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बड़े तालाब में अतिक्रमण का खुलासा, 300 से ज्यादा बंगलों और होटलों पर लाल निशान, कार्रवाई जल्द

 भोपाल  शहर की लाइफ लाइन बड़े तालाब की सीमाओं को चिह्नित करने के लिए पिछले महीने सीमांकन की कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके तहत संत हिरदाराम नगर और टीटीनगर वृत्त के राजस्व अमले ने सीमांकन करते हुए एफटीएल से 50 मीटर दायरे में कोठी, बंगले, फार्म हाउस, होटल सहित 300 से अधिक निर्माण चिह्नित किए गए हैं। इन सभी पर राजस्व अमले ने लाल निशान लगाकर निर्माणकर्ताओं को नोटिस देकर दस्तावेज पेश करने का समय तक दिया था। इसको लेकर तहसीलदारों ने अतिक्रमणों की रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही एसडीएम द्वारा कलेक्टर के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद ही इन पर बुलडोजर चलाने का फैसला लिया जाएगा। सोमवार को हुई समय सीमा बैठक में कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने बड़े तालाब की सीमा में हुए अतिक्रमणों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। जानकारी के अनुसार, संत हिरदराम नगर वृत्त के राजस्व अमले ने टीएंडसीपी, नगर निगम व वन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में 25 फरवरी से वीआईपी रोड पर सीमांकन शुरू करवाया था। इस दौरान वीआइपी रोड पर शासकीय बंगला, निजी इमारत, कोचिंग सेंटर, खानूगांव में मैरिज गार्डन, लान, झुग्गी, आर्मी का खेल परिसर, डेयरी, हलालपुर में मैरिज गार्डन, स्टील फैक्ट्री, बोरवन, बेहटा सहित अन्य में करीब 150 झुग्गियां 50 मीटर दायरे में चिह्नित की गई थी। इसी तरह टीटीनगर वृत्त के राजस्व अमले ने प्रेमपुरा, सूरज नगर, गौरा, सेवनियां गौड़, बिशनखेड़ी सहित अन्य क्षेत्र में बड़े तालाब की सीमाओं को चिह्नित करने सीमांकन कराया गया था। इस दौरान आलीशान कोठी, बंगले, फार्म हाउस, होटल, रेस्टोरेंट सहित 100 से अधिक निर्माण मिले थे। दोनों ही वृत्त के तहसीलदारों ने चिह्नित निर्माण के आधार पर नाम सहित रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें निजी व शासकीय दोनों ही भूमि 50 मीटर दायरे में स्थित हैं। अब दस्तावेज के आधार पर किया जाएगा फैसला तहसीलदारों ने दोनों वृत्त की रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंप दी है, अब जल्द ही कलेक्टर के साथ होने वाली बैठक में वह रिपोर्ट पेश करेंगे। सभी निर्माणकर्ताओं को दस्तावेज पेश करने का समय दिया था, लेकिन अधिकांश ने अनुमति संबंधी दस्तावेज नहीं दिए हैं। ऐसे में जल्द ही जिला प्रशासन, नगर निगम के साथ मिलकर अतिक्रमणों को तोड़ने की बड़ी कार्रवाई कर सकता है।     बड़े तालाब के एफटीएल से 50 मीटर दायरे में सीमांकन की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। राजस्व अमले ने अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जिनके निर्माण हैं उन्हें दस्तावेज पेश करने का समय दिया गया था। अब जल्द ही अतिक्रमण हटाने और तालाब को संरक्षित करने की कार्रवाई की जाएगी। कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर  

404 किमी लंबा अटल प्रोग्रेस-वे बनेगा कोटा-इटावा के बीच, NHAI 3 जिलों की जमीन लेकर देगा दो गुना पैसा

 भोपाल  कोटा से इटावा के बीच 404 कि.मी लंबे अटल प्रोग्रेस-वे अब पुराने रूट अलाइनमेंट पर ही बनाने की योजना है। राज्य शासन से संकेत मिलने के बाद नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (NHAI) ने मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में स्थित 90 गांवों की पूर्व में चिह्नित की गई जमीन का सत्यापन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा, श्योपुर के 48 और भिंड के 23 गांव भी इसमें शामिल हैं, जिनके सत्यापन होना है। तीन साल पहले चिन्हित की गई जमीनों का दोबारा सत्यापन कराने के पीछे कारण ये है कि, इस गैप के दौरान किसानों ने अधिग्रहण के लिए चिह्नित जमीनों को कहीं बेच तो नहीं दिया। सत्यापन के बाद जमीन अधिग्रहण के लिए किसानों के नाम उनके गांव और रकबा प्रकाशित किया जाएगा। दावे-आपत्ति पूरी होते ही खातों ट्रांसफर होगा पैसा दावे-आपत्ति के बाद किसानों के बैंक खातों में उनसे ली गई जमीन का पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा। अटल प्रोग्रेस-वे का पुराना रूट अलाइनमेंट 90 गांव से होकर गुजरेगा। इसमें सबलगढ़ के 11 गांव, जौरा के 29 गांव, मुरैना के 15 गांव, अंबाह के 10 गांव, पोरसा के 25 गांव की जमीन शामिल हैं। नए रूट अलाइनमेंट के विरोध के बाद रोकी गई थी कार्रवाई 6 साल पहले 2020 में जब इस प्रोजेक्ट का सर्वे किया गया तो किसानों की जमीन का अधिग्रहण किए जाने के लिए उनकी सूची तैयार की गई थी। भूमि अधिग्रहण होता उससे पहले केंद्र सरकार ने अटल प्रोग्रेस-वे का रूट अलाइनमेंट चेंड कर दिया। लेकिन, नए रूट अलाइनमेंट के बाद किसानों में असंतोष दिखने लगा, क्योंकि नए रूट अलाइनमेंट में किसानों की ज्यादा जमीनें जा रही थी। इस दौरान सबलगढ़ से पोरसा के बीच किसानों में कड़ा विरोध भी देखने को मिला, जिसके चलते पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई अप्रैल 2023 में तत्काल प्रभाव से रुकवा दी। 3 साल बाद धरातल पर आया प्रोजेक्ट इसके बाद 3 साल ये प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में रहा, लेकिन अब एक बार फिर ये धरातल पर आया है। केंद्र सरकार के भूतल परिवहन मंत्रालय की पहल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 23 हजार 645 करोड़ रुपए लागत के अटल प्रोग्रेस-वे का निर्माण पुराने रूट अलाइनमेंट पर कराने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर गाइडलाइन का दो गुना मुआवजा मिलेगा इसमें अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण किसानों को उनकी जमीन लेने के बदले कलेक्टर गाइडलाइन का दो गुना मुआवजा देगा। पुराने रूट अलाइनमेंट में कम जाएगी किसानों की जमीन अटल प्रोग्रेस-वे का निर्माण पुराने रूट अलाइनमेंट पर कराए जाने की दशा में 90 गांव के 2089 किसानों की महज 488.01 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। 450 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन बची वहीं, अगर नए रूट अलाइनमेंट पर अटल प्रोग्रेस-वे का निर्माण होता तो 96 गांव के 14137 किसानों की 935.3 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की जाती। अंतर साफ स्पष्ट है कि पुराने रूट अलाइनमेंट पर अटल प्रोग्रेस-वे बनाने से 12 हजार किसानों की 450 हेक्टेयर से अधिक जमीन बच रही है, जो आजीवन उनकी केती के इस्तेमाल में आती रहेगी। फिर सड़कों पर उतरेंगे किसान अटल प्रोग्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर मप्र किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी का कहना है कि किसानों को उनकी जमीन का चार गुना मुआवजा देने के आदेश मुख्यमंत्री को तत्काल प्रभाव से करने चाहिए। किसान दो गुना मुआवजा में तो अपनी जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए कतई नहीं देंगे। आंदोलन पहले भी हुआ था और अब फिर से सड़कों पर उतरेंगे किसान। मध्य प्रदेश में एंट्री श्योपुर से होगी कोटा से 78 किलोमीटर दूरी के बाद प्रोग्रेस-वे की श्योपुर से प्रदेश में एंट्री होगी। श्योपुर के 48 गांव से ये हाइवे गुजरेगा। यहां के छीताखेड़ी, जालेरा, जुवाड़, सिरसोद, जैनी समेत 26 गांव ऐसे हैं, जो कि बीहड़ क्षेत्र में मौजूद हैं या उससे बिल्कुल सटे हुए हैं। इन क्षेत्रों में अच्छे पहुंच मार्ग भी अभी नहीं हैं। 43 गांव चंबल के बीहड़ क्षेत्र से जुड़े हैं श्योपुर के बाद मुरैना के सबलगढ़, जौरा, मुरैना, अंबाह, पोरसा से होते हुए 90 गांव से ये हाईवे जुड़ेगा। जिनमें 43 गांव ऐसे हैं जो कि चंबल के बीहड़ क्षेत्र से जुड़े हैं या उसमें ही मौजूद हैं। यहां गढुला, बंथर, अटार, गरजा, डंडोली, गूंज, रछेड़, धोर्रा समेत अन्य गांव बीहड़ के कारण विकास की मुख्य धारा से आज भी पिछड़े हुए हैं। पोरसा के रायपुर के बाद प्रोग्रेस-वे भिंड से जुड़ेगा मुरैना के पोरसा के रायपुर के बाद प्रोग्रेस-वे भिंड से जुड़ेगा। यहां के 25 गांव से होते हुए इसे उप्र के इटावा से जोड़ा जाएगा। शुरुआत में प्रोग्रेस वे भिंड शहर से सटे बरही और रानीपुरा गांव से गुजरेगा। इसके बाद अटेर क्षेत्र के 23 गांव से प्रोग्रेस-वे गुजरना है। भिंड के 13 गांव ऐसे हैं जो बीहड़ में मौजूद हैं या उससे सटे हुए। 3 राज्यों को कवर कर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से मिलेगा अटल प्रोग्रेस-वे अटल प्रोग्रेस-वे को राजस्थान से मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश तक ले जाया जाएगा। 404 किलोमीटर लंबा ये प्रोग्रेस वे राजस्थान में कोटा के सीमाल्या गांव से शुरू होगा और फिर श्योपुर, मुरैना से भिंड होते हुए इटावा तक पहुंचेगा। वहां इटावा के ननवा गांव से प्रोग्रेस-वे को बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा। पूरे मार्ग में करीब 150 गांव प्रोग्रेस-वे से कवर होंगे और इमनें से 85 गांव ऐसे हैं जो चंबल के बीहड़ कहलाते हैं या उन बीहड़ों से सटे हैं।

हनुमान लोक का लोकार्पण प्रदेश में रामराज्य की स्थापना के प्रति राज्य सरकार की आस्था का प्रकटीकरण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार "सच्चा वादा और पक्का काम" के ध्येय को साकार करते हुए संकल्प से सिद्धि की ओर बढ़ रही है। उज्जैन में 3 साल पहले बाबा महाकाल का महालोक बना। उसके बाद प्रदेश में प्रमुख तीर्थ स्थलों को धाम के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। आज चैत्र नवरात्रि में पांढुर्णा के जामसांवली मंदिर में  हनुमान लोक सहित 362 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन अद्भुत अवसर है। उन्होंने जामसांवली  हनुमान लोक के दूसरे चरण के विकास कार्यों के लिए घोषणा की तथा बताया कि यहां श्रद्धालुओं के लिए 10 बिस्तर का छोटा अस्पताल भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राम नवमी के अवसर पर शुक्रवार को भोपाल से राजा रामचंद्र धाम ओरछा के लिए पीएम हेलीकॉप्टर सेवा का शुभारंभ होगा।  हनुमान लोक का लोकार्पण प्रदेश में राम राज्य की स्थापना के प्रति सरकार की आस्था को प्रकट करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पांढुर्णा में स्थित जामसांवली मंदिर में  हनुमान लोक के प्रथम चरण के लोकार्पण अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 111 करोड़ 63 लाख रूपए की लागत के 31 विकास कार्यों का लोकार्पण और 251 करोड़ 18 लाख रूपए की लागत के 33 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की बहनों को ऋण स्वीकृति पत्र और किसानों को पट्टों का वितरण किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पांढुर्णा जिले की पहचान संतरे की डलिया भेंट की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश केसाथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। खाड़ी में युद्ध की स्थिति में प्रधानमंत्री भारत के स्वाभिमान के साथ विदेश नीति पर निर्णय ले रहे हैं। भारत सरकार के संकल्प से ही संकट के समय विदेशों में फंसे हजारों भारतीयों की स्वदेश वापसी संभव हो पाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान  हनुमान ने जीवन में बड़ी चुनौतियों का अडिग रहते हुए सामना किया। प्रभु राम ने संकट के समय जब भी हनुमान जी को याद किया, उन्होंने पल भर में समस्या का समाधान कर दिया। जय बजरंगबली से हमें सीख मिलती है कि जीवन में कभी भी विनम्रता को नहीं छोड़ना चाहिए। साथ ही मन-बुद्धि के साथ अपने शरीर के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नव गठित पांढुर्णा जिले में लंबे समय से कलेक्टर कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय की आवश्यकता थी। इसकी पूर्ति करते हुए अब पांढुर्णा को जिला पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालय के भवन की सौगात भी मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पांढुर्णा जिले के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जामसांवली  हनुमान लोक के दूसरे चरण के विकास कार्य शुरू किए जाएंगे। पांढुर्णा में 10 एकड़ भूमि पर इंडोर और आउट डोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। जिले में नगरपालिकाओं के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। पांढुर्णा जिले में महिला पुलिस थाना बनाया जाएगा। सौंसर में कृषि विकास केंद्र स्थापित करने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कन्हान नदी पर 30 करोड़ 50 लाख रूपए की लागत से बने पुल, मोहगांव से नांदनवाडी तक 22 करोड़ 68 लाख रूपए की लागत से बनी 24 कि.मी. लंबी सड़क, विभिन्न ग्रामों की नल-जल योजनाओं, नगर पालिका परिषद सौंसर के विभिन्न कार्यों, शासकीय महाविद्यालय पांढुर्णा में अतिरिक्त कक्ष और 4 ग्राम पंचायतों में अटल सेवा केन्द्रों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया, उनमें 69 करोड़ 49 लाख रूपए की लागत से बनने वाला संयुक्त जिला कार्यालय भवन सहित जिला चिकित्सालय और शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के विभिन्न विकास कार्य, 21 करोड़ 48 लाख रूपए की लागत से बनने वाला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तथा पुलिस विभाग से जुड़े विभिन्न विकास कार्य, 61 करोड़ 38 लाख रूपए की लागत से पांढुर्णा में बनने वाला रेलवे ओवर ब्रिज प्रमुख हैं। इसके साथ ही सौंसर में अमृत 2.0, राजस्व विभाग के अंतर्गत विभिन्न आवासों, शासकीय उच्चतर विद्यालयों में बनने वाली प्रयोगशालाओं का भी भूमि-पूजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में किसानों को दिन में भी बिजली प्रदाय की जाएगी। किसान फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, दूध उत्पादन और मत्स्य पालन से भी अपनी आय बढ़ाएं। देश के किसान प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाएं। राज्य सरकार ने दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी सत्र से शासकीय स्कूलों के बच्चों को माता यशोदा योजना में दूध के नि: शुल्क टेट्रा पैकेट वितरित किये जाएंगे। स्कूली बच्चों को साल भर में 5 लाख साइकिलें बांटी गई हैं। कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी भी बांटी जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए संकल्पित है। प्रदेश में अब तक 70 हजार पदों के लिए नियुक्ति पत्रों का वितरण हो चुका है। इसमें ऊर्जा विभाग के 50 हजार पदों पर भर्ती शामिल है। हमारी सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में 42 हजार पदों पर नई भर्ती को भी स्वीकृति दी है। इसी वर्ष लगभग एक लाख नियुक्तियां पूरी कर ली जाएंगी। आगामी समय में युवाओं को 2.5 लाख नियुक्तियों की सौगात मिलेगी। ऊर्जा मंत्री एवं पांढुर्णा जिले के प्रभारी  प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पांढुर्णा जिले को कई विकास कार्यों की सौगात दी है। नवगठित जिले में विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान की जा रही है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने कहा कि राम नवमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को  हनुमान लोक की अनुपम सौगात मिली है। मंत्री  लोधी ने इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सौंसर विधायक  विजय चौरे, पांढुर्णा विधायक  नीलेश उईके, पूर्व राज्यमंत्री  नाना भाऊ मोहोड़, जामसांवली  हनुमान धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष  गोपाल शर्मा सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।  

‘एम.पी. के चीता बीज’ को विश्व स्तरीय ब्रांड बनाने की होगी पहल

भोपाल  सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने राज्य सहकारी बीज एवं विपणन संघ मर्यादित, भोपाल (बीज संघ) के संचालक मंडल की बैठक में बीज उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसानों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि बीज संघ द्वारा मक्का, नॉन-जीएम कपास एवं सब्जियों के हाइब्रिड बीजों का उत्पादन एवं विपणन किया जाएगा। किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज बाजार मूल्य की तुलना में लगभग आधी कीमत पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री  सारंग ने कहा कि इससे किसानों की लागत कम होगी और उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी। मंत्री  सारंग ने बीज संघ के ‘चीता बीज’ को विश्व स्तरीय ब्रांड के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए बीजों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा सोशल मीडिया, कृषि मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। बैठक में बताया गया कि बीज प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई सीड प्रोसेसिंग यूनिट एवं कलर सॉर्टेक्स मशीनें स्थापित की जाएंगी। प्रथम चरण में यह कार्य गुना एवं खरगोन में प्रारंभ किया जाएगा, जिसे पैक्स एवं सहकारी समितियों के माध्यम से प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तारित किया जाएगा। मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि किसानों को बीज उत्पादन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। जिन किसानों ने बीज उत्पादन में अच्छा कार्य किया है, उनके माध्यम से अन्य किसानों को प्रशिक्षण दिया जाए तथा प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बीज उत्पादन योजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने कहा कि बीज संघ आगामी समय में बीज उत्पादन, ब्रांडिंग, प्रसंस्करण एवं विपणन को मजबूत करते हुए किसानों को किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ कार्य करे। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक वर्णवाल, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक संस्थाएं मती शीला दाहिमा, राज्य विपणन संघ के प्रबंध संचालक  अभिजीत अग्रवाल, बीज निगम के प्रबंध संचालक  महेंद्र दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हिनौती गौधाम के निर्माण कार्यों की समीक्षा की

भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने न्यू सर्किट हाउस रीवा में हिनौती गौधाम में निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसी को निर्देश दिये कि शेष कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने गौ शेड के अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन गेस्ट हाउस के शेष कार्य आगामी 3 दिनों में पूर्ण करें। उन्होंने कार्यो के भुगतान के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा को दी 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। गरीब, किसान, महिला और युवा सहित सभी वर्गों का कल्याण राज्य सरकार का संकल्प है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान, दोनों बराबर हैं। प्रदेश के किसानों को सालभर में 12 हजार रुपए की सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिल रही है। अन्नदाता की समृद्धि के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों की समृद्धि में ही प्रदेश की खुशहाली है। इसी ध्येय से किसानों को फसल उत्पादन के साथ-साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण से आय दोगुनी करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह प्रदेश का स्वर्णिम काल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगीकरण और युवाओं को रोजगार से जोड़ने में सबसे आगे है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिले को 500 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 105 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 133 करोड़ की लागत के तामिया-जुन्नारदेव मार्ग, नल जल योजना के कार्य, पुलिस आवास गृह, माध्यमिक विद्यालय भवन और छात्रावास सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय के लिए नया भवन बनाए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से प्रदेश के 7008 श्रमिकों के खातों में संबल योजना की 157 करोड़ की राशि का अंतरण किया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में 55 लाख से अधिक हितग्राहियों को 463 करोड़ की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र एवं हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चैत्र नवरात्रि की महा अष्टमी के दिन छिंदवाड़ा में दीप प्रज्ज्वलित कर एवं कन्या पूजन से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रदेशवासियों को दी महाअष्टमी और राम नवमी की मंगलकामनाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिंदवाड़ा को लगभग 500 करोड़ और पांढुर्णा को 350 करोड़ से अधिक की अनुपम सौगात मिली है। छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के पास जामसांवली में  हनुमान लोक के लोकार्पण का सौभाग्य मिला। भगवान  हनुमान के बिना तो रामराज्य भी अधूरा सा लगता है। हमारा शासनकाल भगवान राम के राज्य जैसा होना चाहिए। राज्य सरकार अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अब मध्यप्रदेश के पवित्र चित्रकूट धाम को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। विरासत को विकास से जोड़ते हुए प्रदेश में राम गमन पथ का कार्य जारी है। उज्जैन में बाबा महाकाल, जामसांवली  हनुमान धाम, सतना की शारदा मैया जैसे अनेक प्रसिद्ध धर्म स्थलों में महत्वपूर्ण तीर्थ होने के नाते सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सांसद  बंटी विवेक साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एक कर्मयोगी की तरह प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। पांढुर्णा में आज  हनुमान लोक का लोकार्पण होने के साथ ही दूसरे चरण के कार्यों की भी घोषणा की गई है। छिंदवाड़ा के जनजातीय अंचलों के लिए 84 उप-स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ-साथ बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए विद्यालय और छात्रावास की भी सौगात मिली है। तामिया-जुन्नारदेव सड़क 2 जिलों को जोड़ रही है। छिंदवाड़ा में एयरपोर्ट के विकास से क्षेत्र की एक अलग पहचान बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों के कल्याण के लिए 2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है। छिंदवाड़ा कॉर्न (मक्का) सिटी है। छिंदवाड़ा जिले में आज 350 करोड़ से अधिक लागत के सिर्फ लोकार्पण हुए हैं। कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

CM कार्यक्रम से लौटते समय हादसा, छिंदवाड़ा में बस पलटने से 3 की मौत और कई घायल

छिंदवाड़ा सिमरिया मंदिर के पास बस और पिकअप वाहन की आमने-सामने टक्कर में बड़ा हादसा हो गया। टक्कर के बाद बस पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह बस छिंदवाड़ा से भंडारकुंड जा रही थी और यात्री सीएम के कार्यक्रम से लौट रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अस्पताल पहुंचाए गए घायल घटना के तुरंत बाद प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को जल्द इलाज दिलाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। राहत-बचाव कार्य जारी हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तेज किया गया। गंभीर रूप से घायलों का इलाज जारी है, जबकि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया चल रही है।

बिजली दरों में बढ़ोतरी का झटका! MP में 1 अप्रैल से नई दरें लागू, EV चार्जिंग टाइमिंग बदली

भोपाल मध्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव सामने आया है। MPERC ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ आदेश जारी कर दिया है, जिसमें अलग-अलग श्रेणियों के लिए नई दरें तय की गई हैं। बिजली की दरों में 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई है। इस बार घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक और कृषि सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग टैरिफ स्ट्रक्चर लागू किया गया है। खास बात यह है कि लो टेंशन (LT) उपभोक्ताओं को राहत देते हुए न्यूनतम शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। इससे कम बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर खर्च का बोझ कम होने की संभावना है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्लैब सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी जितनी कम खपत, उतना कम बिल और ज्यादा खपत पर ज्यादा दरें लागू रहेंगी। वहीं, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें उनके लोड और खपत के आधार पर तय की जाएंगी।

मंत्री सारंग ने मार्कफेड को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

मंत्री सारंग के मार्कफेड को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के निर्देश बंद इकाइयों के पुनरुद्धार और संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग पर भी जोर 10.80 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य पैक्स केंद्रों पर किसानों को बेहतर सुविधाएं देने के निर्देश राज्य सहकारी विपणन संघ की गतिविधियों की समीक्षा भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) कार्यालय में समीक्षा बैठक में संघ की गतिविधियों, उर्वरक वितरण व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन, परिसंपत्तियों के उपयोग एवं व्यवसाय विस्तार की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री सारंग ने कहा कि मार्कफेड को आत्मनिर्भर, आधुनिक एवं व्यावसायिक रूप से मजबूत संस्था बनाने के लिए सभी अधिकारी लक्ष्य आधारित कार्य करें। उन्होंने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, बंद औद्योगिक इकाइयों को पुनः प्रारंभ करने, संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग करने तथा गोदामों के पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उर्वरक (खाद) प्रबंधन एवं वितरण बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 10.80 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध 23 मार्च तक 6.70 लाख मीट्रिक टन का भंडारण हो चुका है। किसानों को स्थानीय स्तर पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मंत्री सारंग ने वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा करते हुए बैंकों से प्राप्त ऋण एवं लंबित बकाया राशि की शीघ्र वसूली के निर्देश दिए, जिससे उर्वरक कंपनियों को भुगतान में कोई बाधा नहीं आए। उन्होंने कहा कि संस्था की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाना प्राथमिकता है। परिसंपत्ति प्रबंधन एवं डिजिटल ट्रैकिंग मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि संघ की सभी अचल संपत्तियों की मैपिंग कर उनका विवरण ‘संपदा पोर्टल’ पर अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए। साथ ही अचल संपत्तियों की सुरक्षा एवं व्यावसायिक उपयोग के लिये विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर मुख्यालय भेजी जाए। बैठक में भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर एवं अन्य स्थानों पर बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को प्रारंभ करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए। उज्जैन स्थित पेट्रोल पंप को तत्काल पुनः प्रारंभ करने तथा मुख्य मार्गों पर स्थित भूमि पर नए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स/पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिये वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के भी निर्देश दिए गए। ईईसी एवं एनसीडीसी योजना के पुराने गोदामों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने तथा उपार्जन प्रक्रिया में संघ के 316 गोदामों (क्षमता 7.84 लाख मीट्रिक टन) का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा गया। संगठनात्मक लक्ष्य एवं अनुसंधान मार्कफेड के कायाकल्प के लिये गठित विशेष अनुसंधान समिति को 15 दिवस के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। “को-ऑपरेशन एमंग को-ऑपरेटिव्स” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए कृषि विपणन आंदोलन को राज्य स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। मंत्री सारंग ने कहा कि मार्कफेड के माध्यम से कृषि विपणन आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा तथा संस्था की वित्तीय स्थिति का सटीक आकलन इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक पूर्ण किया जाएगा। बैठक में राज्य विपणन संघ के प्रबंध संचालक अभिजीत अग्रवाल, सचिव महेंद्र दीक्षित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।   

वन्य-जीव संरक्षण में सहयोग करने की वन विभाग ने की अपील

भोपाल  वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 में प्रतिबंधित वन्य-जीवों की अवैध बिक्री, खरीद-फरोख्त एवं पालन को रोकने के लिए वन विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। फरवरी 2026 में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अनुसूची-I प्रजाति के 313 जीवित कछुओं को जप्त किया गया और इस मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया। वन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचीबद्ध वन्य-जीवों का शिकार, व्यापार, परिवहन, कब्जा या पालन दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद बाजार में कुछ पेट शॉप और एक्वेरियम दुकानों में प्रतिबंधित कछुओं, पक्षियों एवं अन्य जीवित प्रजातियों की अवैध बिक्री की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जो पूर्णतः गैरकानूनी है और वन्य-जीवों की प्राकृतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध है। वन विभाग ने दुकानदारों और पालतू पशु-पक्षी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति CITES प्रजातियों का व्यापार न करें और अपने प्रतिष्ठान में उपलब्ध पशु-पक्षियों से संबंधित वैध दस्तावेज सुरक्षित रखें। साथ ही प्रतिबंधित प्रजातियों की सोशल मीडिया या ऑनलाइन माध्यमों से बिक्री और प्रचार-प्रसार से भी दूर रहने को कहा गया है। आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे प्रतिबंधित वन्य-जीवों को न खरीदें और न ही घरों में पालें। यदि किसी के पास ऐसी जानकारी हो तो तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। अवैध वन्य-जीव व्यापार की सूचना वन विभाग के टोल फ्री नंबर 0755-2524000 पर भी दी जा सकती है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन्य-जीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 7 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य-जीव)  एल. कृष्णामूर्ति ने नागरिकों, पेट शॉप संचालकों एवं मीडिया से वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा के लिए सहयोग करने की अपील की है।