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मिशन कर्मयोगी: स्कूल शिक्षा विभाग ने 2.30 लाख शिक्षकों का किया पंजीयन, मिलेगा दक्षता प्रशिक्षण

पंजीकृत शिक्षकों को दक्षता के लिये दिया जायेगा प्रशिक्षण भोपाल  स्कूल‍ शिक्षा विभाग ने कार्यरत कर्मचारियों की संख्या के आधार पर पंजीकरण कर मिशन कर्मयोगी में 55 विभागों में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में 2 लाख 30 हजार शिक्षकों का igot पोर्टल पर प्रशिक्षण देने के लिये पंजीकरण किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने केन्द्र सरकार के मिशन कर्मयोगी योजना में सरकारी शिक्षकों की कार्य क्षमता प्रशिक्षण के माध्यम से बढ़ाने के लिये मुहिम शुरू की है। देश में इस कार्यक्रम की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर मिशन कर्मयोगी के नाम पर की गई है। मिशन कर्मयोगी में यह निर्णय लिया गया है कि देश में सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को 3 प्रकार से प्रशिक्षण दिया जाए, इसमें 70 प्रतिशत प्रशिक्षण डिजिटल माध्यम से दिया जायेगा। योजना में 20 प्रतिशत प्रशिक्षण ग्रुप डिस्कशन के माध्यम से और 10 प्रतिशत प्रशिक्षण प्रत्यक्ष मोड से होंगे। 15 सितम्बर से शुरू होगा 'कर्मयोगी igot पर सीखें सप्ताह' केन्द्र सरकार के निर्देश पर प्रदेश में 15 से 19 सितम्बर 2025 तक कर्मयोगी igot पर सीखें सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान राज्य सरकार के प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को न्यूनतम 2 प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य किया है। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने व्यापक निर्देश जारी किये है। इस कार्य के लिये विभाग ने प्रत्येक जिले में जिला परियोजना समन्वयक और अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक को नोडल अधिकारी बनाया है। इस संबंध में आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी ने भी सभी जिला कलेक्टर्स को इस संबंध में निर्देश जारी किये है।  

प्रधानमंत्री मोदी देंगे मध्यप्रदेश को 8 मेगा गिफ्ट्स, लाखों किसानों को मिलेगा फायदा

इंदौर  मप्र के प्रवास पर 17 सितंबर को आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सीधे इंदौर आएंगे। यहां से चॉपर के जरिए धार के भैसोला स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। वह करीब 4 घंटे से अधिक समय तक मध्यप्रदेश में रहेंगे। इस दौरान प्रदेश व देश को 8 बड़ी सौगात देंगे। बता दें, पीएम दूसरी बार अपने जन्मदिन के अवसर पर मप्र में होंगे। इससे पहले वे 2022 में शिवपुरी के कूनो नेशनल पार्क आए थे। यहां उन्होंने भारत से लुप्त हो चुके चीतों को बसाया था। अब पीएम मप्र में पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। बता दें, यह पार्क देश में सबसे पहले बनकर तैयार होगा, जो कॉटन उद्योगों को गति देगा। कार्यक्रम की तैयारियां तेज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उक्त कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चर्चा की। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में अधिकारियों के साथ संवाद किया और सुधार के निर्देश दिए। बता दें कि पीएमएमवीवाई के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को पहले बच्चे के लिए वित्तीय सहायता के लिए प्रोत्साहन राशि मिलेगी, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों के पोषण को बढ़ावा मिले। आदि कर्मयोगी अभियान के जनजातीय बाहुल क्षेत्रों में 'आदि सेवा पर्व' के तहत जन चर्चाओं का आयोजन होगा। क्षेत्र व प्रदेश के विकास में आम लोगों की सहभागिता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। पीएम मोदी देंगे ये बड़ी सौगातें धार जिले में पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास के साथ पीएम मोदी 8 बड़ी सौगातें देंगे। इसके अलावा वे मप्र से देश में पोषण माह का शुभारंभ करेंगे और लाभार्थियों महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) की किस्त ट्रांसफर करेंगे। वहीं स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान. सुमन सखी चैटबॉट सेवा, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदि सेवा पर्व का शुभारंभ, सेवा पखवाड़ा पर्व, एक बगिया मां के नाम अभियान के रूप में महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण और सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड का वितरण भी करेंगे। सीएम ने कहा, पीएम मेगा पार्क में कॉटन आधारित उद्योग लगेंगे। इससे 6 लाख किसानों को होगा लाभ। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री जब भी आते हैं, मध्य प्रदेश के लिए नया इतिहास रचते हैं। उन्होंने बताया कि इस पार्क से धार सहित रतलाम, झाबुआ. आलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी जैसे जिलों के कपास उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। सीएम ने कहा- दुनिया में जैविक कपास की सप्लाई का केंद्र बनेगा धार प्रदेश के धार जिले के बदनावर में पीएम मेगा मित्र टेक्सटाइल पार्क से कॉटन उद्योग की नई इबारत लिखी जाएगी। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भैंसोला पहुंचेंगे। यहां आयोजन की युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तैयारियों का जायजा लेने धार पहुंचे। सीएम के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संगठन मंत्री हितानंद सहित अन्य नेता मौजूद रहे। सीएम ने कहा कि देश में सात पीएम मेत्र पार्क में सबसे पहले मप्र को सौगात मिली है। दुनिया में जैविक कपास की बड़ी मांग है. इस लिहाज से मप्र का बदनावर क्षेत्र इसका केंद्र होगा। केवल वोट लिए विकास नहीं किया सीएम ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में कांग्रेस ने आदिवासी समाज की राजनीति करते हुए केवल वोट ही लिए, कभी उनका विकास नहीं किया। भाजपा इस क्षेत्र को विकास की नई पहचान दे रही है। टेक्सटाइल पार्क से कॉटन उद्योग को लाभ सीएम डॉ. यादव ने लोगों को बताया कि टेक्सटाइल पार्क कॉटन उद्योगों को नई ऊंचाई पर पहुंचाएगा। इससे मालवांचल के कपास उत्पादक किसान और नए उद्यमियों को अवसर मिलेंगे।

सैंपल रजिस्ट्रेशन रिपोर्ट 2023: मध्य प्रदेश में हर दूसरा युवक अविवाहित, बिहार टॉप पर

भोपाल  मध्य प्रदेश में अविवाहित रहने वाले युवक-युवतियों का आंकड़ा चौंकाने वाला है. प्रदेश में कुल 50.9 फीसदी महिलाएं पुरुष ऐसे हैं, जिन्होंने शादी ही नहीं की. इसमें पुरुषों का आंकड़ा 54.7 फीसदी है, जबकि अविवाहित रहने वाली महिलाएं 46.8 फीसदी हैं. चौंकाने वाला यह आंकड़ा सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम 2023 के हैं. बता दें कि भारत में जन्म और मृत्यु से संबंधित डाटा जुटाने के लिए 1969-70 में सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम यानी एसआरएस की शुरूआत हुई थी, ताकि सरकार को नीतियां बनाने में मदद मिल सके. मध्य प्रदेश में इस सर्वे के लिए 4 लाख लोगों को शामिल किया गया था. देश की कुल आबादी के 50.5 फीसदी लोग अविवाहित सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक देश की कुल आबादी के 50.5 फीसदी लोगों ने कभी विवाह ही नहीं किया. इसमें महिलाओं का प्रतिशत 45.3 फीसदी जबकि पुरुषों का प्रतिशत 55.4 फीसदी है. इसके अलावा 3.6 फीसदी विधवा, तलाकशुदा हैं. देश में बिहार में सबसे ज्यादा अविवाहित सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा बिहार राज्य में 58.3 फीसदी अविवाहित हैं. जम्मू-कश्मीर में अविवाहितों का प्रतिशत 57.5 फीसदी है जबकि तमिलनाड़ु में सबसे कम 41.3 फीसदी अविवाहित महिला-पुरुष हैं. 2022 के मुकाबले 2023 मध्य प्रदेश में घटे अविवाहित सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में विवाहितों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है. साल 2022 में प्रदेश में औसतन अविवाहितों का प्रतिशत 51.4 था, जो 2023 में घटकर 50.9 फीसदी आ गया. तलाकशुदा महिलाओं की संख्या बढ़ी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में 45.2 फीसदी पुरुष शादीशुदा हैं, जबकि महिलाओं का प्रतिशत 42.9 फीसदी है. हालांकि मध्य प्रदेश में तलाकशुदा, विधवा और अलग होने वालों का प्रतिशत भी बढ़ा है. साल 2022 में ऐसे लोगों का कुल औसत 3.6 फीसदी था, जो 2023 में बढ़कर 3.9 फीसदी पहुंच गया है. इसमें महिलाओं का आंकड़ा पुरुषों से कमोवेश दोगुना है. 100 में से 5.6 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं जो तलाक ले चुकी हैं या अलग रह रही हैं. 16.8 फीसदी लड़कियों की शादी 18 साल के पहले मध्य प्रदेश के शहरों में लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ रही है. मध्य प्रदेश में 18 साल के होने के पहले ही 16.8 फीसदी युवतियों की शादी कर दी जाती है. मध्य प्रदेश में कम उम्र में लड़कियों की शादी करने का आंकड़ा बढ़ा है. 18 से 20 साल की उम्र के दौरान 19.2 फीसदी लड़कियों की शादी हो जाती है. मध्य प्रदेश में 18 से 20 साल के बीच ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरों में लड़कियों का विवाह का परसेंटेज बढ़ा है. ग्रामीण इलाकों में 19.2 फीसदी लड़कियों की शादी हो जाती है, जबकि शहरी इलाकों में 19.5 प्रतिशत लड़कियों की शादी 18 से 20 साल के बीच हो रही है. शहरों में शादी की औसत उम्र 23.9 साल मध्य प्रदेश में औसत शादी की उम्र 22.1 साल है जबकि शहरी इलाकों में यह प्रतिशत 23.9 साल है. मध्य प्रदेश में 62.5 फीसदी लड़कियों की शादी 21 साल से ज्यादा उम्र में हो जाती है. यह प्रतिशत बढ़ रहा है. शहरी के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी शादी की उम्र बढ़ रही है. 21 साल से ज्यादा उम्र में लड़कियों की शादी का परसेंटेज भी बढ़ा है. 100 में से 23.8 फीसदी लड़कियों की शादी 21 साल के बाद ही हो रही है जो देश के औसत 24.4 फीसदी से भी ज्यादा है.

एमपी में डिजिटल जनगणना की तैयारी, 3 जिलों में प्री टेस्ट और ऐप लॉन्च जल्द

 भोपाल  पिछल कई सालों से देश में जनगणना को लेकर काफी चर्चाएं चल रही हैं. लेकिन अब इसकी पूरी तरह से तैयारियां शुरू हो गई है. इस बार साल 2026-27 में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी. इसके लिए जनगणना निदेशालय की तरफ से एक ऐप को लॉन्च किया जाएगा, जो कि एंड्राइड-आईफोन दोनों में उपयोग किया जा सकता है. इस ऐप के माध्यम से हर घर का मुखिया ही अपने घर-परिवार की जानकारी खुद भरेगा. इसके बाद जनगणना अधिकारी, घर-घर जाकर पूरी जानकारी को क्रॉस चेक करेगा, फिर उसे डिजिटल फॉर्म पर डाटा को अपलोड किया जाएगा.  भारत 2027 में अपनी अब तक की सबसे आधुनिक और डिजिटल जनगणना आयोजित करने की तैयारी कर रहा है। यह पहली बार होगा जब जनगणना प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल होगी, जिसमें लगभग 34 लाख गणनाकर्ता अपने स्वयं के स्मार्टफोन और मोबाइल ऐप का उपयोग कर आंकड़े एकत्र करेंगे। यह पहल न केवल समयबद्ध और सटीक डेटा एकत्रीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि तकनीक-संचालित प्रशासन की नई मिसाल भी होगी। मोबाइल ऐप्स और स्व-गणना की सुविधा गृह मंत्रालय के अधीन रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) द्वारा तैयार की जा रही मोबाइल एप्लिकेशन, एंड्रॉयड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी और इसे अंग्रेजी सहित कई क्षेत्रीय भाषाओं में उपयोग किया जा सकेगा। यदि किसी कारणवश डेटा कागज़ पर एकत्र किया जाता है, तो उसे बाद में एक वेब पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा जिससे अलग से स्कैनिंग या डेटा एंट्री की आवश्यकता नहीं होगी। इस बार नागरिकों को स्वयं भी वेब पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (self-enumeration) का विकल्प मिलेगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। जनगणना से पहले प्री टेस्ट मिली जानकारी के मुताबिक, जनगणना शुरू होने से पहले देशभर में प्री टेस्ट कराया जाएगा. इनमें मध्य प्रदेश के तीन जिलों को चुना गया है. जहां पर जनगणना से पहले प्री टेस्ट होगा, इनमें मध्य प्रदेश के ग्वालियर, रतलाम और सिवनी जिले शामिल हैं. यहां पर अक्टूबर से नवंबर महीने के बीच में 15 दिन का अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के माध्यम से जनगणना और घरों की गणना कि जाएगी. इसका सीधा मकसद यह है कि गड़बड़ी रोकने के लिए किया जाएगा.  दो चरणों में होगा आयोजन जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी:     हाउस-लिस्टिंग ऑपरेशन (अप्रैल से सितंबर 2026): इसमें आवास की स्थिति, सुविधाएं और घरों के पास उपलब्ध संपत्तियों से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी।     जनसंख्या गणना (फरवरी 2027): भारत के अधिकांश हिस्सों में फरवरी 2027 में यह चरण आरंभ होगा, जबकि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यह सितंबर 2026 में होगा। पहली बार होगा जाति-आधारित डेटा संग्रहण इस जनगणना में एक और उल्लेखनीय पहल की जा रही है — घर के सदस्यों की जातियों का विवरण भी दर्ज किया जाएगा। यह कदम सामाजिक-आर्थिक नीतियों के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े प्रदान करेगा, जो दशकों से लंबित मांग रही है। खबर से जुड़े जीके तथ्य     2027 की जनगणना भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी।     34 लाख गणनाकर्ता अपने स्मार्टफोन से मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़े एकत्र करेंगे।     पहली बार सभी भवनों का जियो-टैगिंग किया जाएगा, जिसमें जीआईएस मैप पर भवनों को उनके हाउस-लिस्टिंग ब्लॉक्स (HLBs) के साथ जोड़ दिया जाएगा।     RGI ने ₹14,618.95 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया है। पारदर्शिता और निगरानी के लिए वेबसाइट पूरे अभियान की रीयल-टाइम निगरानी और प्रबंधन के लिए एक समर्पित वेबसाइट भी तैयार की जा रही है। इससे प्रत्येक स्तर पर कार्य की प्रगति का निरीक्षण संभव होगा और पारदर्शिता बनी रहेगी। जनगणना 2027 भारत की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में डिजिटल बदलाव का प्रतीक बनने जा रही है। न केवल आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि नीति निर्माण और योजना निर्धारण के लिए समयबद्ध और व्यापक जानकारी भी उपलब्ध हो सकेगी। यह डिजिटल युग में भारत के प्रशासनिक दृष्टिकोण का एक ऐतिहासिक परिवर्तन है। ऐसे की जाएगी जनगणना मध्य प्रदेश जनगणना निदेशालय की निदेशक भावना वालिम्बे ने जानकारी देते हुए कहा कि जनगणना के लिए एप के माध्यम से हर परिवार के सदस्यों की जानकारी अपलोड करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए प्रश्नावली भी तैयारी की जा रही है, जिसमें सी सदस्यों का नाम, पारिवारिक स्थिति, घर संपत्ति का ब्योरा और रोजगार जैसी जानकारी शामिल की जाएगी. इसके अलवा, इसमें कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए क्रॉस चेक करने के लिए अधिकारी घर-घर जाकर जानकारी की जांच करेंगे. इसके साथ-साथ फील्ड में आने वाली चुनौतियों की रिपोर्ट प्रदेश का जनगणना निदेशालय तैयार करेगा. इसके बाद यह रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी. मंत्रालय इस आधार पर फाइनल जनगणना शीट तैयार की जाएगी. 

दिवाली से पहले लाड़ली बहना योजना से हटेंगी अपात्र महिलाएं, सरकार करेगी बड़ा संशोधन

भोपाल  सरकार सबसे पहले अयोग्य लाभार्थियों से खुद अपना नाम सूची से वापस लेने की अपील करेगी। इसके बाद विभागीय टीमें जांच करेंगी और अपात्र नाम हटा दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि योजना में कुछ ऐसे नाम शामिल हो गए हैं, जिन्हें लाभ नहीं मिलना चाहिए था। सरकार का उद्देश्य है कि योजना का फायदा केवल पात्र/ योग्य महिलाओं तक पहुंचे। राशि बढ़ाकर 1500 रुपए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जून 2024 में घोषणा की थी कि दिवाली से लाडली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। भाई दूज के बाद महिलाओं को यह बढ़ी हुई राशि दी जाएगी। वर्तमान लाड़ली बहनों की संख्या से गणना करने पर सरकार पर करीब 3100 करोड़ रुपए प्रति माह का भार बढ़  जाएगा। योजना की शुरुआत में योजना के तहत 1000 रुपए दिए जाते थे। अक्टूबर 2023 से राशि 1250 रुपए कर दी गई थी और अब इसे 1500 रुपए किया जा रहा है। सरकार का वादा है कि आगे चलकर इस राशि को बढ़ाकर 3000 रुपए प्रति माह किया जाएगा। 1.26 करोड़ महिलाएं लाभान्वित फिलहाल योजना में लगभग 1.26 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। यह प्रदेश की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजना मानी जा रही है। सरकार हर महीने करीब 1550 करोड़ रुपए इस पर खर्च कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी योजना ने राज्य में बीजेपी सरकार की वापसी में अहम भूमिका निभाई और इसके बाद कई राज्यों ने भी इसी तर्ज पर योजनाएं शुरू कीं। 1.63 लाख अपात्रों के नाम सूची से हटाए  हाल ही में प्रशासन ने जांच के दौरान 1.63 लाख लाभार्थियों के नाम सूची से हटाए हैं। पाया गया कि कई महिलाओं ने समग्र आईडी में गलत जानकारी देकर योजना का अनुचित लाभ लिया था। सरकार अब यह सुनिश्चित कर रही है कि केवल योग्य बहनें ही योजना का लाभ प्राप्त करें। महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि योजना के लिए शर्ते और नियम बने हैं, जिसके अनुसार कार्रवाई की जाती है। अपात्रों के नाम योजना से हटाए भी जाते हैं।  यह है पात्रता की शर्तें – लाभार्थी महिला और उसके पूरे परिवार की कुल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। – परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए। – महिला या उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में नियमित या संविदा पद पर कार्यरत न हो, न ही किसी को पेंशन मिल रही हो। – परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) नहीं होना चाहिए। – परिवार की कुल जमीन 5 एकड़ से अधिक नहीं होनी चाहिए। – यदि महिला को या उसके परिवार को किसी अन्य योजना से हर महीने 1000 रुपये से अधिक सहायता मिल रही है, तो वह पात्र नहीं होगी। – परिवार में कोई भी सदस्य सांसद, विधायक, निर्वाचित जनप्रतिनिधि या मनोनीत पदाधिकारी (पंचायत वार्ड पंच व उपसरपंच को छोड़कर) नहीं होना चाहिए। – महिला या उसके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मंडल या उपक्रम में अध्यक्ष/सदस्य/संचालक के रूप में चयनित या मनोनीत नहीं होना चाहिए। 

MP के किसानों के लिए खुशखबरी: PM Modi की खास घोषणा से मिलेगा बड़ा लाभ

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 17 सितंबर के जन्मदिन पर मध्य प्रदेश पहुंचेगे और प्रदेश को कई अहम विकास परियोजनाओं का तोहफा देंगे। धार जिले में देश के पहले ‘पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क’ का शिलान्यास करेंगे। यह पार्क कपास आधारित उद्योगों को बढ़ावा देगा और प्रदेश के छह लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। देश का पहला पीएम मित्रा पार्क धार में स्थापित होने वाला यह पार्क देश का पहला पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क होगा। इससे धार, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन और बड़वानी जैसे कपास उत्पादक जिलों के किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह पार्क प्रदेश के औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में नए युग की शुरुआत करेगा और मध्य प्रदेश को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएगा। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर महिलाओं के लिए कई योजनाओं की शुरुआत करेंगे, जिनमें शामिल हैं: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की किस्तों का सीधा हस्तांतरण लाभार्थियों के खातों में। पोषण माह 2025 का राष्ट्रीय शुभारंभ। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत। ‘सुमन सखी’ चैटबॉट सेवा का लोकार्पण, जो महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएगी। ‘एक बगिया मां के नाम’ अभियान के तहत पौधों का वितरण। सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड का वितरण। आदिवासी क्षेत्रों में ‘आदि सेवा पर्व’ की शुरुआत। 6 लाख किसानों को होगा फायदा प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। वर्ष 2022 में उन्होंने अपने जन्मदिन पर कूनो नेशनल पार्क में चीता प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया था, और इस बार उनका जन्मदिन किसानों और महिलाओं की योजनाओं से जुड़ा रहा। हाल ही में सीएम मोहन यादव ने कहा कि पीएम मेगा पार्क में कॉटन आधारित उद्योग लगेंगे। इससे 6 लाख किसानों को होगा लाभ। सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री जब भी आते हैं, मध्य प्रदेश के लिए नया इतिहास रचते हैं। उन्होंने बताया कि इस पार्क से धार सहित रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी जैसे जिलों के कपास उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। 

14 हजार किमी की खाक छानकर पुलिस ने पकड़े 6 ठग, 32 खाते फ्रीज, 40 लाख जब्त

बालाघाट बालाघाट पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वालों को एक साल बाद गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इस दौरान पुलिस ने 32 खाते फ्रीज कराए और 14 हजार 500 किलोमीटर की खाक छानी, तब जाकर छह ठगों को देश के अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। इनमें अपराधियों का सहयोग करने वाला एक बैंक कर्मी भी शामिल है। एसपी आदित्य मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में राहुल, निवासी ग्राम नवादा, तहसील आरा जिला भोजपुर बिहार, हिमांशु निवासी न्यू कोटगांव थाना घंटाघर जिला गाजियाबाद उत्तर प्रदेश, ब्रिजेश निवासी सी 260 जू थड, गौतम बुद्ध नगर नोएडा, सतपाल निवासी झंडापुर गाजियाबाद, उप्र, अमन निवासी, शाहदरा दिल्ली व बैंककर्मी अंकित निवासी जमालपुर थाना बोरिया नोएडा उप्र को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के कब्जे से 40 लाख रुपये की रकम भी जब्त की गई है। इन लोगों ने सेवानिवृत्त महिला से 41 लाख रुपये ठगे थे। महिला की शिकायत के बाद बालाघाट पुलिस ने 32 संदिग्ध खातों का गहन विश्लेषण किया, जिसके बाद आरोपितों का पता चला। पुलिस ने पांच विशेष टीमों का गठन किया और इन टीमों ने दिल्ली, नोएडा, उत्तर प्रदेश, बिहार में एक साथ दबिश दी। आरोपितों के कब्जे से धोखाधड़ी के रुपयों से खरीदी गई कार, लैपटाप, मोबाइल सहित अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक, पंजाब में इन ठगों ने दो करोड़ की ठगी की है।

मध्य प्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑपरेशन फास्ट में फर्जी सिम रैकेट पर कसा शिकंजा

भोपाल  मध्य प्रदेश स्टेट साइबर पुलिस ने फर्जी सिम कार्डों की बिक्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 'ऑपरेशन फास्ट' (फर्जी सिम एक्टिवेशन टर्मिनेशन) के तहत पुलिस ने 20 जिलों में 94 सिम विक्रेताओं को पकड़ा है। अब तक 50 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और जांच जारी है। इस ऑपरेशन में 44 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मध्य प्रदेश में ऑपरेशन फास्ट: फर्जी सिम की बिक्री में 44 गिरफ्तार फर्जी सिम का इस्तेमाल कंबोडिया, थाईलैंड, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में साइबर फ्रॉड, डिजिटल उत्पीड़न जैसी घटनाओं के लिए हो रहा था। साइबर एसपी प्रणय नागवंशी ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि इंडियन फोर्सेस कम्युनिकेशन दिल्ली से प्राप्त विशाल डेटा से इस अभियान की शुरुआत की गई। उन्होंने बताया कि हमें साइबर क्राइम, फ्रॉड और डिजिटल उत्पीड़न में इस्तेमाल होने वाले नंबरों की जानकारी मिली। विश्लेषण से पता चला कि ये सिम फर्जी नाम-पते पर जारी किए गए थे। कई पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंट इन्हें अवैध रूप से बेच रहे थे। जांच में सामने आया कि यह रैकेट मध्य प्रदेश के कई जिलों में फैला है। हमने सबसे पहले 20 जिलों को चिन्हित किया और जिला पुलिस के साथ समन्वित कार्रवाई शुरू की।" उन्होंने बताया कि ऑपरेशन 15 दिनों में पूरा किया गया, जिसमें इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और भोपाल के साइबर कार्यालयों के साथ जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने काम किया। छह सदस्यीय स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने प्रदेशव्यापी अभियान चलाया।तारीखें निर्धारित कर समन्वय स्थापित किया गया। आरोपियों से बरामद सामान में 24 लूप सिम (फर्जी सक्रिय सिम), 26 मोबाइल और लैपटॉप, 7 थंब इंप्रेशन मशीनें, तीन डेबिट कार्ड, दो पासबुक, 100 फेक सिम और कई दस्तावेज शामिल हैं। ये सामान साइबर ठगों को फर्जी आईडी बनाकर फ्रॉड करने में मदद करते थे। नागवंशी ने कहा, "कई ग्राहकों को पता ही नहीं कि उनके नाम पर कितने सिम सक्रिय हैं। हम उन सभी को 'संचार साथी' पोर्टल के जरिए चेक करने की सलाह देते हैं। अगर आपकी जानकारी के बिना सिम लिया गया हो तो उसे निष्क्रिय कराएं। अभी 20 जिलों में कार्रवाई हो रही है, जल्द अन्य जिलों में भी विस्तार होगा।"

प्रतिभाशाली युवा ही राष्ट्र की सच्ची पूंजी है : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया सम्मानित भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा में मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा ही देश की सच्ची पूंजी हैं। परिश्रम और लगन से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। मेरिट में स्थान प्राप्त करके सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनकी प्रतिभा और परिश्रम की कठिन साधना है। विद्यार्थी संस्कारयुक्त शिक्षा और ऊंचे लक्ष्य प्राप्त कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाएं। जो विद्यार्थी मेरिट सूची में स्थान नहीं बना सके वे पुन: अधिक मेहनत के साथ प्रयास करें। असफलता से मिली सीख ही हमें सफलता की राह दिखाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा तभी सम्पूर्ण होगी जब उसमें सांस्कृतिक मूल्यों और अच्छे संस्कारों का समावेश हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए स्वामी विवेकानंद का जीवन सबसे प्रेरक है। उन्होंने कहा था कि युवा ही राष्ट्र की रीढ़ और भविष्य के नियंता हैं। स्वामी विवेकानंद ने 1893 में ही भविष्यवाणी कर दी थी कि 21वीं सदी भारत की होगी। विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और परिश्रम से स्वामी जी की इस भविष्यवाणी को सच बनाएं। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक देश को विकास के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचाने का संकल्प लिया है। इसे पूरा करने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में जनभागीदारी तथा स्ववित्तीय शिक्षकों के मानदेय में पाँच हजार रुपए की वृद्धि की गई है। इसी तरह कुशल श्रमिकों के मानदेय में 2955 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिक 2613 रुपए तथा अकुशल श्रमिकों के मानदेय में 2470 रुपए प्रतिमाह की वृद्धि मंजूर की गई है। संस्था की प्राचार्य डॉ अर्पिता अवस्थी ने महाविद्यालय में संचालित नवीन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, नगर निगम अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र ताम्रकार, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. महानंद द्विवेदी सहित प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।  

सामाजिक न्याय मंत्री कुशवाहा ने नशामुक्ति केंद्रों की जाँच के दिये निर्देश

राज्य स्तरीय कार्यक्रम कर दिव्यांगों की प्रतिभा को मंच देने के निर्देश भोपाल  सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने प्रदेश में संचालित समस्त शासकीय नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति गठित कर केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने यह निर्देश शुक्रवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में दिये। इसके साथ ही दिव्यांगों के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर मेडिकल बोर्ड के शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "विकसित भारत का मंत्र-भारत हो नशे से स्वतंत्र" देशव्यापी कार्यक्रम के अंतर्गत मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति के क्षेत्र में प्रभावी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नशा मुक्त समाज के लिए सामाजिक भागीदारी के साथ-साथ विभाग द्वारा जो कार्यक्रम और योजनाएं संचालित की जा रही है, उनका प्रभावी क्रियान्वयन मैदानी स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नशे से पीड़ित लोगों के लिए प्रदेश में 13 नशा मुक्ति-सह-पुनर्वास केन्द्र, सात आउट रिच एंड ड्रॉप इन सेंटर, तीन कम्युनिटी बेस्ड पियर-लेड इन्टरवेशन सेंटर तथा 8 जिला मुख्यालय पर डीडीआरसी संचालित किए जा रहे हैं। इन सभी संस्थानों के सुव्यवस्थित संचालन की नियमित समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन के लिए चलाए जा रहे "सुगम भारत अभियान" की भी नियमित समीक्षा की जाए। मंत्री श्री कुशवाहा ने कहा कि दिव्यांगजन को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग द्वारा राज्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिसमें प्रदेश भर के दिव्यांगजन जो गायन, वादन, नृत्य, अभिनय और खेलकूद में रुचि रखते हैं, उनको प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हो सके। इसके लिए विभाग कार्यक्रम की रूपरेखा बनाकर प्रस्तुत करे। प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत सामाजिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ सामाजिक न्याय विभाग द्वारा लगातार जन-जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गांधी जयंती 2 अक्टूबर को विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन भी कराया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचने के लिए छात्रावास स्तर पर नशा मुक्ति समितियों का गठन किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। बैठक में प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर सहित अन्य विभाग की अधिकारी उपस्थित थे।