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जल जीवन मिशन घोटाला: मास्टरमाइंड संजय बड़ाया थाईलैंड फरार, जांच तेज

 जयपुर राजस्थान की पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुए 960 करोड़ रुपये के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई तेज हो गई है. दिल्ली से पूर्व रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद, अब पूर्व मंत्री महेश जोशी एसीबी की गिरफ्त में हैं और 5 दिन की पुलिस रिमांड पर हैं. एसीबी की पूछताछ में इस घोटाले के तार विदेश तक जुड़ते नजर आ रहे हैं. सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड और मुख्य दलाल संजय बड़ाया (Sanjay Badaya) गिरफ्तारी के डर से थाईलैंड भाग गया है. संजय बड़ाया क्या करता था? सूत्रों के मुताबिक, संजय बड़ाया इस पूरे घोटाले की अहम कड़ी है. वह पूर्व मंत्री महेश जोशी और रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल, दोनों का बेहद करीबी माना जाता है. एसीबी की जांच में सामने आया है कि बड़ाया के जिम्मे पैसों के लेन-देन का प्रबंधन करना, अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में दलाली खाना, अपने चहेते लोगों को PWD विभाग में लगवाना और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करवाकर ठेके दिलवाना जैसे काम थे. एसीबी की टीम को भनक लगने से पहले ही वह एक शादी में शामिल होने के बहाने थाईलैंड भाग गया. अब एसीबी उसके भारत लौटते ही उसे गिरफ्तार करने की तैयारी में है. कैसे हुआ 960 करोड़ का फर्जीवाड़ा? साल 2023 में दर्ज हुए इस मुकदमे में जांच एजेंसियों ने पाया कि मंत्री रहते हुए महेश जोशी ने टेंडर प्रक्रिया में जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाईं. 'मैसर्स गणपति ट्यूबवेल' और 'मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल' को नियमों के विपरीत जाकर करोड़ों के टेंडर बांटे गए. इन दोनों कंपनियों ने इरकॉन इंटरनेशनल (Ircon International) के फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर गैर-कानूनी तरीके से ये टेंडर हासिल किए थे. एसीबी इन दोनों कंपनियों के मालिकों सहित अब तक 11 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है. महेश जोशी से ACB पूछ रही ये सवाल एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता के अनुसार, महेश जोशी से गहन पूछताछ जारी है. एसीबी की टीम मुख्य रूप से इन तीन सवालों के जवाब तलाश रही है. पहला सवाल- घोटाले का पैसा कहां गया और उसे कहां ठिकाने लगाया गया है? दूसरा सवाल- टेंडर प्रक्रिया में किस प्रकार की शिकायतें थीं और पद का दुरुपयोग कैसे किया गया? तीसरा सवाल- संजय बड़ाया और अन्य फरार आरोपियों के साथ वित्तीय लेन-देन की क्या व्यवस्था थी?

भीषण गर्मी में स्वास्थ्य विभाग का फैसला, अब शाम 5 से 7 बजे तक भी मिलेगा इलाज

 जयपुर राजस्थान में भीषण गर्मी और सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए चिकित्सा विभाग ने OPD (आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) का 1 अप्रैल से बढ़ा दिया है. इस नए शेड्यूल से उन हजारों मरीजों को सीधे तौर पर राहत मिल रही है, जिन्हें तेज धूप में लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था. लेकिन शुक्रवार को सबसे बड़ी राहत जयपुर के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) में आने वाले मरीजों को दी गई है, जहां अब शाम की ओपीडी भी शुरू कर दी गई है. इवनिंग OPD का समय क्या रहेगा? अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब मरीज शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक भी डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे. पहले चरण में यह व्यवस्था 'जनरल मेडिसिन' विभाग में लागू की गई है. इस नई पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सुबह के समय होने वाली भारी भीड़ काफी हद तक कम हो जाएगी. साथ ही, नौकरीपेशा लोग भी अपने काम के बाद आसानी से अस्पताल जाकर इलाज करा सकेंगे. रविवार को भी मिलेगी 2 घंटे की OPD गर्मी के ध्यान में रखते हुए 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों का समय बदला गया है. राजस्थान के सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सीएचसी (CHC) और पीएचसी (PHC) में अब ओपीडी सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक संचालित हो रही है. मरीजों की परेशानी को समझते हुए सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि रविवार और अन्य सरकारी छुट्टियों के दिन भी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं रहेंगी. अवकाश वाले दिनों में भी मरीज सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे के बीच अस्पताल पहुंचकर अपना इलाज करवा सकते हैं. आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दो शिफ्ट की व्यवस्था शहरी क्षेत्रों में बने 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' (जिन्हें पहले जनता क्लिनिक कहा जाता था) में भी मरीजों की सहूलियत के लिए समय में अहम बदलाव किए गए हैं. अब इन केंद्रों पर मरीजों को दो अलग-अलग शिफ्ट में सेवाएं दी जा रही हैं. पहली शिफ्ट में मरीज सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आ सकते हैं, जबकि दूसरी शिफ्ट शाम 5:00 बजे से 7:00 बजे तक संचालित की जा रही है. लंबी कतारों से बचें, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें सरकार ने मरीजों को अस्पताल की भीड़ और लाइनों से बचाने के लिए एक बेहतरीन डिजिटल सुविधा भी दी है. अब आप अस्पताल जाने से पहले IHMS (Integrated Health Management System) पोर्टल के जरिए घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं. ऑनलाइन पर्ची कटवाने से आपका समय बचेगा और आप सीधे अपने निर्धारित समय पर डॉक्टर से परामर्श ले सकेंगे.

कालीबाई और देवनारायण स्कूटी योजना में DBT लागू, 70 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर

जयपुर राजस्थान सरकार ने छात्राओं के लिए चलाई जा रही अपनी महत्वाकांक्षी स्कूटी योजनाओं में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया है. अब मेधावी छात्राओं को स्कूटी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि सरकार सीधे उनके बैंक खाते में स्कूटी की रकम ट्रांसफर करेगी. कालीबाई भील और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत लिया गया यह फैसला न केवल सरकारी टेंडर और खरीद की जटिलताओं को खत्म करेगा, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश को भी पूरी तरह समाप्त कर देगा. 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर चलते हुए सरकार का लक्ष्य अब छात्राओं को यह आजादी देना है कि वे अपनी पसंद की गाड़ी खुद चुन सकें और योजना का लाभ बिना किसी देरी के सीधे उनके हाथों में पहुंचे. छात्राओं को मिलेगा DBT के जरिए लाभ भजनलाल सरकार के फैसले के बारे में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि डीबीटी के माध्यम से सभी छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा. हमने योजना में यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है. इसका उद्देश्य लोगों तक योजना का फायदा सीधे पहुंचना है. बीच में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को खत्म करना भी इसका उद्देश्य है. राज्य सरकार ने कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत स्कूटी देने के बजाय उनके बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करेगी. स्कूटी के लिए सरकार की तरफ से छात्राओं को 70 हजार रुपये बैंक खाते में जमा किए जाएंगे. इससे विभाग को टेंडर प्रक्रिया, खरीद, भंडारण और वितरण जैसी जटिलताओं से मुक्ति मिलेगी. पहले 26 हजार छात्रों के खाते में भेजा जाएगा पैसा मंत्री अविनाश गहलोत का कहना है कि इस नए बदलाव के तहत सबसे पहले 2024-25 सत्र की 26 हजार छात्राओं के खाते में राशि भेजी जाएगी. इसके बाद 2025-26 सत्र की 25 हजार से अधिक छात्राएं लाभान्वित होंगी. कुल मिलाकर इन योजनाओं के तहत करीब 350 करोड़ रुपये छात्राओं के खातों में डाले जाएंगे.  उन्होंने कहा कि योजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से चरणबद्ध प्लानिंग की गई है. यह पैसा बालिकाओं के खाते में वाउचर के माध्यम से ही दिया जाएगा. ताकि बालिकाएं अपनी पसंद की स्कूटी खरीद सकें. साथी भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति हमारी बनी रहेगी. छात्राओं को क्या करना होगा काम इस बड़े बदलाव के लिए कॉलेज शिक्षा विभाग में छात्रवृत्ति के संयुक्त निदेशक ने सभी प्राचार्य और जिला नोडल अधिकारी को पत्र लिखा है. जिसमें निर्देश दिया गया कि वर्ष 2024-25 की स्थाई वरीयता सूची में चयनित 25977 छात्राओं के आनलाइन आवेदन पत्रों को निम्न सूचनाएं आनलाइन आवेदन पत्र पर अपडेट किये जाने के लिए सम्बन्धित छात्राओं के स्तर पर फॉरवर्ड किया जायेगा.     खाताधारक का नाम     बैंक नाम     खाता संख्या     IFSC कोड     मोबाइल नंबर     छात्रा द्वारा आनलाइन आवेदन पत्र में Passbook/ Cancel Cheque अपलोड किया जायेगा. छात्रा द्वारा उपरोक्त सूचना अंकित करने के बाद आवेदन पत्र जिला नोडल महाविद्यालय को फारवर्ड किये जायेंगें. सभी प्राचार्य/नोडल अधिकारी उक्त सूचनाओं की जांच चयनित छात्राओं के आनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड किये गये पासबुक/कैन्सिल चैक से की जायेगी. ध्यान दें कि आवेदन पत्र में अंकित खाता सम्बन्धित छात्रा का ही हो.

भदवासिया में गोवंश जलने की घटना, CCTV से सच तलाश रही पुलिस

जोधपुर  राजस्थान के जोधपुर जिले के भदवासिया 80 फीट रोड पर गुरुवार शाम को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने एक जला हुआ गोवंश देखा. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए. सूचना पर पहुंची पुलिस ने संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत गोवंश को कब्जे में लिया और रात को ही पशु चिकित्सालय भिजवाया. पुलिस प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए रात में ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाई. थाने पर हंगामा, रात में हुआ पोस्टमार्टम पोस्टमार्टम के बाद जब गोवंश को दोबारा माता का थान थाना लाया गया, तो वहां मौजूद गोभक्तों का गुस्सा फूट पड़ा. गोभक्त और पुलिस के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक और बहस होती रही. गोभक्तों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए जांच की मांग की. पुलिस अधिकारियों की समझाइश और काफी मशक्कत के बाद मामला शांत हुआ. इसके बाद पुलिस की भारी मौजूदगी में गोवंश का विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार करवाया गया. CCTV फुटेज में छिपा है सच पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच हर एंगल से कर रही है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि गोवंश जला कैसे? पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी शॉर्ट सर्किट या कूड़े में लगी आग की वजह से हुआ कोई हादसा था, या फिर किसी शरारती तत्व ने शहर का माहौल बिगाड़ने के लिए जानबूझकर इस वारदात को अंजाम दिया है. फिलहाल माता का थान थाना पुलिस ने इलाके में लगे आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील पुलिस का कहना है कि फुटेज के जरिए गोवंश के जलने के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है. अधिकारियों ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सीकर के जाजोद गांव में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, स्कूल में शुरू होगा विज्ञान संकाय

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का “गांव चली सरकार” अभियान के तहत शुक्रवार (7 मई) को सीकर जिले के जाजोद गांव में पहुंचे. गुरुवार (6 मई) देर रात तक ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाने के बाद मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह सूरज निकलते ही गांव की गलियों में पहुंच गए. ग्रामीण जब अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने मुख्यमंत्री को गांव की सड़कों और गलियों में पैदल घूमते हुए पाया. इसी दौरान उन्होंने गांव की छात्राओं की उस मांग को भी पूरा कर दिया, जो रात्रि चौपाल में उनके सामने रखी गई थी. सरकार की योजनाओं का लिया फीडबैक सीएम ने बिना औपचारिकता के गांव के बुजुर्गों, महिलाओं,  किसानों, पशुपालकों, फल-सब्जी विक्रेताओं और युवाओं से आत्मीय संवाद किया. उन्होंने ग्रामीणों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया और गांव की मूलभूत समस्याओं की जानकारी भी जुटाई. छात्राओं ने साझा की थी पीड़ा गुरुवार को रात्रि चौपाल के दौरान छात्राओं ने सीएम से कहा था कि सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विज्ञान संकाय की सुविधा नहीं है. जिसके कारण उन्हें या तो मजबूरी में अन्य विषयों से पढ़ाई करनी पड़ती है या फिर विज्ञान पढ़ने के लिए घर से काफी दूर जाना पड़ता है. छात्राओं की बात सुनते ही सुनकर मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनके स्कूल में विज्ञान संकाय अवश्य खोला जाएगा. रात को ही उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दे दिए. इसी सत्र से पढ़ाई शुरू शुक्रवार सुबह जब बालिकाएं स्कूल जाते समय मुख्यमंत्री से एक बार फिर मिलीं और अपनी मांग दोहराई. मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बताया कि जाजोद के स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू हो चुका है. राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं. अब इस विद्यालय में आप गणित और जीव विज्ञान, दोनों में से अपनी रुचि अनुसार विषय चुनकर इसी साल से पढ़ाई कर सकती हैं. मुख्यमंत्री के मुंह से खुशखबरी सुनकर बच्चियों के चेहरे खिल उठे. उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया. उनका कहना था कि उन्हें यकीन ही नहीं हो पा रहा कि उनकी मांग इतनी जल्दी पूरी होगी.

कुत्तों के हमले से दहशत में राजस्थान, मासूम बच्ची की मौत ने उठाए सुरक्षा पर सवाल

डीग राजस्थान के डीग जिले में आवारा कुत्तों ने कोहराम मचा रखा है. 8 मई को सामने आई स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले अप्रैल माह के भीतर जिले में 3000 से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है. डीग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की तरफ से जारी ये आंकड़े यह बताते हैं कि जिले में हालात कितने भयावह हैं. हर दिन औसतन 100 लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. बूंदी में कुत्तों ने ली मासूम की जान डीग के ये आंकड़े तब और डरावने हो जाते हैं जब हम 4 मई की उस घटना को याद करते हैं, जिसने राजस्थान को शर्मसार कर दिया था. बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र में एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची को कुत्तों के झुंड ने उस वक्त नोच-नोच कर मार डाला था, जब वह खुले में शौच के लिए गई थी. उस घटना के बाद सरकार ने पीड़ित परिवार को 1 लाख के मुआवजे का ऐलान तो किया, लेकिन डीग के आंकड़े बताते हैं कि जमीन पर सुरक्षा के इंतजाम अब भी सिफर हैं. शहरों में ज्यादा 'खूंखार' हुए कुत्ते हालिया RTI आंकड़ों ने इस संकट की गंभीरता को और बढ़ा दिया है. साल 2024 के मुकाबले 2025 में राजस्थान में कुत्तों के हमले के मामले करीब दोगुने हो चुके हैं. सबसे ज्यादा असर राजधानी जयपुर समेत कोटा और डीग जैसे इलाकों में दिख रहा है. चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में आवारा कुत्ते ज्यादा हिंसक और आक्रामक व्यवहार कर रहे हैं, जिसका सबसे आसान शिकार छोटे बच्चे बन रहे हैं. 'हमें मुआवजा नहीं, सुरक्षा चाहिए' डीग में बढ़ते मामलों को देखते हुए पूर्व पार्षद कैलाश मिश्रा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उनकी मांग है कि नसबंदी और शेल्टर होम के नाम पर हो रही खानापूर्ति बंद हो और सड़कों पर घूम रहे हिंसक कुत्तों को तुरंत हटाया जाए. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करता रहता है. डॉक्टर बोले- ये गलती पड़ेगी भारी बढ़ते मामलों के बीच डॉक्टरों ने सख्त हिदायत दी है कि कुत्ता काटने पर 15 मिनट की लापरवाही जान ले सकती है. डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कुत्ता काट ले, तो घाव को तुरंत 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से धोएं और किसी भी तरह के अंधविश्वास या झाड़-फूंक में समय न गंवाते हुए सीधे सरकारी अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज टीका लगवाएं. आवारा कुत्तों की शिकायत करें यदि आपके इलाके में भी कुत्ते हिंसक हो रहे हैं, तो आप राजस्थान संपर्क पोर्टल के टोल-फ्री नंबर 181 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा स्थानीय नगर निगम के कंट्रोल रूम में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. जागरूक रहें, क्योंकि आपकी सतर्कता ही आपकी जान बचा सकती है.

जैसलमेर में पारा 45 पार, कई जिलों में येलो अलर्ट जारी, धूलभरी हवाओं की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में मई की शुरुआत के साथ ही मौसम ने उथल-पुथल मचा रखी है. एक तरफ जहां तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर आंधी-बारिश ने मौसम को अस्थिर बना दिया है. गुरुवार (7 मई) को कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे गर्म इलाके जैसलमेर में पारा 45.1 डिग्री तक पहुंच गया. पश्चिमी राजस्थान के अन्य जिलों में भी तपिश बरकरार है. बाड़मेर में 44.2, फलोदी में 43.6 और बीकानेर में 43 सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. शुक्रवार (8 मई) के लिए कई जिलों में आंधी-बारिश का भी अलर्ट है.   कोटा-जयपुर में पारा 40 डिग्री के पार चित्तौड़गढ़, कोटा और जयपुर में भी पारा 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया. इन शहरों में दिनभर तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है. बारां, धौलपुर, डीग, भरतपुर और अलवर जिलों में येलो अलर्ट है. इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की-मध्यम वर्षा की संभावना है. मौसम विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आगामी 2 से 3 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है.   जोधपुर संभाग में धूलभरी हवाओं से बढ़ेगी मुश्किल मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन से चार दिनों में जोधपुर संभाग और आसपास के क्षेत्रों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं. गर्मी के साथ-साथ तेज हवाओं का असर भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है. इसके साथ ही कई हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना भी जताई गई है, जिससे मौसम का मिजाज और अधिक अस्थिर रह सकता है. वहीं, 9 मई से पश्चिमी राजस्थान में एक बार फिर हीटवेव का नया दौर शुरू होने की आशंका जताई गई है. खासतौर पर जोधपुर संभाग के सीमावर्ती इलाकों में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है.

बांग्लादेश ले जाने की साजिश नाकाम, आरोपी ट्रेन से कोलकाता जा रहा था

 झालावाड़ राजस्थान में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में झालावाड़ पुलिस ने कुछ ही घंटों में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग लड़की को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सुरक्षित बरामद कर लिया. मामले को लेकर SP अमित कुमार ने बताया कि 2 मई 2026 को परिजनों के जरिए थाना झालरापाटन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसमें बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी(14) का बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां तलाशी शुरू की. ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा था आरोपी जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी नाबालिग को ट्रेन के जरिए कोलकाता लेकर जा रहा है, जहां से उसे बांग्लादेश ले जाने की योजना थी. इस पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर 5 मई को बालिका को दस्तयाब कर आरोपी को हिरासत में ले लिया. पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम आदित्य उर्फ बादल विश्वास बताया. उसने पहले झालावाड़ के सलोतिया क्षेत्र में रहने की जानकारी दी, लेकिन सख्ती से पूछताछ के दौरान उसे सारी सच्चाई को आसानी से कबूल कर लिया. उसने पूछताछ में जानकारी दी की वह मूल रूप से बांग्लादेश का निवासी है. साल 2024 में टूरिस्ट वीजा पर आया था भारत पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी वर्ष 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी अवैध रूप से यहीं रह रहा था। उसने पहचान छिपाने के लिए स्थानीय स्तर पर दस्तावेज तैयार करवा लिए थे और निवास भी बदल लिया था. नाबालिग को बहलाकर रच रहा था साजिश पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग से फोन पर संपर्क में था और कई बार उससे मिला भी था. उसने सुनियोजित तरीके से नाबालिग को अपने जाल में फंसाया और उसे लेकर भाग गया. उसकी योजना कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश ले जाने की थी. पकड़ने के लिए की थी 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा   इस पूरे मामले में पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है. आगे की कार्रवाई जारी फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है.

भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, संदिग्ध युवक से सुरक्षा एजेंसियां कर रहीं पूछताछ

बाड़मेर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन को एक साल हो गया है। इसी बीच राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर से सटी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक बार फिर अनाधिकृत प्रवेश को लेकर खबर मिली है। यहां सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सीमा पार से आए एक संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक को धर दबोचा है। पकड़े गए युवक को प्रारंभिक पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। गुरुवार दोपहर उसे बाड़मेर जिला मुख्यालय लाया गया, जहां विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उससे गहनता से पूछताछ कर रही हैं। पाकिस्तान के मीठी जिले का रहना वाला है शख्स पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार ये गिरफ्तारी बाड़मेर के सीमावर्ती क्षेत्र स्वरूप का तला गांव के पास हुई। सीमा पर तैनात BSF के जवानों ने युवक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसे घेराबंदी कर पकड़ा। शुरुआती जांच में पता चला है कि पकड़े गए युवक का नाम मोहम्मद आवेश (26 वर्ष) है, जो पाकिस्तान के मीठी जिले का निवासी है। उसके पिता का नाम हजूर खान बताया जा रहा है। पुलिस और बीएसएफ दोनों ने संयुक्त पूछताछ शुरू की ASP ने बताया कि BSF और पुलिस ने युवक से मौके पर ही प्रारंभिक पूछताछ की थी, जिसके बाद उसे आगे की जांच के लिए बाड़मेर लाया गया है। वर्तमान में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), BSF और पुलिस की संयुक्त टीम युवक से पूछताछ कर रही है। एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि युवक ने किस उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किया। तलाशी में नहीं मिली कोई संदिग्ध वस्तु राहत की बात यह है कि प्राथमिक तलाशी के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को युवक के पास से कोई हथियार, जासूसी उपकरण या अन्य संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि, सरहदी इलाका होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहतीं। बाड़मेर पुलिस एएसपी का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और सुरक्षा के लिहाज से युवक से हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है। पूरी तफ्तीश होने के बाद ही युवक के भारत आने के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जा सकेगा। फिलहाल सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है और घुसपैठ के रास्तों की जांच की जा रही है।

हनुमानगढ़ में 9 करोड़ के फर्जी बीमा क्लेम का भंडाफोड़, 66 फर्जी किसानों के नाम सामने आए

गुरुवार राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एक बार फिर अपने पुराने एक्शन मोड में नजर आए. इसी क्रम में उन्होंने गुरुवार को हनुमानगढ़ जिले के पल्लू स्थित एसबीआई (SBI) बैंक की शाखा में अचानक पहुंचकर, वहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में चल रहे एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया. मंत्री के इस औचक निरीक्षण से बैंक और संबंधित विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया. फर्जी खातों से करोड़ों की लूट की साजिश जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए वे चौंकाने वाले हैं. पता चला कि भ्रष्टाचार की जड़ों ने अन्नदाता के हक पर डाका डालने की पूरी तैयारी कर ली थी. कुल 66 फर्जी किसानों के नाम पर बैंक में खाते खोले गए और उन्हें कागजों में ऋणी (कर्जदार) दिखाया गया. इस फर्जीवाड़े के जरिए करीब 9 करोड़ रुपये का फसल बीमा क्लेम तैयार किया गया था. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह भारी-भरकम राशि इसी सप्ताह निकाली जाने वाली थी लेकिन समय रहते मंत्री के हस्तक्षेप से यह घोटाला उजागर हो गया. दोषियों को नहीं बख्शेगी सरकार: किरोड़ी लाल इस घटनाक्रम पर गहरा दुख जताते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं बल्कि देश के अन्नदाता के साथ विश्वासघात है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस किसान के पसीने से देश चलता है उसके नाम पर ऐसी लूट असहनीय है. उन्होंने मौके पर ही पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. किसानों के हक की होगी रक्षा कृषि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि भाजपा सरकार किसानों के अधिकारों के प्रति पूरी तरह सजग है. उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी इस साजिश में शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी. अन्नदाता के हक को छीनने वालों के लिए व्यवस्था में कोई जगह नहीं है और न्याय हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा.