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समोसे के बदले घड़ी! जबलपुर में फूड वेंडर ने UPI फेल होने पर यात्री से कर दी ज़बरदस्ती

जबलपुर  मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इसमें एक फूड वेंडर ने यूपीआई पेमेंट फेल होने पर यात्री की कॉलर पकड़ ली। इसी दौरान यात्री की ट्रेन छूटने लगी, वह बार-बार वेंडर से छोड़ने के लिए कहता रहा। इस दौरान उसने अपनी घड़ी उताकर भी उसे दे दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए वेंडर से पूछताछ की। जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर मिली शिकायत के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल जबलपुर द्वारा वीडियो में दिख रहे वेंडर को 18 अक्टूबर को रेल सुरक्षा बल पोस्ट बुलाया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह 17 अक्टूबर को करीबन 17.30 बजे प्लेटफार्म क्रमांक 5 पर समोसे बेच रहा था। इस दौरान एक व्यक्ति ने उससे सामान लिया और पेंमेंट ऑनलाइन किया तो पेमेंट नहीं हो रहा था। तभी उसने यात्री की कॉलर पकड़ ली और इसी दौरान ट्रेन भी चल दी। इसी दौरान यात्री ने उसे अपनी घड़ी दे दी थी। वेंडर के अनुसार उसने यात्री को उसकी घड़ी वापस कर दी थी। रेल सुरक्षा बल जबलपुर द्वारा वेंडर के खिलाफ अपराध क्रमांक 4280/2025 धारा 145 रेल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो तो हुआ एक्शन जबलपुर रेलवे स्टेशन पर समोसा बेच रहे फूड वेंडर से एक यात्री ने समासो लिए थे। जब वह मोबाइल के जरिए यूपीआई पेमेंट करने लगा तो वह पेमेंट नहीं हुआ। इस दौरान यात्री की ट्रेन भी चल पड़ी, तभी समोसा वेंडर ने उसका कॉलर पकड़ लिया और रुपये देने के लिए कहा। वह यात्री की जेब भी टटोलने लगा। इस दौरान यात्री ने अपने हाथ से घड़ी उतारकर उसे दे दी। सोशल मीडिया पर एक्स पर इस घटना की शिकायत प्राप्त होने के बाद डीआरएम ने जांच शुरू करवाई और उसे फूड वेंडर को ढूंढकर पूछताछ की गई। इसमें उसे यात्री के साथ अभद्रता करने की बात स्वीकार कर ली और यह भी दावा किया कि बाद उसने घड़ी लौटा दी थी।

पूर्व सांसद के कथित हिंसक बयान पर राजनीति गर्माई — मानवाधिकार संगठनों ने मांगा स्पष्टीकरण

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से पूर्व सांसद और भाजपा नेता साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने ‘लव जिहाद’ को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। साध्वी प्रज्ञा ने एक कार्यक्रम में कहा “हमारी लड़की अगर हमारा कहना नहीं मानती, अगर लड़की किसी विधर्मी के यहां जाने का प्रयास करती है तो उसकी टांगे तोड़ने में कसर मत छोड़ना।” उन्होंने आगे कहा कि “जो संस्कारों को नहीं मानती हैं, जो बातों से नहीं मानती, उसे प्रताड़ना भी देनी पड़ती है। अपनी संतान है, उसे मारना पड़े तो पीछे मत हटना।” प्रज्ञा ठाकुर ने आगे कहा कि, 'जो संस्कारों को नहीं मानती हैं। बातों से नहीं मानती तो उसे प्रताड़ना भी देनी पड़ती है। अपनी संतान है उसे मारना पड़े तो पीछे मत हटना। अब साध्वी का यही बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बयान के बाद छिड़ी सामाजिक बहस साध्वी प्रज्ञा यहीं नहीं रुकी उन्होंने आगे ये भी कहा कि, 'माता-पिता का लक्ष्य बेटी के भले के लिए होता है और उसे सही मार्ग पर लाने के लिए परिवार को हर संभव प्रयास करना चाहिए। साध्वी के इस बयान ने एकबार फिर सामाजिक बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे महिला अधिकारों और कानून की अवहेलना मान रहे हैं, जबकि उनकी बातों के समर्थक इसे संस्कारों की रक्षा के रूप में देख रहे हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने इसे महिला अधिकारों और कानून की अवहेलना बताया है, जबकि उनके समर्थक इसे “संस्कारों की रक्षा” के रूप में देख रहे हैं। साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान को परिवार और संस्कृति के हित में बताते हुए कहा कि “माता-पिता का लक्ष्य बेटी के भले के लिए होता है और उसे सही मार्ग पर लाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।”

श्रद्धा और आस्था का सैलाब: चित्रकूट दीपावली मेले में पहले दिन लाखों की भीड़, CM मोहन आज करेंगे परिक्रमा

चित्रकूट दीपावली में आस्था और भक्ति से सराबोर चित्रकूट में पांच दिवसीय दीपावली मेले का शुभारंभ हो गया है। पहले ही दिन लगभग आठ लाख से अधिक श्रद्धालु मां मंदाकिनी के तटों पर उमड़े और श्रीकामदगिरि की परिक्रमा की। अनुमान है कि अगले पांच दिनों में 50 लाख से अधिक श्रद्धालु धर्मनगरी पहुंचकर राजाधिराज मत्यगजेंद्र का जलाभिषेक करेंगे और दीपदान भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को चित्रकूट पहुंचेंगे और कामदगिरि परिक्रमा करेंगे। उनके आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मंदाकिनी तट पर दीपों की जगमगाहट कई दशकों बाद चित्रकूट को इस तरह भव्य रूप में सजाया गया है। मंदाकिनी नदी के दोनों तटों को अत्याधुनिक लाइटिंग और विजुअल डिस्प्ले से सजाया गया है। पूरा क्षेत्र दीपमालाओं की आभा में नहाया नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं के लिए परिक्रमा पथ पर साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था की विशेष सुविधाएं दी गई हैं। मेला क्षेत्र को 11 जोन में बांटा गया चित्रकूट मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 11 जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और सुरक्षा बल तैनात हैं। एएसपी (ग्रामीण) प्रेमलाल कुर्वे के अनुसार, मेले में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। कमांड सेंटर से निगरानी इस बार मेले की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए पहली बार कमांड सेंटर बनाया गया है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और एसपी हंसराज सिंह ने विकास प्राधिकरण स्थित इस सेंटर से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन की समीक्षा की। इस दौरान अपर कलेक्टर विकास सिंह भी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति में कड़ी निगरानी के साथ मेले का संचालन किया जा रहा है।   'अभी आठ लाख ले अधिक भक्त आ चुके हैं' अपर कलेक्टर विकास सिंह ने बताया कि पहले दिन चित्रकूट में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। उन्होंने परिक्रमा कर भगवान कामतानाथ के दर्शन किए और घाट पर स्नान भी किया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं।    मेले में ऑटो-वाहनों का किराया तय, वसूली पर कार्रवाई चित्रकूट मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिला प्रशासन ने ऑटो और अन्य वाहनों के किराए तय किए हैं। एआरटीओ रामप्रकाश सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन कर्वी से रामघाट तक किराया 20 रुपये, सीतापुर तक 15 रुपये, बेड़ी पुलिया तक 10 रुपये, हनुमान धारा मार्ग से रामघाट तक 30 रुपये और सती अनुसूइया-गुप्त गोदावरी होकर लौटने तक 90 रुपये निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि स्टेशन से रामघाट तक ऑटो बुक कराने पर 200 रुपये किराया लगेगा। एआरटीओ ने चेतावनी दी है कि तय दर से अधिक किराया वसूलने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

मप्र में बदलेगा मौसम का रंग: अक्टूबर में हल्की बारिश, नवंबर से दस्तक देगी सर्दी

भोपाल बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के चलते मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर बदल गया है। फिलहाल 22-23 अक्टूबर तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।खास करके 20 अक्टूबर से प्रदेश के दक्षिणी जिलों में हल्की बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।भोपाल, जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की वर्षा या बूंदाबांदी के आसार हैं।इधर, 21 और 24 अक्टूबर को भी दो नए वेदर सिस्टम सक्रिय होने वाले है, जिसका प्रदेश पर असर देखने को मिलेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह कड़ाके की ठंड़ पड़ना शुरू हो जाएगी जो जनवरी तक बनी रहेगी। इस बार ठंड का असर फरवरी तक जारी रह सकता है।  मध्य प्रदेश में अक्टूबर महीने में मौसम का मिला-जुला असर दिखने को मिल रहा है। जहां रात और सुबह हल्की ठंड महसूस हो रही है, वहीं दिन में धूप का असर भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में मौसम की मिजाज ऐसे ही रहेंगे, लेकिन नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में तेज ठंड का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम का वर्तमान हाल 18 अक्टूबर को मौसम का मिजाज बदला रहा। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं इंदौर और खंडवा में तेज बारिश हुई। उज्जैन समेत कई शहरों में भी बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार, 20 अक्टूबर से हल्की बूंदाबांदी शुरू होगी। 21 अक्टूबर से दक्षिणी हिस्से के ज्यादातर जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक का दौर रह सकता है। मध्य प्रदेश के सभी जिलों में 19 अक्टूबर को मौसम साफ रहेगा। धूप खिली रहेगी, हल्की बारिश की कोई चेतावनी नहीं। अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम 20 अक्टूबर: बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में हल्की बारिश की संभावना। बाकी जिलों में मौसम साफ और धूप रहेगी। 21 अक्टूबर: बैतूल, नर्मदापुरम, खंडवा, हरदा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट। बाकी जिलों में तेज धूप। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी की वजह से मौसम का मिजाज बदल रहा है। 22-23 अक्टूबर तक यही स्थिति बनी रहेगी। नवंबर से ठंड का असर मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर के दूसरे सप्ताह से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा, जो जनवरी तक जारी रहेगा। इस बार ठंड का असर फरवरी तक रह सकता है। 2010 के बाद इस बार सर्दी सबसे भीषण हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ला-नीना परिस्थितियों के कारण इस सर्दी में सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। इस साल मानसून का रिकॉर्ड     प्रदेश से मानसून विदा हो चुका है। 16 जून से 13 अक्टूबर तक मानसून 3 महीने 28 दिन सक्रिय रहा।     इस साल प्रदेश में सामान्य से 15% ज्यादा बारिश दर्ज हुई (121% बारिश)।     कुल बारिश: 48 इंच, सामान्य औसत 37.2 इंच।     सबसे ज्यादा बारिश: गुना (65.6 इंच), मंडला-रायसेन (62 इंच), श्योपुर-अशोकनगर (56 इंच से अधिक)।     सबसे कम बारिश: शाजापुर (28.9 इंच)।     ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का आंकड़ा सामान्य से दोगुना रहा।     अधिकांश जिलों में कोटा पूरा हो गया, जबकि उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में बारिश सामान्य स्तर के आसपास रही।

शिवराज मामा का मज़ाकिया अंदाज़, धनतेरस पर बोले – ‘सिक्का महंगा है तो छोटा ही सही!’

भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल की रौनक से सजी धनतेरस की शाम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह जब न्यू मार्केट पहुंचे, तो वहां एक पल ऐसा आया जिसने सभी को ठहाकों में डुबो दिया। परंपरा निभाते हुए दोनों ने चांदी का सिक्का, बर्तन और मूंगफली खरीदी। सोने-चांदी की दुकान पर साधना सिंह ने जब एक चांदी का सिक्का दिखाया, तो मामा शिवराज मुस्कराकर बोले — “अगर महंगा होगा तो छोटा वाला ले लेंगे।” बस फिर क्या था! वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े और माहौल खुशनुमा हो गया। बाद में साधना सिंह ने सिक्का फाइनल किया और शिवराज सिंह चौहान ने कार्ड से पेमेंट किया। इसके बाद उन्होंने बर्तन की दुकान से थाली, ग्लास और कटोरी खरीदी, साथ ही एक बुजुर्ग महिला से मूंगफली भी ली।     पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि.. धनतेरस के पावन पर्व की सभी देशवासियों को, बहनों-भाइयों को, भांजे-भांजियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं! सबके जीवन में धन-धान्य की वर्षा हो, सुख-समृद्धि और रिद्धि-सिद्धि आएं, सबके घर खुशियों से भर जाएं, यही प्रार्थना है। अब दीपावली का महापर्व प्रारंभ हो गया है, एक बार फिर धनतेरस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।  

महाकाल मंदिर में दिवाली की विशेष तैयारी, रूप चौदस पर होगा श्रृंगार, शाम को दीपों से रोशन दरबार

उज्जैन  धर्म नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं के लिए पूरे देश में जाना जाता है। यहां हर त्योहार सबसे पहले और विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष भी तिथियों के घटने-बढ़ने के कारण 20 अक्टूबर, सोमवार को सुबह के समय रूप चौदस मनाई जाएगी। 20 अक्टूबर की शाम को दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा। इस खास अवसर पर बाबा महाकाल की पूरी दिनचर्या बदल जाएगी, जो लगभग चार महीने तक जारी रहेगी। रूप चौदस के साथ ही महाकाल को ठंड से बचाने के लिए गर्म जल से स्नान कराने की परंपरा शुरू हो जाएगी, जो महाशिवरात्रि तक चलेगी। पुजारी परिवार की महिलाएं करेंगी विशेष श्रृंगार रूप चौदस के दिन बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार होता है। इसमें केवल पुजारी परिवार की महिलाएं ही शामिल होती हैं। यह साल में एकमात्र ऐसा अवसर होता है जब महिलाएं बाबा महाकाल का रूप निखारती हैं।     उबटन सामग्री:      पुजारी महेश शर्मा के मुताबिक, पुजारी परिवार की महिलाओं द्वारा भगवान महाकाल को केसर, चंदन, इत्र, खस और सफेद तिल से तैयार किया गया विशेष सुगंधित उबटन लगाया जाएगा।     पूजन विधि:      उबटन लगाने के बाद भगवान को पंचामृत पूजन अर्पित किया जाएगा। इसके बाद विशेष कर्पूर आरती संपन्न की जाएगी, जिसे सिर्फ महिलाएं ही करती हैं।     दीपावली की शुरुआत:      रूप निखारने के बाद गर्भगृह में पंडित-पुजारी द्वारा परंपरा के मुताबिक एक फुलझड़ी जलाई जाएगी। उसके साथ ही दीपावली उत्सव की विधिवत शुरुआत हो जाएगी। महाशिवरात्रि तक गर्म जल की परंपरा महाकाल मंदिर के पुजारी महेश गुरु ने बताया कि कार्तिक मास की चौदस यानी रूप चौदस से ही ठंड का आगमन माना जाता है। इसलिए, प्रकृति के अनुरूप बाबा महाकाल की सेवा की जाती है। अब ठंड के इन दिनों में बाबा को हर रोज भस्म आरती के समय गर्म जल से ही स्नान कराया जाएगा। यह प्रक्रिया निरंतर महाशिवरात्रि तक जारी रहेगी। यह परंपरा भक्तों को यह संदेश देती है कि जिस तरह हम बदलते मौसम में अपनी देखभाल करते हैं, उसी तरह हमारे देव भी प्राकृतिक नियमों से बंधे हैं। अन्नकूट भोग और मंदिर की भव्य सज्जा दीपावली पर्व पर बाबा महाकाल को अन्नकूट का विशेष भोग भी लगाया जाएगा।     अन्नकूट व्यंजन:     भगवान महाकाल, जिन्हें मृत्युलोक का राजा माना जाता है उनकी भोग की थाली में धान, खाजा, शक्करपारे, गूंजे, पपड़ी, मिठाई और विशेष रूप से मूली और बैंगन की सब्जी भी अर्पित की जाती है।     फूलों से सज्जा:      दिवाली 2025 के अवसर पर महाकाल मंदिर को रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी, फूलों और भव्य रंगोली से सजाया जाता है। गर्भ गृह और पूरा मंदिर परिसर देश-विदेश के फूलों से महकेगा। थाईलैंड, बैंकॉक और मलेशिया के साथ-साथ भारत के बेंगलुरु, कोलकाता, दिल्ली और मुंबई से लाए गए एंथोरियम, लिली, कॉर्निशन, सेवंती और डेजी जैसे फूलों से बाबा महाकाल का आंगन सजाया जाता है।     पटाखों पर प्रतिबंध:      बता दें कि उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर की परंपरा के मुताबिक, आरती और पूजन के समय केवल एक फुलझड़ी जलाई जाती है। इसके अलावा, गर्भगृह, कोटितीर्थ कुण्ड और महाकाल महालोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आतिशबाजी या पटाखों का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। ये सुरक्षा और पवित्रता की दृष्टि से जरूरी है।

टाइगर स्ट्राइक फोर्स के सरोठिया को global अवॉर्ड, मध्यप्रदेश ने बढ़ाया देश का मान

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश के  सरोठिया को मिला अंतर्राष्ट्रीय अवॉर्ड उत्कृष्ट कार्य के लिये यूनाइटेड नेशन ने किया पुरस्कृत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वन विभाग द्वारा वन, वन्य-जीव एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में लगातार नये आयाम स्थापित किये जा रहे हैं। वन विभाग के अंतर्गत गठित स्टेट टाइगर फोर्स मध्यप्रदेश के उप वन संरक्षक (भावसे)  रितेश सरोठिया को वन एवं वन्य-जीव अपराध की रोकथाम के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिये यूनाइटेड नेशन द्वारा 'द एशिया एनवायरमेंटल इन्फोर्समेंट रिकगनिशन ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2024-25 प्रदान किया गया है। यह अवॉर्ड यूएनईपी द्वारा 17 अक्टूबर को बैंकाक (थाईलेंड) में हुए वर्चुअल समारोह में दिया गया। यूनाइटेड नेशन द्वारा उक्त अवॉर्ड उन व्यक्तियों, सरकारी संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जो देश से सीमापार अपराध अन्वेषण में राष्ट्रीय कानूनों के प्रवर्तन में उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन करते हैं। इसमें वन्य-जीव और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, खनिजों और रेत का अवैध व्यापार परिवहन, अपशिष्ट रसायनों, कीटनाशक का अवैध व्यापार, ओजोन क्षयकारी पदार्थ और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिये दिया जाता है। अवॉर्ड चयन के लिये अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ज्यूरी, जिसमें प्रतिष्ठित संस्थाओं में यूएनईपी, इंटरपोल, यूएनओडीसी, वर्ल्ड बैंक, एसआईटीईएस और यूएनडीपी के प्रतिनिधि द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद दिया जाता है। इस वर्ष के अवॉर्ड में वन्य-जीवों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रूप से नियंत्रण के लिये उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारत चीन, इंडोनेशिया और सिंगापुर की कुल 7 कानून प्रवर्तन संस्था/अधिकारियों को विभिन्न श्रेणी में सम्मानित किया गया है। मध्यप्रदेश के स्टेट टाइगर फोर्स के प्रभारी  सरोठिया ने अंतर्राष्ट्रीय वन्य-जीव संगठित गिरोहों, जिनका नेटवर्क भारत, चीन, नेपाल, भूटान और म्यांमार में फैला है के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की। उन्होंने कई कानून प्रवर्तन संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर वन अपराधों में लिप्त सरगनाओं को गिरफ्तार किया।  सरोठिया ने सरगनाओं के विरुद्ध दर्ज प्रकरण का वैज्ञानिक अन्वेषण कर उन्हें सजा दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।  सरोठिया को वन, वन्य-जीव कानून प्रवर्तन में अहम भूमिका निभाने के लिये सम्मानित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख एवं वन संरक्षक वन्य-जीव के सतत मार्गदर्शन में कार्य करते हुए मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा  सरोठिया के नेतृत्व में विगत कुछ वर्षों में वन एवं वन्य-जीव अपराधों में लिप्त राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर लगभग 1500 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस इकाई द्वारा किये गये वन्य-प्राणी संरक्षण कार्य की सराहना न केवल प्रदेश, देश बल्कि देश के बाहर भी की गयी है। इंटरपोल द्वारा 4 बार मध्यप्रदेश एसटीएफ की प्रशंसा की गयी। इससे पूर्व भी  सरोठिया को 3 बार अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।  

कोलार लिफ्ट परियोजना से 44 गांव होंगे लाभान्वित, बिलकिसगंज क्षेत्र को बड़ी सौगात

कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में बिलकिसगंज के नजदीकी 44 गांव शामिल होंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोलर पंप के माध्यम से बिजली बिल की चिंता से किसानों को मुक्त करेगी सरकार इछावर नगर परिषद को विकास कार्यों के लिए अनुदान देने की घोषणा सीहोर जिले के दो लाख से अधिक किसानों के खाते में 118 करोड़ से अधिक की फसल क्षति राहत राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर में किया 69 करोड़ रूपये से अधिक के विकास और निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज धनतेरस के शुभ अवसर पर किसानों को चिंता मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा राहत राशि प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसान, गरीब, महिला और वंचित वर्गों की सरकार है। किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है और उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि किसानों को अभी राहत राशि दी जा रही है और बीमा राशि मिलना बाकी है। राज्य सरकार की नीति है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम मिले। सरकार फसलों का निरंतर समर्थन मूल्य भी बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिले इसके लिए सरकार द्वारा भावांतर योजना प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले के बिलकिसगंज में आयोजित कार्यक्रम में शनिवार को पीला मोजेक, कीट व्याधि एवं अतिवृष्टि से हुई सोयाबीन फसल क्षति से प्रभावित सीहोर जिले के 2,05,977 किसानों के खाते में 118 करोड़ 41 लाख रूपये की राहत राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले के 69 करोड़ 38 लाख 36 हजार रूपये के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सीमा पर जवान और खेत में किसान अपने-अपने तरीके से देश की सेवा करते हैं। सरकार के लिए दोनों का ही सम्मान सर्वोपरि है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। सिंचाई सुविधा हो या किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाना हमारी सरकार हर मामले में संवेदनशील है। प्रदेश में कभी सिंचाई का रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था और हमारी सरकार आने के बाद सिंचाई का रकबा 53 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सोयाबीन किसानों को भी फसल का उचित दाम दिला रही है। अब कोदो-कुटकी भी सरकार खरीद रही है। राज्य सरकार अगले वर्ष 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों और जवानों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए विशेष प्रयास किया है। किसानों का जीवन सुगम बनाने के लिए हर स्तर पर गतिविधियां संचालित की जा रही है। स्कूली बच्चों को किताबें और ड्रेस नि:शुल्क दी जा रही है। प्रदेश की 1.27 करोड़ बहनों को हर माह लाड़ली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। दीपावली के बाद अब भाई दूज पर भी 250 रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। अगले महीने से हर माह लाड़ली बहनों को 1500 रुपए की राशि भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पहले 5 लाख रुपए तक के 5 हॉर्स पावर के पंप के लिए किसानों को 2 लाख रुपए खुद से लगाने पड़ते थे, अब सरकार इस पर 90 प्रतिशत का अनुदान दे रही है। राज्य सरकार ने प्रदेश के किसानों को 32 लाख सोलर पंप प्रदान करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सरकार कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रदेश में लगातार इंडस्ट्री समिट की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर के शरबती गेहूं की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "सबका साथ, सबका विकास" के आधार पर हमारी सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग का जीवन बेहतर से बेहतर हो और वह विकास में भागीदारी कर सके। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों, इसके लिए सरकार इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से निरंतर औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश सक्षम बने और सभी क्षेत्रों में देश में नंबर वन बने यही हमारा लक्ष्य है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश निरंतर तरक्की कर रहा है। हमारी सरकार निरंतर समाज के प्रत्येक वर्ग को खुशहाल बनाने के लिए कार्य कर रही है। सरकार द्वारा गरीबों, किसानों, महिलाओं और बच्चों सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिससे समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को भी योजनाओं का लाभ मिले। मुख्यमंत्री की घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजस्व मंत्री करणसिंह वर्मा के अनुरोध पर कोलार मेजर लिफ्ट परियोजना में इछावर क्षेत्र के बिलकिसगंज सहित 44 ग्रामों को शामिल करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने इछावर नगर परिषद में विकास कार्यों के लिए विशेष निधि से अनुदान देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागों और स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी पर स्टॉल्स का भी अवलोकन किया तथा स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार किए पोषक उत्पादों की सराहना की। किसानों के खाते में राहत राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर जिले की आठ तहसीलों में पीला मोजेक एवं कीट व्याधि से प्रभावित 1,87,140 किसानों के खाते में 101 करोड़ 70 लाख 90 हजार 999 रूपये की अंतरित की। इसी प्रकार उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावित 02 तहसीलो के 18, 837 सोयाबीन उत्पादक किसानों के खाते में 16 करोड़ 70 लाख 36 हजार रूपये की राहत राशि अंतरित की। उल्लेखनीय है कि भैरूंदा एवं बुधनी के किसानों की फसल अतिवृष्टि से तथा आष्टा, जावर, रेहटी, इछावर, श्यामपुर, दोराहा, सीहोर ग्रामीण तथा सीहोर नगर के किसानों की फसल पीला मोजक एवं कीट व्याधि से खराब हुई थी। उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी की सराहना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना की। प्रदर्शनी में सीताफल, … Read more

स्वच्छता और जल संरक्षण ही सच्ची सेवा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भगवान धनवंतरी ने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनवंतरी पूजन में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वस्थ समाज का निर्माण चिकित्सा विज्ञान के साथ ही पर्यावरण की शुद्धता से संभव है। उन्होंने कहा कि जब तक हमारा जल, वायु और भूमि प्रदूषणमुक्त नहीं होंगे, तब तक किसी भी चिकित्सा पद्धति के परिणाम स्थायी नहीं हो सकते। उन्होंने छात्रों और चिकित्सकों का आह्वान किया कि वे चिकित्सा के साथ-साथ स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण को जीवन का संकल्प बनाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सीहोर जिले के ग्राम गादिया-बिलकिसगंज स्थित मानसरोवर मेडिकल कॉलेज में धनतेरस के अवसर पर शनिवार को आयोजित धनवंतरी पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जल से हम सभी के जीवन की उत्पत्ति हुई है, वैसे ही जीवन की रक्षा और स्वास्थ्य का आधार भी जल से ही जुड़ा है। भगवान धनवंतरी समुद्र मंथन से प्रकट हुए थे और उन्होंने अमृत के रूप में स्वास्थ्य, आयु और ऊर्जा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी आयुर्वेद के प्रथम आचार्य माने जाते हैं, जिन्होंने मानवता को स्वस्थ और दीर्घायु रहने का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल धन-संपदा की पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें शरीर, मन और आत्मा की पवित्रता बनाए रखने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एलोपैथी, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान एक-दूसरे के पूरक हैं न कि प्रतिस्पर्धी। एलोपैथी जहां त्वरित राहत देती है, वहीं आयुर्वेद शरीर की जड़ों से रोगों को खत्म करता है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि भगवान धनवंतरी का संदेश केवल औषधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनका संदेश है कि “स्वास्थ्य ही जीवन का सच्चा धन है।” उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ने हमें यह सिखाया है कि भोजन, दिनचर्या और प्रकृति के अनुरूप जीवन जीने से रोग अपने आप दूर रहते हैं। भगवान धनवंतरी के उपदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने हजारों वर्ष पूर्व थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जा रहा है ताकि दोनों की श्रेष्ठता समाज के हित में उपयोगी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि धनतेरस का यह पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि – शरीर, मन और प्रकृति तीनों का संतुलन ही सच्चा धन है। इस अवसर पर कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री करणसिंह वर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, जिला अध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, श्री सन्नी महाजन, मानसरोवर कॉलेज की चांसलर श्रीमती मंजुला तिवारी एवं श्री गौरव तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, चिकित्सक एवं छात्र उपस्थित थे।  

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इंदौर  डॉ. आंबेडकर नगर (महू) में खुशियों वाली जगमग दिवाली पर शहर में एक बार फिर रंगारंग सजावट होगी। गली-नुक्कड़ से लेकर महू छावनी परिषद क्षेत्र के मोहल्लों-कॉलोनियों में रंग-बिरंगी रांगोली और जगमगाती रोशनी का अनूठा नजारा देखने को मिलेगा। दरअसल, शहर में इस साल 21 अक्टूबर को धोक पड़वा पर्व पर रंगोत्सव मनाया जाएगा। कोविड के दौर के बाद दीपावली के जगमग उजास को नई रंगत देने के लिए शहर में रंगोत्सव समिति द्वारा रंगोली प्रतियोगिता (Rangoli Competition) की शुरुआत की गई। इसमें शहर की गलियों में न्यूनतम 16 वर्गफीट से लेकर करीब 500 वर्गफीट तक की आकर्षक रांगोली सजाई जाती थी।  समिति के संयोजक ने दी जानकारी समिति के संयोजक सुचित बंसल ने बताया कि इस साल यह महोत्सव एक नया स्वरुप लेने जा रहा है। इसमें रंगोली के साथ ही गली-मोहल्लो और कॉलोनियों की सजावट (Diwali Decoration) भी शामिल की गई। प्रतिभागियों को न्यूनतम 70 से 80 फीट का दायरा चुनना होगा। इसमें रंगोली के साथ ही निर्धारित एरिया को अलग-अलग तरीके से सजाना होगा। इसमें रंग-बिरंगी लाइटिंग सहित आकर्षक सजावट आइटमों का उपयोग किया जा सकेगा।     अनेकता में एकता की दिखेगी झलक इस अनूठे महोत्सव में अलग-अलग राज्यों की संस्कृति के साथ ही पारंपरिक, धार्मिक और पौराणिक महत्वों की झलक दिखेगी। बंसल ने बताया कि प्रतिभागी पंजाबी, साउथ इंडियन, गुजराती सहित धार्मिक, सांस्कृतिक थीम पर सजावट कर सकते हैं।   पारदर्शिता : अन्य शहरों के निर्णायक करेंगे फैसला स्पर्धा के विजेता का फैसला निर्णायक दल करेगा। इसके लिए करीब 5 से 6 निर्णायकों की पैनल बनाई जाएगी। प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्णायक अन्य शहरों से बुलाएंजाएंगे। जो धोक पड़वा पर सुबह 11 बजे से निरीक्षण शुरु करेगी।   2023 में बनाया हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड रंगोत्सव की अनूठी परंपरा ने वर्ष 2023 में शहर का नाम हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाया। बंसल ने बताया कि साल 2023 में करीब 325 प्रतिभागियों ‌द्वारा सबसे लंबी रंगोली बनाई गई। जिन्हें हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। स्पर्ध में पहला स्थान राधिका तायल ने पाया था। जिन्हें 51 हजार रुपए का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया था।  तिथियों में असमंजस से बीते साल रही अड़चन बीते साल दीपावली पर अमावस्या की दो तिथियां होने के कारण धोक पड़वा को लेकर असमंजस बना था। बंसल ने बताया कि इसके कारण बीते साल रंगोत्सव का आयोजन नहीं हुआ था। इसके पहले गोपाल मंदिर से अग्रसेन चौराहा और ड्रीमलैंड से हरिफाटक तक रंगोली स्पर्धा होती थी। अब इसका दायरा संपूर्ण छावनी परिषद किया गया है।  सर्वश्रेष्ठ सजावट को मिलेगा एक लाख का इनाम स्पर्धा में एक व्यक्ति के साथ ही समूह बनाकर भी भाग लिया जा सकता है। बंसल ने बताया कि सर्वश्रेष्ठ सजावट करने वाले प्रतिभागी को एक लाख रुपए का इनाम प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा दूसरे विजेता को 51 हजार, तीसरे को 21 हजार और 11-11 हजार के पांच सांत्वना पुरस्कार भी देंगे।   25-75 के फार्मूले पर होगी सजावट स्पर्धा में इस साल 25-75 का फार्मूला अपनाया जा रहा है। बंसल के अनुसार इस साल प्रतिभागियों को 25 प्रतिशत अंक रांगोली बनाने 75 प्रतिशत अंक क्षेत्र को सजावट पर मिलेंगे। इसमें स्वागत द्वार, वंदन द्वार, कॉरपेट सहित विद्युत साज-सज्जा भी की जा सकती है।