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ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों का इस माह के अंत तक होगा भूमिपूजन और शुभारंभ

मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच करें प्रचारित : मुख्यमंत्री डॉ.यादव ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों का इस माह के अंत तक होगा भूमिपूजन और शुभारंभ मुख्यमंत्री ने पिछले दो वर्ष में एमएसएमई की 31प्रतिशत ग्रोथ पर दी बधाई फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को एमएसएमई से जोड़ें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग के दो वर्ष के कार्यों की समीक्षा की भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमएसएमई विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच इस तरह से प्रचारित और प्रस्तुत करें, जिससे अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हों तथा व्यापक निवेश और रोजगार सृजित हो सकें। उन्होंने उद्योग वर्ष के समापन पर इस माह के अंत तक ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों के भूमिपूजन औद्योगिक भूखंड आवंटन, शुभारंभ आदि का व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने एमएसएमई के पंजीकरण में जबरदस्त 31प्रतिशत की ग्रोथ पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे पिछले दो वर्ष में छोटे उद्योगों के लिए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए शानदार वातावरण का उदाहरण बताया। उन्होंने फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को भी एमएसएमई से जोड़ने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खजुराहो में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के गत 2 वर्ष के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दो वर्ष में मध्यप्रदेश में एमएसएमई और स्टार्टअप के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रदेश में इस अवधि में कई लाख करोड़ का निवेश आया है और नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और शुभारंभ हुआ है। एमएसएमई इकाइयों को 2780 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई है।मुख्यमंत्री ने 2019 से उद्यमों के लिए लंबित प्रोत्साहन राशि के संपूर्ण भुगतान को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग वर्ष के समापन पर यह विभाग की जिम्मेदारी है कि पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ इन उपलब्धियों का मीडिया को भी मौके पर निरीक्षण कराए, जिससे निवेश और रोजगार में हुए कार्य पूरे देश में प्रचारित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल सहित बड़े शहरों में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क के विकास कार्यों में प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को जोड़ें, जिससे मितव्ययता बनी रहे। प्रदेश में एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार, औद्योगिक संरचना के विकास तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।  बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.51 लाख विनिर्माण उद्यम, 6,340 से अधिक स्टार्टअप और 3,023 से अधिक महिला स्टार्टअप सक्रिय हैं। प्रदेश में 102 से अधिक इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं। विनिर्माण क्षेत्र में ₹39,600 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है। नीतिगत सुधार एवं विभागीय उपलब्धियाँ विगत दो वर्षों में विभाग ने नीतिगत सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। एमएसएमई एवं स्टार्टअप के लिए नई नीतियाँ लागू की गईं। प्रदेश में 116 से अधिक कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता एवं प्रशिक्षण दिया गया। भू-आवंटन एवं अन्य प्रक्रियाओं को फेसलेस ऑनलाइन माध्यम से समयबद्ध सेवा के रूप में लागू किया गया। वित्तीय सहायता के अंतर्गत 4,065 इकाइयों को 2,780.44 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई और  220 सहायता प्रकरणों का राज्य स्तरीय साधिकार समिति द्वारा निराकरण किया गया। औद्योगिक अधोसंरचना का विस्तार समीक्षा बैठक में बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 1,240 भूखंड उद्यमियों को उपलब्ध कराए गए, 13 औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और 14 नए औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में 31 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कार्य प्रगति पर है। निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों में से 12 का विकास कार्य पूर्ण हुआ है। विभाग द्वारा पहली बार गोविंदपुरा, भोपाल में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क का विकास कर नवाचार को प्रोत्साहन दिया गया है। वित्तीय समावेशन एवं उद्यम क्रांति योजना मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 15,838 युवाओं को लाभान्वित किया गया और 1,087.27 करोड़ रूपये की ऋण राशि वितरित की गई। प्रदेश की साख योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 2,45,038 करोड़ रूपये के विरुद्ध सितम्बर 2025 तक 1,93,872 करोड़ रूपये वितरित किए गए, जो पिछले दो वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि है। इससे एमएसएमई क्षेत्र में वित्तीय उपलब्धता और उद्यमिता को मजबूती मिली है। फेसिलिटेशन कॉउंसिल की उपलब्धियाँ एमएसएमई फेसिलिटेशन काउंसिल द्वारा विलंबित भुगतान के 439 प्रकरणों का निराकरण किया गया और काउंसिल की सुनवाई पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित की गई। ODR पोर्टल के प्रभावी उपयोग के लिए काउंसिल को वर्ष 2025 में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। निवेश संवर्धन एवं राष्ट्रीय उपलब्धियाँ समीक्षा बैठक में बताया गया कि जीआईएस- 2025 के दौरान प्रदेश को 2,279 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनकी कुल राशि 21,000 करोड़ रूपये है। इनमें से 729 प्रस्ताव क्रियान्वित हुए हैं, जिनके माध्यम से 5,075 करोड़ रूपये का वास्तविक निवेश और 21,599 रोजगार सृजित हुए हैं। नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में मध्यप्रदेश मंडप को वर्ष 2024 में स्वर्ण पदक तथा 2025 में रजत पदक प्राप्त हुआ। विनिर्माण एवं प्रमाणन में प्रगति बैठक में बताया गया कि विगत दो वर्षों में 2 लाख से अधिक विनिर्माण इकाइयाँ पंजीकृत हुई हैं, जो 31 प्रतिशत की वृद्धि है। आरएएमपी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 SME को स्टॉक एक्सचेंज में शामिल कराया गया है। जेडईडी प्रमाणन के क्षेत्र में 16,428 इकाइयाँ प्रमाणित हुई हैं, जबकि पूर्व में यह संख्या मात्र 437 थी। प्रतिदिन अवधि में 30 हजार से अधिक एमएसएमई एवं स्टार्टअप का क्षमता निर्माण किया गया तथा iGOT पोर्टल पर 834 शासकीय सेवक ऑनबोर्ड हुए। ग्वालियर स्टोन एवं छतरपुर वुडन फर्नीचर को दिसंबर 2025 में जीआई टैग प्राप्त हुआ है। क्लस्टर विकास एवं भविष्य की औद्योगिक तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि आगामी तीन वर्ष में 5 हजार से अधिक करोड़ की प्रोत्साहन राशि एमएसएमई इकाइयों को दी जाएगी। इसी तरह क्लस्टर विकास के लिए 30 नए निजी क्लस्टरों और 22 सामान्य सुविधा केंद्रों … Read more

मध्यप्रदेश ने बनाया रिकॉर्ड, वाहनों की डिडुप्लीकेशन की सभी लंबित प्रविष्टियाँ कीं शून्य; EV पर मोटरयान कर पूरी तरह माफ

मध्यप्रदेश बना वाहनों की डिडुप्लीकेशन की लंबित प्रविष्टियों को शून्य करने वाला राज्य इलेक्ट्रिक वाहनों में मोटरयान कर में पूर्ण छूट भोपाल परिवहन विभाग के प्रयासों से मध्यप्रदेश डिडुप्लीकेशन की लंबित प्रविष्टियों को शून्य करने वाला राज्य बन गया है। इस कार्यवाही का फायदा उन समस्त 2 लाख 50 हजार वाहन स्वामियों को मिला है, जो अब परिवहन विभाग की ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग कर पा रहे हैं। देश में समस्त राज्यों के परिवहन विभाग द्वारा वाहनों के पंजीयन एवं उनके स्थानान्तरण के संबंध में विभिन्न परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) में समय-समय पर प्रविष्टियां की जाती हैं। पूर्व में कागजों पर संधारित रिकार्ड को डिजिटाइज करने के दौरान दूसरे आरटीओ के अधिकार क्षेत्र में वाहन के स्थानांतरित होने पर पूर्व के आरटीओ द्वारा एंट्री को डिलीट न किये जाने के कारण देश में 35 लाख वाहन ऐसे थे, जिनकी प्रविष्टि एक से अधिक आरटीओ में होने से उन वाहन स्वामियों को परिवहन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस वर्ष जुलाई 2025 के अंत तक मध्यप्रदेश में करीब 2 लाख 50 हजार ऐसी प्रविष्टियां थीं। परिवहन विभाग द्वारा एक विशेष मुहिम चलाई गई। मुहिम की समीक्षा प्रत्येक पखवाड़े में परिवहन विभाग में वरिष्ठ स्तर पर किये जाने से मध्यप्रदेश में डुप्लीकेट एंट्रियों को सही कर दिया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटरयान कर में पूर्ण छूट पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य में पंजीकृत होने वाले समस्त श्रेणी के इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटरयान कर में पूर्णत: छूट प्रदान किये जाने के प्रावधान किये गये हैं। इसके साथ ही प्रदेश में कम्प्रेस्ड् नेचुरल गैस (सीएनजी) वाहनों पर भी राज्य सरकार द्वारा मोटरयान कर में एक प्रतिशत की छूट प्रदान की गई है। इस प्रावधान से प्रदेश में इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।  

राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का भाई भारी मात्रा में गांजा सहित गिरफ्तार, बहनोई पहले से जेल में

सतना जिले के रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक कार से 46 किलो गांजा जब्त करते हुए दो तस्करों को पकड़ा है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में मध्यप्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के सगे भाई अनिल बागरी भी शामिल हैं। कार्रवाई थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी की अगुवाई में की गई। गुप्त सूचना पर पुलिस ने रामपुर बाघेलान क्षेत्र में नाकाबंदी की थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर जांच की गई, जिसमें भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि यह नेटवर्क प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को तस्करी में प्रयुक्त कार और छिपाए गए गांजे के ठिकानों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद टीम ने कुल 46 किलो गांजा बरामद किया। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल बागरी, पिता जय प्रताप बागरी, निवासी भरहुत नगर हरदुआ, और पंकज सिंह, पिता सतेंद्र सिंह, निवासी मतहा, के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस ने शैलेन्द्र सिंह, पिता सुरेंद्र सिंह, निवासी विराट नगर, को भी आरोपी बनाया है, जो राज्यमंत्री का बहनोई बताया जाता है और फिलहाल बांदा जेल में पहले से बंद है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले वही शैलेन्द्र सिंह गांजे की खेप के साथ बांदा में पकड़ा गया था। रामपुर बाघेलान पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। लगातार दूसरे बार राज्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार का मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में फंसना राजनीतिक चर्चाओं का विषय बना हुआ है। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी शैलेन्द्र सिंह की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।

डॉ. यादव: सभी पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ पहुंचे समय पर

हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग के बेहतर कार्य पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा  भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न वितरण का लाभ सुगमता से पहुंचे। जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य रूप से लक्षित सार्वजनिक प्रणाली, उपार्जन प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों सहित विभिन्न विषयों पर रिव्यू किया गया। इस दौरान डॉ. यादव ने विभाग द्वारा किए गए नवाचारी प्रयासों की सराहना की, वहीं अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।  बैठक में विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों के ई-केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग कार्य की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को नि:शुल्क खाद्यान प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि खाद्य संचालनालय द्वारा वृहद स्तर पर कैंपेन मोड में ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग का कार्य किया गया था। जिसमें चरण वार हितग्राहियों के वेरीफिकेशन के बाद 34 लाख से अधिक हितग्राहियों का पोर्टल से विलोपन किया गया। वहीं इस प्रक्रिया से प्रतीक्षा सूची से लगभग 14 लाख हितग्राहियों को नवीन पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यान का वितरण किया जा रहा है।  समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई एवं मती रश्मि अरुण शमी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को नि:शुल्क वितरण बैठक में बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का लाभ मिल सके, इसके लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29वीं प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 7.25 लाख परिवारों के 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची के माध्यम से निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। दो वर्ष में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को 19,935 करोड़ रुपये का 66.37 लाख मीट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया गया। पीडीएस प्रदाय केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई।  प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में शामिल 536.23 लाख पात्र हितग्राहियों में से 93% यानी 497.08 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, प्रतीक्षारत 14 लाख नवीन पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्चियां जारी कर नि:शुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है। किसानों को एमएसपी के लाभ के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि भी मिली किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले इसके लिए प्रदेश सरकारी द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में एमएसपी पर गेंहू बेचने वाले किसानों को 29558.40 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि और 1965 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान किया गया है। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 19208.76 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि एवं 337.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का भुगतान मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत किया गया है। चावल उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाते हुए वर्ष 2024-25 में 9.64 लाख मीट्रिक टन चावल का केन्द्रीय पूल में रिकार्ड परिदान किया गया। सरकार द्वारा भंडारण क्षमता को भी बढ़ाया गया है। लाडली बहनों को भी मिल रहा उज्जवला योजना का लाभ मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना अंतर्गत सम्मिलित महिलाओं और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की कनेक्शनधारी महिलाओं को दो साल में 616.97 लाख रिफिल प्रदाय कर 911.32 करोड़ रुपये के अनुदान का भुगतान किया गया है।  सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में लें समीक्षा बैठक में बताया गया कि शहरी गैस वितरण को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025 इस वर्ष 14 फरवरी को लागू की गई। साथ ही एनओसी जारी करने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल शुरू किया गया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में चलाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का कार्य करें।  नवाचार-एसएमएस मॉनिटरिंग से राशन प्रदाय व्यवस्था को बनाया और पारदर्शी विभाग द्वारा बीते दो वर्ष में नवाचार के कई कदम उठाए गए। इसके तहत राशन प्रदाय व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए हितग्राहियों तक राशन पहुंचने और वितरण संबंधी हर कदम की सूचना एसएमएस द्वारा दी जा रही है। इसके अलावा 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है। जन पोषण केंद्र की शुरुआत सार्वजनिक प्रदाय में नवाचार करते हुए इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदला गया है, जिसके माध्यम से दुकानदारों की मासिक आय में भी 10 से 15 हजार रुपये तक की वृद्धि हुई। जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।  मॉनिटरिंग में तकनीक का उपयोग मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमाण्ड कन्ट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई।  इसके अलावा मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन की गतिविधिर्या की रियल टाईम मानिटरिंग के लिए माईश्चर एप, फ्यूमिगेशन एप तथा इंस्पेक्शन एप विकसित किए गए हैं।  उचित मूल्य की दुकानों पर लगेंगी आधुनिक पीओएस मशीनें समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना के बारे में बताया गया कि राशन वितरण व्यवस्था को अधिक तेज और पारदर्शी बनाते हुए उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान है।  लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा शासकीय गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाने, भण्डारण प्रक्रिया का मॉर्डनाइजेशन और गोदामों का अपग्रेडेशन करने के साथ उन्न्त तकनीकी की सहायता से विभिन्न स्तरों पर डेटा सिंक्रोनाइजेशन के कार्य भी किए जाएंगे।  सिंहस्थ-2028 में अखाड़ों के लिए जारी होंगे अस्थायी राशन कार्ड सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण के लिए तैयार की गई … Read more

ओरछा को पर्यटन में वैश्विक मुकाम दिलाने मास्टर प्लान तैयार होगा

भोपाल  मुख्य सचिव अनुराग जैन ने ओरछा में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाएँ समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण की जाएँ जिससे ओरछा को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने ओरछा शहर के आर्थिक, सामाजिक विकास को देखते हुए इंटीग्रेटेड मास्टर प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए।मुख्य सचिव जैन रविवार को पर्यटन नगरी ओरछा पहुंचे और  विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया तथा निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों को  समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री जैन ने ओरछा में मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीराम राजा सरकार के दर्शन किए।मुख्य सचिव उन्होंने जुझार महल एवं हरदौल वाटिका का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वेंडर जोन का निर्माण इस तरह करें जिससे पर्यटकों को आवागमन में सुविधा हो।उन्होंने कहा कि खजुराहो महोत्सव को ध्यान में रखते हुए बुंदेलखंड सांस्कृतिक महोत्सव आयोजित करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्य सचिव ने आर्कियोलॉजिकल पार्क पहुंचकर निर्देश दिए कि ओरछा का मास्टर प्लान तैयार करें। पीपीपी मोड पर चल रहे कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करें जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। मुख्य सचिव श्री जैन कंचना घाट भी पहुंचे और बेतवा नदी पर स्थित नवीन ब्रिज निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कंचना घाट पर संचालित पिंक टॉयलेट संचालन कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप को देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से संरक्षित भवनों की स्थिति, पर्यटक सुविधाओं और आवश्यक रखरखाव उपायों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी हैमुख्यसचिव श्री जैन ने राय प्रवीण महल एवं तुलसी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण  पूर्ण हों। उन्होंने जहांगीर महल का अवलोकन किया। उन्होंने होटल बेतवा रिट्रीट में श्रीराम राजा लोक और ओरछा में चल रहे विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। वर्तमान में आ रहे पर्यटकों एवं भविष्य में आने वाले पर्यटकों की संभावनाओं के दृष्टिगत कार्ययोजना तैयार की जाए।  उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी होटलों की स्टार रेटिंग कराई जाए। जुझार सिंह महल को बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र की तर्ज पर विकसित किया जाए। एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाए। बुंदेली कला, पेंटिंग एवं टेराकोटा से बनने वाले उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जाए और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाकर विक्रय किया जाए। इस अवसर पर जिले के अधिकारी सहित कंसल्टेंट मौजूद रहे।  

लाड़ली बहना योजना में 31वीं किस्त की घोषणा, 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में 1500 रुपये आएंगे

भोपाल  दिसंबर का महीना दस्तक दे चुका है। इसी के साथ मध्य प्रदेश की लाखों महिलाओं की निगाहें एक बार फिर से लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की अगली किस्त पर टिक गई हैं। इस बार इस योजना की 31वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके तहत 1.26 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में 1250 की राशि डाली जाती थी। वहीं 30वीं किस्त से बहनों के खाते में 1500 रुपए भेजे जा रहे हैं। इससे राज्य सरकार हर महीने योजना पर 1859 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। आपको बता दें कि ये महीना बहनों के लिए खास होने वाला है। चलिए आपको बताते हैं हम ऐसा क्यों कह रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 9 दिसंबर को छतरपुर जिले के राजनगर से सीएम मोहन यादव किस्त जारी कर सकते है।हालांकि अभी तक अधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। इससे पहले 12 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी से लाड़ली बहनों के खाते में 30वीं किस्त (1250+250= 1500 रू) के रूप में कुल 1857 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए गए थे। इस योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब से अक्टूबर 2025 तक बैंक खातों में 44 हजार 917 करोड़ 92 लाख रू का अंतरण कर चुके हैं। जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया ।     नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है।     इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में … Read more

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश, ग्राम पंचायतों के सहयोग से छोटे गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें

ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति कार्य को प्राथमिकता से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले में जल जीवन मिशन एवं हिनौती गौधाम विकास कार्यों की समीक्षा की रीवा  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में भी पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन बसाहटों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को साकार करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच प्रभावी समन्वय महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हिनौती गौधाम के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने शेड निर्माण के प्रस्ताव को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनरीक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौवंश विहार को नैचुरल फॉर्मिंग (प्राकृतिक खेती) के मॉडल पर उन्नयन किया जाना है, इसके लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी; प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि; एमडी मध्यप्रदेश जल निगम  वी. एस. चौधरी, संचालक पंचायत  छोटे सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुस्लिम बनकर शादी की थी तैयारी, अब शुभम गोस्वामी के नाम से करेंगे वापसी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अजब-गजब मामला सामने आया है। मुस्लिम युवती से शादी करने के लिए अमन ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। तीन साल बाद भी शादी नहीं हुई तो आहत होकर फिर से हिंदू धर्म में घर वापसी होगी। गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी होगी। इसके पहले मंत्रोचारण के साथ उनका मुंडन कराया जाएगा फिर विधिवत हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश कराया जाएगा। गुफा मंदिर में महंत और कर्मकांडी ब्राम्हण घर वापसी कराएंगे। अमन खान से शुभम गोस्वामी के नए नाम के साथ घर वापसी होगी। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद धोखा बताया जाता है कि तीन साल पहले अमन हिंदू था। मुस्लिम लड़की के प्रेम में पड़कर और शादी के लिए शुभम मुस्लिम बन गया था। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद भी शादी नहीं कराने का आरोप लगाया है। प्रेम में धोखा खाने और आहत होकर घर वापसी कर रहे है। 

सरकारी आदेश के तहत क्रिसमस की छुट्टियों में बदलाव, स्कूलों और CBSE के लिए नया शेड्यूल लागू

जबलपुर  एमपी के कई जिलों में इस बार क्रिसमस पर स्कूलों में लंबी छुट्टी नहीं मिलेगी, केवल दो दिन का अवकाश रहेगा। मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में क्रिसमस पर सिर्फ दो दिन की छुट्टी होगी, जबकि शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा, जिसके कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। सरकारी स्कूलों में क्रिसमस पर केवल 25 दिसंबर को एक दिन का अवकाश रहेगा, जिसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। छुट्टी का शेड्यूल जारी जिले के मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में इस बार क्रिसमस पर छात्रों को लंबी छुट्टी का लाभ नहीं मिलेगा। क्रिसमस पर्व पर केवल दो दिन का अवकाश दिया जाएगा। शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। कई स्कूलों ने इसका आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। जिले में लगभग 70 सीबीएसई स्कूल संचालित किए जाते हैं, जिसमें मिशनरी स्कूल भी शामिल हैं। पिछले वर्षों में सीबीएसई स्कूलों में 23 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाता था, जो एक या दो जनवरी तक चलता था। लेकिन इस बार छुट्टियों के नियमों में सख्ती की गई है। सरकारी नियमों का पालन जरूरी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा। इसी कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ा है। सरकारी स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार केवल 1 दिन 25 दिसंबर को क्रिसमस अवकाश रहेगा। इसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। इसके बाद 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा और सभी स्कूल पांच जनवरी से खुलेंगे।  

संजय टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणियों की गिनती, शाकाहारी-मांसाहारी प्रजातियों में बढ़ोतरी की खुशखबरी

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी में स्थित संजय टाइगर रिजर्व में सर्वे चल रहा है। मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणियों का आकलन किया जा रहा है। संजय टाइगर रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों में सर्वेक्षण का काम चल रहा है। 124 बीट के 250 कर्मचारी और 11 वालेंटियर सुबह 6 से 9 बजे तक कार्य कर रहे है। सीधी जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कहा जाता है। जहां कुसमी क्षेत्र में स्थापित संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र माना गया है। अखिल भारतीय बाघ आकलन वर्ष 2026 के तहत यहां लगभग चार साल के बाद सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिम्मेदार विभाग मांसाहारी, शाकाहारी और वन्यजीव का आकलन कर रहे है। इसके लिए 250 कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें काम कर रही है। इन कर्मचारियों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं। संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभी मांसाहारी प्राणियों का सर्वेक्षण हुआ है। शाकाहारी समेत वन्यजीवों का भी आकलन होना है। उन्होंने बताया कि खुशी की बात ये है कि संजय टाइगर के रिजर्व के कुछ ऐसे स्थान, जहां पहले बाघ के पैरों के चिन्ह नहीं मिला करते है अब वहां भी बाघ के पैरों के चिन्ह मिल रहे है। साथ ही जल्द ही अन्य जीवों का सर्वेक्षण भी पूरा कर रिपोर्ट बना तैयार की जाएगी।