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सरकारी नौकरी का मौका! HSSC ने ग्रुप-C में बढ़ाई वैकेंसी, जानें आवेदन की पूरी डेट

चंडीगढ़ हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। आयोग ने विज्ञापन संख्या 03/2026 के तहत निकाली गई ग्रुप C की भर्तियों में बड़ा फेरबदल करते हुए पदों की संख्या में भारी बढ़ोतरी कर दी है। 6 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। HSSC ने अलग-अलग कैटेगरी में पदों की संख्या में बढ़ोतरी की है। HSSC चेयरमैन ने पोस्ट कर जानकारी दी है कि संशोधन के बाद ग्रुप-2 के अंतर्गत स्टेनो टाइपिस्ट के पदों की संख्या 486 से बढ़ाकर 586 कर दी गई है। वहीं ग्रुप 3 के अंतर्गत स्टेनो टाइपिस्ट के पद 696 से बढ़कर 702 हो गए हैं। ग्रुप 3 में जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर के पदों की संख्या 173 से बढ़ाकर 260 कर दी गई है। इसके आलावा आयोग ने आवेदन प्रक्रिया की तारीख में भी बदलाव किया है। पहले आवेदन 2 फरवरी यानी आज से शुरू होने थे, मगर अब ये 6 फरवरी 2026 से शुरू होंगे।  ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिस को ध्यान से पढ़ें।

उद्योगों को संजीवनी, रोजगार को रफ्तार — हरियाणा तैयार ‘मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस’ बनने को

सोनीपत  केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026 में उद्योग और एम.एस.एम.ई. सैक्टर को लेकर की गई घोषणाएं हरियाणा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती हैं। खासकर 10,000 करोड़ रुपए के एम.एस.एम.ई. ग्रोथ फंड, सरकारी खरीद में एम.एस.एम.ई. की भागीदारी बढ़ाने, टैक्सटाइल सैक्टर के लिए नई स्कीमों और माइक्रो इंटरप्राइजेज को लिक्विडिटी सपोर्ट देने जैसे फैसले राज्य के छोटे, मंझोले और उभरते उद्योगों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। हरियाणा पहले से ही ऑटोमोबाइल, टैक्सटाइल, आई.टी., लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसैसिंग जैसे क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति रखता है। अब बजट में किए गए प्रावधानों से गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक और अंबाला जैसे औद्योगिक क्लस्टर्स में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। आम बजट में भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए 10,000 करोड़ रुपए का एम.एस.एम.ई. ग्रोथ फंड बनाने की घोषणा की गई है, जिसमें 30 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। यह फंड उन एम. एस.एम.ई. इकाइयों को टार्गेट करेगा जो विस्तार करना चाहती हैं, नई तकनीक अपनाना चाहती हैं या वैश्विक बाजार में कदम रखना चाहती हैं। हरियाणा के एम.एस.एम.ई. सैक्टर की सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय से वर्किंग कैपिटल की कमी, महंगे कर्ज और बैंक गारंटी की जटिल शर्तें रही हैं। नया ग्रोथ फंड इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक इससे माइक्रो और स्मॉल यूनिट्स मीडियम लैवल तक पहुंच सकेंगी जो रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएंगी। इससे हरियाणा देश का अगला मैन्यूफैक्चरिंग पावरहाऊस बनेगा। सरकारी खरीद में एम.एस.एन.ई. की हिस्सेदारी बढ़ेगी बजट में एम.एस.एम.ई. से सरकारी खरीद बढ़ाने का साफ संकेत दिया गया है। इसका सीधा फायदा हरियाणा की उन हजारों इकाइयों को मिलेगा जो पहले बड़े कॉर्पोरेट्स से मुकाबले में पिछड़ जाती थीं। हरियाणा में ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, टैक्सटाइल, पैकेजिंग और इलैक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी एम.एस.एम.ई. इकाइयां सरकारी टैंडर से जुड़कर स्थिर ऑर्डर बुक हासिल कर सकेंगी। इससे नकदी प्रवाह सुधरेगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। टैक्सटाइल सैक्टर को नई उड़ान, पानीपत को मिलेगा सीधा फायदा बजट में टैक्सटाइल सैक्टर के लिए 3 बड़ी स्कीमों का ऐलान किया गया है जिनमें नैशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर स्कीम, एडवांस्ड फाइबर स्कीम शामिल हैं। इसके साथ ही नैशनल हैंडलूम पॉलिसी के जरिए कारीगरों और बुनकरों को प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता देने की बात कही गई है। हरियाणा का पानीपत टैक्सटाइल हब, जो हैंडलूम, होम फर्निशिंग और एक्सपोर्ट के लिए जाना जाता है, इन योजनाओं से सबसे अधिक लाभान्वित होगा। नई फाइबर टैक्नोलॉजी और डिजाइन सपोर्ट से यहां के उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति बना सकेंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर रिएक गारंटी फंडः निजी निवेश को मिलेगा भरोसा बजट में प्राइवेट डिवैल्पर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गांरटी फंड की घोषणा की गई है जिसमें सरकार पार्शियल गारंटी देगी। यह कमद खासतौर पर हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्यों के लिए अहम है, जहां निजी निवेशक अक्सर जोखिम को लेकर सतर्क रहते हैं। इस फैसले से औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और टाऊनशिप प्रोजैक्ट्स को गति मिलेगी। आई.एम.टी. खरखौदा, कुंडली-मानेसर-पलवल बैल्ट और फरीदाबाद-गुड़गांव क्षेत्र में नए प्रोजैक्ट्स आने की संभावना है। रियल एस्टेट में रिप्साइक्लिंग और सस्टेनेबल डिवैल्पमैंट रियल एस्टेट सैक्टर के लिए रिसाइक्लिंग से जुड़ी योजना को उद्योग जगत ने सकारात्मक कदम बताया है। इससे कंस्ट्रक्शन वेस्ट मैनेजमैंट, ग्रीन बिल्डिंग और पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा के तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों गडगांव सोनीपत और फरीदाबाद में यह नीति सस्टेनेबल अर्बन डिवैल्पमैंट की दिशा में अहम साबित हो सकती है। वहीं बजट में सैल्फ रिलायंट इंडिया फंड के जरिए माइक्रो इंटरप्राइजेज को वित्तीय मदद देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ट्रांजैक्शन सैटलमेंट प्रोग्राम, क्रैडिट गारंटी सपोर्ट मैकेनिज्म, जी.ई.एम. को ट्रेड से जोड़ना व एसेट बेस्ड सिक्योरिटी जैसे कदम लिक्विडिटी संकट से जूझ रहे छोटे कारोबारियों के लिए राहत लेकर आएंगे। हरियाणा के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में चल रही हजारों माइक्रो यूनिट्स जैसे फूड प्रोसैसिंग, प्लास्टिक, फर्नीचर और सर्विस सैक्टर को इससे मजबूती मिलेगी। प्रोफैशनल सपोर्ट और स्किलिंगः टियर-2 और 3 शहरों पर फोकस बजट में शॉर्ट टर्म मॉड्यूलर कोर्स डिजाइन करने और टियर-2 व टियर-3 शहरों तक ट्रेनिंग पहुंचाने का ऐलान किया गया है। इसका सीधा लाभ हरियाणा के युवाओं को मिलेगा। इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक स्किल मिलने से लोकल टैलेंट लोकल इंडस्ट्री को सपोर्ट करेगा, जिससे माइग्रेशन भी घटेगा।  

ड्यूटी में चूक पड़ी भारी! फरीदाबाद में नगर निगम ने 4 कर्मचारियों को किया निलंबित

फरीदाबाद फरीदाबाद जिले में सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। नगर निगम कमिश्नर धीरेन्द्र खड़गटा ने चार सफाई कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई हरियाणा के Additional Chief Secretary साकेत कुमार के शहर दौरे के बाद की गई। निरीक्षण के दौरान मुख्य सड़कों, ड्रेनेज सिस्टम और आंतरिक इलाकों में कई जगह गंदगी, कूड़े के ढेर, जाम नालियां और जलभराव पाया गया। इसके बाद कमिश्नर ने वार्ड नंबर 20, बड़खल गांव, एनआईटी-3 और लखानी हजारी प्वाइंट क्षेत्र में तैनात चार कर्मचारियों को निलंबित किया। कमिश्नर ने साफ कहा है कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। शहर में इन जगहों पर हुआ निरीक्षण निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात व्यवस्था, जल निकासी की स्थिति तथा स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं का गहनता से जानकारी ली। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी ने अपने दौरे के दौरान अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। निरीक्षण महारानी अवंती बाई लोधी चौक से प्रारंभ होकर एनआईटी-2 व एनआईटी-3 के आंतरिक क्षेत्रों, प्याली चौक से हार्डवेयर चौक, मेट्रो रोड, शहीद भगत सिंह मार्ग, फरीदाबाद-गुड़गांव रोड, बड़खल गांव क्षेत्र होते हुए अंखिर चौक से सूरजकुंड तक किया गया। इन जगहों पर मिली लापरवाही निरीक्षण में कई स्थानों पर कूड़े के ढेर, जाम नालियां, सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट्स से कचरे का न उठाया जाना, सड़क किनारे गंदगी, गोबर व जैविक कचरे का जमाव, जलभराव, रात्रि यांत्रिक सफाई न होना तथा हरित पट्टियों के रखरखाव में भारी लापरवाही पाई गई। जिस पर एडिशनल चीफ सेक्रेटरी एतराज जताया था और सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के आदेश दिए। नगर निगम के 4 कर्मचारी सस्पेंड नगर निगम कमीश्नर ने धीरेंद्र खड़गटा ने सफाई व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर 4 सफाई कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। जिनमें सहायक सफाई निरीक्षक (एएसआई) सुशील, सफाई दरोगा गुरचरण, सफाई दरोगा रंगलाल तथा सफाई कर्मचारी वीरेंद्र सिंह को सस्पेंड किया गया है। ये कर्मचारी वार्ड नंबर 20, बड़खल गांव, एनआईटी-3 क्षेत्र तथा लखानी हजारी प्वाइंट क्षेत्र में तैनात थे। कमीश्नर ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी निरीक्षण के दौरान दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, विकास और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई बात

चंडीगढ़   हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।  इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया। इस दौरान उन्होंने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने पर भी पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्नेहिल शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।'' उन्होंने आगे लिखा, ''प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत बजट’ देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम है। यह बजट अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।'' सीएम नायब सैनी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ''पंजाब के 'आदमपुर एयरपोर्ट' का नाम 'श्री गुरु रविदास महाराज जी' एयरपोर्ट किया जाना सामाजिक समरसता, सम्मान और समावेशी राष्ट्र निर्माण का सशक्त संदेश है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।'' हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पोस्ट में मुलाकात के बाद लिखा, ''नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट हुई। इस अवसर पर संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक गतिविधियों तथा केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।''

हरियाणा थंडर ने रोमांचक फाइनल में दिल्ली दंगल वॉरियर्स को हराकर पीडब्ल्यूएल 2026 का खिताब जीता

नोएडा  हरियाणा थंडर नोएडा इंडोर स्टेडियम में दिल्ली दंगल वॉरियर्स के खिलाफ फाइनल में आखिरी बाउट तक चले मैच के बाद प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) 2026 का चैंपियन बन गया। आठ बाउट के बाद स्कोर 4-4 से बराबर था, नतीजा आखिरी महिलाओं की 62 किलोग्राम बाउट पर निर्भर था, जिसमें पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट इरीना कोलियाडेन्को ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी शानदार टेक्निकल जीत ने हरियाणा थंडर को 5-4 से जीत दिलाई और पीडब्ल्यूएल 2026 का खिताब दिलाया, जो लीग के इतिहास के सबसे नाटकीय फाइनल में से एक था। हरियाणा थंडर पीडब्ल्यूएल 2026 ट्रॉफी के साथ 1.5 करोड़ रुपये की इनामी राशि घर ले जाएगा। रनर-अप, दिल्ली दंगल वॉरियर्स को 75 लाख रुपये मिलेंगे। व्यक्तिगत पुरस्कारों में, दिल्ली दंगल वॉरियर्स के तुरान बायरामोव ने 57 किलोग्राम पुरुष वर्ग में सभी 7 बाउट जीतकर और पीडब्ल्यूएल 2026 में कुल 59 अंक हासिल करके 2.5 लाख रुपये का 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' खिताब जीता। पंजाब रॉयल्स के चंदरमोहन टूर्नामेंट के टॉप पॉइंट स्कोरर थे। नेहा सांगवान (हरियाणा थंडर) को आखिरी बाउट तक फाइनल को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार मिला। रौनक (दिल्ली दंगल वॉरियर्स) को पुरुष 125 किलोग्राम वर्ग में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए 'फाइटर ऑफ द मैच' का सम्मान मिला। 'इंपैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच' अक्षय धेरे (हरियाणा थंडर) थे, जिन्हें 57 किलोग्राम पुरुष वर्ग में उनके मजबूत प्रदर्शन के लिए पहचाना गया। चैंपियनशिप की रात दिल्ली ने बढ़त के साथ शुरू की, जब अजेय तुरान बायरामोव ने 74 किलोग्राम पुरुष बाउट जीती, जल्दी ही शुरुआती बढ़त बनाई और 8-1 से जीत हासिल करने के लिए नियंत्रण बनाए रखा। हरियाणा ने 76 किलोग्राम महिला वर्ग में तुरंत जवाब दिया, जहां अंडर20 विश्व चैंपियन काजल धोचक ने यूरोपीय चैंपियन अनास्तासिया अल्पीयेवा को 3-1 से हराकर स्कोर बराबर कर दिया। 65 किलोग्राम पुरुषों के मैच में मोमेंटम तब बदला जब दिल्ली के कप्तान सुजीत कल्कल ने शानदार वापसी करते हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट तुमुर ओचिर तुलगा को 8-6 से हरा दिया। हरियाणा ने तुरंत अपनी स्टार और कई बार की वर्ल्ड चैंपियन यूई सुसाकी के साथ जवाब दिया, जिन्होंने सारिका पर शानदार टेक्निकल जीत हासिल करके अपना कौशल दिखाया और स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। 86 किलोग्राम पुरुषों के मैच में दिल्ली ने फिर से बढ़त बना ली, जब एशियन चैंपियनशिप के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट वफाईपुर हादी बख्तियार ने अशिरोव अशरफ को 11-0 से हरा दिया। हरियाणा ने जोरदार जवाब दिया, जिसमें अक्षय धेरे ने 57 किलोग्राम पुरुषों के इवेंट में दिल्ली के अमित कुमार को टेक्निकल सुपीरियरिटी से हरा दिया। हेवीवेट मैच निर्णायक था, जिसमें रौनक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अनिरुद्ध गुलिया को 12-2 से हराया, जिससे दिल्ली को 4-3 की बढ़त मिली। हरियाणा ने हार नहीं मानी, और नेहा सांगवान ने 57 किलोग्राम महिलाओं के मुकाबले में अंजलि को पिन करके मैच को जारी रखा, जिससे स्कोर 4-4 से बराबर हो गया। चैंपियनशिप दांव पर लगी थी, और इरीना कोलियाडेन्को ने महत्वपूर्ण 62 किलोग्राम महिलाओं के मैच में कदम रखा। अपने अनुभव और शांत स्वभाव का फायदा उठाते हुए, पेरिस ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट ने लगातार टर्न-एंड-एक्सपोजर मूव्स से अंजलि को हराया और 16-0 से टेक्निकल जीत हासिल की। ​​इस जीत ने उन्हें हरियाणा थंडरर्स के लिए खिताब दिलाया।

हरियाणा में 6 लाख एकड़ खारी जमीन को खेती योग्य बनाएगी सरकार

चंडीगढ़. केंद्रीय बजट 2026 में हरियाणा के लिए सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ कृषि क्षेत्र को लेकर सामने आया है। लंबे समय से राज्य के हजारों किसानों की समस्या बनी जलभराव और खारी जमीन को लेकर केंद्र ने पहली बार स्पष्ट और लक्षित हस्तक्षेप का संकेत दिया है। बजट में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत विशेष प्रावधानों के साथ तकनीकी और वित्तीय सहयोग का रास्ता खोला गया है, जिससे हरियाणा की करीब 6 लाख एकड़ प्रभावित भूमि को दोबारा खेती योग्य बनाने की दिशा तय मानी जा रही है। हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए केंद्र सरकार ने बजट में राज्य की उस समस्या को प्राथमिकता दी है, जो दशकों से उत्पादन और आय दोनों को प्रभावित कर रही थी। झज्जर, रोहतक, सोनीपत, हिसार, फतेहाबाद, जींद और सिरसा जैसे जिलों में जलस्तर ऊपर आने और लवणता बढ़ने से फसलें लगातार कमजोर होती गईं। बजट 2026 में इस चुनौती से निपटने के लिए वर्टिकल ड्रेनेज और सब-सरफेस ड्रेनेज जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का प्रस्ताव रखा गया है। बजट के बाद हरियाणा में जलभराव से प्रभावित भूमि के सुधार के लिए अगले 3 से 5 वर्षों का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत खेतों में जमीन के नीचे पाइपों का जाल बिछाकर अतिरिक्त पानी और नमक को बाहर निकाला जाएगा। इस तकनीक से पहले जिन खेतों में फसल उगाना मुश्किल था, वहां दोबारा खेती संभव हो सकेगी। केंद्र और राज्य की साझा रणनीति के तहत लागत का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करेगी। हरियाणा में करीब 12 लाख एकड़ कृषि क्षेत्र ऐसा है, जहां भूजल स्तर खतरनाक रूप से ऊपर पहुंच चुका है। इनमें से लगभग 6 लाख एकड़ भूमि गंभीर जलभराव और लवणता से प्रभावित है। झज्जर, रोहतक, सोनीपत, हिसार, फतेहाबाद, जींद और सिरसा जिले इस समस्या से सबसे अधिक जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन इलाकों में फसल उत्पादन 30 से 70 प्रतिशत तक घट चुका है। बजट के बाद ड्रेनेज सिस्टम, माइक्रो-इरिगेशन और जल संग्रहण योजनाओं को एकीकृत रूप से लागू किया जाएगा। हरियाणा सरकार ने लंबे समय से जलभराव और खारी जमीन की समस्या को प्रदेश के लिए गंभीर कृषि संकट बताते हुए केंद्र के समक्ष रखा था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं यह मांग केंद्र सरकार से की गई थी कि सेम से प्रभावित क्षेत्रों को प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति मानकर विशेष सहायता दी जाए। बजट 2026 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किए गए प्रावधानों को इसी मांग की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य की रणनीति को केंद्र का समर्थन मिला है।

हरियाणा में पात्र अनुबंध कर्मचारियों के लिए 20 फरवरी तक फिर खुला HKRNL पोर्टल

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने पात्र अनुबंध कर्मचारियों को राहत दी है। सरकार ने कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने के लक्ष्य से HKRNL के पोर्टल को फिर से खोलने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि हरियाणा सरकार की तरफ से अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को उनकी सेवा की सुरक्षा दी जा रही है. इसके लिए सरकार ने एक पोर्टल शुरू किया था। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक एचकेआरएनएल पोर्टल सिर्फ उन अनुबंध कर्मचारियों के लिए फिर से खोला जाएगा, जिनकी नियुक्ति 31 मार्च 2022 या उससे पहले हुई थी और जो फिलहाल में सेवा में कार्य कर रहें हैं। डाटा अपडेशन एवं पोर्टिंग के लिए विंडो 20 फरवरी तक खुली रहेगी। वहीं यह फैसला ऐसे अनुबंध कर्मचारियों द्वारा दिए गए बहुत से प्रतिवेदनों को ध्यान में रखते लिया गया है, जो अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत पात्र होने तथा 15 अगस्त 2024 तक 5 साल से ज्यादा की सेवा पूरी करने के बावजूद OTP हासिल न कर पाने या गलत डाटा एंट्री होने की वजह से अप्लाई नहीं कर पा रहे थे। जिसके लिए यह फैसला लिया गया है। 

पैरोल पर आए राम रहीम ने किया लाइव सत्संग

चंडीगढ़/सिरसा. साध्वी से दुष्कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पैरोल पर आने के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर लाइव कार्यक्रमों के जरिए अनुयायियों से जुड़ा। कानूनी पाबंदियों और संगत की भीड़ पर रोक के चलते यह फैसला लिया गया है। सिरसा, हिसार, कैथल, फतेहाबाद, पानीपत समेत 11 जगह पर कार्यक्रम हुए। गुरमीत राम रहीम सत्संग के दौरान नशा जैसी कुरीतियों के खिलाफ प्रवचन दिया और अनुयायियों को प्रेरित किया। सिरसा में यह कार्यक्रम कपास अनाज मंडी में रविवार सुबह 10 बजे से शुरू हुऐ और दो से तीन घंटे तक चला। इसके अलावा पंजाब में डेरा सच्चा सौदा और मानवता भलाई केंद्र की कई शाखाओं में भी लाइव सत्संग का आयोजन किया गया । सूत्रों के अनुसार गुरमीत सिरसा डेरा गुरुकुल से ऑनलाइन जुड़ेगा और बड़ी स्क्रीन के माध्यम से लाइव सत्संग दिखाया गया। अनुयायियों को पोस्टर जारी कर कार्यक्रम और पांच मुख्य विषयों के बारे में जानकारी दी गई है। सिरसा मंडी में कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति ले ली गई है। सिरसा डेरा प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक बुराइयों को त्यागने को लेकर है। खासकर नशा जैसी बुराई के त्याग के लिए गुरुजी अपना संदेश ऑनलाइन देंगे।

सूरजकुंड मेले में उपराष्ट्रपति ने चखा गोहाना का जलेबा का स्वाद

फरीदाबाद. सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के पहले दिन ही गोहाना का जलेबा ने मेले की चौपाल पर मिठास भर दी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मंच पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण को जलेबा का स्वाद लेने के लिए जलेबा परोसा। सीएम ने कहा कि इसकी मिठास अपनत्व का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जलेबा का स्वाद लेते हुए का कि यह मिठाई नहीं बल्कि हरियाणा की संस्कृति की पहचान और आत्मनिर्भरता की गौरव गाथा है। क्योंकि यह खास जलेबा सिर्फ इसी प्रदेश में मिल सकती है। उपराष्ट्रपति की इस बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलेबी हमारे प्रदेश की लोकसंस्कृति से भी जुड़ी है। मंच पर मौजूद पर्यटन मंत्री ने कहा कि जलेबा का स्वाद ही ऐसा हैं। जो इसको पूरे देश में खास बना देता हैं। सूरजकुंड मेला हर प्रोडेक्ट को लोकल टू ग्लोबल बना देता हैं। इस मेले में आकर ही गोहाना का जलेबा राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि गोहाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। गोहाना की जलेबी से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। इस दौरान इजिप्ट के एंबेसडर कामिल जायद गलाल और डिप्टी एंबेसडर दालिया तांतवे ने भी जलेबा का स्वाद लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों ने इसे हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया।

हरियाणा का राखीगढ़ी 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल

चंडीगढ़/हिसार. हरियाणा की धरती पर बसी सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे बड़ी पहचान राखीगढ़ी अब एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर है। केंद्रीय बजट में किए गए एलान के बाद राखीगढ़ी को देश के 15 ‘आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों’ की सूची में शामिल करने की घोषणा हुई है। इस फैसले के साथ ही राखीगढ़ी केवल खुदाई और शोध का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि इसे संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आम लोगों से जोड़ने के लिए चयनित पुरातात्विक स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसी नीति के तहत हिसार जिले की राखीगढ़ी को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए पाथ-वे, सूचना तंत्र और गाइड की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आने वाले लोग सभ्यता के अवशेषों के साथ उसका ऐतिहासिक संदर्भ भी समझ सकें। बजट से पहले भी बनी थी जमीन यह पहला मौका नहीं है जब बजट में राखीगढ़ी का जिक्र हुआ हो। केंद्रीय बजट 2025-26 में पहले ही राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की जा चुकी है। उस घोषणा के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां खुदाई और संरक्षण के कार्यों को गति मिली, जिससे इसके ऐतिहासिक महत्व को और मजबूती मिली है। इन बिंदुओं से समझें बजट के बाद राखीगढ़ी को मिलने वाली नई पहचान को – देश के 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया जाएगा  – संरक्षित टूरिज्म साइट के रूप में विकास, पाथ-वे और गाइड की व्यवस्था – पहले से घोषित 500 करोड़ के आवंटन से संरक्षण और खुदाई को बल – सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा टूरिज्म के नजरिये से क्या बदलेगा बजट के बाद राखीगढ़ी में केवल खोदाई स्थल नहीं, बल्कि सुनियोजित पर्यटन ढांचा विकसित करने की योजना है। परिसर के भीतर पाथ-वे बनने से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। प्रशिक्षित गाइड नियुक्त किए जाएंगे, जो सभ्यता, खुदाई और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी देंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्राचीन जीवन-शैली को समझाने का प्रयास किया जाएगा। क्यों खास है राखीगढ़ी राखीगढ़ी को हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट माना जाता है। यहां अब तक हजारों साल पुराने मानव कंकाल, मकानों की दीवारें, कच्ची ईंटें, तांबा, मनके, मोहरें और जल निकासी व्यवस्था के प्रमाण मिल चुके हैं। इन अवशेषों से संकेत मिलता है कि यह नगर सुव्यवस्थित शहरी योजना और तकनीकी समझ के साथ विकसित हुआ था। नदी से नगर तक की कहानी इतिहासकारों के अनुसार राखीगढ़ी प्राचीन सरस्वती नदी प्रणाली के किनारे बसा था। माना जाता है कि इसी नदी की सहायक धाराओं के सूखने के बाद इस नगर का पतन हुआ। खुदाई में मिले सूखे नदी-तल, कुएं और जल संरचनाएं इस थ्योरी को मजबूती देती हैं।