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शिवराज सिंह चौहान का अहम बयान, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बताया खास फॉर्मूला

 बुदनी एमपी के सीहोर जिले के बुदनी केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान में आयोजित 'कृषि एक्सपो-2026' के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और कृषि क्षेत्र को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए बड़ा संदेश दिया। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। आगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुदनी में कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट 2026 में कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गई हैं। किसानों को नई तकनीकों से जोडऩे, कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और उत्पादन लागत घटाने के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है।  ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर कृषि मंत्री ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, छोटे और सीमांत किसानों के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे उन्हें सीधा लाभ मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने तकनीकी नवाचार को कृषि का भविष्य बताते हुए कहा कि डिजिटल कृषि, स्मार्ट फार्मिंग और अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रशिक्षण, जागरुकता और तकनीकी मार्गदर्शन देकर उन्हें आधुनिक खेती की ओर अग्रसर किया जा रहा है। बुदनी को मिला विकास का नया आयाम केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यहां स्थित संस्थान को अब बहुआयामी स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही, बुदनी में कृषि इंजीनियङ्क्षरग कॉलेज खोलने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कृषि शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी विकास को नई दिशा मिलेगी। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए अवसर बढ़ाएगी, पूरे क्षेत्र के कृषि विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में व्यापक और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होगी बहनों की पंचायत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री निवास में होगी बहनों की पंचायत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त हो रहा है : बहनों से संवाद का क्रम जारी रहेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहनों का किया स्वागत "बहनों की पाती-भैया के नाम" कार्यक्रम को बताया आत्मीय पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जन्म दिवस पर पाती लेकर बहनें पहुंची मुख्यमंत्री निवास भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके जन्म दिवस 25 मार्च को प्रातः "बहनों की पाती-भैया के नाम" लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभिव्यक्ति "बहनों की पाती-भैया के नाम" एक आत्मीय पहल है। बहनों का आशीर्वाद हमें निरंतर प्राप्त होता रहा है। प्रदेश की बहनों ने अपने मन के भाव, अनुभव और सुझाव पाती के माध्यम से व्यक्त किए हैं। बहनों ने अपने भैया के प्रति विश्वास, स्नेह और सम्मान को शब्दों में पिरोया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के स्वाभिमान और सशक्तिकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में जल्द ही बहनों से संवाद के लिए विशेष पंचायत आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी देश में गरीब, युवा, नारी और किसान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रदेश में बहनों के कल्याण का कार्य मिशन मोड में चल रहा है। राज्य सरकार ने नारी सशक्तिकरण के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक के बजट का प्रावधान किया है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब हमारी बहनें कारखानों और उद्योगों में भी नेतृत्व कर रही हें। राज्य सरकार महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पहुंची बहनों से महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी को अधिक से अधिक प्रसारित करने में सहयोग का आहवान किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक है कि हर पात्र बहन आत्मनिर्भरता और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का लाभ लें।

भिंड के भारतीय छात्र की स्कॉटलैंड में संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

भिंड  स्कॉटलैंड में पढ़ाई कर रहे ग्वालियर-भिंड के 21 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया है, लेकिन परिजनों ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भारत में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है। मृतक छात्र फॉरेंसिक साइंस में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम काम भी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, वह पढ़ाई में अव्वल था और हर महीने अच्छी आय भी अर्जित कर रहा था। ऐसे में परिवार का कहना है कि उसके आत्महत्या करने का कोई कारण नजर नहीं आता। परिजनों के मुताबिक, 5 मार्च को छात्र ने अपने परिवार से लंबी वीडियो कॉल पर बात की थी और जल्द घर लौटने का भरोसा दिया था। इसके दो दिन बाद संपर्क टूट गया और 7 मार्च को उसकी मौत की सूचना मिली। इस बीच, परिवार को घटना की जानकारी भी कई दिन बाद दी गई, जिससे संदेह और गहरा गया है। परिवार ने मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौत के आसपास छात्र के बैंक खाते से बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन हुआ, जो संदिग्ध है। इसके अलावा, जिन दोस्तों के संपर्क नंबर छात्र ने दिए थे, वे अब जवाब नहीं दे रहे हैं। छात्र के हॉस्टल का दरवाजा खुला मिलने और मोबाइल डेटा के गायब होने को लेकर भी परिजन शंका जता रहे हैं। पिता ने प्रशासन और केंद्र सरकार से बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, शव 27 मार्च तक दिल्ली पहुंच सकता है। इसके बाद परिजन ग्वालियर में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि संबंधित विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ समय में अन्य संदिग्ध मौतों और एक छात्र के लापता होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे परिवार की आशंका और मजबूत हो गई है।फिलहाल, परिवार न्याय की उम्मीद में सरकारी एजेंसियों की ओर देख रहा है और पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहा है। कर्ज लेकर पढ़ने भेजा था मूल रूप से भिंड के मौ कस्बा निवासी किसान कुलदीप श्रीवास्तव ने इकलौते बेटे संस्कार श्रीवास्तव के लिए लगभग 40 लाख रुपए कर्ज लिया था। कर्ज लेकर जिस बेटे को पढ़ने विदेश भेजा था। 7 मार्च को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। मां को तो बेटे की मौत के बारे 10-12 दिन बाद बताया। अब 20 दिन बीत जाने के बाद भी मां-पिता की पथराई आंखें बेटे के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रही हैं। मामला संदिग्ध, दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग पिता कुलदीप आंखों के रोग के कारण कम देख पाते हैं। उन्होंने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और भारत सरकार से गुहार लगाई है कि बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए। जानकारी के मुताबिक, संस्कार का शव 27 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकता है। परिजन की मांग है कि ग्वालियर के जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में शव का वापस पोस्टमॉर्टम कराया जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। पूरे परिवार को यकीन है कि संस्कान सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता है। परिजनों के 5 बड़े सवाल? संस्कार की मां नीलम और चाचा अनूप श्रीवास्तव ने पुलिस और प्रशासन के सामने कुछ गंभीर सवाल रखे हैं।     संदेहास्पद ट्रांजैक्शनः मौत के बाद या उसके आसपास संस्कार के बैंक अकाउंट से करीब 2.50 लाख रुपए किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए हैं, जो अपने आप में पूरे मामले को संदिग्ध बता रहा है।     दोस्तों की चुप्पीः जिन 3 दोस्तों के नंबर संस्कार ने घर पर दिए, वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। उनकी चुप्पी ने पूरा मामला संदिग्ध कर दिया है।     हॉस्टल का खुला दरवाजाः यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उसने सुसाइड किया, लेकिन उसके रूम का दरवाजा खुला मिला। सवाल है कि वह दरवाजा खुला छोड़कर बाहर क्यों जाएगा?     यूनिवर्सिटी का रिकॉर्डः 13 महीनों में इस यूनिवर्सिटी में यह तीसरी संदिग्ध हालात में मौत है। इससे पहले 2025 में मेलिसा यंग और 2025 में रूबेन एगाडो भी मृत मिले थे। छात्रा यूएक्सिन काओ अब भी लापता हैं।     मोबाइल डेटाः संस्कार के मोबाइल का डेटा गायब है। उसके मोबाइल रिकॉर्ड से बहुत कुछ मिल सकता है। आखिरी वीडियो कॉल… अगले साल घर आऊंगा मां पिता कुलदीप ने रुंधी आवाज में बताया, 5 मार्च (होली) की रात संस्कार ने पूरे परिवार से करीब 2 घंटे वीडियो कॉल पर बात की थी। वह बहुत खुश था। उसने मां नीलम से वादा किया कि पढ़ाई पूरी कर अगले साल वह घर लौटेगा। दो दिन तक जब उसका फोन नहीं आया तो हमें चिंता हुई, क्योंकि वह अपनी मां से रोज बात करता था। उन्होंने यह बात जर्मनी में रहने वाले रिश्तेदार गौरव को बताई। उन्होंने स्कॉटलैंड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया। पहले जवाब आया संस्कार से बात कराते हैं। इसके बाद पुलिस ने कॉल कर पूछा आप संस्कार के कौन है? उन्होंने कहा कि चाचा लगते हैं। पुलिस ने बताया, संस्कार ने सुसाइड कर लिया है और माता-पिता का फोन नंबर लिया। इसके बाद 7 मार्च को यूनिवर्सिटी और भारतीय दूतावास से फोन आया कि संस्कार ने कॉलेज परिसर के पीछे सुसाइड कर लिया है। चाचा ने कहा-पढ़ने में तेज था संस्कार चाचा अनूप ने कहा कि संस्कार न केवल पढ़ाई में तेज था, बल्कि जिम्मेदार भी था। ग्वालियर के एमएलबी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद वह पीजी के लिए स्कॉटलैंड गया था। वहां वह पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब भी कर रहा था। उसे महीने के करीब 90 हजार से एक लाख रुपए मिलते थे। वह कहता था- मैं कमाने लगा हूं। घर पर पैसे की जरूरत हो तो भेज दूंगा। हमने उससे कहा कि बेटा पढ़ाई पर ध्यान दो। यहां कोई दिक्कत नहीं है। मां बोली- मेरे बेटे की हत्या की गई है दैनिक भास्कर से बात करते हुए संस्कार की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनका कहना है कि उनका बेटा बुजदिल नहीं था, जो सुसाइड करेगा। उससे वहां … Read more

LPG गैस बुकिंग के नए नियम 2026, अब सिलेंडर मिलेगा 2-3 दिन बाद

भोपाल  आम आदमी की रसोई पर एक बार फिर महंगाई और इंतज़ार की मार पड़ने वाली है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे अब उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के इस फैसले ने खासकर शहरों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। क्या बदला नए नियमों में? अब जिन उपभोक्ताओं के पास दो गैस सिलेंडर (डबल कनेक्शन) हैं, उन्हें अगली बुकिंग के लिए 35 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 25 दिन थी। यानी सीधे 10 दिन का अतिरिक्त इंतजार बढ़ा दिया गया है। ये आए नए नियम नए नियमों के मुताबिक जिन घरों में दो गैस सिलेंडर हैं उन्हें अब 35 दिन बाद ही नया सिलेंडर मिलेगा। जिनके पास एक सिलेंडर है उन्हें पहले की तरह 25 दिन बाद सिलेंडर मिलेगा। यानी सीधी सी बात है कि अब दो सिलेंडर रखने वालों को कुछ और  लंबा इंतजार करना होगा। एलपीजी सप्लाई को लेकर बदलते हालात के बीच सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब उज्ज्वला उपभोक्ताओं को दूसरे गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन की जगह 45 दिन का इंतजार करना होगा। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बुकिंग अंतर का फर्क भी खत्म कर दिया गया है। वहीं, एलपीजी संकट के चलते कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार ने 23 मार्च से होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 50 प्रतिशत गैस देने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रदेश में यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। अब नई व्यवस्था के तहत प्रतिष्ठानों को उनकी औसत खपत के आधार पर केवल 20 प्रतिशत गैस ही दी जाएगी और इसके लिए पहले जांच की जाएगी।  किसे कितने दिन इंतजार? डबल सिलेंडर वाले: 35 दिन बाद बुकिंग  सिंगल सिलेंडर वाले: 25 दिन (कोई बदलाव नहीं) उज्ज्वला योजना लाभार्थी: 45 दिन बाद बुकिंग 10 किलो कम्पोजिट सिलेंडर: 18 दिन बाद छोटे (5 किलो) सिलेंडर: 9 से 16 दिन सबसे बड़ा बदलाव क्या है? अब बुकिंग का समय पिछली डिलीवरी की तारीख से गिना जाएगा, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करेगा तो सिस्टम खुद ही रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर देगा। शहरों में ज्यादा असर क्यों? शहरी इलाकों में ज्यादातर परिवार डबल सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अब गैस खत्म होने पर तुरंत नया सिलेंडर मिलना आसान नहीं होगा।  कमर्शियल गैस पर भी असर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी दबाव में है। फिलहाल इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आपात सेवाओं और शिक्षण संस्थानों को ही दिया जा रहा है। सरकार का क्या कहना है? अधिकारियों के मुताबिक, ये बदलाव गैस की खपत को नियंत्रित करने और सप्लाई सिस्टम को संतुलित रखने के लिए किए गए हैं।  जरूरी सूचना: किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं। कुल मिलाकर: अब गैस सिलेंडर सिर्फ महंगा ही नहीं, बल्कि समय पर मिलना भी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पहले से प्लानिंग करके चलना होगा, वरना रसोई की आग ठंडी पड़ सकती है।

MP में मौसम का उतार-चढ़ाव: पूर्वी क्षेत्र में बादल, अन्य जगह तेज धूप, दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल   मध्यप्रदेश में इस समय मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं. जहां प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं उत्तर-पूर्वी हिस्सों में नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से बादल छाए हुए हैं और बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है. लिहाजा मौसम विभाग ने आगामी 27 और 28 मार्च को लेकर प्रदेश के कई संभागों में चेतावनी जारी की है।  पिछले 24 घंटों में भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में तेज गर्मी का असर देखा गया. आंकड़ों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है. मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल और मई के महीनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है. विशेषकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की आशंका जताई गई है. दरअसल, प्रदेश में अगले कुछ दिनों में दो नए मौसमी सिस्टम एक्टिव होने वाले हैं।  अगले दो दिन आंधी और हल्की बारिश होने के आसार पहला सिस्टम कल 26 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है. इसका असर अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा. जबकि दूसरा सिस्टम 28 मार्च को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जो मौसम के मिजाज को फिर से बदल देगा. जिसके चलते दो दिन 27 और 28 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है. हालांकि, इस साल मार्च का महीना पिछले 10 सालों के आंकड़ों से अलग नजर आ रहा है. एक तरफ स्ट्रॉन्ग सिस्टम के कारण प्रदेश में लगातार तीन दिनों तक ओले गिर चुके हैं।  27-28 मार्च को दिखेगा असर इस सिस्टम का प्रभाव अगले दो दिनों तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा, जहां तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। एक और सिस्टम होगा सक्रिय मौसम विभाग के अनुसार, 28 मार्च को एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। रायसेन सबसे गर्म, पचमढ़ी में सबसे कम न्यूनतम तापमान साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना हुआ है. प्रदेश में बीते दिन सर्वाधिक अधिकतम तापमान रायसेन में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान नर्मदा पुरम के पचमढ़ी में 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा।  रीवा-सागर में बारिश, खंडवा-रतलाम में गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात रीवा और सागर में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंगलवार को मालवा-निमाड़ काफी गर्म रहा। खंडवा में पारा 38.1 डिग्री और रतलाम में पारा 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री, खरगोन-रायसेन में 37.6 डिग्री, धार-मंडला में 36.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 36 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। 26 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज और सीधी. 27 मार्च को इन जिलों में बारिश के आसार पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, अनूपपुर और शहडोल. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 34.4°C इंदौर में 35.0°C जबलपुर में 35.6°C ग्वालियर में 33.5°C उज्जैन में 35.8°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  17.8°C इंदौर में 17.4°C जबलपुर में 19.4°C ग्वालियर में 17.1°C उज्जैन में 16.8°C भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।

आसाराम के बेटे नारायण साईं ने कुटुम्ब न्यायालय में दी पेशी, पत्नी ने दायर की तलाक की याचिका

इंदौर  स्वयंभू संत आसाराम का बेटा नारायण साईं कथित मानसिक क्रूरता को लेकर अपनी पत्नी की ओर से दायर तलाक के मुकदमे में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इंदौर के कुटुम्ब न्यायालय में पेश हुआ और बयान दर्ज कराया। मामले से जुड़े वकीलों ने यह जानकारी दी। नारायण साईं दुष्कर्म के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद गुजरात के सूरत के जेल में बंद है। जिसके बाद उसे पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ इंदौर के कुटुम्ब न्यायालय में लाया गया। इस दौरान अदालत परिसर में उसकी इंदौर निवासी पत्नी जानकी हरपलानी भी मौजूद थीं। हालांकि, उन्होंने मीडिया के सामने चुप्पी साधे रखी। एकमुश्त मांगी 5 करोड़ की रकम मामले से जुड़े वकीलों ने बताया कि जानकी की ओर से पेश तलाक के मुकदमे में नारायण साईं कुटुम्ब न्यायालय में पेश हुआ। वकीलों ने बताया कि यह मुकदमा जानकी ने अपने पति पर मानसिक क्रूरता और अन्य आरोप लगाते हुए दायर किया है जिसमें उन्होंने एकमुश्त पांच करोड़ रुपए की स्थायी भरण-पोषण राशि की मांग की है। अदालत ने दी 1 अप्रैल की अगली तारीख वकीलों ने बताया कि करीब 90 मिनट की पेशी के दौरान अदालत में नारायण साईं का बयान दर्ज किया गया और फिर जानकी के वकीलों ने उससे जिरह की। अदालत ने मुकदमे में दोनों पक्षों की अंतिम बहस के लिए एक अप्रैल की तारीख तय की है। कुटुम्ब न्यायालय ने नारायण साईं को वर्ष 2018 में आदेश दिया था कि वह अपनी पत्नी जानकी को हर महीने 50,000 रुपए की भरण-पोषण राशि प्रदान करे। हालांकि जानकी की ओर से अदालत में कहा गया है कि पिछले आठ साल से उनके पति की ओर से उन्हें भरण-पोषण राशि अदा नहीं की गई है।

AAP विधायक शिवपुरी से गिरफ्तार, रेप मामले में फरार थे; पंजाब पुलिस ने बिना सूचना की छापेमारी, 3 सहयोगी भी पकड़े गए

शिवपुरी  पंजाब के पटियाला की पुलिस ने दो साल पुराने रेप केस में 6 महीने से फरार चल रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक हरमीत पठानमाजरा को मध्य प्रदेश के ग्वालियर-शिवपुरी बायपास से गिरफ्तार किया है। वे पंजाब की सनौर सीट से पहली बार विधायक बने थे। भगोड़ा घोषित किए जा चुके और ऑस्ट्रेलिया भाग गए विधायक को पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए भारत लौटने के 5 दिन बाद दो दिन के लगातार ऑपरेशन के बाद पकड़ा है। इस कार्रवाई के दौरान उनके 3 साथियों को भी हिरासत में लिया गया है और पटियाला पुलिस की टीम आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सभी को अपने साथ पंजाब ले गई है।शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि इस संबंध में शिवपुरी पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। 6 महीने से चल रहे थे फरार, लुक आउट सर्कुलर था जारी हरमीत पठानमाजरा दो साल पुराने रेप केस में वांछित थे और पिछले छह महीने से फरार चल रहे थे। उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया था। जानकारी के अनुसार, पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह ऑस्ट्रेलिया भाग गए थे और हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए पांच दिन पहले ही भारत लौटे थे। 2 दिन के ऑपरेशन के बाद बायपास पर दबोचा पटियाला पुलिस ने शिवपुरी जिले में दो दिन के सुनियोजित ऑपरेशन के बाद उन्हें पकड़ा। विधायक को उस समय दबोचा गया, जब वह ग्वालियर से शिवपुरी की ओर आने वाले बायपास हाईवे से गुजर रहे थे। पुलिस ने विधायक के साथ मौजूद उनके तीन साथियों को भी हिरासत में लिया है। एसएसपी बोले- भगोड़ा घोषित थे, इसलिए स्थानीय पुलिस को नहीं बताया पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि आरोपी विधायक को कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था। इसी कारण इस गिरफ्तारी के दौरान स्थानीय पुलिस को सूचना देना आवश्यक नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विधायक भगोड़ा घोषित नहीं होते, तो स्थानीय पुलिस को सूचित करना अनिवार्य होता। शिवपुरी से गिरफ्तार कर सीधे पंजाब ले गई पुलिस एसएसपी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई एक सुनियोजित ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसमें दो दिन की लगातार ट्रैकिंग के बाद पुलिस टीम को सफलता मिली। टीम ने सीधे कार्रवाई करते हुए विधायक को शिवपुरी से गिरफ्तार किया और उन्हें पंजाब ले गई है, जहां अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है।

CM मोहन यादव का दावा: MP नक्सलमुक्त, अब निवेश और विकास में सबसे आगे होगा राज्य

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य आज सुशासन, विकास, निवेश, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याण के समन्वित मॉडल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिली है। राज्य “चीता स्टेट” के रूप में भी पहचान बना चुका है और वर्तमान में चीतों की संख्या 53 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में सफलता मिली है, जो शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे ।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ- 2028 का आयोजन केवल प्रदेश ही नहीं पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जिसमें 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा लिए क्षिप्रा नदी के किनारे 30 किलोमीटर तक नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। उज्जैन में महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए नवीन और स्थाई रूप के कई नवाचार और निर्माण सिंहस्थ के दृष्टिगत उज्जैन में किए जा रहे हैं  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य की न्याय व्यवस्था, सुशासन को उल्लेखित करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य वीरता, न्यायप्रियता और उदारता की कहानियां जैसे बेताल पच्चीसी और 32 पुतलियां आज भी जनमानस में लोकप्रिय हैं। राज्य सरकार सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के सिद्धांत से प्रेरणा लेकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य सरकार द्वारा  सुशासन के लिए पुरस्कार भी प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में त्वरित न्याय के उनके सिद्धांतों को शासन में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “न्याय में देरी, न्याय की आत्मा के साथ अन्याय है” और सुशासन के लिए कठोर निर्णय लेना आवश्यक होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेहिता को प्राथमिकता दी जा रही है तथा अच्छे कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।  म.प्र. को इन्वेस्टमेंट हब बनाने लगातार किये जा रहे हैं प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को “उद्योग और रोजगार वर्ष” के रूप में मनाया गया। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नवीन नीतियां लागू की। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए डीबीटी से उद्योगपतियों को सब्सिडी हस्तांतरित की जा रही है। मध्यप्रदेश को इन्वेस्टमेंट हब बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योग एवं रोजगार में नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक धरातल पर आ चुके हैं। म.प्र. के धार जिले में देश का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक निवेश मध्यप्रदेश में आ रहा है। नारी सशक्तिकरण की दिशा में “लाड़ली बहना योजना” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों को  1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। युवाओं के लिए रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नवीन उद्योग स्थापित करने पर को प्रति श्रमिक को 5000 रुपये तक की सहायता राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी। राज्य में बेरोजगारी दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है। प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं । मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य में 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है तथा 5 लाख से अधिक गौमाताओं के संरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील में दूध देने की योजना लागू की गई है, जिससे बच्चों को पोषणयुक्त आहार मिल सके। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के तहत मध्यप्रदेश में पार्वती लिंक परियोजना (राजस्थान के साथ) और बेतवा लिंक परियोजना (उत्तर प्रदेश के साथ) पर कार्य किया जा रहा है। इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है, जिससे सिंचाई क्षेत्र का विस्तार होगा और किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सकारात्मक आलोचना लोकतंत्र की आधारशिला है और राज्य सरकार सुशासन के विजन से प्रेरणा लेकर हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

MP में 5वीं और 8वीं का रिजल्ट: 5वीं में 95.14% और 8वीं में 93.83% बच्चे पास, बेटियों ने दिखाया दम

भोपाल  मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आज कक्षा 5वीं और 8वीं का परीक्षा परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिया है. इस वर्ष का परिणाम पिछले साल की तुलना में 3 प्रतिशत बेहतर रहा है. कक्षा 5वीं में 95.14% और 8वीं में 93.83% विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं. छात्र अब पोर्टल पर जाकर अपनी मार्कशीट देख सकते हैं.  आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 5वीं का पास प्रतिशत 95.14% रहा, जबकि कक्षा 8वीं में 93.83% छात्र पास हुए. पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार परिणाम में लगभग 3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्र अब आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in पर अपना रोल नंबर और समग्र आईडी दर्ज कर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जो छात्र किसी कारणवश सफल नहीं हो पाए हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है. उनके लिए विभाग जल्द ही विशेष कक्षाओं और पुन: परीक्षा (सप्लीमेंट्री) का आयोजन करेगा, ताकि उनका साल खराब न हो. अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं. आधिकारिक लिंक अब पूरी तरह सक्रिय है, हालांकि भारी ट्रैफिक के कारण छात्रों को थोड़ा धैर्य रखने की सलाह दी गई है. इस साल 5वीं के 95.14% और 8वीं के 93.83% पास हुए हैं। दोनों कक्षाओं में छात्रों की तुलना में छात्राओं ने बेहतर प्रदर्शन किया है।     कक्षा 5वीं: छात्राएं 96.19% और छात्र 94.15% उत्तीर्ण हुए।     कक्षा 8वीं: छात्राएं 94.98% और छात्र 92.74% सफल रहे। QR कोड से देखें रिजल्ट परिणाम देखने की प्रक्रिया को इस बार बेहद आधुनिक और आसान बनाया गया है। छात्र और अभिभावक राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर जाने के अलावा, विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके भी सीधे अपना रिजल्ट देख सकते हैं। इसके अतिरिक्त, स्कूल के प्राचार्य भी पोर्टल के माध्यम से अपने पूरे संस्थान का विद्यार्थीवार प्रदर्शन चेक कर सकेंगे। शहरी की तुलना में ग्रामीण स्टूडेंट ज्यादा इस साल 5वीं और 8वीं की परीक्षा में 23,68,984 छात्र शामिल हुए थे। 5वीं और 8वीं को मिलाकर कुल 16,78,567 छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से थे। वहीं, शहरी छात्रों की संख्या मात्र 6,90,417 रही। 5वीं में शामिल: ग्रामीण स्टूडेंट 9,24,783 (72.45%) और शहरी 3,51,621 (27.55%) थे। छात्र 51.58% और छात्राएं 48.42% थीं। 8वीं में शामिल: ग्रामीण स्टूडेंट 7,53,784 (68.99%) और शहरी 3,38,796 (31.01%) थे। छात्र 51.27% और छात्राएं 48.73% थीं। बोर्ड पैटर्न पर हुई थी परीक्षा इस बार प्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के करीब 23.68 लाख विद्यार्थियों ने बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा दी थी। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं के लिए प्रदेश भर में मूल्यांकन का विशाल कार्य किया गया। 322 केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की, जिसके बाद अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि की गई। क्यों खास है इस बार का परिणाम? शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल का पेपर बीते वर्षों की तुलना में कठिन था, फिर भी छात्रों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। बोर्ड पैटर्न लागू होने के कारण अभिभावकों और शिक्षकों के बीच रिजल्ट को लेकर सुबह से ही काफी उत्सुकता देखी गई। 2025 की तुलना में अच्छा रहा रिजल्ट 2025 में करीब 22.85 लाख स्टूडेंट्स ने 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं दी थी। इस बार करीब 23.68 लाख (12.76 लाख + 10.92 लाख) स्टूडेंट इन परीक्षाओं में बैठे। साल 2025 में 5वीं के 92.70% स्टूडेंट पास हुए थे। साल 2026 में 95.14% बच्चे पास हुए हैं। इसी तरह 2025 में 8वीं के 90.02% बच्चे पास हुए थे। इस साल 93.83% बच्चे पास हुए हैं।

CM मोहन यादव’ के राज में MP ने नीति और नवाचार में हासिल किया नया मुकाम, घोषणाएं नहीं, वास्तविक बदलाव

भोपाल  CM मोहन यादव ने अपने जन्मदिन के मौके पर प्रदेश की समृद्धि और विकास के लिए अपना विजन स्पष्ट किया है। मोहन सरकार राज में  वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्संतुलन के इस दौर में भारत की विकास यात्रा अब केवल राष्ट्रीय नीतियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्यों की क्षमता, नेतृत्व की स्पष्टता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता उसकी गति निर्धारित कर रही है। ऐसे समय में मध्यप्रदेश ने स्वयं को एक संसाधन आधारित राज्य से आगे बढ़ाकर एक रणनीतिक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेश को केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्पादन, रोजगार और क्षेत्रीय संतुलन से जुड़े व्यापक परिवर्तन के रूप में देखा है। उनके स्पष्ट मार्गदर्शन में नीति सुधार, प्रशासनिक सरलीकरण, औद्योगिक आधार विस्तार और निवेश प्रस्तावों को धरातल तक पहुंचाने की प्रक्रिया को एकीकृत ढंग से आगे बढ़ाया गया है। यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि नीति की स्पष्टता, नवाचार की स्वीकृति और निवेश के प्रति सक्रिय प्रतिबद्धता के समन्वय से मध्यप्रदेश आर्थिक समृद्धि के ऐसे नए कीर्तिमान रच रहा है जो राष्ट्रीय स्तर पर एक उदाहरण के रूप में उभर रहे हैं। नीति आधारित पारदर्शिता और निवेश का विश्वास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगों के लिए भरोसे का वातावरण निर्मित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उद्योग संवर्धन नीति 2025 सहित विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों के माध्यम से निवेशकों को स्पष्ट प्रोत्साहन ढांचा उपलब्ध कराया गया है। श्रम प्रधान क्षेत्रों जैसे गारमेंट, फुटवियर और खिलौना निर्माण में बड़े निवेश को मेगा उद्योग का दर्जा देकर अनुकूलित प्रोत्साहन पैकेज प्रदान किए जा रहे हैं। मोहन सरकार ने प्रक्रियाओं की जटिलता को कम करने के लिए मध्यप्रदेश जन विश्वास संशोधन अधिनियम के माध्यम से अनेक प्रावधानों का अपराधमुक्तिकरण किया गया। इससे उद्योगों में अनावश्यक भय और दंडात्मक संस्कृति की जगह विश्वास आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिला है। सिंगल विंडो व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करते हुए इन्वेस्ट एमपी 3 पोर्टल प्रारंभ किया गया है, जो निवेशकों को नीति, अनुमतियां, प्रोत्साहन और व्यवहार्यता से जुड़ी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उस सोच को दर्शाती है जिसमें सरकार स्वयं को नियंत्रक नहीं, बल्कि सहयोगी के रूप में स्थापित करती है। निवेश प्रस्तावों से उद्योग स्थापना तक राज्य में आयोजित वैश्विक निवेश मंचों और औद्योगिक संवादों के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इन प्रस्तावों को केवल समझौता पत्र तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें उद्योग स्थापना में बदलने के लिए निरंतर निगरानी और सीधी समीक्षा की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं निवेश परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करते हैं। विभागीय समन्वय को मजबूत किया गया है ताकि भूमि आवंटन, स्वीकृतियां, आधारभूत सुविधाएं और प्रोत्साहन समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराए जा सकें। परिणामस्वरूप अनेक परियोजनाएं उन्नत अवस्था में पहुंच चुकी हैं और कई इकाइयां उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल घोषणा नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की प्रक्रिया है। औद्योगिक आधार और मजबूत अधोसंरचना राज्य में विशाल औद्योगिक भूमि बैंक उपलब्ध है और नए औद्योगिक पार्कों का विकास तीव्र गति से किया जा रहा है। मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के उन्नयन के साथ आधुनिक आधारभूत संरचना सुनिश्चित की जा रही है। धार जिले में विकसित हो रहा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क योजना के अंतर्गत देश के सबसे बड़े एकीकृत टेक्सटाइल पार्क के रूप में उभर रहा है। यह परियोजना फाइबर से फैशन तक पूरी मूल्य श्रृंखला को एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रतलाम में विकसित हो रहा मेगा औद्योगिक पार्क, सागर क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल आधारित संभावनाएं, ग्वालियर में फुटवियर पार्क, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण निर्माण क्षेत्र और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी पहलें औद्योगिक विविधीकरण को सुदृढ़ कर रही हैं। एशिया का प्रमुख ऑटो परीक्षण केंद्र NATRAX राज्य में स्थित है। रीवा सौर परियोजना और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश की पहचान को मजबूत किया है। निर्यात और उत्पादन क्षमता का विस्तार मध्यप्रदेश का वार्षिक निर्यात निरंतर वृद्धि दर्ज कर रहा है। कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मा, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और खनिज आधारित उद्योग निर्यात संरचना के प्रमुख आधार हैं। राज्य भारत के ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में अग्रणी है, जिससे टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक सस्टेनेबल सप्लाई चेन में विशेष स्थान मिला है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में गेहूं, सोयाबीन, दालें और मिलेट आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग प्रदेश के लिए नए बाजार खोल रही है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अधिशेष विद्युत उत्पादन वाले राज्यों में शामिल है और ऊर्जा भंडारण तथा बैटरी निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 की दिशा समृद्ध मध्यप्रदेश 2047 का विजन दस्तावेज प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति को स्पष्ट करता है। इसमें एमएसएमई, स्टार्टअप, महिला उद्यमिता और तकनीक आधारित नवाचार को विकास का प्रमुख आधार माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। इसलिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह विजन केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रतिस्पर्धात्मकता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन के संतुलित मॉडल की ओर संकेत करता है। राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान भारत आज वैश्विक आर्थिक संरचना में नई भूमिका निभाने की दिशा में अग्रसर है। इस यात्रा में राज्यों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्यप्रदेश अपनी नीतिगत स्पष्टता, औद्योगिक विस्तार और निवेश अनुकूल वातावरण के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में सशक्त योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश ने यह संदेश स्पष्ट किया है कि विकास घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर स्थापित उद्योगों, सृजित रोजगार और मजबूत आर्थिक आधार से मापा जाता है। नीति, नवाचार और निवेश के सुविचारित समन्वय के साथ मध्यप्रदेश आज आर्थिक समृद्धि के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है और राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर अपनी भूमिका को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है।