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MP में स्वास्थ्य लापरवाही का मामला, NHRC ने नवजात मौत पर भेजा नोटिस

भोपाल  राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मध्य प्रदेश के एक अस्पताल के अंदर ‘चूहों के हमले’ के कारण एक नवजात शिशु की मौत के मामले को गंभीरता से लिया है। एनएचआरसी ने इस बारे में मिली शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव और इंदौर के जिलाधिकारी को नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के एक अस्पताल के अंदर ‘चूहों के हमले’ के कारण एक नवजात शिशु की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए। एनएचआरसी के अनुसार, कथित घटना से संबंधित शिकायत के बाद आयोग ने 4 सितंबर को मामला दर्ज किया था। एनएचआरसी ने अपने नोटिस में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर 10 दिनों के भीतर ऐक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की कार्यवाही के अनुसार शिकायत का शीर्षक ‘न्याय तक पहुंच के लिए नेटवर्क’ है। कार्यवाही में कहा गया है, ‘‘आयोग को प्राप्त शिकायत के अनुसार शिकायतकर्ता ने इंदौर के एमवाय अस्पताल में हुई एक बेहद हैरान और परेशान करने वाली घटना की सूचना दी है, जहां अस्पताल परिसर के अंदर चूहों के हमले के कारण एक नवजात शिशु की मृत्यु हो गई और अन्य घायल हो गए।’’ इसके अलावा, हाल में सरकारी महाराजा यशवंतराव अस्पताल के आईसीयू में चूहों के काटने से दो नवजात बच्चियों की मौत की खबर भी मिली है। अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह भयावह घटना घोर चिकित्सा लापरवाही और बुनियादी स्वच्छता एवं रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूर्ण विफलता को उजागर करती है। कार्यवाही में कहा गया है कि इस तरह की ‘चूक’ न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा में नागरिकों के विश्वास का उल्लंघन करती है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का भी गंभीर उल्लंघन है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि राज्य भर के सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, कीट नियंत्रण और समग्र सुरक्षा मानकों में सुधार के लिए तत्काल उपाय किए जाने चाहिए। एनएचआरसी ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन प्रतीत होते हैं। कार्यवाही में कहा गया है, ‘‘रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश सरकार, भोपाल और इंदौर के डीएम को नोटिस जारी करके शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करवाएं और आयोग के अवलोकन के लिए 10 दिनों के भीतर एक ऐक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करें।’’

आज से भोपाल में शुरू हुआ ट्रैफिक अभियान, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी नजर

 भोपाल यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध सोमवार से 15 दिन तक (आठ से 22 सितंबर) कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें अर्थदंड लगाने से लेकर नियमों के अनुसार अन्य वैधानिक कार्रवाई होगी। पुलिस प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (पीटीआरआई) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शाहिद अबसार ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि सड़क सुरक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने हाल ही में प्रदेश का दौरा किया था। समिति ने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई थी। इसके साथ ही यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुधार करने के लिए कहा था। इसी तारतम्य में 15 दिन का अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। हर साल हो रही 55 हजार सड़क दुर्घटनाएं बता दें कि प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 55 हजार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें 14 हजार लोगों की जान चली जाती है। एडीजी ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, पर यातायात नियम तोड़ने वालों के विरुद्ध कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। अभियान के दौरान कॉलेज विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक कार्रवाई की रिपोर्ट प्रतिदिन पुलिस मुख्यालय को ई-मेल से भेजेंगे। क्या होगा अभियान में तेज गति, बिना हेलमेट व सीट बेल्ट, नाबालिग द्वारा वाहन चलाने, ड्राइविंग के समय मोबाइल का उपयोग, शराब पीकर वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, ओवर लोडिंग और बिना लाइसेंस, परमिट और फिटनेस के वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

मौसम अपडेट: MP के कई जिलों में बारिश का अनुमान, बादलों का सफाया शुरू, श्योपुर में दोगुनी बारिश

भोपाल  वर्तमान में मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर चार मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि अब बादल धीरे-धीरे छंटने लगेंगे। इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, शहडोल, जबलपुर संभाग के जिलों में मध्यम बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। रविवार को सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक मलाजखंड में पांच, जबलपुर में तीन, रतलाम में दो, पचमढ़ी, टीकमगढ़ एवं उमरिया में एक मिलीमीटर बारिश हुई। मध्य प्रदेश के 17 जिलों जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में आज बारिश हो सकती है। सूखा बीत रहा, अगस्त जाते-जाते जमकर बरसा। वहीं, सितंबर का पहला सप्ताह पूरा मध्यप्रदेश तरबतर हो गया। इससे न सिर्फ प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा हो गया, बल्कि इंदौर बेहतर स्थिति में पहुंचा। 7 दिन में इंदौर में 10 इंच पानी गिर गया। ऐसा है मौसम का हाल मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, वर्तमान में उत्तरी गुजरात और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान पर अवदाब का क्षेत्र मौजूद है। दो दिन में इसके पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका गुजरात में बने अवदाब के क्षेत्र से श्योपुर, गुना, दमोह, माना, गोपालपुर से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। दूसरी ओर, बुरहानपुर में 26 इंच भी पानी नहीं गिरा है। धार, बड़वानी, खंडवा, शाजापुर और खरगोन में अब तक 30 इंच पानी भी नहीं गिरा। हालांकि, औसत बारिश के हिसाब से बड़वानी का कोटा भी पूरा हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में अभी करीब 22 दिन बारिश होगी। ऐसे में इन जिलों में भी मानसून की तस्वीर बेहतर हो सकती है। एमपी में कोटे से 4 इंच पानी ज्यादा गिर चुका बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 41.2 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 33.1 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 8.1 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। 4.2 इंच पानी ज्यादा गिर गया है। मौसम विभाग के अनुसार 30 जिले-भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है। कई जिले ऐसे हैं, जहां आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत के पार है। श्योपुर में कुल 213 प्रतिशत पानी गिर चुका है। इंदौर-उज्जैन संभाग की तस्वीर बेहतर नहीं इस मानसूनी सीजन में इंदौर और उज्जैन संभाग की स्थिति ठीक नहीं है। यहां सबसे कम पानी गिरा है। सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा खरगोन और शाजापुर शामिल हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम बारिश एक अन्य द्रोणिका गुजरात में बने अवदाब के क्षेत्र पर बने चक्रवात से लेकर मध्य प्रदेश से होते हुए छत्तीसगढ़ तक जा रही है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अवदाब का क्षेत्र काफी दूर रहने के कारण फिलहाल मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी। हालांकि वातावरण में नमी रहने के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। शेष क्षेत्रों में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। ग्वालियर, चंबल-सागर सबसे बेहतर एमपी में जब से मानसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। यहां बारिश के स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। ग्वालियर-चंबल में भी मानसून जमकर बरसा है। यहां के सभी 8 जिलों में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। इनमें ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर शामिल हैं। 30 में से भोपाल संभाग के चार, इंदौर संभाग के दो, जबलपुर के चार, ग्वालियर-चंबल के 8, सागर-उज्जैन संभाग के 4-4, रीवा संभाग के 3 और शहडोल संभाग का एक जिला शामिल हैं। नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में कोटा पूरा नहीं हुआ। गुना में 65 इंच बारिश, मंडला-श्योपुर में 56 इंच पानी गिरा सबसे ज्यादा बारिश वाले टॉप-5 जिलों की बात करें तो गुना नंबर-1 पर है। यहां 65 इंच, मंडला-श्योपुर में 56 इंच, अशोकनगर में 54 इंच और शिवपुरी में 54.2 इंच पानी गिर चुका है। कई डैम के गेट खुले जुलाई में तेज बारिश की वजह से प्रदेश के कई डैम और तालाब ओवरफ्लो हो गए थे। भोपाल के बड़ा तालाब, केरवा-कलियासोत डैम में भी पानी आया। कई बड़े डैम के गेट भी खुले, लेकिन अगस्त में उतनी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में डैम के गेट नहीं खुल सके, लेकिन अगस्त के आखिरी और सितंबर के पहले सप्ताह में तेज बारिश का दौर रहा। इस वजह से भोपाल के भदभदा डैम का गेट भी खुल गया। इस बार जौहिला, बरगी, इंदिरासागर, बारना, अटल सागर, सुजारा, सतपुड़ा, तवा समेत कई डैम के गेट खुल चुके हैं। कुल 54 बड़े डैमों में अच्छा पानी आ चुका है। ऐसे समझें बारिश का गणित… 50 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     राजगढ़, रायसेन, नरसिंहपुर, मंडला, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, टीकमगढ़, निवाड़ी और श्योपुर। 40 से 50 इंच बारिश वाले जिले     विदिशा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, ग्वालियर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, रतलाम, नीचम, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, नर्मदापुरम, हरदा और उमरिया। 30 इंच से ज्यादा बारिश वाले जिले     भोपाल, सीहोर, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, मंदसौर, भिंड, मुरैना, रीवा, सतना, बैतूल, शहडोल और अनूपपुर। इन जिलों में 30 इंच से कम बारिश     उज्जैन, शाजापुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन।

स्वास्थ्य शिक्षा में नई पहल: नॉन-क्लिनिकल रेजिडेंट डॉक्टरों को भी मिलेगा कॉलेजों में मौका

भोपाल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में अभी तक क्लीनिकल विषय जैसे मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग, गायनी आदि में ही सीनियर रेजिडेंट (एसआर) डॉक्टर पदस्थ किए जाते थे, लेकिन अब नान क्लीनिकल विषयों के डाक्टरों को भी सीनियर रेजिडेंट पदस्थ किया जाएगा। इसमें एनाटामी, फिजियोलाजी, बायोकेमेस्ट्री, फार्मोकोलाजी जैसे विषय शामिल हैं। इसका लाभ रोगी और डाॅक्टर दोनों को होगा। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट के 380 पद स्वीकृत करने के लिए शीघ्र ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी ड्यूटी सहित अन्य स्थानों पर नान क्लीनिकल सीनियर रेजिडेंट्स का उपयोग किया जा सकेगा।   बता दें कि नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमएसी) ने नान क्लीनिकल विषयों में सीनियर रेजीडेंट्स बनाने के लिए कहा है। इनका संख्या निर्धारित सीटों में फैकल्टी के कुल पदों के निश्चित अनुपात में रहेगी। इस आधार पर प्रदेश में 380 पद होंगे, जिन्हें 19 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा। अभी निजी मेडिकल कॉलेज तो नान क्लीनिकल विषय में एसआर रख रहे हैं, पर सरकारी में नहीं हैं। नई व्यवस्था से नाॅन क्लीनिकल विषयों में मेडिकल कॉलेजों के लिए फैकल्टी मिलना भी आसान हो जाएगा। अभी सरकारी कॉलेजों में इन विषयों में एमडी कर निकले डाॅक्टर निजी कॉलेजों में एसआर बन जाते हैं। इसके बाद उन्हें उसी कॉलेज में सहायक प्राध्यापक बनने का अवसर भी आसानी से मिल जाता है। बता दें कि सहायक प्राध्यापक बनने के लिए मेडिकल कॉलेजों में कम से कम तीन वर्ष एसआर रहना आवश्यक होता है। सरकार की तरफ से इन्हें निर्धारित मानदेय दिया जाता है।

दतिया के होटल में विवादित सेलिब्रेशन, ASI और कॉन्स्टेबल पर एसपी ने लगाई सस्पेंशन

दतिया  दतिया के सिविल लाइन थाने में पदस्थ एक एएसआई का बार डांसर्स के साथ अश्लील डांस वीडियो सामने आया है। वीडियो में एएसआई संजीव गौड़ दो महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर अश्लील हरकत करते नजर आ रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी सूरज वर्मा ने ASI और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया।  दरअसल, 2 सितंबर को सिविल लाइन थाने में पदस्थ आरक्षक राहुल बौद्ध की बर्थडे पार्टी एक होटल में रखी गई थी। इस दौरान 2 बार डांसर्स को भी बुलाया गया था। सामने आए वीडियो में एएसआई संजीव गौड़ और कुछ अन्य युवक दोनों महिलाओं के साथ फिल्मी गानों पर डांस करते हुए अश्लील हरकतें करते दिखे। ASI समेत बर्थडे बॉय कॉन्स्टेबल राहुल बौद्ध पर एक्शन वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग हरकत में आया। दतिया एसपी ने फौरन कार्रवाई करते हुए एएसआई संजीव गौड़ और आरक्षक राहुल बौद्ध को सस्पेंड कर दिया है। एसपी सूरज वर्मा ने कहा- पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले किसी भी व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

अरिहंतपुरम मंदिर की जलयात्रा एवं सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में विधायक हुए शामिल

सकल दिगम्बर जैन समाज से की क्षमावाणी   आष्टा मध्य प्रदेश के आष्टा जिला में श्री दिगम्बर जैन समाज के चल रहे पर्युषण पर्व के समापन पर आज श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर अरिहंतपुरम अलीपुर की श्रीजी की जलयात्रा,भगवान के अभिषेक एवं सामूहिक क्षमावाणी कार्यक्रम में विधायक गोपालसिंह इंजीनियर,नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाडा, जिला भाजपा के मीडिया प्रभारी सुशील संचेती, नगर भाजपा अध्यक्ष प्रतिनिधि विशाल चौरसिया,नगर महामंत्री विशाल चौरसिया,नगर उपाध्यक्ष हरेन्द्र ठाकुर,पार्षद डॉ सलीम,युवा नेता सौरभ जैन आदि शामिल हुए। अलीपुर जैन मंदिर से पूज्य मुनिश्री के शुभ सानिध्य में श्रीजी की जलयात्रा पार्वती नदी किनारे स्तिथ पांडुक शिला स्थल पर पहुची यहा पर भगवान के अभिषेक व अन्य धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए । कार्यक्रम में शामिल विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने उपस्तिथ सकल दिगम्बर जैन समाज के सभी श्रावक श्राविकाओं से विगत वर्ष में हुई समस्त भूलो के लिये सकल समाज से क्षमा मांगी । विधायक गोपालसिंह इंजीनियर सहित सभी उपस्तिथ जनप्रतिनिधियों ने मुनिश्री प्रवर सागर मुनिराज एवं सजग सागर जी तथा सानंद सागर मुनिराज जी के पावन सानिध्य में तथा ब्रह्माचारिणी पुष्पा दीदी और सुनिता दीदी को नमन कर उनका आशीर्वाद लिया । उत्तम क्षमा के पुनीत दिवस पर निकली जलयात्रा में बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्तिथ थे ।

धीरेंद्र शास्त्री के नेतृत्व में निकलेगी सनातन पदयात्रा, दिल्ली से वृंदावन तक

 छतरपुर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे प्रदेश की राजनीति भी गरमाने लगी है। अयोध्या और काशी के बाद अब मथुरा को लेकर भी माहौल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है। इसी कड़ी में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री आगामी 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक लगभग 170 किलोमीटर लंबी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकालेंगे। अब इसको लेकर प्रदेश में राजनीतिक पारा हाई होने लगा हैं। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 7 से 16 नवंबर के बीच दिल्ली से वृंदावन तक 'सनातन हिंदू एकता' पदयात्रा निकालेंगे. इस पदयात्रा की तैयारियों के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है. शास्त्री ने संत मिलन के अवसर पर सभी संतों का आशीर्वाद लिया और यात्रा के लिए सहयोग मांगा. संतों और प्रबुद्धजनों ने एक स्वर में तन, मन, धन से यात्रा का समर्थन करने और इसे सफल बनाने का वचन दिया.  संतों ने इसे राष्ट्रीय यज्ञ बताते हुए इसमें आहुति देने की अपील की. वृंदावन के श्रीकृष्ण धाम में आयोजित संत मिलन में बृजवासी सेवा न्यास, गोस्वामीजन, कथा प्रवक्ता, तीर्थ पुरोहित, पंडा महासभा, ब्रज तीर्थ देवालय न्यास, अखिल भारतीय सन्यासी परिषद और वृंदावन के आश्रम प्रमुख शामिल हुए.  सभी ने अपने विचार रखे और वचन दिया कि जिस मठ से यात्रा गुजरेगी, वहां भव्य स्वागत होगा. संतों ने अपने अनुयायियों और समर्थकों के साथ यात्रा में शामिल होने की बात कही. चर्चा में यह भी तय हुआ कि ब्रज क्षेत्र में प्रवेश करते ही बृजवासी भंडारे और अन्य व्यवस्थाएं संभालेंगे. समागम में श्रीकृष्ण चंद्र ठाकुर, गीता मनीषी, गिरीशानंद महाराज, चित्त प्रकाशानंद महाराज, अनिरुद्धाचार्य महाराज और विनोद बाबा के प्रतिनिधि सहित अन्य मौजूद रहे. संत समागम का हुआ आयोजन धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पदयात्रा दिल्ली से शुरू होकर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के साथ संपन्न होगी। दावा किया जा रहा है कि यह अब तक की सबसे विशाल पदयात्रा होगी, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं और देशभर से आए संतों की भागीदारी रहेगी। इस यात्रा को लेकर बीते दिनों वृंदावन के कृष्ण कृपा धाम में संत-समागम आयोजित हुआ।इसमें कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज, भाजपा सांसद मनोज तिवारी और देशभर से आए 200 से अधिक संतों और महंतों ने हिस्सा लिया था। बैठक में यात्रा की अनुशासन, धार्मिक मर्यादा और रूपरेखा पर चर्चा की गई है। वैचारिक आंदोलन का बताया उद्देश्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस यात्रा को धार्मिक के साथ-साथ वैचारिक आंदोलन बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य है कि ब्रज क्षेत्र में मांस-मदिरा की बिक्री पर रोक। यमुना नदी का शुद्धिकरण और मंदिरों और मस्जिदों में राष्ट्रगीत का वादन। उन्होंने कहा कि जब तक सभी सनातनी एकजुट नहीं होते, उनका प्रयास जारी रहेगा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने यहां तक कहा कि जब तक मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण विराजमान नहीं हो जाते, संघर्ष चलता रहेगा। यह तो केवल झांकी है, असली फिल्म अभी बाकी है। यात्रा पर सियासत तेज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने धीरेंद्र शास्त्री पर हमला बोला है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि देश संविधान से चलेगा, किसी साधु-संत के कहने से नहीं। साधु-संत जिसकी भाषा बोल रहे हैं वो किसी से छुपी नहीं। वो हिन्दू-मुस्लिम कराना चाहते हैं। वोटों का तुष्टिकरण करना चाहते हैं। ये लोग देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं। हम लोग उनसे कम हिन्दू नहीं है, लेकिन वो हिन्दू होने का सर्टिफिकेट बांटते हैं। सरकार से कर दी मांग सपा प्रवक्ता दीपक रंजन ने कहा कि अगर मंशा उनकी ठीक नहीं तो सरकार को इस यात्रा पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। उनकी मंशा ठीक नहीं, वह हिन्दू मुस्लिम कराना चाहते हैं। तुष्टिकरण की राजनीति करना चाहते है। वो किसी के बहकावे, इशारे और स्पॉन्सरशिप पर इस तरह की यात्रा निकालने जा रहे हैं। वहीं, धीरेंद्र शास्त्री की इस पदयात्रा ने एक ओर जहां धार्मिक उत्साह को हवा दी है। वहीं, दूसरी ओर चुनावी माहौल में राजनीतिक हलचल भी बढ़ा दी है। गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा और यमुना की स्वच्छता की मांग  मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाना चाहिए. उन्होंने वृंदावन को मांस और मदिरा से मुक्त करने, गौ वध पर पूर्ण रोक लगाने और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. यमुना नदी को स्वच्छ करने और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के शीघ्र निपटारे की भी मांग उठी. दिल्ली से आए सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि अगले तीन वर्षों में यमुना को पूरी तरह स्वच्छ किया जाएगा. बागेश्वर महाराज का सम्मान ब्रज तीर्थ देवालय न्यास के संरक्षक मृदुलकांत शास्त्री ने बागेश्वर महाराज को चुनरी ओढ़ाकर और श्रीमद् भागवत गीता भेंटकर सम्मानित किया. संत मिलन में मौजूद सभी प्रतिनिधियों और देवालयों ने भी उनका स्वागत और सम्मान किया. शास्त्री ने कहा कि यह यात्रा जात-पात, क्षेत्रवाद और भाषावाद के भेद मिटाने के लिए है. यह सनातन धर्मावलंबियों की साझा यात्रा है, जिसमें सभी को सहभागी होना चाहिए.

शिप्रा पुल से कार गिरी, टीआई मृत, एसआई और महिला कांस्टेबल की तलाश जारी

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन में बड़ा हादसा सामने आया है. यहां शिप्रा नदी के पुल से बीती रात एक कार नीचे जा गिरी. लोगों को पता चला तो सूचना तुरंत पुलिस को दी गई. जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जायजा लिया. रात में रेस्क्यू के दौरान कार के बारे में कुछ भी पता नहीं चल सका. आज सुबह जब दोबारा रेस्क्यू शुरू हुआ तो उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव बरामद किया है. थाना प्रभारी का अंतिम संस्कार हादसे में मृत थाना प्रभारी अशोक शर्मा का रविवार को चक्रतीर्थ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एडीजी उमेश जोगा, एसपी प्रदीप शर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बड़े बेटे दर्श शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ, जब थाना प्रभारी अशोक शर्मा दो अन्य पुलिसकर्मियों के साथ उज्जैन से उन्हेल लौट रहे थे. कार नदी में कैसे गिरी, यह अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन घटना ने पूरे पुलिस महकमे को सदमे में डाल दिया है.  थाना प्रभारी का किया गया अंतिम संस्कार, SI और आरक्षक की खोज के लिए अभियान जारी  शिप्रा नदी में हुए कार हादसे ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। पुलिस विभाग के लिए बेहद ही विचलित करने वाले खबर रही। रविवार को अंधेरा होने के चलते रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर एसआई और आरक्षक को खोजने के लिए अभियान शुरू हुआ। जिसमें NDRF के 30 और होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 लोग जुटेंगे। उज्जैन में शनिवार को शिप्रा नदी में कार गिरने से लापता हुए 3 पुलिसकर्मियों में से 2 की तलाश अब भी जारी है। आज सुबह तक रेस्क्यू टीमें एसआई मदनलाल निमामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल का पता नहीं लगा सकी हैं। इससे पहले रविवार सुबह करीब 8 बजे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव घटना स्थल से 4 किलोमीटर दूर मिला था। इसके बाद रेस्क्यू अभियान तेज किया गया। लेकिन रविवार देर रात तक चली सर्चिंग के बावजूद न तो कार मिल पाई और न ही दोनों पुलिसकर्मियों का कोई सुराग मिला। अंधेरा होने पर रेस्क्यू बंद कर दिया गया था। आज सुबह से फिर से एसआई और आरक्षक की तलाश के लिए अभियान शुरू हुआ है, जिसमें NDRF के 30, होमगार्ड के 20 से अधिक और शिप्रा तैराक दल के करीब 22 सदस्य जुटे हैं। कॉन्स्टेबल आरती चला रही थीं कार एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि उन्हेल थाना इलाके से दो दिन पहले 14 वर्षीय लड़की गुमशुदा हो गई थी। इसी मामले में तीनों पुलिसकर्मी चिंतामन की ओर जा रहे थे। सफेद रंग की कार कॉन्स्टेबल आरती पाल चला रही थीं। यह कार उन्हीं की थी। सर्चिंग बनी बड़ी चुनौती पुलिस अधिकारियों के अनुसार एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी बाधा बन रही है। आशंका है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं। इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा। सर्चिंग में ड्रोन की मदद शनिवार देर रात कार नदी में गिरने की सूचना मिलने पर महाकाल टीआई गगन बादल और होमगार्ड के जवान मौके पर पहुंचे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी है। सर्चिंग में दो ड्रोन भी लगाए गए हैं। टीआई बादल ने बताया कि शनिवार रात बड़नगर रोड पर शिप्रा नदी पर बने बड़े पुल से कार गिरने की सूचना मिली थी। कार सवार लोग चक्रतीर्थ से कार्तिक मेला मैदान की ओर जा रहे थे, तभी पुल पर रैलिंग नहीं होने के कारण कार सीधे नदी में गिर गई। दरअसल, उन्हेल थाना प्रभारी एक केस की जांच के लिए शनिवार को उज्जैन आए थे. उनके साथ सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और महिला कॉन्स्टेबल आरती पाल भी मौजूद थीं. देर शाम तीनों लौट रहे थे कि उनकी कार शिप्रा पुल के पास अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी. घटना के बाद से ही तीनों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पा रहा था. मोबाइल फोन भी बंद थे और उनकी आखिरी लोकेशन शिप्रा पुल के आसपास की मिली. इसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ. आज रविवार की सुबह जैसे ही सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू हुआ, एनडीआरएफ और गोताखोरों की टीम मौके पर उतरी तो घंटों की मशक्कत के बाद नदी से कार को बाहर निकाला गया. उसमें से अशोक शर्मा का शव बरामद किया गया है. फिलहाल सब-इंस्पेक्टर मदनलाल और कॉन्स्टेबल आरती पाल के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है, उनकी तलाश की जा रही है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की टीम गोताखोरों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. नदी का तेज बहाव और गहराई तलाश में बड़ी चुनौती बना हुआ है. आशंका जताई जा रही है कि दोनों पुलिसकर्मी भी नदी में डूब गए हैं. इस घटना के बाद उज्जैन पुलिस समेत पूरे महकमे में शोक की लहर है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा. घटना को लेकर उज्जैन के एसपी ने क्या कहा? एसपी उज्जैन प्रदीप शर्मा ने कहा कि बहुत ही दुखद घटना हुई है. हमारे उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, उनके साथ निमामा साहब और एक महिला आरक्षक आरती सिंह गए थे. दो दिन पूर्व एक 14 साल की बच्ची मिसिंग हुई थी, उसी की तलाश में रात में ये लोग रवाना हुए थे. इसी दौरान इनकी गाड़ी डिस लेंस होकर बड़े पुल से नीचे गिरी. अभी करीब दो ढाई किलोमीटर आगे अशोक शर्मा का शव भैरवगढ़ पुल के नीचे से बरामद किया है. एनडीआरएफ की टीम लगी है, बाकी दोनों के लिए सर्च जारी है. टीआई 37 साल से सेवा में थे टीआई अशोक शर्मा (58) मूलत: बुलंदशहर, यूपी के निवासी थे। 27 मई 1988 को कांस्टेबल भर्ती हुए और एसआई रहते हुए उन्हेल थाने का प्रभार संभाल रहे थे। परिवार में पत्नी शशि व दो बेटे हैं। एक डॉक्टर है और दूसरा गुड़गांव में … Read more

खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी

खाद्य मंत्री राजपूत का संदेश- कठिन हालात में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ निभाना जरूरी मंत्री राजपूत बोले- विपरीत परिस्थितियों में धर्म और सच्चाई से समझौता नहीं करना चाहिए 50 लाख रुपए से निर्मित लव कुश भवन का किया लोकार्पण भोपाल सागर के जैसीनगर में कुशवाहा समाज द्वारा भगवान लव-कुश जयंती के अवसर पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शामिल हुए। उन्होंने हिमांचल टौरी पर 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित भगवान लव कुश भवन का लोकार्पण किया। मंत्री सिंह राजपूत ने भगवान लव-कुश की मनमोहक झांकी का पूजन-अर्चना किया। कुशवाहा समाज के लोगों ने मंत्री राजपूत का फलों से तुलादान कर स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने समाज को भगवान लव-कुश जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान लव कुश और भगवान राम की महिमा से कोई अपरिचित नहीं है। प्रत्येक घर में रामचरितमानस का पाठ होता है और भगवान राम, लव और कुश की मर्यादा, शौर्य और पराक्रम की गाथाएं सभी के मन में बसी हैं। उन्होंने कहा कि भगवान लव और कुश ने वनवास के कठिन समय में भी धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का पालन किया। उनकी वीरता का प्रमाण अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को रोकने की कथा से मिलता है। उन्होंने समाजजनों से कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी हमें अपने धर्म, कर्तव्य और सच्चाई का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। जनता के आशीर्वाद से हो रहा सुरखी में विकास मंत्री राजपूत ने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का श्रेय क्षेत्र की जनता के आशीर्वाद को जाता है। उन्होंने कहा, मैं केवल माध्यम हूं, विकास कार्य भगवान और आप सभी की प्रेरणा से संभव हुए हैं। काम करने वाला मैं हूं और कराने वाले आप सभी। उन्होंने बताया कि राहतगढ़, सिहोरा, जैसीनगर, बिलहरा और सुरखी में पेयजल आपूर्ति के लिए 40 किलोमीटर दूर मडिया डेम से पानी लाया गया है, जिसके लिए जनता का आशीर्वाद और सहयोग महत्वपूर्ण रहा।  

एयरपोर्ट पर प्रवेश न मिलने पर महिला कार्यकर्ता का रो-रो कर बुरा हाल, बीजेपी में मचा हलचल

छतरपुर. छतरपुर जिले के खजुराहो एयरपोर्ट के बाहर एक भाजपा महिला कार्यकर्ता का दर्द तब आंसुओं के रूप में सामने आ गया जब उसको एयरपोर्ट में अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। यह वीडियो तीन दिन पहले खजुराहो आए सीएम के समय के बताया जा रहा है। सीएम मुख्यमंत्री मोहन यादव छतरपुर में अपनी ट्रांजिट विजिट पर आए हुए थे और भाजपा के पदाधिकारी सहित मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधि उनका वेलकम करने के लिए खजुराहो एयरपोर्ट पर पहुंचे थे। जब महिला को प्रवेश नहीं दिया गया तो महिला का दर्द सामने आ गया। 'मुझे अंदर नहीं जाने दिया, अपमान किया' खुद को बीजेपी की महिला कार्यकर्ता बताते हुए रजनी यादव ने मीडिया से कहा कि मैं पूर्व विधान सभा प्रत्याशी, पार्टी की उपाध्यक्ष महिला मोर्चा से हूं। खजुराहो सांसद वीडी शर्मा सहित भाजपा के अन्य मंत्री गण मुझे लेकर भाजपा में आए थे। लेकिन अब इसी पार्टी में महिलाओं का कोई सम्मान नहीं हो रहा है। वह रोते हुए मीडिया के सामने कहती वीडियो के नजर आ रही हैं कि खजुराहो एयरपोर्ट पर मुझे अंदर नहीं जाने दिया, उनका अपमान किया गया। वह बहुत देर तक एयरपोर्ट के बाहर खड़ी रही। जब उनको प्रवेश नहीं दिया गया तो वो मीडिया के सामने आ गईं। जैसे ही महिला कार्यकर्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ तो कई तरह के कॉमेंट्स उसे वीडियो पर आने शुरू हो गए। कई कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिल पाता इधर मामले को लेकर भाजपा के जिला अध्यक्ष चंद्रभान सिंह गौतम ने कहा की खजुराहो एयरपोर्ट अथॉरिटी की गाइडलाइन है वह सामान्य रूप से किसी को प्रवेश नहीं देते हैं जो भी पार्टी की ओर से वीआईपी या वीवीआइपी आते हैं तो उनसे मिलने के लिए पूर्व में एक लिस्ट बनती है और उसे लिस्ट के हिसाब से ही खजुराहो एयरपोर्ट में प्रवेश दिया जाता है। ऐसा कई बार होता है कि कई कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं मिल पाता और उनको बाहर ही खड़ा रहना पड़ जाता है।