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इंदौर में 1400 लोग हुए शिकार, शौचालय से घुला दूषित पानी; 32 मरीज ICU में भर्ती

इंदौर      देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की साख पर 'जहरीले' पानी का गहरा दाग लग गया है. एक ताजा लैब टेस्ट से इस बात की पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा में मची तबाही का कारण दूषित पेयजल ही था. इंदौर में डायरिया फैलने से कम से कम चार मरीजों की मौत हो गई और 1400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. टेस्ट के नतीजों से यह साबित हुआ कि मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी के कुछ हिस्सों में जानलेवा पीने के पानी की सप्लाई सिस्टम है, जिसे पिछले आठ सालों से भारत का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता रहा है. इंदौर के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज द्वारा तैयार की गई लैब रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा इलाके में एक पाइपलाइन में लीकेज के कारण पीने का पानी दूषित हो गया था, जहां से यह बीमारी फैलने की खबर आई है. उन्होंने टेस्ट रिपोर्ट के विस्तृत नतीजे शेयर नहीं किए. भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन में एक ऐसी जगह पर लीकेज पाया गया, जहां एक शौचालय बना हुआ है. उन्होंने दावा किया कि इस लीकेज के कारण इलाके में पानी की सप्लाई दूषित हो गई. अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने न्यूज एजेंसी को बताया, "हम भागीरथपुरा में पूरी पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि कहीं और कोई लीकेज तो नहीं है." उन्होंने कहा कि जांच के बाद गुरुवार को भागीरथपुरा के घरों में पाइपलाइन के जरिए साफ पानी की सप्लाई की गई, हालांकि एहतियात के तौर पर लोगों को सलाह दी गई है कि वे पानी को उबालकर ही पिएं. दुबे ने कहा, "हमने इस पानी के सैंपल भी लिए हैं और उन्हें जांच के लिए भेजा है." अब पूरे MP के लिए बनेगी SOP भागीरथपुरा में पानी की त्रासदी से सबक लेते हुए सीनियर अफसर ने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे राज्य के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया जाएगा. उधर, मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर दुबे ने स्थिति का जायजा लेने के लिए भागीरथपुरा का दौरा किया. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को भागीरथपुरा में 1714 घरों के सर्वे के दौरान 8571 लोगों की जांच की गई. उनमें से 338 लोगों में उल्टी-दस्त के हल्के लक्षण दिखे, जिन्हें उनके घरों पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया. उन्होंने बताया कि बीमारी फैलने के आठ दिनों में 272 मरीजों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से 71 को अब तक डिस्चार्ज किया जा चुका है. अ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल 201 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से 32 इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में हैं.

MP में नए साल के पहले दिन सर्दी ने दिखाई दांत, उत्तरी हिस्से में बादल और कोहरा, पचमढ़ी-कल्याणपुर में बर्फीली ठंड

भोपाल  मध्यप्रदेश में साल के पहले ही दिन मौसम ने अलग रंग दिखाया। भीषण सर्दी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन प्रदेश के उत्तरी हिस्से को कोहरे ने पूरी तरह जकड़ लिया। 16 जिलों में सुबह से धुंध छाई रही, जबकि 5 जिलों में बादलों की आवाजाही देखी गई। उधर, शहडोल का कल्याणपुर और प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडे इलाकों में शामिल रहे। मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों की नहीं है। 3 जनवरी से एक बार फिर ठंड तीखा रूप लेगी। गुरुवार को श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड और दतिया में दिनभर बादल छाए रहे। दतिया में हालात ऐसे रहे कि घना कोहरा विजिबिलिटी को घटाकर महज 50 मीटर तक ले आया। इसके अलावा खजुराहो, सतना, रीवा, सीधी, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, दमोह और गुना समेत कई जिलों में कोहरे का असर दर्ज किया गया। आज भी हालात कुछ ऐसे ही बने हुए हैं, हालांकि ठंड की धार फिलहाल उतनी तेज नहीं है।  मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों जैसे मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाएगा। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड का असर भी बढ़ेगा। खजुराहो, सतना, ग्वालियर, नौगांव, रीवा, सीधी, भोपाल, गुना, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, नर्मदापुरम, खरगोन, श्योपुर और दमोह में भी कोहरा रहा। ऐसा ही मौसम आज भी है, लेकिन तेज ठंड का असर नहीं है। उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में कोहरे का असर जरूर है, पर घना कोहरा 3 जनवरी से फिर छाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, 3, 4 और 5 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाएगा। इसके साथ ठंड का असर भी बढ़ेगा। घने कोहरे का असर जनजीवन पर भी साफ दिख रहा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें लगातार देरी से पहुंच रही हैं। कुछ ट्रेनें तो 8 से 10 घंटे तक लेट चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। नए साल में सबसे ज्यादा ठंड पचमढ़ी में दर्ज की गई, जहां रात का तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 6.4 डिग्री रहा। इसके अलावा शिवपुरी, खजुराहो, अमरकंटक, राजगढ़, नौगांव, उमरिया, मंडला, मलाजखंड, टीकमगढ़, दतिया, नरसिंहपुर, रायसेन, छिंदवाड़ा और इंदौर जैसे शहरों में भी तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। इस सीजन में मध्यप्रदेश की सर्दी पहले ही रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जनवरी में भी हालात कुछ ऐसे ही बने रहेंगे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रदेश में माइनस लेवल की ठंड की स्थिति बन चुकी है, ऐसे में आने वाले दिनों में शीतलहर, कोल्ड डे और घना कोहरा आम रहेगा। भिंड और पन्ना में कड़ाके की ठंड भिंड और पन्ना में नए साल के शुरुआती दिनों में कड़ाके की ठंड ने लोगों को प्रभावित किया है. पिछले दो दिनों से सूर्य की किरणें नहीं दिख रही हैं और मौसम ने ठिठुरन बढ़ा दी है.भिंड जिले में तापमान 7 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जबकि पन्ना जिले में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया. ठंड और घने कोहरे के चलते सड़कें सुनसान हो गई हैं. वाहन चालक अलाव और हेडलाइट का सहारा लेकर चल रहे हैं. बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोग कम ही दिखाई दे रहे हैं. सर्दी के इस दौर में लोगों के रोजमर्रा के कामकाज भी प्रभावित हुए हैं. भक्तों ने भी ठंड को देखते हुए देवी-देवताओं के लिए विशेष इंतजाम किए. मंदिरों में भगवान के लिए गर्म वस्त्र और कंबल रखे गए हैं. गर्भगृह में रूम हीटर लगाए गए हैं और गुड़-तिली से बने व्यंजनों का भोग अर्पित किया जा रहा है. मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले कुछ दिनों तक शीतलहर और कोहरे का असर बना रह सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है. ठंड से बचने के लिए अलाव और हीटर का इस्तेमाल भी जारी रहेगा. इस प्रकार नए साल का जश्न इस बार ठंड के चलते फीका रहा, और लोग प्राकृतिक ठंड के बीच अपने घर और मंदिरों में गर्माहट बनाए रखने में व्यस्त हैं.

युवाओं को किताबी ज्ञान से ज्यादा जरूरी व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

परमार्थ और देशभक्ति का भाव हो हम सभी में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं को किताबी ज्ञान से ज्यादा जरूरी व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान स्वामी जी ने दी है हम सबको नई जीवन दृष्टि राष्ट्रकथा शिविर में विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं को किया संबोधित मुख्यमंत्री ने राजकोट के उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट के कार्यक्रम में की सहभागिता भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीव मात्र का समग्र कल्याण ही मानवता का पहला लक्ष्य है। जियो और जीने दो हमारे जीवन का शाश्वत दर्शन है। हमारे यहां नैतिक शिक्षा, राष्ट्रभक्ति और संस्कारयुक्त जीवन पद्धति की एक लंबी परम्परा रही है। यह हम भारतीयों का स्व-अनुशासन ही है, जिससे भारत आज विश्व की महाशक्ति के रूप में तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम सब उस भारतीय मातृ सत्तात्मक संस्कृति के संवाहक है, जहां माताओं और बहनों को देवी के रूप में पूजा जाता है। हमारे यहां बच्चा-बच्चा भी भारत माता की जय बोलकर राष्ट्रमाता को सम्मान देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को गुजरात के राजकोट जिले के प्रांसला के समीप उपलेटा में वैदिक मिशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 26वें 'राष्ट्रकथा शिविर' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिविर में सहभागिता कर ट्रस्ट के गुजरात के प्रमुख व महान विचारक स्वामी धर्मबंधु जी महाराज का आशीर्वाद लिया और कहा कि हम सभी को अपने जीवन में हमेशा अच्छा करने का प्रयास करना चाहिए। पूज्य स्वामी जी ने हम सबको नई जीवन दृष्टि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किताबी ज्ञान से व्यवहारिक और वास्तविक ज्ञान बेहतर है और हमारी युवा पीढ़ी को उनकी असीम शक्तियों का भान कराना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नेकी, परमार्थ और राष्ट्रभक्ति का सहज भाव शरीर में रक्त की तरह हम सभी में प्रवाहमान होना चाहिए। 'वसुधैव कुटुम्बकम' हमारी संस्कृति का जीवोमूल लक्ष्य है और हमें इसी दिशा में और भी मजबूती से आगे बढ़ाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ धाम भी शामिल है। देश में सनातन संस्कृति की धारा सभी क्षेत्रों में बह रही है। राष्ट्रकथा शिविर में स्वामीजी ने देश के विभिन्न प्रांतों से शामिल हुई युवा शक्ति को राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश फिर से विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गुरु की महिमा को देखेंगे तो गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। भारत ने हजारों वर्षों से दुनिया को विश्व बंधुत्व का संदेश दिया है। भारतीय परिवारों में मां का अपना अलग ही स्थान होता है। मां ही हम सभी की पहली गुरु होती हैं। दुनिया में सभी देश अपनी गौरवशाली संस्कृति पर गर्व करते हैं, लेकिन अन्य किसी भी देश में मातृ संस्कृति का आधार देखने को नहीं मिलता। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कोविड के समय जब दुनिया की जनता त्राहिमाम कर रही थी, तब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी संकल्प शक्ति के बल पर कठिन समय में महामारी का सामना किया। हमने स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए संयमित जीवन शैली अपनाई और गांव, गली, मोहल्लों, कस्बों को भी सुरक्षित रखते हुए पूरी दुनिया को भी इस इससे उबारा। कोविड वैक्सीन बनाकर भारत ने 40 से अधिक देशों को यह वैक्सीन भेजी और वहां के लोगों की जान भी बचाई। हमें अपनी इसी परोपकारी संस्कृति पर गर्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। यह सही है कि किताबी ज्ञान से अंकसूची और मेरिट लिस्ट में पहचान बन सकती है, लेकिन केवल कागजी डिग्री से काम नहीं चलता है। हमारे लिए पढ़ाई केवल नौकरी पाना नहीं है, बल्कि इससे इतर बच्चों का नैतिक और संस्कारयुक्त समग्र विकास करना है। हमारे नागरिकों में स्वाभाविक रूप से स्व-अनुशासन का भाव है। दुनिया के कई देशों में लोगों को नियंत्रित करने के लिए केवल दंड व्यवस्था है, जहां हर 10 में से एक सैनिक या पुलिसकर्मी समाज को कंट्रोल करता है, लेकिन हम ऐसे समाज के लोग हैं कि जहां पुलिस का काम नहीं पड़ता है और 100-100 गांवों को एक ही पुलिसकर्मी संभालता है। उन्होंने कहा कि 145 करोड़ आबादी के इस देश में तीनों सेना और पुलिस मिलाकर सुरक्षाकर्मियों की संख्या मात्र 40 लाख है। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्रों में से एक हैं। हमारे सैनिक मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति में जान की बाजी लगाकर देश और देशवासियों की रक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के बाद अब भारत ही दुनिया का वह तीसरा देश है, जो हर तरीके से अपनी सीमाओं और नागरिकों की रक्षा करने की क्षमता रखता है। इस शिविर के जरिए भारतीय युवाओं में देशभक्ति का भाव जगाने का जो पुनीत काम किया जा रहा है, जो नि:संदेह स्वागत योग्य और अभिनंदनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज अंग्रेजी कैलेंडर के आधार पर साल का पहला दिन है। हमारा नया साल तो गुड़ी पड़वा से शुरू होता है। उन्होंने कहा कि हर जीवित व्यक्ति 24 घंटे में 21 हजार 500 बार सांस लेता है और 1 लाख कोशिकाओं के मरने पर एक दिन का जीवन मिलता है। ऐसे में बाबा महाकाल ने सबको जो जीवन दिया है, वह हमें परमार्थ और मानवता की सेवा में समर्पित करना चाहिए। गुजरात सरकार के उच्च और तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री त्रिकमभाई बिजलभाई छंगा ने कहा कि स्वामीजी का प्रयास हम सबको गर्व से भर देता है। मनुष्य की सेवा ही परम पिता परमेश्वर की सेवा है। ऐसे सभी प्राणी, जिनमें जीवन है, हमें अपनी करूणा, दया, स्नेह, अपनत्व, देखभाल और कल्याण भाव से उनकी सेवा करनी चाहिए। स्वामी जी ने विभिन्न प्रांतों से आए युवाओं को राष्ट्र सेवा की ओर प्रवृत्त किया है। यही सच्ची राष्ट्रसेवा और सच्ची राष्ट्रभक्ति है। कार्यक्रम के आरंभ में पूज्य स्वामीजी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य सभी अतिथियों का गुजराती पगड़ी (साफा) पहनाकर एवं अंगवस्त्रम ओढ़ाकर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राष्ट्रकथा शिविर में पुस्तक भी भेंट की गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजकोट के उपलेटा में 26वें राष्ट्र कथा शिविर में तटरक्षक बल की प्रदर्शनी … Read more

नववर्ष पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया गौपूजन, लगाए पीपल के पौधे

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नववर्ष पर किया गौपूजन बसामन मामा गौवंश विहार में लगाया पीपल का पौधा गोलोक दर्शन महोत्सव का किया शुभारंभ रीवा उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नववर्ष के प्रथम दिवस पर बसामन मामा गौवंश वन्य विहार रीवा में गौपूजन किया और गौमाता को गुड़ एवं गौग्रास खिलाया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने भगवान कृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि की कामना की। उन्होंने रात्रि विश्राम के उपरांत नववर्ष की प्रभात बेला में गौमाताओं की सेवा कर आशीर्वाद लिया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में गोलोक दर्शन महोत्सव का शुभारंभ किया। गोलोक दर्शन में आमजन गौशाला का भ्रमण करते हुए गायों का पूजन कर सकते हैं। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में संचालित गतिविधियों एवं प्रचलित निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा की। उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में गौवंश वन्य विहार से लगी 16 एकड़ भूमि में गौशाला का निर्माण कराया जायेगा जहां दुधारू गाय तथा उन्नत नस्ल के गौवंश को संरक्षित रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के आगमन से गौवंश वन्य विहार के विकास कार्य को प्रोत्साहन और ऊर्जा मिली है। गौवंश वन्य विहार को देश की सर्वोत्तम व अत्याधुनिक गौशाला बनाने का कार्य प्राथमिकता से होगा। उन्होंने गौवंश वन्य विहार में चारागाह विकास का कार्य प्रारंभ करने और वहां से उत्पन्न चारे को काटकर गौग्रास बनाते हुए गौशाला में भेजने के लिये व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गौवंश वन्य विहार की बाउंड्रीबाल बनाने और अन्य निर्माण कार्यों के लंबित भुगतान संबंधितों को कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने गौसेवकों का मानदेय वृद्धि का भी अनुमोदन किया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गौशाला में गोमूत्र संग्रहण की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करायें। आगामी फरवरी माह में बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में संत राजेन्द्रदास जी की कथा का आयोजन कराया जायेगा। राजेन्द्र दास जी महाराज गौकथा व प्राकृतिक खेती पर अपने उद्गार व्यक्त करेंगे। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने संतो के आवास के लिये बनाये जाने वाले ऋषि कुलम का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रसादालय में प्रसाद ग्रहण किया। पूर्व विधायक के.पी. त्रिपाठी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं गौशाला के संबद्ध जन उपस्थित रहे।  

डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को प्रदान की नई रैंक

डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा के पदोन्नत अधिकारियों को लगाई रैंक कहा, आपका कार्य व्यवहार बनेगा अन्य अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत भोपाल  मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इसी अनुक्रम में गुरूवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने पदोन्नत अधिकारियों को रैंक लगाई। इस दौरान डीजीपी श्री मकवाणा ने सभी पदोन्नत अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पदोन्नति आपकी समर्पित और निष्ठापूर्ण सेवा का प्रतिफल है। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप प्रदेश की प्रगति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देंगे। आप अपनी कार्यप्रणाली को ऐसा रखें कि वह अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने कहा कि समय पर पदोन्नति प्रदान की जाना सदैव सरकार की प्राथमिकता रही है, इसका परिपालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है।   डीजीपी ने पुलिस मुख्यालय में इन्हें लगाई रैंक :- डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय में आईजी श्री निरंजन बी. वायंगणकर, श्री शियास ए., श्री ललित शाक्‍यवार, डीआईजी श्री राघवेन्‍द्र सिंह बेलवंशी, श्रीमती किरणलताकेरकटृाश्री रियाज इकबाल, श्री राहुल कुमार लोढा, श्री विवेक सिंहतथा वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक श्री हितेष चौधरी को रैंक लगाई।  इन अधिकारियों को किया गया पदोन्नत  :- उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग द्वारा 31दिसंबर 2025को जारी आदेशानुसार 1 जनवरी 2026से भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) के 18अधिकारियों को पदोन्नत किया गया है। इनमें श्री आशुतोष रॉय को एडीजीसे स्‍पेशलडीजी पद पर पदोन्नत किया गया है। श्री प्रमोद वर्मा को आईजी से एडीजी पद पर पदोन्‍नत किया गया है। श्री निरंजन बी. वायंगणकर, श्री शियास ए. तथा श्री ललित शाक्‍यवारको डीआईजी से आईजी के पद पर पदोन्नत किया गया है। इसी प्रकार श्री राकेश सगर, श्री राघवेन्‍द्र सिंह बेलवंशी, श्रीमती किरणलताकेरकटृा, श्री मनोज कुमार राय, श्री रियाज इकबाल, श्री राहुल कुमार लोढा, सुश्री सिमाला प्रसाद, श्री असित यादव, श्री मयंक अवस्‍थी, श्री विवेक सिंह, श्री कुमार प्रतीक, श्री शिवदयाल, श्री शैलेन्‍द्र सिंह चौहान डीआईजी के पद पर पदोन्नत किए गए हैं।  

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने समर्पण और प्रयासों से देशभक्ति का महत्व बताया

अथक परिश्रम एवं समन्वित प्रयासों से चरितार्थ करें देशभक्ति-जनसेवा का आदर्श वाक्‍य : पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा पुलिस महानिदेशक का पुलिसकर्मियों केलिए नववर्ष-2026 के लिए संदेश नववर्ष संदेश में बताई2025 में प्राप्‍त मध्यप्रदेश पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ भोपाल  नववर्ष 2026 के अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा पुलिस कर्मियों के लिए शुभकामना संदेश जारी किया गया। यह शुभकामना संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस के लिए आत्ममंथन, सम्मान और भविष्य की कार्ययोजना का स्पष्ट दस्तावेज है। यह संदेश उस सामूहिक परिश्रम की सार्वजनिक स्वीकृति है, जिसके बल पर वर्ष 2025 मध्यप्रदेश पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों का वर्ष बना। पुलिस महानिदेशक ने अपने संदेश में वर्ष 2025 को टीमवर्क, नवाचार और संवेदनशील पुलिसिंग का प्रतीक बताया। उन्‍होंने अपने संदेश में उल्‍लेख किया कि प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने, डायल-112 कियान्वयन, रिक्त पदों की पूर्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया, जनसुनवाई, ई-आफिस, नारकोटिक्स ड्रग्स के विरूद्ध "नशे से दूरी है जरूरी" जागरूकता अभियान की अभूतपूर्व सफलता, सायबर फ्रॉड से बचाव हेतु सेफ क्लिक जागरूकता अभियान, पुलिस कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं फिटनेस हेतु हार्टफुलनेस संस्था से एम.ओ.यू., 1" Change Maker Award, e-HRMS प्रारंभ करने हेतु सार्थक प्रयास, रू. एक लाख से अधिक की सायबर फॉड शिकायतों में ई-जीरो एफ.आई.आर., कार्यप्रणाली में सुधार हेतु लंबी अवधि से एक ही थाने में पदस्थ 11,000 से अधिक पुलिस कर्मियों के एक सप्ताह में स्थानांतरण आदि महत्वपूर्ण हैं। रिकार्ड संख्या में हजारों गुम अवयस्क बालिकाओं को मध्‍यप्रदेश पुलिस ने विशेष प्रयासों से खोजा है। इन सफलताओं में आप सभी का बहुमूल्य योगदान रहा है। पुलिस महानिदेशक नेसंदेश में लेख किया कि सभी महत्वपूर्ण अपराधों में त्वरित पतासाजी, गिरफ्‌तारी, समस्त त्यौहारों के शांतिपूर्ण आयोजन में अथक परिश्रम किया है। अच्छे कार्यों के करने पर मनोबल बढ़ाने हेतु मेरे स्तर से तत्काल संज्ञान लेते हुए बड़ी संख्या में त्वरित एवं उचित ईनाम भी दिए गए हैं। वर्ष 2026 में अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए मकवाणा ने कहा कि यातायात दुघर्टनाओं पर नियंत्रण एवं सड़क सुरक्षा हेतु नव वर्ष में योजनाबद्ध तरीके से और सक्रियता जरूरी है। सायबर फ्रॉड के नवीन तरीकों को दृष्टिगत रखते हुए Capacity Building समय की आवश्यकता है।Basic Policing के साथ ही नवीन तकनीकी, AI का उपयोग, मादक पदार्थ तस्करों के विरूद्ध और अधिक कड़ी कार्यवाही, Social Media में तथ्यों की त्वरित प्रस्तुति तथा पुलिस के अच्छे कार्य प्रचारित किए जाना चाहिए। सिंहस्थ 2028 के सफल एवं सुरक्षित आयोजन हेतु तैयारियों में और तेजी लाई जाए। डीजीपी ने अपेक्षा की है किपुलिस थाना विभाग की मूलभूत इकाई है, जहाँ बड़ी संख्या में आमजनों का दिन-प्रतिदिन पुलिस से सम्पर्क होता है। थाना स्टाफ द्वारा उत्तम चरित्र एवं आचरण का प्रदर्शन, पीड़ितों एवं आवेदकों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं त्वरित कार्यवाही की जाए। आमजन की सहभागिता एवं उनका विश्वास अर्जित करना भी हमारा ध्येय होना चाहिए। महिलाओं एवं बच्चों के प्रति भी संवेदनशीलता बरतते हुए उनके विरूद्ध घटित अपराधों में तत्काल कड़ी कार्यवाही की जाना चाहिए। माननीय मुख्यमंत्री जी पुलिस कर्मचारियों के कल्याण के लिए संवेदनशील हैं एवं विभाग के कई प्रस्तावों में शासन स्तर से त्वरित स्वीकृतियाँ प्राप्त हुई हैं। नववर्ष की प्रात: बेला में पुलिस महानिदेशक द्वारा जन गण मन एवं वंदे मातरम गायन के साथ पुलिस मुख्‍यालय के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समक्ष संदेश वाचन करते हुए स्‍टॉफ के साथ स्‍वल्‍पाहार लेते हुए सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गई। उन्‍होंने विश्‍वास जताते हुए कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों एवं अथक परिश्रम से प्रदेश की आमजनता को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के आदर्श वाक्य देशभक्ति जनसेवा को चरितार्थ करने में हम सफल होंगें। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणाके अलावा विशेष पुलिस महानिदेशक आदर्श कटियार, अनिल कुमार, संजीव शमी, आशुतोष राय, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशकए.साईं मनोहर, जयदीप प्रसाद, योगेश चौधरी, मो. शाहिद अबसार, भोपाल पुलिस आयुक्‍त हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस महानिरीक्षक इरशाद वली, श्रीमती रूचिवर्धन मिश्र सहित पुलिस मुख्यालय के समस्त वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।  

डॉ. यादव विश्व आर्थिक फोरम में करेंगे निवेश संवाद में भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस में करेंगे वैश्विक निवेश संवाद विश्व आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक में होंगे शामिल भोपाल विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 18 से 23 जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित की जा रही है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी देंगे। विश्व आर्थिक मंच 2026 का विषय “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग” और "अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ" रखा गया है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दावोस यात्रा का उद्देश्य मध्यप्रदेश को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना, वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना और राज्य के प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों को आगे बढ़ाना है। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश के आशय प्रस्तावों पर चर्चा, वैश्विक नीति निर्माताओं के साथ संस्थागत संबंधों को मजबूत करने तथा राज्य की ब्रांड छवि को फ्यूचर रेडी स्टेट के रूप में सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस रहेगा। विश्व आर्थिक मंच में मध्यप्रदेश ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन, आईटी, ईएसडीएम एवं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं और नीतिगत सहयोग को प्रस्तुत करेगा। ऑटोमोटिव सेक्टर में ईवी मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए उपलब्ध मजबूत इको सिस्टम को रेखांकित किया जाएगा। प्रदेश के पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट से राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन नीति के अंतर्गत उभरते निवेश अवसरों को भी अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष रखा जाएगा। आईटी और ईएसडीएम सेक्टर में इंदौर और भोपाल को उभरते हुए आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के रूप में प्रस्तुत करते हुए राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम नीति 2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों पर जोर दिया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मध्यप्रदेश को फूड बॉस्केट ऑफ इण्डिया के रूप में स्थापित करते हुए मेगा फूड पार्कों और कृषि आधारित मूल्य संवर्धन श्रृंखला में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस प्रवास के दौरान फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ और वैश्विक उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकों में भाग लेंगे। साथ ही ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, एनर्जी तथा आईटी, हेल्थकेयर और फूड प्रोसेसिंग पर केंद्रित सेक्टोरल राउंडटेबल मीटिंग में राज्य के मौजूदा निवेशक अपने अनुभव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता विश्व आर्थिक मंच के विभिन्न सत्रों में भी रहेगी, जिनमें श्रम, ऊर्जा सुरक्षा, नवकरणीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहेंगे।  

इंदौर में 2026 में मेट्रो ट्रेन विस्तार और ब्रिजों का होगा निर्माण

 इंदौर  इंदौर के लिए वर्ष 2026 कई सौगातें लेकर आएगा। सबसे महत्वपूर्ण सौगात मेट्रो ट्रेन के विस्तार की होगी। इसके अलावा प्रदेश का पहला डबल डेकर ब्रिज भी बनकर इस साल तैयार हो जाएगा। कई अन्य विकास कार्य भी इंदौर के हिस्से आएंगे। बीते साल में इंदौर में कई विकास के काम शुरू हुए, लेकिन वे अंजाम तक नहीं पहुंच सके, लेकिन नए साल में जनता के लिए वे उपयोगी साबित होंगे। मेट्रो चलेगी रेडिसन चौराहा तक मेट्रो फिलहाल छह किलोमीटर के हिस्से में चल रही है, लेकिन वहां मेट्रो को यात्री नहीं मिल रहे हैं। मार्च माह तक मेट्रो का संचालन गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक होगा। इसके बाद मेट्रो ट्रेन में यात्री संख्या बढ़ सकती है। 17 किलोमीटर लंबाई के लिए ट्रायल रन हो चुका है। अब इसकी मंजूरी जल्दी ही मिलने वाली है। पांच स्टेशनों का काम भी पूर्णता की ओर है। इस साल मध्य हिस्से का काम भी शुरू होना है। ब्रिजों का काम होगा पूरा शहर में सात स्थानों पर ब्रिजों का निर्माण जारी है। इस साल एमआर 10 जंक्शन पर बनने वाले ब्रिज का काम पूरा हो जाएगा। अभी इंदौर शहर में एंट्री के लिए काफी परेशानी आती है। इसके अलावा लवकुश चौराहे पर बन रहे डबल डेकर ब्रिज की सौगात भी इस साल मिलेगी। ब्रिज का काम दो साल से चल रहा है। निरंजनपुर चौराहे पर बनने वाले ब्रिज का काम भी नए साल में पूरा हो जाएगा। होगी बिजली की बचत नगर निगम जलूद में 60 मेगावाट का सोलर प्लांट तैयार करवा रहा है। यह काम पूरा हो चुका है और लाइनों को शिफ्ट करने का काम जारी है। हर माह 20 करोड़ रुपये निगम को जलूद से इंदौर तक पानी लाने के लिए खर्च करने पड़ते हैं। सोलर प्लांट के शुरू होने से हर माह चार से पांच करोड़ रुपये की बिजली बचेगी। 200 एकड़ में यह प्लांट बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने ग्रीन बांड जारी कर ढाई सौ करोड़ रुपये की राशि जुटाई है।   छह लेन सड़क बनकर होगी तैयार   इंदौर-उज्जैन रोड का काम भी इस साल तक पूरा होने की उम्मीद है। काम तेजी से चल रहा है। सिंहस्थ को देखते हुए छह लेन सड़क बनाई जा रही है। इसके अलावा एमआर 12 सड़क भी बनकर तैयार हो जाएगी। शहर में मास्टर प्लान की 23 सड़कों का काम शुरू हुआ है। इस साल सात सड़कें बनकर तैयार हो जाएंगी।   इंदौर में 20 नए आधुनिक बस स्टॉपों की सौगात इंदौर में नगर निगम ने 20 नए बस स्टॉपों का निर्माण शुरू किया है। पुराने बस स्टॉप पर लोगों को बैठने, रुकने और जानकारी प्राप्त करने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, वहीं अब इन नए बस स्टॉप पर अत्याधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आने वाले समय में शहर के अन्य मार्गों पर भी पुराने बस स्टॉपों के स्थान पर नए बस स्टॉप बनाए जाएंगे। इंदौर में सिटी बसों के संचालन के समय 20 वर्ष पहले बस स्टॉपों का निर्माण किया गया था। शहर में लगभग 350 सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। एक वर्ष में 200 नवीन सिटी बस स्टॉप तैयार किए जाने का लक्ष्य है। नए बस स्टॉपों में पैसेंजर इनफॉर्मेशन सिस्टम (PIS) रहेगा। इससे रूट मैप की जानकारी रहेगी और इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर भी डिस्प्ले होते रहेंगे। स्टॉपों पर सीसीटीवी कैमरे रहेंगे। इसके अलावा यात्री अपने मोबाइल भी चार्ज कर सकेंगे। हर स्टॉप पर दो मोबाइल चार्जिंग पॉइंट रहेंगे। इसके अलावा आरामदायक सीटें रहेंगी। बारिश के समय भी बस स्टॉप मददगार होंगे।  

बिजली लाइनों से दूर पतंग उड़ाने की अपील, सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश

पतंगें बिजली लाइनों से दूर उड़ाने की अपील भोपाल  नागरिकों की सुरक्षा के मद्देनजर आने वाले मकर संक्रांति के त्यौहार में बिजली कंपनी ने पतंगबाजी को बिजली की लाइनों, ट्रांसफार्मरों और पोल से दूर रखने की अपील की है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने बताया कि पतंगों और उनके धागों के कारण बिजली की लाइनों में फॉल्ट हो सकता है, जिससे न केवल विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि हादसे का भी खतरा बना रहता है। प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि पतंगों में इस्तेमाल होने वाले धागे और बांस की कीमची, दोनों ही बिजली की लाइनों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया है कि पतंगबाजी करते समय सावधानी बरतें और लाइनों, ट्रांसफार्मरों तथा पोल से दूर पतंग उड़ाएं, ताकि मकर संक्रांति का त्यौहार सुरक्षित और उल्लासपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। कंपनी ने यह भी चेतावनी दी है कि बिजली के तारों या पोल में फंसी पतंग को निकालने का प्रयास न करें। इसके अलावा, गिल्ली डंडे का खेल भी बिजली की लाइनों और डीपी से दूर खेलने का अनुरोध किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और विद्युत आपूर्ति में कोई बाधा न उत्पन्न हो।  

मध्य प्रदेश में 2026 में होगा पावर स्ट्रक्चर में बदलाव, 32 आईएएस-आईपीएस अधिकारियों की सेवानिवृत्ति

भोपाल   नया साल 2026 मध्य प्रदेश की नौकरशाही और पुलिस महकमे के लिए बड़े बदलाव लेकर आने वाला है। मध्य प्रदेश कैडर के 16 आईपीएस और 16 आईएएस अधिकारी अगले वर्ष अपनी सेवाएं पूरी कर सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इनमें पुलिस महानिदेशक से लेकर मुख्य सचिव, एडीजी, आईजी, कलेक्टर और संभागायुक्त स्तर तक के अधिकारी शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारियों के बाहर जाने से शासन और पुलिस व्यवस्था में व्यापक फेरबदल तय माना जा रहा है। गृह विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार प्रदेश के मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाणा भी 2026 में रिटायरमेंट की सूची में शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो साल होना जरूरी है, इसी कारण उनकी रिटायरमेंट तिथि बढ़ाई गई है।  डीजी से लेकर एसपी तक खाली होंगे पद वर्तमान सूची के मुताबिक 2026 में पुलिस विभाग से डीजी रैंक के 4 अधिकारी, एडीजी के 2, आईजी के 5, डीआईजी के 3 और एसपी रैंक के 2 अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे। इससे पुलिस मुख्यालय से लेकर रेंज और जिला स्तर तक कई महत्वपूर्ण पद रिक्त हो जाएंगे। इसमें डीजीपी कैलाश मकवाना, अजय कुमार शर्मा, आलोक रंजन, सोनाली मिश्रा, संजीव समी, आशुतोष राय, ए साई मनोजर, संजय तिवारी, अंशुमान सिंह, अरविंद सक्सेना, हिमानी खन्ना, मिथिलेस शुक्ला, शशिकांत शुक्ला, महेश चंद्र जैन, सविता सोहाने और जगदीश डावर शामिल हैं।    आईएएस कैडर में भी बड़ा बदलाव सिर्फ पुलिस ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक सेवा में भी 2026 अहम रहने वाला है। 16 आईएएस अधिकारी अगले साल रिटायर होंगे। इनमें सबसे बड़ा नाम मुख्य सचिव अनुराग जैन का है, जिनका कार्यकाल 30 सितंबर 2026 को पूरा होगा। यदि केंद्र सरकार उन्हें दोबारा सेवा विस्तार नहीं देती है, तो राज्य को नया मुख्य सचिव चुनना पड़ेगा।  मुख्य सचिव के अलावा एसीएस स्तर की अलका उपाध्याय और आशीष श्रीवास्तव, चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार, शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी और शहडोल कलेक्टर केदार सिंह भी 2026 में रिटायरमेंट की सूची में हैं। इसके साथ ही शिक्षा, खनिज, राजस्व, आयुष और लोकायुक्त जैसे विभागों से जुड़े वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी सेवा से बाहर होंगे। यह आईएएस होंगे रिटार्यड  सितंबर में- मुख्य सचिव अनुराग जैन, अलका उपाध्याय, आशीष श्रीवास्तव, स्मिता भारद्वाज, उमाकांत उमराव, अरुणा गुप्ता, माल सिंह भयडिया, उर्मिला शुक्ला, ललित दाहिमा, सुरेश कुमार, चंद्रशेखर वालिम्बे, रविंद्र कुमार चौधरी, संजय कुमार, संजय कुमार मिश्रा, केदार सिंह और जीएस धुर्वे शामिल हैं।