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मुख्य सरगना सहित 6 साइबर ठग राजस्थान और बिहार से गिरफ्तार

भोपाल  मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में मंदसौर पुलिस ने साइबर ठगी के एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि गिरोह देश के अलग-अलग हिस्सों से मेट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से लोगों को विश्वास में लेकर ठगी करता था। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी और 150 से अधिक साइबर घटनाओं को अंजाम दिए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 मोबाइल सिम एवं 5 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। विभिन्न बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज कराया है। जिले के शामगढ़ निवासी पीड़िता मेट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल अपडेट करने के बाद साइबर ठगों के संपर्क में आई थी। आरोपी ने स्वयं को NRI बताकर पीड़िता से शादी करने का विश्वास दिलाया। नकली फोटो और कथित परिजनों के माध्यम से व्हाट्सएप पर बातचीत कर पीड़िता का विश्वास हासिल किया गया। इसके बाद विदेश से गिफ्ट भेजने, गिफ्ट कस्टम में पकड़े जाने तथा कस्टम ड्यूटी एवं प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में राशि जमा कराई गई। इस तरह पीड़िता से 7 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की गई। शिकायत मिलने पर थाना शामगढ़ में प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक मंदसौर  विनोद कुमार मीना के निर्देशन में प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की गई। टीम ने लगभग दो माह तक तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया और साइबर ठगी से जुड़े डिजिटल एवं बैंकिंग नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा। लगातार किए गए तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों की जानकारी प्राप्त होने के बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से राजस्थान के जयपुर में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ एवं विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर गिरोह के एक अन्य सदस्य एवं मुख्य सरगना को बिहार के अरवल जिले से गिरफ्तार किया गया। 150 से अधिक म्यूल बैंक खाते और सिम के जरिए चल रहा था नेटवर्क जांच में सामने आया कि साइबर ठगी का यह नेटवर्क अलग-अलग स्तर पर काम कर रहा था। गिरोह द्वारा 150 से अधिक म्यूल बैंक अकाउंट एवं म्यूल मोबाइल सिम का उपयोग किया गया। अधिकांश मोबाइल सिम आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली एवं बिहार से प्राप्त की गई थीं, जबकि कुछ सिम एवं बैंक खाते भोपाल से भी प्राप्त कर उपयोग किए गए। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में ठगी की रकम निकालते थे। निश्चित समय अंतराल के बाद वह अपने स्‍थान बदल लेते थे। बैंक खाते फ्रीज होने पर संबंधित मोबाइल फोन, सिम, पासबुक एवं एटीएम आदि नष्ट कर दिए जाते थे और अगली ठगी के लिए नए मोबाइल, सिम एवं बैंक खातों का उपयोग किया जाता था। गिरोह का एक मुख्य व्यक्ति विभिन्न बैंक खातों में जमा राशि की जानकारी रखता था और सदस्यों को राशि निकालने तथा निर्धारित खातों में जमा करने के निर्देश देता था। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अनजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। मेट्रिमोनियल साइट, ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश, गिफ्ट अथवा किसी अन्य आकर्षक प्रस्ताव के माध्यम से किए जा रहे संपर्क में सावधानी बरतें। किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर फ्रॉड होने पर तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि पर किसानों को दी बधाई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विपणन सीजन 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि को मंजूरी दी है। इसमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम की फसलें शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह वृद्धि अन्नदाताओं को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य प्राप्त करने में मदद करेगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी, जिससे कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री  मोदी के किसान हितैषी निर्णय से समृद्धि आयेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान हितैषी इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री  मोदी का हार्दिक आभार माना और अन्नदाताओं के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के लिए किसानों को बधाई दी है।  

नवाचार और नई कार्ययोजनाओं से बढ़ेगा मत्स्य उत्पादन : राज्यमंत्री पंवार

भोपाल  मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार की अध्यक्षता में मत्स्य महासंघ की कामकाज समिति की 115वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में वर्ष 2027-28 के प्रस्तावित बजट का अनुमोदन किया गया। राज्यमंत्री  पंवार ने महासंघ के जलाशयों में सहकारी समितियों को सदस्यता देने से पहले उनका परीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र और वास्तविक समितियों को ही सदस्यता मिल सके। उन्होंने वर्तमान में कार्यरत समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का भी नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री  पंवार ने महासंघ द्वारा संचालित मछुआ कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हितग्राहियों को लाभ देने की समय-सीमा निर्धारित करने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री  पंवार ने मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1960 की धारा 43 और महासंघ की उपविधियों के अंतर्गत निधियों की समीक्षा में कहा कि भवन निधि एवं विकास निधि का उपयोग कर महासंघ की रिक्त भूमि पर आवश्यक निर्माण कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री  पंवार ने महासंघ के जलाशयों में उत्पादन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवीन कार्ययोजनाओं और नवाचारों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन तथा महासंघ की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। साथ ही उन्होंने मछुआ कल्याण योजनाओं और विकासात्मक गतिविधियों का विस्तार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में सचिव  स्वतंत्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक  अनुराग चौधरी, संचालक  मनोज कुमार पथरोलिया सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर 100 वर्ष या अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक होंगे ‘शतायु सम्मान’ से सम्मानित

भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में एक अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन के संकल्प पर आधारित कार्यक्रम आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार में प्रातः 11 बजे होगा। कार्यक्रम में 500 से अधिक वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर प्रदेश के सभी जिलों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 100 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले वरिष्ठजनों का होगा विशेष सम्मान प्रदेश के प्रत्येक जिले में 100 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ नागरिकों को चिन्हित कर ‘शतायु सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। शतायु वरिष्ठजनों को शॉल और श्रीफल भेंट कर उनके दीर्घ जीवन और समाज को दिए योगदान का अभिनंदन किया जाएगा। वृद्धाश्रमों में निवासरत वरिष्ठजनों तथा अन्य बुजुर्गों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी भी ली जाएगी। वरिष्ठजनों की सक्रिय सहभागिता और मनोरंजन के लिए कैरम, लूडो, शतरंज, गीत-संगीत सहित विभिन्न इंडोर गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन आयोजनों का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक रूप से सक्रिय रखने के साथ उनके बीच संवाद और सहभागिता का वातावरण तैयार करना है। स्वास्थ्य जांच से लेकर डिजिटल साक्षरता तक विशेष पहल वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जिला चिकित्सालयों, सिविल डिस्पेंसरी और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के समन्वय से विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएंगे। इनमें रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र परीक्षण सहित सामान्य स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध रहेगी। बदलते डिजिटल परिवेश में वरिष्ठ नागरिकों को सक्षम बनाने के लिए मोबाइल फोन, इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और कम्प्यूटर के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इससे वरिष्ठजन डिजिटल सेवाओं का अधिक सहजता से उपयोग कर सकेंगे। अधिकारों और सहायता व्यवस्था की भी दी जाएगी जानकारी वरिष्ठ नागरिकों को माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 एवं मध्यप्रदेश नियम-2009 के अंतर्गत उपलब्ध अधिकारों, सहायता और शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी। उनकी समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए संचालित एल्डरलाइन हेल्प लाइन 14567 के संबंध में भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वर्ष 2026 की अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की थीम “गरिमा के साथ वृद्धावस्थाः वृद्ध नागरिकों के लिए देखभाल और समर्थन प्रणालियों को मजबूत करने का महत्व” को केंद्र में रखते हुए प्रदेशभर के आयोजनों में वरिष्ठजनों के सम्मान, देखभाल, स्वास्थ्य, अधिकार और सामाजिक सहभागिता पर विशेष जोर रहेगा। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।  

मुख्य सचिव बर्णवाल से मिलीं बाल अधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉ. शर्मा

भोपाल  मुख्य सचिव  अशोक वर्णवाल से मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा ने बुधवार को भेंट कर प्रदेश में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान बच्चों के अधिकारों के संरक्षण, उनकी शिकायतों के त्वरित निराकरण और विद्यालयों में बच्चों के लिए बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। डॉ. शर्मा ने मुख्य सचिव के समक्ष विद्यालयों में शौचालयों की स्थिति, माहवारी स्वच्छता प्रबंधन, बालिका गरिमा सूचकांक, स्पॉन्सरशिप तथा बाल संरक्षण से संबंधित विषयों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की गरिमा, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी समन्वय जरूरी है। बैठक में आयोग द्वारा प्रदेश स्तर पर बच्चों की शिकायतों के निराकरण के लिए शिविर आयोजित करने के संबंध में भी चर्चा हुई। ऐसे शिविरों के माध्यम से बच्चों और उनके अभिभावकों की समस्याओं को स्थानीय स्तर पर सुनकर उनके त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई किए जाने पर विचार किया गया। आयोग की अध्यक्ष ने बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर शासन और आयोग के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर भी चर्चा की। बैठक में बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और अनुकूल वातावरण विकसित करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया गया।  

एशियन गेम्स में नीरू ढांडा का दूसरा गोल्ड, मिक्स्ड टीम में भी रचा इतिहास

भोपाल  एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभावान खिलाड़ी नीरू ढांडा ने एक और स्वर्णिम उपलब्धि हासिल की है। 30 सितंबर को ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा और क्यानन चेनाई की भारतीय जोड़ी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही नीरू ढांडा ने एशियन गेम्स में अपना तीसरा पदक और दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया है। नीरू ने इससे पहले महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वहीं महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में उन्होंने मनीषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ भारत को रजत पदक दिलाया था। अब मिक्स्ड टीम में स्वर्ण जीतकर उन्होंने एशियन गेम्स में अपने पदकों की संख्या तीन कर ली है। मिक्स्ड टीम में नीरू-क्यानन की जोड़ी का गोल्डन निशाना ट्रैप मिक्स्ड टीम स्पर्धा में नीरू ढांडा और क्यानन चेनाई की भारतीय जोड़ी ने शानदार निशानेबाजी करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। इस स्वर्ण के साथ नीरू के एशियन गेम्स 2026 अभियान में अब दो स्वर्ण और एक रजत पदक हो गए हैं। महिला ट्रैप व्यक्तिगत में भी जीता था ऐतिहासिक स्वर्ण 29 सितंबर को नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में 30 में से 28 सटीक निशाने लगाकर स्वर्ण पदक जीता था। उनके प्रदर्शन ने नया एशियन रिकॉर्ड भी बनाया। वह एशियन गेम्स में महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला निशानेबाज बनीं। इसी दिन महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भी नीरू ने भारत को रजत पदक दिलाया था। नीरू, मनीषा कीर और आशिमा अहलावत की भारतीय टीम ने 328 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया। टीम की ओर से नीरू ने 118, आशिमा ने 106 और मनीषा ने 104 अंक अर्जित किए। मध्यप्रदेश के खाते में अब 8 पदक नीरू ढांडा के मिक्स्ड टीम स्वर्ण के साथ एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के पदकों की संख्या 8 हो गई है। प्रदेश ने अब तक 3 स्वर्ण, 4 रजत और 1 कांस्य पदक जीता है। स्वर्ण पदक     क्रांति गौड़ — क्रिकेट     नीरू ढांडा — शूटिंग, शॉटगन ट्रैप महिला व्यक्तिगत     नीरू ढांडा — शूटिंग, शॉटगन ट्रैप मिक्स्ड टीम रजत पदक     ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर — शूटिंग, 50m Rifle 3P टीम     आशी चौकसे — शूटिंग, 50m Rifle 3P महिला टीम     नीरू ढांडा — शूटिंग, शॉटगन ट्रैप महिला टीम     मनीषा कीर — शूटिंग, शॉटगन ट्रैप महिला टीम कांस्य पदक     जय मीणा — सॉफ्ट टेनिस पुरुष एकल नीरू के नाम तीन पदक, दो स्वर्ण एशियन गेम्स में नीरू ढांडा का प्रदर्शन मध्यप्रदेश के लिए खास उपलब्धि बन गया है। उन्होंने महिला ट्रैप व्यक्तिगत में स्वर्ण, महिला ट्रैप टीम में रजत और अब ट्रैप मिक्स्ड टीम में स्वर्ण पदक जीतकर तीन पदक अपने नाम किए हैं। इनमें दो स्वर्ण पदक शामिल हैं। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन नीरू ढांडा और मनीषा कीर का प्रदर्शन मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा को भी सामने लाता है। भोपाल स्थित अकादमी में खिलाड़ियों को शॉटगन सहित शूटिंग की आधुनिक सुविधाओं और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती है। खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नीरू ढांडा को एशियन गेम्स में दूसरा स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि नीरू ने अपने शानदार प्रदर्शन से मध्यप्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने नीरू के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी इसी तरह अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहें।  

किसान कल्याण के लिए गौपालन एवं जैविक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक : उद्यानिकी मंत्री कुशवाह

भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री  नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए गौपालन एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। गौमाता का गोबर खेती के लिए अत्यंत उपयोगी प्राकृतिक खाद है। इसका उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलती है। हम सभी को जैविक खेती की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह बात भोपाल स्थित आईसीएआर, नवीबाग, बैरसिया रोड पर दिल्ली प्रेस द्वारा आयोजित ‘फार्म फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 – मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। मंत्री  कुशवाह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा प्रारंभ किए गए नदी जोड़ो अभियान को प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी निरंतर कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसान कल्याण के लिए प्रयासरत हैं। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित करना कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने और किसानों की समृद्धि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। किसान आर्थिक रूप से सशक्त बनें, उनकी आय में वृद्धि हो तथा कृषि क्षेत्र नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। अन्नदाता किसानों का सम्मान उनके अथक परिश्रम, समर्पण और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल, दिल्ली प्रेस के संपादक  पारेशनाथ, संयुक्त संचालक मती सुमन प्रसाद, के.वी.के. भोपाल के  मेदिनी प्रसाद, मध्यप्रदेश ब्यूरो चीफ  भरत भूषण वास्तव, मती श्रुति जोशी सहित बड़ी संख्या में किसान भाई एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जैविक खेती के क्षेत्र में कार्य करने वाले उत्कृष्ट किसानों को फार्म फूड कृषि सम्मान अवार्ड से सम्मानित किया गया।  

सेवा संकल्प यात्रा उज्जैन पहुंची, युवा संवाद में मुख्यमंत्री वर्चुअली जुड़े

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सेवा कार्यों को आगे बढ़ायें। उनके द्वारा किये जा रहे जन-कल्याण के कार्यों को जन-जन तक पहुंचायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वाराणसी से वड़नगर तक चल रही सेवा यात्रा के उज्जैन पहुंचने पर विक्रम विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा के लिए सेवा यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों से नागरिकों को जोड़े। अलग-अलग राज्यों से जुड़े सेवा यात्री खान पान,संस्कृति का आपस में आदान प्रदान करे एवं सदभावना के साथ यात्रा को आगे बढ़ाये। सेवा यात्रियों ने ग्राम कनासिया से उज्जैन जिले में प्रवेश किया। यात्रियों ने पौध-रोपण किया। उन्होंने विक्रम यूनिवर्सिटी के तालाब की साफ-सफाई भी की। युवा संवाद कार्यक्रम उज्जैन में महापौर  मुकेश टटवाल, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष  ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  रवि सोलंकी,  संजय अग्रवाल,  जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।    

उमरिया को जल्द ही मिलेगी बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट की सौगात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार ने कृषक कल्याण वर्ष में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के साथ अनेक जनहितैषी निर्णय लिए हैं। किसानों को नई तकनीक का लाभ दिया जा रहा है। उमरिया जिला कोयला भंडारों के लिए प्रसिद्ध है, जिसे काला सोना भी कहते हैं। यहां स्थित बांधवगढ़ किला मध्यप्रदेश की शान है। उमरिया जिला प्राकृतिक औषधि और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उमरिया जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मती संपतिया उइके, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल, किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष  जयपाल सिंह चावड़ा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिले के किसानों को उपज का समुचित मूल्य दिलवाने के लिए नई कृषि तकनीक और खाद्य प्रसंस्करण को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उत्तम खेती के लिए सिंचाई सुविधाएं बेहद जरूरी है। इसीलिए राज्य सरकार ने हर गांव और हर खेत को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान धान और अन्न फसलों के उपार्जन के लिए समय रहते पंजीयन कराएं, ताकि एमएसपी का लाभ मिलता रहे। उन्होंने कहा कि इसी सीजन से किसानों को दिन में भी 10 घंटे बिजली मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को किसान चौपाल लगाकर हितग्राहियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान गोपालन, दूध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, उद्यानिकी फसलों और जैविक-प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएं। उन्होंने उमरिया के किसानों को बताया कि शीघ्र ही जिले में एक बड़ी फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू होगी। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला प्रशासन को पंचायत स्तर पर दुग्ध संकलन समितियों के पंजीयन कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कस्टम हायरिंग सेंटर और सोलर पंप जैसी कृषक कल्याण योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सेवा कार्य के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश में सेवा से संकल्प अभियान जारी है। राज्य सरकार जिलों में जन विश्वास अभियान के जरिए भी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दे रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र के अभिलेखों की नि:शुल्क रजिस्ट्री करवाई जा रही है। किसानों को भी इस स्वामित्व योजना का लाभ मिल रहा है। संपत्ति की पक्की रजिस्ट्री मिलने से हितग्राही बैंक लोन और अन्य आवश्यकताओं के लिए इसे उपयोग कर पाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षित और समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिए राज्य सरकार स्कूली बच्चों को कई सौगातें दे रही है। शासकीय स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी दी गई हैं। प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के बच्चों को नि:शुल्क किताबें, ड्रेस और साइकिलें वितरित की जा रही हैं। प्रदेशभर में सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के लिए उमरिया में उपस्थित मंत्री  नागर सिंह चौहान और पूर्व मंत्री सु मीना सिंह से भी संवाद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय जन उपस्थित थे।  

मंत्री सिलावट ने जलाशयों की स्थिति की समीक्षा, अधिक जलभराव वाले बांधों पर निगरानी के निर्देश

मंत्री सिलावट ने की जलाशयों में जलभराव स्थिति की समीक्षा अधिक जलभराव वाले बांधों की सतत निगरानी और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के दिये निर्देश भोपाल जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने प्रदेश में वर्षा एवं जलाशयों में जलभराव की स्थिति की वृहद समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अधिकांश जलाशयों में जलभराव की स्थिति संतोषजनक है। आगामी रबी सीजन की सिंचाई एवं पेयजल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध जल का वैज्ञानिक और संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अधिक जलभराव वाले जलाशयों में सतत निगरानी रखते हुए सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए तथा कम वर्षा वाले क्षेत्रों में जल उपलब्धता के आधार पर अभी से जल प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की जाए। मंत्री सिलावट ने कहा कि प्रदेश में अब तक प्रदेश में कुल 908.30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जो दीर्घावधि औसत 949.50 मिलीमीटर की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत कम है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में 773.60 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो औसत से 12 प्रतिशत कम है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश में 1083.60 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो औसत से 4 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने अधिकारियों को वर्षा की क्षेत्रवार स्थिति को ध्यान में रखते हुए जलाशयों के जल प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। 54 प्रमुख बांधों में 89.32 प्रतिशत जलभराव प्रदेश के बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के अंतर्गत 54 प्रमुख बांधों में वर्तमान में औसत जलभराव 89.32 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 95.13 प्रतिशत था, जबकि विगत पांच वर्षों का औसत 88.45 प्रतिशत रहा है। वर्तमान में 35 बांध 90 प्रतिशत से अधिक भरे हुए हैं। 9 बांधों में 75 से 90 प्रतिशत, 5 में 50 से 75 प्रतिशत, 4 में 25 से 50 प्रतिशत तथा एक बांध में 10 से 25 प्रतिशत जलभराव है। मंत्री सिलावट ने 90 प्रतिशत से अधिक जलभराव वाले 35 बांधों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बांध में जलस्तर, पानी की आवक और निकासी की नियमित समीक्षा की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत जल प्रबंधन किया जाए। बांधों के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन दलों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए। कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए विशेष जल प्रबंधन मंत्री सिलावट ने पश्चिमी मध्यप्रदेश में औसत से कम वर्षा को देखते हुए उज्जैन तथा नर्मदा-ताप्ती बेसिन में उपलब्ध जल की विशेष समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रबी सीजन में सिंचाई, पेयजल तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए उपलब्ध जल का बेसिनवार एवं परियोजनावार जल बजट तैयार किया जाए। किसानों को सिंचाई के लिए संभावित जल उपलब्धता की जानकारी समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। समीक्षा में बताया गया कि बेसिनवार जलभराव की स्थिति में गंगा बेसिन 99 प्रतिशत, यमुना बेसिन 94 प्रतिशत तथा नर्मदा बेसिन 95 प्रतिशत है। चंबल-बेतवा एवं सागर बेसिन में 82-82 प्रतिशत, नर्मदापुरम में 81 प्रतिशत, वैनगंगा में 80 प्रतिशत, उज्जैन में 71 प्रतिशत तथा नर्मदा-ताप्ती बेसिन में 57 प्रतिशत औसत जलभराव दर्ज किया गया है। मंत्री सिलावट ने अधिकारियों से कहा कि मानसून समाप्त होने के बाद जलाशयों, बांधों, नहरों एवं जल वितरण प्रणालियों का विस्तृत निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव की कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही कम वर्षा वाले क्षेत्रों में स्थानीय जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।