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झज्जर में ADGP ने जूती पहनने पर पुलिसकर्मी को किया सस्पेंड

झज्जर. पुलिस विभाग में अनुशासन को लेकर शुक्रवार को झज्जर पुलिस लाइन में उस समय सख्ती देखने को मिली, जब हरियाणा पुलिस के ए.डी.जी.पी. एच.एस. दुहन ने ड्रैस कोड का पालन न करने पर एक पुलिस कर्मचारी को जमकर फटकार लगाई और उसके निलंबन के निर्देश दिए। ए.डी.जी.पी. ने कहा कि यह पशुपालन विभाग नहीं बल्कि अनुशासन आधारित पुलिस विभाग है, जहां नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जानकारी अनुसार पुलिस लाइन में चल रही रिहर्सल दौरान संबंधित पुलिस कर्मचारी वर्दी के बजाय जूती पहनकर पहुंच गया था जिसे उच्चाधिकारी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना। मौके पर ही ए.डी.जी.पी. ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। ए.डी.जी.पी. एच.एस. दुहन शुक्रवार को झज्जर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस में सक्रियता और अनुशासन सबसे अहम है। अच्छा कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों को प्रोत्साहित व सम्मानित किया जाए जबकि निष्क्रिय और लापरवाह कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।

हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के आवेदन का आज अंतिम दिन

चंडीगढ़. हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जरूरी खबर है। आवदेन प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है।  अभी तक लगभग 3 लाख अभ्यर्थियों ने अपने फॉर्म को पूरा सबमिट कर लिया है। पुलिस भर्ती अभ्यर्थियों के पास आज रात यानी 31 जनवरी 2026 रात 11.59 बजे तक का ही समय है। अंतिम तिथि के बाद किसी प्रकार का कोई अतिरिक्त समय फॉर्म भरने के लिए नहीं मिलेगा। हरियाणा स्टाफ सिलेकशन कमीशन के चेयरमैन ने कल एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती को लेकर प्रदेश के युवाओं में जबरदस्त उत्साह और जोश है। स्वयं मैंने यह देखा है कि हमारे युवा साथी पूरे मनोयोग, मेहनत और निष्ठा के साथ पीएमटी एवं पीएसटी की तैयारियों में जुटे हुए है। सुबह हो या शाम, गांव-गांव में बच्चे मैदानों में दौड़ लगाते, अभ्यास करते और अपने लक्ष्य के लिए पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि हरियाणा का युवा अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास से भरा हुआ है। युवाओं का यह समर्पण और लगन निश्चित रूप से प्रशंसनीय है और आने वाले समय में सफलता का आधार बनेगा। नायब सरकार ने नए साल पर युवाओं को दिया था तोहफा बता दें कि हाल ही में नायब सरकार ने नए साल पर युवाओं को तोहफा दिया है। हरियाणा सरकार ने पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती निकाली है। HSSC ने 5 हजार 500 पदों पर पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इससे पहले 5 हजार 61 पदों पर सबसे बड़ी भर्ती हुई थी।

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ आज से आंधी-तूफान के साथ करवाएगी वर्षा

हिसार. मौसम में परिवर्तन के साथ ही शनिवार रात से उसमें बदलाव होगा। नए पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के साथ ही चार जिलों में वर्षा की चेतावनी दी गई है। एक फरवरी को पूरे प्रदेश में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ही तेज वर्षा होने की संभावना है। छह फरवरी के बाद फिर से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट आ सकती है। वहीं राजस्थान के कुछ क्षेत्र में ओलावृष्टि की चेतावनी के चलते हरियाणा के किसान भी चिंतित है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की तरफ से शनिवार रात से पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात और पलवल में वर्षा की संभावना है। इसमें सामान्य रूप से वर्षा हो सकती है। रविवार को पूरे प्रदेश में वर्षा होगी। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेगी। एक फरवरी को सिरसा, फतेहाबाद, जींद और भिवानी में हल्की वर्षा की संभावना है। बाकी प्रदेश के जिलों में तेज वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो तीन फरवरी तक वर्षा की संभावना है। उसके बाद दो दिन तक मौसम साफ रहेगा और छह फरवरी से फिर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। वहीं, शुक्रवार को रात के तापमान में उछाल आया है। सुबह के समय काफी जगह पर कोहरा छाया रहा। महेंद्रगढ़ का तापमान सबसे कम रहा। न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया। इसके अलावा अन्य सभी जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे ही हैं। हरियाणा में वर्षा के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी हवा छह फरवरी तक एक्टिव रहेगा पश्चिमी विक्षोभ, तीन तक वर्षा की संभावना, फिर दो दिन मौसम साफ

हरियाणा में 31 पेड़ों की कटाई पर दो अधिकारी सस्पेंड

सिरसा. हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने सिरसा में कष्ट निवारण समिति की बैठक में डेढ़ साल से चल रहे 31 पेड़ कटाई की शिकायत मामले में दो अफसरों को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया। इसमें एक जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विजय ढांडा और दूसरे वन विभाग कटाई के रेंज आफिसर सुंदर संधू है। विज ने अपने फैसले के खिलाफ दोनों को कोर्ट में जाने का सुझाव भी दे दिया। गांव कालुआना के ग्रामीणों ने 9 अप्रैल 2023 को गांव के जलघर से पेड़ काटने की शिकायत दी थी। इस शिकायत पर 25 मई 2024 को कष्ट निवारण समिति की बैठक में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए। लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि युवाओं को इसमे झूठा फंसाया जा रहा है। विज ने पिछली मीटिंग में चर्चा की तो पता चला कि 51 पेड़ों के अनुमति के अतिरिक्त 31 पेड़ काटे गए हैं। इसका खुलासा होने पर विज ने एडीसी की अध्यक्षता में डीएसपी और जिला वन मंडल अधिकारी को शामिल करके जांच कमेटी का गठन किया। एडीसी ने जांच रिपोर्ट में बताया कि पेड़ 12 से 13 काटे गए है। बाकी झाड़ियां थी। विज ने जनस्वास्थ्य विभाग के जलघर द्वारा अपनी संपत्ति की देखभाल ना करने और वन विभाग के रेंज आफिसर द्वारा जांच रिपोर्ट में इसका जिक्र ना करने पर सख्ती दिखाते हुए दोनों अधिकारियों को सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही लेबर ठेकेदार द्वारा झूठा शपथ पत्र देने पर उसके खिलाफ भी कारवाई के निर्देश दिए। विज ने पीडब्लूडी से आरओबी की मांगी रिपोर्ट मीटिंग के दौरान अनिल विज ने हिसार के उकलाना में बनाए जा रहे आरओबी को लेकर पीडब्लूडी के अधिकारियों से इस प्रोजेक्ट के बारे में पूछा। विज ने कहा कि आरओबी के चलते तंग गलियों से लोग गुजर रहे हैं। पीडब्लूडी के अधिकारियों से पूछा कि ये कौन सा साल चल रहा है। अधिकारी ने जवाब दिया कि 2026, विज ने कहा कि उकलाना के हालात देखकर मुझे तो 1946 लग रहा है। विज ने डीसी शांतनु शर्मा से पूछा कि डीसी साहब आप चंडीगढ़ किधर से जाते हो। डीसी ने जवाब दिया कि मैं तो पंजाब से जाता हूं। विज ने पीडब्लूडी के अधिकारियों से कहा कि मैं कहीं पर भी किसी भी जिले की रिपोर्ट ले सकता हूं। आरओबी की संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर मुझे भेजो। वहीं, पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा कि प्रदेश में रोडवेज के बेड़े में जल्द ही नई बसों को शामिल किया जाएगा और बसों में ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। ट्रैकिंग सिस्टम लागू होने से बसों की सटीक लोकेशन यात्रियों को मिलती रहेगी। आम आदमी एप के जरिए भी बसों की लोकेशन ट्रेस कर सकेंगे। इसके अलावा बस अड्डों पर स्क्रीन भी लगाई जाएगी, जिससे यात्रियों को बस के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।

खेल मंत्री ने दी जानकारी, हरियाणा में 44 स्टेडियम्स के लिए 114 करोड़ का निवेश तय

चंडीगढ़   खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। यह सच है कि सभी स्टेडियमों की हालत अभी आदर्श नहीं कही जा सकती लेकिन सरकार उन्हें बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। प्रदेश के 44 खेल मैदानों और स्टेडियमों के सुधार के लिए 114 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। मंत्री गुरुवार शाम को लघु सचिवालय में आयोजित हुई जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया कि खेल स्टेडियमों और मैदानों के रखरखाव और उपयोगिता बढ़ाने के लिए सभी उपायुक्तों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी बजट में खेलों के लिए और अधिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे लूट और भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि ऐसे बयान जनता को भ्रमित करने और सुर्खियों में बने रहने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं। सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।    

HSVP के ई-नीलामी प्रोजेक्ट पर रिव्यू, राइट टू सर्विस कमीशन ने 5 तक मांगी रिपोर्ट

फरीदाबाद  हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने फरीदाबाद के सेक्टर-77 में HSVP द्वारा की गई एक ई-नीलामी की समीक्षा करते हुए आदेश दिया है कि भविष्य में किसी भी प्लॉट को ई-नीलामी (e-Auction) में शामिल करने से पहले वहां सड़क, सीवरेज और बिजली जैसे सभी विकास कार्यों का पूरा होना अनिवार्य है। आयोग ने एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति को 5 हजार रुपए मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं। जानें क्या था पूरा मामला यह मामला फरीदाबाद के सेक्टर-77 में HSVP (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) द्वारा की गई एक ई-नीलामी से जुड़ा है। आवंटी मनोज वशिष्ठ ने एक प्लॉट खरीदा था, लेकिन विभाग ने बुनियादी विकास कार्य (सड़क, बिजली, पानी आदि) पूरे किए बिना ही उसकी नीलामी कर दी थी। इतना ही नहीं, प्लॉट को रिकॉर्ड में पूरी तरह 'क्लियर' बताया गया था, जबकि उसके सामने की जमीन कानूनी तौर पर अधिग्रहण की प्रक्रिया में फंसी थी। इस कारण आवंटी न तो समय पर कब्जा ले सका और न ही निर्माण शुरू कर पाया, उल्टा विभाग ने उससे नियम विरुद्ध 'एक्सटेंशन फीस' भी वसूल ली। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने इसी लापरवाही का संज्ञान लेते हुए विभाग को फटकार लगाई। प्रशासनिक लापरवाही पर आयोग की टिप्पणी… आम नागरिक सरकार पर विश्वास करके नीलामी में भाग लेते हैं। ऐसे में यह विभाग की जिम्मेदारी है कि वह सभी आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करे ताकि आवंटी बिना किसी बाधा के निर्माण कार्य शुरू कर सके। आवंटी को न्याय और विभाग को फटकार आयोग ने एस्टेट ऑफिसर को निर्देश दिए हैं कि आवंटी को देय विलंबित ब्याज का भुगतान किया जाए, कब्जे की तिथि में आवश्यक संशोधन किया जाए तथा वसूली गई एक्सटेंशन फीस नियमानुसार वापस की जाए। इस संबंध में अनुपालना रिपोर्ट 5 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव (CS) तक पहुंचा मामला आयोग ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी हरियाणा के मुख्य सचिव (Chief Secretary) को भी भेज दी है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक स्तर पर सुधार करना है ताकि भविष्य में अधिकारी ऐसी लापरवाही न बरतें। अनुपालना रिपोर्ट: आयोग ने HSVP से इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 5 फरवरी 2026 तक पेश करने को कहा है। अधिकारियों पर गिरेगी गाज: आयोग ने विभाग को यह छूट दी है कि आवंटी को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन से वसूल की जा सकती है। 5000 रुपए मुआवजा के निर्देश आयोग ने प्रभावित आवंटी मनोज वशिष्ठ को हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट, 2014 के प्रावधानों के तहत 5,000 रुपए तक का मुआवज़ा प्रदान करने के आदेश दिए हैं, जिसका भुगतान एचएसवीपी द्वारा 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। साथ ही, विभाग को यह स्वतंत्रता दी गई है कि नियमानुसार यह राशि संबंधित अधिकारियों से वसूल की जा सके। कमीशन ने जताई सुधार की उम्मीद राइट टू सर्विस कमीशन ने आशा व्यक्त की है कि भविष्य में एचएसवीपी द्वारा ई-नीलामी प्रक्रिया में सभी विकास कार्यों को पूर्ण करने के उपरांत ही नीलामी की जाएगी तथा आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

यात्रीगण ध्यान दें: जम्मू-कटरा की 38 ट्रेनों का समय बढ़ाया गया, बहाली की तैयारी

सोनीपत  जम्मू और वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों को आगामी दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। रेलवे ने 31 मार्च 2026 के बाद भी कई प्रमुख ट्रेनों के निरस्तीकरण और बीच रास्ते रद्द की समय अवधि को बढ़ाने का फैसला किया है। इस कारण लगभग 38 लंबी दूरी की ट्रेनें अब मई और जून 2026 तक प्रभावित रहेंगी। रद्द ट्रेन ट्रेन नंबर 12265/66 दिल्ली सराय रोहिल्ला-जम्मू दुरंतो, यह ट्रेन अब 31 मई को दिल्ली और 1 जून तक जम्मूतवी से रद्द रहेगी। इसी प्रकार 12207/08 जम्मू-काठगोदाम गरीब रथ अब 2 जून तक रद्द, 26405/06 अमृतसर-कटड़ा वंदे भारत 31 मई, 14503/04 कालका-कटड़ा एक्सप्रेस 30 मई, 22401/02 दिल्ली सराय रोहिल्ला-ऊधमपुर एसी एक्सप्रेस 31 मई, 14611/12 गाजीपुर-कटरा 29 मई, 22431/32 सूबेदारगंज-उधमपुर 31 मई, 22705/06 तिरूपति-जम्मूतवी हमसफर 29 मई और ट्रेन नंबर 26405/06 अमृतसर-कटरा वंदे भारत 31 मई तक रद्द रहेगी। बीच रास्ते रद्द/संचालन ट्रेन नंबर 12549/50 दुर्ग-उधमपुर 26 मई तक जालंधर स्टेशन पर रद्द होगी और वहीं से वापिस चलेगी। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 19223/24 अहमदाबाद-जम्मू एक्सप्रेस अब 1 जून तक फिरोजपुर तक ही चलेगी और वहीं से वापस होगी, 19415/16 साबरमती-कटरा 2 जून तक अमृतसर में रद्द/संचालित, 20433/34 जम्मू मेल 1 जून तक अंबाला पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी। ट्रेन नंबर 12549/50 दुर्ग-ऊधमपुर एक्सप्रेस 28 मई तक जालंधर कैंट तक संचालित, 20985/86 कोटा-ऊधमपुर एक्सप्रेस 28 मई तक लुधियाना तक संचालित, 20847/48 दुर्ग-उधमपुर 27 मई तक अंबाला स्टेशन पर रद्द/संचालित, 22941/42 इंदौर-उधमपुर 25 मई तक जालंधर स्टेशन पर रद्द/संचालित होगी। ये ट्रेनें होंगी बहाल ट्रेन नंबर 22439/40 नई दिल्ली-कटड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस 2 अप्रैल से अपनी पुरानी समय सारणी के अनुसार फिर से बहाल कर दी जाएगी। इसी प्रकार 14803/04 जोधपुर-जम्मू एक्सप्रेस जोकि अभी पठानकोट तक चल रही है, वो भी अपनी पुरानी समय सारिणी अनुसार निर्धारित मार्ग पर जम्मू तक चलेगी।

कमांडो काजल मर्डर के 4 कारण सामने, पति ने कॉल रिकॉर्डिंग पर हत्या का पूरा प्लान सुनाया

सोनीपत  हरियाणा के सोनीपत जिले की रहने वाली दिल्ली पुलिस की कमांडो काजल की हत्या के मामले में अब एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे सामने आ रहे हैं। मृतका की मां मीना ने साफ आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या अचानक नहीं, बल्कि पहले से सोची-समझी साजिश के तहत की गई। मां का कहना है कि काजल अपने पति अंकुर के कई ऐसे राज जान चुकी थी, जिनके उजागर होने का डर उसे सता रहा था। इसी डर और लालच ने मिलकर उसकी बेटी और उसके पांच माह के अजन्मे बच्चे की जान ले ली। वहीं आज कमांडो काजल की अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया गया है। बेटी की इसी प्रकार से मौत के बाद पूरे परिवार के लोग सदमे में है और न्याय की मांग कर रहे हैं। वे 4 कारण… जिनके चलते कमांडो काजल की हत्या की गई… दहेज की मांग और परिवार की नापसंदगी:कमांडो काजल की मां मीना ने बताया कि अंकुर का परिवार शादी के पहले दिन से ही काजल को पसंद नहीं करता था। परिवार को उम्मीद थी कि उन्हें दहेज में गाड़ी और तिलक की रस्म में डेढ़ लाख रुपये नकद मिलेंगे। काजल के परिजनों ने अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार ही बेटी की शादी की थी, लेकिन गाड़ी और नकद रकम न मिलने के कारण ससुराल पक्ष लगातार ताने मारता रहा। मां के अनुसार, इसी बात को लेकर काजल को मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। काजल ने जब यह बातें अपने पति अंकुर को बताईं और परिवार से अलग रहने की बात कही, तो अंकुर ने शुरुआती तौर पर तीन से चार बार मना किया। लेकिन जब विवाद ज्यादा बढ़ गया, तब दोनों दिल्ली के द्वारका स्थित फ्लैट में रहने चले गए। परिवार से अलग रहने के बावजूद आर्थिक मदद:मां मीना ने बताया कि परिवार से अलग रहने के बावजूद अंकुर अपने माता-पिता और भाई को हर तरह की आर्थिक मदद देता रहा। इस बात को लेकर काजल लगातार विरोध करती थी। काजल का कहना था कि जिन लोगों ने उसके साथ इतना बुरा व्यवहार किया, उनके लिए अंकुर का अलग न होना उसे अंदर ही अंदर तोड़ रहा था। उसकी बेटी की सारी सैलरी लाेन में लगवाई हुई थी। 22 जनवरी को अंकुर ने अपने पिता को दिल्ली बुलाया। उसी दिन छोटे भाई की शादी के लिए करीब 15 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदी गई। इसके अलावा, उसी रात अंकुर ने अपने भाई को 7 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए। ज्वेलरी खरीदने और पैसे ट्रांसफर करने को लेकर काजल ने विरोध जताया, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच तीखी कहासुनी हुई। शादी से पहले और बाद के अफेयर:मां मीना ने बताया कि साल 2023 में जब काजल और अंकुर की शादी की बात चल रही थी, तब परिवार ने अंकुर के बारे में जानकारी जुटाई थी। कुछ दोस्तों ने बताया था कि अंकुर के अन्य लड़कियों के साथ भी संबंध थे। यह बात काजल को बताई गई, लेकिन काजल ने साफ कहा था कि अंकुर उसके साथ अच्छा व्यवहार करता है और वह उसी से शादी करेगी। शादी के बाद भी अंकुर ज्यादातर समय घर से बाहर ही बिताता था, जिससे रिश्तों में और खटास आती चली गई। पेपर लीक और काले कारनामों का खुलासा: मां मीना ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि काजल अपने पति अंकुर के पेपर लीक से जुड़े काले कारनामों की पूरी जानकारी रखती थी। अंकुर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के रुड़की में एक कंप्यूटर लैब खोली हुई थी। इसी लैब के माध्यम से सरकारी नौकरियों के पेपर लीक कर पैसे लेकर लोगों को पास करवाया जाता था। लैब को तैयार करने के दौरान व्हाइट वॉश कर रहे एक युवक की मौत भी हो गई थी। इस मामले में पुलिस केस दर्ज हुआ था, लेकिन अंकुर ने पैसे देकर मामला रफा-दफा करवा लिया और बाहर आ गया। जब भी पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता, काजल मजाक में यह बात कह देती थी कि वह उस केस से बच तो गया है, लेकिन अगर उसके साथ कुछ हुआ तो वह पुलिस में शिकायत कर देगी। इस पर अंकुर उसे धमकी देता था कि पुलिस में उसकी अच्छी सेटिंग है और वह कुछ भी कर सकता है। कैसे रची गई हत्या की पूरी प्लानिंग मां मीना के अनुसार, 19 जनवरी को काजल अपने मायके गांव बड़ी आई थी। उसी दौरान 26 जनवरी की ड्यूटी को लेकर उसे फोन आया। 20 जनवरी को अंकुर भी गन्नौर आया और दोनों ड्यूटी के लिए एक साथ रवाना हुए। शाम को भी दोनों साथ लौटे। काजल ने मां को बताया कि वे वापस दिल्ली जा रहे हैं। अंकुर ने कहा कि 26 जनवरी की ड्यूटी कभी भी लग सकती है, इसलिए दिल्ली में ही रहेंगे। काजल रोजाना आना-जाना चाहती थी, लेकिन अंकुर ने प्लानिंग के तहत रात को द्वारका फ्लैट जाने की बात कही। इससे पहले बेटे देवांश को अपने माता-पिता के पास छोड़ दिया गया। 21 जनवरी को काजल ड्यूटी पर गई और 22 जनवरी को भी ड्यूटी से लौटकर शाम 6 बजे मां से वीडियो कॉल पर बात की। उस समय वह ड्रेस में थी और उसने बताया कि अंकुर आने वाला है। इसके बाद रात में वही विवाद हुआ, जिसने उसकी जान ले ली। रात डंबल से की गई निर्मम हत्या मां मीना ने बताया कि इसी विवाद के बाद 22 जनवरी की रात करीब 10 बजे अंकुर ने गुस्से में आकर काजल के सिर पर डंबल से वार कर दिए। हमले के बाद अंकुर ने खुद काजल के भाई निखिल को फोन कर बताया कि उसने काजल को डंबल मारे हैं और उसे अस्पताल लेकर जा रहा है। चार दिन पार्क अस्पताल, फिर गाजियाबाद रेफर काजल को पहले दिल्ली के पार्क अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चार दिन तक उसे एडमिट रखा गया। डॉक्टरों ने परिजनों को केवल इतना बताया कि उसकी नब्ज हल्की चल रही है। जब हालत में कोई सुधार नहीं हुआ, तो पांचवें दिन उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल में रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने काजल को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को … Read more

एचपीडब्ल्यूसी बैठक में बड़ा फैसला: सैनी सरकार देगी शहरों को 127.87 करोड़ की सौगात

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में बुधवार को हरियाणा निवास में शहरी स्थानीय निकाय विभाग की हाई-पावर्ड वर्क्स कमेटी (एचपीडब्ल्यूसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान, प्रदेशभर में प्रमुख शहरी अवसंरचना और विकास परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल भी मौजूद रहे। बैठक में कुल लगभग 136.64 करोड़ रुपये की 3 निविदाओं पर विचार किया गया, जबकि चौथी परियोजना के लिए पुनः निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए। इन तीनों निविदाओं में बोलीदाताओं के साथ विस्तृत बातचीत के उपरांत कार्यों की लागत लगभग 127.87 करोड़ रुपये निर्धारित की गई, जिससे इस पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से लगभग 8.77 करोड़ रुपये की बचत सुनिश्चित हुई। मंज़ूर की गई परियोजनाओं में अमृत योजना के तहत फरीदाबाद शहर में नागरिक सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी वाले क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रणाली प्रदान करने के लिए निविदा और अंबाला शहर नगर निगम में सड़कों की मशीनीकृत और मैनुअल सफाई का काम शामिल है, जिसका उद्देश्य सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना और शहरी स्वच्छता में सुधार करना है। इसके अलावा, बैठक में गुरुग्राम में माता शीतला देवी मंदिर परिसर के पुनर्विकास के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं, इलेक्ट्रिकल, एचवीएसी और अग्निशमन प्रणालियों से संबंधित शेष कार्यों को भी मंज़ूरी दी गई। बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने और सार्वजनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त प्रधान सचिव और आयुक्त एवं सचिव, शहरी स्थानीय निकाय डॉ. साकेत कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अंबाला नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने मेयर और पार्षद के 2 फरवरी तक मांगे आवेदन

अंबाला. कांग्रेस ने अंबाला नगर निगम चुनावों के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने मेयर और पार्षद पदों के इच्छुक उम्मीदवारों से 2 फरवरी तक आवेदन मांगे हैं। इसके बाद किसी का फार्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। हाल ही में शहरी कांग्रेस कमेटियों के गठन के बाद यह कदम उठाया गया है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह है। आवेदन बायोडाटा, जाति प्रमाण पत्र, आधार और वोटर कार्ड के साथ अंबाला शहर कांग्रेस भवन में या ईमेल द्वारा जमा किए जा सकते हैं। फार्मों में से चयन करने के बाद चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों के नामों पर मुहर लगाई जाएगी। बता दें, बीते दिनों से कांग्रेस ने अपनी गतिविधियों को बढ़ाना शुरू कर दिया है। जिला स्तर पर शहरी कांग्रेस कमेटियों का गठन कर दिया गया है। अब नगर निगम चुनावों को लेकर भी पूरी तरह से मैदान में उतरने का प्लान बनाया जा रहा है। इसी के चलते जिला स्तर पर कमेटी की ओर से फैसला लिया गया है, जिसमें मेयर से लेकर पार्षद तक से चुनाव में उतरने के लिए इच्छुक लोगों के आवेदन मांगे गए हैं। जिला कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन ठाकुर ने बताया कि कांग्रेस का संगठन बनने से कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। हरियाणा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के दिशा निर्देशानुसार, कांग्रेस पार्टी का समर्पित कोई भी कार्यकर्ता महिला या पुरुष मेयर का चुनाव या पार्षद का चुनाव लड़ना चाहता है तो वह प्रत्याशी अपने बायोडाटा के साथ-साथ अपना जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड व वोटर कार्ड अंबाला शहर कांग्रेस भवन में जाकर जमा करवा सकता है। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी ने एक ईमेल आईडी भी जारी किया है। प्रत्याशी चाहे तो इस ईमेल आईडी पर भी अपना आवेदन कर सकता है।