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राज्यपाल जनजातीय समुदाय से संवाद कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं ने जनजातीय समुदाय के लिए आवास, आरोग्य और जन कल्याण के प्रभावी कार्य किए है। उन्होंने कार्यक्रम में जनजातीय लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य एवं गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है। राज्यपाल  पटेल गुरुवार को पांढुर्णा के ग्राम आमला में आयोजित जनजातीय समुदाय से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। आमजन को संबोधित किया। राज्यपाल  पटेल ने पांढुर्णा जिले के प्रवास के दौरान ग्राम खुटामा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राही  राजू धुर्वे के घर पर आत्मीय भोज किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि आयुष्मान योजना हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की अभूतपूर्व योजना है। आमजन को गंभीर बीमारियों के उपचार में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को भी योजना में उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न आयोजनों में मिलने वाले परिवार उन्हें बताते है कि पक्के आवास का उनका सपना प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने सिकल सेल बीमारी की जांच एवं उपचार के लिए प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। मानव स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती अत्यंत उपयोगी राज्यपाल  पटेल ने किसानों द्वारा उत्पादित प्राकृतिक जैविक उत्पादों को मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी बताया हैं। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। राज्यपाल  पटेल ने यह बात ग्राम पंचायत आमला में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा लगाए गए प्राकृतिक जैविक उत्पादों के स्टॉल पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से चर्चा के दौरान कही है। उन्होंने कृषक  मटरूलाल डोंगरे, ग्राम भूम्मा से उनके द्वारा उत्पादित जैविक हल्दी एवं जैविक तुअर दाल तथा कृषक  मोरेश्वर दानवे, सौसर से उनके द्वारा उत्पादित शुगर फ्री जैविक काला आलू एवं प्राकृतिक सोना मोती गेहूं की जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने दी गोंडी नृत्य की प्रस्तुति राज्यपाल  पटेल का सांदीपनि विद्यालय सौंसर के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर अभिनंदन किया गया। शासकीय हाईस्कूल आमला के विद्यार्थियों ने आकर्षक गोंडी नृत्य की प्रस्तुति दी। राज्यपाल  पटेल द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। दिव्यांगता प्रमाण पत्र, क्षय रोगियों को फूड बास्केट, आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को कार्ड, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के हितग्राहियों को सहायता, किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड और मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन तथा पशुपालन विभाग के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर  नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा राज्यपाल  पटेल का जामसांवली के प्रसिद्ध  हनुमान मंदिर की प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद  विवेक बंटी साहू, विधायक  विजय चौरे, विधायक  नीलेश उईके सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे।  

पैक्स कम्प्यूटराईजेशन पूर्ण ; जल्द ही मोबाहल ऐप पर ट्रांजेक्शन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) में नवीन सदस्य बनने के लिए सदस्यता अभियान 30 जून तक चलाएं। गत 14 अप्रैल से शुरू सदस्यता अभियान के जरिए पैक्स में 10 लाख नवीन सदस्य जोड़ें। उन्होंने कहा कि वर्ष में सवा लाख नए केसीसी स्वीकृति का लक्ष्य रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के सुदृढ़ीकरण की सराहना करते हुए कहा है कि अगले 3 साल में सभी कमजोर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक का सुदृढ़ीकरण किया जाए। बताया गया कि गत ढाई वर्षों में 18 कमजोर जिला बैंकों में से 6 की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। शासकीय अंश पूंजी सहायता से 6 जिला बैंक रीवा, सतना, जबलपुर, शिवपुरी, ग्वालियर एवं दतिया को सुदृढ़ करने का प्रयास है। अगले चरण में अन्य 6 भिंड, मुरैना, रायसेन, सागर, सीधी और नर्मदापुरम बैंक के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैक्स से लेन-देन की प्रक्रिया को मोबाइल ऐप के जरिए किए जाने के प्रयास किए जाएं। इस पर बताया गया कि प्रदेश की सभी 4536 पैक्स को केंद्र प्रायोजित कंप्यूटराइजेशन योजना अंतर्गत कंप्यूटरीकृत कराया गया है। शत-प्रतिशत कंप्यूटराइजेशन से योजना क्रियान्वयन में प्रदेश देश में अग्रणी है। जल्द ही मोबाइल ऐप के जरिए ट्रांजेक्शन भी किया जा सकेगा। बैठक में बताया गया की बीज उत्पादक सहकारी संस्थाओं के माध्यम से गत 2 वर्षों में 14 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का उत्पादन एवं विपणन हुआ है। 1102 नई दुग्ध समितियों का गठन कर 5562 दुग्ध समितियों तथा वित्तीय समावेशन के लिए 76 हजार सदस्यों के खाते जिला सहकारी बैंक में खोले गए हैं। व्यापक स्तर पर भर्ती एवं संस्थागत क्षमता निर्माण के प्रयास किए गए हैं। राष्ट्रीय स्तर की सहकारी समितियों के साथ भागीदारी एवं व्यवसाय बताया गया कि राष्ट्रीय स्तर की नवीन गठित तीन सहकारी समितियों के साथ भागीदारी एवं व्यवसाय किया गया है।भारतीय बीज सहकारी समिति लि. (BBSSL) के साथ प्रदेश के सहकारी बीज संघ ने MoU किया है जिससे 17 करोड़ रूपये का व्यवसाय और 844 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई है।राष्ट्रीय सहकारी आर्गेनिक लि. (NCOL) के साथ प्रदेश के सहकारी विपणन संघ का MoU हुआ जिससे 1335 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई। राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लि. (NCEL) और प्रदेश के सहकारी संघ के साथ MoU में 1612 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त हुई। अभी उत्पादों का चिन्हांकन प्रक्रियाधीन है।  

राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन होगा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना शीघ्र प्रारंभ की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे। बताया गया कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा सचिवालय का गठन किया जा रहा है। बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आमजन के लिए सुरक्षित, सुगम और सुलभ परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना हमारा दायित्व है। बेहतर लोक परिवहन आसान यात्रा का साधन ही नहीं, प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास की जीवन रेखा भी है। प्रदेश की सीमा में अन्य राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों की जांच के लिए परिवहन चौकियों और टोल नाकों को और अधिक आधुनिक एवं सुविधा सम्पन्न बनाया जाए। इसके लिए परिवहन चौकियों को शीघ्र ही एकीकृत (इंटीग्रेटेड) करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग में मानव संसाधन की कमी की पूर्ति अभियान चलाकर की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सर्वाधिक दुर्घटना क्षेत्रों की मैपिंग करा ली जाए, जिससे जरूरतमंदों को जल्द से जल्द मेडिकल सर्विसेस मुहैया कराई जा सकें। विभिन्न विभागों द्वारा दी जा रही एम्बुलेंस सेवाओं को एक प्लेटफार्म पर लाया जाए, जिससे दुर्घटना क्षेत्रों में जरूरतमंद तक 30 मिनट से भी कम समय में एम्बुलेंस ऑटो मोड (जो स्पॉट से निकटतम हो) में पहुंच जाए। 'म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय' का होगा गठन बैठक में सचिव परिवहन  मनीष सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा क्रियान्वित पीएम-राहत योजना एवं राहवीर योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश, पूरे देश में पहले स्थान पर है। पीएम-राहत योजना में राज्य के सभी 55 जिलों में जिला नोडल अधिकारियों को ऑनबोर्ड किया जा चुका है। योजना में कुल 2,298 प्रकरणों में से 1692 प्रकरण अनुमोदित कर दिए गए हैं। राहवीर योजना में कुल 109 आवेदन मिले, इनमें से 49 प्रकरण मंजूर कर लिए गए हैं। बालाघाट जिले में राहवीर योजना पर बहुत अच्छा काम हुआ है। बैठक में बताया गया कि हाल ही में मध्यप्रदेश में हुई सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी (SCCoRS) की बैठक में कमेटी के अध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा इन दोनों योजनाओं के प्रचार-प्रसार एवं सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की पहल की बेहद सराहना की गई है। इसी कमेटी की अनुशंसा पर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में पृथक से 'म.प्र. राज्य सड़क सुरक्षा सचिवालय' का गठन भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग को दिए गए 4,400 करोड़ रूपए के लक्ष्य के विरूद्ध कुल 4911.78 करोड़ रूपए राजस्व आय अर्जित की गई। दिए गए लक्ष्य से विभाग द्वारा 111.6 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जन किया गया है। वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 5,721 करोड़ रूपए राजस्व आय का लक्ष्य रखा गया है। परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में 51 प्रकार की फेसलेस सर्विसेस दी जा रही हैं। इससे नागरिकों को बिचौलियों से तो मुक्ति मिली ही है, साथ ही पारदर्शितापूर्ण सेवा प्रदाय भी सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सभी उपलब्धियों के लिए विभागीय मंत्री, अधिकारियों एवं मैदानी अमले को भी बधाई दी। 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण नेटवर्क विस्तार, महिला सुरक्षा और प्रदेश के नागरिकों को संस्थागत लोक परिवहन की सुविधा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार की 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना' की अद्यतन प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना का जल्द से जल्द फील्ड में शुभारंभ किया जाए। सचिव, परिवहन  मनीष सिंह ने बताया कि योजना को धरातल पर लाने के लिए तेजी से प्रक्रियागत काम जारी है। यह योजना दो चरणों में चलाई जाएगी। इसके लिए प्रदेश में 7 क्षेत्र क्रमश: इंदौर, उज्जैन, भोपाल (नर्मदापुरम सहित), जबलपुर, सागर, ग्वालियर (चंबल सहित) एवं रीवा (शहडोल सहित) स्थापित किए गए हैं। पहले चरण में चलाई जाने वाली बसों के लिए क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग मंजूरी की विभागीय अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अन्य क्षेत्रों के विस्तारित मार्गों की अधिसूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो सालों में किया जाएगा। इन सभी बसों की सुचारू मॉनिटरिंग के लिए एक दक्ष एवं इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैंनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योजना के पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के कुल 121 मार्गों में कुल 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों में 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों में 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों में 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों में 298 बसें तथा रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों में 184 बसें चलाई जाएंगी। योजना के तहत चलाई जाने वाली सभी बसों का रंग एक जैसा होगा, ताकि एकरूपता बनी रहे। सचिव परिवहन ने बताया कि ड्रायविंग लायसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र को सहज बनाने के लिए विभाग द्वारा 1 अक्टूबर 2024 से डिजिटल फार्म में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में ई-डिटेक्शन प्रणाली प्रारंभ करने की व्यवस्था की जा रही है। इस पर काम प्रगति पर है। इस प्रणाली से चिन्हित स्थानों पर लगे कैमरों द्वारा वाहनों की नंबर प्लेट अपने आप स्कैन हो जाएगी। स्कैन किए गए वाहन क्रमांक से दस्तावेज वाहन पोर्टल से स्वत: जांच होकर सीधे ऑनलाइन भेज दिया जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय  नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव वित्त  मनीष रस्तोगी, परिवहन आयुक्त  उमेश जोगा सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। 

समाधान योजना से 29.81 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत, ऊर्जा मंत्री तोमर का दावा

समाधान योजना में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने लिया लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि समाधान योजना में 15 मई तक 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने सरचार्ज में छूट का लाभ लिया है। उन्होंने बताया है कि पिछले वर्ष 3 नवम्बर को समाधान योजना 2025-26 की शुरुआत हुई थी। योजना 15 मई तक लागू थी। 473 करोड़ 39 लाख का सरचार्ज हुआ माफ मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है। कुल 1497 करोड़ 45 लाख रूपये जमा किये गये हैं, जबकि 473 करोड़ 39 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख 91 हजार बकायादार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 834 करोड़ 55 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 331 करोड़ 60 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 11 लाख 27 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 340 करोड़ 8 हजार रूपये जमा हुए हैं, जबकि 99 करोड़ 49 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 9 लाख 63 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 322 करोड़ 82 लाख रूपये जमा हुए हैं, जबकि 42 करोड़ 30 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।  

देवास विस्फोट कांड का मुख्य आरोपी दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा गया, अब तक 5 गिरफ्तारी

देवास देवास जिले के टोंककला में बीते दिनों पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट और आग लगने की घटना सामने आई थी। इस हादसे में पांच से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया और कांग्रेस तथा बीजेपी के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष दल का गठन किया गया, जिसने टोंककला पहुंचकर जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए देवास पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई और मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामले में अभी एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार टोंककला पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मुकेश विज को देवास पुलिस ने गुरुवार सुबह नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। आरोपी चीन के गुआंग्झू शहर से फ्लाइट के जरिए भारत लौटा था। देवास पुलिस की विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी और “लुक आउट सर्कुलर (LOC)” के आधार पर उसे दबोच लिया गया। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य फरार आरोपी महेश चौहान, निवासी उत्तराखंड, को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले फैक्टरी लाइसेंसी अनिल मालवीय, मुख्य ठेकेदार मोहम्मद अयाज और संयुक्त संचालक कपिल विज की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया एसपी देवास पुनीत गेहलोत ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश और तकनीकी जांच के लिए 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। दोनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस की टीमें लगातार दिल्ली सहित कई स्थानों पर दबिश दे रही थीं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और डीजीपी कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में की गई। एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता और डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन की निगरानी में देवास पुलिस मामले की वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव, छात्रों को पढ़ाया जाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को किया जाये शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए सभी स्कूलों में बनाई जाए बाउण्ड्री वॉल्स शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाली शालाओं को करें सम्मानित सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराएं "शिक्षा घर योजना" के प्रस्ताव को मिली सैद्धांतिक सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाये। गुरू सांदीपनि के जीवन पर भी रोचक पुस्तक तैयार की जाए। स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को कैसे जोड़ा जाए, इस पर भी एक कार्य योजना तैयार की जाए। निजी विद्यालय खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाए। अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। सत्र प्रारंभ होने से पहले स्कूलों में सभी पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। प्रदेश की सभी आंशिक जीर्ण-शीर्ण शालाओं की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। सभी स्कूलों में बाउण्ड्री वॉल्स बनाई जाए। एक जुलाई से गुरू पूर्णिमा (29 जुलाई) तक "शिक्षक वंदना कार्यक्रम", अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और अन्य गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसी अत्याधुनिक शालाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर प्रदेश की नींव मजबूत कर रही है। प्रदेश के हर विद्यार्थी तक उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन समय पर पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय गतिविधियों में तेजी लाएं और 16 जून से प्रारंभ हो रहे शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूलों में पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराए जाएं, ताकि ऐसे विद्यार्थी जो अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, वे उस विद्यालय के विकास-विस्तार में कुछ योगदान भी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा परिणामों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, नियमित मॉनीटरिंग, तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिन शालाओं में शत-प्रतिशत रिजल्ट आया है, उनके शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 26 शालाएं ऐसी हैं, जहां शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। यहां के सारे विद्यार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन शालाओं के अतिरिक्त 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट देने वाली शालाओं को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की अवधारणा/योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ऐसे जिलों को चिन्हित करने को कहा, जहां सभी शालाओं में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हों, साथ ही भौतिक एवं मानव संसाधन की कमी वाले जिलों की भी अलग श्रेणी तैयार की जाए। इससे सरकार को इन्हीं जिलों पर फोकस करने में आसानी होगी। कमी वाले जिलों पर इसी साल से काम प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी स्थानीय विधायक के साथ बैठकर पूरी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में व्यवस्थाओं की बेहतरी के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर की गई सभी घोषणाओं का जल्द से जल्द पालन करायें। एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की संचालित 14 विभागीय योजनाओं को निरंतर रखने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतरी के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए प्रारंभ से ही माहौल बनाया जाए। महिला बाल विकास विभाग भी इसमें योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अब प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन हाईस्कूलों के आस-पास हायर सेकेण्डरी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे हाईस्कूलों को चिन्हित कर उन्हें हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रोन्नत करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। शालाओं में दिया जाए व्यावसायिक प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शालाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का भी अध्ययन कराया जाए। व्यावसायिक प्रशिक्षण को दृष्टिगत रखते हुए संभव हो तो क्षेत्रीय स्व-सहायता समूहों को भी ऐसी शालाओं और विद्यार्थियों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को सभी विभागों के विद्यालयों को एक करने की योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस जैसे सामाजिक सेवा कार्य को भी बढ़ावा देने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित करें। विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लायसेंस कैम्प, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय स्कूलों से पास आउट विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, पैतृक व्यवसाय, कौशल प्रशिक्षण जैसे किस कार्य/रोजगार में लगे हैं, इसकी ट्रैकिंग भी होनी चाहिए। इससे सरकार के पास हमारे युवाओं का एक डेटाबेस तैयार होगा। शासकीय स्कूलों में बढ़ी नामांकन की दर बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन वृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 में नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कक्षा 9 से 12 के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में … Read more

अपर कलेक्टर पोस्टिंग को लेकर उलझी सरकार, वरिष्ठ अफसरों में नाराजगी के संकेत

भोपाल  मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के सीनियर अफसरों को अपर कलेक्टर पद पर पदस्थ करने के मामले में राज्य सरकार संतुलन नहीं बना पा रही है। लोकसभा चुनाव के पहले से पोस्टिंग का बिगड़ा तालमेल अब तक पटरी पर नहीं आ पाया है। इसका असर यह है कि करीब 20 जिलों में अपर कलेक्टर के पद रिक्त हैं। नियमित अधिकारी की पोस्टिंग नहीं होने से एक ओर जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है तो दूसरी ओर मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में अवर सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे युवा अफसरों में गुस्सा भी है कि सरकार उनसे फील्ड का काम नहीं ले रही है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के बड़े जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में दो से तीन अपर कलेक्टर की पदस्थापना की जाती है। यहां कलेक्टर कार्यालय में इतने पद स्वीकृत भी हैं लेकिन इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह पद रिक्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा छोटे जिलों में भी अपर कलेक्टर के पद पर पोस्टिंग नहीं होने से कलेक्टरों को व्यवस्था संचालन के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपनी पड़ रही है। एसडीएम कैडर के पद नहीं भरे गए यही स्थिति संयुक्त कलेक्टर के पदों के मामले में भी है जिन्हें जिले में एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, इस कैडर के भी सभी पद नहीं भरे गए हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने कहा है कि सरकार अधिकारी होने के बाद भी फील्ड में पोस्टिंग न करके इस कैडर के अफसरों की ऊर्जा शक्ति का लाभ नहीं ले पा रही है। जिलों में सीईओ जिला पंचायत का पद भी राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिए होता है, वहां सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के मुकाबले युवा आईएएस अफसर अधिक संख्या में तैनात किए हैं। इन जिलों में खाली हैं अपर कलेक्टर के पद जिन जिलों में अपर कलेक्टर के पद रिक्त बताए जा रहे हैं उसमें जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सीहोर, शाजापुर, बड़वानी, बुरहानपुर, ग्वालियर, छतरपुर, निवाड़ी, इंदौर के अलावा आठ अन्य जिले शामिल हैं। इन सभी जिलों में राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर की पोस्टिंग नहीं किए जाने के कारण कलेक्टरों को प्रभार के सहारे व्यवस्था संचालित करनी पड़ रही है। नए सिलेक्ट युवाओं की भी मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में पोस्टिंग अभी जो पोस्टिंग है उसमें पीएससी से चुने गए नए युवाओं को भी फील्ड में पदस्थ करने के बजाय मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में पदस्थ रखा है। बताया जाता है कि वर्तमान में अधिकांश युवा अफसर मंत्रालय में अवर सचिव, ओएसडी बनकर फाइलों के निराकरण में लगे हैं। इस कारण उनमें व्यवस्था के प्रति गुस्सा भी है। ऐसे युवा अफसरों का कहना है कि जिलों में डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, अपर कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे कई सीनियर अफसर मंत्रालय में पदस्थ किए जा सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कम अनुभवी अफसरों को फील्ड में मौका नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में एसआईआर के कार्य के कारण स्‍थानांतरण नहीं करने का सरकार का बहाना था और अब जबकि ऐसी कोई स्थिति नहीं है तो भी पदस्थापना नहीं की जा रही है।

बॉयफ्रेंड से शादी करने वाली वायरल गर्ल की हाई कोर्ट में गुहार, दस्तावेजों पर उठाए सवाल

इंदौर   प्रयागराज महाकुंभ में माला बेचने वाली सोशल मीडिया पर वायरल हुई युवती ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दाखिल की है. इसमें उसने कहा है "जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित दस्तावेजों में छेड़छाड़ की गई है." युवती ने याचिका में ये भी कहा है "उसके पति के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज करवाया गया है।  परिजनों ने बेटी को नाबालिग बताया प्रयागराज महाकुंभ में वायरल हुई युवती ने कुछ माह पहले केरल में रहने वाले फरमान खान नामक व्यक्ति के साथ शादी कर ली थी. इसका उसके परिजनों ने विरोध किया था. युवती के परिजनों ने आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत की थी "उनकी बेटी नाबालिग है. फरहान खान से ने उसे फंसाकर शादी की है." खरगोन पुलिस ने फरहान खान सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।  युवती की जन्मतिथि पर विवाद इंदौर हाई कोर्ट में वायरल गर्ल के एडवोकेट ने उसकी उम्र को लेकर याचिका लगाई है. याचिका में मध्य प्रदेश शासन, डीजीपी मध्य प्रदेश, डीजीपी केरल और युवती के पिता को पक्षकार बनाया गया है. वकील ने कोर्ट को बताया है कि युवती की वास्तविक जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 है और इस आधार पर उसके आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बने हैं।  युवती के वकील बीएल नागर का कहना है "1 जनवरी 2009 की जन्म तिथि वाला प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से तैयार किया गया है. इसकी जांच होनी चाहिए." वायरल गर्ल महाराष्ट्र के फरमान के साथ डेढ़ साल से रिश्ते में थी. फेसबुक पर शुरू हुए इस रिश्ते का युवती के परिवार ने कड़ा विरोध किया था।  अपने प्रेमी से तिरुवनंतपुरम में रचाई शादी अपने पिता से झगड़े के बाद ये युवती अपने प्रेमी फरमान खान साथ ट्रेन से तिरुवनंतपुरम पहुंची. युवती का दावा है कि उसके पिता उसे दूसरी शादी के लिए मजबूर कर रहे हैं और वह स्वतंत्र रूप से जीना चाहती है. युवती ने तिरुवनंतपुरम में 11 मार्च 2026 को अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान से शादी कर ली।  कैसे शुरू हुआ विवाद? इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुंभ मेले के दौरान माला बेचते हुए मोनालिसा का वीडियो वायरल हुआ और इस लोकप्रियता के बाद उन्हें एक फिल्म का ऑफर मिला। बताया जा रहा है कि इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी फरमान खान से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। दोनों ने अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में रचाई थी शादी इसके बाद दोनों ने बीते 11 मार्च 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया। दूसरी तरफ, युवती के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी नाबालिग है और फरमान खान उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया है, जिसके आधार पर पुलिस ने फरमान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब 'वायरल गर्ल' ने खुद अपने पति के बचाव में इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। युवती के अधिवक्ता बीएल नागर द्वारा दायर इस याचिका में दावा किया गया है कि युवती की वास्तविक जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है, जिसके आधार पर वह पूरी तरह बालिग (वयस्क) है। पिता का क्या है आरोप? वहीं, मोनालिसा के पिता द्वारा पुलिस रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2009 बताई गई है, जिससे वह नाबालिग साबित हो रही है। युवती का आरोप है कि 2009 की जन्मतिथि वाला प्रमाण पत्र गलत तरीके से तैयार किया गया है, जबकि उसकी वास्तविक जन्मतिथि के आधार पर ही उसके आधिकारिक पहचान पत्र (वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज) बने हुए हैं। इस याचिका में मध्य प्रदेश शासन, डीजीपी मध्य प्रदेश, डीजीपी केरल और युवती के पिता को पक्षकार बनाया गया है। अदालत से गुहार लगाई गई है कि किसी सक्षम अधिकारी से इस पूरे उम्र विवाद की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए और युवती का वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र सामने लाया जाए ताकि मामले में त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई हो सके। महाकुंभ के घाटों से शुरू हुआ यह सफर अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है, और अब देखना यह होगा कि इंदौर हाईकोर्ट दस्तावेजों की जांच के बाद इस उम्र विवाद और प्रेम विवाह पर क्या फैसला सुनाता है।

IBCA प्री-समिट इवेंट को लेकर तैयारियां पूरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव रहेंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री यादव आईबीसीए के प्री-समिट इवेंट का करेंगे शुभारंभ 20 बाइक एवं एक रेस्क्यू ट्रक को झण्डी दिखाकर करेंगे रवाना शुक्रवार 22 मई को भोपाल में होगा जैव विविधता संरक्षण और बिग कैट संवर्धन पर होगा मंथन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) प्री-समिट इवेंट का 22 मई 2026 को शुभारंभ होगा। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) ऑडिटोरियम, भोपाल में होने वाले इस प्री-समिट इवेन्ट में केंद्रीय पर्यावरण और वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, मध्यप्रदेश शासन, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस तथा भारतीय वन प्रबंधन संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री यादव प्रात: 9:50 पर वन विभाग द्वारा आयोजित 20 बाइक एवं एक रेस्क्यू ट्रक को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम में जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव संवर्धन तथा विशेष रूप से बिग कैट संरक्षण के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस के महानिदेशक डॉ. एस.पी. यादव आईबीसीए की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रस्तुति देंगे। साथ ही मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा भारत में चीता पुनर्स्थापन अभियान पर विशेष प्रस्तुति भी दी जाएगी। आईईसी सामग्री का होगा विमोचन कार्यक्रम में जैव विविधता एवं संरक्षण से संबंधित अनेक प्रकाशनों और डिजिटल पहलों का विमोचन एवं लोकार्पण किया जाएगा। इनमें डाक टिकट, ‘इंडियाज बायोडायवर्सिटी रिपोर्ट 2026’, नागोया प्रोटोकॉल पर भारत की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट तथा एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल शामिल हैं। इसके साथ ही एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग, अमरकंटक बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट तथा मध्यप्रदेश के पवित्र वनों के संरक्षण पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस आयोजन से जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा वन्य जीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी, साथ ही भारत की प्रतिबद्धता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित होगी।  

ट्विशा केस में सरकार सख्त, नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम; CM से मिले मृतका के पिता

भोपाल मध्यप्रदेश में भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले के बीच उनके परिवार ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को जिला कंज्यूमर फोरम से हटाने की मांग की थी. परिवार ने इसके लिए राज्यपाल को पत्र भेजा था।  गिरबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने की तैयारी अब इसको लेकर कार्यवाही शुरु हो चुकी है. कंज्यूमर फोरम  खाद्य आपूर्ति विभाग के अंतर्गत आता है. इसलिए खाद्य विभाग के उप सचिव ने रजिस्ट्रार राज्य उपभोक्ता आयोग को पत्र लिखकर कहा है कि गिरीबाला सिंह के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के चलते उपभोक्ता संरक्षण नियम 2020 के उप नियम 9 (2) जिसमें पद से हटाना शामिल है के अनुसार जांच कर प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें. यहां ‎गंभीर मामलों में इस्तीफा या रिमूवल की प्रक्रिया की होती है. ऐसे में जिला कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति और त्यागपत्र को लेकर राज्य सरकार ने पत्राचार  शुरू कर दिया है।  पति समर्थ अब भी फरार बता दें कि ‎ट्विशा केस में बेटे समर्थ के साथ आरोपी गिरबाला इस समय ‎अग्रिम जमानत पर है जबकि समर्थ  ट्विशा की मौत के बाद से फरार है.पुलिस ने समर्थ को पकड़ने के लिए 10 हजार का इनाम रखा था जिसे बढ़ाकर अब 30 हजार कर दिया गया है।  ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ लेता नजर आ रहा है. हाल ही में सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को और पेचीदा बना दिया है तथा कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं. फुटेज में ट्विशा शर्मा को बिल्डिंग की सीढ़ियों से छत की ओर जाते हुए देखा गया है. इसके करीब एक घंटे बाद उनके पति समर्थ और तीन अन्य लोग उन्हें नीचे लेकर आते दिखाई देते हैं।  एक घंटे तक छत पर क्या हुआ? सीसीटीवी में दर्ज यह घटनाक्रम अब जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन चुका है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि उस एक घंटे के दौरान छत पर आखिर क्या हुआ था. जानकारी के अनुसार, ट्विशा आखिरी बार हाथ में हेडफोन लिए सामान्य अवस्था में सीढ़ियां चढ़ती दिखाई दी थीं, लेकिन लगभग एक घंटे बाद उनकी हालत गंभीर नजर आई. वह छत पर जिमनास्टिक बेल्ट से लटकी पाई गई थी. यही वजह है कि परिजन इस मौत को संदिग्ध मानते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।   नहीं होगा दूसरा पोस्टमार्टम, आरोपी पति पर 30 हजार का ऐलान ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मीडिया से अपील की कि पीड़िता की छवि खराब करने वाले सवालों से बचा जाए और मामले की संवेदनशीलता को समझा जाए. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया में हुई देरी ने परिवार का दर्द और बढ़ाया है. परिवार ने यह भी कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।  भोपाल की अदालत ने  रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरी पोस्टमार्टम की अनुमति देने से इनकार कर दिया. हालांकि अदालत ने पुलिस को ट्विशा के शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. एडवोकेट अंकुर पांडेय ने बताया कि परिवार की ओर से दोबारा पोस्टमार्टम और शव संरक्षित रखने की मांग की गई थी, जिसमें अदालत ने आंशिक राहत दी. इस बीच ट्विशा शर्मा के परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।  आरोपी पति पर 30 हजार का इनाम घोषित भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह पर पुलिस ने 30 हजार का इनाम घोषित किया गया है. पति पर ट्विशा की मौत के लिए परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमों का गठन किया है और लगातार तलाश जारी है।  सास गिरीबाला को कंज्यूमर फोरम से हटाने के लिए ट्विशा के परिजनों ने लिखा पत्र ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम के पद से हटाने के लिए राज्यपाल को ट्विशा के परिवार ने पत्र लिखा है. गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु के तहत मामला दर्ज हुआ है. अभी गिरीबाला सिंह डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में जज हैं. डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में रिटायर्ड जज की नियुक्ति होती है. कदाचार, दोष सिद्ध या किसी गंभीर मामले में हटाने का प्रावधान है।  मां ने फोन पर सुनी थी एक आवाज इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि उस एक घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिसने एक शिक्षित युवती की जान ले ली. वीडियो में साफ दिखता है कि छत पर जाते समय ट्विशा सामान्य थीं और उनके हाथ में हेडफोन था. छत पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी मां को फोन किया. मां के मुताबिक, बातचीत के दौरान ट्विशा ने ससुराल में कथित प्रताड़ना की बात बताई. इसी दौरान फोन पर किसी अन्य व्यक्ति की आवाज सुनाई दी और अचानक कॉल कट गया. मां का मानना है कि वह आवाज संभवतः समर्थ की हो सकती है।  ससुराल का टॉर्चर और ट्विशा की संदिग्ध मौत बता दें कि गिरबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला बीते कई दिनों से चर्चा में है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा को लेकर उसकी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ पर गंभीर आरोप लगे हैं।