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कनाडा से पंजाबियों को राहत! नए रिफ्यूजी नियम लागू, अवैध एंट्री के बाद भी मिलेगा असाइलम का मौका

जालंधर कनाडा में रह रहे पंजाबियों को कनाडा सरकार ने वीजा नियमों में राहत दी है। इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) ने बिल C-12 के तहत 6 नए नियम लागू किए हैं। नए नियमों के अनुसार अब कनाडा पहुंचने के 14 दिन के अंदर शरणार्थी का दावा किया जा सकता हैं।  IRCC के अनुसार, ये बदलाव सिस्टम में बढ़ रहे आवेदनों के बोझ को कम करने, प्रशासनिक देरी को समाप्त करने और इमिग्रेशन व्यवस्था सही करने के लिए किए गए हैं। इससे केवल जरूरतमंदों को समय पर सुरक्षा मिल सकेगी। इन बदलावों से जो लोग तय समय-सीमा के कारण अयोग्य माने जाएंगे, उनके लिए भी प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट (PRRA) का सुरक्षा विकल्प बरकरार रहेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी को भी ऐसे स्थान पर न भेजा जाए, जहां उसे जान का जोखिम हो। पहले रिफ्यूजी वीजा के लिए अप्लाई करने की सीमा एक साल थी। इससे इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के पास पेंडिंग मामलों का अंबार लग गया था। इससे वास्तविक जरूरतमंदों को भी सुनवाई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। कनाडा इमिग्रेशन के 6 प्रमुख बदलाव…     शरणार्थी दावे के लिए एक साल का नियम: अब कोई भी व्यक्ति कनाडा में आने के एक साल के भीतर ही शरण (Asylum claim) के लिए दावा कर सकता है। यदि कोई व्यक्ति कनाडा में आने के एक साल बाद दावा करता है, तो उसके मामले को इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (IRB) के पास नहीं भेजा जाएगा और वह अयोग्य माना जाएगा।     अवैध रूप से सीमा पार करने वालों के लिए 14 दिन की समय-सीमा: यदि कोई व्यक्ति अमेरिका से कनाडा की सीमा को आधिकारिक चेकपोस्ट से अलग किसी अन्य रास्ते से पार करता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर शरण का दावा करना अनिवार्य है। 14 दिनों के बाद किए गए दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।     आवेदन प्रक्रिया का आधुनिकीकरण: शरणार्थी प्रणाली को तेज और आसान बनाने के लिए अब ऑनलाइन आवेदन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार केवल उन्हीं आवेदनों को स्वीकार करेगी, जो पूरी तरह से दस्तावेजों के साथ तैयार होंगे, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।     डेटा साझा करने का अधिकार: अब इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के पास यह कानूनी अधिकार है कि वह शरणार्थियों से संबंधित जानकारी अन्य सरकारी विभागों (प्रांतीय और संघीय) के साथ साझा कर सके। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं में बेहतर तालमेल बिठाना और सुरक्षा को पुख्ता करना है।     इमिग्रेशन दस्तावेजों में किया जा सकता बदलाव: जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार के पास अब वीजा, वर्क परमिट या स्टडी परमिट जैसे दस्तावेजों को रद्द करने, निलंबित करने या बदलने की व्यापक शक्तियां हैं। ऐसा कोई भी निर्णय लेने से पहले सरकार को संसद में इसकी जानकारी देनी होगी।     देश निकाले से पहले जोखिम का मूल्यांकन होगा: जो लोग नए नियमों के कारण शरण के लिए अयोग्य पाए जाते हैं, उनके लिए भी एक सुरक्षा विकल्प मौजूद है। इसे प्री-रिमूवल रिस्क असेसमेंट कहते हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी को भी ऐसे देश में वापस न भेजा जाए, जहां उसे जान का खतरा या उत्पीड़न का डर हो। आपराधिक मामले में छूट नहीं मिलेगी रिफ्यूजी के लिए वे लोग अप्लाई करते हैं जो कनाडा के नियम पूरे न करने पर (पूरा टैक्स न देने, पेपर क्लीयर न करने के कारण) अपना पीआर अप्लाई नहीं कर पाते। रिफ्यूजी के तहत बिना पीआर के भी रह सकते हैं। हालांकि, आपराधिक मामले में छूट नहीं मिलेगी।

NEET परीक्षा से जुड़े इनपुट पर STF का एक्शन, रोहतक में दो डॉक्टर समेत तीन लोग हिरासत में

रोहतक. नीट परीक्षा पेपर संबंधित सूचना पर सोनीपत एसटीएफ ने रोहतक के दो चिकित्सकों और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि प्रारंभिक जांच में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के उल्लंघन से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नीट परीक्षा के नाम पर प्रश्नपत्र बेचने अथवा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रोहतक में छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों और एक शिक्षक को पकड़ कर पूछताछ की। हालांकि मामला अस्पताल में लेन-देन से संबंधित बताया गया है। पूछताछ के दौरान एसटीएफ ने तीनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसियों को फोन में परीक्षा की तैयारी से जुड़े प्रश्न और अध्ययन सामग्री तो मिली, लेकिन अब तक ऐसा कोई दस्तावेज या प्रश्नपत्र बरामद नहीं हुआ है जिसे नीट परीक्षा का वास्तविक पेपर माना जा सके। डीएसपी सांपला राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज करने योग्य साक्ष्य सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। हालांकि मामले की जांच अगले 14 दिन तक जारी रहेगी और संबंधित व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जाएगी।

नहर टूटने से गुरदासपुर में हाहाकार, कई घर जलमग्न; बाढ़ जैसे बने हालात

गुरदासपुर. पंजाब सरकार की ओर से नहरों को मजबूत करने और सिंचाई व्यवस्था बेहतर बनाने के किए जा रहे दावों के बीच गुरदासपुर जिले के सठियाली हेड वर्क्स के पास अपर बारी दोआब नहर में बड़ा कटाव हो गया। नहर में करीब 40 फीट से अधिक चौड़ा कट लगने के कारण पानी आसपास के घरों, खेतों और रिहायशी इलाकों में फैल गया, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार नहर रात के समय टूटी। नहर विश्राम गृह में रहने वाले प्रवासी मजदूरों ने बताया कि रात करीब 3 बजे अचानक उनके कमरों में पानी भरना शुरू हो गया। इसके बाद पता चला कि नहर टूट चुकी है। तेज बहाव के साथ पानी श्री हरगोबिंदपुर-गुरदासपुर मार्ग को पार करता हुआ आसपास के घरों और खेतों में जा घुसा। नहर टूटने से किसानों की हाल ही में लगाई गई धान की फसल पूरी तरह पानी की चपेट में आ गई है। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और प्रभावित परिवारों के लिए हालात चिंताजनक बने हुए हैं। प्रभावित निवासी तरसेम सिंह, सुरजीत सिंह और अन्य लोगों ने बताया कि घरों में पानी घुसने से खाने के लिए रखी गेहूं, घरेलू सामान और अन्य कीमती वस्तुएं खराब हो गई हैं। प्रभावित लोगों और किसानों ने पंजाब सरकार से की मांग  उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन अभी करना संभव नहीं है, लेकिन यह लाखों रुपये तक पहुंच सकता है। इस संबंध में मौके पर मौजूद नहरी विभाग के अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने तुरंत कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, एक निजी ठेकेदार की भारी पोकलेन मशीनों की मदद से नहर के कटाव को बंद करने का काम जारी है। हालांकि नहर में पानी का बहाव लगातार जारी रहने के कारण मरम्मत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। किसानों ने बताया कि कुछ दिन पहले लगाई गई धान की फसल पानी में डूब गई है और इसके बचने की संभावना बेहद कम है। किसानों ने चिंता जताई कि उनके पास दोबारा धान लगाने न तो पौध उपलब्ध है और न ही नुकसान की भरपाई का कोई भरोसा दिया गया है। प्रभावित लोगों और किसानों ने पंजाब सरकार तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तुरंत सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिया जाए और नहर की मजबूती के लिए स्थायी प्रबंध किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

राष्ट्रीय कर्तव्य पर बोले मुकुल कानिटकर, कहा- भ्रष्टाचारियों को समाज में सम्मान नहीं मिलना चाहिए

रायपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंचम सरसंघचालक स्व. कुप्पाहली सीतारमैया सुदर्शन की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय व्याख्यान में मुख्य वक्ता मुकुल कानिटकर ने कहा, हिंदू समाज का आधार मैं से हम की ओर जाना है. इस यात्रा में पांच परिवर्तन के उद्देश्य तय किया गया है जिसमें स्वदेशी का चिंतन है, संवाद से कुटुंब परिवार की शक्ति बढ़ाना, सामाजिक समरसता की संकल्पना है, पर्यावरण के प्रति संवेदना और राष्ट्रीय कर्तव्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता शामिल है. कार्यक्रम की अध्यक्षता संघचालक डॉ टोपलाल वर्मा एवं मुख्यातिथि अनुराग पांडे थे. संचालन साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने किया. कार्यक्रम संयोजिका शील शर्मा ने स्वागत भाषण दिया. मुख्य वक्ता मुकुल कानितकर ने राष्ट्रीय कर्तव्य, स्वार्थ ही देशद्रोह विषय पर बोलते हुए कहा, हमारा शरीर खरबों कोशिकाओं से मिलकर बना है, सभी कोशिकाएं मिलकर प्रत्येक अंग बनते हैं, जो अपना अपना कार्य करते हैं इसलिए जीवन चलता है. इसी प्रकार देश भी सभी व्यक्ति से मिलकर बनता है, मिलकर अपना अपना कार्य करेंगे तो राष्ट्र शक्तिशाली होगा. यही प्रत्येक व्यक्ति का देश के प्रति कर्तव्य है. जैसे एक कोशिका के स्वार्थी हो जाने से शरीर बीमार और कमजोर हो जाएगा. इसी प्रकार एक व्यक्तिव स्वार्थी हो जाने से देश कमजोर हो जाता है. उन्होंने कहा, देश के प्रति कर्तव्य नहीं करने के कारण समाज, व्यवस्था में अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार बढ़ गया है. इसे समाज में मान्यता मिल गई है. इस भ्रष्टाचार से मुक्ति का उपाय यही है कि समाज ऐसे लोगों को दंडित करे, बहिष्कार करे. व्यक्ति अपने स्वार्थ में देश का नुकसान करे उसे समाज प्रतिष्ठा न दे. मुकुल कानिटकर ने कहा, संघ को लेकर विवाद खड़े वे लोग करते हैं, जिन्हें संघ की समझ नहीं है. संघ हिंदू समाज को संगठित करने की यात्रा है. संघ की शताब्दी वर्ष कोई उत्सव का अवसर नहीं है बल्कि समाज परिवर्तन के अपने कार्य के सिंहावलोकन करने का अवसर है. राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माणकार ही संघ का लक्ष्य है. संघ की स्थापना भारत के स्वाधीन होने के बाद भारत का स्व तंत्र कैसे विकसित हो, शक्तिशाली कैसे बने इस विचार को लेकर कार्य प्रारंभ करने के लिए किया था. इसके लिए हिंदू समाज को संगठित करना आवश्यक है, राष्ट्रीय चरित्र का निर्माण करना आवश्यक है. इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए डॉ हेडगेवार ने संघ की स्थापना की. यह भारतीय स्वाधीनता का सशस्त्र आंदोलन, अहिंसा और सत्याग्रह के बाद तीसरा आंदोलन था. कार्यक्रम के अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रान्त के संघचालक डॉ टोपलाल वर्मा ने स्व. सुदर्शन जी का स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन और विचार देश को प्रेरणास्पद है.  मुख्य अतिथि अनुराग पांडे ने कहा कि नागरिक कर्तव्य नहीं होने के कारण जगह जगह गंदगी, यातायात की समस्या, भ्रष्टाचार जैसी अव्यवस्था फैलती है.

राष्ट्रपति के MP दौरे का समापन, कूनो भ्रमण के बाद ग्वालियर से दिल्ली रवाना; राज्यपाल रहे मौजूद

ग्वालियर  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मध्यप्रदेश के भ्रमण के उपरांत 22 जून को सुबह 10.35 बजे वायुसेना के विमान से ग्वालियर से दिल्ली रवाना हुईं। राष्ट्रपति श्योपुर जिले के कूनों से प्रात: 9.15 बजे हैलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर वायुसेना के विमानतल महाराजपुरा ग्वालियर पधारीं। उनके साथ मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी आए। ग्वालियर विमानतल पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं महापौर शोभा सिकरवार ने विदाई दी। विमानतल पर अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव, डीजी होमगार्ड सुश्री प्रज्ञा रिचा श्रीवास्तव, संभागीय आयुक्त मनोज खत्री, आईजी अरविंद कुमार सक्सेना, डीआईजी असित यादव, कलेक्टर रुचिका चौहान, पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय एवं वायु सेना के अधिकारी उपस्थित थे। कूनो सफारी से किया जंगल भ्रमण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कूनो सफारी से किया जंगल भ्रमण, चीता परिवार को नजदीक से देखा। कूनो नेशनल पार्क के दो दिवसीय दौरे पर आई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को सुबह चीता सफारी से कूनो के जंगल का भ्रमण किया। उन्होंने चीता और उनके शावकों को नजदीक से देखा। राष्ट्रपति ने सफारी के बाद आदिवासी समाज के चीता मित्र, सफारी ड्राइवर और गाइड से बातचीत की। प्रशासन, पुलिस, वन विभाग और अन्य विभागों के अधिकारियों ने श्योपुर जिले की पहचान से जुड़े उपहार भी राष्ट्रपति को भेंट किए हैं। कुछ ही देर में वह कूनो से प्रस्थान करेगी।  

गर्मी और बारिश का डबल अटैक! मध्यप्रदेश के 5 जिलों में हीटवेव, जानें कब पहुंचेगा मानसून

भोपाल  मध्य प्रदेश में 26 जून तक हीटवेव (लू), गर्मी और आंधी-बारिश वाला मौसम रहेगा। मानसून के नहीं आने और प्री-मानसून की एक्टिविटी कम होने से उमस-गर्मी बढ़ी है। पिछले 2 दिन से जबलपुर संभाग में लू का असर भी है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल ने अगले 4 दिन तक जबलपुर, रीवा और सागर संभाग के जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। सोमवार को नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया और डिंडौरी में दिन में गर्म हवाएं चलेंगी, जबकि शाम के बाद आंधी-बारिश होने का अनुमान है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, गुना, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, देवास, सीहोर, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में गर्मी का असर रहने का अनुमान है। इन जिलों में आज बारिश हीटवेव-गर्मी के बीच 21 से अधिक जिलों में आंधी-बारिश वाला मौसम भी रहेगा। झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मैहर, अनूपपुर, कटनी, दमोह, सागर, विदिशा और अशोकनगर में तेज आंधी का अलर्ट है। रायसेन में ढाई इंच पानी गिरा, भोपाल-सतना में भी तेज बारिश प्रदेश में रविवार को भी तेज आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रायसेन में 61 मिमी यानी, करीब ढाई इंच पानी गिर गया। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश हुई, जबकि सतना में पौन इंच बारिश दर्ज की गई। जबलपुर, खजुराहो, नौगांव, सिवनी में भी बारिश का दौर बना रहा। रविवार को दिन के तापमान में गिरावट आई है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 35.3 डिग्री, इंदौर में 37.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.7 डिग्री, उज्जैन में 36 डिग्री और जबलपुर में पारा 38 डिग्री सेल्सियस रहा। पचमढ़ी में सबसे कम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। सिवनी-शिवपुरी में 35 डिग्री, रायसेन में 36 डिग्री, सागर-टीकमगढ़ में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री रहा। प्रदेश में मानसून 4 दिन लेट प्रदेश में मानसून 7 दिन लेट हो गया है, जबकि इसकी एंट्री को 4 दिन और लगेंगे। IMD ने 25 जून के बाद प्रदेश में मानसून के दस्तक देने का अनुमान जताया है। 23 जून को यह छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़ सकता है। 15 जून तक मानसून की एंट्री हो जाती है मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में मानसून की सामान्यत: 15 जून के आसपास एंट्री हो जाती है, लेकिन इस बार 22 जून तक मानसून का अता-पता नहीं है। तेलंगाना में 8 जून से ही मानसून अटका हुआ है। हालांकि, यह धीमी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में 23 जून को छत्तीसगढ़ आने की संभावना है। रफ्तार तेज रहती है तो यह एमपी में 25 जून के आसपास आ सकता है। पिछली बार यह 16 जून को ही आ गया था। बारिश का आंकड़ा घटा मानसून के लेट होने से जून की सामान्य बारिश का आंकड़ा भी तेजी से घट रहा है। प्रदेश में 48 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें से पूर्वी हिस्से जैसे- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में 69 प्रतिशत पानी कम गिरा है। पश्चिमी हिस्से के संभाग- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम में आंकड़ा 29 प्रतिशत कम है। प्रदेश के 55 में से 45 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है। अलीराजपुर में एक बूंद भी रिकॉर्ड नहीं हुई है, जबकि भोपाल में सबसे ज्यादा साढ़े 4 इंच पानी गिर चुका है। देश के मौसम का हाल दिल्ली और एनसीआर इलाके के लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि मौसम विभाग ने आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान लगाया है. इससे दिन भर में अधिकतम तापमान 38 और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि दिल्ली में दोपहर के समय आंधी-तूफान और तेज हवा चल सकती है. हवा की स्पीड 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे पहुंच सकती है, और हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।  उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी भारत आईएमडी ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान और यूपी सहित उत्तर-पश्चिम में छिटपुट वर्षा का अनुमान लगाया है. हिमाचल और उत्तराखंड के लिए भारी अलर्ट जारी किए गए हैं, क्योंकि दोनों में 22-23 जून के दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं, जो 60 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंच सकते हैं. पूरे सप्ताह अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा की गतिविधि होने की संभावना है।  पूर्वी और पश्चिमी भारत सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23-25 ​​जून तक भारी बारिश होने की उम्मीद है. बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी तेज हवा के साथ गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है. 22 जून को हवा की स्पीड 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है. मौसम विभाग ने 22-28 जून के दौरान गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बारिश की गतिविधि का अनुमान लगाया है।  मध्य भारत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 22 से 26 जून तक बारिश जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में कहीं-कहीं बारिश, गरज, बिजली कड़कने और तेज हवा का अनुमान लगाया है. मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तेज़ हवा भी चल सकती हैं।  दक्षिणी भारत दक्षिणी भारत में इस हफ़्ते तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बारिश होने की उम्मीद है. 22 जून को तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल में भारी बारिश होगी।  लू के हालात हीटवेव की स्थिति 22-25 जून के दौरान छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर हो सकती है. कर्नाटक और ओडिशा में आज रात के समय मौसम गर्म रहने का अनुमान है। 

तेज गर्मी और चिपचिपी उमस से बेहाल दिल्ली, अगले 7 दिन मौसम में बड़े बदलाव के आसार नहीं

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली में लोगों को इन दिनों तेज गर्मी के साथ भारी उमस का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को तापमान सामान्य के आसपास रहने के बावजूद हवा में नमी अधिक होने से लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस हुई। दोपहर के समय घर से बाहर निकलने वालों को चिपचिपी गर्मी ने काफी परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि रविवार रात और सोमवार को हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। महसूस हुआ 43.4 डिग्री तापमान     रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।     दोपहर 2:30 बजे वास्तविक तापमान 37.2 डिग्री था, लेकिन उमस के कारण यह 43.4 डिग्री जैसा महसूस हुआ।     इसे हीट इंडेक्स या "फील लाइक" तापमान कहा जाता है। अगले कुछ दिनों का मौसम     सोमवार को अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।     26 जून तक तापमान फिर से 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है।     रविवार का न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री अधिक था।     मौसम विभाग ने फिलहाल कोई रंग-आधारित चेतावनी जारी नहीं की है। बारिश अभी भी सामान्य से कम     जून महीने में अब तक सफदरजंग मौसम केंद्र पर 31.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है     पूरे जून महीने की सामान्य वर्षा 74.1 मिमी मानी जाती है।     इससे साफ है कि इस महीने अब तक बारिश सामान्य से काफी कम रही है। हवा की गुणवत्ता रही मध्यम     दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रविवार को 127 दर्ज किया गया।     यह "मध्यम" श्रेणी में आता है।     जून में अब तक 18 दिन हवा की गुणवत्ता मध्यम और 3 दिन संतोषजनक श्रेणी में रही है।

यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ, तय किराये से अधिक वसूली पर डीटीओ सख्त

पटना राजधानी पटना में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से यात्रियों की भारी फजीहत हो रही है। इन चालकों ने बिना किसी सरकारी आदेश के किराये में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाने ढंग से यात्रियों से पैसे वसूल रहे हैं। यह बात सामने आने के बाद अब डीटीओ ने चालकों पर ऐक्शन लेने की बात कही है। अभी हालत यह है कि बोरिंग रोड से राजापुर के बीच कई जगहों पर निर्धारित किराया सात रुपये है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से ऑटो और ई-रिक्शा चालक यात्रियों से 10 रुपये वसूल रहे हैं। इसी तरह पटना जंक्शन से कंकड़बाग का तय किराया 15 रुपये है, जबकि चालक 20 रुपये तक ले रहे हैं। वहीं बेली रोड से गोला रोड तक का किराया 30 रुपये निर्धारित है, लेकिन कई चालक 35 रुपये वसूल रहे हैं। अधिक किराया वसूले जाने को लेकर आए दिन यात्रियों और चालकों के बीच कहासुनी हो रही है। कई मामलों में जिला परिवहन अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान यात्रियों ने इसकी शिकायत भी की है। बता दें कि सीएनजी कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ऑटो चालक संघ ने किराया बढ़ाने की मांग को लेकर परिवहन सचिव को पत्र भेजा है। हालांकि, अभी तक परिवहन विभाग की ओर से किराया बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई है। नियमानुसार परिवहन विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद ही पटना के प्रमंडलीय आयुक्त किराये में संशोधन का आदेश जारी कर सकते हैं। इसके बावजूद शहर के कई रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाने तरीके से तीन से पांच रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं। कई मामलों में अतिरिक्त किराया देने से इनकार करने पर यात्रियों के साथ विवाद भी हो रहा है। पटना के डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने कहा कि राजधानी पटना समेत पूरे जिले में ऑटो और ई-रिक्शा के किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे में कोई भी चालक निर्धारित किराये से अधिक राशि नहीं वसूल सकता। इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर संबंधित चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वाहन पर किराया प्रदर्शित करना अनिवार्य पटना जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार जब भी किराये में आधिकारिक रूप से बढ़ोतरी की जाएगी, इसकी सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी। इसके बाद सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहन पर रूटवार किराया सूची प्रदर्शित करनी होगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई रूटों पर चालक खुले पैसे (खुदरा) नहीं होने का हवाला देकर यात्रियों को एक-दो रुपये कम वापस करते हैं। इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी यात्रियों को उठाना पड़ता है।

हरियाणा कैबिनेट बैठक आज: नई शिक्षक नीति और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगा फैसला

चंडीगढ़. हरियाणा मंत्रिपरिषद की बैठक सोमवार को होगी, जिसमें कई अहम फैसलों पर मुहर लगेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार नई शिक्षक नीति को स्वीकृति दी जा सकती है। इसके अलावा विभिन्न विभागों ने भी कुछ नीतियों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है, जिस पर चर्चा होगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह बैठक हरियाणा सचिवालय में सुबह 11 बजे होनी थी, लेकिन अचानक से समय में परिवर्तन कर दिया गया है। अब यह बैठक सुबह दस बजे होगी, जिसके लिए सभी मंत्रियों और प्रशासनिक सचिवों को सूचित कर दिया गया है। बैठक में करीब एक दर्जन प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। जिनमें विकास परियोजनाओं, भर्ती प्रक्रियाओं, कृषि, उद्योग तथा बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े विषय शामिल हैं। इसके अलावा कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों को भी पुनर्नियुक्ति देने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी।

भीषण गर्मी से पंजाब बेहाल, पारा 42.5 डिग्री पार; थर्मल प्लांट बंद होने से बिजली संकट गहराया

चंडीगढ़  पंजाब में पारा 42.5 डिग्री पहुंच गया। हालांकि देर शाम कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ने गर्मी से राहत दिलाई। पंजाब में तापमान 1.5 डिग्री की वृद्धि के साथ सामान्य से 2.1 डिग्री ऊपर हो गया है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।  मौसम विभाग ने अगले तीन दिन के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान पंजाब में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 25 जून से पंजाब में मौसम शुष्क बन जाएगा। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य के नजदीक बना हुआ है। सबसे कम 22.8 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। पंजाब में 42.5 डिग्री के साथ बठिंडा सबसे ज्यादा तपा। अमृतसर का अधिकतम पारा 38.3 डिग्री, लुधियाना का 39.8 डिग्री, पटियाला का 40.6 डिग्री, पठानकोट का 39.9 डिग्री, बठिंडा का 42.5 डिग्री, फिरोजपुर का 39.0 डिग्री, फाजिल्का का 40.6 डिग्री, होशियारपुर का 37.1 डिग्री, एसबीएस नगर का 37.3 डिग्री और रूपनगर का 39.1 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 27.1 डिग्री, लुधियाना का 29.0 डिग्री, पटियाला का 28.0 डिग्री, पठानकोट का 26.8 डिग्री, बठिंडा का 28.0 डिग्री, फाजिल्का का 26.1 डिग्री, फिरोजपुर का 27.0 डिग्री, होशियारपुर का 24.2 डिग्री दर्ज किया गया। बिजली संकट गहराया  भीषण गर्मी और धान सीजन के मध्य सूबे में बिजली संकट गहरा गया है। 920 मेगावाट की क्षमता वाले लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट की सभी चार यूनिट बंद हो गई हैं। इसके अलावा गोइंदवाल थर्मल का 270 मेगावाट की दो नंबर यूनिट और रोपड़ थर्मल प्लांट की 210 मेगावाट की क्षमता की 4 नंबर यूनिट भी बॉयलर ट्यूब में लीकेज के चलते बंद है।  सरकारी क्षेत्र के सभी तीन थर्मल प्लांटों के छह यूनिट बंद पड़ने से कुल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन बंद पड़ गया है। वहीं रविवार को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 15568 मेगावाट दर्ज की गई। लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट की तीन यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं, वहीं चौथी यूनिट भारी मात्रा में राख जमा होने के कारण ठप पड़ गई है। प्लांट के पूरी तरह से बंद होने का मुख्य कारण मुलाजिमों की हड़ताल को माना जा रहा है। थर्मल प्लांट के करीब 1800 ठेका मुलाजिम इस समय हड़ताल पर हैं। मुलाजिम मांग कर रहे हैं कि उन्हें ठेकेदारों के अधीन रखने के बजाय सीधे तौर पर पावरकाॅम के ठेके पर लिया जाए। ठेका मुलाजिमों का यह आंदोलन हालांकि 9 जून से चल रहा है लेकिन 16 जून से सभी मुलाजिम मुकम्मल हड़ताल पर चले गए हैं। इसके मद्देनजर प्लांट प्रबंधन ने जमा हुई राख को तुरंत साफ करने और बिजली उत्पादन दोबारा बहाल करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की मांग की है। प्लांट में करीब 500 रेगुलर मुलाजिम हैं जिनमें से करीब आधे केवल दफ्तरी कामों में लगे हुए हैं। इस कारण फील्ड के काम के लिए स्टाफ की बड़ी कमी आ रही है।  अघोषित कट भी लगने की संभावना  रविवार को पावरकाॅम के पास केवल 4143 मेगावाट बिजली की ही उपलब्धता रही। इसमें से प्रमुख तौर पर प्राइवेट क्षेत्र के तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल प्लांटों से 3023 मेगावाट, सरकारी क्षेत्र के थर्मलों से मात्र 609 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 369 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई। पावरकाॅम अधिकारियों के मुताबिक गर्मी के इस पीक सीजन में पावरकाॅम को सस्ती बिजली अपने थर्मल प्लांटों से मिलनी थी लेकिन तकनीकी खराबी के चलते छह यूनिट बंद होने से अब बाहर से महंगे दामों में बिजली खरीदनी पड़ रही है। अधिकारियों के मुताबिक जरूरत पड़ने पर 10 रुपये प्रति यूनिट तक के दामों पर बाहर से बिजली खरीदी जा रही है। बिजली की मांग को 16000 मेगावाट से कम रखने के लिए अघोषित कट भी लगाए जा सकते हैं।