samacharsecretary.com

रीवा-रायपुर हवाई सेवा से विकास को मिलेगा नया गति: उपमुख्यमंत्री शुक्ल

रीवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ेगी विकास की रफ्तार : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा-रायपुर हवाई सेवा से बढ़ी नजदीकियां भोपाल /रायपुर उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल दो दिवसीय रायपुर प्रवास में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और शिष्टाचार भेंट कार्यक्रमों में शामिल हुए। मंगलवार को रायपुर आगमन पर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे क्वींस क्लब में विंध्य समाज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में शामिल हुए, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए शुरू हुई हवाई सेवा से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए सड़कों और रेल सेवाओं का बेहतर होना जरूरी है। इससे पहले रीवा से दिल्ली और इंदौर के लिए हवाई सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं, जिससे व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने रीवा से दुर्ग तक ट्रेन सेवा जल्द शुरू करने के लिए सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विंध्याचल कल्याण सर्व समाज द्वारा उप मुख्यमंत्री  शुक्ल का अभिनंदन किया गया। यह हवाई सेवा केवल दूरी ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ने का करेगी कार्य :  जायसवाल इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच संबंध बहुत गहरे हैं। उन्होंने कहा कि यह हवाई सेवा केवल दूरी ही नहीं, बल्कि दिलों को भी जोड़ने का कार्य करेगी। विधायक  किरण सिंहदेव ने कहा कि रीवा से रायपुर के लिए हवाई सेवा शुरू होना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे आवागमन आसान हो गया है। कार्यक्रम में विधायक  मोतीलाल साहू, रीवा के पूर्व विधायक  के.पी. त्रिपाठी, समाज के संरक्षक  शंकर सिंह गहरवार, अध्यक्ष  कल्याण प्रसाद पांडेय, डॉ. व्यास मुनि द्विवेदी,  मधुकर द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

एमपी में LPG की बढ़ी डिमांड, 4 दिन तक वेटिंग; होटल-रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल सिलेंडर की नई गाइडलाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी की किल्लत लगातार बनी हुई है और इसका असर खास तौर पर होटल व रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. लगातार आठवें दिन भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो पाई है. हालांकि ऑयल कंपनियों ने नई गाइडलाइन में कुछ राहत देने के संकेत दिए हैं, जिसमें 10 प्रतिशत तक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बुधवार को निर्देश मिलते हैं तो प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट को राहत मिल सकती है. घरेलू सिलेंडर की मांग में तेज उछाल दूसरी ओर, इस संकट का असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. कमर्शियल सिलेंडर की कमी के चलते घरेलू सिलेंडर की मांग अचानक करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसके कारण अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 3 से 4 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार शहर में करीब साढ़े 5 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू कनेक्शन शामिल हैं. पहले जहां रोजाना करीब 8500 सिलेंडर बुक होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है, जिससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है. इधर, एलपीजी संकट के बाद प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की डिमांड 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इस वजह से वेटिंग 3 से 4 दिन तक चल रही है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि भोपाल में साढ़े 5 लाख घरेलू-कमर्शियल सिलेंडर कनेक्शन हैं। इनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू सिलेंडर कनेक्शन शामिल हैं। 7 दिन पहले तक भोपाल में हर रोज एवरेज 8500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब 14 हजार तक पहुंच गई है। डिमांड बढ़ने से 5 से 6 हजार सिलेंडर का अंतर आ गया। इस वजह से आंकड़ा 48 हजार तक पहुंच गया है। सिलेंडर सप्लाई बढ़ाई फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया, पिछले 2-3 दिन में भेपाल में ही रोजाना 12 से 13 हजार सिलेंडर की सप्लाई कर रहे हैं। अगले 3 से 4 दिन में क्लियर कर देंगे। भरत और एचपी कंपनी की ऑनलाइन और इंडेन की ऑफलाइन बुकिंग की जा रही है। इंडेन के सबसे ज्यादा 65% तक कनेक्शन हैं। गाइडलाइन आई, आदेश का इंतजार कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई को लेकर मंगलवार को ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन आई। जिसमें 12 कैटेगिरी को कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है। इनमें रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों को खपत की 10% आपूर्ति भी शामिल हैं। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि विस्तृत आदेश आएंगे, तब सप्लाई शुरू कर देंगे। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल मंगलवार को भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए 'ऑक्सीजन' मिलने जैसा रहेगा। पिछले 8 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया।

मध्यप्रदेश में मौसम में बदलाव, 4 दिन बारिश का अनुमान; 13 जिलों में अलर्ट, गर्मी के बाद होगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी के बीच मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है। बुधवार से प्रदेश में सक्रिय हो रहा नया सिस्टम अगले चार दिनों तक बारिश, आंधी और बादलों का दौर लेकर आएगा।  ग्वालियर सहित करीब 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी 21 मार्च तक असर देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब मध्य प्रदेश तक पहुंच गया है। इसके कारण 19 से 21 मार्च के बीच कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बन रही है।  सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय हो गया है। जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसलिए 19 से 21 मार्च तक प्रदेश में बारिश होगी। 5 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को एमपी के ऊपर पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव रहे। वहीं, दक्षिण-पूर्वी हिस्से में एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर रहा। इस वजह से ग्वालियर-चंबल के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट देखी गई। तापमान की बात करें तो खरगोन में ही पारा सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में तापमान 37.1 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में जबलपुर में सबसे ज्यादा 36.1 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, उज्जैन-ग्वालियर में 35.5 डिग्री दर्ज किया गया। क्यों बदल रहा मौसम? मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साथ कई सिस्टम सक्रिय हैं। पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ मिलकर मौसम को प्रभावित कर रहे हैं। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में  बादल छाने और तापमान में गिरावट के संकेत मिल हैं। तापमान का हाल मंगलवार को कई शहरों में गर्मी का असर बना रहा। खरगोन में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खजुराहो, नरसिंहपुर और रायसेन जैसे जिलों में भी पारा 37 डिग्री से ऊपर रहा। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। फरवरी में ओले, अब मार्च में नया सिस्टम इस साल फरवरी में चार बार मौसम बिगड़ा और कई जगह ओले-बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। मार्च के पहले हिस्से में जहां तेज गर्मी रही, वहीं अब पहली बार इस महीने मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय हुई है, जो पूरे प्रदेश में असर दिखाएगी। आगे क्या रहेगा असर? यह सिस्टम 4 से 5 दिन तक सक्रिय रह सकता है, जिससे कहीं हल्की बारिश तो कहीं तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिलेंगी। हालांकि, इसके बाद 22 मार्च से एक बार फिर गर्मी तेज होने के संकेत हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अप्रैल और मई में लू का असर तेज रहेगा। मार्च के अंत से ही गर्म हवाओं की शुरुआत हो सकती है, जो आने वाले महीनों में 15 से 20 दिन तक प्रभावी रह सकती है। 

राज्यपाल ने ‘गुड़ी पड़वा’ और ‘भारतीय नव वर्ष’ के मौके पर नागरिकों को दी बधाई

राज्यपाल ने नागरिकों को 'गुड़ी पड़वा' और 'भारतीय नव वर्ष' पर दी हार्दिक बधाई नागरिकों से एकता और खुशहाली के लिए स्वयं को समर्पित करने का किया आहृवान भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रदेश के समस्त नागरिकों को 'गुड़ी पड़वा' और 'भारतीय नव वर्ष' के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं आत्मीय शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने प्रार्थना की है कि शक्ति की उपासना का यह पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और उत्तम स्वास्थ्य का संचार करे। राज्यपाल  पटेल ने अपने संदेश में भारतीय कालगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि चैत्र नवरात्रि के साथ प्रारंभ होने वाला हमारा नव वर्ष प्रकृति के नव-श्रृंगार, उमंग और भारत की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने का अवसर है। राज्यपाल पटेल ने समस्त प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि वे नव वर्ष के इस शुभ अवसर पर प्रदेश की एकता, अखंडता और खुशहाली के लिए स्वयं को समर्पित करने का संकल्प लें।  

भोपाल में फिर आई धमकी, जेके यूनिवर्सिटी में 21 बम रखने का किया गया दावा

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज (बुधवार) एक बार फिर उस समय हड़कंप मच गया, जब कोलार रोड स्थित जेके अस्पताल और जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी मिली. धमकी मेल से दी गई. भोपाल में लगातार तीसरे दिन संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी का मेल आया है. मेल में जेके अस्पताल और जेके यूनिवर्सिटी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इसमें लिखा है कि कॉलेज कैंपस, बाथरूम और प्रिंसिपल के रूम में 21 बम रखे गए हैं. दोपहर 1:30 बजे इन संस्थानों को बम से उड़ा दिया जाएगा. दो दिन पहले नापतोल विभाग को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी. इससे पहले एम्स और पीपल्स यूनिवर्सिटी को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है. भोपाल में पिछले एक महीने में 5वीं बार धमकी भरा मेल आया है. अब तक जितने भी धमकी भरे मेल आए हैं, सब फर्जी साबित हुए हैं। बुधवार सुबह धमकी भरा मेल मिलते ही जेके हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी में जांच की गई. दोनों जगह बम स्क्वॉड और पुलिस की टीम पहुंची. जांच में अब तक कोई भी खतरनाक पदार्थ नहीं मिला है. इससे पहले आए मेल भी सिर्फ कोरी धमकी साबित हुए थे। आईपी एड्रेस और वीपीएन बदलकर भेज रहे मेल भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने इस बारे में कहा कि अलग-अलग जगह से धमकी भरे मेल आ रहे हैं. शरारती तत्व इस तरह से धमका रहे हैं लेकिन हम एहतियात के तौर पर अपना काम कर रहे हैं. आईपी एड्रेस और वीपीएन बदलकर मेल भेजे जा रहे हैं. पुलिस लगातार इस मामले में जांच कर रही है। कानून व्यवस्था और इंटेलिजेंस पर सवाल भोपाल के अलग-अलग संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में कांग्रेस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और इंटेलिजेंस पर सवाल उठाए. पूर्व कानून मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि शहर बारूद के ढेर पर बैठा है. अब तक तो धमकियां मिल रही हैं, सच में कोई हादसा हो गया, तो क्या होगा. पुलिस का अमला पर्याप्त नहीं है. इंटेलिजेंस को मजबूत किया जाए. एडीजी अधिकारी को धमकियां मिल रही हैं. एमपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। अज्ञात युवकों ने एडीजी से की बदसलूकी बताते चलें कि भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस के एडीजी (ट्रेनिंग) राजाबाबू सिंह के साथ अज्ञात युवकों ने गाली-गलौज की और उन्हें धमकाया. ADG के त्रिलंगा स्थित घर के बाहर कार से आए कुछ अज्ञात युवकों ने गाली-गलौज की. एक युवक के हाथ में डंडा भी था. पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई. एडीजी ने शाहपुरा थाने को सूचना देने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी दिए हैं. उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. हाल ही में ADG राजाबाबू सिंह ने पुलिस ट्रेनिंग के दौरान ट्रेनी के धार्मिक नवाचार के साथ ही रामचरितमानस के पाठ की शुरुआत की थी. एडीजी की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें ट्रेनिंग में किए जा रहे नवाचार को लेकर धमकी मिल रही है. शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा कांग्रेस नेता अभिनव बरोलिया ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कहा कि राजधानी भोपाल में कभी आईजी इंटेलिजेंस के हाथ से चोर मोबाइल छीनकर ले जाते हैं, कभी पुलिसवालों के घरों में चोरियां होती हैं, अभी रिटायर्ड जज के घर से चोर चार सिलेंडर चुराकर ले गए और अब एडीजी पर हमला हुआ है. यह बताता है कि मध्य प्रदेश में किस तरह का अराजकता का माहौल बना हुआ है. जनता डर के माहौल में रह रही है. जब एडीजी स्तर के अधिकारी के साथ ऐसी घटना घट रही है, तो सोचिए जनता किस दहशत में रह रही होगी. उनका मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन है कि अगर उनसे कानून व्यवस्था नहीं संभल रही है, तो इस्तीफा दे दीजिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, राज्य में औद्योगिक विकास के लिए बना है अनुकूल वातावरण

राज्य में बना है औद्योगिक विकास का अनुकूल वातावरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 12 इकाईयां देंगी 12 हजार जरूरतमंदों को रोजगार मंत्रालय में हुई निवेश संवर्धन संबंधी मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई निवेश संवर्धन संबंधी मंत्रि-परिषद समिति सीसीआईपी की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रस्ताव पर उद्योग संवर्धन नीतियों के प्रावधानों के साथ ही नीति से अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान करने पर भी सैद्धांतिक अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 में उद्योग और रोजगार वर्ष के अंतर्गत हुई गतिविधियां राज्य में नए निवेश को लाने में कारगर सिद्ध हुई हैं। बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। पूरे राज्य में औद्योगिक विकास का अनुकूल वातावरण बना है। 12 इकाईयों के निवेश प्रस्तावों पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग संवर्धन नीति के प्रावधानों का पूरा लाभ औद्योगिक इकाइयों को देने के निर्देश दिए। बैठक में जिन इकाइयों के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। उनमें मेसर्स पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्रा.लि., मेसर्स पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशन्स प्रा.लि., मेसर्स ट्राइडेंट लि., अंबुजा कंक्रीट नॉर्थ प्रा.लि., अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी लि., बालाजी वेफर्स प्रा.लि., बारमॉल्ट मॉल्टिंग इंडिया प्रा.लि., एसीसी लि., एलेंबिक फार्मास्युटिकल्स लि., रॉलसर टायर लि. एवं दौलतराम एन.आर.ई.सी. लोकोमोटिव्स शामिल हैं। इन इकाइयों की स्थापना से लगभग 12 हजार व्यक्तियों को रोजगार सुलभ होगा। सीहोर और शिवपुरी जिलों में होगा ट्राइडेंट और अदाणी डिफेंस के प्रस्तावों पर क्रियान्वयन बैठक में जानकारी दी गई कि मेसर्स ट्राइडेंट लि. द्वारा सीहोर जिले में टेरी टॉवेल निर्माण की नई इकाई की स्थापना प्रस्तावित है। करीब 1190 करोड़ के निवेश प्रस्ताव से 3 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा। कंपनी द्वारा सीहोर जिले में ही एक बेड शीटिंग निर्माण इकाई भी प्रस्तावित है, जो करीब एक हजार करोड़ रूपए की लागत से स्थापित होगी। इससे 2800 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। इसी तरह अदाणी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी लि. द्वारा शिवपुरी जिले में रक्षा उत्पादन क्षेत्र में 2145 करोड़ रूपए का निवेश किया जाएगा। इस इकाई से 1600 व्यक्तियों को सीधा रोजगार प्राप्त होगा। अदाणी ग्रुप की ही कंपनी एसीसी लि. कटनी जिले में इंटीग्रेटेड सीमेंट निर्माण इकाई का संचालन कर रही है। इससे 780 व्यक्तियों को रोजगार मिल रहा है। बैठक में प्रस्तुत अन्य महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव के अंतर्गत उज्जैन विक्रम उद्योगपुरी में पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स लि. का शीतल पेय के लिए कच्चा माल तैयार करने की निर्माण इकाई का भी रखा गया, जिससे 500 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त होगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप, ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर, पर्यटन राज्यमंत्री  धर्मेंद्र सिंह लोधी, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री  गौतम टेटवाल के अतिरिक्त मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव  राघवेंद्र कुमार सिंह उपस्थित थे।  

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हो रहा हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन हवाई सेवा का हुआ शुभारंभ केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  नायडू भी वर्चुअली हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन नीति 2025 लागू कर देश में हवाई सेवाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। नीति के अंतर्गत ही रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। यही नहीं जबलपुर से कोलकाता और इंदौर से आबूधाबी की उड़ानों की स्वीकृति भी इस नीति के अंतर्गत संभव हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रीवा से रायपुर अलायन्स एयर की सप्ताह में तीन दिन की उड़ान के शुभारंभ समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में रीवा एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य होगा जो संपूर्ण विंध्य अंचल के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के विंध्य क्षेत्र का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से जुड़ना समृद्धि और संस्कृति के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्यवासियों को रीवा से रायपुर की उड़ान प्रारंभ होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के विमानन क्षेत्र में ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गत 2 वर्ष में चार महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जहां वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने रीवा में एयरपोर्ट का शुभारंभ किया, वहीं रीवा से दिल्ली विमान सेवा शुरू हुई। इसके बाद गत वर्ष रीवा से इंदौर की विमान सेवा शुरू हुई। आज रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में आज 8 एयरपोर्ट हैं। शीघ्र ही उज्जैन और शिवपुरी का एयरपोर्ट प्रारंभ होने पर संख्या 10 हो जाएगी। प्रदेश में कुल 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला एयरस्ट्रीप रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत एयरपोर्ट के रूप में विकसित होंगी। प्रधानमंत्री  मोदी का कहना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के इस मंत्र को प्रदेश में साकार करने के लिए जहां पीएम एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई वहीं पर्यटन, वन्य जीव अभयारण्य और धार्मिक महत्व के स्थानों तक जाने के लिए भी धार्मिक पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ की गई हैं। नागरिक विमानन नीति-2025 में दे रहे हैं सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की गई है। इसमें अंतर्गत घरेलू मार्ग के विकास के लिए 10 लाख रूपए और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपए की सहायता राशि देकर बढ़ावा दिया जा रहा है। माल ढुलाई के कार्य को तेज, सस्ता और सुगम बनाने के लिए एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के लिए भी 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए कार्गो क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी जो गैर सिम्युलेटर कोर्स कर रहे हैं, उनकी फीस का 60 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार करेगी। इससे जहां व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं संपूर्ण अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा-रायपुर हवाई यात्रा के लिए केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री और मंत्रालय के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में हो रहा अच्छा कार्य – केंद्रीय मंत्री  नायडू केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  किजारापु राममोहन नायडू ने नई विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में नई दिल्ली से वर्चुअली शामिल होते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2024 में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था और आज विमान यात्रियों को रीवा से रायपुर की विमान सेवा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में पीएम हेली पर्यटन सेवा और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आपातकालीन व्यवस्था के तौर पर पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन सराहनीय है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि "वन रूट वन फेयर" के लिए एलाइंस एयर के साथ अनुबंध किया गया है। यह इस तरह का देश में प्रथम अनुबंध है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि आशा है मध्यप्रदेश में नए विमानतल और नई हवाई पट्टियों के विकास के कार्य निरंतर होते रहेंगे। रीवा में हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा,  जनार्दन मिश्रा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। खजुराहो एयरपोर्ट पर भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे जो कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।  

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्काउट और गाइड संगठन से जुड़े 7 देशों के युवा प्रतिनिधि मुख्यमंत्री निवास आए उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत की प्राचीन संस्कृति के मूल में मानवता, सहअस्तित्व और परस्पर सहयोग का महत्वपूर्ण भाव शामिल है। स्काउट और गाइड संगठन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की दृष्टि से एक आदर्श संगठन है। इस नाते मध्यप्रदेश में इन युवाओं का एक सप्ताह का वैचारिक आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल की खाड़ी से जुड़े 7 राष्ट्रों को सहयोग के सूत्र में बांधने के लिए बिम्सटेक एक महत्वपूर्ण मंच है। युवा राष्ट्र के निर्माण में सहभागी होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद सभाकक्ष में बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागी देशों भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, लंका और थाईलैंड के स्काउट गाइड को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत स्काउट और गाइड संगठन को रचनात्मक प्रकल्पों के संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने देश के दिल मध्यप्रदेश में अन्य देशों और राज्यों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि पड़ोसियों से हमारे आत्मीय और सहज संबंध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भी यहां प्रतिनिधि आएं हैं। बंगाल की खाड़ी से बिम्सटेक के देश जुड़े हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दक्षिण एशियाई देशों के लिए आशा, स्थिरता और विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रति यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम के लिए प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर, पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श के साथ ही ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को जीवन के लक्ष्यों में शामिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा देश अनेक नदियों का मायका है। भारत को मध्यप्रदेश से बड़ी जल राशि प्राप्त होती है। मध्यप्रदेश की नदियां कई राज्यों की नदियों में समाहित होकर उन्हें समृद्ध करती है। मध्यप्रदेश से सम्राट विक्रमादित्य की पहचान भी जुड़ी है, जो दान, वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन के प्रतीक थे। उन्होंने अनेक राज्यों और राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न नामों से व्यवस्थित शासन संचालन के प्रमाण प्रस्तुत किए। भारत ऐसे ही गौरवशाली व्यक्तित्वों से विश्व में अलग पहचान रखता है। कार्यक्रम को भारत स्काउट एंड गाइड के नेशनल कमिश्नर  मनीष मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।  

जीवन की कठिनाइयाँ, रिश्तों की कसौटी और बदलता समाज

जीवन की कठिनाइयाँ, रिश्तों की कसौटी और बदलता समाज मनुष्य की यात्रा का एक गहरा सच मनुष्य का जीवन एक लंबी और जटिल यात्रा है। इस यात्रा में कभी उजाले के दिन आते हैं तो कभी अंधेरी रातें। कभी लगता है कि संसार हमारे साथ खड़ा है, और कभी ऐसा भी समय आता है जब भीड़ के बीच भी मनुष्य स्वयं को अकेला महसूस करता है। यही जीवन का स्वभाव है, यही उसका सत्य है। जब एक मनुष्य जन्म लेता है, तब उसके पास कोई पद, प्रतिष्ठा या संपत्ति नहीं होती। उसके पास केवल संबंध होते हैं। मां का स्नेह, पिता का संरक्षण, परिवार का साथ और समाज की गोद। यही वे आधार होते हैं जिन पर मनुष्य का व्यक्तित्व धीरे धीरे आकार लेता है। समय के साथ जीवन आगे बढ़ता है। बचपन से युवावस्था, युवावस्था से परिपक्वता और फिर वृद्धावस्था तक का सफर अनेक अनुभवों से भरा होता है। इस यात्रा में मनुष्य कई लोगों से मिलता है। कुछ लोग क्षणिक रूप से जीवन में आते हैं और चले जाते हैं, जबकि कुछ ऐसे होते हैं जो मन की गहराइयों में अपनी स्थायी जगह बना लेते हैं। जीवन के शुरुआती वर्षों में मनुष्य सपनों से भरा होता है। उसके मन में भविष्य को लेकर उत्साह होता है। उसे लगता है कि दुनिया उसके लिए खुली हुई है और हर रास्ता उसके लिए संभावनाओं से भरा हुआ है। इस समय उसके आसपास मित्रों की भीड़ होती है। रिश्तेदारों का स्नेह मिलता है। समाज भी उसे आशा की दृष्टि से देखता है। धीरे धीरे जीवन का वास्तविक स्वरूप सामने आने लगता है। जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। संघर्ष बढ़ते हैं। जीवन की राहें उतनी सरल नहीं रह जातीं जितनी बचपन में प्रतीत होती थीं। यही वह समय होता है जब मनुष्य को समझ में आता है कि जीवन केवल उत्सव नहीं है, यह एक परीक्षा भी है। जीवन में ऐसे अनेक अवसर आते हैं जब मनुष्य को सफलता मिलती है। जब उसकी मेहनत रंग लाती है। जब लोग उसकी प्रशंसा करते हैं। जब समाज उसे सम्मान की दृष्टि से देखता है। ऐसे समय में मनुष्य के आसपास लोगों की संख्या भी बढ़ जाती है। मित्रों का दायरा बड़ा हो जाता है। कई लोग उसके साथ जुड़ना चाहते हैं। लेकिन जीवन का पहिया हमेशा एक दिशा में नहीं घूमता। समय बदलता है और परिस्थितियां भी बदल जाती हैं। कभी व्यापार में कठिनाई आ जाती है, कभी आर्थिक संकट सामने खड़ा हो जाता है, कभी स्वास्थ्य साथ नहीं देता और कभी समाज की परिस्थितियां भी मनुष्य के लिए चुनौती बन जाती हैं। ऐसे समय में मनुष्य को एक अलग ही अनुभव होता है। वह देखता है कि जो लोग कभी उसके बहुत करीब दिखाई देते थे, उनमें से कई धीरे धीरे दूर होने लगते हैं। जिन लोगों के साथ कभी हर दिन बातचीत होती थी, वे अचानक व्यस्त हो जाते हैं। जिनके साथ कभी घंटों बैठकर बातें होती थीं, वे मिलने से बचने लगते हैं। कभी कभी तो यह स्थिति इतनी गहरी हो जाती है कि लगता है जैसे लोग किसी की शक्ल तक देखना नहीं चाहते। यही वह क्षण होता है जब मनुष्य को जीवन का सबसे कठोर सत्य समझ में आता है। रिश्तों की वास्तविकता अक्सर कठिन समय में ही सामने आती है। जब सब कुछ ठीक होता है, तब रिश्ते बहुत सहज और मजबूत दिखाई देते हैं। लेकिन जैसे ही परिस्थितियां बदलती हैं, वैसे ही कई रिश्तों की परतें भी खुलने लगती हैं। यह कहना उचित होगा कि जीवन में हर रिश्ता एक समान नहीं होता। कुछ रिश्ते केवल सुविधा पर आधारित होते हैं। कुछ रिश्ते परिस्थिति पर आधारित होते हैं। लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे भी होते हैं जो समय और कठिनाइयों की कसौटी पर भी टिके रहते हैं। ऐसे रिश्ते बहुत कम होते हैं, लेकिन वही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति बन जाते हैं। समाज की संरचना भी इसी प्रकार के संबंधों पर आधारित होती है। जब समाज में विश्वास, सहयोग और संवेदनशीलता का भाव मजबूत होता है, तब समाज स्थिर और मजबूत बनता है। लेकिन जब रिश्तों में स्वार्थ बढ़ने लगता है और संवेदनशीलता कम होने लगती है, तब समाज के ताने बाने में भी दरारें आने लगती हैं। आज का समय बहुत तेज गति से बदल रहा है। तकनीक ने जीवन को सरल भी बनाया है और जटिल भी। संचार के साधन बढ़ गए हैं, लेकिन संवाद की गहराई कहीं न कहीं कम होती जा रही है। लोग एक दूसरे से जुड़े तो दिखाई देते हैं, लेकिन उनके बीच भावनात्मक दूरी भी बढ़ती जा रही है। आज के समाज में प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ गई है। हर व्यक्ति अपने लक्ष्य को पाने की दौड़ में लगा हुआ है। इस दौड़ में कई बार मनुष्य अपने आसपास के लोगों की भावनाओं को समझने का समय नहीं निकाल पाता। यही कारण है कि आज रिश्तों में वह सहजता और स्थायित्व कम दिखाई देता है जो पहले हुआ करता था। पहले समाज में यह परंपरा थी कि सुख हो या दुख, लोग एक दूसरे के साथ खड़े रहते थे। एक व्यक्ति की परेशानी पूरे समाज की चिंता बन जाती थी। लेकिन आज परिस्थितियां बदलती हुई दिखाई देती हैं। लोग अधिक आत्मकेंद्रित होते जा रहे हैं। यह परिवर्तन केवल समाज की संरचना का परिणाम नहीं है, बल्कि जीवन की बदलती प्राथमिकताओं का भी परिणाम है। फिर भी यह कहना गलत होगा कि आज के समय में रिश्तों का महत्व समाप्त हो गया है। वास्तव में आज भी मनुष्य को सबसे अधिक आवश्यकता संबंधों की ही होती है। चाहे वह परिवार हो, मित्र हों या समाज, मनुष्य अकेले जीवन नहीं जी सकता। कठिन समय मनुष्य को बहुत कुछ सिखाता है। यह उसे यह समझने में मदद करता है कि वास्तव में उसके जीवन में कौन लोग महत्वपूर्ण हैं। जो लोग कठिन समय में भी साथ खड़े रहते हैं, वही जीवन के सच्चे साथी होते हैं। ऐसे लोग बहुत अधिक नहीं होते, लेकिन वही जीवन की असली पूंजी होते हैं। जीवन की कठिनाइयां मनुष्य को मजबूत भी बनाती हैं। जब मनुष्य संघर्ष से गुजरता है, तब वह अपने भीतर की शक्ति को पहचानता है। वह समझता है कि जीवन केवल बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं … Read more

इंदौर में आग हादसा: घर में 8 शव मिले, रेस्क्यू टीम ने शुरू किया बचाव कार्य

इंदौर  इंदौर के तिलक थाना क्षेत्र के छोटा राजवाड़ा के पास प्रीति नगर में एक घर में भीषण आग लई। इस हादसे में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित 8 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार में आग लगने के बाद वह फैलते हुए पूरे घर को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरा घर जलकर खाक हो गया। घर से अभी तक 8 लाशें निकाली गई हैं। एसीपी कुंदन मंडलोई ने इस हादसे में मकान मालिक सहित 8 लोगों की जानकारी दी है। इंदौर शहर के छोटा राजवाड़ा क्षेत्र स्थित प्रीति नगर में देर रात एक भीषण आगजनी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। तिलक नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुए इस हादसे में एक कार में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी इसकी वजह हो सकती है। कार में लगी आग तेजी से फैलती हुई पूरे घर तक पहुंच गई और कुछ ही मिनटों में मकान धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी भीषण थी कि घर में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल सका। कैसे लगी आग दरअसल, पुगलिया परिवार में यह लाशें बिछी हैं. इस परिवार ने घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया था. मंगलवार रात से ईवी की चार्जिंग चल रही थी. चार्ज में लगाकर सभी सो गए थे. अचानक बुधवार तड़के तीन-चार बजे के आसपास चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हो गया. इलेक्ट्रिक कार तुरंत आग का गोला बन गई. आग तेजी से घर की ओर फैल गई और घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद जो धमाके हुए, उसका शोर पूरे इंदौर शहर में सुनाई दिया। कैसे धमाकों से दहला इंदौर जी हां, ईवी चार्जिंग वाले प्वाइंट से लगी यह आग देखते ही देखते घर में रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके से फट गए. धमाके इतने तेज थे कि पूरा इलाका दहल गया. घर का एक हिस्सा ढह गया. अंदर सो रहे लोग सोते ही रह गए और किसी को संभलने का भी मौका नहीं मिला. बताया जा रहा है कि इस परिवार में कोई फंक्शन था. इसके कारण कई रिश्तेदार आए थे। 8 लोग जिंदा जलकर मरे बहरहाल, इस हादसे में अब तक 8  लोगों की जलकर मौत हो चुकी है. ये लोग जिंदा ही आग में जल गए. वहीं 3 लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को निकलने का मौका ही नहीं मिला. संकरी गलियों और तेज लपटों की वजह से फायर ब्रिगेड को भी राहत कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. घर में लगी आग बुझाने की कोशिश जारी है। प्रशासन मौके पर मौजूद इस बीच पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट और गैस सिलेंडर का विस्फोट मुख्य कारण लग रहा है. इलेक्ट्रिक कार की बैटरी में भी आग लगने की आशंका जताई जा रही है. पूरे मामले की जांच चल रही है. इंदौर के लोग इस हादसे से काफी सदमे में हैं।