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पंजाब की महिलाओं को बड़ी सौगात! 1 जुलाई से खातों में ट्रांसफर होगी ‘सत्कार राशि’

फतेहगढ़ साहिब महिला आर्थिक सशक्तिकरण की ओर ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और पहली जुलाई को महिलाओं के बैंक खातों में सीधे तीन महीने की सम्मान राशि की पहली किस्त जमा कर दी जाएगी। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति की माओं-बहनों को 4500 रुपये मिलेंगे, जबकि बाकी सभी श्रेणियों की महिलाओं को 3000 रुपये दिए जाएंगे। सीएम बोले पंजाब में रहेगी आप सरकार फतेहगढ़ साहिब हलके के गांव चनारथल कलां में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल महिलाओं के सम्मान, वित्तीय सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए 'आप' सरकार की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक पंजाब में 'आप' सरकार रहेगी, यह सहायता बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। किन महिलाओं के खातों में आएगी राशि फतेहगढ़ साहिब में 'लोक मिलनी' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 9 दिन बाद पहली जुलाई को 18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर उनके खातों में वित्तीय सहायता जमा होने के नोटिफिकेशन प्राप्त होंगे। जनरल श्रेणी से संबंधित महिलाओं को 1,000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 प्रति माह मिलेंगे। यह पैसा बिना किसी मध्यस्थ के सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगी। पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस पहल का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसके लिए ₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।" एक साथ आएगी तीन महीने की किस्त चनार्थल कलां गांव में 'लोक मिलनी' (जन-संवाद) कार्यक्रम के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लाभार्थियों को पहली किस्त के तौर पर तीन महीने का भुगतान मिलेगा. इसका मतलब है कि 1 जुलाई को अनुसूचित जाति की महिलाओं के बैंक खातों में 4,500 रुपये और सामान्य श्रेणी की महिलाओं के खातों में 3,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि 1 जुलाई को महिला लाभार्थियों को उनके मोबाइल फोन पर सूचना मिलेगी कि उनके खातों में आर्थिक सहायता जमा कर दी गई है. उन्होंने बताया कि 'मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत तीन महीने की आर्थिक सहायता एक साथ दी जाएगी. पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए 9300 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।  कुछ खास श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा गया है. जिनमें केंद्र सरकार या देश के किसी अन्य राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की नियमित या सेवानिवृत्त कर्मचारी, विधायक (MLA) या सांसद (MP) या किसी मौजूदा मंत्री, सांसद या विधायक की पत्नी शामिल हैं. प्रति महिला 1,000 रुपये की मासिक सहायता 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) का एक प्रमुख वादा था।  CM मान ने विपक्ष पर भी बोला हमला मान ने आगे कहा कि उनकी सरकार चल रही SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान किसी भी असली मतदाता का नाम सूची से नहीं हटने देगी. उन्होंने कहा, "मैं लोगों को सावधान करना चाहता हूं कि BJP, SIR प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल करके वैध वोट हटवाने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले दूसरे राज्यों में हुआ है. हालांकि, हम पूरी तरह सतर्क हैं और भगवा पार्टी के बुरे मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे. पंजाब के हर असली वोटर की सुरक्षा की जाएगी।  विरोधी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे कभी आम लोगों से नहीं मिलते थे. उन्होंने कहा, "वे अपने आलीशान घरों से तभी बाहर निकलते थे, जब तापमान की जांच कर लेते थे. दूसरी ओर मैं लोगों के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहता हूं. जनसेवा मेरे लिए कभी-कभार करने वाला काम नहीं है, यह मेरी ज़िम्मेदारी है।  महिलाएं सम्मान की हकदार मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह निश्चित रूप से उन्हें सम्मान, स्वाभिमान और आत्म-विश्वास देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे स्वयं जीवन की स्रोत हैं। माताओं-बहनों के आशीर्वाद दुनिया की हर चुनौती को पार करने में मदद करते हैं। घरेलू दर्जे को सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक तथा आर्थिक फैसले लेने में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना बहुत जरूरी है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं तो परिवार खुशहाल होते हैं और समाज आगे बढ़ता है। एसआईआर पर भी दी प्रतिक्रिया एक अन्य मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि भारत चुनाव आयोग द्वारा चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पंजाब सरकार किसी भी असली वोट को काटने नहीं देगी। मैं लोगों को सचेत करना चाहता हूं कि भाजपा वैध वोटों को काटने के लिए एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकती है, जैसा कि चुनाव वाले अन्य राज्यों में हुआ है। हालांकि, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और भगवा पार्टी के नापाक इरादों को सफल नहीं होने देंगे। पंजाब के हर असली मतदाता की रक्षा की जाएगी।

CM के निर्देश पर अवैध रेत खनन पर बड़ा एक्शन, लगातार कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध रेत खनन और भंडारण के विरुद्ध लगातार हो रही सख्त कार्रवाई केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने किया रात्रिकालीन औचक निरीक्षण हाईटेक ड्रोन सर्वे से अनुज्ञा के अनुरूप खनन और भंडारण की हो रही है विस्तृत जांच रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश भर में लगातार अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ खनिज विभाग का मैदानी अमला अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी कर रहा है।             इसी क्रम में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 जून 2026 को रात्रिकालीन खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला एम.सी.बी. की तहसील केल्हारी अंतर्गत दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा तथा हसदेव नदी क्षेत्रों के सघन निरीक्षण में स्वीकृत दो अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों का विस्तृत परीक्षण किया गया। मौके पर उपलब्ध रेत की मात्रा का आकलन हाईटेक ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किया गया। निरीक्षण में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित रेत भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ सूचना जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।               मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ खनिज संपदा का नियमानुसार दोहन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। खनिज सचिव पी. दयानंद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के पहुंच-विहीन एवं संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से विभिन्न जिलों में अवैध रेत उत्खनन संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उक्त कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

नितिन नबीन का पंजाब दौरा आज खत्म, लुधियाना में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ करेंगे अहम बैठक

लुधियाना  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पंजाब दाैरे का आज अंतिम दिन है। नबीन आज लुधियाना में कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इससे पहले नबीन ने सब सर्किल कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।नबीन ने कहा कि पंजाब की जनता ने अब तक कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी सभी को अवसर दिया है अब भाजपा को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा वर्ष 2047 तक भारत के साथ-साथ पंजाब को भी विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा चुका है और पंजाब के खोए गौरव और प्रतिष्ठा को वापस लाया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार गुरुओं और सिख मर्यादाओं का अपमान कर रही है। नबीन ने कहा कि यह सरकार पंजाब के लिए अभिशाप बन चुकी है और अब इसे बदलने का समय आ गया है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के बाद राज्य में डबल इंजन की सरकार बनेगी जो विकास की नई गाथा लिखेगी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में पंजाब बसता है और पंजाब के लोगों का भरोसा भी मोदी पर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और हर घर तक पहुंच बनाने का मंत्र दिया। साथ ही उन्होंने मौजूदा सरकार की नाकामियों को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। नबीन ने कहा कि वर्ष 1984 में पार्टी के केवल दो सांसद थे जबकि आज 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है। इसी तरह पंजाब में भी बदलाव तय है और जनता अब परिवर्तन के मूड में है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह जैसे सुशासन का मॉडल लागू करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से पंजाब को 1.87 लाख करोड़ रुपये मिले लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हुआ। राज्य पर चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज चढ़ गया है। उन्होंने कहा कि हर पैसे का हिसाब लिया जाएगा क्योंकि यह जनता का धन है। लुधियाना पहुंचने पर जालंधर बाईपास चौक में उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने पार्टी के जिला कार्यालय का उद्घाटन किया और उद्योगपतियों से संवाद कर पंजाब में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने का भरोसा दिलाया।

पंकज त्रिपाठी के परिवार पर हमला! भाई पर धारदार हथियार से वार, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

गोपालगंज  बिहार के गोपालगंज से बड़ी खबर सामने आई. बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी पर धारदार हथियार से हमला किया गया. हमले में बिजेंद्र नाथ तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना AIIMS रेफर कर दिया. इलाके में सनसनी फैल गई।  घटना जिले के माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि पड़ोस के कुछ लोगों ने विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।  बिजेंद्र नाथ तिवारी की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है उन्हें पटना स्थित AIIMS रेफर किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी के भाई पर माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव में यह हमला किया गया है। इस हमले के बाद वहां तनाव का भी माहौल है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम का गठन किया है। यह टीम हमले के आरोपियों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी भी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि बिजेंद्र नाथ तिवारी पर उनके पड़ोस में रहने वाले लोगों ने ही पुरानी रंजिश में हमले की वारदात को अंजाम दिया। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की पहचान भी कर ली है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने पंकज त्रिपाठी के परिजनों और घर के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की है। एक मशहूर अभिनेता के भाई पर इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश की बात कही जा रही है लेकिन अभी हमले के वजहों को लेकर पुलिसिया तफ्तीश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही इस जानलेवा हमले की असली वजह सामने आ पाएगी। पंकज त्रिपाठी का पैतृक गांव गोपालगंज का बेलसंड है। पंकज त्रिपाठी में कभी-कभी अपने गांव में आते रहते हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अस्पताल के अंदर चिकित्सक बिजेंद्र नाथ तिवारी का इलाज करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो गोपालगंज के मॉडल अस्पताल का है। अस्पताल में कुछ लोगों की भीड़ भी नजर आ रही है। पटना AIIMS में चल रहा इलाज पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया. आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल घायल बिजेंद्र नाथ तिवारी का पटना AIIMS में इलाज चल रहा है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।   

यूपी में नया सिस्टम: देर से रजिस्ट्रेशन पर शुल्क और SDM की अनुमति जरूरी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में जन्म और मृत्यु (Birth and Death) पंजीकरण को लेकर नई नियमावली लागू हो गई है। प्रदेश सरकार ने रजिस्ट्रेशन सिस्टम को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियमावली-2026 लागू कर दी गई है। चिकित्सा अनुभाग-7 द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जन्म, मृत्यु अथवा मृत-जन्म की सूचना अब घटना के 21 दिन के भीतर देना अनिवार्य होगा। नई नियमावली के तहत जन्म या मृत्यु पंजीकरण के लिए 21 दिन के अंदर सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है। जन्म के लिए 21 दिन बाद लेकिन 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराने पर 20 रुपये विलंब शुल्क देना होगा। 30 दिन से एक वर्ष तक की देरी होने पर संबंधित अधिकारी की अनुमति के साथ 50 रुपये शुल्क लगेगा, जबकि एक वर्ष से अधिक विलंब होने पर एसडीएम, जिला मजिस्ट्रेट अथवा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश पर 100 रुपये शुल्क देकर पंजीकरण कराया जा सकेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जन्म प्रमाणपत्र में किसी प्रकार के संक्षिप्त नाम स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था में ऑनलाइन पंजीकरण, रिकॉर्ड के स्थायी संरक्षण, त्रुटि संशोधन और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया को भी अधिक सरल और पारदर्शी बनाया गया है। क्यों जरूरी है जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र शिशु के जन्म पर उसका पंजीकरण कराकर जन्म प्रमाण लेना और किसी व्यक्ति की मृत्यु पर उसका पंजीकरण कराकर मृत्यु प्रमाण पत्र लेना बेहद जरूरी होता है। दरअसल, ये पंजीकरण ही परिवार में किसी नए सदस्य के आगमन या किसी सदस्य के प्रस्थान की अधिकारिक सूचना होते है। ये दोनों प्रमाण पत्र बुनियादी कानूनी दस्तावेज हैं। जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) किसी व्यक्ति की पहचान, उम्र और नागरिकता पहला प्रमाण है। स्कूल में एडमिशन से लेकर नौकरी तक हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) कानूनी रूप से मृत्यु प्रमाणित करने, संपत्ति, बीमा या पेंशन आदि के दावों के लिए अनिवार्य होता है।

बड़े भवनों में सोलर पैनल और ईवी चार्जिंग अनिवार्य, राजस्थान सरकार का नया ग्रीन नियम

जयपुर राजस्थान में भवन निर्माण सेक्टर में ऊर्जा दक्षता (एनर्जी एफिशिएंसी) और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जाएगा. मॉल, होटल, कॉमर्शियल कॉम्पलेक्स हो या मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, इन्हें ऊर्जा बचाने वाले और पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा. राजस्थान सरकार ने एनर्जी कंजर्वेशन और सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड-2026 लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है. इसके लागू होने के बाद बिजली बचाने, सोलर एनर्जी अपनाने और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी. यही नहीं, इन नियमों का पालन करने के बाद भवन में अतिरिक्त निर्माण की अनुमति भी मिल जाएगी.    योजना के बारे में समझिए राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम योजना पर काम कर रहा है. ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने इसे अंतिम रूप देने के निर्देश दिए है. इसके तहत छत का आधा हिस्सा सोलर प्लांट के लिए रखना होगा. बड़े भवनों में ईवी चार्जिंग स्टेशन और अलग पार्किंग अनिवार्य होगा. साथ ही उल्लंघन करने पर भवन मालिकों को जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.   इन कर्मशियल बिल्डिंग पर लागू होगा नियम ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने समीक्षा बैठक में बताया कि यह कोड मुख्य रूप से उन व्यावसायिक भवनों पर लागू होगा, जिनका बिल्ड अप एरिया 2000 वर्ग मीटर या कनेक्टेड लोड 100 किलोवाट या उससे अधिक हो. कनेक्टेड डिमांड 120 केवीए या उससे अधिक हो. पहली बार मिलेगी ऐसी छूट पर्यावरण-अनुकूल निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए नियमों में पहली बार विशेष वित्तीय व तकनीकी लाभ प्रस्तावित किए गए हैंय कोड के प्लस मानकों का पालन करने वाले भवनों को 5 प्रतिशत और सुपर बिल्डिंग कोड मानकों को पूरा करने वाले भवनों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिल्ट एरिया रेश्यो दिए जाने का प्रावधान है. इसे और अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनाने के लिए बहुमूल्य सुझाव भी मांगे गए हैं.

भारत में बुलेट ट्रेन का विस्तार, 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी

 नई दिल्ली देश को अगले साल के मध्य में पहली बुलेट ट्रेन मिल जाएगी। मुंबई से अहमदाबाद के बीच चलने वाली इस बुलेट ट्रेन के लिए काम कई सालों से जारी है। इस बीच, देश के सात नए बुलेट ट्रेन हाई स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत, दिल्ली से वाराणसी एक हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनेगा, जिसमें बुलेट ट्रेन महज दो घंटे में ही दिल्ली से लखनऊ पहुंचा देगी। वहीं, दिल्ली से वाराणसी के लिए महज तीन घंटे 15 मिनट का ही समय लेगा। ट्रेन की अधिकतम स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे होगी और यह हवा से बातें करेगी। मुंबई से अहमदाबाद ( एक घंटे 57 मिनट), मुंबई से पुणे (48 मिनट), बेंगलुरु से चेन्नई (73 मिनट्स), बेंगलुरु से हैदराबाद (2 घंटे 10 मिनट), पुणे से हैदराबाद (2 घंटे 8 मिनट), दिल्ली से लखनऊ (2 घंटे), दिल्ली से वाराणसी (3 घंटे 15 मिनट), दिल्ली से सिलिगुड़ी (6 घंटे) का समय लेगा। इन सात रूट्स पर हाई स्पीड बुलेट ट्रेन चलेगी। दिल्ली से वाराणसी तक लगभग 812 किलोमीटर लंबा रूट होगा। इस पर हाईस्पीड बुलेट ट्रेन की मैक्सिमम स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे होगी, जबकि संचालन की स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्ण्व ने कहा, ''पीएम मोदी ने सात नए कॉरिडोर का फैसला लिया है। इसके तहत मुंबई से पुणे 170 किलोमीटर के कॉरिडोर पर सफर सिर्फ 48 मिनट में पूरा होगा। अच्छा इकनॉमिक कॉरिडोर बन जाएगा। पुणे से हैदराबाद जोकि 500 किलोमीटर है लगभग, दो घंटे 8 मिनट में पूरा हो जाएगा। महाराष्ट्र में दो लाख करोड़ का निवेश हो रहा है।'' वहीं, लखनऊ से अयोध्या हाईस्पीड रूट की लंबाई 124 किलोमीटर होगी। दिल्ली से वाराणसी रूट पर चलने वाली बुलेट ट्रेन के लिए राज्य में कई शहरों में स्टेशन रखे गए हैं, ताकि आसपास के रहने वाले लोगों को फायदा मिल सके। दिल्ली, नोएडा, मथुरा, आगरा, इटावा, कन्नौज, लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, प्रयागराज, वाराणसी में स्टेशन का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि, आखिरी फैसला बाद में लिया जाएगा। जापान की मदद से बन रही बुलेट ट्रेन बता दें कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है। 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की आधारशिला सितंबर 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखी थी। यह परियोजना जापान की शिंकान्सेन तकनीक और आर्थिक मदद से बनाई जा रही है। शुरुआत में इसे 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन महाराष्ट्र में भूमि अधिग्रहण और अन्य मंजूरियों में देरी की वजह से इसमें तय समय से ज्यादा लग गया। वर्तमान में निर्माण तेजी से चल रहा है और अधिकांश भूमि अधिग्रहण तथा वैधानिक मंजूरियां पूरी हो चुकी हैं। अगले साल अगस्त में शुरू हो सकती है बुलेट ट्रेन रेल मंत्रालय के अनुसार, गुजरात में कई हिस्सों पर ट्रैक, स्टेशन और वायाडक्ट का काम तेजी से चल रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि भारत को 15 अगस्त 2027 को अपनी पहली बुलेट ट्रेन मिलने की संभावना है। पहला सेक्शन सूरत से बिलिमोरा तक होगा, उसके बाद वापी से सूरत तक का सेक्शन होगा। वहीं, मुंबई तक पूरी लाइन 2028-29 तक चालू किए जाने की संभावना है। पूरी तरह शुरू होने पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय करीब 2 से 3 घंटे रह जाएगा, जो अभी 6-7 घंटे से अधिक है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस परिवार ने किया सामूहिक योगाभ्यास

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज धृति कल्याण शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा 25वीं वाहिनी के हॉल में योग कार्यक्रम एवं धृति 23वीं वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस परिवार के सदस्यों में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, सकारात्मक जीवनशैली तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती सीमा मकवाणा के साथ श्रीमती प्रियंवदा सक्सेना, श्रीमती अनुपमा कुमार, श्रीमती टिंग रॉय, श्रीमती भारती प्रसाद तथा श्रीमती गीता गोस्वामी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर पुलिस लाइन नेहरू नगर, 23वीं वाहिनी विसबल, 25वीं वाहिनी विसबल, 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल तथा झूला घर पुलिस मुख्यालय भोपाल से जुड़े पुलिस परिवार की महिलाओं एवं बच्चियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। योग कार्यक्रम के दौरान सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया तथा महिलाओं एवं बच्चियों द्वारा योग आधारित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से योग के महत्व, स्वस्थ जीवनशैली, आत्मानुशासन एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। योग कार्यक्रम के उपरांत धृति 23वीं वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण का संदेश देते हुए सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया। संपूर्ण कार्यक्रम सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) श्रीमती इरमीन शाह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस की सभी इकाइयों, जिलों, रेंज कार्यालयों, पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों एवं वाहिनियों में पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जवानों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। योग सत्रों में सहभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन एवं शारीरिक फिटनेस का संदेश दिया।  

डीएमसी मॉल में आम प्रदर्शनी, लोगों ने खरीदा नहीं सिर्फ फोटो खींचे

धनबाद  धनबाद के डीएमसी माल में आमोत्सव लगा हुआ है। बहुत अधिक नहीं लेकिन 10 स्टाल लगे थे। इन्हीं में एक स्टाल पर बोर्ड टंगा था इसे छुना मना है। बोर्ड देख लोग आते, कीमत पूछते और फिर आम को उठाने के लिए जैसे ही आगे बढ़ते तभी एक भारी आवाज आती। इसे मत छुओ यह मियांजाकी है। कीमत तीन लाख रुपये प्रति किलो। यानी एक आम की कीमत भी 1200 से 1500 रुपये। धनबाद में पहली बार आमोत्सव का आयोजन हुआ और उसमें भी मियांजाकी, खरीदने की हिम्मत किसी में नहीं थी, लेकिन देखने और उसकी तस्वीर लेने का तांता लगा हुआ था। मियांजाकी का यह क्रेज यहां देखने को मिला। जापान का यह आम धनबाद के लिए बहुत खास बना हुआ है। मां धरती फाउंडेशन की ओर से इसकी खेती धनबाद में की जा रही है। फाउंडेशन की ओर से इसे पहली बार धनबाद के बाजार में उतारा गया है। जेएसएलपीएस की ओर से आयोजित किया गया आमोत्सव धनबाद में ग्रामीण विकास शाखा और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड सोसाइटी की ओर से पहली बार आयोजित किए गए आमोत्सव में जिले के ग्रामीण इलाकों से आए किसानों ने अपने आमों को यहां प्रदर्शित किया और उसकी बिक्री भी की। आमोत्सव का उद्घाटन उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार और उपविकास आयुक्त सन्नी राज ने संयुक्त रूप से किया। उपायुक्त रंजन ने बताया कि इस आयोजन का मकसद धनबाद के आम की बागवानी से जुड़े किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि धनबाद में अभी बहुत अधिक मात्रा में आम की पैदावार नहीं हो रही है, लेकिन योजना है कि मनरेगा के तहत पांच एकड़ में आम के पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि धनबाद के आम को अन्य प्रदेशों में भी भेजने की योजना है। इसके अलावा धनबाद के बाजारों को सुदृढ़ भी किया जाएगा। टुंडी में आम्रपाली की खेती टुंडी के मछियारी पंचायत से आई अनीता मरांडी ने बताया कि इस बार आम्रपाली आम बहुत अच्छे हुए हैं। सबसे अधिक भीड़ भी उनके ही स्टाल पर रही। उन्होंने बताया कि टुंडी में आम की सामूहिक खेती की गई है। इस बार बरसात में और अधिक पौधे लगाने की योजना है। उन्होंने बताया कि जो पैदावार हो रही है, उसकी खपत धनबाद में ही है।  

10 साल की सेवा का मिला फल, कर्मचारियों का अधिकारी बनने का सपना हुआ पूरा

पटना  बिहार के राजस्व कर्मचारियों का अधिकारी बनने का सपना पूरा हो रहा है। अब वे अधिकारी बनने लगे हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Bihar Revenue and Land Reforms Department) ने पहले चरण में बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग (क्षेत्रीय अराजपत्रित) के अधीन कार्यरत छह राजस्व कर्मचारियों को बिहार राजस्व सेवा संवर्ग केअधीन राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष ग्रेड में पदस्थापित कर दिया है। इन्न्हें उच्च वेतनमान (वेतन स्तर-7) दिया गया है। इनमें कुमार ललन सिंह को औरंगाबाद, राजेश पासवान, उमेश प्रसाद, अवधेश साह, मंजेश कुमार ईश्वर एवं संगीता लोमस को बेगूसराय पदस्‍था‍पित किया गया है। कर्मचारियों एवं अमीन की पदस्‍थापना का हुआ था न‍िर्णय इससे पहले राजस्व कर्मचारियों एवं अमीनों को क्रमश: सहायक राजस्व अधिकारी और सहायक राजस्व अधिकारी (तकनीकी) के पद पर पदस्थापित करने का निर्णय हुआ था। विभाग इसे भी लागू कर रहा है। राजस्व कर्मचारियों की राजस्व अधिकारियों के पद पर प्रोन्नति का प्रविधान पहले से हैं। बिहार राजस्व सेवा के 25 प्रतिशत पद राजस्व कर्मचारियों की पदोन्नति से भरे जाते हैं। शर्त का करना होगा पालन इसके लिए 10 साल की बेदाग सेवा और सीमित परीक्षा उत्तीर्ण होने की शर्त है। लेकिन, यह व्यवस्था नियमित नहीं है। 10 साल की सेवा पूरी कर चुके सैंकड़ों राजस्व कर्मचारी प्रोन्नति के आधार पर राजस्व अधिकारी बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पिछले दिनों राजस्व कर्मचारियों के लंबे आंदोलन के बाद विभाग की सक्रियता बढ़ी है। अब प्रोन्नति देने का सिलसिला शुरू हो गया है। चरणबद्ध रूप से प्रोन्‍नत‍ि की प्रक्र‍िया पूरी जाएगी। इंतजार की घड़ी समाप्‍त होने लगी है।