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माध्यमिक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का रिज़ल्ट घोषित, ऐसे करें चेक

भोपाल  मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने माध्यमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा-2024 का परिणाम जारी कर दिया है। यह परीक्षा मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कुल 9,882 पदों पर शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। अभ्यर्थी अपना परिणाम ई.एस.बी की वेबसाइट http://www.esb.mp.gov.in/ से डाउनलोड या मुद्रित कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि चयन परीक्षा का आयोजन 20 अप्रैल 2025 से 29 अप्रैल 2025 तक मध्यप्रदेश के 11 प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, सीधी एवं उज्जैन में किया गया था। परीक्षा विभिन्न विषयों हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, खेल, संगीत (गायन-वादन) एवं नृत्य में आयोजित की गई थी। कुल 1,85,065 अभ्यर्थियों ने विभिन्न विषयों में पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,60,360 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।  

छात्राओं के स्वास्थ्य पर जोर: सरोजनी नायडू महाविद्यालय में हुआ बड़ा हेल्थ चेकअप कैंप

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सरोजनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय भोपाल में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि “स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार” अभियान का मूल किशोरियों और युवतियों का संपूर्ण स्वास्थ्य है। स्वस्थ परिवार की आधारशिला महिलाओं का स्वास्थ्य है। उन्होंने कहा कि हीमोग्लोबिन जांच, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर जीवन के लक्ष्यों को सहजता से प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएँ, जहाँ जांच, परामर्श और उपचार निःशुल्क उपलब्ध है। स्वस्थ नारी – सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत सरोजनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय भोपाल में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 4,518 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की गई। साथ ही, विषय विशेषज्ञों ने छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गयीं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने छात्राओं से कहा कि अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को छुपाने से वे और गंभीर हो सकती हैं। इसलिए बेझिझक होकर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं या संस्थाओं से परामर्श लेना चाहिए। विधायक भगवानदास सबनानी, माननीय महापौर श्रीमती मालती राय, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना सहित स्वास्थ्य विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में हीमोग्लोबिन, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, सिकल सेल स्क्रीनिंग, क्षय रोग तथा नेत्र रोग की जांच कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्श दिया गया। छात्राओं ने ‘खुल के पूछो’ कार्यक्रम में पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, त्वचा व सौंदर्य संबंधी प्रश्न पूछे जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के अंतर्गत स्वास्थ्य खेल, जुम्बा सत्र (थोड़ी सेहत, थोड़ी मस्ती) का आयोजन किया गया। कई छात्राओं ने स्वैच्छिक रक्तदान भी किया। शिविर में आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ आईडी एवं आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए। कुल 439 आभा और आयुष्मान कार्ड बनाए गए, 459 छात्राओं का दंत परीक्षण, 152 को मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, 381 को आयुष एवं पोषण सेवाएँ तथा 120 की सिकल सेल टेस्टिंग की गई। साथ ही, 20 यूनिट रक्तदान भी हुआ।  

व्यावहारिक ज्योतिर्विज्ञान डिप्लोमा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि: 30 अक्टूबर

भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान एक वर्षीय व्यवहारिक ज्योतिर्विज्ञान (ज्योतिष) और व्यावहारिक वास्तु शास्त्र डिप्लोमा कोर्स शुरू कर रहा है। डिप्लोमा के लिये एमपी ऑनलाइन के माध्यम से 25 सितंबर से आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। आवेदन 30 अक्टूबर 2025 तक किये जा सकेंगे। इसके लिये न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता माध्यमिक शिक्षा मंडल अथवा मान्यता प्राप्त बोर्ड से कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कक्षाएं एक नवम्बर 2025 से ऑनलाइन प्रारंभ की जायेंगी। ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ज्योतिर्विज्ञान कक्षाओं का संचालन सप्ताह में 3 दिवस सोमवार, बुधवार, शुक्रवार एवं व्यावहारिक वास्तु शास्त्र कक्षाओं का संचालन सप्ताह में 3 दिवस मंगलवार, गुरूवार, शनिवार को किया जायेगा। ऑनलाइन कक्षाओं का केन्द्र महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान भोपाल के सेकण्ड स्टॉप स्थित संस्कृत भवन रहेगा। पाठ्यक्रम से संबंधित नियम तैयार कर लिये गये हैं। पाठ्यक्रम विवरण, प्रश्न पत्र एवं अन्य जानकारी संस्थान की वेबसाइट https://www.mpssbhopal.org पर उपलब्ध हैं।  

डब्ल्यूबीएम रोड निर्माण में मिली अनियमितता, भिण्ड प्रशासन ने किया कड़ा एक्शन

 भिण्ड नगर पालिका भिण्ड में डब्ल्यूबीएम (WBM) रोड के निर्माण कार्यों में अनियमितता की शिकायत लोकायुक्त के माध्यम से नगरीय विकास एवं आवास विभाग को प्राप्त हुई थी। इस शिकायत के आधार पर विभाग द्वारा अधीक्षण यंत्री स्तर पर एक जांच समिति गठित की गई। जांच समिति की रिपोर्ट में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री हरीश बाबू शाक्यवार, तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) वीरेन्द्र तिवारी तथा उपयंत्री अमित कुमार शर्मा को दोषी पाया गया है। दोष सिद्ध होने पर हरीश बाबू शाक्यवार एवं वीरेन्द्र तिवारी की आगामी एक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकी गई है। उपयंत्री अमित कुमार शर्मा मूलत: नगर निगम मुरैना के कर्मचारी है अतएव उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के लिये आयुक्त नगरीय प्रशासन  संकेत भोंडवे द्वारा आयुक्त नगर निगम मुरैना को निर्देशित किया गया है। आयुक्त  भोंडवे ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये विभाग निरंतर सक्रिय है। स्थानीय निकायों में किसी भी स्तर पर अनियमितता की शिकायत मिलने पर दोषी व्यक्ति के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।  

आयुर्वेद से नई उम्मीद: मध्य प्रदेश में ओजोन थेरेपी से होगा कैंसर पीड़ितों का इलाज आसान

भोपाल  कैंसर रोगियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रेडिएशन से होने वाली पीड़ा कम करने के लिए आयुर्वेद चिकित्सकों ने ओजोन थेरेपी की शुरुआत की है। इंदौर के आयुर्वेद शासकीय अस्तपताल में प्रयोग के तौर पर यह थेरेपी शुरू कर दी गई है। इसके सकारात्मक परिणाम देख प्रदेश भर के शासकीय आयुर्वेद अस्पतालों में शुरू करने की तैयारी है। दरअसल आयुष मंत्रालय ने ही इस तरह की थेरेपी का सुझाव दिया था, जिसके बाद इसे शुरू किया गया है। आयुर्वेद में ओजोन थेरेपी नई प्रक्रिया है, जिसे पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के संतुलित मेल से विकसित किया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह प्रक्रिया शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाकर कैंसर कोशिकाओं को कमजोर करती है। वहीं शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर शरीर को बीमारी से लड़ने के लिए तैयार करती है। इसमें आयुर्वेदिक औषधियों का ही इस्तेमाल होता है। एक महीने पहले इंदौर के शासकीय अष्टांग आयुर्वेद महाविद्यालय अस्पताल में प्रायोगिक तौर पर इसे शुरू किया गया था। 50 रोगियों पर हुआ इसका प्रयोग 50 रोगियों पर इसका प्रयोग हुआ। उनमें दर्द, सूजन में कमी और जीवन स्तर में सुधार दिखा है। उसके बाद इसे कारुण्य कार्यक्रम में शामिल किया गया है, जो कैंसर, अल्जाइमर और पार्किंसन जैसे रोगों में सहायक उपचार के लिए वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के इस्तेमाल के लिए है। अधिकारियों का कहना है कि इसी महीने से भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय अस्पताल में इसकी सुविधा मिलने लगेगी। उसके बाद प्रदेश के सभी सात शासकीय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों में इसकी सुविधा मिलेगी। ऐसे काम करती है ओजोन थेरेपी विशेषज्ञों के मुताबिक ओजोन ऑक्सीजन का सक्रिय रूप है। इसे शरीर में अलग-अलग तरीकों से पहुंचाया जाता है। इसे अंतःशिरा (आईवी), इंजेक्शन, ऑटोहेमोथेरेपी, ओजोन साना और ओजोनेटेड तेल या पानी का उपयोग कर शरीर में पहुंचाया जाता है। इसका असर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने, संक्रामक तत्वों को रोकने, दर्द और सूजन कम करने तथा कोशिकाओं के पुनर्जन्म को बढ़ावा देने में दिखता है। दूसरी बीमारियों में भी उपयोगी कैंसर के अलावा ओजोन थेरेपी का प्रयोग गठिया, घुटनों और कमर दर्द, त्वचा रोग, मधुमेह, हृदय रोग और घाव भरने की प्रक्रिया में भी कारगर पाया गया है। इंदौर में शुरू किया गया है उपचार     ओजोन थेरेपी से कैंसर के मरीजों का उपचार इंदौर में शुरू किया गया है। प्रयास है कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी प्रमुख आयुर्वेद अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। हम भी इसकी तैयारी कर रहे हैं। – डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय भोपाल।  

मध्य प्रदेश: तेज रफ्तार ने ली 14 हजार से ज्यादा जानें, ग्रामीण क्षेत्रों में दोगुनी मौतें

भोपाल  मध्य प्रदेश में तेज रफ्तार वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाया जाए तो हर साल 10 हजार से अधिक लोगों की जान बच सकती है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 75 प्रतिशत मामले तेज रफ्तार के रहे। पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरआई) के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2024 में 14 हजार 791 लोगों की मृत्यु सड़क दुर्घटनाओं में हुई है, जबकि 2023 से 13 हजार 798 लोगों की जान चली गई थी।ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर हुई मौतों की संख्या शहरी क्षेत्र की तुलना में दोगुना से भी अधिक है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर दुर्घटनाओं से लगभग नौ हजार लोगों की मौत हुई है। पिछले चार वर्ष से यह संख्या आठ हजार से नौ हजार के बीच है। इसका कारण यह है कि भीड़ नहीं होने के कारण लोग तेज गति से वाहन चलाते हैं। दूसरा यह की सड़कों पर संरक्षा (सेफ्टी) मापदंडों का पालन भी ठीक से नहीं हो पाता। अंधेरा, अंधा मोड़, संकरी सड़क जैसे ब्लैक स्पाट भी यहां दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुल मौतों में शराब पीकर और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने के कारण 500 से अधिक लोगों की मौत हुई है। पुलिस मुख्यालय अब इस रिपोर्ट के आधार पर सभी जिलों और संबंधित एजेंसियों को दुर्घटनाएं रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित करने जा रहा है। ये है दुर्घटनाओं की बड़ी वजह     मध्य प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस का अमला मात्र साढ़े तीन हजार है, जबकि जिस तरह से वाहनों की संख्या बढ़ रही है उससे इसका दोगुना पुलिस बल चाहिए।     मध्य प्रदेश में ब्लैक स्पाट यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की संख्या घटने की जगह बढ़ रही है। इनकी संख्या 400 से अधिक है। स्थायी तौर पर इस समस्या को हल करने के लिए जिम्मेदार एजेंसिया रुचि नहीं ले रही हैं। पुलिस की चेकिंग के दौरान चालान की कार्रवाई में सबसे अधिक ध्यान हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर रहता है। दोनों को मिला लें तो प्रतिवर्ष आंकड़ा औसत 10 लाख के ऊपर रहता है, जबकि तेज गति से वाहन चलाने वालों में 50 हजार के विरुद्ध भी कार्रवाई नहीं होती। वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी     यह सही है कि सड़क हादसों की बड़ी वजह तेज गति से वाहन चलाना है। सभी को गति सीमा का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सड़कें बेहतर होने से रफ्तार भी बढ़ी है। दुर्घटनाएं रोकने के लिए विशेष अभियान चलाकर भी यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। – शाहिद अबसार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पीटीआरआई)।  

सुपरमार्केट्स को मिली GST छूट, छोटे दुकानदारों को छोड़ दिया बाहर

 ग्वालियर  जीएसटी कम होने के बाद मंगलवार को कांच मिल क्षेत्र के निवासी बीपी श्रीवास्तव ने दुकान से घी का पैकेट खरीदा। घी का पैकेट 595 रुपए में दुकानदार ने दिया। पहले भी उन्हें घी का पैकेट इतनी ही कीमत में मिलता था। जब उन्होंने दुकानदार से जीएसटी कम करके घी देने के लिए कहा तो उसने कहा कि अभी तो पुरानी रेट में ही मिलेगा। जब हमें कम कीमत पर मिलेगा तब हम भी आपको कम कीमत पर देंगे। ऐसा केवल एक व्यक्ति के साथ नहीं हो रहा है, बल्कि शहर में बड़े सुपर मार्केट या डिपार्टमेंटल स्टोर को छोड़ दें, गली मोहल्लों सहित अन्य जगहों की दुकानों पर जीएसटी कम होने के बाद भी सामान पुरानी कीमत या एमआरपी पर ही मिल रहा है। बिस्किट हो, चिप्स का पैकेट हो या अन्य ऐसी ही कोई पैक्ड सामग्री हो, उपभोक्ताओं को जीएसटी की छूट लागू होने के दो दिन बाद भी एमपीआरपी पर ही मिल रहे है। ऐसे में अभी लोगों को जीएसटी कम होने से कम ही राहत मिल पा रही है। सुपर मार्केट या डिपार्टमेंटल स्टोर पर क्यों मिल रही है छूट     सुपर मार्केट या डिपार्टमेंटल स्टोर न केवल जीएसटी में रजिस्टर्ड हैं, बल्कि वे बिलिंग भी सॉफ्टवेयर से करते हैं। ऐसे में उनके साफ्टवेयर में जीएसटी कम कर दिया गया है। इसलिए इन स्टोर पर लोगों को कम कीमत में सामान मिल रहा है। जबकि छोटी व गली मोहल्लों की दुकानों में से अधिकतर जीएसटी में रजिस्टर्ड ही नहीं है, साथ ही इन दुकानों पर बिलिंग के लिए किसी तरह का साफ्टवेयर भी उपयोग नहीं करते। ऐसे में ये दुकानदार अभी भी जीटएसटी कम होने के बाद भी पुरानी एमआरपी पर ही चीजें बेच रहे हैं। शहर में अधिकतर दुकानदारों को सामान डिस्ट्रीब्यूटर या उनके एजेंट ही सप्लाई करते हैं। ये लोग सीधे सीधे कच्चे बिल पर ही माल सप्लाई करते हैं। ऐसे में दुकानदारों का कहना है कि एजेंट या डिस्ट्रीब्यूटर को तो हम माल के पैसे दे चुके हैं, अब वो वापस नहीं करेगा। इसलिए जब तक पुराना माल है तब तक पुरानी ही कीमत में बेचेंगे। जिन मेडिकल स्टोरों पर कंप्यूटर से बिलिंग हो रही है वहां पर लोगों को दवाओं पर जीएसटी से राहत मिल रही है। हालांकि मेडिकल स्टोर वाले अब पहले जो 10 से 15 प्रतिशत डिस्काउंट दवा पर देते थे, वह नहीं दे रहे हैंं। ऑनलाइन ग्रोसरी का सामान बेचने वाली कंपनियों ने भी कीमत घटाई ऑनलाइन ग्रोसरी सहित अन्य आयटम बेचने वाली कंपनियों ने अपने यहां सभी सामग्रियों की कीमतों को जीएसटी कटौती के मुताबिक घटा दिया है। आर्डर मिलने के बाद वे तुरंत डिलेवरी भी दे रही हैं। ऐसे में लोग अब दुकानों से पुरानी दरों की जगह ऑनलाइन चीजें मंगा रहे हैं। दुकानदारों की यह भी समस्या गोले का मंदिर चौराहे पर एक दुकानदार से जब 5 रुपए का बिस्किट पैकेट और एक 10 रुपये का चिप्स का पैकेट लिया गया और उससे जीएसटी कम करने की बात की तो उसने कहा कि माल नहीं बेच पाएंगे, क्योंकि आप तो 5 और 10 का सिक्का या नोट दोगे। बिस्किट पर 20 पैसे कम होंगे और चिप्स पर 40 पैसे। ऐसे में अब 60 पैसे मैं कहां से लाउंगा। ये सिक्के तो अब चलन में भी नहीं है। इस वजह से 5 से लेकर 50 रुपये की चीजें पुरानी कीमतों पर ही बिक रही हैं। क्या कहते हैं दुकानदार     पांच से दस रुपये या सौ रुपये तक के पैकेट पर जीएसटी कम करके बेचें भी, लेकिन छोटे सिक्के चलन में नहीं है। ऐसे में इन चीजों को एमआरपी पर ही बेचना पड़ रहा है। जिन चीजों पर 20 से 30 या अधिक राशि छूट की होती है उसमें जरूर कम करते हैं। – प्रमोद जैन, किराना दुकानदार जब नया स्टॉक आएगा तभी कम करेंगे     अभी तक घर के उपयोग की जो भी चीजें खरीदी हैं, उन वे सभी एमपीआरपी या पुरानी दर पर मिल रही थी, उसी पर मिल रही हैं। दुकानदार कह देते हैं, जब नया स्टॉक आएगा तभी ही कम पर मिलेंगी। – सुधीर झा, निवासी मुरार क्या कहते हैं व्यापारी संघ के पदाधिकारी     जब भी नई व्यवस्था होती है तो उसमें स्थिरता आने में समय लगता है। वर्तमान में जीएसटी का फायदा 5 हजार रुपये से अधिक की खरीदारी पर ही दिखेगा। दुकानदारों के पास 10 से 15 दिन या एक महीने का ही स्टाक होगा। तब तक छोटे आयटमों पर ही जीएसटी का फायदा आम आदमी को नहीं मिलेगा। लेकिन एक महीने में यह व्यवस्था पूरी तरह से सेटल हो जाएगी। इसके बाद सभी को राहत मिलेगी और बचत होगी। – प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष चैंबर ऑफ कॉमर्स  

स्विट्जरलैंड में रह रही रोहिणी ने सांसद पर गंभीर आरोप लगाए, आत्महत्या की धमकी से परिवार में चिंता

इंदौर  भीम आर्मी के संस्थापक और यूपी के नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर पर इंदौर की एक महिला ने यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. पीएचडी स्कॉलर डॉ रोहिणी घावरी ने बुधवार को धमकी दी है कि उन्हें अगर न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेंगी. इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर कई पोस्ट किए हैं. डॉ रोहिणी घावरी इंदौर की रहने वाली हैं और वर्तमान में वह स्विटजरलैंड में रह रहीं हैं. सोशल मीडिया पर उनकी आत्महत्या की बात से इंदौर में रहने वाले उनके माता-पिता परेशान हैं और अपनी बेटी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका अब तक उनकी बेटी रोहिणी से संपर्क नहीं हो पाया है. सांसद चंद्रशेखर पर शारीरिक और मानसिक शोषण का आरोप इंदौर की रहने वाली डॉ रोहिणी घावरी ने नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण पर कई दिनों तक शारीरिक और मानसिक रूप से शोषण का आरोप लगाया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि इस मामले की शिकायत वह कई बार दिल्ली पुलिस को कर चुकी हैं. अधिकारियों से मिलकर कई सबूत भी दे चुकी हूं लेकिन पुलिस ने इस मामले में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की. 3 महीने पहले लगाए थे रोहिणी ने आरोप डॉ रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर पर 3 महीने पहले गंभीर आरोप लगाए थे. पुलिस के साथ उन्होंने महिला आयोग में भी शिकायत की थी और कहा था कि यह स्वाभिमान और आत्मसम्मान की लड़ाई है और वह अब पीछे नहीं हटेंगी. महिला आयोग में की गई शिकायत में उन्होंने बताया कि चंद्रशेखर से उनकी मुलाकात 2020 में हुई थी. 2024 में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनका व्यवहार बदल गया. इंदौर में रहने वाले माता-पिता परेशान सोशल मीडिया पर उनकी आत्महत्या वाली पोस्ट देखकर इंदौर में रहने वाले उनके माता-पिता परेशान हैं. पिता शिव घावरी का कहना है कि "उन्हें भी सोशल मीडिया के द्वारा अपनी बेटी के द्वारा इस तरह के कदम उठा लेने की जानकारी मिल रही है. वह पिछले कई घंटों से लगातार अपनी बेटी रोहिणी से संपर्क करने में लगे हुए हैं लेकिन अभी तक उसने हमसे भी कोई बात नहीं की है. जिसके चलते हम काफी डिप्रेशन में आ चुके हैं." '2020 में रोहिणी से हुई थी जान-पहचान' रोहिणी के पिता शिव घावरी ने भी चंद्रशेखर उर्फ रावण पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनकी बेटी की शिकायत पर सुनवाई नहीं हो रही है. चंद्रशेखर से 2020 में उसकी जान पहचान हुई थी. चंद्रशेखर ने रोहिणी को यह आश्वासन दिया था कि वह अविवाहित है और उससे शादी कर लेगा. इसके चलते दोनों काफी दिनों तक साथ में भी रहे. कौन हैं रोहिणी घावरी इंदौर की रहने वाली वाली रोहिणी घावरी बाल्मिकी समुदाय से आती हैं और उनके पिता सफाईकर्मी हैं. 2019 में मध्य प्रदेश सरकार की स्कॉलरशिप से स्विट्जरलैंड में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं. उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में पीएचडी किया है. इसके पहले रोहिणी ने इंस्टिट्यूट ऑफ कॉमर्स से फॉरेन ट्रेड में बीबीए किया है. उसके बाद इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मार्केटिंग में एमबीए किया है. वह अपना एक एनजीओ भी चलाती हैं और दलित समुदाय के उत्थान के लिए काम करती हैं. 

सीवर लाइन में उतरे मजदूरों पर आफत, सतना में एक की जान गई, दो घायल

सतना जिला में मैला सफाई के दौरान एक मजदूर की जान गवाने का मामला सामने आई है। सतना नगर निगम क्षेत्र कृपालपुर में सफाई के लिए तीन मजदूर सीवर लाइन की पाइप में उतरें। लेकिन पाइप के अंदर अंदर मीथेन गैस के रिसाव के प्रभाव में आकर तीनों मजदूर अंदर ही बेहोश हो कर फस गए। जिसकी जानकारी लगते ही स्थानीय लोगों द्वारा तीनों मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। लेकिन उनमें से एक मजदूर अमित कुमार कि तब तक जान जा चुकी थी। जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। इनकी कोई पहचान नहीं हो सकीं। इस दौरान लोगों ने शहर सरकार के ऊपर गंभीर आरोप लगाए कि इस घटना की जानकारी लगते ही मौके पर जुटे लोगो ने 112, फायर, नगर निगम, महापौर सभी को इसकी जानकारी दी लेकिन मौके ओर कोई नही पहुंचा। जिससे नाराज लोगो ने मजदूरों की जनन बचने और उन्हें बाहर निकलने की जद्दोजहद में जुट गए और पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने लगे। इसके बाद नगर निगम के अभियंताओं से लेकर महापौर तक सब घटनास्थल पर पहुच गए। हालंकि इस घटना के बाद मजदूरों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्थानीय नागरिक सौरभ सिंह ने कोलगवां थाने में लिखित शिकायत करते हुए संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का शिकायती आवेदन भी दिया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 2019 से 2024 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक में उतरने के कारण दिल्ली में ही 37 लोगों की मौत हो चुकी है। ये मौतें तब हुईं, जब सरकार मशीनों से सफाई कराने का दावा करती रही है। वहीं 2019 से अब तक देश भर में 430 लोगों की मौत हो चुकी है। वो भी तब जब बिना उपकरणों के सफाई कराने के खिलाफ कानून मौजूद हैं। चार दिन में दूसरा हादसा लगातार दूसरी घटना से दहशत का माहौल सीवर चेंबर में जहरीली गैस से कर्मचारियों की तबीयत बिग?ने का ये दूसरा मामला है। इससे पहले 22 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे महादेव रोड पर क्रिस्तुकुला स्कूल के पास आदर्श शुक्ला और किशन वर्मा सीवर लाइन की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस के कारण दोनों बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। दोनों कर्मचारियों को बाहर निकाला। एसडीएम राहुल सिलडय़िा मौके पर पहुंचे और अपनी गाड़ी से दोनों कर्मचारियों को जिला अस्पताल ले गए थे। यह हादसा बीते सप्ताह हुई समान घटना के बाद सामने आया है, जिसने सफाईकर्मियों और उनके परिजनों में भारी दहशत फैला दी है। सवाल यह है कि लाखों रुपए खर्च कर खरीदी गई सुरक्षा किट मजदूरों तक क्यों नहीं पहुंचाई जा रही? 2 घायल गायब, पीडि़त के स्वजनों को 50 लाख मुआवजे की मांग घटना के बाद जिला कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता जिला चिकित्सालय पहुंच गए। जहां उन्हें हादसे में घायल दो मजदूर नदारद मिले, जिनकी जानकारी किेसी भी प्रशासनिक अमलें को नहीं थी। जिसके बाद सभी कांग्रेसियों ने मजदूर के पीडि़त स्वजनों को पचास लाख मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। कांग्रेसियों ने मौके पर ही दो अन्य घायलों को ठेकेदार पर गायब कराने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा, कलेक्टर से हुई है चर्चा। मामले के सभी दोषियों पर प्रकरण दर्ज कराने और मृतक को मुआवजा दिलाने की मांग रखी गई है । ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं।  

छोटी बात पर बस में भिड़े शिक्षक और प्राचार्य, बालाघाट के स्कूल में पैदा हुआ तनावपूर्ण माहौल

बालाघाट लालबर्रा के नेवरगांव स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक व्यवसायिक शिक्षक ने प्रभारी प्राचार्य की सिर्फ इसलिए बेरहमी से पिटाई कर दी, क्योंकि प्रभारी प्राचार्य ने शिक्षक को नियत समय पर ही स्कूल से जाने कहा था। जल्दी छुट्टी न देने पर व्यवसायिक शिक्षक वीरेंद्र ब्रम्हे इतना आक्रोशित हो उठा कि उसने मौका पाते ही प्रभारी प्राचार्य नवीन लोढ़ा की बस में पिटाई कर दी। प्राचार्य को आईं गंभीर चोटें हाथ-मुक्कों से पिटाई से नवीन को गंभीर चोटें आई हैं। वह जिला अस्पताल में भर्ती हैं। शिक्षक ने प्रभारी प्राचार्य को जान से मारने की धमकी देकर गाली-गलौच की। घटना बुधवार शाम की है। जानकारी लगते ही गुरुवार सुबह स्कूली विद्यार्थी आक्रोशित हो गए। उन्होंने दोपहर डेढ़ बजे तक स्कूल में प्रदर्शन किया। कक्षाएं नहीं लगने दीं और जमकर नारेबाजी की। फिर से शुरू किया गया स्कूल का संचालन तहसीलदार, बीआरसी, बीईओ की समझाइश के बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन समाप्त किया और स्कूल का संचालन किया गया। प्रभारी प्राचार्य की शिकायत पर लालबर्रा पुलिस ने आरोपित शिक्षक वीरेंद्र ब्रम्हे के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। इस घटना की आजाद अध्यापक संघ ने कड़ी निंदा की है।