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मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के लिए झारखंड में नए नियम लागू, हाईकोर्ट में याचिका निष्पादित

रांची झारखंड हाईकोर्ट में खुले में कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सकार की ओर से बताया गया कि झारखंड में मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के संचालन को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने नया रूल एवं रेगुलेशन प्रकाशित किया है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने जनहित याचिका को निष्पादित कर दी। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नगर विकास विभाग ने राज्य में संचालित मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को रेगुलेट करने के लिए नया रेगुलेशन प्रकाशित किया है। इसके तहत सभी मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन, 2011 तथा प्रिवेंशन आफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (स्लाटर हाउस) रूल्स, 2001 के प्रविधानों का पालन करना होगा। नगर निकाय से एनओसी लेना होगा अनिवार्य नए रेगुलेशन के तहत प्रत्येक मीट दुकान और स्लाटर हाउस के लिए संबंधित नगर निगम या नगर निकाय से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। एनओसी जारी करने से पहले संबंधित नगर निगम या नगर निकाय की ओर से मीट दुकान और स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद निर्धारित मानकों का अनुपालन पाए जाने पर एनओसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। खुले में मीट बिक्री के खिलाफ दायर हुई थी याचिका राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में दुकानों के बाहर खुलेआम कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री किए जाने के खिलाफ प्रार्थी श्यामानंद पांडेय ने झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि रांची शहर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मीट विक्रेता खुले में कटे हुए बकरे और चिकन को प्रदर्शित कर बिक्री करते हैं। प्रार्थी ने इसे खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के विपरीत बताया था। राज्य सरकार की ओर से नए रेगुलेशन की जानकारी दिए जाने के बाद अदालत ने याचिका को निष्पादित कर दिया।

जहां कभी लगती थीं नक्सलियों की जन अदालतें, वहां अब ग्राम सभा में ग्रामीण तय कर रहे अपने गांव का भविष्य

जहां कभी लगती थीं नक्सलियों की जन अदालतें, वहां अब ग्राम सभा में ग्रामीण तय कर रहे अपने गांव का भविष्य नारायणपुर के कच्चापाल में पेड़ की छांव तले जुटे ग्रामीण, लोकतंत्र की दिखी जीवंत तस्वीर प्रदेशभर में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन, ग्रामीणों की भागीदारी से तैयार होगा गांवों के विकास का रोडमैप रायपुर गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रदेशभर की ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं के बीच नारायणपुर जिले से लोकतंत्र की एक सुखद तस्वीर सामने आई। कभी नक्सल प्रभाव से जूझने वाले ओरछा विकासखंड की ग्राम पंचायत कच्चापाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण एक पेड़ की छांव तले ग्राम सभा के लिए जुटे और अपने गांव के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।        कच्चापाल की यह ग्राम सभा इसलिए भी विशेष रही कि बस्तर के जिन इलाकों में कभी नक्सलियों की तथाकथित ‘जन अदालतों’ का भय रहता था, उन्हीं क्षेत्रों में अब ग्रामीण संवैधानिक ग्राम सभा के मंच पर बैठकर अपनी बात रख रहे हैं और अपने गांव की विकास प्राथमिकताओं पर चर्चा कर रहे हैं। बदलते बस्तर की यह तस्वीर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है। पेड़ की छांव बनी लोकतांत्रिक संवाद का मंच         कच्चापाल में ग्राम सभा के लिए किसी बड़े सभागार की जरूरत नहीं पड़ी। गांव के लोग पेड़ के नीचे एकत्र हुए और सामूहिक रूप से गांव की आवश्यकताओं तथा विकास कार्यों पर चर्चा की। ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी ने ग्राम सभा को जीवंत बनाया। महिलाओं और ग्रामीणों ने भी चर्चा में हिस्सा लेकर स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषय सामने रखे।         प्रदेश की अन्य ग्राम पंचायतों में भी विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को अपने गांव की विकास प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया। विकसित भारत-जी राम जी योजनांतर्गत विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी विकास कार्यों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए। गांव की जरूरत के अनुसार बनेगा विकास का रोडमैप        विशेष ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अधोसंरचना जैसे विषयों पर स्थानीय जरूरत के अनुरूप कार्यों की पहचान पर जोर दिया गया। रिफॉर्म उत्सव के तहत ग्रामीणों को 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, समय पर रोजगार एवं मजदूरी भुगतान तथा योजना के अंतर्गत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों से संबंधित जानकारी भी दी गई। ग्राम सभाओं से मिले सुझाव विकसित ग्राम पंचायत प्लान का आधार बनेंगे। आगामी चरणों में गांवों के संसाधनों और आवश्यकताओं का आकलन कर विकास योजना का प्रारूप तैयार किया जाएगा। कच्चापाल की ग्राम सभा बनी बदलते बस्तर की तस्वीर          नारायणपुर के दूरस्थ कच्चापाल में पेड़ के नीचे लगी ग्राम सभा केवल एक बैठक तक सीमित नहीं रही। कभी नक्सल प्रभाव से जूझे इस क्षेत्र में ग्रामीणों का बड़ी संख्या में एक साथ बैठकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना बदलते बस्तर की महत्वपूर्ण तस्वीर है। जहां कभी भय और हिंसा के बीच तथाकथित जन अदालतों की चर्चा होती थी, वहां अब ग्राम सभा में गांव के लोग स्वयं अपनी जरूरतों और विकास के भविष्य पर संवाद कर रहे हैं।

शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव

शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव शास्त्री चौक में लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कायस्थ समाज दी श्रद्धांजलि रायपुर,  भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं कायस्थ समाज के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने रायपुर स्थित शास्त्री चौक में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए गौरव और कृतज्ञता का अवसर है। आज राष्ट्र अपने दो महान महापुरुषों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इन दोनों महान विभूतियों ने अपने जीवन और विचारों से देश को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। कद में छोटे होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व विराट था और उनके विचारों में राष्ट्र के प्रति अद्भुत समर्पण था। श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी शास्त्री जी ने जिस दृढ़ता, साहस और नेतृत्व का परिचय दिया तथा देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।  उन्होंने आगे कहा कि शास्त्री जी के जीवन की अनेक घटनाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। रेल मंत्री रहते हुए रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और ईमानदार सार्वजनिक जीवन का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श केवल राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल प्रस्तुत की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें, तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अंत में श्री संजय श्रीवास्तव ने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों एवं समस्त प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी को शत-शत नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव] राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।शास्त्री जी का सादगीपूर्ण जीवन, नैतिकता और राष्ट्रसेवा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : संजय श्रीवास्तव शास्त्री चौक में लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर कायस्थ समाज दी श्रद्धांजलि रायपुर, 02 अक्टूबर 2026। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव एवं कायस्थ समाज के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने रायपुर स्थित शास्त्री चौक में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर संजय श्रीवास्तव ने कहा कि आज का दिन हम सभी देशवासियों के लिए गौरव और कृतज्ञता का अवसर है। आज राष्ट्र अपने दो महान महापुरुषों, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं देश के द्वितीय प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मना रहा है। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि इन दोनों महान विभूतियों ने अपने जीवन और विचारों से देश को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण है कि व्यक्ति की महानता उसके शारीरिक कद से नहीं, बल्कि उसके विचारों, चरित्र और कर्मों से निर्धारित होती है। कद में छोटे होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व विराट था और उनके विचारों में राष्ट्र के प्रति अद्भुत समर्पण था। श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी शास्त्री जी ने जिस दृढ़ता, साहस और नेतृत्व का परिचय दिया तथा देश के जवानों का मनोबल बढ़ाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।  उन्होंने आगे कहा कि शास्त्री जी के जीवन की अनेक घटनाएं आज भी देशवासियों को प्रेरित करती हैं। रेल मंत्री रहते हुए रेल दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर अपने पद से इस्तीफा देना उनके उच्च नैतिक मूल्यों, जवाबदेही और ईमानदार सार्वजनिक जीवन का अनुपम उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श केवल राजनेताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए प्रेरणादायी हैं। श्रीवास्तव ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की जो मिसाल प्रस्तुत की, उसका छोटा-सा अंश भी यदि हम अपने जीवन में आत्मसात कर सकें, तो यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अंत में श्री संजय श्रीवास्तव ने अपनी ओर से, कायस्थ समाज, रायपुरवासियों एवं समस्त प्रदेशवासियों की ओर से भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी को शत-शत नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर रज्जन श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, सुभाष वर्मा, विट्ठल श्रीवास्तव, नवीन श्रीवास्तव, आदित्य श्रीवास्तव, डॉ. अमित श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, दीपेश श्रीवास्तव, अमृता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिजन को दी सांत्वना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि तिवारी के निवास पहुंचकर परिजन को दी सांत्वना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को युवा अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता स्व. श्री दिव्यऋषि तिवारी के पत्रकार कॉलोनी स्थित निज निवास पहुंचकर शोकाकुल परिजन को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. दिव्यऋषि के पिता श्री आनंद तिवारी, माता श्रीमती रविकला तिवारी, भ्राता श्री दिव्यांकु तिवारी एवं श्री युगान्तर तिवारी से मिलकर आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त कीं और सभी को ढांढ़स बंधाया। इस दौरान स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी, समाजसेवी श्री राहुल कोठारी, श्री रविन्द्र यति, श्री अमन यादव, श्री अतुल यादव, जनप्रतिनिधियों सहित स्व. तिवारी के सभी परिवारजन उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्री दिव्यऋषि तिवारी का बीते रविवार (27 सितम्बर) को भोपाल में एक सार्वजनिक स्थल पर स्थापित विद्युत पोल से करंट लगने से आकस्मिक निधन हो गया था। वे 30 साल के थे और जिला न्यायालय एवं हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे, साथ ही सामाजिक एवं समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय थे।  

टोंक रोड पर फिल्मी अंदाज में चोरी, चादरें लगाकर Rado शोरूम से लाखों की घड़ियां ले गए चोर

  जयपुर जयपुर में गुरुवार तड़के करीब साढ़े चार बजे जब शहर सो रहा था और टोंक रोड पर राडो लग्जरी घड़ियों के शोरूम में चोरी का पूरा 'ऑपरेशन' चल रहा था। छह-सात नकाबपोश आए, शटर के बाहर दो चादरें तानीं और फिर शुरू हुआ घड़ियां समेटने का सिलसिला। महज 36 मिनट में बदमाश 251 घड़ियां बैगों में भरकर निकल गए। चोरी गई घड़ियों की शुरुआती कीमत करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पूरी वारदात शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। सूत्रों के मुताबिक, चोरी की गई घड़ियों की कीमत 90 हजार से लेकर सात लाख रुपए तक है। आधा घंटे तक अंदर…क्या पहले से था 'नक्शा'? पुलिस को आशंका है कि चोरों को शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था और महंगी घड़ियों के डिस्प्ले की पहले से जानकारी थी। हालांकि, यह भी जांच की जा रही है कि घड़ियों का चयन पहले से तय था या मौके पर किया गया। बदमाशों ने पहले आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी। मौका देखकर शटर के बाहर कपड़े की दो चादरें आड़ी लगाईं, ताकि अंदर चल रही गतिविधियां सड़क से दिखाई न दें। घटना के बाद जांच करती पुलिस इसके बाद शटर तोड़कर उसे ऊपर उठाया और एक-एक कर अंदर दाखिल हो गए। अंदर पहुंचते ही उनका निशाना तय था। महंगी घड़ियों वाले शोकेस और काउंटरों तक पहुंचे और बैगों में घड़ियां भरने लगे। सीसीटीवी फुटेज में नकाब पहने बदमाश टॉर्च की रोशनी में लगातार घड़ियां समेटते नजर आ रहे हैं। कोई शोकेस खंगाल रहा था तो कोई बैग भरने में जुटा था। चार राज्यों में पहले भी इसी कंपनी के शोरूम बने निशाना शुरुआती जांच में सामने आया है कि देश के अन्य राज्यों में भी राडो घड़ियों के शोरूम चोरों के निशाने पर रहे हैं। जयपुर पुलिस अब इन पुरानी वारदातों के पैटर्न और आरोपियों के तौर-तरीकों का बारीकी से मिलान कर रही है। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस तेलंगाना में पकड़े गए उस अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में भी पता लगा रही है, जिसने 11 राज्यों में ऐसे शोरूम को निशाना बनाने की बात कबूल की थी। कुल 251 घड़ियां चोरी होना बताया गया है। सड़क पर लोग गुजरते रहे पुलिस को आशंका है कि बदमाश बाइक या चौपहिया वाहन से आए थे। वाहन शोरूम से कुछ दूरी पर खड़ा करने या किसी साथी के उन्हें नजदीक छोड़ने की भी संभावना है। वारदात के दौरान सुबह की सैर करने वाले लोग और वाहन वहां से गुजरते रहे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ताल शुरू कर दी है। सुबह 8 बजे खुला चोरी का राज दुर्गापुरा की चंद्रकला कॉलोनी निवासी शोरूम मालिक ने बजाज नगर थाने में मामला दर्ज कराया। सुबह करीब 8 बजे पड़ोसी दुकानदार ने शटर ऊंचा देखा तो मालिक को सूचना दी। अंदर जाकर देखा तो शोरूम में घड़ियों का बड़ा स्टॉक गायब था। शुरुआती जांच में 251 घड़ियां चोरी होना सामने आया है। मॉडल, कीमत और स्टॉक रिकॉर्ड का मिलान जारी है। इसके बाद चोरी गए माल की अंतिम कीमत स्पष्ट होगी। कई लग्जरी मॉडल लाखों रुपए कीमत के हैं। कैमरे बंद मिलने और लाइव मॉनिटरिंग न होने से खुली पोल पॉश और व्यस्त सड़कों में शुमार टोंक रोड पर चोरों ने सुरक्षा तंत्र को ठेंगा दिखाते हुए सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने लग्जरी घड़ी के शोरूम को आधे घंटे से अधिक समय तक इत्मीनान से खंगाला और करोड़ों रुपए की घड़ियां समेटकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात हो गई, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी। शोरूम में न तो कोई अलार्म सिस्टम था और न ही कोई ऐसा अलर्ट तंत्र, जो चोरी की भनक लगते ही मालिक या पुलिस को सतर्क कर सके। अगले दिन सुबह जब पड़ोस का दुकानदार शोरूम पर पहुंचा, तब चोरी का खुलासा हुआ और उसने शोरूम मालिक लितेश को इसकी सूचना दी। गश्त व्यवस्था पर सवाल जिस जगह पर यह चोरी हुई, वहां से बजाज नगर थाना महज सवा किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद बदमाशों का इतनी देर तक बेखौफ होकर शोरूम के भीतर रहना पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े करता है। यदि रात के वक्त पुलिस की चौकसी मजबूत होती, तो चोरों के लिए इस तरह आसानी से वारदात को अंजाम देना मुश्किल होता। सुरक्षा के दावे कागजी शहर में अभय कमांड सेंटर के जरिए हजारों कैमरों से पैनी नजर रखने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इस घटना ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शोरूम के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरे या तो बंद मिले या फिर उन पर किसी की नजर ही नहीं पड़ी। कैमरों के होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग का फेल होना बड़ी नाकामी है। एडिशनल डीसीपी ईस्ट पारस जैन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शोरूम में सुरक्षा के नाम पर अलार्म और अलर्ट सिस्टम दोनों ही नदारद थे। ये सवाल ताकि शहर रहे सुरक्षित बजाज नगर थाना इलाके में करोड़ों के सामान वाले इस शोरूम में हुई चोरी ने शहर के अन्य महंगे आभूषण, घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक शोरूमों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस को ऐसे प्रतिष्ठानों एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना भी जरूरी हो गया है। क्या जयपुर में सुरक्षा का मतलब सिर्फ वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालना रह गया है? टोंक रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर चोर आधे घंटे से ज्यादा सक्रिय रहे, तो पुलिस गश्त कहां थी? बजाज नगर थाने से महज सवा किलोमीटर दूर वारदात हुई, फिर पुलिस की मौजूदगी का असर क्यों नहीं दिखा? रात में बंद रहने वाले शोरूमों की सुरक्षा पुलिस गश्त में क्यों नहीं है? क्या हजारों कैमरों के होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग फेल हो रही है? क्या कमांड सेंटर के पास कैमरों के बंद होने या तकनीकी खराबियों का कोई रियल-टाइम डैशबोर्ड है? सेंधमारी होने पर मालिक को तुरंत सूचना देने वाला ऑटोमैटिक अलार्म सिस्टम क्यों नहीं था? क्या ऐसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों के लिए यह अनिवार्य किया जाना चाहिए? अपराध रोकने के लिए पुलिस, कमांड सेंटर और व्यापारियों के बीच कोई एकीकृत सुरक्षा तंत्र काम कर … Read more

स्कूल खेल प्रतियोगिताओं की नई तारीखें जारी, 4-6 और 9-11 अक्टूबर को होंगे मुकाबले

 चंडीगढ़ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 59वें राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिताओं के शेड्यूल में बदलाव किया है। जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों के अनुरोध के बाद विभाग ने नया शेड्यूल जारी कर दिया है। पहले चरण की प्रतियोगिताएं चार से छह अक्टूबर तथा दूसरे चरण की प्रतियोगिताएं नौ से 11 अक्टूबर तक होंगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से जिला उपायुक्तों तथा जिला खेल अधिकारियों व परिवहन विभाग के महाप्रबंधकों को भी पत्र भेजा गया है। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे जिलों से आने-जाने वाले खिलाडिय़ों के लिए आवश्यकतानुसार बसों की निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इन खेल प्रतियोगिताओं के संचालन और खिलाडिय़ों के खान-पान व ठहरने का खर्च अपने स्वयं के तय बजट व स्कीम से ही जारी करेंगे। अकादमिक सेल को भी निर्देश दिए गए हैं कि इस नए टाइम टेबल को टीचर्स डायरी में अपडेट करें ताकि स्कूलों की नियमित पढ़ाई और परीक्षाओं पर इसका असर न पड़े

LPU हिंसा में पुलिस का शिकंजा, आगजनी और लूटपाट के आरोप में 9 गिरफ्तार

जालंधर. लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा (LPU protest) में 28 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट और पुलिस वाहनों को आग लगाने के मामले में पंजाब पुलिस ने 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। डीआइजी नवीन सिंगला ने बताया कि, विशेष जांच टीम (SIT) ने अलग-अलग टीमों का गठन कर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म, समाचार चैनलों की फुटेज, एलपीयू और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों से जांच की। इसी आधार पर हिंसा में शामिल आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों में 7 यूनिवर्सिटी के छात्र हैं जो कि दो बाहरी लोग हैं। इस पूरे मामले को लेकर दो FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR नंबर 163, 28 सितंबर को थाना सतनामपुरा, जिला कपूरथला में दर्ज हुई।

राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन

राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. शास्त्री को किया नमन राज्यपाल ने गांधी जयंती पर गांधी साहित्य का किया वितरण भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल लोकभवन में आयोजित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लालबहादुर शास्त्री की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका नमन किया। गांधी साहित्य का वितरण किया। राज्यपाल पटेल ने लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों को महात्मा गांधी की पुस्तक "माय एक्सपेरिमेंट विथ ट्रुथ" भेंट की। लोकभवन के बैंक्वेट हाँल में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, उप सचिव सुनील दुबे, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ श्रीमती मीनाक्षी सिंह एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, तरनतारन में BSF ने 2 घुसपैठिए किए ढेर

तरनतारन  अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने आज शुक्रवार (02 अक्तूबर को) पाकिस्तान की तरफ से एक बड़ी घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। BSF के जवानों ने पंजाब के तरनतारन सेक्टर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों को मार गिराया है। ये दोनों राजोके गांव के पास भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों पाकिस्तानी नागरिकों ने शुक्रवार की दोपहर 12 बजे के करीब इंटरनेशनल बॉर्डर पार करके भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश की। ऐसा करते हुए BSF के जवानों ने उन्हें देख लिया। इसके बाद उन्हें चेतावनी देते हुए रुकने के लिए कहा। लेकिन चेतावनी के बावजूद दोनों लोग भारतीय इलाके की तरफ बढ़ते रहे। इसके बाद BSF जवानों ने फायरिंग की, जिसमें दोनों घुसपैठिए मारे गए। मिली जानकारी के अनुसार ये घटना तरनतारन क्षेत्र के अंतर्गत आते राजोके की है। बीती रात सरहद पर पहरा दे रहे जवानों ने भारतीय सरहद में लगाई गई कंटीली तारों के पार हरकत होते हुए देखी। तकरीबन 3 संदिग्ध पाकिस्तानी रात का फायदा उठाकर भारतीय सीमा की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए दिखाई दिए। सुरक्षा के मद्देनजर मौजूदा जवानों ने थर्मल इमेजिंग और दूरबीनों से संदिग्धों की गतिविधी को ट्रैक किया। लेकिन वे भारतीय सीमा में आ चुके थे।  जवानों ने दी लौटने की चेतावनी मौजूदा जवानों ने संदिग्धों की लोकेशन कंफर्म कर उन्हें वापस लौटने की चेतावनी दी। लेकिन घुसपैठियों ने वापस लौटने की जगह छिपने का प्रयास किया। बार-बार चेतावनी के बाद बीएसएफ के जवानों को सुरक्षा को देखते हुए फायरिंग करनी पड़ी। दो संदिग्धों के ढेर होने की सूचना  जवानों की तरफ से की गई कार्रवाई के दौरान दो घुसपैठियों को मार गिराने में सफलता मिली है। अनुमान यही है कि ये घुसपैठिए तस्कर थे, जो भारतीय सीमा में खेप पहुंचाने के मकसद से पहुंचे थे। इनसे क्या रिकवरी हुई है, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है।  घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। जल्द ही बीएसएफ के अधिकारी इसे लेकर जल्द जानकारी साझा करेंगे। 

भोपाल में अमित शाह का कार्यक्रम, गोपालक सम्मेलन में जुटेंगे 35 हजार से ज्यादा लोग

भोपाल  प्रदेश में राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के ठीक अगले दिन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भोपाल पहुंचेंगे। शाह करीब 23 घंटे राजधानी में रहेंगे। उनका दौरा मुख्य रूप से डेयरी, सहकारिता, पशुपालन, पुलिस और उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा। तीन अक्तूबर को भेल दशहरा मैदान में होने वाला राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन उनके दौरे का प्रमुख कार्यक्रम होगा, जिसमें 35 हजार से ज्यादा गोपालक और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्य जुटेंगे। शाह दो अक्तूबर की रात करीब नौ बजे भोपाल पहुंचेंगे और होटल ताज में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन दिनभर अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद रात करीब आठ बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे।  35 हजार गोपालकों के बीच बड़ा आयोजन भेल दशहरा मैदान में होने वाले सम्मेलन में पशुपालकों को बोनस राशि और गौशालाओं के लिए सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी बांटे जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की ओर से कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किए गए कामों और बलराम कृषि महोत्सव की गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। गृह, पशुपालन एवं डेयरी, सहकारिता, लोक निर्माण और परिवहन विभाग भी अपनी योजनाओं की जानकारी देंगे। भोपाल और इंदौर दुग्ध संघ से जुड़े पशुपालकों को बोनस तथा गौशालाओं के लिए सहायता देने के कार्यक्रम भी होंगे।  सांची के कारोबार को दूध से आगे ले जाने की तैयारी शाह भोपाल सहकारी दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का शुभारंभ भी करेंगे। 16.80 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट में केंद्र सरकार का छह करोड़ रुपये का अनुदान और भोपाल सहकारी दुग्ध संघ का 10.80 करोड़ रुपये का अंशदान है। प्लांट में रोज 40 हजार लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता है।    उज्जैन की 255 करोड़ की परियोजना भी एजेंडे में उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में डेयरी कारोबार को बढ़ावा देने के लिए 255 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक डेयरी प्लांट बनाया जाएगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 3 अक्टूबर 2026 को भोपाल से इस प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन करेंगे। मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ की ओर से बनाए जा रहे इस प्लांट से दूध के प्रसंस्करण और उससे बनने वाले उत्पादों की क्षमता बढ़ेगी। परियोजना की कुल लागत में से 170 करोड़ रुपये राज्य सरकार अनुदान के रूप में देगी, जबकि 85 करोड़ रुपये दुग्ध संघ ऋण के माध्यम से जुटाएगा। प्लांट को अगले दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रोज तीन लाख लीटर दूध होगा प्रोसेस उज्जैन के प्रस्तावित प्लांट में शुरुआत में रोज तीन लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण की क्षमता होगी। भविष्य में इसे बढ़ाकर पांच लाख लीटर प्रतिदिन किया जा सकेगा। इससे उज्जैन और आसपास के इलाकों में बढ़ रहे दूध उत्पादन को स्थानीय स्तर पर प्रोसेस करने में मदद मिलेगी। दूध, दही, छाछ और घी का होगा उत्पादन प्लांट में कई तरह के डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यहां रोजाना 1.50 लाख लीटर पैक्ड मिल्क, 25 हजार लीटर दही और 10 हजार लीटर लस्सी-छाछ बनाने की क्षमता होगी। इसके साथ ही रोज 10 मीट्रिक टन घी बनाने का प्लांट भी लगाया जाएगा। नए कानूनों से लेकर IISER तक कार्यक्रम शाह भेल मैदान में पुलिस मुख्यालय की ओर से लगाए गए नए आपराधिक कानूनों पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन करेंगे। इसके बाद भौंरी में IISER के अत्रि परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी प्रस्तावित है। इस तरह राहुल गांधी के बालाघाट दौरे के बाद अमित शाह का भोपाल कार्यक्रम प्रदेश की राजनीति के बीच अलग-अलग सरकारी और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। हालांकि शाह के घोषित कार्यक्रमों में मुख्य जोर डेयरी और सहकारिता क्षेत्र के विस्तार, पशुपालकों को योजनाओं का लाभ और सरकारी परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास पर है।    पशुपालकों को बोनस, गौशालाओं को मदद कार्यक्रम में शाह भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े पशुपालकों को बोनस वितरित करेंगे। गौशालाओं को आर्थिक सहायता दी जाएगी। गोपालक दीदियों का सम्मान होगा और डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। डेयरी क्षेत्र में भी कई घोषणाएं दौरे के दौरान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं की सौगात भी प्रस्तावित है। इनमें उज्जैन में 255 करोड़ रुपए का डेयरी प्लांट और भोपाल में फॉर्म्युलेटेड/फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट से जुड़ी सुविधा शामिल है। भोपाल दुग्ध संघ परिसर में तैयार फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट पर 16.80 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इससे दही, छाछ, लस्सी, श्रीखंड और मावा जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने की योजना है। किसान फोकस क्यों? मध्यप्रदेश विधानसभा में 2026 में दिए गए सरकारी जवाब के अनुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश में 1,11,88,295 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी थी। सरकार ने विधानसभा में कहा कि जिलावार फार्मर आईडी की जानकारी परिशिष्ट में दी गई है और शेष किसानों की आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है। यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि फार्मर आईडी की संख्या को किसान वोटरों की संख्या नहीं माना जा सकता। मतदाता सूची में मतदाताओं को किसान या गैर-किसान के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाता। इसलिए किसी जिले में कितने किसान मतदाता हैं, इसका अलग आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। केंद्र सरकार के मार्च 2026 तक के आंकड़ों में भी मध्यप्रदेश में 1.04 करोड़ से अधिक किसान आईडी बनने की जानकारी दी गई थी। जून तक राज्य सरकार का आंकड़ा बढ़कर 1.11 करोड़ से अधिक हो गया। शाह के हालिया कार्यक्रमों और बयानों में भी किसान-सहकारिता का जिक्र अमित शाह के इस दौरे का किसान-सहकारिता से जुड़ाव उनके हालिया राष्ट्रीय कार्यक्रमों से भी दिखाई देता है। 23 जून 2026 को सहकारिता मंत्री के तौर पर शाह ने NAFED का NAFEX ई-ऑक्शन पोर्टल लॉन्च किया था। उस कार्यक्रम में उन्होंने NAFED और NCCF को अगले दो वर्षों में दलहन की खरीद सीधे किसानों से करने की दिशा में काम करने को कहा था। उन्होंने किसानों को भुगतान सीधे बैंक खातों में पहुंचाने और बिचौलियों की भूमिका कम करने पर जोर दिया था। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच नर्मदा अवॉर्ड … Read more