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खतरनाक कैनाइन डिस्टेंपर बीमारी का खतरा, पेंच टाइगर रिजर्व में शुरू हुआ बड़ा वैक्सीनेशन अभियान

छिंदवाड़ा  पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन से लगे गांव के पालतू और आवारा कुत्तों को पकड़कर वन और पशु विभाग के कर्मचारी इन दिनों इंजेक्शन लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं. दरअसल कुछ दिनों पहले कान्हा टाइगर रिजर्व और दूसरे नेशनल पार्क में कैनाइन डिस्टेंपर बीमारी के इंफेक्शन देखे गए थे. जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज ये कदम उठाए गए हैं।  छिंदवाड़ा सिवनी के 1500 कुत्तों का होगा वैक्सिनेशन पेंच टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर देव प्रसाद जे. ने बताया कि, ''वन्यजीव स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पेंच टाइगर रिजर्व द्वारा सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिलों के बफर क्षेत्र के गांवों में कैनाइन डिस्टेंपर की रोकथाम के लिए व्यापक टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया गया है. इस अभियान के अंतर्गत पेंच टाइगर रिजर्व के फील्ड स्टाफ द्वारा बफर क्षेत्र के लगभग 1500 पालतू एवं आवारा कुत्तों की पहचान कर उनका टीकाकरण एवं निगरानी की कार्यवाही शुरू की गई है. टीकाकरण अभियान की शुरुआत 31 मई 2026 को सिवनी जिले के टुरिया एवं सावंगी ग्राम तथा छिंदवाड़ा जिले के कुंभपानी गांव से की गई है।  कुछ टाइगर रिजर्व में फैला इन्फेक्शन, बरती जा रही सावधानी हाल ही में कुछ टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर इंफेक्शन फैला था. जिसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा सभी टाइगर रिजर्व को बीमारी की रोकथाम एवं कंट्रोल के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश एवं अलर्ट जारी किए गए हैं. इसी के चलते पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा यह टीकाकरण अभियान एक एहतियाती एवं सुरक्षा कदम के रूप में शुरू किया गया है, जिससे रिजर्व क्षेत्र एवं आसपास के वन्यजीवों को इंफेक्शन से सुरक्षित रखा जा सकेगा।  कैसे पहचाने कैनाइन डिस्टेंपर बीमारी पेंच टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने लोंगो से अपील की है कि यदि किसी कुत्ते में कैनाइन डिस्टेंपर रोग के लक्षण जैसे आंख, नाक अथवा मुंह से पानी का बहाव होना, असामान्य व्यवहार करना, दौरे आना, लगातार गोल-गोल घूमना या अन्य असामान्य गतिविधियां दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के फील्ड स्टाफ अथवा निकटतम वन अधिकारी को दें, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।  बाघों के लिए खतरा है कैनाइन डिस्टेंपर इंफेक्शन पशु चिकित्सक डॉक्टर अंकित मेश्राम ने बताया कि, "यह बीमारी कुत्तों, सियार और लोमड़ियों में होने की वजह से फैलती है. जब जंगल या टाइगर रिजर्व में बाघ इन जानवरों का शिकार करके खाते हैं तो यह बीमारी बाघों में भी पहुंच जाती है. जिसकी वजह से बाघों की मौत होने की आशंका होती है. भारत में कान्हा नेशनल पार्क और राजस्थान के सरिस्का जैसे टाइगर रिजर्व में इस बीमारी से बाघों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं. इसके बाद ही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी NTCA ने सुरक्षा के लिहाज से कदम उठाए हैं।  कैसे फैलता है कैनाइन डिस्टेंपर इंफेक्शन पशु चिकित्सक डॉक्टर अंकित मेश्राम ने बताया कि, ''यह बीमारी ज्यादातर कुत्तों से फैलती है. यह इन्फेक्शन वाली बीमारी बहुत जल्दी जानवरों में सर्कुलेट होती है जो जानवरों के लिए जानलेवा साबित होती है. जब कोई संक्रमित कुत्ता या जंगली जानवर खांसता, छींकता या भौंकता है, तो वायरस हवा में बूंदों के रूप में फैल जाते हैं. स्वस्थ कुत्ते सांस के जरिए इस वायरस को अंदर खींच लेते हैं।  इसके साथ ही संक्रमित कुत्ते के मूत्र, मल, लार, आंखों या नाक से निकलने वाली लार के संपर्क में आने से स्वस्थ कुत्ते भी संक्रमित हो सकते हैं. ये वायरस भोजन के बर्तन, पानी के कटोरे, खिलौनों और बिस्तर पर जीवित रह सकता है. यदि कोई गर्भवती फीमेल डॉगी इस वायरस से संक्रमित है, तो प्लेसेंटा के माध्यम से यह बीमारी उसके अजन्मे पिल्लों तक भी फैल सकती है। 

लाइट पॉल्यूशन का खतरा बढ़ा, भारत में 50% लोग कृत्रिम रोशनी के असर से प्रभावित

इंदौर  आर्टिफिशियल रोशनी की वजह से दुनिया का 80% हिस्सा प्रभावित है। 2014 से 2022 के बीच दुनिया में रात के समय आर्टिफिशियल रोशनी में लगभग 16% वृद्धि हुई। क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप प्राणा एयर के मुताबिक भारत की 50% से अधिक आबादी हर रात आर्टिफिशियल रोशनी से होने वाले प्रदूषण का सामना करती है। बड़े शहरों की रातें 60 गुना ज्यादा चमकीली हो चुकी हैं। इंसानों, कीटों, जानवरों और पक्षियों पर भी इसका असर हो रहा है। इंसानों की नींद, फूल खिलने, पक्षियों के प्रजनन पर असर प्रकाश प्रदूषण पशु-पक्षियों में प्रवास, प्रजनन, घोंसला बनाने और अंडों से बच्चे निकलने जैसी कई जैविक प्रक्रियाओं को बदल देता है। कई रात्रिकालीन कीट विलुप्त हो रहे हैं। इंसानों की आंखों की रोशनी और नींद के साइकिल पर भी असर पड़ रहा है। रात में मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर घट रहा। इससे डायबिटीज, डिप्रेशन, हार्ट डिजीज, कैंसर जैसे रोग बढ़ने का जोखिम। चेक रिपब्लिक में स्ट्रीट लाइट ऊपर दिखी तो 3 लाख जुर्माना चेक रिपब्लिक में स्ट्रीटलाइट्स को केवल जमीन पर फोकस नहीं करने पर 3 लाख रुपए से ज्यादा जुर्माना लग सकता है। फ्रांस में रात 1 बजे के बाद दुकानों, दफ्तरों की बाहरी लाइट बंद करना जरूरी। तीन हजार केल्विन से ज्यादा नहीं लगा सकते। जर्मनी में रिहायशी इलाकों में रात 10 बजे के बाद तेज रोशनी प्रतिबंधित की गई है।

राज्यपाल पटेल ने अपना जन्म दिवस बच्चों के साथ मनाया

राज्यपाल पटेल ने अपना जन्म दिवस बच्चों के साथ मनाया लोक भवन मंदिर में प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपना जन्म दिवस सोमवार को लोक भवन में बच्चों के साथ मनाया। राज्यपाल पटेल को लोक भवन मंदिर में एकत्रित बच्चों ने उत्साहपूर्वक सामूहिक रुप से लयबद्ध ताली बजा और शुभकामना गीत गाकर जन्म दिवस की बधाई दी। राज्यपाल पटेल ने बच्चों को उपहार और शुभाशीष प्रदान किया। राज्यपाल पटेल ने जन्म दिवस के अवसर पर लोक भवन मंदिर में विधि-विधान से पूजा अर्चना की। उन्होंने ईश्वर से प्रदेश की खुशहाली, शांति, समृद्धि और सर्वांगीण विकास की कामना की है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे सहित लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

प्रदेश में UCC लागू करने की प्रक्रिया तेज, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए बड़े संकेत

प्रदेश में चल रही है समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी.) लागू करने की प्रक्रिया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में गठित की गई है उच्च स्तरीय समिति आम नागरिकों से किये गये है सुझाव आमंत्रित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी) लागू करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। वर्तमान समय में विभिन्न धर्मों में विवाहित बहनों के लिए प्रचलित अलग-अलग रीति-रिवाज और नियमों की आवश्यकता नहीं है। मध्यप्रदेश को आज समान नागरिक संहिता की ओर बढ़ने की आवश्यकता है। वर्तमान में देश के तीन राज्यों उत्तराखंड, गुजरात और असम ने समान नागरिक संहिता को लागू किया है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी यूसीसी (यूनिफॉर्म सिविल कोड) को लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह जानकारी आज सोमवार को मंत्रालय में मीडिया को जारी वक्तव्य में दी। जिलों में विभिन्न धर्म समुदाय के लोगों से लिए जायेंगे सुझाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में यूसीसी के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। अलग-अलग क्षेत्र के विद्वानों को इस समिति में स्थान दिया गया है। यह समिति प्रदेश के विभिन्न जिलों में अलग-अलग धर्म-समुदाय के लोगों से सुझाव प्राप्त करेगी। सभी वर्गों के साथ संवाद और समन्वय से लागू की जायेगी समान नागरिक संहिता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी वर्गों के साथ संतुलन बनाते हुए समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य की जन हितैषी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। मध्यप्रदेश समान नागरिक आचार संहिता लागू करने के लिए सबसे अनुकूल प्रदेश है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता के लिए एक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिस पर आम नागरिक अपने सुझाव दे सकते हैं।  

बुजुर्गों के अधिकारों को सशक्त बना रही MP सरकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था

मध्यप्रदेश में वरिष्ठजनों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की सुदृढ़ व्यवस्था कानूनी संरक्षण: अधिकारों की मजबूत नींव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को नई दिशा और गति प्रदान की गई है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित योजनाएं इसका प्रमाण हैं कि सरकार उनके सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा एवं अधिकारों के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध है। बदलते सामाजिक परिवेश में जहां पारिवारिक संरचना में निरंतर परिवर्तन हो रहा है, वहीं वरिष्ठजनों की देखभाल और उनके अधिकारों की रक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। इस दिशा में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकार दिलाने के लिए माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। यह अधिनियम वरिष्ठजनों को यह अधिकार देता है कि यदि वे स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम नहीं हैं, तो वे अपने बच्चों या संबंधितों से भरण-पोषण प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश में इस अधिनियम के तहत प्रत्येक अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय को भरण-पोषण अधिकरण तथा जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को अपील अधिकरण घोषित किया गया है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो रहा है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक न्याय विभाग के जिला अधिकारियों को भरण-पोषण अधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जो इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से संचालित करते हैं। अधिनियम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा या परित्याग को दंडनीय अपराध माना गया है, जिससे समाज में उनके प्रति उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ किया गया है। साथ ही, भरण-पोषण हेतु मासिक राशि निर्धारित करने का प्रावधान भी वरिष्ठजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। संस्थागत व्यवस्था: आश्रय और देखभाल प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रय और देखभाल की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है। विभिन्न संस्थाओं एवं स्थानीय निकायों के माध्यम से संचालित वरिष्ठ आश्रमों में जरूरतमंद वरिष्ठजनों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं एवं मनोरंजन की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसी कड़ी में भोपाल में विकसित “संध्या छाया” वरिष्ठजन निवास एक महत्वपूर्ण पहल है। यह आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त आवासीय परिसर वरिष्ठजनों को सुरक्षित, आरामदायक एवं गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करता है। यहां वातानुकूलित कक्ष, लाइब्रेरी, फिजियोथेरेपी, चिकित्सा सुविधाएं एवं मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराए गए हैं। यह पहल दर्शाती है कि राज्य शासन वरिष्ठजनों को केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। योजनाएं और कार्यक्रम: समग्र विकास की दिशा भारत सरकार की अटल वयो अभ्युदय योजना के माध्यम से भी राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस योजना के तहत स्वास्थ्य देखभाल, पोषण, आजीविका, सामाजिक सहभागिता एवं जागरूकता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वरिष्ठजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अंतर-पीढ़ी संवाद, सामूहिक गतिविधियां और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे न केवल उनकी सक्रियता बनी रहती है, बल्कि समाज में उनके अनुभवों का लाभ भी नई पीढ़ी को मिलता है।   हेल्पलाइन और सहायता तंत्र: हर समय साथ वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए Elder Line 14567 जैसी पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। यह टोल-फ्री हेल्पलाइन वरिष्ठजनों को जानकारी, परामर्श, भावनात्मक सहयोग एवं आपात स्थिति में सहायता प्रदान करती है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से वरिष्ठजन अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं और उन्हें त्वरित समाधान प्राप्त होता है। यह सेवा न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाती है कि शासन हर समय उनके साथ खड़ा है।   सम्मान और सामाजिक स्वीकृति वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को बढ़ावा देने के लिए राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर “शतायु सम्मान” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठजनों को सम्मानित किया जाता है। यह पहल समाज में वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और प्रेरणा का वातावरण तैयार करती है। नवाचार और सुधार राज्य शासन द्वारा समय-समय पर नियमों में संशोधन कर व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उदाहरण के लिए, शासकीय कर्मचारियों द्वारा माता-पिता की उपेक्षा करने पर उनके वेतन से भरण-पोषण भत्ता काटकर सीधे माता-पिता के खाते में जमा करने का प्रावधान एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है। यह व्यवस्था न केवल वरिष्ठजनों के अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि परिवारों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी बढ़ावा देती है। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम एक समग्र, संवेदनशील और प्रभावी तंत्र के रूप में उभरकर सामने आए हैं। कानूनी संरक्षण, संस्थागत व्यवस्थाएं, योजनाएं, हेल्पलाइन सेवाएं और सम्मान कार्यक्रम इन सभी प्रयासों ने मिलकर वरिष्ठजनों के जीवन को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाया है। मध्यप्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के संरक्षण और उनके कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयास न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। आने वाले समय में इन पहलों के माध्यम से वरिष्ठजनों के जीवन में और अधिक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे, जो एक संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  

टैक्स चोरी रोकने के लिए सरकार की नई तैयारी, फर्जी बिलिंग पर सख्ती : देवड़ा

कर चोरी, फर्जी बिलिंग को रोकेगा इंफोर्मेशन मॉड्यूल : उप मुख्यमंत्री देवड़ा वाणिज्यिक कर विभाग के “इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल” का हुआ शुभारंभ भोपाल  उप मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि विभाग द्वारा प्रारंभ किये गये इंफॉर्मेशन मॉड्यूल से वित्तीय चोरी को रोका जा सकेगा। इसका लाभ प्रदेश को राजस्व वृद्धि में मिलेगा। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारियों को इंफोर्मेशन मॉड्यूल के निर्माण और शुभारंभ पर बधाई देते हुए कहा कि मॉड्यूल की बेहतर तरीके से मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाएं। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि राज्य में कर अपवंचन की रोकथाम, राजस्व संग्रहण में वृद्धि तथा नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिये “इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल” विकसित किया गया है। यह मॉड्यूल कर चोरी, फर्जी बिलिंग, बिना बिल के व्यापार, अवैध गोदाम, कर संबंधी अनियमितताओं एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सूचना सीधे विभाग तक सुरक्षित एवं सरल माध्यम से उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान करेगा। मॉड्यूल से प्राप्त सूचनाओं का विभाग द्वारा विश्लेषण एवं सत्यापन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त सूचनाओं के निराकरण की स्थिति एवं विभाग द्वारा की गई कार्रवाई से संबंधित जानकारी नागरिक पोर्टल पर उपलब्ध डैशबोर्ड के माध्यम से साझा की जाएगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सकेगी। नागरिकों द्वारा प्रदान की गई उपयोगी एवं तथ्यात्मक जानकारी राज्य के राजस्व संरक्षण, कर अपवंचन पर प्रभावी नियंत्रण तथा कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आयुक्त वाणिज्यिक कर अनय द्विवेदी ने अपील की है कि नागरिक राज्यहित में इस मॉड्यूल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें तथा कर अपवंचन की रोकथाम एवं राजस्व वृद्धि में सहभागी बनें। नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से राज्य में निष्पक्ष एवं पारदर्शी व्यापारिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा तथा शासन की विकासात्मक योजनाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। विस्तृत जानकारी के लिये लिंक पर क्लिक करें।… https://mptax.mp.gov.in/  

गर्मी के बीच राहत की खबर! मध्यप्रदेश में तेज बारिश-ओलों का अलर्ट, मानसून ने केरल में दी एंट्री

भोपाल  मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की एंट्री को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ गया है। बताया जा रहा है कि, इस बार मानसून सामान्य तिथि से लगभग 5 से 7 दिन की देरी से प्रदेश में एंटर हो सकता है। राजधानी भोपाल में स्थित राज्य मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। हालांकि मानसून के आगमन से पहले ही प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और जून के शुरुआती चार दिनों तक कई जिलों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहने की संभावना है। वैसे तो मई का महीना भीषण गर्मी और लू के लिए जाना जाता है। शुरुआती दिनों में प्रदेश भीषण गर्मी के साथ साथ लू की चपेट में रहा थी। लेकिन महीने के आखिरी दिनों में प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने करवट ली और भीषण गर्मी के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि का भी सामना किया। स्थिति ये रही कि मई मे औसत से करीब आधा इंच अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इसके साथ-साथ विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश होगी. इंडिया मेटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) ने अनुमान लगाया है कि मानसून आने पर पूरे राज्य में जोरदार बारिश होगी. भारत में मानसून को लेकर पूरे देश में करीब से नजर रखी जा रही है, क्योंकि केरल में मानसून का आना देश के बाकी हिस्सों में इसके आगे बढ़ने का बेंचमार्क है. तेज बारिश की आशंका को देखते हुए, आईएमडी (IMD) ने इस हफ्ते अलग-अलग दिनों में सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  विभाग के मुताबिक केरल के अलपुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम को बुधवार और गुरुवार को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है, जबकि पठानमथिट्टा और कोझिकोड गुरुवार को अलर्ट पर हैं. मौसम विभाग के अधिकारियों ने कमजोर इलाकों में रहने वालों से हाई अलर्ट पर जाने को कहा है. वहीं, मौसम एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में कुछ जगहों पर कम समय में 11 से 20 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है।  बता दें, इतनी तेज बारिश से शहरी इलाकों में अचानक बाढ़ और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ जाता है, जिससे डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसियों को मॉनिटरिंग और तैयारी के उपाय बढ़ाने पड़ रहे हैं. कई दूसरे जिलों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किए गए हैं, जिससे राज्य के बड़े हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है. आने वाले मानसून से केरल के समुद्र तट पर खराब मौसम और तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।  कैसे आता है अंचल में मानसून? मानसून का आगमन बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्नदाब क्षेत्र या चक्रवातीय तूफानों की वजह से या फिर अरब सागर में बने निम्नदाब क्षेत्र की वजह से होता है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने मछुआरों को सलाह दी है कि जब तक मौसम ठीक न हो जाए, वे समुद्र में न जाएं. जहां लोग हफ्तों की भीषण गर्मी से राहत की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं राज्य भर में प्री-मानसून तैयारी तेज कर दी है, जिसमें बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए नालों, नहरों और पानी के रास्तों की सफाई शामिल है. बहुत ज़्यादा गर्मी के बाद, आने वाले दिनों में पहली बार बड़े पैमाने पर मानसून की बारिश से केरल का नजारा बदलने की उम्मीद है, साथ ही मौसमी बारिश के लिए माहौल तैयार होगा जो पूरे भारत में खेती और पानी के संसाधनों को बनाए रखती है। 

रेलवे में सख्ती तेज! 11 चोर दबोचे गए, 23 अवैध वेंडरों पर भी चला शिकंजा

भोपाल रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी तथा अवैध वेंडरों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भोपाल मंडल द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और वाणिज्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में चोरी करने वाले आरोपितों और नियमों का उल्लंघन करने वाले वेंडरों पर सख्त कार्रवाई की गई है। जुर्माना लगाकर भेजा जेल वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान पिछले तीन दिनों में यात्रियों का सामान चोरी करने या चोरी का प्रयास करने वाले 11 संदिग्धों को पकड़ा गया। इनमें से दो आरोपितों के खिलाफ जीआरपी थाना भोपाल में प्रकरण दर्ज किया गया, जबकि नौ अन्य को रेलवे न्यायालय ने दोषी पाते हुए 2,500 रुपये जुर्माना और 30 दिन के कारावास की सजा सुनाई। अवैध वेंड पर भी शिकंजा यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खान-पान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे स्टेशनों पर संचालित स्टालों और फूड यूनिट्स का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 23 वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2026 में मई माह तक केवल भोपाल पोस्ट द्वारा ही 591 वेंडरों पर विभिन्न नियमों के उल्लंघन के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। यात्रियों से सतर्क रहने की अपील रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, चोरी की घटनाओं को रोकना और अधिकृत वेंडरों के माध्यम से बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। रेलवे ने यात्रियों से भी अपील की है कि वे अपने सामान की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ या रेलवे अधिकारियों को दें।  

महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की जरूरत : राज्यपाल पटेल

महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग : राज्यपाल पटेल लोकभवन में लगा स्वास्थ्य शिविर  राज्यपाल ने महिलाओं को वितरित किए स्वच्छता किट भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि स्वस्थ समाज एवं परिवार के लिए महिलाओं का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ अपनी व्यस्त जीवन शैली में अपने स्वास्थ्य की चिंता करें। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए समय निकाले। संतुलित आहार, योग और व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। राज्यपाल पटेल सोमवार को लोक भवन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर शुभारंभ अवसर पर संदीपनि सभागार में उपस्थित महिलाओं से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने महिलाओं को स्वच्छता किट प्रदान की। संदीपनि सभागार और सिविल डिस्पेंसरी में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों का अवलोकन किया। ज्ञातव्य है कि राज्यपाल पटेल के जन्म दिवस के अवसर पर लोक भवन में सोमवार को स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया था। अस्थिरोग संबंधी चिकित्सकीय जाँच के लिए बोन मिनरल डेनसिटी जाँच और परामर्श शिविर का सिविल डिस्पेंसरी में तथा एच.पी.व्ही. और महिला स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जागरूकता के लिए चिकित्सकीय परामर्श सत्र सांदीपनि सभागार में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे सहित लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे।  

खेत से सड़क तक सुरक्षा पर जोर, किसानों को फ्री हेलमेट बांटेगी MP सरकार

शुजालपुर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि उनकी सरकार उन किसानों को मुफ्त हेलमेट देगी जो अपनी फसल, दूध, फल और सब्जियां बेचने के लिए मोटरसाइकिलों से शहरों और कस्बों की आवाजाही करते हैं। सीएम ने कहा कि अक्सर बिना हेलमेट सफर करने वाले इन किसानों को सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर चोटों के कारण जान गंवानी पड़ती है। इन किसानों का जीवन बचाना ही इस योजना का मकसद है। इस पहल के जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है। हेलमेट देने की वजह भी बताई सीएम ने कहा कि किसान दूध-फल-सब्जी जैसा सामान मोटरसाइकिल पर गांव से शहर लाते हैं। हेलमेट न होने की वजह से उन पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हमारी सरकार हेलमेट देकर किसानों की जान बचाएगी। इस तरह हम दुर्घटनाओं को भी रोकेंगे और किसानों को सुरक्षा की गारंटी भी मिलेगी। किसानों की बढ़ाएंगे आमदनी मुख्यमंत्री ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 134वां संस्करण सुनने के बाद किसानों से संवाद के दौरान यह घोषणा की। सीएम ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार हर हाल में किसानों की आमदनी बढ़ाएगी। गेहूं खरीद में बनाया रिकॉर्ड मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है कि हमारी सरकार जो निर्णय करती है, उसे लागू करती है। हमने आज 2,625 रुपये क्विंटल के दाम पर 1 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं की खरीद का रिकॉर्ड बनाया है। अभी तक हमने अपने ही सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लगभग 14 लाख किसानों से गेहूं खरीदने का रिकॉर्ड भी मध्य प्रदेश सरकार ने बनाया है। उड़द पर बोनस, दाल उत्पादन में एमपी नंबर वन सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह हमारी सरकार के काम करने का तरीका है। सरकार सोयाबीन के लिए भावांतर योजना के माध्यम से किसानों को लाभ देकर वचन को निभा रही है। हमारी सरकार उड़द को भी प्रोत्साहन दे रही है। पहली बार हम उड़द पर बोनस दे रहे हैं। मुझे प्रसन्नता है कि दालों के उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में नंबर-1 है। हम उसमें और आगे बढ़ रहे हैं। तूअर दाल के आयात पर दी छूट मुख्यमंत्री ने कहा कि कि एक तरफ सरकार खेती पर जोर दे रही है तो दूसरी तरफ कारखानों के माध्यम से दालों का उत्पादन भी यहीं करने की कोशिश कर रही है। तूअर दाल के आयात पर कारखानों को टैक्स की छूट देकर हमने वचन निभाया। मूंग और उड़द भी खरीदेगी सरकार सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार आने वाले समय में बरसात के बाद जब रबी की फसल आएगी तब दिन में बिजली देकर किसानों को कठिनाइयों से मुक्त करेगी। सरकार ने उड़द और मूंग की फसल के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। सरकार की ओर से अब किसानों से मूंग और उड़द की फसलों की भी खरीदी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बाद में शुजालपुर शहर में एक रोड शो भी किया।