीन अधिग्रहण संबंधी पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि अरवल की तत्कालीन डीएम अभिलाषा शर्मा ने 6 दिसंबर 2025 को भू-अर्जन पदाधिकारी को भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकार नियुक्त किया था। रेलवे अधिकारियों ने जून माह से भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू होने का आश्वासन भी दिया है। पटना, अरवल और औरंगाबाद जिले में मिलाकर करीब 6500 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। 14 स्टेशन और कई हाल्ट होंगे विकसित प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना में कुल 14 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें बिहटा, बिक्रम, दुल्हिन बाजार, पालीगंज, बारा, अरवल, खभैनी, मेहंदिया, कलेर, शमशेर नगर, दाउदनगर, ओबरा, भरथौली और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर हाल्ट निर्माण की भी योजना है। चार लोकसभा क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ यह रेल परियोजना औरंगाबाद, काराकाट, जहानाबाद और पटना लोकसभा क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए विकास की नई संभावनाएं लेकर आएगी। रेल लाइन बनने से पटना और औरंगाबाद के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। वर्तमान में सड़क मार्ग से यह सफर तय करने में चार से पांच घंटे लगते हैं, जबकि रेल परिचालन शुरू होने के बाद यह दूरी महज डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो सकेगी। डीएम ने क्या कहा हालांकि, अमृशा बैंस ने कहा कि फिलहाल रेलवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई तय होने के बाद ही प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।  

जेलों की खाली जमीन पर पेट्रोल पंप, कैदियों को मिलेगी पारिश्रमिक

पटना बिहार की जेलों के कैदी पेट्रोल पंप चलाएंगे। गृह (कारा) विभाग ने इसे लेकर विस्तृत प्रारूप तैयार किया है। जेल प्रशासन की खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोल पंप स्थापित किए जाएंगे। इन पेट्रोल पंपों के संचालन का दायित्व उस जेल में रहने वाले कैदियों को दिया जाएगा। गृह (कारा) विभाग ने प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी के लिए भेजा है। इसके बाद विधि विभाग से भी मंजूरी ली जाएगी। राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद यह लागू होगा। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद गृह (कारा) विभाग पेट्रोलियम कंपनियों के साथ पेट्रोल पंप संचालन के लिए समझौता (एमओयू) करेगा। कारा विभाग ने हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के साथ पहले ही करार करने का निर्णय लिया है। पेट्रोल पंप आवंटन के बाद उसे जेलों की खाली भूमि पर लगाया जाएगा। सुधार प्रक्रिया से जुड़े कैदी संभालेंगे दायित्व जेलों में लंबे समय से सजा भुगतने वाले वैसे कैदी जो सुधार प्रक्रिया में शामिल हैं, उन्हें इसके संचालन का दायित्व दिया जाएगा। जेलों में सजायाफ्ता या विचाराधीन खूंखार एवं गंभीर अपराध के आरोपी कैदियों को संचालन का दायित्व नहीं दिया जाएगा। इन पेट्रोल पंपों पर होने वाली पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की निगरानी के लिए भी तंत्र विकसित किया जाएगा। 59 जेलों में करीब 60 हजार है कैदी बिहार में आठ केंद्रीय कारागारों समेत कुल 59 जेलों की क्षमता 47,750 है, लेकिन इन जेलों में 61,891 कैदी हैं। इसका मतलब यह हुआ कि जेलों में क्षमता के मुकाबले 30 फीसदी अधिक कैदी हैं। जेलों में उद्यमिता के विकास, योग, ध्यान एवं सुधार के भी कई कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कैदियों को पारिश्रमिक मिलेगा पेट्रोल पंप के संचालन का दायित्व संभालने वाले कैदियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। कैदियों को जेल मैनुअल के अनुसार ही राशि मिलेगी। वर्तमान में, जेलों में विभिन्न प्रकार के उत्पादन कार्यों में जुड़े कैदियों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। जानकारी के अनुसार, बिहार की जेलों में सजायाफ्ता कैदियों को उनके कौशल के आधार पर प्रतिदिन ₹147 से ₹397 रुपए तक का पारिश्रमिक मिलता है। इन्हें 4 श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें अकुशल (4 घंटे कार्य) को ₹147 रुपये, अकुशल को ₹294, अर्द्ध कुशल को ₹309 और कुशल कैदियों को ₹397 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है।

पटना में जदयू दफ्तर में शुरू हुआ सप्ताहिक जन सुनवाई कार्यक्रम

पटना बिहार की सम्राट सरकार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोटे के मंत्रियों का जन सुनवाई कार्यक्रम फिर से शुरू हो गया है। पटना स्थित जदयू दफ्तर में अब 3-3 मंत्री रोजाना जनता दरबार लगाकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे। पार्टी के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने जदयू के सभी मंत्रियों की पार्टी दफ्तर में ड्यूटी लगा दी है और कौन 3 मंत्री किस दिन कितने बजे से जन सुनवाई करेंगे, इसकी टाइमिंग भी फिक्स कर दी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की ओर से मंगलवार को कार्यक्रम जारी कर दिया गया। प्रत्येक दिन तीन-तीन मंत्री पार्टी दफ्तर में लोगों की समस्या सुनेंगे। जन सुनवाई कार्यक्रम रोजाना सुबह 11.30 बजे से शुरू होगा। सोमवार और मंगलवार को किसकी ड्यूटी सोमवार को ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह और ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। मंगलवार को डिप्टी सीएम विजय चौधरी, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री शीला मंडल और ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल लोगों की समस्याएं सुनेंगे। निशांत बुधवार को बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा लोगों की समस्या सुनेंगे। गुरुवार को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी, मदन सहनी और समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता जन समस्या सुनेंगी। इसी तरह शुक्रवार को डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव, योजना एवं विकास मंत्री एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री लोगों की समस्या सुनेंगे। चुनाव के चलते स्थगित हुआ था जनता दरबार बता दें कि जदयू दफ्तर में जन सुनवाई कार्यक्रम लंबे समय से चलता रहा है। नीतीश कुमार जब मुख्यमंत्री थे, तब भी वे जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनते थे। पिछले साल विधानसभा चुनाव के चलते जन सुनवाई कार्यक्रम स्थगित हो गया था। अब पार्टी की ओर से फिर से इसे शुरू कर दिया गया है। जदयू अध्यक्ष ने पूरे सप्ताह का कार्यक्रम विधिवत घोषित किया है। ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े यहां देखें पूरी लिस्ट सोमवार, सुबह 11.30 बजे से–     श्रवण कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री     लेशी सिंह, भवन निर्माण मंत्री     सुनील कुमार, ग्रामीण कार्य मंत्री मंगलवार, सुबह 11.30 बजे से–     विजय चौधरी, डिप्टी सीएम, जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री     शीला मंडल, विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री     शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, ऊर्जा मंत्री बुधवार, सुबह 11.30 बजे से–     निशांत कुमार, स्वास्थ्य मंत्री     दामोदर रावत, परिवहन मंत्री     रत्नेश सदा, आपदा प्रबंधन मंत्री गुरुवार, सुबह 11.30 बजे से–     अशोक चौधरी, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री     मदन सहनी, मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन मंत्री     श्वेता गुप्ता, समाज कल्याण मंत्री शुक्रवार, सुबह 11.30 बजे से–     बिजेंद्र प्रसाद यादव, डिप्टी सीएम, वित्त एवं वाणिज्य कल मंत्री     भगवान सिंह कुशवाहा, योजना विकास मंत्री     जमा खान, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री

180 करोड़ की परियोजना पर सिर्फ 30% काम पूरा, आम जनता को राहत नहीं

 रांची राजधानी रांची में कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाईओवर को जोड़ने वाले कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य इन दिनों धीमी गति से चल रहा है। भू-अर्जन की समस्या और तकनीकी चुनौतियों के कारण परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई है। करीब 1.25 किलोमीटर लंबे इस कनेक्टिंग फ्लाईओवर के निर्माण पर लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के अनुसार फ्लाईओवर का निर्माण कैंटी लीवर तकनीक से किया जा रहा है। दो दर्जन से अधिक विशेष पिलरों का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में सर्विस रोड के बाहर पाइलिंग का कार्य किया जा रहा है। कुल 72 पाइलिंग में अब तक 10 का काम पूरा हो चुका है। निर्माण एजेंसी को कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण पिलर खड़ा करने का कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक भू-अर्जन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए मंत्रालय स्तर पर उच्च स्तरीय बैठक चल रही है। कांटाटोली-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य दिसबंर 2026 में पूरा होना था, लेकिन अबतक लगभग 30 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। वहीं अबतक पीलर व गर्डर का काम चल रहा है। शहरवासियों को नहीं मिल पा रहा फ्लाईओवर का पूरा लाभ कांटाटोली फ्लाईओवर और निर्माणाधीन सिरमटोली फ्लाईओवर के बीच कनेक्टिंग काॅरिडोर नहीं बनने से लोगों को अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। वर्तमान में कांटाटोली से सिरमटोली फ्लाईओवर तक पहुंचने में 15 से 20 मिनट का समय लग रहा है। कई जगहों पर जाम की समस्या भी लगातार बनी हुई है। निर्माण कार्य के कारण पिछले लगभग एक वर्ष से कांटाटोली फ्लाईओवर के नीचे की सड़क वन-वे व्यवस्था में तब्दील हो गई है। इससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर बनने के बावजूद ट्रैफिक समस्या में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। कोकर से मेकान तक बनेगा एलिवेटेड काॅरिडोर यह कनेक्टिंग फ्लाईओवर तैयार होने के बाद कोकर रोड के शांतिनगर से लेकर मेकान चौक तक लगभग छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड काॅरिडोर बन जाएगा। तब वाहन चालकों को नीचे उतरकर दोबारा फ्लाईओवर पर चढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जल्द समस्या समाधान का दावा पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता बिनोद कच्छप ने कहा कि भू-अर्जन की समस्या जल्द सुलझा ली जाएगी और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य अगले वर्ष तक परियोजना को पूरा कर आम जनता को सौंपने का है।  

छोटे दवा व्यवसायी ऑनलाइन डिस्काउंट और नियमों की अनदेखी से परेशान

 साहिबगंज ऑनलाइन फार्मेसी और बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा दवाओं पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट के विरोध में देशभर के दवा विक्रेताओं ने 20 मई 2026 को एक दिवसीय बंद का आह्वान किया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के नेतृत्व में किया जा रहा है, जिसमें देश के लगभग 12.40 लाख दवा विक्रेता और वितरक शामिल होंगे। संगठन का कहना है कि तेजी से बढ़ रही ई-फार्मेसी व्यवस्था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना पर्याप्त जांच के दवाओं की बिक्री से छोटे दवा कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही मरीजों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एआई और डिजिटल तकनीक के जरिए फर्जी प्रिस्क्रिप्शन बनाकर दवाओं की खरीद-बिक्री को लेकर भी संगठन ने चिंता जताई है। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं, जिससे एंटीबायोटिक्स और अन्य संवेदनशील दवाओं के दुरुपयोग की आशंका बढ़ रही है। संगठन ने कहा कि यदि इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं। एआईओसीडी ने केंद्र सरकार से कोविड काल में जारी अस्थायी अधिसूचना जीएसआर-220(ई) को वापस लेने तथा ई-फार्मेसी से संबंधित जीएसआर-817(ई) अधिसूचना को रद करने की मांग की है। इसके अलावा ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर रोक लगाने और छोटे दवा कारोबारियों के लिए समान व्यापारिक अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। साहिबगंज जिला केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने भी इस राष्ट्रव्यापी बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। जिला अध्यक्ष अनुप कुमार सिंह ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ व्यापार बचाने के लिए नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और दवा वितरण व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी दवा व्यवसायियों से 20 मई को अपनी दुकानें बंद रखने की अपील की। जिला उपाध्यक्ष नवल कुमार मंडल ने कहा कि ऑनलाइन बिक्री और भारी छूट की वजह से छोटे दवा व्यवसायी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

मोस्ट वांटेड महिला माओवादी नेता बेला को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया

रांची  झारखंड के सारंडा जंगल में एक करोड़ के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा को पुलिस और सुरक्षाबलों ने चारों ओर से घेर लिया है। जिसके बाद मिसिर बेसरा दस्ते के 15 सदस्यों ने पुलिस के सामने सरेंडर करने का मन बना लिया है। वहीं मिसिर बेसरा की करीबी और मोस्ट वांटेड महिला माओवादी नेता श्रद्धा विश्वास उर्फ बेला को कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि माधई पात्रा ने कोलकाता में सरेंडर कर दिया। कोलकाता पुलिस ने उसे उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र के एक गुप्त स्थान से पकड़ा। गिरफ्तार माओवादी नेता बेला नदिया जिले के चकदह की रहने वाली है। बेला के खिलाफ झारखंड में दर्ज हैं 23 मामले बेला के खिलाफ झारखंड में कम से कम 23 मामले लंबित हैं। झारखंड पुलिस ने उस पर 15 लाख रुपए का इनाम रखा था। मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर उत्तर काशीपुर थाने की पुलिस ने कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर लिया। बेला झारखंड और पश्चिम बंगाल में माओवादी गतिविधियों के लिए समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) का करती थी। सारंडा में घिरे मिसिर बेसरा गुट के नक्सली पुलिस शरण में वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सारंडा के मंकी फॉरेस्ट में घिरे मिसिर बेसरा दस्ते के 53 नक्सलियों में से 15 झारखंड पुलिस के शरण में पहुंच गये हैं। सुरक्षा बलों की लगातार घेराबंदी, दबिश और वार्ता की पहल के बाद यह सफलता हाथ लगी है। कई इनामी नक्सली भी पुलिस के संपर्क में इन नक्सलियों में माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा का खासमखास 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर अश्विन भी शामिल है। इसके साथ ही 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर चंदन लोहरा, पांच लाख का इनामी सबजोनल कमांडर सोहन पुनेई उर्फ रंगा, सबजोनल कमांडर माधई पात्रा, एरिया कमांडर दो लाख की इनामी रजनी मुदगम, एरिया कमांडर सलोनी मुंडा उर्फ पारूल और दस्ता सदस्यों में अनीशा, जेलानी और सपना सहित अन्य नक्सली शामिल हैं। माधई पात्रा ने किया आत्मसमर्पण उधर, माधई पात्रा ने समाज की मुख्य धारा में लौटने का फैसला करते हुए कोलकाता पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वह लंबे समय से बीमार चल रहा था। दावा किया जा रहा है कि वह मिसिर बेसरा से अनुमति लेकर पुलिस की शरण में आया है। पुलिस अधिकारी नक्सलियों के शरण में आने की खबर पर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। संभावना जतायी जा रही है कि इन नक्सलियों से सूचना एकत्र कर पुलिस आगे कुछ और कार्रवाई करे।  

पेट्रोल-डीजल बचाने की पहल: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जारी किए कई सख्त निर्देश

पटना ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से उपजे वैश्विक संकट और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से अपील की थी कि वो पेट्रोल-डीजल बचाने की दिशा में पहल करें। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने कुछ अहम फैसले लिए हैं। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के काफिले में वाहनों की संख्या घटा कर की गई है। सीएम ने इसके अलावा कई पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधि से भी अतिरिक्त वाहन नहीं इस्तेमाल करने की अपील भी की है। खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी है। सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर बताया, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीजल, पेट्रोल की बचत के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग करने की अपील की है। इसे लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। • मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम अथवा न्यूनतम करने का निर्णय लिया है। • माननीय मंत्री गण, निगम बोर्ड के माननीय अध्यक्ष गण एवं सदस्य गण, सभी पदाधिकारी गण एवं जनप्रतिनिधि गण से बिना अतिरिक्त वाहन के सार्वजनिक कार्यक्रमों में आने की अपील की गई है। • राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो अथवा अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रयोग पर जोर देने का आग्रह किया गया है। • राज्य सरकार के सभी विभागों को सभी प्रकार के कॉन्फ्रेंस अथवा सरकारी बैठकों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। • प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में संचालित होने वाले कैंटीन में पाम ऑयल के कम से कम प्रयोग का निर्देश दिया गया है। • सरकारी तथा निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। • सप्ताह में एक दिन सभी लोगों से 'नो व्हीकल डे' के आयोजन का आग्रह किया गया है।' साइकिल से अदालत पहुंचे औरंगाबाद के प्रधान जिला जज पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद इधर बिहार के औरंगाबाद जिले से भी एक खास तस्वीर नजर आई। औरंगाबाद जिले के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार बुधवार की सुबह साइकिल से अदालत पहुंचे। जिला जज राजीव रंजन कुमार ने यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के समर्थन में उठाया, जिसमें लोगों से इस वैश्विक ऊर्जा संकट और अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच पेट्रोल-डीजल बचाने का आग्रह किया गया है। जिला जज राजीव रंजन कुमार अपने दानी बिगहा स्थित सरकारी आवास से पुरानी जीटी रोड, समाहरणालय के मुख्य द्वार होते करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करते हुए व्यवहार न्यायालय स्थित अपने कार्यालय पहुंचे और न्यायालय के काम में जुट गए। प्रधान जिला जज के साथ उनके अंगरक्षक भी साइकिल से उनके साथ अदालत पहुंचे। प्रधान जिला जज ने आम लोगों को संदेश देने के लिए यह कदम उठाया है कि ईंधन बचाने की जिम्मेदारी केवल जनता की नहीं, बल्कि न्यायाधीशों की भी है।न्यायाधीश की इस पहल की शहर में मुक्त कंठ से प्रशंसा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी अपील बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में अपने एक दौरे के दौरान देश की जनता से ईंधन और सोने की खपत को कम करने की अपील की थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्क फ्रॉम होम कल्चर को भी बढ़ावा देने की अपील की थी। बताया जा रहा है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पीएम के पहल पर उनके आधिकारिक काफिले को छोटा कर दिया गया है। इसके साथ ही उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले एसपीजी को निर्देश दिया गया है कि वो उनके काफिले में शामिल कारों की संख्या में 50 प्रतिशत कटौती करने का प्रयास करें।

गोपालगंज रेस्क्यू ऑपरेशन: ट्रैफिकिंग गिरोह से 44 लड़कियां छुड़ाईं, कई राज्यों से जुड़ा नेटवर्क उजागर

गोपालगंज बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में मंगलवार को आर्केस्ट्रा समूहों के खिलाफ अभियान चलाकर 44 से अधिक नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया है। 15 से अधिक आर्केस्ट्रा समूहों पर छापेमारी में पांच महिला सहित 21 संदिग्धों को ट्रैफिकिंग और बच्चियों के शोषण के आरोप में गिरफ्तार कर पुलिस पूछताछ कर रही है। अपर पुलिस महानिदेशक ,कमजोर वर्ग अमित जैन और एसपी विनय तिवारी की देखरेख चलाए गए इस अभियान में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान और बिहार पुलिस मुख्यालय की संयुक्त टीम शामिल थी। पुलिस के अनुसार मुक्त कराई गई लड़कियों की उम्र 10 से 17 वर्ष के बीच है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बच्चियों को पश्चिम बंगाल, असम, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से झांसा देकर लाया गया था। काउंसलिंग के बाद सभी बच्चियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। उनकी मेडिकल जांच,उम्र सत्यापन और अन्य कानूनी प्रक्रिया जारी है। ये हुए गिरफ्तार पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के गुरुसदे रजना, उत्तर प्रदेश के बनारस जिले के मनोज सोनार, पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के सुमित गोरे, गोपालगंज जिले के कुशौंधी बाजार निवासी विकास कुमार सिंह, पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के ओमिर बाग सोम, गोपालगंज जिले के विशम्भरपुर निवासी पिंटू साह, पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के राहुल मंडल, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सेफुल्लाह रसखोर को पकड़ा गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के सुब्रतो साधक, पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के राजू पासवान, गोपालगंज जिले के कुचायकोट निवासी जीत कुमार सिंह, गोपालगंज जिले के मठवा परसुराम निवासी अनुप कुमार कुशवाहा, झारखंड के गिरिडीह जिले के शंकर कुमार, उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर निवासी आलोक श्रीवास्तव, पश्चिम बंगाल के नोदिया जिले के रजक मंडल तथा गोपालगंज जिले के कुचायकोट निवासी नीरज कुमार को गिरफ्तार किया गया है। कराया जा रहा था अश्लील नृत्य जांच में सामने आया कि शादी-विवाह के मौसम में आर्केस्ट्रा समूहों द्वारा ट्रैफिकिंग के जरिए नाबालिग लड़कियों को बुलाया जाता था। उनसे भोजपुरी गीतों पर अश्लील नृत्य कराया जाता था। कई लड़कियों ने काउंसलिंग के दौरान बताया कि उन्हें बेहतर जिंदगी, फिल्मों में काम और रुपये का लालच देकर इस धंधे में धकेला गया। कुछ ने यह भी बताया कि कथित प्रेमियों ने उन्हें बेच दिया। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि कार्रवाई से ट्रैफिकिंग गिरोहों और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत उजागर हुई है। राजस्थान से लापता किशोरी भी मिली पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद किशोरियों में एक किशोरी राजस्थान की रहने वाली है। वह पिछले पांच वर्षों से लापता थी और उसके गायब होने की रिपोर्ट वहां के स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। पूछताछ के बाद गोपालगंज पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद की गई लड़कियों में सबसे अधिक संख्या पश्चिम बंगाल की किशोरियों की है। दलालों द्वारा पैसा की लालच देकर डांस कराया जाता है। पहले भी दस किशोरियों को कराया गया था मुक्त बता दें कि इससे पहले 18 मार्च 2026 को गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। सूचना मिली थी कि ऑर्केस्ट्रा एवं डांस ग्रुप के नाम पर बाहर से लाई गई किशोरियों से जबरन डांस कराया जा रहा है तथा उनका शोषण किया जा रहा है।सूचना के बाद पुलिस ने एसोसिएशन फॉर वोलंटरी एक्शन, पटना, नारायणी सेवा संस्थान, गोपालगंज तथा बैकुंठपुर थाना की महिला पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ संयुक्त विशेष टीम बनाकर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कुल 10 किशोरियों को बरामद कर मुक्त कराया गया था। एक ऑर्केस्ट्रा संचालक और दो संचालिकाओं को गिरफ्तार किया गया था।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक: बिहार में महंगाई भत्ता बढ़ा, कई बड़े फैसले मंजूर

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अधयक्षता में बुधवार को बिहार कैबिनेट की अहम बैठक हुई है। सम्राट चौधरी कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इस बैठक में कुल 19 एजेंडों पर मुहर लगी है। बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट के लगभग सभी मंत्री मौजूद थे। करीब 40 मिनट तक यह बैठक चली है। सम्राट सरकार ने बिहार कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। बिहार में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढोतरी की गई है। राज्य सरकार बाजार से 72 हजार करोड़ का ऋण लेगी। सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के तहत अब कर्मियों को 58% के बजाय 60% डीए मिलेगा। वहीं, छठे वेतनमान वालों का भत्ता 257% से बढ़ाकर 262% और पांचवें वेतनमान वालों का 474% से बढ़ाकर 483% कर दिया गया है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू होगी। कैबिनेट के बैठक में वित्त विभाग से जुड़े कुछ अन्य एजेंडों पर भी मुहर लगाई गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार द्वारा 64,141.2820 करोड़ रुपये बाजार ऋण सहित कुल 72,901.3907 करोड़ रुपये के ऋण उगाही को स्वीकृति प्रदान की गई है। कैबिनेट की बैठक में बिहार के 05 जिलों पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जिले में पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण के कुल 05 पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। बिहार में उद्योग को बढ़ावा देने से जुड़े कुछ अहम फैसले भी कैबिनेट की बैठक में लिए गए हैं। वैशाली जिले में 100 एकड़ जमीन पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी प्रदान की गई है। NIFTEM कैंपस की स्थापना से युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकि शिक्षा और कौशल हासिल होगी। औद्योगिक विकास की दिशा में पटना के बिहटा में डेयरी प्लांट को भी मंजूरी दी गई है। इलेक्ट्रिक वाहन योजना से प्रदूषण घटाने और रोजगार बढ़ाने पर जोर सरकार ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना को मंजूरी दी है। योजना का मुख्य उद्देश्य वाहनजनित प्रदूषण कम करना और वर्ष 2030 तक नए वाहनों की कुल बिक्री में कम-से-कम 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। यह वैश्विक “ईवी 30एट30” अभियान को भी सहयोग देगा। सरकार का मानना है कि योजना से लोगों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति स्वीकार्यता बढ़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा उपलब्ध होगी और वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 में संशोधन राज्य सरकार ने बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति, 2023 की कई धाराओं में संशोधन को मंजूरी दी है। इसके तहत इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया वाणिज्यिक वाहन, दोपहिया तथा महिलाओं के लिए चारपहिया गैर-वाणिज्यिक वाहनों की खरीद और निबंधन पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, महिलाओं को इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि दिए जाने से उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। वहीं मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा। चार्जिंग स्टेशन लगाने पर बढ़ी सहायता राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने कहा है कि अधिक संख्या में चार्जर लगाने पर बढ़ी हुई दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय की पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत भी अनुदान मिल सकेगा। इससे राज्य में चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होगा। बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन को गति राज्य सरकार ने बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए “बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन” के तहत सिंगापुर की संस्था “ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क” का चयन किया गया है। सरकार के अनुसार, इस संस्था की मदद से राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पारिस्थितिकी तंत्र, कौशल विकास और नवाचार को मजबूत किया जाएगा। पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलेगा ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल फाइनेंस और लाइनक्स फाउंडेशन के सहयोग से पांच महीने का उन्नत एआई प्रमाणन कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत अगले पांच वर्षों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित सहित अन्य विषयों के सात हजार विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के छात्र शामिल होंगे। स्टार्टअप और शोधकर्ताओं को मिलेगा तकनीकी मंच सरकार के अनुसार आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी नाम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक आधारित डिजिटल मंच तैयार किया जाएगा। इससे 100 से अधिक स्टार्टअप को लाभ मिलेगा।इस मंच के जरिए उद्यमियों, छात्रों, शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों को एआई तथा मशीन लर्निंग आधारित तकनीकी सुविधाएं, डाटा पाइपलाइन, बड़े भाषा मॉडल गेटवे और क्लाउड आधारित विकास मंच उपलब्ध कराया जाएगा। वैश्विक मंचों पर बिहार को मिलेगी पहचान ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क के 12 अंतरराष्ट्रीय मंचों के माध्यम से बिहार को वैश्विक निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और नीति निर्माताओं के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें सिंगापुर फिनटेक फेस्टिवल, प्वाइंट जीरो फोरम ज्यूरिख, ब्लैक स्वान सम्मेलन और बैंकॉक डिजिटल फाइनेंस फोरम जैसे बड़े आयोजन शामिल हैं।

झारखंड में पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, रांची और हाईवे पंपों पर सप्लाई ठप

रांची  राजधानी रांची सहित आसपास के इलाकों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के आधे से अधिक पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने से आम लोगों के साथ-साथ ट्रक चालकों और लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि कुछ जगहों पर सीमित मात्रा में ही तेल दिया जा रहा है। रांची से हजारीबाग और उत्तर प्रदेश तक ट्रक चलाने वाले चालक एमडी लल्लू ने बताया कि झारखंड में स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन झारखंड में तीन डिपो होने के बावजूद हाईवे के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। उनका कहना है कि अब झारखंड की सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है और वाहन चालकों को गैलन में डीजल लेकर चलना पड़ सकता है। वहीं ट्रक चालक करण यादव ने बताया कि झारखंड से ओडिशा और अन्य राज्यों तक यात्रा के दौरान उन्हें काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि हाईवे पर अधिकांश पेट्रोल पंप बंद थे, जिसके कारण उनका ट्रक चंदवे के पास बंद हो गया। बाद में एडवांस पैसे लेकर उन्होंने एक पेट्रोल पंप से मात्र दो हजार रुपये का डीजल प्राप्त किया। शहर के कई पंपों पर लंबी कतारें शहर में नामकुम से रिंग रोड, कोकर से नेवरी चौक और अरगोड़ा से दलादली चौक तक कई पेट्रोल पंपों पर मंगलवार को सप्लाई प्रभावित रही। नामकुम स्थित उरांव पेट्रोल पंप और कांटाटोली चौक के पास फ्रेंड्स पेट्रोल पंप पर पिछले कई दिनों से पेट्रोल और डीजल की किल्लत बनी हुई है। मौलाना आजाद कॉलोनी के पास स्थित पेट्रोल पंप पर तेल भराने के लिए वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। शहर के अन्य पेट्रोल पंपों पर भी इसी तरह की स्थिति बनी रही। गैलन में तेल स्टोर करने लगे लोग ईंधन संकट की आशंका को देखते हुए लोग अब गैलन में भी पेट्रोल और डीजल स्टोर करने लगे हैं। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि डिपो से नियमित आपूर्ति नहीं मिलने के कारण परेशानी बढ़ रही है। यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।