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प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में हुई है नई क्रांति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सभी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी ला रहे हैं पदक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में हुई है नई क्रांति फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत भोजन में तेल कम करना और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाना जरूरी सेवा पखवाड़ा का हिस्सा बना खेल महोत्सव भारत माता के जयकारे, आतिशबाजी, तिरंगे गुब्बारे छोड़कर हुई खेल महोत्सव शुरूआत महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने करवाया नामांकन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेल के क्षेत्र में नई क्रांति हुई है। भारतीय खिलाड़ी और जवानों ने हर अवसर पर देश-प्रदेश का मान बढ़ाया है। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए स्वदेशी और खेल क्रांति के लिए फिट इंडिया मूवमेंट महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री  मोदी देश के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत जीवनशैली में बदलाव के लिए सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने 'भोजन में तेल कम करने और जीवन में खेल गतिविधियां बढ़ाने' का सभी देशवासियों से आहवान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 'सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को शासकीय सुभाष एक्सीलेंस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत माता की जय के नारों और आतिशबाजी के बीच आसमान में तिरंगे गुब्बारे छोड़कर 'सांसद खेल महोत्सव 2025' के शुभारंभ की विधिवत घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज आरंभ हो रहे सांसद खेल महोत्सव में 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने नामांकन कराया है, यह प्रदेश के विद्यार्थियों में निरंतर बढ़ रही खेल गतिविधियों के प्रति रूचि का परिणाम है। प्रसन्नता का विषय है कि सांसद खेल महोत्सव, सेवा पखवाड़ा का भाग बन रहा है। प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए  पौष्टिक आहार पर ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने अपने भोजन में दूध, दही और मक्खन उचित मात्रा में शामिल करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। सनातन संस्कृति में आदिकाल से ही खेलों का विशेष महत्व रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-जन में खेल भावना विकसित करने और हर वार्ड व ग्राम तक खेल गतिविधियों का विस्तार करने के उद्देश्य से सांसद खेल महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। प्रयास है कि प्रदेश के हर घर से खिलाड़ी और हर गांव से चैम्पियन निकले। राज्य सरकार खेल, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को कर रही है प्रोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरों और पंचायतों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, इसी का परिणाम है कि सभी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी पदक ला रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेल, खिलाड़ियों और उनके प्रशिक्षकों को हर स्तर पर प्रोत्साहित कर रही है। प्रशिक्षकों के प्रमोशन, वेतन की व्यवस्था की गई है। विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर को कुलगुरु बनने तक का अवसर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में मार्शल आर्ट के अंतर्गत मलखम्ब, जूडो, कुश्ती और ताइक्वांडो के खिलाड़ियों द्वारा दिए गए प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने स्काउट गाइड के दल और बैंड ग्रुप के प्रदर्शन की भी सराहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय को नवरात्रि पर्व और दशहरे की शुभकामनाएं दीं। खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए कराया रजिस्ट्रेशन सांसद  आलोक शर्मा ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के 71 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने 24 से अधिक खेलों के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। यह प्रतियोगिताएं पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर कराई जाएंगी। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के युवा खेल महोत्सव से देश में युवाओं को फिटनेस की प्रेरणा मिली है। प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक  हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश खेलों के मामले में अग्रणी बनता जा रहा है। खेल युवाओं को अपनी प्रतिभा, योग्यता और क्षमता का उपयोग सृजनात्मक गतिविधियों में करने के लिए प्रेरित करते हैं। जहां खेल गतिविधियां अधिक हैं, वे राज्य सभी क्षेत्रों में उन्नति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा अनुरूप मध्यप्रदेश के सभी जनप्रतिनिधि खेलों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।  मलखम्ब के खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सांसद  आलोक शर्मा ने वस्त्र पट्टिका एवं स्मृचि चिह्न भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मां भारती सहित पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा श्रद्धेय श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उद्घाटन अवसर पर हुए मार्च पास्ट में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली 18 महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया। साथ ही मार्च पास्ट में 120 प्रतिभावान खिलाड़ी भी शामिल हुए। मॉडल स्कूल के बैंड ने मनमोहक प्रस्तुति दी। मध्यप्रदेश ताइक्वांडो एवं जूडो खेल अकादमी के खिलाड़ियों एवं कुश्ती व कराटे के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजकीय खेल मलखम्ब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा तथा परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्री तथा भोपाल जिले के प्रभारी  चैतन्य कुमार काश्यप, पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, संगठन मंत्री  हितानंद शर्मा, भोपाल महापौर मती मालती राय, विधायक  रामेश्वर शर्मा, विधायक  विष्णु खत्री, विधायक  भगवानदास सबनानी, विधायक सीहोर  सुदेश राय सहित भोपाल-सीहोर संसदीय क्षेत्र के नगरीय‍ निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और खिलाड़ी उपस्थित थे। 

रतलाम बाजार में जीएसटी की छापेमारी, दो फर्मों पर कार्रवाई; सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात

रतलाम   रतलाम में जीएसटी टीमों ने फ्रीगंज रोड स्थित प्रकाश ट्रेडर्स और राठी मशीनरी फर्म पर अचानक दबिश दी. इससे पूरे बाजार में हड़कंप मच गया. बाद में पता चला कि जीएसटी की टीमें सर्वे करने पहुंची हैं. इंदौर जीएसटी कार्यालय की टीमें कई वाहनों से रतलाम पहुंची. इसमें दो दर्जन जीएसटी के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. इतनी बड़ी संख्या में जीएसटी के अधिकारियों और पुलिस कर्मियों की मौजूदगी से आसपास के व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया. कृषि उपकरणों की दो फर्मों पर सर्वे दोनों ही फर्म कृषि उपकरणों के व्यवसाय से जुड़ी है. जहां करों में गड़बड़ी की सूचना पर जीएसटी टीमों ने कार्रवाई की. रतलाम के फ्रीगंज रोड पर मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब इंदौर से पहुंची जीएसटी की टीमें ने अचानक कार्रवाई शुरू कर दी. एक साथ 7 चार पहिया वाहनों से टीमें पहुंची. इस दौरान स्थानीय पुलिस फोर्स भी पहुंची. जीएसटी की टीमों ने फ्रीगंज रोड स्थित कृषि उपकरणों की दो विक्रेता फर्मों पर जाकर जांच शुरू की है. किसी को भी अंदर से बाहर जाने की अनुमति नहीं जीएसटी की कार्रवाई की खबर तेजी से शहर में फैल गई. इससे व्यापारियों में कई प्रकार की बातें होने लगी. इस दौरान बड़ी मात्रा में पुलिस कर्मचारियों की तैनाती भी की गई. कार्रवाई के दौरान बाहरी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया और ना ही इन फर्म के स्टाफ को बाहर आने दिया गया. जीएसटी की टीमों में शामिल अधिकारी दोनों फर्मों के वित्तीय दस्तावेज खंगालने में जुट गए. यहां किस तरह की गड़बड़ी मिली और टैक्स में किस तरह की कमी पाई गई है, इस बारे में सर्वे पूरा होने के बाद ही जानकारी मिल सकेगी. दस्तावेजों की जांच में जुटी जीएसटी टीमें कार्रवाई में शामिल अधिकारियों ने फिलहाल कोई भी जानकारी दिए जाने से इनकार किया है. दोनों फर्म कृषि उपकरण बिक्री के व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं. वहीं, प्रकाश ट्रेडर्स फर्म के प्रॉपर्टी व्यवसाय में इन्वेस्टमेंट से जुड़े होने सूचना भी जीएसटी को मिली है, जिसकी जांच जारी है. जीएसटी अधिकारी सोनाली जैन ने बताया "दोनों फर्मों के दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जो भी तथ्य निकलेंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी."  

उज्जैन में सामने आए आई लव महाकाल’ पोस्टर, आई लव मोहम्मद मुहिम के बीच चर्चा

उज्जैन उत्तर प्रदेश के कानपुर में 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद देश के कई हिस्सों में एक मुहिम का रूप से चुका है। यूपी के अलावा उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मुस्लिम समुदाय के लोग 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लेकर जुलूस निकाल रहे हैं। इस बीच मध्य प्रदेश के उज्जैन में 'आई लव महाकाल' के पोस्टर नजर आए। एक गरबा पंडाल में पोस्टर लहराए गए और लोगों ने 'आई लव महाकाल' के नारे भी लगाए। मध्य प्रदेश के उज्जैन में  दोपहर चमनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत ईदगाह पर 'आई लव मोहम्मद' के बैनर पोस्टर लगाए गए थे। वहीं, दूसरी और देर शाम उज्जैन के नवरंग डांडिया गरबा में 'आई लव महाकाल' के बैनर पोस्टर लगाए गए और जय महाकाल जय महाकाल का जय घोष किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करने का एक तरीका है। कार्यक्रम में जैसे ही डांडिया की धुन शुरू हुई, पूरा पंडाल 'जय महाकाल' के नारों से गूंज उठा। आयोजक योगेश ठाकुर ने बताया कि यह महाकाल के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट करने का एक तरीका है। जब नगर निगम शहरों के नाम से बैनर लगा सकता है, तो हम अपने आराध्य देव के लिए 'आई लव महाकाल' का बैनर क्यों नहीं लगा सकते।कार्यक्रम में जैसे ही डांडिया की धुन शुरू हुई, पूरा पंडाल 'जय महाकाल' के नारों से गूंज उठा। आई लव महाकाल के पोस्टर पर लोगों का कहना था कि यह आयोजन महाकाल के प्रति उनके गहरे प्रेम को व्यक्त करने का एक तरीका है। इससे गरबे में भक्ति और आस्था के साथ-साथ धार्मिक गौरव की झलक भी साफ दिखाई दी। इस गरबा आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। मंगलवार रात करीब 5 हजार लोगों ने यहां गरबा किया। आयोजकों की ओर से लगाए गए 'आई लव महाकाल' के पोस्टर आकर्षण का केंद्र बन गए। लोगों ने पोस्टर हाथ में लेकर तस्वीरें खिंचवाईं। गरबा में सिर्फ हिंदुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। इसके लिए एंट्री गेट पर तिलक, कलावा और आधार कार्ड की जांच की जा रही है। इसके अलावा माइक से यह घोषणा भी की जा रही है कि गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। जीएसटी के बैनर पोस्टर से मोदी को धन्यवाद सांसद अनिल फिरोजिया की ओर से निरात डांडिया का आयोजन किया जा रहा है। पंडाल में मां वैष्णोदेवी की तर्ज पर करीब 300 फीट लंबी गुफा बनाई गई है। जिसमें 8 माताओं की विशेष झांकियां सजाई गई हैं। यहां मंगलवार रात जीएसटी गरबा आयोजित किया गया। जिसमे केंद्र सरकार द्वारा कई वस्तुओं और खाद्य सामग्री पर जीएसटी कम किए जाने को लेकर युवतियों ने हाथों में तख्तियां लेकर विशेष गरबा किया। इन तख्तियों पर लिखा था 'घटी GST, मिला उपहार, धन्यवाद मोदी सरकार।'

बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास विषय पर हुआ तीन दिवसीय प्रशिक्षण

भोपाल  बौद्धिक दिव्यांगजनों के विकास एवं पुनर्वास विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान सीहोर में आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 17 से 19 सितम्बर 2025 को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विथ इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (NIEPID), हैदराबाद तथा जय वकील फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बौद्धिक दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास, पुनर्वास की नवीन तकनीकों, शिक्षा एवं पुनर्वास सेवाओं की सुलभता पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न जिलों से आए शासकीय अशासकीय बौद्धिक दियांगजनों से सम्बंधित संस्थाओं के विशेष शिक्षकों, पुनर्वास पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अभिभावक शामिल हुए। कार्यक्रम के उद्घाटन-सत्र में वक्ताओं ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए परिवार, समाज एवं संस्थाओं की सामूहिक भूमिका अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान व्यवहार सुधार, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास तथा पुनर्वास संबंधी व्यावहारिक कार्यशालाओं का भी आयोजन किया गया। समापन-सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने ऐसे प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि यह बौद्धिक दिव्यांगजनों की बेहतरी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

कटनी-सतना के बीच मेला स्पेशल ट्रेन शुरू, 24 सितंबर से 6 अक्टूबर तक यात्रियों को मिलेगी सुविधा

 जबलपुर  रेल प्रशासन द्वारा मैहर में नवरात्र मेला के अवसर पर आने-जाने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा और अतिरिक्त यात्री यातायात क्लियर करने के लिए कटनी साऊथ-सतना-कटनी साऊथ के मध्य 13-13 ट्रिप अनारक्षित मैहर मेला स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है, जो मार्ग में पटवारा, झुकेही, पकरिया रोड, अमदरा, घुनवारा, भदनपुर, मैहर, उंचेहरा एवं लगरगवां स्टेशनों पर हॉल्ट लेकर गंतव्य को जा रही है। इस गाड़ी में सामान्य श्रेणी एवं एसएलआरडी के कोच है। मेला स्पेशल ट्रेन की जानकारी गाड़ी संख्या 09015 कटनी साऊथ से सतना अनारक्षित स्पेशल ट्रेन दिनांक 24 सितम्बर 2025 से 06 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन कटनी साऊथ स्टेशन से प्रातः 05:05 बजे प्रस्थान कर, पटवारा 05:16 बजे, झुकेही 05:28 बजे, पकरिया रोड 05:48 बजे, अमदरा 06:00 बजे, घुनवारा 06:08 बजे, भदनपुर 06:20 बजे, मैहर 06:55 बजे, उंचेहरा 07:20 बजे, लगरगवां 07:58 बजे पहुंचकर और उसी दिन सुबह 08:50 बजे सतना स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09016 सतना-कटनी साऊथ अनारक्षित स्पेशल ट्रेन दिनांक 24 सितम्बर 2025 से 06 अक्टूबर 2025 तक प्रतिदिन सतना स्टेशन से रात 19:25 बजे प्रस्थान कर, लगरगवां 19:32 बजे, उंचेहरा 19:44 बजे, मैहर 20:00 बजे, भदनपुर 20:30 बजे, घुनवारा 20:40 बजे, अमदरा 21:38 बजे, पकरिया रोड 22:08 बजे, झुकेही 22:58 बजे, पटवारा 23:33 बजे, पहुंचकर और उसी दिन रात्रि 23:50 बजे कटनी साऊथ स्टेशन पहुंचेगी। यात्रियों से अनुरोध है मेला स्पेशल ट्रेन की सेवाओं का लाभ उठाएं। ट्रेन की समय-सारणी से सम्बंधित जानकारी हेतु हेल्पलाइन 139 रेल मदद/एनटीईएस या वेबसाइट का उपयोग कर सकते है।

मध्यप्रदेश-सिंगापुर का नया कदम: इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग और स्मार्ट सिटी टेक्नोलॉजी में साझेदारी

मध्यप्रदेश और सिंगापुर, इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग-ग्रीन टेक्नोलॉजी और स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सिंगापुर के काउंसल जनरल  चियोंग मिंग फूंग ने की सौजन्य भेंट भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्लोबल स्किल पार्क जैसे प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश और सिंगापुर द्वारा क्षमता‍ निर्माण तथा युवा सशक्तिकरण के लिए किए गए संयुक्त प्रयासों का सफल उदाहरण है। सिंगापुर की तकनीक, शिक्षा-स्किल्स, विशेषज्ञता और मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता व संसाधन, परस्पर विकास, नवाचार और स्थिरता को प्रोत्साहित करने में सक्षम है। राज्य सरकार द्विपक्षीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हरसंभव नीति, सहयोग और निवेशकों को त्वरित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात सिंगापुर के काउंसल जनरल  चियोंग मिंग फूंग से मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में चर्चा के दौरान कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, सिंगापुर के साथ इंडस्ट्री इंटीग्रेटेड ट्रेनिंग, अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता, ग्रीन टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी सॉल्युशन्स, स्किल डेवलपमेंट सहित निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में परस्पर सहयोग बढ़ाते हुए गतिविधियों का विस्तार करेगा।   

नवरात्रि मेले में स्टॉल हटाने पर विवाद, BJP विधायक ने किया सख्त एक्शन, ID चेकिंग हुई

इंदौर  इंदौर के कनकेश्वरी मेला मैदान में ठेके को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. विधायक रमेश मेंदोला ने महेश पालीवाल उर्फ गुड्डू नाम के एक व्यक्ति को मेला, झूले और अन्य मनोरंजन साधनों का ठेका दिया था, लेकिन उसने यह ठेका आगे बढ़ाकर किसी फिरोज नाम के लड़के को सौंप दिया. इसकी जानकारी विधायक को नहीं थी. मामला सामने आते ही हिंदू जागरण मंच ने इसका पुरजोर विरोध किया. संगठन ने इसे हिंदू भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग कर दी. इसके बाद विधायक ने एक्शन लिया. फिरोज और महेश, दोनों से ही ठेके की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है और अब आईडी देखकर दुकानें और झूले हटवा दिए गए हैं. हिंदू संगठन ने विधायक से की शिकायत दरअसल, हिन्दू जागरण मंच को जैसे ही इस बात की जानकारी लगी, कार्यकर्ताओं ने विधायक रमेश मेंदोला से जाकर इसकी शिकायत कर दी. हिंदू संगठन के आक्रोश को देखते हुए रमेश मेंदोला ने तुरंत प्रभाव से निर्देश दिए कि फिरोज से ठेका वापस लिया जाए और गैर-हिंदुओं की दुकानें और सामान मेले से हटवाए जाएं. 'ठेका लेने के बाद मुसलमानों को दीं दुकानें' इस बीच, रमेश मेंदोला समर्थक जीतू यादव ने कहा, "मेला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़े ठेके गैर-हिंदू व्यक्तियों को दिए जाने पर समाज में असंतोष फैलता है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है. फिरोज़ नाम के युवक ने महेश पालीवाल के नाम से ठेका लिया और फिर मुस्लिम समाज के लोगों को मेले में दुकान और झूले लगाने की परमिशन दी गई." जीतू यादव ने बताया कि उन्होंने सभी आईडी चेक कर मुस्लिम समाज से जुड़े सभी दुकानदारों को हटाया है. कुछ महिलाएं हिंदू बहनों की दुकान लगी है. उन्हें परमिशन है कि वह अपनी दुकान चलाएं. महेश उर्फ गुड्डू को सजा देते हुए उससे ठेका भी वापस ले लिया गया है. कैलाश विजयवर्गीय के समर्थक हैं विधायक रमेश मेंदोला बता दें कि रमेश मेंदोला बीजेपी के विधायक हैं और कैलाश विजयवर्गीय के कट्टर समर्थक माने जाते हैं. वह कनकेश्वरी गरबा आयोजन के आयोजक भी हैं. साथ ही, प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने का तमगा भी रमेश मेंदोला के नाम है.

हाई कोर्ट में पत्नी का अनोखा बयान: पति को छोड़ दूंगी, बिल्ली को नहीं

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक अनोखा तलाक का मामला सामने आया है, जहां पति-पत्नी के बीच पालतू जानवरों की वजह से रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया है। शादी के महज 9 महीने बाद ही दंपती ने तलाक के लिए आवेदन दे दिया है। इस अनोखे मामले की वजह है पति का कुत्ता और पत्नी की बिल्ली, जिनके बीच का झगड़ा अब कोर्ट तक जा पहुंचा है। पत्नी का आरोप, कुत्ता करता है बिल्ली को परेशान पत्नी का कहना है कि पति का कुत्ता उनकी प्यारी बिल्ली को बार-बार परेशान करता है। इतना ही नहीं, कुत्ते ने कई बार बिल्ली पर हमला भी किया, जिससे घर में तनाव का माहौल बन गया है। पत्नी का आरोप है कि पति अपने कुत्ते को नियंत्रित करने में नाकाम रहे हैं, जिसके चलते उनकी बिल्ली असुरक्षित महसूस करती है। पति की दलील, पहले ही दी थी चेतावनी दूसरी ओर, पति का कहना है कि शादी से पहले ही उन्होंने पत्नी को साफ बता दिया था कि सभी पालतू जानवरों को एक साथ रखना मुश्किल होगा। पति के मुताबिक, उनके घर में पहले से एक कुत्ता और मछलियां हैं, जिन्हें पत्नी की बिल्ली परेशान करती है। पति का दावा है कि पत्नी ने उनकी बात को अनसुना कर मायके से अपनी बिल्ली ला लिया, जो अब घर में रखी मछलियों के एक्वेरियम के आसपास मंडराती रहती है। पालतू जानवर बने घरेलू कलह की वजह यह मामला भोपाल के पारिवारिक कोर्ट में पहुंच चुका है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि पालतू जानवरों को लेकर पति-पत्नी के बीच असहमति कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस तरह तलाक तक पहुंचने का मामला बेहद असामान्य है। अब कोर्ट इस अनोखे मामले में क्या फैसला सुनाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

बिहार के बाद अब MP में भी वोटर लिस्ट विशेष पुनरीक्षण शुरू, नाम जुड़वाने के लिए जरूरी होंगे 3 डॉक्युमेंट

भोपाल  जिनके नाम वर्ष-2003 की मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें नई सूची में अपना नाम कटने से बचाने के लिए पहचान के तीन दस्तावेज पेश करने पड़ेंगे। वहीं जिन लोगों के पिता का नाम इस मतदाता सूची में है, उन्हें पिता से संबंध का प्रमाण पेश करने के साथ पहचान का एक दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। यह कवायद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का हिस्सा है। दरअसल बिहार चुनाव के पहले 65 लाख मतदाता के नाम काटने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश में भी सूची के गहन पुनरीक्षण की तैयारी शुरु कर दी है। जिसे एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) नाम दिया गया है। इस तरह की कवारयद यहां 22 साल बाद होने जा रही है। इससे पहले वर्ष 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था। उस समय भोपाल में केवल चार विधानसभा क्षेत्र थे, जिसमें गोविंदपुरा, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और बैरसिया शामिल थे। गहर परीक्षण के बाद ही अंतिम सूची जारी होगी इन विधानसभाओं में 11 लाख 81 हजार 531 मतदाता थे। निर्वाचन आयोग ने इन मतदाता का गहन परीक्षण करने के बाद ही अंतिम सूची जारी की थी। वर्तमान में राजधानी में सात विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर हैं। यहां वर्तमान में की 21 लाख 18 हजार 364 मतदाता हैं। यह संख्या 22 साल पुरानी मतदाता सूची से दोगुना से भी ज्यादा है, सूची का एसआइआर होने से यहां भी भारी संख्या में नाम काटे जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने फिलहाल 2025 की मतदाता सूची का 2003 की मतदाता सूची से मिलान का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए बूथ स्तर के अधिकारियों को काम पर लगाया गया है। मिलान का काम पूरा होने के बाद जिनके नाम 2003 की सूची में नहीं होंगे, उनको बीएलओ सूचना देगा। उसी के आधार पर मतदाता को दस्तावेज पेश करना होगा। 2003 की सूची में जिनके नाम उन्हें नहीं देने होंगे दस्तावेज अधिकारियों का कहना है कि जिन मतदाता के नाम वर्ष-2003 की सूची में दर्ज होगा, उन्हें किसी भी तरह का दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें सिर्फ 2003 में दर्ज नाम का रिकॉर्ड पेश करना पड़ेगा। जिन लोगों के पिता का नाम दर्ज है, उन्हें भी पिता के नाम का ब्यौरा अपने फार्म में दर्ज करना पड़ेगा। इस अभियान के तहत 1987 के पहले जन्म लेने वाले मतदाता को एक दस्तावेज देना पड़ेगा। इसके साथ 1987 से 2003 के बीच जन्म लेने वाले मतदाता को पहचान के दो दस्तावेज पेश करना पड़ेंगे। जबकि 2003 से अब तक वालों को तीन दस्तावेज देना अनिवार्य किया गया है। हर मतदाता को दिए जाएंगे न्यूमेरेशन फार्म मतदाता सूची का गहन परीक्षण होने के साथ ही बीएलओ को न्यूमेरेशन फार्म दिए जाएंगे। यह फार्म बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता को दो कापी में देंगे, जिसमें एक कापी पर पावती भी ली जाएगी। इस फार्म को तय समय में भरने के साथ दस्तावेज भी पेश करना अनिवार्य होगा। आयोग इस फार्म की व्यवस्था ऑनलाइन भी रखेगा, जिससे मतदाता ऑनलाइन भी इस फार्म को भर सकेंगे। 77 बीएलओ और चार सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस नरेला विधानसभा क्षेत्र के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रवीश श्रीवास्तव ने 77 बीएलओ और चार बीएलओ सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने मतदाता सूचीयों के मिलान का काम शुरू नहीं किया है। सभी को निर्देशित किया है कि वह जल्द से जल्द निर्वाचन संबंधी कार्य शुरू करें और अपना जवाब भी पेश करें। यदि जवाब नहीं दिया जाता है तो एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई     जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के मिलान का कार्य किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी सभी रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को सौंपी गई है, यदि बीएलओ द्वारा निर्वाचन के काम में लापरवाही बरती जाती है, तो उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी  

हाईकोर्ट की टिप्पणी: MPPSC शेड्यूल को अभी मंजूरी नहीं, सभी पक्षों की सुनवाई जरूरी

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मंगलवार को एमपी-पीएससी मुख्य परीक्षा-2025 के मामले की सुनवाई हुई। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से हाई कोर्ट में मुख्य परीक्षा का शेड्यूल पेश कर इसे मंजूर करने का आग्रह किया गया। हाई कोर्ट ने उसे फिलहाल मंजूरी नहीं दी। कोर्ट ने कहा कि दूसरे पक्ष को भी सुनना जरूरी है। इसी के साथ मामले की सुनवाई नौ अक्टूबर तक के लिए स्थगित की दी गई। दरअसल, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों भोपाल निवासी सुनीत यादव, नरसिंहपुर निवासी पंकज जाटव व बैतूल निवासी रोहित कावड़े की ओर से याचिका दायर की गई है। उनकी ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि एमपीपीएससी द्वारा कुल 158 पदों की भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम पांच मार्च को घोषित किए गए। लेकिन परिणाम में वर्गवार कट ऑफ अंक जारी नहीं किए गए। जबकि पूर्व की सभी परीक्षाओं में वर्गवार कट ऑफ अंक जारी किए जाते रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों को बायपास करने का आरोप याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के विभिन्न फैसलों को बायपास करते हुए आयोग ने अनारक्षित पदों के विरुद्ध आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित नहीं किया। समस्त अनारक्षित पद सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित कर प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया। आयोग ने अपनी इस असंवैधानिक त्रुटि को छुपाने के उद्देश्य से 2025 के प्रारंभिक परीक्षा में कट ऑफ मार्क्स भी जारी नहीं किए हैं। जबकि नियमानुसार प्रत्येक चरण की परीक्षा में वर्गवार कट आफ अंक जारी किए जाने का प्रविधान है। इसके चलते याचिकाकर्ताओं को मुख्य परीक्षा में चयन से वंचित कर दिया गया है। विगत 21 जुलाई को शासन से जवाब के लिए समय मांगा गया था।