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MP Weather: दिन में गर्मी, रात में ठंडक; चक्रवाती सिस्टम का असर जारी

भोपाल मध्य प्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव का दौर जारी है। रविवार को ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में बूंदाबांदी हुई और कई जगह बादल छाए रहे। IMD भोपाल के मुताबिक जल्द ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर खत्म हो जाएगा। इसके बाद रात में ठंड बढ़ेगी, जबकि पूरे अक्टूबर दिन में गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर से रात में ठंड बढ़ने का अनुमान जताया है। इससे पहले बीती रात इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज और सतना में मौसम बदला रहा। नए सिस्टम तक खुला रहेगा मौसम मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है और चक्रवात भी एक्टिव है। यदि इनका आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश पर असर रहा तो बारिश हो सकती है। फिलहाल अगले 3 दिन तक बारिश का अनुमान नहीं है। नए सिस्टम के आने तक मौसम खुला रहने की संभावना है। एक साथ लौटा मानसून, 100 दिन रहा एक्टिव प्रदेश से 3 अक्टूबर को ही मानसून लौट चुका है, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से बारिश का दौर फिर शुरू हो गया। शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का ट्रेंड रहा है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में ही मौसम साफ हो गया और धूप खिलने लगी। वहीं रात में ठंडक है और कई जिलों में बारिश भी हो रही है। इस बार प्रदेश में 100 दिन तक दक्षिण-पश्चिम मानसून एक्टिव रहा। इस साल सामान्य से कम हुई बारिश दक्षिण-पश्चिम मानसून यानी जून से सितंबर के दौरान प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश हुई, जो सामान्य 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में 1.5 इंच कम है। ओवरऑल 4 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 4 प्रतिशत ज्यादा और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में आंकड़ा 4 प्रतिशत ज्यादा है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत कम पानी गिरा है। इन 25 जिलों में कोटा फुल भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।

मध्यप्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कान्हा नेशनल पार्क को बताया खास आकर्षण

कान्हा एशिया का सबसे बड़ा नेशनल पार्क, वन्य प्राणियों के नैसर्गिंक जीवन निहारने एक बार कान्हा जरूर आएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंडला / बालाघाट  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कान्हा नेशनल पार्क हमारे देश का नहीं, पूरे एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। सघन वनों से आच्छादित कान्हा नेशनल पार्क मुख्यत बाघ, चीता, लकड़बग्घा, हाथी एवं अन्य कई वन्य जीवों से समृद्ध है। उन्होंने सभी वन्य जीव प्रेमियों, पर्यटकों और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वन्य प्राणियों के साहचर्यपूर्ण नैसर्गिक जीवन को निहारने के लिए कम से कम एक बार कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर हमारे समृद्ध वनों  में सभी प्रकार के जीव जंतुओं के लिए अपने प्राकृतिक आवास में स्वछन्द विचरण करने की स्वतंत्रता है। प्रदेश में बारहसिंगा को भी पुनर्जीवन मिला है। यह वन्य जीव धरती पर धीरे-धीरे विलुप्त होता जा रहा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में हमारा चीता पुनर्बसाहट प्रोजेक्ट बड़ी सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंडला जिले के कान्हा किसली में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा और उनकी सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में जंगली भैंसों (वाइल्ड बफेलो) के पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की है। रविवार को ही यहां 6 मादा और 8 नर जंगली भैंसों को उनके प्राकृतिक आवास में विमुक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के वनों में टाइगर, चीता, लेपर्ड, मगर, घड़ियाल और गिद्धों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हमारे वन्य जीव मध्यप्रदेश का गौरव पर्यटन क्षेत्र में बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वन, वन्य जीव और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन प्रयासों से प्रदेश की जैव विविधता को सुरक्षित रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि बाघ, तेंदुआ, घड़ियाल और मगरमच्छ जैसे वन्य जीवों के संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे प्रयास हमारी प्राकृतिक धरोहर को और समृद्ध बना रहे हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की इस समृद्ध वन्यजीव विरासत के संरक्षण में योगदान देने वाले सभी लोगों को बधाई दी।

MP Volleyball Association: कार्तिकेय सिंह चौहान को मिली नई जिम्मेदारी, 33 जिला संघों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ चुनाव

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान की चुनावी राजनीति से पहले खेल प्रशासन में एंट्री हो गई है। कार्तिकेय मध्य प्रदेश वॉलीबॉल संघ के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। अध्यक्ष बनने के बाद कार्तिकेय ने प्रदेश में वॉलीबॉल के विकास के लिए मध्यप्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में खेल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए रोडमैप बनाया जाएगा। नई प्रतिभाओं को अवसर देने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला संघों को आर्थिक सहायता देने पर भी काम किया जाएगा। कार्तिकेय ने संघ के पदाधिकारियों, जिला संघों के प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार जताते हुए कहा कि उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उनका लक्ष्य वॉलीबॉल को प्रदेश के हर गांव और युवा तक पहुंचाना है। ये पदाधिकारी चुने गए चुनाव अधिकारी एडवोकेट दिलीप मालवीय ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराई। नई कार्यकारिणी में अनवर खान वरिष्ठ उपाध्यक्ष, विधायक आशीष शर्मा और राम पांडे उपाध्यक्ष, सतीश जोशी महासचिव और विशाल शर्मा कोषाध्यक्ष चुने गए। डीआर सिंह और राजेश शुक्ला संयुक्त सचिव बनाए गए हैं। कार्यकारिणी सदस्यों में आशीष सिंह, भूपेन्द्र कांत, राजेन्द्र चतुर्वेदी, मेरिट खिलाड़ी श्वेता शर्मा और रीवा के कृष्णानंद शामिल हैं। बैठक में विभिन्न आयु वर्गों की राज्य स्तरीय चैंपियनशिप कराने की स्वीकृति भी दी गई। गांव तक वॉलीबॉल को पहुंचाएंगे अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद कार्तिकेय सिंह चौहान ने प्रदेश में वॉलीबॉल के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश वॉलीबॉल खेल नीति 2026 का प्रारूप जल्द जारी करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर जिले में इस खेल को बढ़ावा देने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा। नई प्रतिभाओं को अवसर देने, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और जिला संघों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। उन्होंने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए संघ के सभी पदाधिकारियों, जिला संघों के प्रतिनिधियों और सदस्यों का आभार जताया। चौहान ने कहा कि उनका प्रयास सभी के विश्वास पर खरा उतरने का रहेगा। वॉलीबॉल को प्रदेश के हर गांव और युवा तक पहुंचाना तथा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप को मंजूरी बैठक में विभिन्न आयु वर्गों की राज्य स्तरीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित कराने की स्वीकृति दी गई। साथ ही संघ की वैधानिक स्थिति के संबंध में सदन को विस्तृत जानकारी दी गई। नई कार्यकारिणी के सामने प्रदेश में खेल के विस्तार, जिला संघों को मजबूत करने और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी होगी।

बागेश्वर धाम की हिंदू-सनातन एकता रथयात्रा में बुलडोजर से बरसे फूल, धीरेंद्र शास्त्री ने दिया एकता का संदेश

 पन्ना छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 3.0 ‘सनातन हिंदू एकता रथयात्रा’ का आज दूसरा दिन है। पन्ना स्थित रघुलीला पैलेस में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों को शपथ दिलाने के साथ।  अयोध्या के राजू दास, मलूकपीठ के गंगा दास, हरिद्वार के मोनी और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज साथ हैं। शास्त्री ने हजारों श्रद्धालुओं को सात वचनों की शपथ दिलाई। उन्होंने सामाजिक एकता, नशामुक्ति, हिंदू एकता और राष्ट्रवाद को यात्रा का उद्देश्य बताया। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के भक्त बने सलमान खान पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बुंदेलखंड के 5 जिलों में सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा निकाल रहे हैं. 11 अक्टूबर को ग्राम गड़ा बागेश्वर धाम से शुरू यात्रा बमीठा, चंदननगर, पन्ना, अजयगढ़ और अमानगंज होते हुए दमोह, सागर और टीकमगढ़ तक जाएगी. पन्ना के अजयगढ़ में यात्रा 11 अक्टूबर को रात में पहुंची, जहां पर बगराजन माता में कार्यक्रम आयोजित हुआ।  सलमान खान को बागेश्वर धाम बुलाया धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना की गई. इस मौके पर पन्ना विधायक एवं अनेक जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में जनता मौजूद रही. इसी दौरान मंच पर सलमान खान सहित एक और मुस्लिम भाई को लेकर पहुंचे. उन्होंने बाबा बागेश्वर को माला पहनाई. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा उन्हें पीले रंग का गमछा पहनाया गया. इस बीच सलमान खान ने बाबा बागेश्वर के पैर छुए. सलमान खान ने बताया "उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार के पैर छुए हैं. इसमें कोई अजीब बात नहीं है. वे संत हैं. उन्होंने मेरी बीमारी के बारे में भी बताया है. उन्होंने बागेश्वर धाम आने के लिए कहा है।  सलमान खान की बीमारी बताई सलमान खान का कहना है "मैं बागेश्वर धाम जाऊंगा और उनके शिष्यों से बाबा बागेश्वर से मिलाने का आग्रह करूंगा. उनसे बीमारी के बारे में और उपचार के बारे में जानकारी लूंगा. अभी बीमारी के बारे में उन्होंने ज्यादा चर्चा नहीं हो सकी क्योंकि वहां पर कैमरे चल रहे थे." वहीं, बाबा बागेश्वर ने अजयगढ़ में कहा "जहां पर बरसात नहीं होती, वहां की फसलें खराब हो जाती हैं और जहां पर संस्कार नहीं होते वहां पर नस्ल खराब हो जाती हैं।   कुछ दें या नहीं, बच्चों को संस्कार दें बाबा बागेश्वर ने कहा "अपने बच्चों को कार या व्यापार देकर नहीं जाना लेकिन उनको संस्कार देकर जरूर जाना, क्योंकि संस्कार अगर उनके अंदर रहेंगे तो कार और व्यापार भी कहीं भी कमा लेंगे." सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा रात करीब 11:00 बजे पन्ना पहुंची जहां पर रात्रि विश्राम पन्ना के मधुबन गार्डन में हुआ, जहां पर उनके साथ हजारों की संख्या में लोग रथ यात्रा में शामिल हुए. दूसरे दिन रथ यात्रा अमानगंज होते हुए दमोह जिले प्रवेश करेगी। 

CM मोहन यादव का अनोखा अंदाज, बीच रास्ते रुककर बच्चों से मिले मुख्यमंत्री और जाना हालचाल

मंडला  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंडला जिले के टटारा में स्कूल के नन्हें बच्चों के आत्मीयता से सहज संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टटारी हेलीपेड जाते समय एक निजी पब्लिक स्कूल में अपना काफिला रुकवाया और वहां प्रार्थना सभा में शामिल विद्यार्थियों से मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे और उनके टीचर्स प्रसन्न हुए। स्कूल में उस समय बच्चों की रुटीन असेम्बली चल रही थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को परमपिता परमेश्वर से सबके कल्याण की प्रार्थना करते देखा, तो वे उनके बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके नाम पूछे और यह भी जाना कि वे किस कक्षा में पढ़ते हैं तथा उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है ? मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को दुलारते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ उनका संवाद सहज, आत्मीय और अपनत्व से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अप्रत्याशित उपस्थिति से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया।  

MP News: आयुष्मान भारत योजना से 69 अस्पतालों की छुट्टी, भोपाल के 27 अस्पताल भी सूची से बाहर

नई दिल्ली आयुष्मान भारत ‘निरामयम’ योजना के तहत मध्य प्रदेश के 69 अस्पतालों को योजना से बाहर कर दिया गया है. इनमें भोपाल के 27 अस्पताल शामिल हैं. इन अस्पतालों की संबद्धता खत्म करने के पीछे अलग-अलग कारण हैं. सबसे ज्यादा 60 अस्पताल राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (National Board of Accreditation एनएबीएच) का गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल करने की अनिवार्यता पूरी नहीं कर सके. वहीं, पांच अस्पतालों ने पिछले छह महीने से आयुष्मान कार्डधारियों का इलाज नहीं किया. तीन अस्पतालों की संबद्धता अन्य कारणों से खत्म की गई है. इसके अलावा, भोपाल के मारुति अस्पताल पर मृत मरीज के नाम पर क्लेम लेने के मामले में कार्रवाई की गई है।  एनएबीएच प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर कार्रवाई योजना के अधिकारियों के अनुसार, अस्पतालों का निरीक्षण करने पर कई जगह गंभीर अनियमितताएं मिलीं. कुछ अस्पताल जरूरी गुणवत्ता प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत नहीं कर पाए. इसके चलते उन्हें योजना से बाहर किया गया. भोपाल के 27 अस्पतालों में नवोदय हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, श्रीराम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, आरएआई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, परफेक्ट मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड कैंसर सेंटर, सेंट्रल हॉस्पिटल, रक्षा हॉस्पिटल, सहज हॉस्पिटल, गुडविल हॉस्पिटल, एबी हॉस्पिटल, वीएनएस हॉस्पिटल, राजधानी हॉस्पिटल और एशियन हॉस्पिटल समेत अन्य अस्पताल शामिल हैं।  पांच अस्पतालों ने छह महीने से नहीं किया इलाज आयुष्मान योजना के तहत पिछले छह महीने से मरीजों का इलाज नहीं करने वाले पांच अस्पतालों को भी बाहर कर दिया गया है. इनमें भोपाल का शल्या जॉइंट केयर, ग्वालियर का मेट्रो न्यूरो हॉस्पिटल, नीमच का रामनिवास आयरन हॉस्पिटल, शाजापुर का श्री डीपी केयर हॉस्पिटल और टीकमगढ़ का न्यू सिटी हॉस्पिटल शामिल हैं।  21 अस्पतालों को 31 अक्टूबर तक मोहलत भोपाल के 10 अस्पतालों को फिलहाल राहत दी गई है. इनमें हेल्थ स्टार मल्टीस्पेशियलिटी, मयूर हॉस्पिटल, शुभम हॉस्पिटल, एलएन मेडिकल कॉलेज एंड जेके हॉस्पिटल, लक्ष्मी मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, एपेक्स हॉस्पिटल और पीपुल्स हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पताल शामिल हैं. वहीं, 21 अस्पतालों को एनएबीएच प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया गया है।  योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने बताया कि नियमों का पालन नहीं करने और जरूरी प्रमाणपत्र नहीं देने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है।  लंबित क्लेम के लिए 50 डॉक्टर नियुक्त अस्पताल संचालकों ने भुगतान में देरी को लेकर आंदोलन किया थ. इसके बाद सरकार ने पोर्टल-2 पर लंबित एक लाख क्लेम का निपटारा दो महीने में करने का आश्वासन दिया है. इसके लिए 50 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है. सरकार का मकसद लंबित भुगतान से जुड़े मामलों को जल्द निपटाना है. इसके साथ-साथ हम लोगों ने कुछ ऐसे भी काम किए हैं जैसे कि आलू के पौधे में तीन-चार तरह के विटामिन में अलग-अलग ट्रांसजेनिक टेक्नीक से डाल दिए हैं. यह टारगेट है कि इस तरह की सारी इनफार्मेशन हमारे बच्चों में पहुंचे यह रिसर्च और एडवांस लेवल पर जाए। 

Diwali-Chhath Special Trains: त्योहारों पर घर जाने वालों के लिए खुशखबरी, भोपाल से शुरू होंगी 3 विशेष ट्रेनें

भोपाल  दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे तीन स्पेशल ट्रेनों का संचालन करेगा। इन ट्रेनों का संचालन – पहली ट्रेन रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल (01667/01668) 12 अक्टूबर से 17 नवंबर तक चलेगी। यह दोनों दिशाओं में 11-11 फेरे लगाएगी। इसका ठहराव भोपाल, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, नर्मदापुरम और इटारसी सहित अन्य स्टेशनों पर रहेगा। – दूसरी रीवा-रानी कमलापति सुपरफास्ट स्पेशल (02192/02191) 17 व 24 अक्टूबर तथा 7 व 14 नवंबर को चलेगी। दोनों दिशाओं में इसके चार-चार फेरे होंगे। – तीसरी रीवा-डॉ. आंबेडकर नगर स्पेशल (01704/01703) प्रत्येक शनिवार और रविवार को चलेगी। यह इटारसी, नर्मदापुरम, रानी कमलापति, भोपाल, सीहोर और शुजालपुर सहित निर्धारित स्टेशनों पर रुकेगी। इन ट्रेनों से त्योहारों पर यात्रियों को अतिरिक्त रेल सुविधा मिलेगी। 

मां शारदा के भक्तों के लिए खुशखबरी, मैहर मेले के दौरान बलिया रूट की 8 ट्रेनों का होगा ठहराव

बलिया /मैहर  मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने आठ ट्रेनों के ठहराव को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. दी गई जानकारी के अनुसार, बलिया रूट से गुजरने वाली आठ प्रमुख ट्रेनों का मैहर स्टेशन पर पांच मिनट का अस्थायी ठहराव निर्धारित किया गया है. इससे बलिया, गाजीपुर, मऊ, छपरा और आसपास के क्षेत्रों से मैहर जाने वाले यात्रियों को सहूलियत मिलने की उम्मीद है।  नवरात्रि और मेले में बढ़ जाती है श्रद्धालुओं की भीड़ मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में नवरात्रि और विशेष धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है. मैहर स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव मिलने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए अधिक समय मिल सकता है. इस फैसले से खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलने की उम्मीद है।  आठ ट्रेनों के नाम और समय की आधिकारिक पुष्टि जरूरी उपलब्ध जानकारी में आठ ट्रेनों के नाम, गाड़ी संख्या, ठहराव लागू होने की तारीख और आगमन-प्रस्थान का समय स्पष्ट नहीं है. इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना, एनटीईएस या रेलवे हेल्पलाइन 139 के माध्यम से संबंधित ट्रेन का ठहराव और समय जरूर जांच लेना चाहिए।  सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर रहेगा जोर मेले के दौरान स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण रहती है. हालांकि, अतिरिक्त आरपीएफ-जीआरपी बल की तैनाती और विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाने के संबंध में आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। 

Special Train: दिवाली-छठ पर यात्रियों को राहत, प्रयागराज से हडपसर के लिए 21 अक्टूबर से विशेष ट्रेन शुरू

भोपाल दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पर्व के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने प्रयागराज से हडपसर के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन का लाभ बीना, रानी कमलापति और इटारसी के यात्रियों को भी मिलेगा। ये गाड़ियां चलेंगी – गाड़ी संख्या 04107 प्रयागराज-हडपसर स्पेशल 21 अक्टूबर से 18 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को प्रयागराज से रात 10:20 बजे रवाना होगी। यह बीना रात 11:35 बजे, रानी कमलापति अगले दिन रात 2 बजे और इटारसी सुबह 3:35 बजे पहुंचेगी। हडपसर में शाम 7:30 बजे पहुंचेगी। वापसी शेड्यूल – वापसी में गाड़ी संख्या 04108 हडपसर-प्रयागराज स्पेशल 22 अक्टूबर से 19 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को रात 10:40 बजे चलेगी। यह इटारसी दोपहर 12:20, रानी कमलापति 2:15 और बीना शाम 4:45 बजे पहुंचेगी। ट्रेन में 21 कोच होंगे, जिनमें 12 स्लीपर, छह सामान्य, एक थर्ड एसी और दो एसएलआरडी कोच शामिल हैं।  

मध्यप्रदेश में 27% OBC आरक्षण की उम्मीद बरकरार, हाईकोर्ट के फैसले के बाद सरकार तलाश रही नए विकल्प

भोपाल  हाईकोर्ट से रद्द हो चुके 27 फीसद ओबीसी आरक्षण पर सरकार चुप नहीं बैठेगी। कई स्तर पर कानूनी सलाह ली जा रही है। सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना सबसे ज्यादा है। हालांकि अभी यह अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है। कई स्तर पर कानूनी सलाह ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सरकार जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुला सकती है, जिसमें सभी बिंदुओं पर चर्चा की जानी है। नए सिरे से उन राज्यों का अध्ययन भी कराया जा सकता है, जहां पूर्व से ओबीसी वर्ग को 27 फीसद या उससे अधिक आरक्षण की पात्रता है। बता दें कि विपक्ष और ओबीसी महासभा पहले ही सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान कर चुके हैं। आगले कदम क्या होने चाहिए, इस पर मंथन कानूनी मामलों के जानकारों के मुताबिक सरकार दो तरीके से आगे बढ़ सकती है। पहला, फिर से सुप्रीम कोर्ट जाए। दूसरा, जातिगत जनगणना के नतीजों का इंतजार। एक कैबिनेट मंत्री का कहना है कि मप्र में ओबीसी आरक्षण बड़ा मुद्दा रहा है, आने वाले समय भी रहेगा। ऐसे में संवैधानिक कदम उठाए जाएंगे, इस दिशा में निश्चित ही विचार-विमर्श चल रहा है। जानकारों का कहना है कि कई राज्यों में आरक्षण की सीमा 50% से अधिक है लेकिन वहां की सरकारों ने इसके लिए विशेष स्थिति वाले तर्क दिए थे। मप्र में ऐसा नहीं हो पाया, इसके लिए कई पक्ष जिम्मेदार हैं। राजनीतिक समीकरण भी सक्रिय राजनीतिक समीकरण के आधार पर भी यह बड़ा विषय है, चूंकि मप्र में ओबीसी एक बड़ा वर्ग है और अन्य राज्यों की तुलना में आरक्षण मामलों में पिछड़े है। आने वाले चुनावों में विपक्ष द्वारा ओबीसी आरक्षण को मुद्दा बनाया जाना तय है तो ओबीसी वर्ग के संगठनों में भी अंदरूनी स्तर पर कई दौर की चर्चा जारी है। बता दें तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने 2019 में ओबीसी को 27% आरक्षण देने के कानून के लिए अध्यादेश लाया था, जो विवादों में पड़ा। सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट में कई दौर की सुनवाई हुई और अंततः हाल में हाईकोर्ट ने कानून को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी मांग जानकारी के लिए बता दें कि, 9 अक्टूबर को जबलपुर हाईकोर्ट ने 27 फीसदी आरक्षण करने की मांग को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने 13% होल्ड पदों पर तीन महीने के भीतर अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही जो नियुक्तियां 27 फीसदी के हिसाब से पिछले कुछ वर्षों में हो चुकी है, उन्हें बरकरार रखने और आगे होने वाली भर्ती प्रक्रिया में से निम्न पदों की संख्या को एडस्ट करने का भी आदेश दिया था। 15 महीने वाली कांग्रेस सरकार ने कर दिया था लागू कमलनाथ सरकार ने मध्यप्रदेश में ओबीसी का आरक्षण बढ़ाकर 27 फीसदी करने की घोषणा कर लागू भी कर दिया था। इसके बाद यह मामला कोर्ट में चले गया था। कोर्ट ने कहा है कि ओबीसी वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है। मध्यप्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के मामले में 2019 में 14 से 27 फीसदी आरक्षण कर दिया था। बाद में यह न्यायिक प्रक्रिया में आ गया।