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राजस्थान का पहला एयरपोर्ट, जल संरक्षण में जयपुर इंटरनेशनल ने रचा इतिहास

जयपुर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 'वॉटर पॉजिटिव' का दर्जा हासिल किया है, जो सतत (सस्टेनेबल) संचालन की दिशा में एक बड़ा कदम है.  इस उपलब्धि के साथ जयपुर एयरपोर्ट भारत के चुनिंदा एयरपोर्ट्स में शामिल हो गया है, और राजस्थान का पहला एयरपोर्ट बन गया है, जिसने यह मान्यता प्राप्त की है. यह प्रमाण ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनी ब्यूरो वेरिटास ने एयरपोर्ट की जल प्रबंधन प्रणाली के विस्तृत मूल्यांकन के बाद दिया है. वॉटर पॉजिटिव एयरपोर्ट के रूप में, जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी प्रभावी जल प्रबंधन व्यवस्था के जरिए जितना पानी उपयोग करता है, उससे अधिक पानी का संरक्षण रीसायक्लिंग एवं पुनर्भरण के माध्यम से करता है. 18 गहरे एक्वीफर रिचार्ज पिट्स स्थापित   जल संकट वाले क्षेत्र में स्थित जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हमेशा से ही जिम्मेदार प्रबंधन, परिचालन स्थिरता और दीर्घकालिक स्थिरता के माध्यम से जल के कुशल प्रबंधन के लिए प्रतिबद्ध रहा है. पिछले कुछ वर्षों में, हवाई अड्डे ने जल के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं. इसी दिशा में वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 18 गहरे एक्वीफर रिचार्ज पिट्स भी स्थापित किए गए हैं. 100% ट्रीटेड पानी का रीसायकल इस उपलब्धि पर जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रवक्ता ने कहा, "यह उपलब्धि एयरपोर्ट के लगातार प्रयासों का परिणाम है, जो वॉटर पॉजिटिव बनने की दिशा में किए गए हैं.  इस प्रमाणन के पीछे तीन मुख्य आधार है, 100% ट्रीटेड पानी का रीसायकल और पुनः उपयोग, ताजे पानी की खपत में कमी करना, और प्रभावी  वर्षा जल संचयन व्यवस्था." एयरपोर्ट ने सेंसर आधारित नल लगाए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट 100% अपशिष्ट पानी (wastewater) को रीसायकल कर उसे बागवानी और हरियाली में उपयोग करता है. पानी की खपत कम करने के लिए एयरपोर्ट ने सेंसर आधारित नल लगाए हैं, और वॉटरलेस यूरिनल जैसी तकनीकों को अपनाने पर काम कर रहा है. इसके अलावा, पानी के उपयोग की निगरानी के लिए डिजिटल वॉटर फ्लो मीटर भी लगाए गए हैं, जिससे जल प्रबंधन और अधिक प्रभावी हो सके.

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा विदेश में ट्रेनिंग का मौका, RCA की नई पहल

जयपुर  राजस्थान के उभरते हुए क्रिकेट सितारों के लिए एक सुनहरा दौर शुरू होने वाला है. अब हमारे प्रदेश के बच्चे न सिर्फ देश की पिचों पर अपना जलवा बिखेरेंगे, बल्कि सात समंदर पार जाकर विदेशी जमीन पर क्रिकेट के गुर भी सीखेंगे. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) ने डेनमार्क के साथ एक ऐसी 'ऐतिहासिक डील' की है, जो आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट के भविष्य को बदल सकती है. डेनमार्क और राजस्थान के बीच 'क्रिकेट दोस्ती' मंगलवार शाम डेनमार्क के राजदूत रासमस अबिल्डगार्ड क्रिस्टेंसन और RCA एडहॉक कमेटी के बीच एक बेहद खास मुलाकात हुई. इस बैठक का नतीजा यह निकला कि अब राजस्थान और डेनमार्क के बीच क्रिकेट एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू होने जा रहा है. यह संभवतः भारत के क्रिकेट इतिहास में अपनी तरह की पहली पहल है, जहां एक राज्य की क्रिकेट बॉडी सीधे किसी दूसरे देश के साथ इस स्तर का करार कर रही है. इस समझौते की 3 बड़ी बातें आसान शब्दों में समझें राजस्थान के नन्हे क्रिकेट खिलाड़ी (विशेषकर अंडर-19 पुरुष और महिला टीम) ट्रेनिंग और मैच खेलने के लिए डेनमार्क जाएंगे. इतना ही नहीं, डेनमार्क के खिलाड़ी भी राजस्थान आएंगे, जिससे दोनों तरफ के बच्चों को अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिलेगा. इससे खिलाड़ियों को विदेशी कोचिंग और खेल की नई तकनीकों को समझने का मौका मिलेगा. क्यों खास है यह पहल? RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव और सदस्य आशीष तिवाड़ी के प्रयासों से यह डील मुमकिन हुई है. आशीष तिवाड़ी ने बताया कि डेनमार्क के राजदूत सवाई मान सिंह स्टेडियम (SMS Stadium) की सुविधाओं को देखकर काफी प्रभावित हुए. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे जल्द ही डेनमार्क क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) के साथ मिलकर इसे एक औपचारिक समझौते का रूप देंगे.

राजस्थान में साइबर क्राइम और एंटी नारकोटिक्स के DSPs की नई पोस्टिंग

जयपुर राजस्थान में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. बुधवार को प्रदेशभर में 52 उप पुलिस अधीक्षक (DSP) को ट्रांसफर का आदेश थमा दिया गया है. पुलिस निरीक्षक के पद से पदोन्नत हुए 52 उप पुलिस अधीक्षकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का आदेश जारी किया गया है. यह आदेश डीजीपी ऑफिस, जयपुर की तरफ से जारी किया गया है. डीजीपी ऑफिस के आदेश में कहा गया कि पुलिस निरीक्षक से पदोन्नत अधिकारियों का तत्काल प्रभाव ट्रांसफर और पोस्टिंग किया जाता है. रामनिवास मीणा का साइबर क्राइम, अलवर की जिम्मेदारी अजयकांत राठौड़ को पुलिस आयुक्तालय जयपुर से पदोन्नत कर उप पुलिस अधीक्षक, सीआईडी (एसएसबी), मुख्यमंत्री सुरक्षा प्रकोष्ठ, जयपुर लगाया गया है. वहीं, नरेन्द्र कुमार को उप पुलिस अधीक्षक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, जयपुर नियुक्त किया गया है. इसके अलावा रामनिवास मीणा को अलवर में साइबर क्राइम के उप पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है. नरपत सिंह ACB जयपुर में बने डिप्टी एसपी रविन्द्र कुमार को उप पुलिस अधीक्षक, राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में पोस्टिंग दी गई है. DSP के ट्रांसफर लिस्ट में नरपत सिंह चारण को जयपुर एसीबी में डिप्टी एसपी के पद पर लगाया गया है. वहीं, मुकेश शर्मा को भी राजस्थान पुलिस अकादमी के उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया है. महावीर सिंह यादव को उप पुलिस अधीक्षक, एसओजी, जयपुर पद पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. मदन लाल को प्रतापगढ़ जिले में साइबर क्राइम का डिप्टी एसपी बनाया गया है. इसके अशोक चौधरी को भी डिप्टी एसपी बनाकर जयपुर एसआईटी में भेजा गया है. आनंद कुमार को श्रीगंगानगर जिले में साइबर क्राइम में डिप्टी एसपी के पद पर ट्रांसफर हुआ है. बुद्धराम को बाड़मेर साइबर क्राइम, पुरुषोत्तम महरिया को भरतपुर जिले में साइबर क्राइम और निरंजन प्रताप सिंह को जालोर जिले में साइबर क्राइम का उप पुलिस अधीक्षक बनाया गया है.

राजस्थान ATS की बड़ी कार्रवाई: फर्जी आधार सेंटर से राष्ट्र विरोधी नेटवर्क का खुलासा

जयपुर राजस्थान में फर्जी आधार कार्ड के रैकेट मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. ATS की सूचना पर फर्जी आधार सेंटर चलाने में मदद करने वाले DOIT और आधार के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए लोगों में प्रोग्रामर, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के सहायक प्रोग्रामर और एक संविदाकर्मी शामिल है. ये सभी कर्मचारी अपनी आईडी और तकनीकी पहुंच का इस्तेमाल कर फर्जी बायोमेट्रिक्स के जरिए आधार कार्ड बनाने में गिरोह की मदद कर रहे थे. इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों को दबोचा जा चुका है. जानकारी के मुताबिक, फर्जी तरीके से बनाए गए आधार साइबर क्राइम और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था. आरोपी के पास मिले थे कई उपकरण दरअसल, एटीएस ने कुछ दिन पहले भादरा में फर्जी आधार सेंटर पकड़ा था, जिसमें आरोपी कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से लैपटॉप, प्रिटंर, आईरिस डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, फिंगरप्रिंट डाई, कैमरा, मोबाइल फोन सहित कई अन्य उपकरण बरामद हुए थे. इसके अलावा जसवन्त, बलराम व अमीर खान को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. आधार सेंटर जसवंत और आमिर ख़ान के नाम से ही अलॉट था और ये दोनों अपनी फिंगर प्रिंट और आंखों की Retina से कुलदीप से फर्जी आधार सेंटर हनुमानगढ़ में चलवा रहे थे. एटीएस के मुताबिक, गिरोह द्वारा फर्जी तरीके से बनाए गए आधार कार्ड का उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, फर्जी सिम कार्ड जारी करने, साइबर अपराधों के लिए और फर्जी बैंक खाते खुलवाने में किया जा रहा था. एटीएस के एडीजी एमएन दिनेश ने बताया कि भादरा के ही फर्जी आधार सेंटर से हरियाणा निवासी एक युवक का पासपोर्ट बना था. जब राजस्थान एटीएस ने जांच आगे बढ़ाया तो पता चला कि इस मामले में आधार doit के कुछ कर्मचारी भी मिले हुए हैं. उसके बाद हनुमानगढ़ में ब्लॉक भादरा के दिनेश कुमार (प्रोग्रामर) और रामनिवास सोनी (सहायक प्रोग्रामर) सहित एक संविदाकर्मी रवि शीला (आर-स्वान इंजीनियर) को पकड़ा गया. गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की हो रही जांच आरपियों द्वारा अब तक इस प्रकार फर्जी तरीके से कितने आधार तैयार किए गए हैं. इस बारे में UIDAI & DOIT से समन्वय स्थापित कर जानकारी जुटाई जा रही है. वहीं गिरोह के द्वारा चलाए जा रहे इस धोखाधडी के नेटवर्क मे जुड़े अन्य साथियों के संबध में गहनता से जांच-पड़ताल जारी है. ATS के पास इनपुट है कि इस तरह से फ़र्ज़ी आधार सेंटर राजस्थान में और भी कई शहरों में चल रहे हैं. इस फ़र्ज़ी आधार सेंटर की सहायता से ग़लत लोग फ़र्ज़ी आधार कार्ड बनवा रहे हैं. इससे मोबाइल नंबर लिए जा रहे हैं और ये मोबाइल नंबर साइबर ठगी में उपयोग किया जा रहा है. वहीं, बैंक खाते खुलवाए जा रहे, उसमें साइबर अपराध से जुड़े पैसे मंगवाए जा रहे हैं. इसके अलावा पासपोर्ट बनवाकर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल में लिया जा रहा है. बता दें कि हाल ही में जयपुर से एक मामला सामने आया था, जिसमें पाकिस्तान का आतंकी खरगोश जयपुर आया और फ़र्ज़ी आधार के इस्तेमाल कर वह पासपोर्ट बनवाकर वापस इंडोनेशिया से खाड़ी देश में फ़रार हो गया. इस तरह से आधार कार्ड का बड़ा रैकेट पूरे राजस्थान में चल रहा है.

गैस उपभोक्ताओं के लिए नई गाइडलाइन: OTP डिलीवरी और eKYC अनिवार्य होने के संकेत

 जयपुर LPG गैस को लेकर आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है. कुछ परेशानी इसलिए भी हुई की लोगों को गैस बुकिंग और डिलिवरी के नियमों की जानकारी नहीं थी. ऐसे में अब 1 मई 2026 से LPG गैस सिलेंडर से जुड़े बदलाव होने वाले हैं तो आपको इसके बारे में जानकारी जरूर होनी चाहिए. इसके तहत LPG की बुकिंग से लेकर डिलिवरी तक कई नियम बदल रहे हैं. अगर आप इसे समझ लेगें तो आपको परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. बता दें घरेलू गैस की कीमतों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. वहीं 1 मई 2026 को गैस के कीमतों में बदलाव किया जा सकता है. साथ ही कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी लगातार बढ़े हैं तो इसकी कीमत भी बदल सकती है. बदलेगा बुकिंग का नियम नए नियम के तहत LPG सिलेंडर बुक करने का समय अंतराल 25 दिन कर दिया गया है. जो पहले 21 दिन था. जबकि ग्रामीण इलाकों में 45 दिन का समय होगा. यानी 45 दिन बाद ही गैस की बुकिंग की जा सकेगी. ऐसे में अगर आप गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको बुकिंग के समय को ध्यान रखना होगा. आप गैस सिलेंडर कई तरीकों से बुक कर सकते हैं. व्हाट्सऐप, मिस्ड कॉल, SMS, मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए आसानी से बुकिंग की जा सकती है. बस ध्यान रखें कि बुकिंग हमेशा अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही करें. साथ ही ध्यान रखें कि किसी अनजान लिंक या नंबर से बुकिंग न करें और पेमेंट करने से पहले डिटेल्स जरूर चेक करें. बदलेगा डिलिवरी का नियम गैस की होम डिलिवरी का नियम भी बदला गया है. गैस की डिलिवरी सुरक्षित तरीके से हो इसके लिए OTP सिस्टम लागू किया गया है. यानी अगर आपके घर पर सिलेंडर आता है तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा जिसे आपको डिलिवरी बॉय को बताना होगा. OTP के जरिए डिलिवरी होने से गैस सिलेंडर सही व्यक्ति को मिलेगा और इसमें गड़बड़ी नहीं होगी. PNG हो सकता अनिवार्य सरकार लगातार PNG कनेक्शन को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में जिन क्षेत्रों में PNG पाइपलाइन उपलब्ध है वहां लोगों को तय समय में कनेक्शन लेना अनिवार्य किया जा सकता है. ऐसा नहीं करने पर LPG गैस सिलेंडर की डिलिवरी बंद की जा सकती है. अब गैस सिलेंडर के लिए eKYC जरूरी होगा. ऐसा नहीं करने पर सिलेंडर की डिलिवरी रूक सकती है, जबकि सब्सिडी का लाभ भी मिलना बंद हो सकता है. यह एक वित्त वर्ष में एक बार करना जरूरी होता है.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों से की अपील: सही जानकारी दें, बनाएँ ‘विकसित राजस्थान’

 जयपुर राजस्थान में 1 मई से जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है. इससे पहले, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों से एक खास अपील की है. साथ ही, उन्होंने एक लिंक भी शेयर किया है, जिससे आप घर बैठे आसानी से अपनी जनगणना खुद कर सकते हैं. सीएम ने शेयर किया स्व-गणना का लिंक सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने संदेश में लिखा है कि 1 मई से 15 मई 2026 तक नागरिक खुद अपनी गणना कर सकेंगे. इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे. उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की है कि राजस्थान की अतिथि सत्कार की परंपरा को निभाते हुए कर्मचारियों को सही जानकारी दें, क्योंकि आज की सही जानकारी ही कल के 'विकसित राजस्थान' और 'विकसित भारत' का सपना पूरा करेगी. स्व-गणना के लिए आप इस ऑफिशियल लिंक पर जा सकते हैं: https://se.census.gov.in     पहली बार घर बैठे खुद करें अपनी गणना यह पहली बार है जब भारत में लोगों को वेब पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद भरने का मौका मिल रहा है. अगर आप दिए गए लिंक पर जाकर अपनी डिटेल खुद भर देते हैं, तो जब कर्मचारी आपके घर आएंगे, तो आपका बहुत सारा समय बचेगा. ध्यान रहे, ऑनलाइन स्व-गणना का ऑप्शन चुनने के बाद भी कर्मचारी वेरिफिकेशन के लिए आपके घर जरूर आएंगे, लेकिन तब आपको फॉर्म भरने की लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. जनगणना के नाम पर साइबर फ्रॉड से बचें पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने की वजह से साइबर ठग भी इसका फायदा उठा सकते हैं. इसलिए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है. आपके घर आने वाले जनगणना कर्मचारी आपसे सिर्फ आपका मोबाइल नंबर और ऑनलाइन स्व-गणना करने पर मिली SE ID ही मांगेंगे. कर्मचारी आपसे कोई भी OTP नहीं मांगेंगे. अगर कोई आपसे ओटीपी मांगता है, तो समझ लीजिए वह फ्रॉड है. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी शेयर न करें. तैयार रखें इन 33 सवालों के जवाब पहले चरण के लिए विभाग ने 33 सवालों की एक लिस्ट तैयार की है. कर्मचारी आपके घर की स्थिति और सुख-सुविधाओं से जुड़े ये अहम सवाल पूछेंगे:-     मकान का नंबर, फर्श, दीवार और छत किस सामग्री से बनी है?     परिवार के मुखिया का नाम, जेंडर और क्या वे एससी/एसटी वर्ग से हैं?     मकान अपना है या किराए का? परिवार के पास रहने के लिए कितने कमरे हैं?     पीने के पानी और रोशनी का मुख्य स्रोत क्या है?     शौचालय की सुविधा, गंदे पानी की निकासी और रसोईघर की क्या व्यवस्था है?     खाना पकाने के लिए कौन सा ईंधन (LPG/PNG) इस्तेमाल होता है?     घर में टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप, स्मार्टफोन, साइकिल, कार या बाइक जैसी कितनी सुविधाएं मौजूद हैं?     परिवार मुख्य रूप से खाने में किस अनाज का इस्तेमाल करता है? शिक्षकों के तबादलों पर लग सकता है लंबा ब्रेक इस बड़े राष्ट्रीय अभियान को पूरा करने के लिए राजस्थान में करीब 1 लाख 60 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की है. ऐसे में लंबे समय से अपने ट्रांसफर का इंतजार कर रहे शिक्षकों को तगड़ा झटका लग सकता है. जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक के मुताबिक, जो कर्मचारी अभी पहले चरण में ड्यूटी कर रहे हैं, वही फरवरी 2027 में शुरू होने वाले दूसरे चरण में भी काम करेंगे.

देशमुख अनिल और आदर्श सिद्धू को BSF में मिली तैनाती, केंद्र में बढ़ी जिम्मेदारी

जयपुर राजस्थान कैडर के पुलिस महकमे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य सरकार और केंद्र के बीच तालमेल के साथ तीन वरिष्ठ IPS अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया गया है. इनमें से दो अधिकारियों को केंद्र में डेपुटेशन (Deputation) पर भेजा गया है, जबकि एक अधिकारी को महत्वपूर्ण शैक्षणिक जिम्मेदारी सौंपी गई है. DIG देशमुख पेरिस अनिल अब संभालेंगे BSF की कमान राजस्थान पुलिस में स्पेशल ऑपरेशन्स (Special Operations) के पद पर तैनात DIG देशमुख पेरिस अनिल अब केंद्र में अपनी सेवाएं देंगे. उन्हें बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) में DIG के तौर पर पोस्टिंग दी गई है. अपनी कार्यकुशलता के लिए पहचाने जाने वाले देशमुख का बॉर्डर सिक्योरिटी में जाना एक अहम कदम माना जा रहा है. IPS आदर्श सिद्धू को भी केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी देशमुख पेरिस अनिल के साथ ही IPS आदर्श सिद्धू को भी केंद्र सरकार ने डेपुटेशन पर बुलाया है. उन्हें भी BSF में DIG के पद पर नियुक्त किया गया है. सिद्धू का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार रहा है, और अब वे देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाएंगे. IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी वहीं, राज्य के भीतर भी एक महत्वपूर्ण नियुक्ति की गई है. IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई को जोधपुर स्थित सरदार पटेल यूनिवर्सिटी ऑफ पुलिस सिक्योरिटी एंड क्रिमिनल जस्टिस के प्रो-वाइस चांसलर (Pro-VC) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. बिश्नोई अब पुलिसिंग के साथ-साथ पुलिस यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को भी गति देंगे.

भाई ने निभाई परंपरा, बहन के घर 11 लाख का मायरा लेकर निकली भव्य यात्रा

भीलवाड़ा लग्जरी गाड़ियों के दौर में एक किसान भाई ने 11 ऊंट गाड़ियों और 51 ट्रैक्टर पर भात भरण की अनूठी शोभायात्रा निकाली. भीलवाड़ा के जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के पंडेर गांव से टिठोडी गांव तक 7 किलोमीटर की यात्रा की. ग्रामीणों ने भी खूब पुष्प वर्षा की. भात यात्रा का वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. किसान परिवार ने पुरानी परंपरा को न‍िभाया. बहन के घर पहुंचकर 11 लाख का मायरा भरा. "बहन को पिता की कमी महसूस न हो" किसान मुकेश जाट ने कहा क‍ि पिता के देहांत के बाद घर की सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी. उन्होंने यही कोशिश की कि बहन को कभी पिता की कमी महसूस न हो, जो भी किया है, वह अपने पिता के सपनों को पूरा करने और बहन के चेहरे पर मुस्कान देखने के लिए किया है.   "हमारी पुरानी परंपराएं ही असली पहचान" उन्होंने कहा,  "हमारी पुरानी परंपराएं ही हमारी असली पहचान है, इसलिए मैंने उसी परंपरा को जीवित रखने का प्रयास किया है." बदलते आधुनिक दौर में जहां एक ओर परंपराओं को जिंदा रखा, वहीं भाई ने 11 लाख रुपये का भात भरा. पुरानी परंपराओं को जीवंत करते हुए मायरा भरने की परंपरा को पुनर्जीवत किया.   मुकेश जाट की पत्नी माया पंचायत प्रशासक हैं. पिता के निधन के बाद भाई की अनूठी भात शोभायात्रा को देखकर बहन भी भावुक हो गई. नाचते-गाते हुए करीब 7 किलोमीटर का सफर तय क‍िया.

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क: बाघ बाघिन ‘रानी’ के पांच शावकों का खास जश्न

जयपुर राजधानी जयपुर के आमेर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में इन दिनों जश्न का माहौल है. बाघिन ‘रानी' के पांचों शावकों का मंगलवार (28 अप्रैल) को पहला बर्थडे सेलिब्रेशन हुआ. 27 अप्रैल को जन्मे शावक विजय, शौर्य, सूर्या, अंबे और वृंदा का जन्मदिन पार्क प्रशासन ने उत्साह के साथ मनाया. मौका इसलिए भी खास है क्योंकि पार्क में 2 सफेद बाघों समेत बाघों की कुल संख्या 15 तक पहुंच गई है. यह किसी भी बायोलॉजिकल पार्कों की तुलना में अधिक है, जिससे नाहरगढ़ को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान मिली है. आकर्षण का केंद्र है 'विजय' नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एसीएफ देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि पांचों शावकों में ‘विजय' सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. क्योंकि वह एक व्हाइट टाइगर है, जबकि बाकी चार शावक गोल्डन रंग के हैं. ‘विजय' अपनी मां रानी के साथ पार्क में अठखेलियां करता नजर आता है, जिसे देखने के लिए स्टाफ भी उत्साहित रहता है. पहली बार एक साथ जन्मे 5 शावक वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ.अरविंद माथुर ने बताया कि देश में यह पहला मौका था, जब किसी बाघिन ने एक साथ पांच शावकों को जन्म दिया है. सभी शावकों का नियमित टीकाकरण किया गया है और उन्हें प्राकृतिक वातावरण में विकसित करने के लिए रोजाना कुछ समय खुले क्षेत्र में छोड़ा जाता है. इससे उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो रहा है. पर्यटक भी जल्द कर सकेंगे दीदार व्इन पांचों शावकों को पर्यटकों के लिए डिस्प्ले में लाया जाएगा. इससे न केवल पर्यटकों को नया आकर्षण मिलेगा, बल्कि जयपुर में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. 

शिक्षा कैलेंडर अपडेट: राजस्थान में 35 दिन की गर्मी छुट्टी, पढ़ाई के दिन बढ़े

 जयपुर अगर आप राजस्थान के स्कूलों में पढ़ते हैं या पढ़ाते हैं, और गर्मियों की लंबी छुट्टियों में नानी के घर जाने या पहाड़ों पर घूमने की लंबी प्लानिंग कर रहे हैं… तो थोड़ा रुक जाइए. क्योंकि इस बार आपकी छुट्टियों पर सरकार ने थोड़ी 'कैंची' चला दी है. हाल ही में शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-2027 के लिए शिविरा पंचांग (Academic Calendar 2026-27) जारी कर दिया है. सबसे बड़ी अपडेट यह है कि इस बार ग्रीष्मावकाश यानी गर्मियों की छुट्टियां 17 मई, 2026 से शुरू होकर 20 जून, 2026 तक ही रहेंगी. यानी, जहां पहले 40 से 45 दिनों तक (30 जून तक) की लंबी छुट्टियां मिलती थीं, वहीं अब बच्चों को चिलचिलाती गर्मी में महज 35 दिन ही घर पर एंजॉय करने को मिलेंगे. आखिर सरकार ने छुट्टियां कम क्यों कीं? इसके पीछे दो बहुत बड़े और दिलचस्प कारण हैं. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने हाल ही में जयपुर के शिक्षा संकुल में शिक्षक संगठनों के साथ एक अहम बैठक की. फोकस एक ही था- शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और बच्चों की सुरक्षा. इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार शिक्षण दिवसों (Teaching Days) को बढ़ाकर 214 दिन कर दिया गया है. जब पढ़ाई के दिन बढ़ेंगे, तो जाहिर सी बात है कि छुट्टियों के दिन तो कम होंगे ही. दूसरा कारण 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' को माना जा रहा है जो हर साल 21 जून को मनाया जाता है. पहले होता यह था कि स्कूल 30 जून तक बंद रहते थे, और योग दिवस के लिए टीचर्स और स्टूडेंट्स को छुट्टियों के बीच में एक दिन के लिए स्कूल आना पड़ता था. यह किसी सिरदर्द से कम नहीं था. लेकिन अब मास्टरस्ट्रोक देखिए. छुट्टियां 20 जून को ही खत्म हो रही हैं. यानी 21 जून को स्कूल खुलेंगे और सभी लोग एक साथ मिलकर बिना किसी छुट्टी कैंसल होने की टेंशन के, आराम से योगाभ्यास कर सकेंगे. 46 डिग्री के पार पहुंचा पारा, जैसलमेर सबसे गर्म राजस्थान के टेम्परेचर की बात करें तो इस वक्त जैसलमेर सबसे गर्म है. यहां तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है. इसी तरह बाड़मेर में 46.0 डिग्री, कोटा में 45.7 डिग्री और चूरू में तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. IMD जयपुर के लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हीटवेव (लू) चलने की चेतावनी जारी की गई है, जिसके चलते उत्तर-पश्चिमी जिलों में कुछ स्थानों पर पारा 44 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है. हालांकि पश्चिमी और उत्तरी भागों में आज दोपहर बाद मेघगर्जन के साथ धूलभरी आंधी चल सकती है और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी होने के आसार हैं, जिससे यहां गर्मी से मामूली राहत मिल सकती है. सरकार ने बदला स्कूलों का बदला समय इस भीषण गर्मी को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है. जयपुर, कोटा, चित्तौड़गढ़, जैसलमेर और दौसा में बच्चों को राहत देने के लिए सुबह की शिफ्ट में कक्षाएं चलाई जा रही हैं. कोटा में 12वीं कक्षा तक का समय सुबह 7:30 से 12:30 बजे तक कर दिया गया है. वहीं, दौसा में 8वीं कक्षा तक के लिए 24 अप्रैल से 2 मई तक समय सुबह 7:30 से 12:00 बजे रहेगा. जैसलमेर और चित्तौड़गढ़ में भी 8वीं तक के बच्चों का समय सुबह 7:30 से 12:00 बजे तक तय किया गया है. लू से बचने के लिए राजस्थान सरकार की गाइडलाइन राजस्थान सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस भीषण लू में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. लू से बचाव के लिए आमजन से कहा गया है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें. जरूरी होने पर हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें, और सिर को हमेशा छाते या कपड़े से ढककर रखें. पर्याप्त पानी पिएं. ओआरएस (ORS), लस्सी, छाछ और नींबू पानी का सेवन बढ़ाएं. शराब, चाय, कॉफी और सोडा जैसे पेय पदार्थों से परहेज करें, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं. बच्चों और पालतू जानवरों को भूलकर भी बंद खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें, अंदर का तापमान तेजी से बढ़ना जानलेवा साबित हो सकता है. चक्कर आने, कमजोरी या बेहोशी (हीट स्ट्रोक) की स्थिति में मरीज के शरीर को गीले कपड़े से पोंछें और तुरंत टोल-फ्री नंबर 108 या 112 पर कॉल करें.