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जहरीला पानी बना मौत का कारण: इंदौर में कई मौतें, सैकड़ों बीमार, ICU में 32 की हालत गंभीर

इंदौर लगातार 8 साल से देश के सबसे साफ शहर का तमगा लेकर इतराने वाला इंदौर इन 'जहरीले जल प्रलय' से जूझ रहा है। जिन भागीरथ को गंगा को पृथ्वी पर लाने का श्रेय दिया जाता है उनके नाम पर बसे इंदौर के एक इलाके में दूषित पानी की वजह से कई लोग दम तोड़ चुके हैं तो अब भी दर्जनों लोगों की जान खतरे में है। भारीरथपुरा के 500 से अधिक लोगों को अब भी उल्टी और दस्त की शिकायते हैं जिनमें से 200 अस्पताल में भर्ती हैं और 32 तो आईसीयू में जिंदगी के लिए मौत से जंग लड़ रहे हैं।   न्यूज एंजेंसी पीटीआई ने इंदौर के एक स्वास्थ्य अधिकारी के हवाले से बताया कि गुरुवार को भागीरथपुर के 1714 घरों में जाकर यहां रह रहे लोगों की जांच पड़ताल की गई। जिन 8571 लोगों की जांच की गई उनमें से 338 में उल्टी-दस्त की हल्के लक्षण मिले। इन लोगों को फिलहाल घर पर ही उपचार दिया जा रहा है और सभी पर नजर रखी जा रही है। अस्पतालों में 200 मरीज, 32 आईसीयू में हैं अधिकारी ने बताया कि पिछले 8 दिनों में जब से यहां डायरिया फैला है, 272 मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 71 स्वस्थ होकर बाहर आ चुके हैं। 200 मरीजों का अब भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। चिंताजनक बात यह है कि 32 मरीजों को अब भी इंटेंसिव केयर यूनिट्स (ICUs) में रखा गया है। इन मरीजों में कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। दूषित पानी से कितने मरे, इस पर मंत्री को भी कंफ्यूजन! भागीरथपुर में दूषित पानी की वजह से कितने लोगों की मौत हुई है, इसको लेकर अभी अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि 13 लोगों की मौत जहरीले पानी की वजह से हो चुकी है, वहीं प्रशासन चार मौतें की ही बात स्वीकार कर रहा है। इस बीच गुरुवार को जब मध्य प्रदेश के मंत्री और इंदौर से ही आने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय से इसको लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इसको लेकर अभी कंफ्यूजन है। हालांकि, उन्होंने प्रशासन के आंकड़ों को अंतिम ना मानते हुए कहा कि और जिन लोगों की मौत पानी की वजह से बताई जा रही है उनकी भी जांच कराई जाएगी।  

इंदौर में इलाज के दौरान 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत, मरने वालों की संख्या 15 तक पहुंची

इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से शुक्रवार को एक और बुजुर्ग महिला की मौत की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही दूषित पानी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 15 पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग महिला का अरविंदो अस्पताल में इलाज चल रहा था। गुरुवार को कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता मरीजों से मिलेंगे और उन्हें नारियल व अन्य जरूरत का सामान भी देंगे, लेकिन दूसरी ओर उन्हीं के समर्थक भागीरथपुरा में रहवासियों को समस्या बताने से भी रोक रहे हैं। मीडिया से बात करने पर उन्हें धमका रहे हैं कि समस्या का निराकरण हमसे चाहते हो या नहीं। गुरुवार को आकाश विजयवर्गीय पार्षद कमल वाघेला के कार्यालय पर पहुंचे। इस दौरान 25 दिसंबर को दूषित पानी के कारण मौत का शिकार हुए संतोष बिगोलिया के स्वजन उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। उन्होंने नईदुनिया अखबार की प्रति दिखाते हुए कहा कि हमारे परिवार के सदस्य की मौत दूषित पानी के कारण हुई है, लेकिन कोई मान नहीं रही है। इस पर उन्होंने प्रशासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता की मांग की। इसके बाद जब मीडिया मृतक के बेटे शुभम और बहू से चर्चा कर रही थी। 'आपकी समस्या का निराकरण हमसे चाहते हैं या मीडिया से' तभी भाजपा कार्यकर्ता चंदन सिंह बैस वहां आया और परिवार को कहने लगा कि आपकी समस्या का निराकरण हमसे चाहते हो या फिर मीडिया से। इसके अलावा कई ओर परिवार भी है, जिन्हें इसी प्रकार कहा जा रहा है। इससे साफ लगता है कि मामले को दबाने के लिए लोगों को बात करने से रोका जा रहा है। यह मामला चर्चाओं में बना हुआ है। छह माह के अव्यान के माता-पिता ने आर्थिक मदद लेने से इंकार किया भागीरथपुरा में गुरुवार को मंत्री विजयवर्गीय जब मृतकों के स्वजन से मिलने पहुंचे तो उन्हें रहवासियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। मंत्री के अलावा उनके समर्थक जब आठ मृतकों के स्वजन को आर्थिक मदद के चेक देने पहुंचे तो छह माह के अव्यान के माता-पिता ने मदद लेने से इंकार कर दिया। अव्यान के गमगीन माता-पिता बोले कि हमारा बच्चा दस साल की मन्नत के बाद जन्मा था। अब हमें कोई आर्थिक मदद नहीं चाहिए। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री मृतिका उर्मिला यादव के घर पहुंचे तो उन्होंने सहायता राशि लेने से मना कर दिया और कहा कि नहीं चाहिए हमें कोई राशि। बाद में समझाइश के बाद उन्होंने ले ली। स्वजन ने बताया कि मृतिका के बेटे और बहू दोनों अभी अस्पताल में भर्ती है। वहीं, निधि यादव गोद में बच्चा लेकर पहुंची। उसने कहा कि मेरी 70 साल की सास सात दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी किडनी फेल हो गई है। उनको कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? अस्पताल वाले स्लिप देकर पैसे मांग रहे हैं। हमारे पेट में दर्द है, फिर भी बच्चे लेकर दौड़ रहे हैं। मंत्री से मिलने गए तो उनके लोगों ने मिलने भी नहीं दिया। महिला को मंत्री से मिलने नहीं दिया।

राजू की तलाश में 6 राज्यों की पुलिस जुटी, देशभर में डेरे को संरक्षण देने वालों का डेटा तैयार

भोपाल  भोपाल के  ईरानी डेरा अमन कॉलोनी में फिलहाल 6 राज्यों की पुलिस ने डेरा जमा रखा है. क्योंकि पुलिस को कुख्यात राजू ईरानी और उसके गिरोह के पांच सदस्यों की तलाश है. पुलिस देशभर में डेरे को संरक्षण देने वालों का डेटा भी तैयार करने में जुटी है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए. डेरे की जमीन के कागजात की सर्चिंग भी जारी है. बता दें कि 2014 में 39 घरों में आगजनी के बाद यह ईरानी डेरा चर्चा में आया था. पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है. क्योंकि राजू ईरानी पर कई केस चल रहे हैं.  6 राज्यों में नेटवर्क  पुलिस ने बताया कि ईरानी गैंग के सदस्यों का नेटवर्क दूसरे राज्यों में भी फैला है. किसी भी वारदात को अंजाम देने के बाद वह मुंबई, बैंगलुरू, दिल्ली, छत्तीसगढ़ के अलावा एमपी के ही देवास, नर्मदापुरम जैसे जिलों में फरारी काटते हैं, जबकि दूसरे राज्यों से उनके रिश्तेदार यहां आकर फरारी काटते हैं, ऐसे में सभी राज्यों की पुलिस अब तेजी से इस गिरोह के खिलाफ अभियान चला रही है. भोपाल नगर निगम की तरफ से भी बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा की तरफ से भी जानकारी जुटाई जा रही है. माना जा रहा है कि यहां जो नियम विरुद्ध मकान बने हैं, उन पर जल्द ही बुलडोजर की कार्रवाई देखने को मिल सकती है.  ईरानी डेरे के अपराध के तार 12 राज्यों तक अपराध का अड्डा बना चुका ईरानी डेरा पर पुलिस के साथ ही जिला प्रशासन की भी नजर टेढ़ी हो चुकी है. ईरानी डेरा की जमीन की जांच शुरू हो गई है. भोपाल में 6 राज्यों की पुलिस डटी हुई है. ईरानी गिरोह का नेटवर्क सिर्फ मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है. गिरोह के तार देश के 12 राज्यों से जुड़े होना बताए जा रहे हैं. कई राज्यों की पुलिस टीमें मिलकर गिरोह के नेटवर्क, फरार आरोपियों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही हैं. डेरे की जमीन के कागजात की सर्चिंग जारी अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे के कागजात की छानबीन प्रशासन की टीम कर रही है। इसी के साथ नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा भी डेरे पर बने मकानों की जांच कर रही है। नियम विरुद्ध बने मकानों पर जल्द प्रशासन का बुल्डोजर चल सकता है। वहीं पुलिस को राजू ईरानी, सालिक ईरानी, गुलाब ईरानी और सबदर की तलाश है। यह सभी पुलिस की कार्रवाई के बाद से फरार हैं। वारदातों के लिए महीनों का सफर ईरानी डेरे में रहने वाले अपराधी चोरी, लूट, ठगी जैसी वारदातों के लिए महीनों कबीले से दूर दूसरे शहर और राज्यों में रहते हैं। इसे सफर में होना कहा जाता है। इस दौरान कबीले के युवक आपराधिक वारदातों को अंजाम देते हैं। पकड़े जाने पर भी माल को सुरक्षित कबीले तक पहुंचाने के लिए दो युवक होते हैं। सफर में जाने वाले युवकों के गिरोह के साथ हर समय दो युवक ऐसे होते हैं जो वारदात में सीधे तौर पर शामिल नहीं होते, लेकिन घटना के बाद मिले माल को लेकर सुरक्षित कबीले तक लाने की जिम्मेदारी इनकी होती है। इसके लिए कई बार आरोपी बाय रोड लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर तय करते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भोपाल पुलिस ने हाल में गिरफ्तार किए गए ईरानी गैंग के सदस्यों से गहन पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। इनमें यह सामने आया है कि गैंग के सदस्य चोरी, लूट और ठगी जैसी वारदातों के बाद नर्मदापुरम, देवास, मुंबई, बेंगलुरु, दिल्ली और छत्तीसगढ़ जैसे शहरों में छिपते रहे हैं। इसी तरह, अन्य राज्यों में सक्रिय उनके रिश्तेदार और सहयोगी वारदातों के बाद भोपाल की अमन कॉलोनी में शरण लेते थे। पुलिस अब उन सभी लोगों का डेटा तैयार कर रही है, जो अलग-अलग राज्यों में ईरानी डेरे को संरक्षण देते आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहली बार है जब इस नेटवर्क को राज्य सीमा से बाहर निकलकर तोड़ने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत संदिग्ध ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई तेज हो गई है। अमन कॉलोनी में बने ईरानी डेरे की जमीन के कागजातों की सघन जांच की जा रही है। नगर निगम की बिल्डिंग परमिशन और अतिक्रमण शाखा ने भी नियम विरुद्ध बने मकानों की पड़ताल शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, अनियमित निर्माण पाए जाने पर जल्द ही बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है। जांच में यह भी सामने आया है कि ईरानी गैंग वारदातों के लिए महीनों तक अपने कबीले से दूर रहता था, जिसे वे ‘सफर’ कहते हैं। इस दौरान गिरोह के कुछ सदस्य सीधे अपराध करते थे, जबकि दो अन्य युवक केवल चोरी या लूट का माल सुरक्षित रूप से भोपाल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाते थे। कई बार ये आरोपी लग्जरी कार और बाइक से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करते थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। अमन कॉलोनी का ईरानी डेरा पहले भी विवादों में रहा है। वर्ष 2014 में यहां शिया और सुन्नी समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें करीब 39 मकानों में आगजनी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। उसी घटना के बाद यह इलाका प्रदेशभर में चर्चा में आया था। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता राजू ईरानी, सालिक ईरानी, गुलाब ईरानी और सबदर जैसे फरार आरोपियों की गिरफ्तारी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह कार्रवाई न सिर्फ भोपाल बल्कि देशभर में सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ एक अहम कदम मानी जा रही है। इन अपराधियों की तलाश में पुलिस गिरोह का सरगना राजू ईरानी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है. पुलिस को आशंका है कि वह शहर या राज्य छोड़कर फरारी काट रहा है. उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. सादिक, गुलाम, राजू, हैदर मामू की भी तकनीकी सर्विलांस के साथही पुराने संपर्कों की भी जांच की जा रही है. अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा की जमीन को लेकर राजस्व रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. ईरानी डेरे की जमीन की जांच प्रशासन का मानना है कि इस जमीन पर अवैध … Read more

800 रुपये में मिलेगा भारत-न्यूजीलैंड मैच का टिकट, बुकिंग 18 जनवरी से शुरू होगी

इंदौर  अगर आप मैच देखने के शौकीन है तो ये खबर आपके काम की है। क्रिकेट प्रेमियों को जानकारी के लिए बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में होने वाले आगामी वनडे मैच के लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने टिकट बिक्री की तारीख और टिकटों के कीमत की घोषणा कर दी है। मैच का आनंद लेने वालों को इस बार ज्यादा कीमत चुकानी होगी। बता दें कि न्यूजीलैंड और भारत के बीच इंदौर में सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे मैच 18 जनवरी को खेला जाएगा। एकदिवसीय मैच के लिए टिकटों की बिक्री 3 जनवरी सुबह पांच बजे से शुरू होगी। ऐसी रहेगी टिकट दर साउथ पैवेलियन (लोअर)- 5,500 रुपए साउथ पैवेलियन (फर्स्ट फ्लोर)- 7000 रुपए साउथ पैवेलियन (सेकंड फ्लोर)- 6500 रुपए साउथ पैवेलियन (थर्ड फ्लोर)- 5000 रुपए ईस्ट स्टैंड (लोअर चेयर)- 800 रुपए ईस्ट स्टैंड फर्स्ट फ्लोर प्रीमियम- 1250 रुपए ईस्ट स्टैंड फर्स्ट फ्लोर रेग्लुयलर- 1100 रुपए ईस्टस्टैंड सेकंड फ्लोर- 1000 रुपए वेस्ट स्टैंड लोअर चेयर- 900 रुपए वेस्ट स्टैंड फर्स्ट फ्लोर प्रीमियर- 1500 कैसे बुक होंगे टिकट बता दें कि सभी टिकट ऑनलाइन बुक होंगे, जो दर्शकों को ऑनलाइन टिकट एजेंसी द्वारा कूरियर के माध्यम से घर तक डिलीवर होंगे। इस मैच में सबसे सस्ता टिकट 800 रुपए व सबसे महंगा टिकट 7 हजार रुपए का होगा। यह 8वां वनडे मुकाबला होगा, जो होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। यह टिकट डब्ल्यूडब्ल्यू. डिस्ट्रिक. इन साइट पर उपलब्ध होंगे। तीन वर्ष से अधिक आयु के बच्चे को टिकट के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। सीरीज के पहले दो मैच 11 जनवरी को बड़ौदा में और 14 जनवरी को राजकोट में खेले जाने हैं। बच्चों का लगेगा टिकट वनडे मुकाबले को देखने के लिए एक बार में एक व्यक्ति अधिकतम चार टिकट ही खरीद सकेगा। ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने के बाद कूरियर के द्वारा प्रशंसक तक टिकट पहुंचाया जाएगा। तीन वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए भी टिकट लगेगा और उन्हें स्टेडियम में अलग सीट उपलब्ध कराई जाएगी।

भोपाल में सर्वार्थसिद्धि का भव्य शिलान्यास, समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट की पहल से बनेगा 100 सीटर छात्रावास

भोपाल में सर्वार्थसिद्धि का हुआ भव्य शिलान्यास  समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट की सराहनीय पहल – 100 सीटर बनेगा छात्रावास (रत्नेश जैन रागी/राजेश रागी बकस्वाहा)     भोपाल   जैन समाज की बेटियों के लिए धार्मिक एवं लौकिक उच्च शिक्षा हेतु समर्पण चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संस्थापित एवं संचालित सर्वार्थसिद्धि के निर्माणाधीन छात्रावास का भव्य शिलान्यास समारोह विविध अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ। दीपकराज जैन ने बताया कि प्रदेश की राजधानी भोपाल में भव्य शिलान्यास समारोह अशोक जैन अध्यक्ष तीर्थधाम ज्ञानोदय की अध्यक्षता में ताराचंद जैन विधायक उदयपुर शहर राजस्थान के मुख्य आतिथ्य एवं  सुरेश जैन आईएएस, न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जैन, न्यायाधीश अरविंद जैन, न्यायाधीश सचिन जैन, वीरेन्द्र जैन ज्ञायक बांसवाड़ा, पण्डित रजनी भाई दोशी हिम्मतनगर, पंडित विराग शास्त्री जबलपुर, डॉ अरुण जैन जयपुर, महेन्द्र चौधरी भोपाल, श्रीमती रजनी जैन रायसेन, सुधीर जैन कटनी, डॉ. गुलाबचंद जैन घुवारा, सुमतिलाल लुणदिया बांसवाड़ा, प्रतीक गाँधी इन्दौर के विशिष्ट आतिथ्य में संपन्न हुआ।  इस अवसर पर छात्रावास का शिलान्यास अमेरिका से पधारी श्रीमती नमिताबेन किशोर भाई शाह, किशोरभाई सुरजी शाह के करकमलों से किया गया। शिलान्यास समारोह में भोपाल के अतिरिक्त इंदौर, जबलपुर, आगरा, विदिशा, सिद्धायतन द्रोणगिरि ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष विनोद डेवडिया, वर्तमान अध्यक्ष आलोक जैन दाऊ, उपाध्यक्ष रतनचंद्र जैन शास्त्री, कोषाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद जैन, डा.गुलाब चंद्र जैन उपमंत्री जमुनालाल जैन,संतोष कुमार जैन सहित खड़ैरी, घुवारा, छिंदवाड़ा, सागर, सिलवानी, रायसेन, ग्यारसपुर, शुजालपुर, बकस्वाहा, शाहगढ़ सहित अनेक स्थानों से साधर्मियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती ममता राजकुमार शास्त्री एवं आभार प्रदर्शन डॉ. महेश जैन द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान सर्वार्थ सिद्धि की बालिकाओं ने सुंदर मंगलाचरण कर सभी का स्वागत किया एवं अतिथियों के द्वारा ध्वजारोहण कर महोत्सव का शुभारंभ हुआ और शिलान्यास सभा का आयोजन किया गया। स्मरण रहे सर्वार्थसिद्धि में मनोहारी दिगंबर जिन मन्दिर, स्वाध्याय भवन, 100 सीटर छात्रावास, अतिथि निवास एवं भोजनालय की योजना है जिसका निर्माण प्रारंभ शिलान्यास से प्रारंभ किया गया जो सकल जैन समाज के लिए गौरव की बात है।

वाटर सप्लाई की निगरानी को लेकर CM डॉ. मोहन की सख्ती, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

भोपाल  मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं सैंकड़ों लोग अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इस बीच पूरे प्रदेश में पानी वितरण की मॉनिटरिंग को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सख्त हो गए हैं। सीएम ने सभी नगरीय निकायों में जांच के निर्देश दिए हैं।   हर हाल में भेजनी होगी हर महीने रिपोर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल प्रदाय के तहत पानी के शुद्धिकरण की जांच की जाए। लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अफसरों को हर महीने की सैंपल रिपोर्ट हर हाल में स्थानीय निकाय को भेजनी होगी। सीएम ने नगरीय प्रशासन विभाग को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं।  मौत का आंकड़ा बढ़कर 14, सरकारी आंकड़ों में 4 मौतें दर्ज  गौरतलब है कि इंदौर में दूषित पानी से अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, सरकारी आंकड़ों में अभी भी मौत के आंकड़े 4 हैं। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया था कि चार लोगों की मौत की सरकारी आंकड़े में पुष्टि हुई है। लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।  दूषित पानी में मिला हैजा फैलाने वाला जीवाणु दूषित पानी की रिपोर्ट में हैजा फैलाने वाला घातक जीवाणु मिला है। मरीजों की कल्चर रिपोर्ट में हैजे की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को हैजे के इलाज के लिए दी जाने वाली डॉक्सीसाइक्लिन नामक दवा दी जा रही है।

बीज के सबसे अधिक अमानक सैंपल मध्य प्रदेश में, राष्ट्रीय औसत 4 प्रतिशत से कम

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष उनके लोकसभा क्षेत्र विदिशा के किसानों ने अमानक बीज का मुद्दा उठाया था। स्थिति जानने के लिए कृषि मंत्री स्वयं किसानों के साथ खेतों पर पहुंचे तो बीजों की गुणवत्ता घटिया पाई। इससे बड़ी संख्या में किसानों को नुकसान हुआ। इसके बाद कृषि मंत्री के कड़े रुख पर बीजों के सैंपल लिए गए। मध्य प्रदेश में इन सैंपल की रिपोर्ट आई है तो उसमें लगभग 10 प्रतिशत सैंपल अमानक पाए गए हैं। हालांकि, यह स्थिति मध्य प्रदेश में पिछले पांच वर्ष यानी वित्तीय वर्ष 2020-21 से है। इनके आकलन से सामने आया है कि बीज के सबसे अधिक सैंपल मध्य प्रदेश में फेल हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री के सख्त संदेश का असर यह रहा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक अमानक बीच के मामले में 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष में एक भी नहीं थी। वहीं, देश में बीज के सैंपल फेल होने का औसत तीन से चार प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच दो प्रतिशत या इससे कम सैंपल ही फेल हुए हैं। उत्तराखंड में इस अवधि में 2.6 प्रतिशत और गुजरात में तीन प्रतिशत से कम सैंपल अमानक मिले। कार्रवाई की स्थिति यह है कि अमानक बीज की आपूर्ति करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई के नाम पर सिर्फ चेतावनी या बिक्री पर प्रतिबंध तक ही सीमित रहती है। सीड्स एक्ट लेकर आ रहे हैं     हम नया सीड़्स एक्ट लेकर आ रहे हैं, जिसमें अमानक या नकली बीज मिलने पर कठोर कार्रवाई का प्रविधान किया जाएगा। अभी प्रविधान उतने कड़े नहीं होने के कारण कड़ी कार्रवाई नहीं हो पाती। – शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री।  

उमा भारती ने इंदौर में पानी से मौतों पर कहा, “2 लाख नहीं, माफी मांगनी होगी”

इंदौर इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता अपनी ही सरकार पर बरस पड़ी हैं। उमा भारती ने इस घटना को अपनी सरकार के लिए शर्मिंदगी बताते हुए कहा कि माफी मांगनी पड़ेगी। उन्होंने सरकार की ओर से किए गए मुआवजे के ऐलान को लेकर कहा कि जिंदगी की कीमत 2 लाख रुपये नहीं होती है। अगला लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुकीं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती मध्य प्रदेश में अपनी सरकार से भी सवाल पूछने या नसीहत देने का कोई मौका नहीं चूकतीं। इंदौर में दूषित पानी से कई मौतों को उन्होंने सरकार और प्रदेश के लिए शर्म और कलंक करार दिया। उन्होंने शुक्रवार को एक्स पर कहा, ‘साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदे पानी पीने से हुई मौतें हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गईं।’ मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है: उमा भारती पूर्व सीएम ने आगे कहा कि प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। उमा भारती ने राज्य सरकार की ओर से घोषित 2 लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी बताते हुए पीड़ितों से माफी की मांग की और इसे मुख्यमंत्री मोहन यादव के लिए परीक्षा की घड़ी भी बताया। उमा भारती की मांग- माफी और अधिकतम दंड चार बिंदु पर लिखे अपने संदेश के अंत में उमा भारती ने कहा,'जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीड़ितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।' उन्होंने इस ट्वीट के साथ भाजपा के आधिकारिक हैंडल और सीएम मोहन यादव को भी टैग किया है।

इंदौर में पानी से हुई मौतों पर डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ला का बयान, “हम सख्त कार्रवाई करेंगे”

इंदौर  इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। शुक्ल ने साथ ही ये भी बताया है कि सरकार पूरी तरह से मुस्तैद है। शुक्ला ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में पर कड़ी नजर रख रही है और प्रभावित लोगों के बेहतर इलाज के लिए अबतक सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। इस मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं, मरीजों और उनके परिवारों से मिल रहे हैं और डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं। वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बीते तीन दिनों से इंदौर में हैं। सरकार सभी सभी प्रभावित लोगों को बेहतर इलाज मुहैया करवा रही है और साथ ही पानी दूषित होने के कारणों की गहन जांच कर रही है। सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए और ऐसी घटना दोबारा न हो इसके के लिए स्वास्थ्य और नगर निगम अफसरों के साथ मिलकर काम कर रही है। उपमुख्यमंत्री ने साथ ही ये भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि मामले में इससे पहले इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर पानी के दूषित होने का संकेत मिलने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अधिकारी जमीनी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। वर्मा ने कहा, 'शुरुआती जांच से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पानी दूषित है, लेकिन हम और जानकारी जुटा रहे हैं। हमने 13 मरीजों को भर्ती कराया है। हमारी सर्वे टीम घर-घर जाकर लोगों में लक्षणों की जांच कर रही है। हम हर जगह क्लोरीन की गोलियां बांट रहे हैं।' उन्होंने कहा कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने साथ ही ये भी कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने मुताबिक फिलहाल प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 71 को छुट्टी दे दी गई है। मरीजों की संख्या में कमी आई है और जो भी बीमार पाया जा रहा है उसका इलाज किया जा रहा है। सभी का मुफ्त इलाज किया जा रहा है और जिन्होंने पैसा जमा किया है उन्हें रिफंड कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत:संज्ञान लिया है। आपको बता दें कि इंदौर शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया था। मामले पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि, 'करीब 1400 से 1500 लोग प्रभावित हुए हैं।'

भोपाल में संघ प्रमुख मोहन भागवत, दो दिनों में चार प्रमुख कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

 भोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत 2 और 3 जनवरी को अपनी दो दिन की यात्रा के दौरान भोपाल में प्रमुख नागरिकों, सामाजिक और धार्मिक नेताओं, युवाओं और महिलाओं के साथ बातचीत करेंगे. संघ की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पिछले 10 महीनों में यह भागवत की मध्य प्रदेश की पांचवीं यात्रा होगी. RSS प्रमुख 2 जनवरी को 'युवा संवाद' और 'प्रमुखजन गोष्ठी' (प्रमुख नागरिकों के साथ बातचीत) में हिस्सा लेंगे, इसके बाद 3 जनवरी को 'सामाजिक सद्भाव बैठक' और 'शक्ति संवाद' (महिलाओं के साथ बातचीत) होगी. एक न्यूज एजेंसी ने आरएसएस पदाधिकारी के हवाले से बताया कि भागवत इन कार्यक्रमों के दौरान संगठन की 100 साल की यात्रा का जिक्र करेंगे और समकालीन मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे. उन्होंने बताया कि RSS प्रमुख 2 जनवरी को मध्य प्रदेश की राजधानी में कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में प्रांत-स्तरीय 'युवा संवाद' को संबोधित करेंगे. यह कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में होगा। ये आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में होंगे। दूसरा आयोजन प्रमुख जन सम्मेलन होगा, जिसमें भोपाल विभाग के 1500 प्रमुख जन सम्मिलित होंगे। यहां डा. मोहन भागवत का व्याख्यान होगा। प्रश्नोत्तर का सत्र नहीं रखा गया है। इसमें विभिन्न क्षेत्र में काम करने वाले संस्था प्रमुख सम्मिलित होंगे। प्रमुखजन गोष्ठी: समाज के प्रभावशाली लोगों से विमर्श आज यानी शुक्रवार शाम 5:30 बजे रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में प्रमुखजन गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसमें भोपाल विभाग के सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, व्यवसायिक और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय प्रमुख व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया गया है। गोष्ठी में संघ की शताब्दी यात्रा, सामाजिक समरसता और वर्तमान समय की चुनौतियों पर संवाद होगा। सामाजिक सद्भाव बैठक: सभी समाजों के प्रतिनिधि होंगे शामिल कल 3 जनवरी को सुबह 9:30 बजे कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें प्रांत के सभी जिलों से विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि भोपाल पहुंचेंगे। बैठक का उद्देश्य सामाजिक एकता, समरसता और पारस्परिक सहयोग को मजबूत करना है। सरसंघचालक इस मंच से समाज को जोड़ने वाले विचारों और साझा जिम्मेदारियों पर मार्गदर्शन देंगे। शक्ति संवाद: मातृशक्ति से सीधा संवाद कल 3 जनवरी को शाम 5 बजे भोपाल की प्रमुख मातृ शक्ति के साथ शक्ति संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। इस संवाद में समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। यह कार्यक्रम महिला सहभागिता और सामाजिक नेतृत्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शताब्दी वर्ष में बढ़ी संघ को जानने की जिज्ञासा संघ के शताब्दी वर्ष के चलते समाज के विभिन्न वर्गों में आरएसएस को लेकर जिज्ञासा और रुचि बढ़ी है। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के इस प्रवास के माध्यम से लोगों को संघ के बारे में तथ्यात्मक और वास्तविक जानकारी मिलेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि देश और समाज के निर्माण में नागरिक किस प्रकार सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। यह प्रवास संघ के शताब्दी वर्ष में भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण वैचारिक और सामाजिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। अगले दिन यानी शनिवार सुबह 9:30 बजे से कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सामाजिक सद्भाव सम्मेलन होगा, जिसमें विभिन्न समाज के लोग रहेंगे। वह शाम को भोपाल स्टेशन के पास केशव निडम में शक्ति सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जिसमें भोपाल की महिलाएं सम्मिलित होंगी। इन आयोजनों में दो बड़ी बातें हैं। एक तो यह कि उन्हें बुलाया गया है जो आरएसएस के कार्यकर्ता या स्वयंसेवक नहीं हैं। दूसरा, शक्ति सम्मेलन में 40 वर्ष से कम आयु की महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। प्रांत के सभी 31 जिलों (प्रशासनिक ढांचे के अनुसार 16 जिले) के युवा, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और पहचान बनाई है, इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. उन्होंने बताया कि प्रमुख नागरिकों के साथ बातचीत रवींद्र भवन के एक ऑडिटोरियम में होगी, जिसमें भोपाल संभाग के विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है. बयान के अनुसार, 3 जनवरी को कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में 'सामाजिक सद्भाव बैठक' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न समुदायों के प्रमुख सदस्य हिस्सा लेंगे. इसमें कहा गया है कि उसी शाम भोपाल की प्रमुख महिला प्रतिनिधियों के साथ 'शक्ति संवाद' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. बयान में कहा गया है, "भागवत की यात्रा लोगों को RSS के बारे में तथ्यात्मक और प्रामाणिक जानकारी देगी. यह राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास में व्यक्ति क्या भूमिका निभा सकते हैं, इस बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान करेगी."