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नर सेवा-नारायण सेवा के मूलमंत्र को साकार कर रही है सरकार : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल.  ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि नर सेवा-नारायण सेवा मध्यप्रदेश की सरकार का मूलमंत्र है। मंत्री तोमर ने रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी कार्यालय पर सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के 722 लाभार्थियों को हित लाभ के प्रमाण पत्र वितरित किए। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि आपका यह सेवक जिस मुकाम पर है, यह आपके आशीर्वाद का ही प्रतिफल है। उन्होंने कहा कि आज जिन 722 लाभार्थियों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है, यह उनका हक है, जो मध्य प्रदेश की कर्मशील सरकार द्वारा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना प्रदेश सरकार का संकल्प है। इसकी पूर्ति के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। हमारा उद्देश्य सिर्फ विकास के सपने दिखाना या सिर्फ बातें करना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य करना है। उन्होंने दोहराया कि हर जरुरतमंद के चेहरे पर खुशहाली लाना ही हमारा लक्ष्य है। मंत्री तोमर ने कहा कि विकास का यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर के प्रत्येक नागरिक को अच्छी शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराना ही शासन की प्राथमिकता है। हम जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि अपने जीवन में स्वच्छता को अपनाएंगे और एक नया स्वस्थ, हरा-भरा, नशा मुक्त समाज बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें अपने शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए साथ मिलकर अपना सहयोग देना होगा। ऊर्जा मंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रमाण पत्र प्रदान किए। इसमें 209 पेंशन प्रमाण पत्र, 205 राशन पात्रता पर्ची, 244 कामकाजी महिला कार्ड तथा 64 आयुष्मान कार्ड शामिल हैं।  

एम्स भोपाल से मातृ मृत्यु के वैज्ञानिक कारणों की पहचान, बिना किसी झंझट के फ्री पैथोलॉजिकल ऑटोप्सी

भोपाल  प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) की स्थिति को सुधारने और प्रसव के दौरान होने वाली मौतों के वास्तविक कारणों की पहचान के लिए एम्स भोपाल में अब मातृ मृत्यु के मामलों में मुफ्त पैथोलॉजिकल (क्लिनिकल) ऑटोप्सी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह सेवा उन परिवारों के लिए मददगार साबित होगी जो अपनी प्रियजन की असामयिक मृत्यु के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझना चाहते हैं। खास बात यह है कि यह पूरी प्रक्रिया पुलिस हस्तक्षेप से मुक्त है और पूरी तरह गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न की जाती है। आमतौर पर ऑटोप्सी या पोस्टमार्टम का नाम आते ही पुलिस और कानूनी कार्यवाही का विचार आता है, लेकिन एम्स की यह सुविधा इससे पूरी तरह अलग है। यह एक क्लिनिकल ऑटोप्सी है, जो केवल परिवार के लिखित अनुरोध और सहमति पर की जाती है। इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं होती। इसका मुख्य उद्देश्य चिकित्सा विज्ञान की मदद से मृत्यु के उन कारणों को खोजना है, जो सामान्य जांच में स्पष्ट नहीं हो पाते। एम्स प्रबंधन के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया लगभग डेढ़ घंटे में पूरी हो जाती है। विशेषज्ञों द्वारा केवल जांच के लिए आवश्यक सूक्ष्म ऊतक ही लिए जाते हैं और सभी अंगों को पुनः शरीर में सुरक्षित स्थापित कर दिया जाता है। चेहरे को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई जाती और शरीर को टांकों से सुरक्षित कर ससम्मान परिवार को सौंपा जाता है। इसलिए जरूरी है जांच     हिस्टोपैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी रिपोर्ट के जरिए परिवार को पता चलता है कि मृत्यु के वास्तविक कारण क्या थे।     इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलती है कि कौन सी मौतें रोकी जा सकती थीं।     प्रमाणिक डेटा के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे। इनका कहना है     मातृ मृत्यु के मामलों को कम करना हमारी प्राथमिकता है। पैथोलाजिकल आटोप्सी के माध्यम से हम मृत्यु के उन सूक्ष्म कारणों तक पहुंच सकते हैं, जो भविष्य में अन्य महिलाओं की जान बचाने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने में मदद करेंगे- प्रो. डा. माधवानन्द कर, कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल।  

मोहला : पीएम-आशा योजना में किसानों को राहतः चना, मसूर और सरसों पंजीयन की तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ी

मोहला : पीएम-आशा योजना में किसानों को राहतः चना, मसूर और सरसों पंजीयन की तिथि 20 अप्रैल तक बढ़ी – रबी फसल उपार्जन हेतु पंजीयन जारी, नेफेड खरीदेगा एमएसपी पर चना, मसूर और सरसों – किसानों को 20 अप्रैल तक करना होगा पंजीयन, समर्थन मूल्य पर होगी फसलों की खरीदी मोहला  प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान पीएमआशा योजना के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत दलहनी एवं तिलहनी फसलों चनाए मसूर और सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 20 अप्रैल 2026 कर दी गई है। पहले यह तिथि 31 मार्च 2026 निर्धारित थी। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल  https://kisan.cg.nic.in/ पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा, जिसके लिए वे अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन के साथ ऋण पुस्तिका बी-1, पी-II आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति देना आवश्यक है।          राज्य शासन के निर्देशानुसार, जिन किसानों की गिरदावली या डीसीएस अपूर्ण है, उनके फसल और रकबे के सत्यापन हेतु पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र मान्य किया जाएगा। इसके आधार पर अधिसूचित सहकारी समितियां उपार्जन की प्रक्रिया पूरी करेंगी। जिले में उपार्जन कार्य के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ नेफेड को केंद्रीय एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है, जो पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज खरीदेगी।         सरकार द्वारा रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है, जिसमें चना 5875  रुपए प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपए प्रति क्विंटल और सरसों 6500 रुपए प्रति क्विंटल शामिल हैं। उपार्जन के लिए जिले में विकासखंड मोहला की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति गोटाटोला और विकासखंड चौकी की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति आमाटोला को अधिकृत केंद्र बनाया गया है। किसानों से सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक उपज खरीदी जाएगी। योजना के तहत प्रति एकड़ चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल और सरसों 5 क्विंटल की सीमा तक समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी।

लाडली बहना की 35वीं किस्त जल्द, eKYC अपडेट किया है? अप्रैल में 1500 रुपये मिलने की उम्मीद

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाओं को जल्द ही अप्रैल महीने की सौगात मिलने वाली है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 35वीं किस्त के रूप में जल्द ही 1500 रुपये खाते में आने वाले हैं। इस योजना के तहत अब तक 34 किस्तें जारी हो चुकी हैं। इन 34 किस्तों में पात्र महिलाओं के खाते में 54000 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा ट्रांसफर किया जा चुका है। पिछले महीने ग्वालियर जिले के भितरवार से मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाडली बहना योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को जारी की थी। इस महीने भी 10 से 15 अप्रैल के बीच 1500 रुपये की सम्मान राशि जारी हो सकती है। हालांकि अभी तक इस पर आधिकारिक अपडेट नहीं आया है। इस साल के बजट में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है। इस योजना के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 23,883 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। समग्र पोर्टल पर करें लाडली बहना योजना का eKYC लाडली बहना योजना से बहुत सी लाभार्थियों के नाम हटा दिए गए हैं। पात्रता की वेरिफिकेशन के लिए सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। अगर आपने अभी तक ईकेवाईसी नहीं कराया है तो समग्र पोर्टल पर जाकर इस काम को तुरंत ही करा लें। लाडली बहना योजना का पैसा बस कुछ ही दिनों में जारी कर दिया जाएगा। अगर आपका ईकेवाईसी नहीं हुआ होगा तो 1500 रुपये की सम्मान राशि का पैसा अटक सकता है।  कब आ सकती है 35वीं किस्त? हालांकि फिलहाल लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त को लेकर कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकारी संकेतों और पिछले पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि यह राशि 10 से 15 अप्रैल के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. इससे पहले योजना की 34वीं किस्त 13 मार्च को भेजी गई थी. इस बार भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि जारी कर सकते हैं।  1.25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ लाड़ली बहना योजना की 35वीं किस्त के तहत प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर किए जाने हैं. प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही हैं. वित्त विभाग ने किस्त जारी करने से जुड़ी प्रक्रिया शुरू कर दी है और किसी जिले से कार्यक्रम आयोजित कर राशि ट्रांसफर की जा सकती है।  60 साल की उम्र पूरी करने वाली महिलाओं को लेकर बदलाव अप्रैल माह में होने वाले नए सत्यापन के बाद जिन महिलाओं की उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी होगी, उनके नाम लाड़ली बहना योजना की सूची से हटाए जा सकते हैं. ऐसी महिलाओं को फिर वृद्धावस्था पेंशन योजना में शामिल किया जाएगा. प्रशासन का कहना है कि यह बदलाव पात्रता नियमों के अनुरूप किया जा रहा है।  आधार लिंक और ई‑केवाईसी जरूरी योजना की 35वीं किस्त का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों के बैंक खाते का आधार से लिंक होना और डीबीटी सक्रिय होना अनिवार्य है. साथ ही ई‑केवाईसी प्रक्रिया पूरी होना भी जरूरी है. इन्हीं आधारों पर पात्र महिलाओं को राशि भेजी जाती है।  अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में बताया था कि लाड़ली बहना योजना के तहत अब तक महिलाओं के खातों में 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है. केवल 34वीं किस्त में ही 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं को करीब 1836 करोड़ रुपये दिए गए थे. नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की बढ़ोतरी के बाद महिलाओं को अब हर महीने 1500 रुपये मिल रहे हैं।  ‘मजबूर नहीं, मजबूत बनी हैं बहनें' : मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से प्रदेश की महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं. वे न केवल घरेलू जरूरतें पूरी कर रही हैं, बल्कि अपने लिए रोजगार और स्व‑रोजगार के नए रास्ते भी खोज रही हैं. सरकार आने वाले समय में लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी काम करेगी।  ऐसे चेक करें भुगतान की स्थिति लाभार्थी महिलाएं योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” विकल्प के माध्यम से अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी डालकर भुगतान की स्थिति देख सकती हैं. ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद पूरी जानकारी स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगी। 

नितिन नवीन का बड़ा बयान: एनडीए में कोई मतभेद नहीं, बिहार में सत्ता परिवर्तन तय, बीजेपी का भविष्य होगा स्पष्ट

पटना  बिहार की राजनीति में बदलाव का दौर है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार (10 अप्रैल) को राज्यसभा की शपथ लेने जा रहे हैं. इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने NDA गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि गठबंधन के अंदर कोई मतभेद नहीं है और सभी फैसले तय प्रक्रिया के अनुसार हो रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में नितिन नवीन ने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में सत्ता परिवर्तन कब होगा और भाजपा कब अपना मुख्यमंत्री बनाएगी. नितिन नवीन ने इस सवाल पर कहा कि हमारे गठबंधन में किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है. सभी निर्णय तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं. तारीख की जानकारी जल्द दी जाएगी. उन्होंने इशारों में अगले मुख्यमंत्री के नाम का भी संकेत दे दिया।   मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेंगे।  इसके साथ ही लोकल से नेशनल नेता बन जाएंगे. ऐसे में अगले 48 घंटे में बिहार के सत्ता की दशा और दिशा दोनों ही तय हो जाएगी, जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई है बिहार की राजनीति फिर एक बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है. एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और पहली बार बीजेपी सूबे में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी।  नीतीश कुमार के राइट हैंड माने जाने वाले जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने पार्टी की तरफ से पहली बार साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि आगे बिहार की सत्ता को बीजेपी लीड करेगी. अब साफ है कि बिहार में बीजेपी बड़े भाई के रोल में तो जेडीयू छोटे भाई की भूमिका में होगी?  नीतीश कुमार का राज्यसभा कार्यक्रम नितिन नवीन ने बताया कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. इसके बाद जो भी राजनीतिक प्रक्रिया होगी वह उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी. उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया. इसमें किसी तरह की असहजता या टकराव की स्थिति नहीं है.भाजपा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि NDA में सभी दल गठबंधन धर्म का पूरी ईमानदारी से पालन कर रहे हैं. भाजपा हमेशा सहयोगी दलों के साथ सम्मानजनक संबंध बनाए रखती रही है. यही वजह है कि आज भी NDA के सभी दलों का भरोसा भाजपा पर कायम है. गठबंधन की मजबूती ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।  सीएम फेस पर नितिन नवीन का संकेत मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर उठ रहे सवालों पर नितिन नवीन ने किसी नाम का सीधा दावा नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि सभी चीजें समय के अनुसार तय होंगी. जो भी निर्णय होगा वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में तय दिशा के अनुसार ही होगा. ऐसे में साफ संकेत मिलता है कि NDA में बदलाव बिना नीतीश कुमार की सहमति के नहीं होगा. सूत्रों के अनुसार, अगला चेहरा सम्राट चौधरी का हो सकता है और यह लगभग तय माना जा रहा है. हालांकि, इसका आधिकारिक रूप से औपचारिक ऐलान बाकी है।  बिहार में अब नहीं होगा खेला, बीजेपी का सीएम बिहार में अब कोई सियासी खेला नहीं होगा. नीतीश कुमार की जगह बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा. जेडीयू के दिग्गज नेता और बिहार सरकार में मंत्री व‍िजय कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार में भाजपा बड़ी पार्टी है, लिहाजा सत्ता को लीड करने की जिम्मेदारी उन्हें ही लेना है. निर्णय उनका ही होगा, हम (जेडीयू) तो एनडीए के साथ हैं. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद कैबिनेट स्वत: भंग हो जाएगी. ऐसे में नई सरकार का गठन किया जाएगा और शुभ मुहूर्त में अच्छा दिन देखकर यह काम होगा।    विजय कुमार चौधरी का यह बयान इस मायने में अहम है कि अभी तक यह किसी बड़े नेता ने स्पष्ट रूप से नहीं कहा था कि अगला सीएम किस दल का होगा. बीजेपी को अब अपना नया मुख्यमंत्री चुनना है. बिहार में नए सीएम की करें तो रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है. हालांकि, अभी तक बीजेपी ने सीएम के नाम पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, सभी को इसी बात का इंतजार है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कौन-कौन बनाए जाते है।  दिल्ली में 10 अप्रैल को बीजेपी नेताओं के होने वाली बैठक में बिहार के नए सीएम के नाम पर चर्चा हो सकती है.मुख्‍यमंत्री के नाम पर आम सहमत‍ि का प्रयास किया जाएगा. बिहार से इस बैठक में प्रदेश अध्‍यक्ष संजय सरावगी, डिप्‍टी सीएम सम्राट चौधरी, व‍िजय कुमार सिन्‍हा समेत अन्‍य सीनियर लीडर शामिल होंगे. अब देखना है कि बीजेपी सत्ता का सिंहासन किसे सौंपती है?  बिहार की मौजूदा स्थिति भी बोले नितिन नितिन नवीन का यह बयान उस समय आया है जब बिहार में सरकार गठन और नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हैं. बता दें कि नीतीश कुमार ने पहले ही विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. 10 अप्रैल के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. NDA नेताओं के बयान से साफ है कि गठबंधन में सब कुछ नियंत्रण में है. कोई बड़ा मतभेद नहीं है।  विजय चौधरी ने भी क्लियर मैसेज दिया बता दें कि इसी प्रकार की बात जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी कही है. उन्होंने साफ-साफ कहा है कि बिहार में नई सरकार का नेतृत्व बीजेपी के पास होगा. विजय चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में बीजेपी बड़ी पार्टी है, इसलिए नेतृत्व उसी को करना है. उन्होंने कहा कि निर्णय भी बीजेपी ही लेगी और जेडीयू एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है।  बिहार की राजनीति में आगे क्या होगा? बहरहाल, नितिन नवीन के बयान के बाद अब सभी की नजरें अब 10 अप्रैल के घटनाक्रम पर हैं. नीतीश कुमार राज्यसभा की शपथ लेने के बाद पटना लौटेंगे. उसके बाद NDA की बैठक में अगले मुख्यमंत्री और सरकार के गठन पर फैसला होगा. भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान से गठबंधन की एकता और मजबूती का संदेश गया है. बिहार की जनता नई सरकार और नए सीएम का इंतजार कर रही … Read more

MP और राजस्थान के बीच नई रेल लाइन: मुगलिया हाट, दुराहा और श्यामपुर जैसे स्टेशनों पर पहली बार चलेगी ट्रेन

भोपाल  मध्यप्रदेश के रेल यात्रियों को 2026 के अंत तक एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भोपाल-रामगंज मंडी नई रेल लाइन परियोजना तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रही है, जिसके पूरा होने पर प्रदेश के कई हिल और दूरदराज इलाकों में पहली बार ट्रेन पहुंचेगी और राजस्थान से सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा।हाल ही में कोटा मंडल के अंतर्गत खिलचीपुर-राजगढ़ सिटी (17.8 किमी) रेलखंड पर रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। इस दौरान 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया। यह ट्रायल इस रूट पर जल्द यात्री सेवा शुरू होने का संकेत माना जा रहा है। कितना काम हुआ, कितना बाकी करीब 276 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना में अब तक 187 किलोमीटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें शेष 89 किलोमीटर का कार्य मार्च 2026 तक वित्तीय वर्ष 2026-27 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे कई स्टेशन इस परियोजना के तहत मध्यप्रदेश के राजगढ़ और सीहोर जिले के कई स्टेशन पहली बार रेल नक्शे पर आएंगे। इनमें पिपलहेड़ा, सोनकच्छ, नरसिंहगढ़, जमुनियागंज, कुरावर, श्यामपुर, दुराहा, झारखेड़ा, मुगलियाहाट, आदि शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लोग अब तक सड़क मार्ग पर निर्भर थे, लेकिन रेल सेवा शुरू होने के बाद भोपाल और राजस्थान के शहरों तक पहुंच आसान हो जाएगी। दूरी 100 किमी घटेगी, समय में 2-3 घंटे की बचत नई रेल लाइन शुरू होने के बाद भोपाल-कोटा के बीच करीब 100 किलोमीटर दूरी कम होगी और यात्रियों का 2 से 3 घंटे समय बचेगा। राजगढ़ और सीहोर के कई इलाके पहाड़ी और ग्रामीण हैं, जहां रेल सुविधा नहीं थी। नई लाइन इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ेगी, जिससे रोजगार, व्यापार और शिक्षा के नए अवसर खुलेंगे।रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे कई स्टेशन यह रहेगा संभावित किराया स्लीपर कैटेगिरी का     मुगलिया हाट 100–120 रुपए     झारखेड़ा 120–140 रुपए     दुराहा 130–150 रुपए     श्यामपुर 150–170 रुपए     जमुनियागंज 190–210 रुपए     कुरावर 170–190 रुपए     नरसिंहगढ़ 210–240 रुपए     सोनकच्छ 240–270 रुपए     पिपलहेड़ा 280–320 रुपए     ब्यावरा 320–360 रुपए  

समर्थन मूल्य पर पहले दिन हुई 1616 क्विंटल गेहूँ की खरीदी : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। पहले दिन 45 उपार्जन केन्द्रों पर 1616 क्विंटल गेहूँ का उपार्जन किया गया है। उन्होंने बताया कि शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अभी तक 97 हजार 474 किसानों द्वारा 4 लाख 46 हजार 582 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। 

2840 स्थानों पर हुई जाँच, 3691 गैस सिलेण्डर जब्त : मंत्री राजपूत

भोपाल.  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2840 स्थानों पर जांच की गई, 3961 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 734 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 01 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भण्डार है देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल] डीजल] पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। रसोई गैस की स्थिति रसोई गैस के संबंध में प्रदेश के बॉटलिंग प्लांटों में घरेलू एवं कॉमर्शियल एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के विरूद्ध एलपीजी सिलेण्डर का प्रदाय निरंतर रूप से किया जा रहा है। साथ ही कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को शासन द्वारा तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार आवंटन प्रतिशत के आधार पर कमर्शियल गैस सिलेण्डरों की सप्लाई सतत रूप से की जा रही है। घरेलू एवं कॉमर्शियल की सप्लाई में किसी प्रकार का अवरोध नहीं है। घरेलू एवं कॉमर्शियल सिलेण्डर की सप्लाई एवं वितरण सामान्य है। खाद्य मंत्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माईग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kg के सिलेण्डर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शन,सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वसहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें। पीएनजी गैस सीजीडी संस्थाओं तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिन घरों में पाईपलाईन की अधोसंरचना उपलब्ध है, एवं सप्लाई प्राप्त नहीं कर रहे है, ऐसे 1.5 लाख घरों को आगामी 03 माह में पीएनजी से कनेक्ट करने के लिये निर्देशित किया गया। इस हेतु सभी सीजीडी संस्थाएं शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कैम्प लगायें, जिसमें जिला प्रशासन, खाद्य विभाग नगर निगम/नगर पालिका के अधिकारी, ऑयल कंपनी और सीजीडी संस्थाओं के जिला अधिकारी उपस्थित रहें। ऐसे सभी घरों एवं व्यवसाईयों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराई जाये। अपर मुख्य सचिव द्वारा निर्देशित किया गया कि जिन स्थानों पर पूर्व से पीएनजी की पाइप लाईन है, सर्वप्रथम उन्हें प्राथमिकता से कनेक्शन दिए जाएं। साथ ही नई पाइन लाईन डालकर कनेक्शन का कार्य भी साथ-साथ किया जाए। सीजीडी संस्थाओं द्वारा अवगत कराया गया कि उन्होंने जिला कलेक्टर्स के माध्यम से आवश्यक मैन पॉवर प्राप्त करने की कार्यवाही कर ली है तथा आगामी माहों में लक्ष्य के अनुसार नये पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। भारत सरकार के निर्देशनुसार जिन स्थानों से पीएनजी की पाइन लाईन गई है, उसके आस पास के घरेलू एवं कमर्शियल उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन प्राप्त कर लें क्योंकि पीएनजी कनेक्शन प्राप्त न करने की स्थिति में आगामी 03 माह में एलपीजी की सप्लाई बंद की जा सकती है। समस्त सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरूद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। राज्य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की ROU स्वीकृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक प्राप्त सभी स्वीकृतियां जारी की जा चुकी है तथा कोई भी आवेदन शेष नहीं है। गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्य प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाईपलाईन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाईपलाईन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाईयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश सीजीडी संस्थाओं को दिये गये। कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कन्ट्रोल रूम नं. निम्नानुसार प्रदाय किये गये है – अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887) गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788) नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311) थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107) IOCL – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा(9424836488), अशोकनगर(9425119522), मुरैना(7223982333) BPCL – महैर, सतना, शहडोल(9424738607), सीधी, सिंगरौली(9424341954) गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) प्रदेश के उक्त शहरों में जिन स्थानों से पाईपलाईन गई है, उस पाईपलाईन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते है। प्रदेश के अन्य जिलों में पाईपलाईन का विस्तार होने के उपरांत पीएनजी कनेक्शन प्रदाय किये जा सकेंगे।    

विद्यालयों में पढ़ाई बने परिणामोन्मुखी: दीप मंत्र के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम, बोले मंत्री गजेंद्र यादव

रायपुर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना सुनिश्चित करें। पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन आज स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपेक्षा की गई कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के समान समता, शिक्षा एवं सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा राज्य के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाएं-स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की जीवनी के उल्लेख से करते हुए उनके संघर्षों एवं नागरिकों को समान अधिकार दिलाने में दिए गए योगदान को स्मरण किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं परिणामोन्मुखी बनाना रहा। बैठक में आगामी शैक्षणिक सत्र हेतु बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी एवं सफलता बढ़ाने की रणनीति, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया, अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार, पीटीए बैठकों की समीक्षा तथा पालक-अधिकारियों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में सह-शैक्षणिक गतिविधियों की उपलब्धियां, स्मार्ट क्लास एवं पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा नवाचार आधारित गतिविधियों पर भी विचार- विमर्श किया गया। बैठक में सेजस के विजन मिशन को पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4.22 लाख से अधिक अध्ययनरत विद्यार्थियों, स्मार्ट क्लासरूम, पुस्तकालय उपयोग, शिक्षकों की भर्ती, मॉनिटरिंग एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी साझा की गई। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी प्राचार्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों के मिलनसार व्यवहार, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों से मधुर संबंध तथा शिक्षण में ईमानदारी पर विशेष बल दिया। प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों द्वारा कम से कम एक कक्षा लेने का भी निर्देश दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान एवं दीप मंत्र तथा छुट्टी के समय गायत्री मंत्र एवं शांति पाठ का आयोजन किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, विद्यार्थियों को योग अभ्यास कराने एवं गार्डनिंग व हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने हेतु दो समूह अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही। शिक्षा मंत्री ने कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने तथा विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा देने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक के. कुमार, उपसंचालक ए.एन. बंजारा, डीईओ हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर से आए प्राचार्यगण उपस्थित रहे।

रसद विभाग की बड़ी कार्रवाई, घरेलू सिलिंडरों से वाहनों में गैस भरने वाले गिरोह पर कसा शिकंजा

बांसवाड़ा राजस्थान के बांसवाड़ा शहर में रसद विभाग ने अवैध गैस रिफिलिंग के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। रतलाम रोड स्थित एक गैरेज पर छापेमारी कर 18 गैस सिलिंडर जब्त किए गए। इनमें छह व्यावसायिक और 12 घरेलू सिलिंडर शामिल हैं। कुछ सिलिंडर पूरी तरह भरे हुए थे, जबकि कुछ आंशिक रूप से खाली पाए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां गैस सिलिंडरों से गैस निकालकर वाहनों में भरी जा रही थी, जो पूरी तरह गैरकानूनी है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। मुखबिर से मिली सूचना रसद विभाग को इस अवैध कारोबार की सूचना एक मुखबिर के जरिए मिली थी। सूचना मिलते ही प्रवर्तन अधिकारी लालशंकर डामोर के नेतृत्व में टीम ने बिना देर किए गैरेज पर दबिश दी। तलाशी के दौरान गैराज से बड़ी संख्या में गैस सिलिंडर संदिग्ध स्थिति में पाए गए। गतिविधियों की पुष्टि होते ही टीम ने तत्काल सभी सिलिंडर जब्त कर लिए। मामले की जांच जारी रसद अधिकारी ओम प्रकाश जोतड़ ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी इस तरह की अवैध रिफिलिंग की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।