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जमीन अधिग्रहण पर बिहार सरकार की राहत, जरूरतमंद परिवारों को चार गुना तक मिलेगा भुगतान

सोनपुर. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को कहा कि यदि किसी की जमीन टाउनशिप के लिए अधिग्रहित होती है और संबंधित परिवार किसी परेशानी में है या घर में बेटी की शादी के लिए जमीन बेचने की जरूरत हो, तो वह जिलाधिकारी को आवेदन देगा। जांच के बाद संबंधित व्यक्ति को जमीन के बदले चार गुना मुआवजा दिया जाएगा, जो सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री सोनपुर प्रखंड की डुमरी बुजुर्ग पंचायत में सबका सम्मान-जीवन आसान कार्यक्रम के तहत आयोजित सहयोग शिविर को संबोधित कर रहे थे।  30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को बिहार के सभी जिलों में पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सहयोग पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 1100 भी शुरू किया है, जिसके माध्यम से लोग अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। आवेदन मिलने के 10 दिन बाद संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस जारी किया जाएगा। 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी स्वत: निलंबित माने जाएंगे।  नोएडा की तर्ज पर सोनपुर का विकास विकास योजनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सोनपुर को गोद लिया है। यहां ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई टाउनशिप और हरिहरनाथ कारिडोर परियोजना प्रस्तावित है। सोनपुर को नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी सेतु और जेपी सेतु के समानांतर नए पुलों का निर्माण हो रहा है। अगले माह कच्ची दरगाह-बिदुपुर तक पुल चालू हो जाएगा। सोनपुर में गंगा-अंबिका पथ का निर्माण कराया जाएगा।  बिहार में बढ़ेंगे उद्योग-धंधे मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग-धंधों का विस्तार किया जाएगा, ताकि रोजगार के लिए लोगों को बाहर न जाना पड़े। उन्होंने महिला सशक्तीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं 20 हजार करोड़ रुपये का कारोबार कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से बिहार में बिजली, पानी और सड़क की समस्या का समाधान हुआ है। अब लक्ष्य बिहार को विकास की पहली पंक्ति में खड़ा करना है। कार्यक्रम में महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक विनय कुमार सिंह, कृष्ण कुमार मंटू, जनक सिंह, मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह, रंधीर सिंह, छोटी कुमारी तथा एमएलसी सच्चिदानंद राय व भाजपा नेता उदय कुमार सिंह ने मंच पर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। समस्याओं का समाधान सीधे प्रशासन से प्राप्त करें सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह ने सम्राट सरकार के जनहित को लेकर शुरू किए गए सहयोग शिविर में लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में भाग लेकर अपनी समस्याओं का समाधान सीधे प्रशासन से प्राप्त करें और सरकार के इस पहल का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर के धरती से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद एवं विश्वास के निर्माण का इस शिविर से शुभारंभ किया है। जिससे मै और सोनपुर की समस्त जनता की तरफ से मुख्यमंत्री को बहुत धन्यवाद व आभार व्यक्त करता हूं। विधायक सिंह ने कहा कि सम्राट सरकार ने लोक शिकायतों पर संवेदनशीलता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस शिविर के माध्यम से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद एवं विश्वास का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि सोनपुर का विकास सम्राट सरकार की प्राथमिकता में है। इस दौरान तरैया विधायक जनक सिंह, अमनौर विधायक कृष्ण कुमार ऊर्फ मंटू सिंह, छपरा विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार समेत दर्जनों एनडीए कार्यकर्ता उपस्थित थे।

बिहार में गंगा दशहरा पर नई धार्मिक पहल, अब रोज मंदिरों में गूंजेगी गंगा आरती

पटना. राज्य में गंगा तट पर स्थित बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद से संबद्ध सभी मठ-मंदिरों में अब प्रतिदिन गंगा आरती होगी। इसको लेकर धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणवीर नंदन की ओर से सभी मठ-मंदिरों के महंत, न्यासधारी, न्यास समिति के सदस्यों एवं प्रबंधकों को पत्र भेजा जा रहा है। रणवीर नंदन ने बताया कि मां गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा पर 25 मई से भव्य गंगा आरती की शुरुआत की जाएगी। राज्य में पटना, बक्सर, आरा, छपरा, फतुहां, बख्तियारपुर, मुंगेर, भागलपुर और वैशाली समेत गंगा तट से जुड़े सभी क्षेत्रों के मठ-मंदिरों में आरती की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।  कहा कि इस आयोजन के माध्यम से अविरल गंगा, स्वच्छ गंगा, स्वस्थ गंगा और स्वस्थ बिहार का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही गंगा की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने के लिए समय-समय पर विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। मंदिरों को भेजी जाएगी चिट्ठी – भागलपुर जिला: श्री अजगैबी नाथ मंदिर सुलतानगंज, श्री बुढ़ानाथ मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर गोलाघाट, श्री बटेश्वर स्थान कहलगांव, श्री रामजानकी त्रिमुहान कहलगांव। मुंगेर जिला: श्री जगरनाथ मंदिर कष्टहरणी घाट मुगेर, श्री राम मंदिर कष्टहरणी घाट, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर कष्टहरणी घाट, श्री रामजानकी मंदिर सोझी घाट, श्री रामाजनकी मंदिर बेलवाघाट बक्सर जिला: श्री विश्वामित्र आश्रम बड़ी मठिया रामरेखा घाट, श्री रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर रामरेखा घाट, श्री चरित्रवन मंदिर बक्सर। पटना: श्री काली स्थान, सती स्थान, श्री शंकर स्थान बांसघाट, श्री विष्णु भगवान मंदिर सुमति पथ रानी घाट महेन्द्रु, श्री भगवती सीता मंदिर सीता घाट, श्री जल गोविंद स्थान कछुआरा, श्री मौनी बाबा का आश्रम गाढ़ोचक कृपाल टोला फतुहां, श्रीराम जानकी ठाकुरबाड़ी फतुहां, श्री गंगा मंदिर रिकाबगंज मालसलामी पटना सिटी।

लार पुलिस ने शराब तस्करी पर कसा शिकंजा, बिहार बॉर्डर से लाखों की खेप बरामद

 देवरिया  वाहन चेकिंग के दौरान थाना लार पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 55 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब रायल स्टैग बरामद की है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत लगभग 5,14,800 रुपये है। पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है और वाहन पर लगे फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद किया है। पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की। 18 मई के अंक में दैनिक जागरण के अंक में पेज दो पर शराब तस्करों का गिरोह फिर सक्रिय, पहुंचने लगी हरियाणा से शराब शीर्षक से खबर को छह कालम में प्रकाशित किया था। जिसे एसपी अभिजीत आर शंकर ने गंभीरता से लिया और थानाध्यक्षों को निर्देश दिए। लार पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मेहरौना चेक पोस्ट से बिहार ले जाई जा रही पिकअप को रोका गया। वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट यूपी15 एफटी 3915 लगी थी। तलाशी में 40 पेटी रायल स्टैग, प्रत्येक बोतल 375 एमएल, कुल 960 बोतल 360 लीटर और 15 पेटी रायल स्टैग, प्रत्येक बोतल 180 एमएल, कुल 720 बोतल शराब बरामद हुई। गिरफ्तार तस्कर निशार खान पुत्र अयूब खान, उम्र करीब 32 वर्ष, निवासी मोदीपुरम पल्लवपुरम फेज-दो, थाना पल्लवपुरम, जनपद मेरठ के विरुद्ध थाना लार पर आबकारी अधिनियम व अन्य धाराओं के तहत पंजीकृत कर कार्रवाई में जुटी रही। अपर पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार पांडेय ने बताया कि शराब तस्करी रोकने की दिशा में पुलिस लगातार कदम उठा रही है। शराब तस्करी में संलिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले के सभी पुलिस अधिकारियों व थानाध्यक्षों को अलर्ट किया गया है।  

4000 करोड़ की बड़ी सौगात! आरा-कोईलवर क्षेत्र में रेल और सड़क कनेक्टिविटी का होगा विस्तार

 आरा  दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाली दिल्ली-हावड़ा मेन लाइन पर जल्द ही बड़े स्तर पर आधारभूत ढांचे का विस्तार देखने को मिल सकता है।रेल मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरा जंक्शन होकर गुजरने वाले इस अत्यंत व्यस्त रेलखंड को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।योजना के तहत लगभग 3500 से 4000 करोड़ रुपये की लागत से दो नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इसके साथ ही कोईलवर में सोन नदी पर देश का दूसरा चार लेन रेल पुल भी बनाया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के पूरा होने के बाद वर्तमान दो लाइन वाले रेलखंड को चार लाइन में विकसित किया जाएगा। इसमें एक लाइन पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के लिए, एक लाइन मालगाड़ियों के लिए तथा दो लाइन एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही के लिए निर्धारित की जाएगी। इससे ट्रेनों के परिचालन में काफी आसानी होगी और यात्रियों को समय पर ट्रेन सेवा का लाभ मिल सकेगा। सोन नदी पर बनेगा नया पुल   इस महत्वाकांक्षी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कोइलवर में सोन नदी पर नए रेल पुल का निर्माण है। यह पुल मौजूदा रेल पुल के समानांतर बनाया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी से पहले परियोजना की तकनीकी और व्यवहारिकता रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। संभावना जताई जा रही है कि इसी माह जांच रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी जाएगी। नए पुल के निर्माण के बाद पुराने और नए पुल को मिलाकर कुल चार रेल लाइनें उपलब्ध हो जाएंगी। इससे एक ही समय में तीन-तीन ट्रेनों का आवागमन संभव हो सकेगा। वर्तमान में केवल दो लाइन होने के कारण अप और डाउन दिशा में एक-एक ट्रेन ही एक समय में गुजर पाती है, जिससे ट्रेनों के परिचालन पर भारी दबाव बना रहता है। समय पालन में होगी बड़ी राहत हावड़ा-पटना-डीडीयू रेलखंड भारतीय रेल के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस रूट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर और मालगाड़ियां गुजरती हैं। ट्रेनों का दबाव अधिक होने के कारण अक्सर परिचालन प्रभावित होता है और समय पालन बनाए रखना रेलवे के लिए चुनौती बन जाता है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि चार लाइन बनने के बाद ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जा सकेगा। इससे मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के कारण एक्सप्रेस ट्रेनों की गति प्रभावित नहीं होगी। वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों को भी समय पर चलाने में सहायता मिलेगी।  आरा, पटना और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ  इस परियोजना से आरा, बक्सर, बिहिया, डुमरांव और पटना सहित पूरे शाहाबाद क्षेत्र को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। रेल ढांचे के मजबूत होने से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और कम विलंब वाली ट्रेन सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस परियोजना को अंतिम मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट से मिलनी है। रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिलने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में पूर्व मध्य रेलवे के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।  

झारखंड में 60 लाख महिलाओं को मंईयां सम्मान योजना से मिल रही आर्थिक मदद

रांची झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पांच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीके से लाभ ले रहे हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। हेमंत सोरेन सोमवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित नवनियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल नवनियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियां आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुंच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है, जब महिलाओं को चाहरदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है। इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव उमा शंकर सिंह, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। महिलाओं-बच्चों का तैयार करना है भविष्य राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गांव-गांव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गांव-गांव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहती है। खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। सरकार निष्पक्ष तरीके से रोजगार देने को प्रतिबद्ध नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं।

पश्चिमी सिंहभूम में बड़ा एनकाउंटर, कोबरा 209 बटालियन और नक्सलियों में मुठभेड़

 चक्रधरपुर  पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट जंगल में केड़ाबीर के पास मंगलवार तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में हुई है। सूचना है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली मारे गए हैं। हालांकि अभी तक अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि कितने नक्सली मारे गए हैं। घटना सोनुवा थाना क्षेत्र के केड़ाबीर इलाके में हुई। तड़के साढ़े छह बजे हुई मुठभेड़ पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन के जवान पिछले दो दिनों से सोनुवा, गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में सर्च अभियान चला रहे थे। तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। रुक-रुक कर चली गोलीबारी में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूचना है कि पुलिस ने उसके पास से हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया है। एसपी ने की पुष्टि, हाई अलर्ट जारी पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इलाके में ऑपरेशन जारी है। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मिसिर बेसरा के नेतृत्व में सक्रिय नक्सली सूत्रों के अनुसार इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली अब भी सक्रिय हैं। हाल ही में गोईलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद संकेत मिल रहे थे कि नक्सली सारंडा से निकलकर कोल्हान और पोड़ाहाट जंगल में आसपास के इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। इसके बाद 29 अप्रैल को सुरक्षा बल के साथ मुठभेड़ में मारे गए 1 लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि नक्सलियों के खिलाफ जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जंगल क्षेत्रों में पुलिस और नक्सलियों के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है। सुरक्षाबल हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

इकबाल हॉस्टल में बम मिलने से दहशत, पटना यूनिवर्सिटी के छात्रावासों में सर्च ऑपरेशन जारी

पटना. राजधानी स्थित पटना विश्वविद्यालय में सोमवार देर रात बड़ी घटना पुलिस की सतर्कता से टल गई। विश्वविद्यालय के चर्चित इकबाल हॉस्टल से पुलिस ने दो जिंदा सुतली बम बरामद किए हैं। समय रहते कार्रवाई करते हुए बम स्क्वॉड ने दोनों बमों को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस ने पीरबहोर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बम किसने और किस मकसद से हॉस्टल परिसर में छिपाकर रखा था। पूर्व की घटनाओं को लेकर पु‍लिस सतर्क है।    बमबाजी की आशंका पर कार्रवाई जानकारी के अनुसार पीरबहोर पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि विश्वविद्यालय के कुछ छात्र गुटों के बीच तनाव बढ़ गया है और आपसी रंजिश में हिंसक झड़प या बमबाजी की घटना हो सकती है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अलर्ट मोड में आ गई। इसके बाद देर रात इकबाल हॉस्टल में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान हॉस्टल की आवासीय इमारत के पीछे स्थित एक पुराने भवन में प्लास्टिक में लपेटकर छिपाए गए दो जिंदा सुतली बम बरामद हुए। कई छात्रावासों में चला सर्च ऑपरेशन घटना के बाद टाउन डीएसपी-1 राजेश रंजन के नेतृत्व में पुलिस ने विश्वविद्यालय के अन्य छात्रावासों- जैक्सन, कैवेंडिश, मिंटो और नदवी हॉस्टल- में भी तलाशी अभियान चलाया। हालांकि अन्य जगहों से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। पुलिस ने एहतियातन विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों की सुरक्षा बढ़ा दी है। कैंपस में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पहले भी हो चुकी हैं बमबाजी की घटनाएं पटना विश्वविद्यालय के छात्रावासों में इससे पहले भी कई बार हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी वर्ष जनवरी में हथुआ हॉस्टल से करीब 40 सुतली बम बरामद किए गए थे। वहीं वर्ष 2022 में पटेल छात्रावास से बम बनाने की सामग्री मिली थी। साल 2023 में भी विभिन्न हॉस्टलों के छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें बमबाजी की घटनाएं सामने आई थीं। उस मामले में 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और विश्वविद्यालय परिसर में आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत पूछे जाने पर पटना विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. सूरज देव सिंह ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक लिखित जानकारी कॉलेज से नहीं दी गई है। पुलिस के स्तर पर जांच चल रही है।

बिहार: मंदिर से चोरी हुई मूर्तियां रहस्यमय तरीके से सड़क किनारे मिलीं

पटना  बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी से आस्था से जुड़ी एक अनोखी खबर सामने आई है। दो महीने पहले छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर से करीब 6 करोड़ रुपये मूल्य की अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। अब ये मूर्तियां रहस्यमय तरीके से करीब 67 दिन बाद वापस मिल गई हैं। इन मूर्तियों को खोजने में पुलिस नाकाम रही थी। सोमवार की रात अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां सड़क किनारे कपड़े में लपेटकर लावारिस हालत में छोड़ गया। ग्रामीण इसे भगवान का चमत्कार और चोरों पर दैवीय भय का असर मान रहे हैं। 16 मार्च को चोरी हुई थीं राम, जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां मिली जानकारी के मुताबिक, मसौढ़ी के छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर से बीते 16 मार्च की रात करीब 100 साल पुरानी भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की तीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। इसके साथ ही चांदी के दो मुकुट भी गायब कर दिए गए थे। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। चोरी को लेकर मसौढ़ी थाना में मामला दर्ज कराया गया था। तीन गांव के बाहर सड़क किनारे छोड़ी गईं मूर्तियां चांदी के मुकुट पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी और जांच की, लेकिन दो महीने तक मूर्तियों का कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच छाता गांव, शाहाबाद और लखनौर गांव के सीमावर्ती इलाके में सड़क किनारे कपड़े में लिपटी हालत में तीनों मूर्तियां और चांदी के मुकुट बरामद हुए। भगवान के डर से मूर्तियां छोड़ गए चोर: ग्रामीण मूर्तियों के मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में खुशी और भक्ति का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि 'भगवान की महिमा ऐसी है कि चोर भी डर गए और मूर्तियां छोड़कर भाग निकले।' मसौढ़ी थानाध्यक्ष विवेक भारती मूर्तियां मिलने की खबर पाते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जरूरी कागजी कार्रवाई कर मूर्तियां मंदिर प्रबंधन समिति को सौंप दी। मूर्तियां चोरी होने के बाद पुलिस लगातार जहानाबाद, मसौढ़ी सहित अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही थी। इस वजह से चोर मूर्तियों को बाजार में खपा नहीं पाए और पकड़े जाने के डर से मूर्तियां रखकर भाग गए। ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली शोभायात्रा, फूल बरसाकर लोगों ने किया स्वागत इसके बाद ग्रामीणों ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की भव्य शोभायात्रा निकाली। श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर भगवान का स्वागत किया और पूरे विधि-विधान के साथ छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर में पुनः स्थापना की गई। मंदिर परिसर 'जय श्रीराम' और 'सियावर रामचंद्र की जय' के नारों से गूंज उठा।  

BPSC परीक्षा नियमों में बदलाव, अब अनिवार्य होगा ‘विकल्प E’ और मिलेगा अतिरिक्त समय

पटना  तीन जून को आयोजित 33वीं बिहार न्यायिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के पांचवें विकल्प की व्यवस्था लागू होगी। बीपीएससी की यह पहली परीक्षा होगी, जो परिवर्तित उत्तर प्रणाली के साथ आयोजित होगी। साथ ही इस परीक्षा के लिए क्षतिपूरक (अतिरिक्त) समय देने का निर्णय लिया है। 33वीं न्यायिक सेवा परीक्षा की प्रथम पाली (सामान्य अध्ययन) के लिए 10 मिनट अतिरिक्त देते हुए नया समय 10:00 से 11:40 बजे निर्धारित किया गया है। द्वितीय पाली (विधि विषय) के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय बढ़ाकर इसे 02:00 से 04:15 बजे तक कर दिया गया है। उत्तर नहीं देने पर विकल्प ई का चयन करें नई व्यवस्था के तहत अब प्रश्न पत्र में चार के बजाय पांच विकल्प (ए, बी, सी, डी, ई) दिए जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव विकल्प ई को लेकर है, जिसका अर्थ प्रयास नहीं किया गया होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ई का चयन करना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी विकल्प (ए से ई तक) को खाली छोड़ देता है, तो उस स्थिति में एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह अतिरिक्त समय केवल इसी परीक्षा के लिए मान्य है। इसे भविष्य की अन्य परीक्षाओं के लिए आधार न माना जाए।

टाइगर रिजर्व में दहशत: 77 बाघों की भीड़ में दो बाघिनों का नहीं मिला सुराग

करौली राजस्थान के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 2 बाघिन के लापता होने की खबर है. बाघिन T-124 रिद्धि की बेटी RBT-2504 माही और RBT-2510 कई दिनों से गायब हैं. पिछले कई दिनों से वन विभाग की टीम दोनों बाघिनों को ढूंढने का प्रयास कर रही है. हाल ही में आरबीटी-2504 'माही' का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बाघिन उसकी मां रिद्धि से भिड़ती दिख रही है. आरबीटी-2504 का मूवमेंट भी रणथंभौर के जोन नम्बर 2, 3 और 4 के लेक एरिया में देखा गया है, लेकिन करीब एक महीने से बाघिन कहीं नजर नहीं आ रही है. बाघिन टी-107 सुल्ताना की बेटी आरबीटी-2510 की भी कोई जानकारी नहीं है. आपसी संघर्ष के चलते बाघिन ने छोड़ा इलाका! इन दोनों बाघिन के गायब होने के पीछे आपसी संघर्ष की भी आशंका जताई जा रही है. लगातार बाघ-बाघिन की बढ़ती संख्या के चलते आपसी संघर्ष भी बढ़ गया है. ऐसे में बढ़ती संख्या के चलते टेरिटरी को लेकर बाघों के बीच संघर्ष देखा जा चुका है. ताकतवर बाघ-बाघिन के डर से कमजोर बाघ बाघिन अपना इलाका छोड़ने को मजबूर है. आखिरी बार 1 और 2 मई को देखी गई आरबीटी-2504 रणथंभौर में ना सिर्फ सर्च अभियान चलाया जा रहा है, बल्कि ट्रेप कैमरों के जरिए भी दोनों बाघिनों को ढूंढा जा रहा है. डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम बाघिनों की तलाश में जुटी हुई है. आरबीटी-2504 को आखिरी बार 1 और 2 मई को देखा गया था. 3 मई को आरबीटी-2504 और उसकी मां टी-124 के बीच संघर्ष हुआ. इसके बाद से ही बाघिन गायब है. हालांकि, यह पहली बार नहीं था जब दोनों के बीच आपसी संघर्ष हुआ हो. इससे पहले भी कई बार ऐसा मामला सामने आ चुका है. आखिरी बार बाघ के साथ देखी थी आरबीटी-2510 आरबीटी-2510 रणथंभौर की पेराफेरी पर रहने वाली बाघिन है. जो झूमर बावड़ी, फतेह कैफे, आमा घाटी ओर फलोदी क्षेत्र में विचरण करती थी. वह अक्सर बाघ आरबीटी-2407 के साथ देखी जाती है. उसका गायब होना भी वन विभाग को हैरान करने वाला है. आरबीटी-2407 की तलाश के लिए करीब 100 कैमरा ट्रैप बढ़ाए गए हैं. साथ ही कई दिनों की तलाश के बाद वन विभाग ने नए सिरे से योजना बनाई है. अब 5 टीमों का गठन किया गया है, जो 'ऑन फुट पेट्रोलिंग' कर रही है, ताकि बाघिन के पगमार्क के जरिए उसका पता लगाया जा सके. 55 आबादी वाले रिजर्व में 77 बाघ-बाघिन और शावक वन विभाग का मानना है कि देश का सबसे सघन आबादी वाले टाइगर रिजर्व रणथंभौर में बाघों के बीच संघर्ष होना सामान्य प्रक्रिया है. बाघ-बाघिन की संख्या बढ़ने से आपसी संघर्ष भी बढ़ेगा. अनुमानित तौर पर 45 से 55 बाघों की क्षमता वाले इस रिजर्व में 77 से भी अधिक बाघ-बाघिन और शावक हैं.