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बिहार में सोलर एनर्जी पर जोर, 5,500 करोड़ रुपये से कृषि फीडरों का होगा सोलराइजेशन

 पटना  शहर का कचरा अब सिर्फ सफाई की चुनौती नहीं, कमाई का जरिया भी बनेगा। खेतों के फीडर सूरज की ऊर्जा से चलेंगे। गांधी जयंती पर बापू टावर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकास, पर्यावरण और शिक्षा से जुड़े लक्ष्यों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि पटना के कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन से करीब 50 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य है। राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी बनाई गई है और कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि फीडरों के लिए सरकार 5,500 करोड़ रुपये का अनुदान दे रही है।सोलराइजेशन से किसानों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के साथ ऊर्जा क्षेत्र में सरकारी खर्च कम करने में मदद मिलेगी। शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि बिहार के सभी 38 इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र 10 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में 700 मॉडल स्कूलों में करीब 3.5 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। विद्यार्थी साथी एप के माध्यम से इन विद्यार्थियों को 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा मिल रही है। शिक्षा के साथ विरासत पर काम मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार शिक्षा के साथ संस्कृति और विरासत के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के संग्रहालयों के लिए बिहार के विशेषज्ञों और सलाहकारों की सेवाएं ली जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने पद्मश्री से सम्मानित ब्रह्मदेव पंडित द्वारा निर्मित गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। वहीं, ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली शुरू करने के साथ सत्याग्रह पत्रिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता जैसे गांधीवादी मूल्यों को विकास योजनाओं से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने बापू टावर को गांधी के जीवन, विचारों और संघर्षों को समझने का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर नमन करते हुए कहा कि गांधीजी और शास्त्रीजी का जीवन सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। समारोह में भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, गांधीवादी विचारक रामजी सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और बापू टावर के निदेशक विनय कुमार समेत अन्य मौजूद रहे। परिवर्तन समूह के कलाकारों ने गांधी भजन और लोकगीतों को पेश कर कार्यक्रम को यादगार बनाया।  

‘राज्यसभा चुनाव भाईचारे का नहीं, दौलत का चुनाव’: अखिलेश पर बरसे ओम प्रकाश राजभर

‘संविधान नहीं, अखिलेश खतरे में हैं’: विपक्षी एकता के आह्वान पर सपा प्रमुख पर ओपी राजभर का हमला ‘राज्यसभा चुनाव भाईचारे का नहीं, दौलत का चुनाव’: अखिलेश पर बरसे ओम प्रकाश राजभर अखिलेश के पीडीए पर राजभर का तंज, बोले- ‘परिवारवाद के बाद अब ‘अपराधी’ आने वाले हैं’ ‘चार बार यादव को CM बनाया, मुस्लिम चेहरे पर नहीं सोचा’: अखिलेश पर राजभर का जोरदार हमला ‘सपा मुखिया को पता है सरकार नहीं आने वाली’: राज्यसभा चुनाव पर अखिलेश को राजभर का जवाब लखनऊ  राज्यसभा चुनाव के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जोरदार पलटवार किया है। राजभर ने कहा कि 2017 से अखिलेश यादव लगातार कह रहे हैं कि संविधान खतरे में है। जबकि सच यह है कि संविधान सुरक्षित है और खतरे में खुद अखिलेश यादव हैं। ‘चार बार यादव को बनाया मुख्यमंत्री, मुस्लिम की नहीं आई याद’ ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि 20 प्रतिशत आबादी वाले मुसलमानों ने वोट देकर चार बार यादव को मुख्यमंत्री बनाया लेकिन अखिलेश यादव के मन में एक बार भी यह विचार नहीं आया कि कम से कम किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाए। राजभर ने सपा अध्यक्ष की राजनीति पर भी सवाल उठाया। ‘सपा के लिए भाईचारे का नहीं, दौलत का चुनाव’ अखिलेश यादव के ‘भाईचारे के चुनाव’ वाले बयान पर ओपी राजभर ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह भाईचारे का चुनाव नहीं, बल्कि दौलत का चुनाव है। वहीं पीडीए को लेकर राजभर ने कहा कि इसमें परिवारवाद हावी है। राजभर ने रामगोपाल, दौलतमंद का जिक्र करते हुए कहा कि बस अब ‘अपराधी’ का नाम घोषित किया जाना बाकी है।  2022 में मेरी वजह से सीटें बढ़ीं- राजभर राजभर ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर कहा कि दोनों 2017 के विधानसभा चुनाव में भी मिलकर लड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि यादव और मुस्लिम वोट के साथ कांग्रेस का वोट भी गठबंधन में शामिल था, लेकिन सपा 47 सीटों पर ही जीत सकी। मंत्री राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय वह सपा के साथ थे और पार्टी 125 सीटों तक पहुंची। उन्होंने दावा किया कि अंबेडकरनगर की पांचों सीटें, आजमगढ़ की दस सीटें, गाजीपुर की सात सीटें, बलिया, मऊ समेत कुल 62 सीटों पर सपा को जीत सुभासपा की वजह से मिली। ‘अब अखिलेश को पता है सरकार नहीं आने वाली’- राजभर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आज अखिलेश यादव को सहारा देने वाला कोई नहीं है। उन्हें पता चल चुका है कि उनकी सरकार नहीं आने वाली है। इसी वजह से वे अपने लिए व्यवस्था करने में जुटे हुए हैं।

‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत-विकसित भारत’ की थीम पर चला राष्ट्रव्यापी अभियान

यूपी में 'स्वच्छता ही सेवा-2026' अभियान बना जन आंदोलन  ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत-विकसित भारत’ की थीम पर चला राष्ट्रव्यापी अभियान   21 हजार से अधिक जनभागीदारी कार्यक्रमों में करीब 27 लाख नागरिकों ने लिया हिस्सा 157 घंटे के महासफाई अभियान से सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता को मिली गति स्वच्छ पाठशाला के जरिए 2.16 लाख बच्चों को स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया स्वच्छ भारत दिवस पर सफाई मित्रों, स्वच्छ सारथी क्लब और स्वयं सहायता समूहों का सम्मान लखनऊ 'स्वच्छता ही सेवा' राष्ट्रव्यापी अभियान ने उत्तर प्रदेश में जन आंदोलन का रूप लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितंबर) से लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती (2 अक्टूबर) तक चलाए गए इस अभियान की थीम ‘स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत विकसित भारत’ रही। नगर निगमों और नगर पंचायतों को स्वच्छ बनाने के साथ नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए इस राष्ट्रीय अभियान को उत्तर प्रदेश में बड़ी सफलता मिली है। अभियान का शुभारंभ समस्त निकायों में मेयर, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और करीब 12 लाख नागरिकों की सहभागिता के साथ श्रमदान से हुआ। 21 हजार से अधिक जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें करीब 27 लाख नागरिकों ने प्रतिभाग किया। स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समितियों, स्वच्छ सारथी क्लबों और स्वयं सहायता समूहों समेत लगभग 47 लाख नागरिकों ने अभियान में सहभागिता और सहयोग किया है। जारी रहेगा विशेष स्वच्छता अभियान उत्तर प्रदेश में ‘स्वच्छता ही सेवा’ को विस्तार देते हुए 17 अक्टूबर 2026 तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ऐसे स्थानों को स्वच्छ किया जा रहा है, जहां नियमित रूप से अपेक्षित सफाई नहीं हो पाती। करीब 1.22 लाख स्वच्छता लक्षित इकाइयां (CTU) चिह्नित की गई हैं, जिनमें लगभग 1.10 लाख का विलोपन नागरिकों की सहभागिता से किया जा चुका है। अभियान के दौरान करीब 25 हजार सार्वजनिक स्थलों, 6,788 बाजारों, 13,919 मोहल्लों, 9,440 शौचालयों और 6,769 कार्यालयों में विशेष सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता सुनिश्चित की गई है।  स्वच्छ पाठशाला से बच्चों में संस्कार स्वच्छ पाठशाला कार्यक्रम के तहत करीब 13 हजार कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 3,640 स्वच्छ सारथी क्लबों से संबंधित करीब 2.16 लाख बच्चों को अभियान से जोड़ा गया। बच्चों के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 8,358 प्रतियोगिताएं एवं जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। सफाई मित्रों की सुरक्षा और सम्मान पर जोर स्वच्छता मित्र सुरक्षा शिविर के तहत 4,202 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें करीब 99 हजार सफाई मित्रों ने भाग लिया। लगभग 40 हजार सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। वहीं करीब 88 हजार सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण, 63 हजार को पीपीई किट का वितरण और करीब 1.77 लाख को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। 25 लाख घरों तक पहुंचा स्वच्छता संदेश जन भागीदारी के तहत करीब 25 लाख घरों को स्वच्छता आंदोलन से जोड़ा गया। लोगों को कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण और स्वच्छता की जिम्मेदारी में सक्रिय भागीदारी के लिए जागरूक किया गया। आरआरआर कॉन्सेप्ट से स्वच्छता के साथ समृद्धि स्वच्छता से समृद्धि कार्यक्रम के तहत आरआरआर (रिड्यूस, रीयूज व रीसाइकिल) कॉन्सेप्ट पर 3,461 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर स्वच्छता से जुड़ी 17,486 गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें एक लाख से अधिक नागरिकों ने भागीदारी की। 2 अक्टूबर को मनाया गया स्वच्छ भारत दिवस अभियान के तहत 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस उत्सव के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न निकायों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों, स्वच्छ सारथी क्लब के सदस्यों, ब्रांड एंबेसडरों और स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया गया।

वंदे भारत को मिलेगी और रफ्तार, BHEL बनाएगा 80 ट्रेनें; भोपाल में तैयार होंगे मोटर

भोपाल देश में अर्ध-तेज गति वाली रेल सेवाओं के विस्तार में भोपाल की भूमिका अब और ज्यादा मजबूत होने जा रही है। भारतीय रेल नेटवर्क पर दौड़ने वाली आधुनिक ट्रेनों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। BHEL-टीटागढ़ वैगन्स लिमिटेड (Titagarh Wagons Ltd) समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के निर्माण के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम ऑर्डर मिला है। इस मेगा प्रोजेक्ट में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ अगले 35 साल तक उनके रखरखाव की बड़ी जिम्मेदारी भी शामिल है। भोपाल यूनिट तैयार करेगी ट्रेनों का मोटर और विद्युत तंत्र इस महत्वाकांक्षी परियोजना में BHEL की भोपाल इकाई मुख्य रूप से ट्रेनों के मोटर तैयार करने का काम करेगी। इसके अलावा, कंपनी की भोपाल, बेंगलुरु और झांसी इकाइयां मिलकर इन आधुनिक ट्रेनों के लिए जरूरी प्रणोदन और विद्युत तंत्र का निर्माण करेंगी। ये सभी प्रणालियां ट्रेन के सुचारू संचालन के लिए बेहद जरूरी होती हैं। यही तंत्र ट्रेन में बिजली की आपूर्ति और उसे तेज गति प्रदान करने का काम करते हैं, इसलिए इन्हें तकनीकी रूप से ट्रेन का 'इलेक्ट्रिक हार्ट' भी कहा जा सकता है। बड़ा प्रोजेक्ट और लंबी जिम्मेदारी BHEL-टीटागढ़ वैगन्स समूह को 80 वंदे भारत ट्रेनसेट के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर मिला है। इस अनुबंध में ट्रेनों के निर्माण के साथ-साथ 35 साल तक का लंबा रखरखाव भी शामिल है। 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार होंगी ट्रेनें नई पीढ़ी की इन वंदे भारत ट्रेनों को अधिकतम 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया जाएगा, जबकि इनका नियमित परिचालन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस पूरी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल ट्रेन डिब्बों का निर्माण ही शामिल नहीं है, बल्कि उनके एकीकरण, परीक्षण और दीर्घकालिक रखरखाव का जिम्मा भी संयुक्त रूप से उठाया जाएगा। तीन इकाइयों की विशेषज्ञता का होगा इस्तेमाल इस परियोजना के जरिए BHEL अपनी अलग-अलग निर्माण इकाइयों की विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल करेगा। भोपाल के साथ-साथ बेंगलुरु और झांसी की यूनिट्स भी मिलकर काम करेंगी। ट्रेनसेट पूरी तरह तैयार होने के बाद उनके परीक्षण और मेंटेनेंस का काम दोनों कंपनियां मिलकर संभालेंगी, जिससे रेलवे सफर को और अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सके।

पटना से सोनपुर तक गंगा पर बनेगा रोपवे, 5 महीने में शुरू हो सकता है निर्माण; जानें पूरी योजना

पटना पटना से सोनपुर तक गंगा के ऊपर रोपवे बनाने की तैयारी तेज हो गई है। करीब सात किलोमीटर लंबे प्रस्तावित रोपवे का निर्माण कार्य अगले पांच महीने में शुरू होने की बात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कही है। यह रोपवे पटना को सीधे सोनपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर से जोड़ेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद लोग गंगा नदी के ऊपर से रोपवे के जरिए पटना से सोनपुर तक पहुंच सकेंगे। मरीन ड्राइव से हरिहरनाथ तक जुड़ेगा रोपवे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ताज होटल में आयोजित बिहार इन्वेस्टर मीट में इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। पटना-सोनपुर रोपवे इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना होगी। बताया गया है कि रोपवे पटना के मरीन ड्राइव क्षेत्र से शुरू होकर सोनपुर के हरिहरनाथ तक जाएगा। पीपीपी मॉडल पर तैयार होगी परियोजना इस रोपवे का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री इससे पहले श्रावणी मेले के उद्घाटन के दौरान भी पटना और सोनपुर के बीच रोपवे बनाने की घोषणा कर चुके हैं। प्रस्तावित रोपवे की लंबाई करीब सात किलोमीटर बताई जा रही है। गंगा के ऊपर से गुजरने वाला यह रोपवे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाने के साथ यात्रा का एक अलग अनुभव भी देगा। पर्यटन को मिलेगा नया आधार सरकार का फोकस बिहार में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार पर भी है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को अलग-अलग स्थानों पर रोपवे विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि ऐसे प्रोजेक्ट से राज्य में पर्यटन को मजबूती मिलेगी। पटना-सोनपुर रोपवे के जरिए हरिहरनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिल सकेगी। भागलपुर में भी गंगा पर प्रस्तावित है रोपवे बिहार के भागलपुर जिले में भी गंगा नदी पर एक रोपवे बनाने की योजना है। प्रस्तावित रोपवे सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम को अगुवानी गंगा घाट से जोड़ेगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंचने का नया माध्यम मिलेगा। मुख्यमंत्री पहले ही इस परियोजना की घोषणा कर चुके हैं। निवेशकों को सुविधाएं देने का भरोसा बिहार इन्वेस्टर मीट में मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने उद्यमियों से बिहार में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार उद्योगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। साथ ही निवेशकों को पूरी सुरक्षा देने का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। बाढ़ से बचाव के लिए तटबंध पर जोर मुख्यमंत्री ने गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी बिहार की ओर आता है। इस साल गंगा के जलस्तर ने पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं। बाढ़ से बचाव के लिए सरकार गंगा नदी के दोनों किनारों पर तटबंध बनाने की दिशा में काम कर रही है।

दिल्ली में नशे के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 48 घंटे में 256 आरोपी पकड़े; भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ चलाए गए ‘ऑपरेशन कवच-15.0’ के तहत नशीले और मन:प्रभावी पदार्थों (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत 214 मामले दर्ज कर एक नाबालिग समेत 256 अपराधियों को पकड़ा। 48 घंटों तक चला अभियान दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस के अनुसार, यह अभियान 24 सितंबर को शाम छह बजे से 26 सितंबर को शाम छह बजे तक 48 घंटे तक चलाया गया, जिसके बाद एक अक्टूबर को शाम छह बजे तक बाद की कार्रवाई की गई। इस दौरान दिल्ली ने 1,708 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की।पुलिस ने एक बयान में बताया कि अभियान में सभी जिला पुलिस इकाइयों के अलावा अपराध शाखा, स्वापक निरोधी कार्यबल (एएनटीएफ) और विशेष प्रकोष्ठ शामिल रहे। पुलिस ने ऑपरेशन में की ये बरामदगी पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 111.748 किलोग्राम गांजा, 3.959 किलोग्राम स्मैक/हेरोइन, 107.43 ग्राम कोकीन, 684.22 ग्राम एमडीएमए, 1.057 किलोग्राम चरस, एम्फेटामाइन की 55 गोलियां, अल्प्राजोलम की गोलियां, बुप्रेनॉर्फिन की 162 गोलियां, ट्रामाडोल के 8,026 कैप्सूल व 104 ग्राम मॉर्फिन समेत विभिन्न मादक पदार्थ बरामद किए गए। 15 भगोड़े अपराधियों को किया गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान 15 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार या पकड़ा गया, जबकि एनडीपीएस मामलों में वांछित, फरार सात आरोपियों का भी पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस एक अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा बुरे चरित्र (बीसी) के 140 व्यक्तियों और हिस्ट्रीशीटर की जांच की गई तथा मादक पदार्थ गतिविधियों में संलिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। दो अफ्रीकी नागरिकों को भी पकड़ा उन्होंने ने बताया कि विभिन्न मामलों में विदेशी नागरिक भी पकड़े गए। इनमें तीन नाइजीरियाई नागरिकों को कोकीन और एमडीएमए की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य मामले में दो अफ्रीकी नागरिकों को भी पकड़ा गया। जब्त किए गए चार वाहन पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थों के अलावा विभिन्न मामलों में नकदी, वाहन और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान कुल 23.08 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके साथ ही तीन कार व एक एक स्कूटी समेत चार वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने वजन मापने की तीन इलेक्ट्रॉनिक मशीनें, एक नकदी गिनने की मशीन तथा मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अन्य सामान भी बरामद किए। क्या है ऑपरेशन कवच का उद्देश्य पुलिस ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल तस्करों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला, वित्तीय नेटवर्क और उससे जुड़े लाभार्थियों की पहचान कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना भी है।

विदेशों में बसे हरियाणवियों के लिए बनेगा खास मंच, सरकार देगी पंजीकृत एसोसिएशन को बढ़ावा

 चंडीगढ़  हरियाणा की पहचान अब केवल दिल्ली की सीमाओं से लगे एक राज्य तक सीमित नहीं है। खेतों, खलिहानों, खेल के मैदानों, फौजी परंपरा और उद्यमिता से निकली हरियाणा की प्रतिभा पिछले कई दशकों में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंची है। किसी ने यूरोप में कारोबार खड़ा किया, किसी ने अफ्रीका में अपनी पहचान बनाई, तो कोई नई पीढ़ी के साथ अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया या खाड़ी देशों में बस गया। ये लोग भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन अपनी जड़ों से उनका रिश्ता अब भी उतना ही गहरा है। इसी रिश्ते को संस्थागत रूप देने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक नई पहल आरंभ की है। सरकार विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के लोगों को एक मंच पर लाकर पंजीकृत ‘हरियाणवी’ एसोसिएशन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। क्या है मकसद? मकसद सिर्फ एक सामाजिक संगठन खड़ा करना नहीं, बल्कि विदेश में बसे हरियाणवियों के लिए ऐसा नेटवर्क तैयार करना है जो जरूरत के समय सहयोगी, नई पीढ़ी के लिए संस्कृति का वाहक और हरियाणा के लिए दुनिया से जुड़ने का एक मजबूत सेतु बन सके। मजबूत कम्युनिटी सपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस पहल के तहत विदेश में रहने वाले हरियाणा मूल के प्रमुख लोगों, उद्योगपतियों, कारोबारियों, पेशेवरों और आम लोगों को एक साथ जोड़ने की परिकल्पना की गई है। विदेश सहयोग विभाग इन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है, जो विदेश में रहने वाले हरियाणवियों से जुड़े मामलों में सहयोग का माध्यम बनेगा। निवेश और बिजनेस नेटवर्क विदेश में नया जीवन शुरू करना हमेशा आसान नहीं होता। भाषा, स्थानीय कानून, रोजगार, कारोबार, दस्तावेज, शिक्षा और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां प्रवासी भारतीयों के सामने समय-समय पर आती रहती हैं। लोगों का संगठित नेटवर्क चुनौतियों से पार लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में यही एसोसिएशन स्थानीय स्तर पर एक तरह के ‘सपोर्ट सिस्टम’ के रूप में काम करेगी। विदेश में पहुंचने वाले किसी हरियाणवी युवा को रोजगार की तलाश हो, किसी कारोबारी को संपर्कों की जरूरत हो या किसी व्यक्ति को किसी मुश्किल परिस्थिति में सामुदायिक सहयोग चाहिए।

किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता, मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर; सचिवों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

मुख्यमंत्री योगी की मंशा को धरातल पर उतारने में जुटा मंडी परिषद, किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता  निदेशक कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से किया संवाद     गांधी जी एवं शास्त्री जी की जयंती पर उनके चित्रों पर किया माल्यार्पण   नवनियुक्त मंडी सचिवों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग किसानों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण और मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता पर दिया जोर लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी सरकार की किसान हितैषी नीतियों और मंशा के अनुरूप राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद द्वारा मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं किसान केंद्रित बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। यह जानकारी निदेशक मंडी परिषद जितेंद्र प्रताप सिंह ने दी। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया।    इस अवसर पर निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने कहा कि गांधी जी ने सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया, वहीं लाल बहादुर शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और देशभक्ति की मिसाल कायम की। दोनों महान विभूतियों का जीवन और आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त मंडी सचिवों से संवाद किया और मंडी व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ ही किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया।      निदेशक ने बताया कि प्रदेश में मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं किसान हितैषी बनाने के उद्देश्य से नवनियुक्त मंडी सचिवों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान मंडी सचिवों को मंडी संचालन, विभागीय कार्यप्रणाली, किसानों से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान, राजस्व एवं अन्य प्रक्रियाओं के साथ-साथ मंडी व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन की जानकारी दी जाएगी। मंडी सचिवों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।           निदेशक ने कहा कि मंडियां किसानों के लिए केवल कृषि उपज की बिक्री का केंद्र नहीं हैं, बल्कि किसानों को बेहतर सुविधाएं और उचित वातावरण उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने मंडी सचिवों को निर्देशित किया कि मंडियों में आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने किसानों की शिकायतों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण करने तथा मंडी व्यवस्था से जुड़े प्रत्येक कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।      जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंडी सचिवों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों और आढ़तियों से नियमित संवाद स्थापित करें। मंडी व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेकर उनका समयबद्ध समाधान कराया जाए। कृषि उपज की खरीद-बिक्री से संबंधित व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।          उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का जोर किसान हितों की रक्षा के साथ-साथ सरकारी व्यवस्थाओं को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने पर है। मंडी सचिव इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उन्हें अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता से निभाना होगा। प्रशिक्षण में विशेष रूप से ऐसे किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मंडी सचिवों को तैयार किया जाएगा, जो किसी कारणवश आर्थिक अथवा अन्य कठिनाइयों से प्रभावित हैं। किसानों को मंडियों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।    निदेशक विपणन टी.के. शीबू ने बताया कि प्रदेश में मंडी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का समयबद्ध एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडी सचिवों की भूमिका किसानों और मंडी प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में है। इस अवसर पर मंडी परिषद के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पूर्व IAS के घर चोरी का मामला: आगरा में मिला मोबाइल, आरोपी वरुण की चार राज्यों में तलाश

भोपाल पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या मामले में मुख्य संदिग्ध केयरटेकर वरुण कुमार अभी लापता है। रतीबड़ पुलिस, क्राइम ब्रांच और जोन-1 की टीमों के लगभग 50 लोग वरुण की तलाश में चार राज्यों में दबिश दे रही है। बुधवार को वह घटना के तुरंत बाद लापता हो गया था। आगरा में मिला फोन का लोकेशन घटना के बाद पुलिस को एक अहम सुराग मिला है। उनके घर से मोबाइल फोन, नकदी और गहनों की चोरी हुई थी। चोरी गए फोन का लोकेशन आगरा में मिला है। इसके बाद भोपाल पुलिस की टीम ने उस व्यक्ति से पूछताछ की है जो इसका इस्तेमाल कर रहा था। जांचकर्ताओं को उसने बताया कि यह फोन उसे एक खास जगह पर पड़ा मिला था। बेच दिया होगा फोन वहीं, भोपाल पुलिस को शक है कि आरोपी ने भागते समय आगरा में किसी को बहुत कम कीमत पर फोन बेच दिया होगा। कई हाथों से गुजरते हुए वह एक मौजूदा यूजर तक पहुंचा। ऐसे में पुलिस यह पता लगा रही है कि फोन आगरा कैसे पहुंचा। हत्या के बाद किन लोगों ने इसका इस्तेमाल किया है। सोने की चेन, अंगूठियां और महंगी घड़ियां हैं गायब पुलिस ने घटनास्थल से चोरी हुए सामान की जानकारी दी और बताया कि सोने की चेन, अंगूठियां और चार महंगी घड़ियां गायब थीं। सर्च टीमों ने मध्य प्रदेश, दिल्ली और यूपी में कई जगहों पर तलाशी ली। ग्वालियर, आगरा और पंजाब के कुछ हिस्सों और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की है। लेकिन वरुण का कोई सुराग नहीं मिला है। हत्या और डकैती का केस दर्ज रतीबड़ पुलिस ने फरार केयरटेकर के खिलाफ हत्या और डकैती का मामला दर्ज किया है, जबकि जांचकर्ताओं का कहना है कि उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। साथ ही पुलिस अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। पूर्व आईएएस अग्रवाल के कई लोगों के साथ वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही थी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उनमें से कोई हत्या से जुड़ा हो सकता है। सबूत मिटाने की कोशिश पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार शुक्रवार होगा, जब उनका बेटा अमेरिका से आएगा। आरोपी ने घटना के बाद जानबूझकर सबूत मिटाने की कोशिश की होगी। उसने एलपीजी सिलेंडर के पाइप हटा दिए थे। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक आयरन चालू छोड़ दिया था। जांच करने वालों ने पाया है कि पूर्व नौकरशाह की हत्या के बाद एक बड़ा धमाका करने और आग लगाने की योजना थी। आरोपी के पिता ने कर ली है दूसरी शादी पुलिस की जांच टीम ग्वालियर भी पहुंची, यहां आरोपी वरुण के पिता रहते हैं। जांचकर्ताओं को पता चला है कि वरुण की मां के निधन के बाद पिता ने दूसरी शादी कर ली है। इसके बाद वरुण का पिता से संपर्क टूट गया था। जबकि पंजाब में रहने वाली उसकी बहन ने भी पुलिस के सामने बयान दर्ज करवाया है। बीमार पड़ने के बाद केयरटेकर रखा रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की पत्नी निशी ने पुलिस को बताया कि अस्पताल में दो सप्ताह बिताने के बाद वह घर लौटे तो परिवार को उनकी देखभाल के लिए केयरटेकर की जरूरत थी। बेटे को रिसर्च वर्क के लिए वापस अमेरिका जाना था। पहले वाला चला गया गांव परिवार ने शुरू में एक हेल्थकेयर एजेंसी के जरिए विनोद नाम के केयरटेर को काम पर रखा था, लेकिन उसने यह कहकर नौकरी छोड़ दी कि उसे कागजात लाने के लिए गांव जाना है। इसके बाद उसने शादी कर ली। इसके बाद एजेंसी ने 26 सितंबर को वरुण को भेजा था। वरुण रिटायर्ड अधिकारी राकेश अग्रवाल के कमरे के बाहर हॉल में सोता था।

पंजाब के 3602 सरकारी स्कूलों को मिलेंगे नए संसाधन, सरकार ने जारी किए 80 करोड़ से ज्यादा

चंडीगढ़  पंजाब के सरकारी स्कूल अब एक जैसे तय रंगों में नजर आएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 3602 सरकारी स्कूलों में व्हाइटवाश, पेंट और कलर कोडिंग कराने के लिए 80 करोड़ 45 लाख 40 हजार रुपये की राशि जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि विभाग ने केवल रंग-रोगन कराने तक ही निर्देश सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि स्कूल की हर दीवार पर कौन सा रंग होगा, कितनी परतें लगेंगी और सामग्री की खरीद से लेकर भुगतान तक का हिसाब कैसे रखा जाएगा, यह भी तय कर दिया है। एक अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार यह राशि ईडीएस-53 ‘कन्वर्टिंग गवर्नमेंट स्कूल्स इनटू स्मार्ट स्कूल’ योजना के तहत दी जा रही है। इसके तहत 764 सीनियर सेकेंडरी, 411 हाई, 1895 मिडिल और 532 प्राइमरी स्कूलों में काम होगा। कुल 67.04 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में व्हाइटवाश और पेंट कराया जाएगा। विभाग ने प्रति वर्ग फुट 12 रुपये की दर से खर्च का अनुमान लगाया है। अमृतसर में सबसे ज्यादा स्कूल, लुधियाना में सबसे ज्यादा राशि जिलेवार देखें तो अमृतसर में 334 स्कूलों को इस योजना में शामिल किया गया है। यहां करीब 6.13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। लुधियाना के 261 स्कूलों के लिए सबसे अधिक 7.50 करोड़ रुपये का प्रावधान है। गुरदासपुर के 240 स्कूलों पर 5.89 करोड़, जालंधर के 231 स्कूलों पर 6.05 करोड़ और होशियारपुर के 236 स्कूलों पर 5.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पटियाला के 326 स्कूलों के लिए 4.88 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सिर्फ सफेदी नहीं, रंग भी सरकार ने तय किया विभाग ने स्कूलों के लिए रंगों की पूरी कोडिंग तय की है। कमरों के अंदर तीन फुट तक एनामेल पेंट ब्रॉन्ज मिस्ट और इसके ऊपर सेन ओट्स रंग कराया जाएगा। बरामदे, कोरिडोर और गलियारे में तीन फुट तक रैप्सोडी और ऊपर एग कस्टर्ड रंग होगा। दरवाजों और खिड़कियों पर गोल्डन ब्राउन पेंट के कम से कम दो कोट करने होंगे। बाहरी दीवारों पर वेदर प्रूफ पेंट लगाने के निर्देश हैं। पुरानी दरार और लीकेज पहले ठीक होगी विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेंटिंग से पहले दीवारों की दरारें भरने और लीकेज ठीक करने का काम होगा। पुराने रंग को रगड़कर साफ करने, पुट्टी और प्राइमर लगाने के बाद कम से कम दो कोट पेंट करने होंगे। आईएसआई मार्क वाली सामग्री खरीदना अनिवार्य किया गया है। एसएमसी प्रस्ताव के बिना काम नहीं काम शुरू करने से पहले जेई से संपर्क और स्कूल मैनेजमेंट कमेटी का प्रस्ताव जरूरी होगा। खरीदी गई सामग्री का स्टाक रजिस्टर, अकाउंट रजिस्टर, लेजर और कैशबुक अपडेट करनी होगी। विभाग ने साफ किया है कि जारी राशि का इस्तेमाल केवल व्हाइटवाश और पेंटिंग के लिए ही किया जाए। जिस स्कूल में पहले से यह काम हो चुका है, वहां की राशि मुख्यालय की मंजूरी के बाद दूसरे जरूरतमंद स्कूल को दी जा सकती है। निर्माण कार्य चल रहे स्कूलों में सिविल वर्क पूरा होने के बाद ही रंग-रोगन शुरू होगा।