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हिंदू संगठन भड़के, तब्लीगी इज्तिमा कमेटी ने बताया दुकान इंकार की खबर गलत

भोपाल  राजधानी भोपाल में होने वाले विश्व स्तरीय मुस्लिमों के आलमी तब्लीगी इज्तिमा से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बताया जा रहा है कि आयोजन स्थल पर हिंदू व्यापारियों को दुकानें नहीं देने की बात सामने आई है। इस पर हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे धार्मिक भेदभाव करार दिया है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हर बार शुरुआत इनकी ओर से होती है, और जब हम प्रतिक्रिया देते हैं तो उसे साम्प्रदायिक करार दे दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया  “अब कहां गया सद्भाव और भाईचारा? अगर इज्तिमा में हिंदू दुकानदारों को जगह नहीं दी जा रही है तो यह भेदभाव नहीं तो क्या है?” तिवारी ने कहा कि पिछली बार भी इसी तरह की शिकायतें आई थीं और इस बार फिर से वही स्थिति दोहराई जा रही है। उन्होंने कहा, “हम जब कहते हैं अपनों से व्यवहार, अपनों से त्योहार, अपनों से व्यापार, तो कुछ लोगों को बुरा लगता है। लेकिन अब हालात उनके अपने बनाए हैं। जैसा करोगे, वैसा पाओगे।” उन्होंने आगे कहा कि अगर मुस्लिम संगठन सच में सांप्रदायिक सौहार्द की बात करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले हिंदू व्यापारियों को दुकानें देकर उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने कहा, “सकल संपदा रघुनाथ की है। सब कुछ भगवान का बनाया हुआ है। धर्म सिर्फ सनातन है, बाकी सब पंथ हैं।” चंद्रशेखर तिवारी ने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि “जहां अपमान मिले, वहां जाना ही नहीं चाहिए। प्रभु ने जीव दिया है तो रोटी भी देगा। देश में इतने धार्मिक आयोजन हैं- मठ, मंदिर, कुंभ, नर्मदा तट और कल्पवास जैसे मेलों में भी व्यापार के अनेकों अवसर हैं।”  वहीं इस मामले में तबलीगी इज्तिमा के मीडिया प्रभारी डॉक्टर उमर हफ़ीज़ का कहना है कि ये सरासर ग़लत है ।इज्तिमा में किसी धर्म जाति के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। हमने पिछले सालों में भी हिंदू भाइयों को दुकानें दी है और इस साल भी हिंदू भाइयों को दुकानें देंगे।

डॉक्टर की पत्नी गिरफ्तार, बच्चों की मौत मामले में स्टॉक हेराफेरी का खुलासा

भोपाल  22 मासूमों की जान लेने वाले जहरीले कफ सिरप कांड में लंबे समय से फरार चल रही सहआरोपी ज्योति सोनी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गई। आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति पर साक्ष्य छिपाने और अपराध में सहयोग करने का आरोप है। वह परासिया में अपना मेडिकल स्टोर संचालित करती थी। सोमवार को एसआईटी टीम ने परासिया से उसे गिरफ्तार किया। बैंगलौर और बनारस में काटी फरारी डीएसपी जितेंद्र जाट ने बताया कि फरारी के दौरान ज्योति सोनी बैंगलौर और बनारस में छिपी रही। इसी दौरान उसने जबलपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत के प्रयास भी किए थे। सूचना मिलने पर एसआईटी ने परासिया में दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। डॉ. प्रवीण सोनी को बचाने की कोशिश ड्रग विभाग की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि ज्योति सोनी ने फॉर्मासिस्ट सौरभ जैन और न्यू अपना फार्मा संचालक राजेश सोनी के साथ मिलकर जहरीले कफ सिरप कोल्ड्रिफ के स्टॉक में हेराफेरी की और जानकारी छिपाई। तीनों ने डॉ. प्रवीण सोनी को बचाने की नीयत से साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। इसी आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। सौरभ और राजेश पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि ज्योति अब पकड़ी गई है। गिरफ्तारी या सरेंडर? शहर में चर्चा ज्योति की गिरफ्तारी को लेकर परासिया में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोगों का कहना है कि उसने स्वेच्छा से सरेंडर किया, जबकि पुलिस का दावा है कि यह गिरफ्तारी है, समर्पण नहीं। एसआईटी अब उससे यह जानने की कोशिश करेगी कि फरारी के दौरान उसने किनसे संपर्क किया और मामले से जुड़े साक्ष्यों को कैसे नष्ट किया गया। 

पूरी दुनिया आज संकट में, भारत से समाधान की उम्मीद: मोहन भागवत

जबलपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि आज पूरी दुनिया संकट में है. दुनिया अपनी समस्याओं का समाधान खोजने के लिए बहुत उम्मीद से भारत की तरफ देख रही है. उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया को भारत से ऐसी अपेक्षाएं इसलिए हैं क्योंकि देश धर्म और संस्कृति के मार्ग पर चलता है. मोहन भागवत ने यह बात  कही. उन्होंने जबलपुर में 'जीवन उत्कर्ष महोत्सव' नाम के एक धार्मिक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए यह बयान दिया.  उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत से अपेक्षाएं हैं क्योंकि भारत धर्म और संस्कृति के रास्ते पर चलता है. उन्होंने संस्कृति का अर्थ नैतिक, सद्गुणी आचरण बताया. विश्व के संकट और भारत की भूमिका… आरएसएस प्रमुख ने कहा कि दुनिया की समस्याओं का समाधान भारत के पास है. उन्होंने बताया कि दुनिया भारत की ओर इसलिए देख रही है क्योंकि भारत अपनी संस्कृति और धर्म के मार्ग पर अडिग रहता है. मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि संस्कृति का सामान्य अर्थ नैतिक और सद्गुणी आचरण है. उनका मानना है कि जब लोगों में सद्भावना और एक-दूसरे के प्रति गहरा जुड़ाव होता है, तभी वे शालीनता से व्यवहार करते हैं. 'संस्कृति का अर्थ सद्गुणी आचरण…' मोहन भागवत ने इस दौरान संस्कृति के महत्व को भी समझाया. उन्होंने साफ किया कि संस्कृति का मतलब साधारण शब्दों में नैतिक और गुणी व्यवहार होता है. उन्होंने यह भी कहा कि अच्छा व्यवहार तभी संभव है, जब लोगों के बीच सद्भावना की भावना हो और वे एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हों.

ठंड की शुरुआत: मध्यप्रदेश में रातें ठंडी, दिन में 30 डिग्री पार, बारिश की संभावना

 भोपाल  मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। पश्चिमी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से भोपाल और जबलपुर संभाग में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार बना रहेगा, लेकिन रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी। 6 नवंबर से ठंडी उत्तरी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे रातें ठंडी हो जाएंगी। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि उत्तर-पूर्वी हिस्से में बना लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण अभी सक्रिय है। इसका असर भोपाल, गुना, विदिशा, बैतूल और पांढुर्णा जिलों में देखने को मिलेगा, जहां हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी बादल छाए रहेंगे। इन जिलों में बूंदाबांदी के आसार मौसम विभाग ने अगले 2 दिन के अंदर भोपाल, गुना, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, सागर, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। बाकी जिलों में तेज धूप खिली रहेगी। दो दिन के बाद मौसम साफ हो जाएगा और दिन में तापमान 30-32 डिग्री के आसपास रहेगा, लेकिन उत्तर से हवा आने की वजह से पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने लगेगी। यह दौर दूसरे सप्ताह तक चलेगा। इसके बाद दिन-रातें ठंडे होने लगेंगे। 15 नवंबर के बाद तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, टीकमगढ़ में पारा 30 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। इसी तरह रविवार-सोमवार की रात में शिवपुरी में 15 डिग्री, राजगढ़ में 15.4 डिग्री, गुना में 16.6 डिग्री, खरगोन में 16.8 डिग्री, खंडवा में 16 डिग्री, श्योपुर में 17.4 डिग्री, नौगांव में 17.5 डिग्री, रीवा में 17.2 डिग्री रहा। अक्टूबर में 121% बारिश ज्यादा, नवंबर में तेज ठंड का ट्रेंड प्रदेश में नवंबर महीने में पिछले 10 साल से ठंड के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। अबकी बार भी ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, बारिश के लिहाज से अक्टूबर का महीना उम्मीदों पर खरा उतरा है। औसत 2.8 इंच पानी गिर गया, जो सामान्य 1.3 इंच से 121% ज्यादा है। वहीं, भोपाल में दिन ठंडे रहे। 30 अक्टूबर को दिन का तापमान 24 डिग्री रहा। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 25 साल में अक्टूबर का यह सबसे ठंडा दिन रहा। उज्जैन, छतरपुर, नरसिंहपुर समेत कई शहरों में पारा 24 डिग्री के नीचे ही रहा। इंदौर में 10 साल में दूसरी बार सबसे ज्यादा बारिश अक्टूबर में बारिश के रिकॉर्ड की बात करें तो दो साल बाद प्रदेश में सबसे ज्यादा पानी गिरा। भोपाल में 2.8 इंच, जबलपुर में 3.3 इंच, ग्वालियर में 4.2 इंच और उज्जैन में 2.1 इंच बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में इससे ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, इंदौर में 3.4 इंच पानी गिरा। यहां 10 साल में दूसरी बार अक्टूबर में इतनी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाले जिले में श्योपुर नंबर-1 पर है। यहां 6.52 इंच, झाबुआ में 5.52 इंच, सिंगरौली में 5.35 इंच, सीधी में 5 इंच, उमरिया में 4.14 इंच, अनूपपुर में 4.82 इंच, बड़वानी में 4.21 इंच और भिंड में 4.36 इंच बारिश हो गई। प्रदेश का खंडवा ही एक मात्र ऐसा जिला रहा, जहां सामान्य से कम पानी गिरा। बाकी 53 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इस बार मानसून भी बेहतर रहा इस बार प्रदेश में मानसून की भी 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। एक्सपर्ट की माने तो अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला रहा, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। अब जानिए नवंबर में कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड का असर बढ़ेगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में, जहां उत्तरी हवाएं सीधी आती हैं, वहां पारा लुढ़केगा। ग्वालियर में 56 साल पहले नवंबर में रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उज्जैन में 52 साल पहले न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 2.3 डिग्री तक जा चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर में इस महीने बारिश का ट्रेंड है। इस बार नवंबर के पहले सप्ताह में ही बारिश होने के आसार है। तीसरे और चौथे सप्ताह में सिस्टम एक्टिव होने से भी बारिश हो सकती है।

कटेझिरिया जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, नक्सली अभी भी फरार, सर्च ऑपरेशन जारी

बालाघाट:  देश के गृह मंत्री अमित शाह के एलान के बाद लगातार नक्सलियों पर एक्शन जारी है. छत्तीसगढ़ में आए दिन नक्सलियों को या तो खत्म किया जा रहा है, या फिर वे खुद सरेंडर कर रहे हैं. अमित शाह ने नक्सलवाद को मार्च 2026 तक जड़ से खत्म करने की डेडलाइन फिक्स की है. जिसके बाद नक्सलवाद वाले राज्यों में जवानों द्वारा नक्सलियों पर नकेल कसने का काम जारी है. वहीं बालाघाट में एक बार फिर सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आई है. बताया जा रहा है कि रूपझर थाना क्षेत्र के पचामा जंगल में सोमवार देर रात से ये यह मुठभेड़ जारी है. देर रात हुई फायरिंग एएसपी आदर्शकांत शुक्ला के अनुसार, देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच सर्चिंग टीम को पांच नक्सली दिखे। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी गोलीबारी की। इस मुठभेड़ में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है। मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की तलाश के लिए पुलिस ने जंगल में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को उतारकर तलाशी अभियान तेज कर दिया है। 14 जून को चार नक्सलियों को मारा था उल्लेखनीय है कि कटेझिरिया का यह वही जंगल है जहां बीते 14 जून को सुरक्षाबलों ने 14-14 लाख रुपए के चार इनामी नक्सलियों – रीता उर्फ तुब्बी श्रीरांगु हिडामी (पति चंदू उर्फ देवचंद), रवि, तुलसी उर्फ विमला उर्फ ईमला और सुमन को मार गिराया था। एक ने किया था सरेंडर हाल ही में, 1 नवंबर को तीन राज्यों (छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश) की मोस्ट वांटेड, 14 लाख रुपए की इनामी नक्सली सुनीता आयाम ने बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। बालाघाट में जवानों और नक्सलियों के बीच फायरिंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्श कांत शुक्ला ने ईटीवी भारत को बताया कि "पचामा जंगल में देर रात से जवानों और नक्सलियों के बीच एक्सचेंज ऑफ फायर जारी है. जंगल में 800 से अधिक जवान तैनात हैं. जवानों ने सर्च ऑपरेशन को और भी तेज कर दिया है. हालांकि उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी नक्सली के हताहत होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है." महिला नक्सली के सरेंडर के बाद मुठभेड़ जानकारी के लिए बताते चलें कि दो दिन पहले यानि रविवार को ही छत्तीसगढ़ के बीजापुर की रहने वाली महिला नक्सली ने बालाघाट में आत्मसमर्पण किया है. उसके दूसरे ही दिन नक्सलियों ने गोलाबारी शुरू कर दी. जिसमें सुरक्षा बल के जवानों की तरफ से देर रात से लगातार जवाबी कार्रवाई जारी है. अपने महिला साथी के आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों की यह बौखलाहट दूसरे ही दिन सामने आई है. लगातार अपनी पकड़ बालाघाट में कमजोर होते देख नक्सलियों में अब निराशा और हताशा है. 12 साल बाद 2 नवंबर को नक्सली ने किया आत्मसमर्पण हालांकि रविवार को महिला नक्सली ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला लिया. मध्य प्रदेश नक्सली पुर्नवास सह रात नीति 2023 के तहत महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया था. जिस महिला नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण किया है, वह नक्सली गार्ड के रूप में काम करती थी. उस पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था. बालाघाट में 12 साल बाद किसी नक्सली ने सरेंडर किया है. इससे पहले साल 2013 में एक नक्सली ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था. ज्ञात हो कि इसी पचामा के जंगल में सुरक्षा बल के जवानों ने इसी साल जून में 4 नक्सलियों को मार गिराया था. जिनमे तीन महिलाएं शामिल थीं. जिनके पास से विस्फोटक और हथियार भी बरामद किये गए थे.

BLO ट्रेनिंग पूरी, अब 72 हजार बूथों पर एसआईआर के जरिए घर-घर जाएगा टीम

भोपाल  मध्य प्रदेश में मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए बिहार की तर्ज पर आज से सिस्टमैटिक इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट (SIR) का काम शुरू हो रहा है. इसके लिए ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 65 हजार बूथ लेवल अधिकारी (BLO) प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के 72 हजार बूथों पर घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे. इस अभियान में हर वोटर को 2003 के एसआईआर के आधार पर मिली जानकारी से फिर से वेरिफाई किया जाएगा. MP में आज से शुरू होगी SIR दरअसल, बिहार की तर्ज पर आज से मध्य प्रदेश में भी एसआईआर की शुरुआत हो रही है. मध्य प्रदेश के सभी 65,000 बीएलओ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है. बीएलओ घर-घर जाकर आयोग द्वारा जारी किए गए फॉर्म बाँटेंगे. वे 2003 की एसआईआर के आधार पर मतदाताओं से जानकारी एकत्र करेंगे. बता दें कि राज्य की सभी 230 विधानसभा सीटों के हर बूथ के हर मतदाता का दोबारा सत्यापन किया जाएगा. जब BLO आपके घर पहुंचें तो सबसे पहले क्या करें? चुनाव आयोग ने नागरिकों से बीएलओ के साथ पूरा सहयोग करने की अपील की है, लेकिन कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि घर-घर जाकर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ नहीं लेंगे. अगर सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो बीएलओ केवल ईआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) को सूचित करके ही नागरिकों से ज़रूरी दस्तावेज़ मांग सकते हैं. अगर सत्यापन के दौरान पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो बीएलओ ईआरओ को सूचित करके नागरिकों से ज़रूरी दस्तावेज़ मांग सकते हैं. बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान पत्र साथ लाएंगे. नागरिक यहां पहचान पत्र देखकर जानकारी साझा कर सकते हैं.  यूपी-एमपी समेत इन 12 राज्यों में होगी SIR की शुरुआत, कब भरा जाएगा फॉर्म? जानें सब कुछ चुनाव आयोग बिहार के बाद अब नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की शुरुआत करने जा रहा है. इसका मंगलवार (4 नवंबर) से आगाज होगा. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ समाप्त होगी. इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 51 करोड़ वोटर्स हैं. बिहार के बाद एसआईआर का यह दूसरा चरण है. बिहार में अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी. बिहार में करीब 7.42 करोड़ नामों को वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था. दूसरे चरण में, जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की कवायद होगी, उनमें अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं. घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ दस्तावेज नहीं लेंगे, विवाहित महिलाओं को मायके से मंगानी होगी डिटेल इस व्यवस्था के अंतर्गत वर्ष 2003 में जिन महिलाओं की उम्र 18 साल नहीं थी और एक जनवरी 2003 को जारी एसआईआर के दौरान जो महिलाएं विवाहित नहीं थीं। ऐसी महिलाओं को अब खुद को वोटर साबित करने के लिए मायके से अपना मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र क्रमांक मंगवाना होगा। सीईओ एमपी इलेक्शन ने कहा है कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। ऐसे होगा एसआईआर का काम चुनाव आयोग ने वर्ष 2002 से 2008 के बीच देश के सभी राज्यों की एसआईआर कराई है। इसका डेटा चुनाव आयोग की वेबसाइट के अलावा एमपी सीईओ की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें वोटर पूरी जानकारी भरकर एमपी में हुई 2003 की एसआईआर के आधार पर अपना मतदाता क्रमांक, मतदान केंद्र क्रमांक और अन्य जानकारी हासिल कर सकते हैं। यह जानकारी उन्हें बीएलओ द्वारा दिए गए फाॅर्म में भरकर देना होगी। नए वोटर्स के लिए फॉर्म 6 भरने को देंगे बीएलओ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने कहा है कि जिन परिवारों में कोई नया सदस्य 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका है, उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए बीएलओ द्वारा फॉर्म 6 उपलब्ध कराया जाएगा। यदि किसी परिवार सदस्य का निधन हो गया हो या वह अन्यत्र स्थानांतरित हो गया हो, तो उसकी जानकारी भी बीएलओ को दें ताकि सूची से नाम विलोपित किया जा सके। झा ने कहा कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ कोई भी दस्तावेज़ एकत्र नहीं करेगा। दस्तावेज केवल तभी आवश्यक होंगे जब किसी एंट्री का सत्यापन पूर्ववर्ती रिकॉर्ड से मेल न खाए। ऐसी स्थिति में संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) अलग से सूचना देकर आवश्यक दस्तावेज़ मांगेगा। बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान पत्र लेकर आएंगे, नागरिक उनसे पहचान पत्र देखकर जानकारी साझा करें। मतदाता ऐसे तलाश सकेंगे अपना नाम     एसआईआर 2003 में वोटर अपना नाम तलाशने के लिए चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ ओपन करेंगे।     इसे ओपन करने पर वोटर को जिस राज्य में 2003 में वोटिंग की है या वोटर के माता पिता, परिजन ने वोट डाला है, उस राज्य पर क्लिक करना होगा।     इसके बाद राज्य और संबंधित जिला तथा विधानसभा क्षेत्र पर क्लिक करना होगा।     वोटर या उसके परिजन ने विधानसभा क्षेत्र में जिस गांव, वार्ड के मतदान केंद्र में वोट डाला है, उसे ध्यान कर संबंधित मतदान केंद्र स्थल का नाम तलाशना पड़ेगा।     अगर 2003 में निवास वाले मोहल्ले में आबादी ज्यादा न हो तो आसानी से एक ही क्लिक में संबंधित मतदान केंद्र की वोटर सूची आ जाएगी जिसमें मतदाता क्रमांक और मतदान केंद्र की जानकारी निकालकर उसे बीएलओ द्वारा दिए गए फाॅर्म में भरना होगा।     अगर कोई अपनी जानकारी नहीं दे पाता है तो उसे फाॅर्म में बताए गए 11 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज देना होगा जिसके आधार पर बीएलओ उस मतदाता को वेरिफाई करेगा। 2026 में इन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव इनमें से तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. असम में भी 2026 में चुनाव होने हैं, लेकिन वहां मतदाता सूची के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी, क्योंकि राज्य में नागरिकता सत्यापित करने के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में प्रक्रिया चल रही है. साथ ही नागरिकता कानून का एक अलग प्रावधान असम में लागू होता है. एसआईआर को लेकर क्या बोला इलेक्शन कमीशन मुख्य निर्वाचन … Read more

उज्जैन को मिल रही है आस्था की नई उड़ान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

उज्जैन का एयरपोर्ट बनेगा राज्य का गौरव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को मिल रही है आस्था की नई उड़ान  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बनेगा बाबा महाकाल का अपना एयरपोर्ट  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश सरकार ने बाबा महाकाल को भेंट स्वरूप उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण की प्रक्रिया की आरंभ सिंहस्थ महाकुंभ से पहले एयरपोर्ट का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य उज्जैन  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के आसमान में विकास की उड़ान अब और ऊंची होने जा रही है। बाबा महाकाल की नगरी में बनने वाला एयरपोर्ट उज्जैन को वैश्विक हवाई मानचित्र पर एक नई पहचान देगा। यह एयरपोर्ट राज्य के अंतर्राष्ट्रीय गौरव को और बढ़ाएगा। राज्य सरकार विमानन क्षेत्र में अधोसंरचनात्मक विकास को योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ा रही है। एयर कनेक्टिविटी के इस विस्तार से न केवल पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि प्रदेश का हर नागरिक “आसमान से जुड़ने” के सपने को साकार होता हुआ देखेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब सच्चे अर्थों में सभी क्षेत्रों में विकास की नई उड़ान भरने वाला भारत का दिल बन रहा है। हमारी सरकार केंद्र सरकार के सहयोग से हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति को भी हवाई यात्रा का सुखद अनुभव कराने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां 2 इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित इंटर स्टेट एवं इन्ट्रा स्टेट एयर सर्विसेज वाले एयरपोर्ट्स भी होंगे। उज्जैन में बनने वाला एयरपोर्ट वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से पहले पूरी तरह तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि देश-विदेश से सिंहस्थ स्नान के लिए आने वाले लाखों-करोड़ों धर्मप्रेमी श्रद्धालु बड़ी सुगमता और न्यूनतम समय में बाबा महाकाल की नगरी पहुंच सकें। राज्य सरकार द्वारा सभी जिलों मे एयर स्ट्रिप्स विकसित करने की योजना फलीभूत होने से छोटे विमानों और हेलीकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को भी राजधानी और प्रमुख शहरों से जोड़ा जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से ही मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। उज्जैन में एयरपोर्ट का निर्माण केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि यह प्रदेश की श्रद्धा, सेवा और स्वाभिमान का प्रतीक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य में वैमानिकी सुविधाओं के विस्तार के तहत सभी जिलों में एयर स्ट्रिप्स विकसित करने की योजना बनाई गई है। पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा, पीएम हवाई पर्यटन एयरप्लेन सर्विस और पीएम हवाई पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन से मध्यप्रदेश, देश का पहला इंट्रा-स्टेट एयर सर्विसेज प्रारंभ करने वाला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन का यह एयरपोर्ट न केवल बाबा महाकाल की नगरी को आकाश से जोड़ेगा, बल्कि श्रद्धा, समृद्धि और सुशासन की उड़ान का साक्षी भी बनेगा। अपर मुख्य सचिव, विमानन  संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी और एविएशन फैसिलिटी बढ़ाने के लिए अगले चरण में कुछ और जिलों में भी एयरपोर्ट बनाने के लिए शासन स्तर पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। पुरानी अवंतिका, नई उज्जयिनी— देश की आध्यात्मिक राजधानी उज्जयिनी जो युगों से धर्म, ज्ञान और शक्ति की धुरी रही है, अब आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मध्यप्रदेश सरकार ने कालों के काल, भूत-भावन भगवान, अवंतिकानाथ बाबा महाकाल को भेंट स्वरूप उज्जैन में एयरपोर्ट निर्माण का निर्णय लिया है। यह एयरपोर्ट न केवल एक हवाई विकास परियोजना है, बल्कि आस्था और सेवा का प्रतीक भी है। सरकार द्वारा एयरपोर्ट निर्माण की प्रारंभिक प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है। राज्य के स्थापना दिवस अवसर पर एक नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री  किंजरापु राममोहन नायडू की मौजूदगी में एक बड़ा काम पूरा हुआ। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और तय निर्माण एजेंसी के मध्य उज्जैन जिले की वर्तमान दताना-मताना हवाई पट्टी पर एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए तैयार विकास अनुबंध पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। उज्जैन में बनने वाला हवाई अड्डा प्रदेश का नौंवा एयरपोर्ट होगा। इससे पहले वित्त वर्ष 2023-24 तक मध्यप्रदेश में इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो में ही एयरपोर्ट थे। वर्ष 2024-25 के दौरान रीवा, दतिया और सतना में नए एयरपोर्ट बनकर तैयार हुए। अब उज्जैन के एयरपोर्ट की घोषणा के साथ ही राज्य में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर कुल 9 हो जाएगी। उज्जैन का एयरपोर्ट वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ मेले से पूर्व तैयार कर लेने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और पर्यटकों को हवाई मार्ग से सीधे बाबा महाकाल की नगरी में उतरने की विशेष सुविधा मिल जाएगी। राज्य सरकार का यह निर्णय उज्जैन को विमानन और पर्यटन के वैश्विक गंतव्य के रूप में भी स्थापित करेगा।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जे.पी. अस्पताल के विकास कार्यों की प्रगति जानी, अधोसंरचना मजबूत करने दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने जे.पी. अस्पताल के अधोसंरचना विकास कार्यों की समीक्षा की प्राथमिकता से कार्य पूर्ण कर सेवाओं के संचालन के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में जे.पी. अस्पताल भोपाल के अधोसंरचना विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल में अधूरी सुविधाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल का कार्य जनसेवा से जुड़ा है, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए तथा अस्पताल परिसर को पूर्ण रूप से क्रियाशील स्थिति में लाया जाए। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल में फायर टैंक, डी.जी./यू.पी.एस. यूनिट, वैक्यूम एवं मेडिकल एयर पंप जैसी आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं में कमी है। इसके अतिरिक्त फायर, एमजीपीसी एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग सहित अनापत्तियों (एनओसी) की प्रक्रिया प्रगतिरत है। बताया गया कि अस्पताल में प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) का अभाव है, एक्स-रे एवं सी.टी. स्कैन कक्ष की स्थिति असंतोषजनक है तथा मेडिकल रूम की व्यवस्था अपर्याप्त है। इसके साथ ही चौथी एवं पाँचवीं मंज़िल पर शौचालयों और फर्नीचर की व्यवस्था अधूरी है तथा ब्लड बैंक से संबंधित तकनीकी समस्याएँ भी बनी हुई हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने आवश्यक औपचारिकताओं और अनुमतियों की पूर्ति कर नवीन आधुनिक ऑपरेशन थिएटर को कार्यशील करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधोसंरचना संबंधी कार्यों की दैनिक समीक्षा की जाए और जिम्मेदार एजेंसियाँ तय समय सीमा में सुधारात्मक कार्रवाई करें। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि जे.पी. अस्पताल राजधानी का प्रमुख जिला चिकित्सालय है। यहाँ की चिकित्सा सुविधाएँ सर्वोत्तम और पूर्ण रूप से कार्यशील होनी चाहिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, पीआईयू के वरिष्ठ अधिकारी, सिविल सर्जन जे.पी. अस्पताल और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने औपचारिकताओं की प्राथमिकता से पूर्ति कर शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की, पदस्थापना कार्य में तेजी लाने के निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में नर्सिंग भर्ती, काउंसलिंग और पदस्थापना प्रक्रिया की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नर्सिंग एवं सहायक स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता से प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने निर्देश दिए की प्राथमिकता से औपचारिकताओं की पूर्ति कर शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण की जाये। बताया गया कि वर्ष 2023 में आयोजित ए.एन.एम. परीक्षा के आधार पर 515 पदों पर काउंसलिंग एवं पदस्थापना पूर्ण की गई, जबकि वर्ष 2025 में आयोजित ए.एन.एम. परीक्षा के आधार पर 972 पदों पर काउंसलिंग एवं पदस्थापना की प्रक्रिया जारी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत नर्सिंग के लगभग 1260 पदों पर भर्ती के लिए नियमों में आवश्यक संशोधन संबंधी प्रस्ताव को शीघ्र अनुमोदन के लिए अग्रेषित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग के लगभग 1557 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव विभाग में विचाराधीन है और इसका मांग पत्र शीघ्र ही कर्मचारी चयन मंडल (ई.एस.बी.) को भेजा जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 328 पदों पर भर्ती प्रस्ताव को अंतिम रूप देने और ई.एस.बी. को मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए। इसी प्रकार मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध नर्सिंग कॉलेजों में नर्सिंग शिक्षकों के 383 पदों पर भर्ती प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजकर भर्ती नियमों में सम्मिलित करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अस्पताल सहायकों के लगभग 1200 पदों पर भर्ती के लिये नियमों में संशोधन की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए और कहा कि सभी प्रस्तावों की प्रगति की सतत समीक्षा की जाएगी। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, संचालक लोक स्वास्थ्य सेवाएं  दिनेश वास्तव, उप सचिव लोक लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मती शुचिस्मिता सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले: जनता की सेवा हमारा धर्म, जनसुविधा बढ़ाने में नहीं होगी कोई कमी

सेवा ही हमारा संकल्प, जनसुविधा बढ़ाने कोई कसर नहीं रखेंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित ईंटखेड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को ईंटखेड़ी में आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ही हमारा संकल्प है, जनता की सुविधा बढ़ाने में हम कोई कमी नहीं रहने देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है और सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ कराई जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज मध्य प्रदेश का चहुमुखी विकास हो रहा है। राज्य में लगातार आर्थिक गतिविधियां जारी हैं, नए-नए उद्योग और विकास की संभावनाओं पर बल दिया जा रहा है। साथ ही किसानों हितैषी नीतियों के अंतगर्त किसान सम्मान निधि, सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा और लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपए राशि पहुंचा जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर बहनें रेडीमेड गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योगों में कार्य करेंगी तो उन्हें सरकार की ओर से प्रतिमाह वेतन के साथ 5000 रुपए की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए संकल्पित है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैरसिया विधायक  विष्णु खत्री को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। विधायक  खत्री की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईंटखेड़ी में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चाहे कितना भी बड़ा रोग हो या कोई जटिल ऑपरेशन, हमारी सरकार हर ज़रूरतमंद को उपचार के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनसेवा हमारा मूल लक्ष्य है, और हम इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निरंतर प्रयासों से स्वास्थ्य विभाग में निरंतर नई भर्ती की जा रही है और अस्पतालों की सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा भोपाल के प्रभारी मंत्री  चेतन कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष मती रामकुंवर नौरंगसिंह गुर्जर, उपाध्यक्ष  मोहन जाट,  तीरथ सिंह मीणा,  गोपाल सिंह मीणा,  पर्वत सिंह पटेल, सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। बताया गया कि इस नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में दोपहर तक 1500 से अधिक लोगों ने अपनी जांच और इलाज कराया। शिविर से लाभ पाकर क्षेत्र के लोगों ने भारी उत्साह और प्रसन्नता व्यक्त की।