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स्व. श्री रमाकांत तिवारी सुचिता के प्रतीक थे : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

पूर्व मंत्री स्व. श्री तिवारी की पुण्यतिथि कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वर्गीय श्री रमाकांत तिवारी सुचिता के प्रतीक थे। वह एक आदर्श नेता, जुझारू व्यक्ति के साथ जन-जन के हितैषी थे। उप मुख्यमंत्री ने चाकघाट में पूर्व मंत्री श्री रमाकांत तिवारी के पुण्यतिथि कार्यक्रम में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि श्री तिवारी अन्याय और अत्याचार के खिलाफ बज्र के समान कठोर थे पर दीन दुखिओं की मदद के लिए फूल से भी ज्यादा कोमल थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वर्गीय श्री तिवारी ने सुचिता की राजनीति की। समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति को मदद मिले यही उनका उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को वरदान बनाने के लिए प्रलोभन से दूर रहकर राजनीति करनी चाहिए तभी निर्भय होकर कार्य किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सुचिता के राजनीति के प्रेरणा स्त्रोत हैं। स्वर्गीय श्री रमाकांत तिवारी ने भी इसी राह पर चलकर दीन दुखिओं की सेवा की थी। उनको सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके द्वारा स्थापित आदर्शों का अनुसरण किया जाय। हम सब स्वर्गीय श्री तिवारी को स्मरण करने के लिए प्रतिवर्ष कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे और उनके बताये रास्ते पर चलने का संकल्प लेगें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वर्गीय श्री तिवारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, आयोजक श्री कौशलेश तिवारी सहित स्थानीय जन उपस्थित रहे।  

सुरमयी सांस्कृतिक संध्या में झलकेगी निमाड़ी लोकधुनों की छटा

मध्यप्रदेश भवन में होगा आयोजन भोपाल  मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली में शुक्रवार 19 सितंबर को सुरमयी सांस्कृतिक संध्या की चौथी प्रस्तुति में निमाड़ी लोकगायन का आयोजन किया जाएगा। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग एवं मध्यप्रदेश भवन दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश की समृद्ध लोक परंपरा और मधुर लोक संगीत की झलक प्रस्तुत की जाएगी। कार्यक्रम में श्रीमती पूर्णिमा चतुर्वेदी एवं समूह द्वारा निमाड़ी लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह चौथी प्रस्तुति मध्यप्रदेश के लोकसुरों की अनूठी श्रृंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करना है। कार्यक्रम का समय शाम 6:30 बजे से 7:45 बजे तक निर्धारित है। लोक संगीत प्रेमी इस सांस्कृतिक संध्या में सम्मिलित होकर लोकधुनों का आनंद ले सकते हैं। 

8 राज्यों के इंजीनियर्स ने इंदौर आकर समझीं स्मार्ट मीटरिंग की खूबियां

भोपाल मध्य़प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर परियोजना का कुशलतापूर्वक संचालन कर विभिन्न बिजली वितरण कंपनियों के साथ नालेज शेयरिंग कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में पावर फायनेंस कार्पोरेशन, आईआईएम इंदौर की ओर से देशभर के 8 राज्यों की 11 बिजली कंपनियों के 14 इंजीनियर्स ने गुरुवार को पोलोग्राउंड इंदौर स्थित पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के स्मार्ट मीटर मास्टर कंट्रोल सेंटर का दौरा किया और स्मार्ट मीटरिंग की खूबियां देखी। दल में आंधप्रदेश, पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, बिहार, जम्मू कश्मीर से श्री डी सुब्बा राव, श्री एसएचके आदिशेशलाह, श्री एसके राममोहन राव, श्री टी वांजा, श्री एस महेंद्रनाथ, श्री एसएच सुरजीत गनीलाला, सुश्री संगीता एस., सुश्री जास्मिन बानू, श्री उत्तम कुमार जान, कल्पना पाटिल, कृष्णा स्वरूप, सुखविंदर सिंह, एसएच रिजवान अहमद शामिल थे। राज्यों के दल को इंदौर के स्मार्ट मीटर के आठ वर्ष के कार्यों की जानकारी दी गई। प्रश्नों के समाधान-कारण उत्तर दिए गए और मीटर लैब की विजिट कराई गई। स्मार्ट मीटर से डिस्केक्शन, रिकनेक्शन की प्रक्रियां समझाई गई। दल के सदस्यों ने इंदौर में हुए कार्यों व उपलब्ध जानकारी की सराहना की और अपने राज्यों, कंपनी के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।  

भारी ट्रैफिक जाम से बेहाल हुए लोग, इंदौर-देवास रोड पर रेंगते रहे वाहन

इंदौर इंदौर देवास बायपास पर तीन माह में तीसरी बार ट्रैफिक जाम लगा। इस वजह से चार घंटे तक वाहन चालक परेशान होते रहे। गुरुवार को अर्जुन बड़ौद के पास एक ट्राला अचानक बीच सड़क पर खराब हो गया। ट्राला खराब होते ही पूरे रास्ते पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोग घंटों तक परेशान होते रहे। खराब ट्राला हटाने का प्रयास किया गया। इसी दौरान पीछे से आते वाहनों की भीड़ बढ़ती गई और तीन से चार किमी तक ट्रैफिक प्रभावित रहा। प्लेट तोड़ने से रोकता रहा ड्राइवर बायपास पर वाहन खराब होने की स्थिति में एनएचएआई को व्यवस्था करना होती है। वहां क्रेन व अन्य वाहन रखने पड़ते है। मगर गुरुवार को खराब ट्राले को हटाने में काफी समय लग गया। ट्राले खराब होने से वह एक इंच भी आगे बढ़ा। एनएचएआई ने ट्राले की प्लेट तोड़ने का कहा तो ड्राइवर ने मना कर दिया। अधिकारियों ने समझाया और जाम लगाने का हवाला दिया। उसके बाद ट्राले की प्लेट तोड़ी और निर्माण स्थल पर खड़े अन्य वाहन की मदद से ट्राले को सड़क किनारे पर खड़ा किया जा सका। इस काम में डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। बायपास पर वाहन तीन घंटे तक जाम की स्थिति बनी। दोपहर तीन बजे यातायात सामान्य हुआ।   अधिकारियों ने संभाली व्यवस्था अर्जुन बड़ौद पर जाम लगाने के बाद एनएचएआई के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मैदान संभाला। इस दौरान इंदौर से देवास जाने वाले वाहनों को डायवर्ट किया गया। डाकच्या पार करते ही वाहनों जयपुरिया इंस्टिट्यूट मार्ग पर मोड़ दिया। गांव होते हुए वाहनों क्षिप्रा तक पहुंचे। उसके बाद वाहनों बायपास पर आए। एक तरफ का ट्रैफिक दोपहर तीन बजे तक सामान्य हो चुका था, लेकिन देवास से इंदौर आने वाले मार्ग पर वाहनों की कतारें लगी। यहां शाम साढ़े चार बजे तक ट्रैफिक रेंगते रहा। जर्जर है सर्विस लेन बायपासस के अर्जुन बड़ौद पर फ्लाइओवर का निर्माण कार्य इन दिनों परेशानी का कारण बना है, क्योंकि फ्लाइओवर के लिए वाहनों को डायवर्ड कर रखा है। सर्विस लेन से वाहनों को निकाला जा रहा है, लेकिन उसकी स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है। यहां से वाहन को निकलने में दिक्कतें आती है। बुधवार को हुई बारसात ने भी हालात बिगड़ा दिए है। गुरुवार को अर्जुन बड़ौद पर हुए इस जाम ने एक बार फिर बायपास की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर दिया। लोगों ने मांग की है कि खराब सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द हो और ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त की जाए ताकि रोजाना जाम की समस्या से राहत मिल सके।  

एमपी-सीईआरटी टीम ने भोपाल में किया ‘सायबर भारत-सेतु’ अभ्यास

मध्यप्रदेश बना ‘सायबर भारत सेतु’ का व्यापक अभ्यास करने वाला देश का पहला राज्य भोपाल  प्रदेश में बढ़ती डिजिटल निर्भरता और सायबर सुरक्षा के महत्व को ध्यान में रखते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत एमपी-सीईआरटी एवं केन्द्र सरकार के सीईआरटी-इन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से ब्रिजिंग स्टेट्स, सिक्योरिंग भारत विषय पर दो दिवसीय सायबर सुरक्षा अभ्यास ‘सायबर भारत सेतु’ का गुरुवार को भोपाल में शुभारंभ हुआ। इस आयोजन से मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया, जहां ‘सायबर भारत सेतु’ का व्यापक अभ्यास किया गया है। दो दिवसीय सायबर सुरक्षा अभ्यास कार्यक्रम में डिजिटल खतरों की बढ़ती जटिलता के मद्देनजर, एमपी-सीईआरटी ने संकट संचार एवं प्रबंधन योजना (सीसीएमपी), कठोर ऑडिट प्रोटोकॉल और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बेहतरीन सूचना सुरक्षा प्रक्रियाएँ अपनाई हैं। एक्सरसाइज में ड्यूल यूज़ टेक्नोलॉजी, सायबर एक्सटॉर्शन, रैनसमवेयर, डेटा ब्रीच, सोशल इंजीनियरिंग, सप्लाई चेन अटैक, व्यवस्थागत निर्भरता, भू-राजनीतिक जोखिम, अंदरूनी खतरे और सार्वजनिक विश्वास जैसी चुनौतियों पर केंद्रित अभ्यास किए गए। सीईआरटी-इन के साइंटिस्ट श्री अशुतोष बहुगुणा ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों और जिला सीआईएसओ अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसकी सीईआरटी टीम ने ‘सायबर भारत सेतु’ जैसे व्यापक अभ्यास का आयोजन किया है। उन्होंने राज्यों के बीच सहयोग और तकनीकी सशक्तिकरण की आवश्यकता को राष्ट्रीय सायबर सुरक्षा के लिए अहम बताया। उन्होंने सायबर सुरक्षा के रोडमैप, घटना प्रतिक्रिया, सूचना सुरक्षा, गवर्नेंस, सीसीएसपी ऑडिट और उभरते सायबर खतरों पर विस्तार से जानकारी दी। एक्सरसाइज के दौरान प्रतिभागियों को इन्वेंट्री मैनेजमेंट, सॉफ्टवेयर/हार्डवेयर सुरक्षा, कमजोरियों का आकलन, नियंत्रित एडमिनिस्ट्रेटिव प्रिविलेजेज और एंटी-मैलवेयर समाधान जैसे व्यावहारिक विषयों पर प्रशिक्षण और प्रस्तुतियाँ दी गईं। इंटरेक्टिव वर्कशॉप, व्यावहारिक सत्र और विशेषज्ञ व्याख्यान के माध्यम से सायबर सुरक्षा गवर्नेंस और घटना प्रतिक्रिया पर गहन विचार-विमर्श हुआ। श्री शशांक गुप्ता ने सीसीएसपी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संगठनों को संकट में न्यूनतम विघ्न के साथ सुरक्षित रखता है और उन्हें त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सक्षम बनाता है। श्री मोहित कटारिया ने कहा कि सीसीएमपी आवश्यक सेवाओं की निरंतरता और संस्थागत लचीलापन बढ़ाता है, जिससे विभागों में सहयोग और समय पर अलर्ट की व्यवस्था मजबूत होती है। एमपी-सीईआरटी की प्रमुख सुश्री अम्बर पांडे ने कहा कि स्टेट डेटा सेंटर, सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर और आधुनिक अवसंरचना में निवेश के साथ, मध्यप्रदेश सायबर सुरक्षा के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर है। यह अभ्यास राज्य स्तर पर डेटा अखंडता, घटना प्रतिक्रिया और मजबूत सुरक्षा तंत्र स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘सायबर भारत सेतु’ पहल मध्यप्रदेश के सायबर नेतृत्व को मजबूत करती है और राज्य के सुरक्षित डिजिटल भविष्य के प्रति एमपी-सीईआरटी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस मंच के माध्यम से सहयोग, संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा, नवाचार और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देकर, राज्य को सायबर प्रतिरक्षा में अग्रणी स्थान दिलाया जा रहा है। कार्यक्रम में एमपी-सीईआरटी से श्री सत्यार्थ दुबे, सुश्री रुचा महाले, स्टेट को-ऑर्डिनेटर श्री योगेश पंडित, लीगल कंसल्टेंट सुश्री सृष्टि यादव, कम्युनिकेशन कंसल्टेंट सुश्री प्रियंका गोस्वामी और श्री रूप नारायण उपस्थित रहे।  

किसानों की समृद्धि और स्वास्थ्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री ने "मेलिओइडोसिस" के संक्रमण को लिया गंभीरता से प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कृषि को रोकथाम के उपाय करने के दिए निर्देश एम्स की रिपोर्ट पर लिया संज्ञान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धान किसानों की चिंता करते हुये टीबी जैसे लक्षणों वाले घातक रोग 'मेलिओइडोसिस' की रोकथाम के उपाय किये जाने पर गंभीर रूख अपनाया है। उन्होंने इस संबंध में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कृषि विभाग को साथ मिलकर जांच और उपचार रोकथाम के लिए यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि किसानों और आमजन का स्वास्थ्य और समृद्धि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मध्यप्रदेश सरकार गरीब, किसान और वंचित वर्गों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को करें सजग और जागरूक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वास्थ्य और कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि संभावित और प्रभावित क्षेत्रों में इन प्रकरणों की जांच करें। इसकी रोकथाम के लिए कृषकों को सजग और जागरूक करें। यदि कोई कृषक या व्यक्ति चिन्हांकित होता है, तो उसके समुचित उपचार के प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि एम्स भोपाल की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश में धान का रकबा बढ़ने और पानी के स्रोत अधिक होने से इस बीमारी का संक्रमण बढ़ रहा है। जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में 'मेलिओइडोसिस' से प्रभावित रोगियों की पुष्टि हुई है। विशेषत: धान के खेतों की संक्रमित मिट्टी में पाए जाने वाले बैक्टीरिया से होने वाले इस रोग के संबंध में जागरूकता, समय पर पहचान और उपचार के संबंध में एम्स भोपाल द्वारा प्रशिक्षण-सत्र आयोजित किए गए हैं, जिसमें प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों तथा अस्पतालों के प्रबंधकों और चिकित्सकों ने भी सहभागिता की है। 'मेलिओइडोसिस' बीमारी के लक्षण 'मेलियोइडोसिस' एक संक्रामक बीमारी है जो 'बर्कहोल्डरिया स्यूडोमैली' नामक बैक्टीरिया से होती है। यह बैक्टीरिया आम तौर पर मिट्टी और पानी में पाया जाता है । बीमारी के प्रमुख लक्षण लंबे समय तक बुखार रहना या बार-बार बुखार आना, लगातार खांसी होना, जो टीबी जैसी हो सकती है। सांस लेने या सामान्य गतिविधि के दौरान सीने में दर्द होना और टीवी समझकर शुरू किए गए इलाज के बावजूद लक्षण में सुधार न होना है। इस बीमारी का सबसे अधिक खतरा खेती-किसानी से जुड़े लोगों को हो सकता है, क्योंकि उनका सीधा संपर्क मिट्टी और पानी से होता है। डायबिटीज (मधुमेह) के मरीज और अधिक शराब का सेवन करने वालों को भी यह बीमारी हो सकती है। इस बीमारी की तत्काल जाँच के साथ उपचार एवं सावधानी रखकर बचाव किया जा सकता है।  

फैज और अर्श पर आरोप: खंडवा में नाबालिगों के साथ दुष्कर्म और वीडियो शेयरिंग का मामला

खंडवा  जिले में लव जिहाद के दो मामले सामने आए हैं, जिसमें दो युवकों ने दो नाबालिग दलित लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनके साथ दुष्कर्म किया। एक मामले में नाबालिग का आपत्तजिनक वीडियो बनाकर बहुप्रसारित कर दिया गया। मामला सामने आने पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद बुधवार देर रात पिपलोद पुलिस ने जांच के बाद दोनों मामलों में दो नामजद आरोपितों के खिलाफ दुष्कर्म, लव जिहाद सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया। आरोपित फिलहाल फरार है, पुलिस उनकी तलाश में पुलिस जुटी है। केस-1: क्रिकेट खेलने आता था, रात को घर बुलाकर करता था दुष्कर्म पहले मामले में 17 वर्षीय पीड़िता ने पिपलोद पुलिस को शिकायत में बताया कि मैं कक्षा 12वीं में अध्ययनरत हूं। फैज पुत्र शौकत मेरे घर के सामने ग्राउंड में क्रिकेट खेलने आता था। उस दौरान मेरी उससे बातचीत हुई थी। वह जब-जब क्रिकेट खेलने आता, तब-तब मेरी बात होती थी। हमारी बातचीत करीब दो साल तक चलती रही। इसके बाद फैज मेरे घर के मोबाइल पर मुझे फोन कर मुझे रात में उसके घर मिलने आने का कहता था। मैं करीबन रात के 12, एक बजे जब सब सो जाते थे, तब फैज के घर जाती थी, उसके घरवाले भी सब सो जाते थे। यहां उसके घर के खाली कमरे में फैज ने मेरी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म किया। इसी बात को लेकर फैज मुझे धमकी देने लगा कि मैं तुम्हारे घरवालों को बता दूंगा।   दबाव बनाकर दुष्कर्म करता रहा फैज पीड़िता ने पुलिस को बताया कि फैज ने दबाव बनाकर मेरे साथ दो-तीन बार दुष्कर्म किया। तीसरी बार मेरे साथ मई 2023 में दुष्कर्म किया था, फिर मैंने फैज से मिलने व बात करने से मना कर दिया। परंतु फैज ने अंनत चौदस के दिन मुझे इशारा कर फोन लगाने को कहा। तब मैंने अपने घर के मोबाइल से उससे बात की थी। मुझे फैज फिर से परेशान करने लगा। तब मैने अपने माता-पिता को सारी घटना बताई। पीड़िता की शिकायत पर पिपलोद पुलिस ने आरोपित फैज पुत्र शौकत अली के विरूद्ध धारा 376, 376 (2) (n) भावि, 5L/6 पॉक्सो एक्ट, 3(2) (v) एससी/एसटी एक्ट का गंभीर मामला पाया जाने से अपराध पंजीबद्ध किया। केस-2: वीडियो कॉल रिकार्ड किया, दबाव बनाकर अर्श ने किया दुष्कर्म मामले में पीड़िता ने पुलिस को शिकायत में बताया कि अर्श पुत्र अजीज ने मुझसे कहा कि वह मुझे पसंद करता है। यह कहकर वह मुझसे इंटरनेट मीडिया आईडी पर वीडियो कॉल पर बातचीत करता था। इसी दौरान बहला-फुसला कर एक दिन उसने मुझसे आपत्तिजनक हालत में होकर कॉल करने का कहा। मैंने कॉल किया तो उसने मेरी आपत्तिजनक हालत की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली। यह बात मुझे नहीं पता थी। कुछ दिन बाद उस वीडियो को बहुप्रसारित करने की धमकी देकर उसके घर ले जाकर पहली बार अक्टूबर 2024 में मेरे साथ मेरी मर्जी के खिलाफ दुष्कर्म किया। अर्श और फैज दोस्त, फैज ने बहुप्रसारित किया आपत्तिजनक वीडियो उसके बाद भी अर्श ने लगभग तीन बार उसके घर जाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया। मैंने कहा कि अब मैं तेरे साथ संबंध नहीं बनाउंगी तो अर्श ने कहा कि चुपचाप मुझसे संबंध बनाती रह और इस्लाम धर्म कबूल कर ले। मैं तुझसे शादी कर लूंगा नहीं तो तुझे जान से खत्म कर दूंगा। फैज, अर्श का दोस्त है। करीब दो माह पहले फैज ने मुझे कहा कि तेरे आपत्तिजनक वीडियो अर्श ने दिखा दिए हैं और वह मेरे पास है। मैं भी अब तेरे साथ संबंध बनाऊंगा। यदि तू मना करती है, तो तेरे वीडियो बहुप्रसारित कर दूंगा। फिर भी नहीं मानी तो तुझे जान से मार दूंगा। मैंने फैज को संबंध बनाने से मना किया तो फैज ने मेरे आपत्तिजनक वीडियो बहुप्रसारित कर दिए, जो चार दिन पहले मेरे मामा को पता चले। उन्होंने मुझसे पूछा तो मैंने यह बात मेरे मामा व मम्मी-पापा को बताई। हम बदनामी से डर रहे थे, पर आज हिम्मत करके थाने आए।  

दृढ़ संकल्प और समेकित प्रयास से मध्यप्रदेश स्वास्थ्य मानकों में बनेगा अग्रणी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

रक्तदान और सिकल सेल स्क्रीनिंग में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान के प्रथम दिवस प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर को मध्यप्रदेश ने एक ही दिन में 14 हजार 573 यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान और 20 हजार 379 हितग्राहियों की सिकल सेल स्क्रीनिंग कर पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए समस्त स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों और नागरिकों की जागरूकता और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम वर्तमान में प्रथम स्थान पर हैं और इस स्थान को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। इसके लिए आवश्यक है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता, स्वयंसेवी संस्थाएँ, जनप्रतिनिधि और आमजन सभी मिलकर निरंतर और समन्वित प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों, महिलाओं, बालिकाओं और अभिभावकों से अपील की है कि "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान से जुड़ी सेवाओं और शिविरों का अधिक से अधिक लाभ लें। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और समेकित प्रयास से हम स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार करते हुए मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) के सूचकांकों सहित स्वास्थ्य स्थिति में देश के अग्रणी प्रदेश बनेंगें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सिकल सेल स्क्रीनिंग में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों की सराहना की है और सतत प्रयास का आह्वान किया है। भारत सरकार की राज्यवार दैनिक रिपोर्ट 17 सितम्बर 2025 के अनुसार मध्यप्रदेश 20,379 सिकल सेल स्क्रीनिंग के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद ओडिशा 10,851 और महाराष्ट्र 10,821 स्क्रीनिंग कर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। रक्तदान के क्षेत्र में मध्यप्रदेश के बाद उत्तराखंड 5,065 यूनिट और राजस्थान 3,530 यूनिट के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। "स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार" अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में महिलाओं के सम्पूर्ण स्वास्थ्य की जाँच और उपचार के लिए 20 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में निःशुल्क जाँच, परामर्श और उपचार की सुविधा दी जा रही है। अभियान में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जाँच, अनमोल 2.0 पोर्टल पर प्रविष्टि, टीकाकरण, किशोरियों में एनीमिया की जाँच और उपचार, पोषण एवं मासिक धर्म स्वच्छता संबंधी जानकारी, सिकल सेल और अन्य गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। क्षय और कुष्ठ रोग की पहचान एवं इलाज, मानसिक स्वास्थ्य, नेत्र, दंत और श्रवण विकारों की जाँच भी इस अभियान का हिस्सा हैं। अभियान के दौरान ईट-राइट कार्यक्रम, पोषण माह की गतिविधियाँ, योग और वेलनेस कैंप भी आयोजित हो रहे हैं। निःक्षय मित्र अभियान के अंतर्गत टीबी रोगियों को पोषण और सहयोग उपलब्ध कराने का अभियान भी संचालित है। साथ ही 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती चिकित्सालय में स्वच्छता के लिए किया श्रमदान

भोपाल सेवा-पखवाड़ा अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा पखवाड़ा अंतर्गत स्वच्छता अभियान के तहत गुरूवार को रानी दुर्गावती चिकित्सालय जबलपुर में साफ-सफाई के लिए झाडू लगाकर श्रमदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चिकित्सालय के स्टाफ एवं शासकीय कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे कार्यालयीन समय के पूर्व रोस्टरवार स्वच्छता के लिए श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों से अपील की कि वे सेवा पर्व के दौरान स्वच्छता के लिये श्रमदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संभागीय कमिश्नर एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सफाई अभियान का नियमित निरीक्षण और निगरानी करने के निर्देश दिये। साथ ही मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण से भी अनुरोध किया कि वे साफ-सफाई अभियान का निरीक्षण कर आमजन और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी श्रमदान के लिये प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा पर्व को नया आयाम देते हुए अस्पतालों में सफाई व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय हैकि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर की अवधि में प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार एवं पोषण अभियान चल रहा है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर शिविर भी लगाए जा रहे हैं, जिसमें विभिन्न रोगों की नि:शुल्क जांच के साथ ही आमजन को स्वास्थ्य, शिक्षा प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक श्री अशोक रोहाणी, श्री संतोष बरकड़े, श्री अभिलाष पांडे, श्री नीरज सिंह, संभागीय कमिश्नर श्री धनंजय सिंह सहित गणमान्य नागरिक एवं प्रशासनिक अधिकारी भी स्वच्छता श्रमदान में शामिल हुए।  

स्वदेशी ही था राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के अंग्रेजों से संघर्ष का मूल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी अपनाने के लिए प्रदेशवासियों को किया प्रेरित "गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे" प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश में अपना जन्म दिवस मनाकर जनजातीय अंचल धार को किया धन्य माताओं-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को किया संबोधित महाकौशल महावीरों की धरती है, जिसे राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह जैसे बलिदानियों ने अपने रक्त से सींचा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानी राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने अंग्रेजों के खिलाफ जो लड़ाई लड़ी, उसका मूल 'स्वदेशी' ही था। देश में हमारा अपना शासन और कानून होना चाहिए, इस भाव ने ही जनजातीय वीरों को विदेशी ताकतों से संघर्ष के लिए प्रेरित किया। वे अंग्रेजों के आगे कभी झुके नहीं और पिता-पुत्र (राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह) की जोड़ी ने एक लक्ष्य के लिए लड़ते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और वे अमर हो गए। राज्य सरकार ने उनके बलिदान स्थल को स्मारक के रूप में विकसित किया है। अपनी संस्कृति के लिए प्रतिबद्ध राजा शंकर शाह अपने संस्कारों पर सदैव अडिग रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह के 168वें बलिदान दिवस पर गुरूवार को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अमर बलिदानियों को नमन कर पुष्पांजलि अर्पित की। अंग्रेजों के सामने नहीं झुके, हो गए शहीद मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह दोनों पिता पुत्रों ने रानी दुर्गावती की परम्‍परा को कायम रखते हुए अंग्रेजों के खिलाफ कविता के माध्‍यम से आवाज उठाई। उन्‍होंने अंग्रेजों के सामने सीना ठोककर जंगल, जमीन और अपने राष्‍ट्र को बचाने के लिए गीतों की रचना की। अंग्रेज उनके विद्रोह को बर्दाश्‍त नहीं कर पाये और कायरता का परिचय देते हुए उन्‍हें तोप के मुंह पर खड़ा कर उड़ा दिया गया। अंग्रेजों ने दोनो पिता-पुत्रों को बंदी बनाकर बगैर कोई मुकदमा चलाये उन्‍हें तोप से उड़ाने का काम किया था। अंग्रेजों ने उनके सामने धर्म बदलने, अंग्रेजी सत्‍ता को स्‍वीकार करने और माफी मांगने की शर्त रखी और इसे मान लेने पर उनकी रिहाई के लिए तैयार थे। लेकिन दोनों पिता-पुत्रों ने अंग्रेजों के इस प्रस्‍ताव को बहादुरी के साथ ठुकरा दिया और कहा कि तोप से उड़ाने के बाद भी यदि वे बच गये तो फिर से अंग्रेजी सत्‍ता के खिलाफ गीत लिखेंगे और अपने राष्‍ट्र की रक्षा के लिए विद्रोह करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर व्‍यक्ति के जीवन में जन्‍म और मृत्‍यु एक बार आती है, लेकिन देश की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ऐसे ही शहीद हैं जो हमेशा के लिए अमर हो गये हैं। उनका बलिदान हमें देश सेवा और देश की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। मध्‍यप्रदेश सरकार की ओर से उनके बलिदान दिवस पर मैं उन्‍हें नमन करता हूं और प्रणाम करता हूं। मां नर्मदा की पवित्र नगरी में गोंडवाना साम्राज्‍य के अमर शहीदों को स्‍मरण कर मैं स्‍वयं भी गौरवान्‍वित महसूस कर रहा हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी अपनाने का अभियान चल रहा है, विकसित भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। प्रदेश में बहनों ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। हमारे गांव आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के श्रेष्ठ उदाहरण रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'गर्व से कहो हम स्वदेशी अपनाएंगे' के उद्घोष के साथ उपस्थित जनसमुदाय को दैनिक उपयोग की स्वदेशी सामग्री अपनाने के लिए प्रेरित किया। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से हुई है सिंचित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्राचीनकाल से महकौशल, महावीरों की धरती रही है, जो राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और राना दुर्गावती जैसी महान विभूतियों के बलिदान को समेटे हुए है। जबलपुर की धरा जनजातीय वीरों के रक्त से सिंचित हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए शाह वंश का अदम्य साहस, अमर शौर्य और अद्वितीय बलिदान सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मां भारती के चरणों में बलिदान देने वाले महावीर होते हैं। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यही त्याग आने वाली पीढ़ियों के हृदय में राष्ट्रभक्ति की पवित्र ज्योति प्रज्ज्वलित करता रहेगा। 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' में माताएं-बहनें कराएं जांच मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कल प्रदेश के जनजातीय अंचल (धार) में अपना जन्म दिवस मनाकर प्रदेश को धन्य किया है। केंद्र और राज्य सरकार जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिए संकल्पित हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के कपास उत्पादक किसानों को 'पीएम मित्र पार्क' की सौगात दी है। माता-बहनों-बेटियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकारी खजाने में कोई कमी नहीं है। हमारे लिए मां, बहन, बेटियों का सम्मान और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि है। समय पर बीमारी की जांच हो जाए तो जान बच सकती है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि माताएं-बहनें "स्वस्थ नारी-सशक्‍त परिवार" अभियान अंतर्गत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आगे आएं। प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रतिबद्धता के अनुरूप राज्य सरकार पूर्ण समर्पण, सक्रियता और संवेदनशीलता के साथ इस दिशा में गतिविधियां संचालित करने के लिए तत्पर है। प्रदेश में स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान के साथ स्वच्छता का संकल्प भी लिया गया है।