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साययुवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता बने पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर. मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।  मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।     मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद  मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।  मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ    मुख्यमंत्री  साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।     इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री  साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी  शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।

हरियाणा के राखीगढ़ी में खुदाई में मिले मिट्टी के डायनिंग टेबल-चूल्हे के अवशेष

हिसार. ऐतिहासिक नगरी राखीगढ़ी में एक बार फिर खोदाई में हजारों साल पुराने अवशेष सामने आ रहे हैं। टीले दो पर चूल्हा, खाना खाने की टेबल और मृदभांड के टुकड़े मिले हैं। इससे यह साबित होता है कि हजारों साल पहले भी हमारे बुजुर्ग खाना खाने के लिए मिट्टी की डायनिंग टेबल का प्रयोग करते थे। हजारों वर्ष पहले ही उन्होंने सुविधाओं से लैस ऐसी वस्तुओं की खोज कर ली थी जिनका प्रयोग आज हम कर रहे हैं। खोदाई में निकल रहे अवशेष ऐसे गवाह के रूप में सामने आ रहे हैं। जो कि हजारों साल पहले दफन हो गए थे। ये अपनी कहानी खुद बयां कर रहे हैं। ये सभ्यता क्यों खत्म हुई थी इस बात का जवाब आज भी इन्हीं टीलों के नीचे दबा है। राखीगढ़ी में हो रही तीन टीलों की खोदाई से यह तस्वीर साफ होगी कि उस समय इस मेगा सिटी शहर का क्या स्वरूप था। टीले दो पर लगातार खोदाई से हर रोज इतिहास की परतें खुल रही हैं। खोदाई के दौरान चूल्हा, बर्तनों के टुकड़े, खाने की मेज (डीस आन स्टैंड) सहित काफी मात्रा में पाटरी (टुकड़े) मिली है। इनको साफ करके कार्बन डेटिंग के लिए भेजा जाएगा। टीले के बाहरी किनारे पर खोदाई में ये अवशेष मिलने से पुरातत्वविद यह अनुमान लगा रहे हैं कि वो किनारों पर भी बसासत करके रहते थे। कच्ची ईंटों की दीवार और चूल्हा इस बात के गवाह हैं। वो लोग यहां सुरक्षा के लिए रहते थे या किसी और कारण से इस अतीत को जानने के लिए अभी इंतजार करना होगा। हालांकि, जिस मकसद से खोदाई की जा रही है। शुरुआत में ही ऐसी चीजें मिलने से शहर का स्वरूप जल्द ही सामने आ जाएगा। टीला नंबर- तीन पर भी खोदाई जारी टीले एक पर पहले जो ट्रेंच लगाया था। वहां पर करीब एक फीट गहराई तक खोदाई हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई ठोस अवशेष नहीं मिला। सिर्फ पाटरी ही मिली है। उससे कुछ ही दूरी पर एक ट्रेंच और बनाया गया है। उस पर जल्द ही खोदाई शुरू होगी। टीला नंबर- तीन पर भी खोदाई की जा रही हैं। ताकि टीलों के बाहरी किनारों से हड़प्पाकालीन सभ्यता का राज खुल सके।  

राजधानी लखनऊ के साथ ही रामपुर, अमेठी, ललितपुर और एटा में किया गया अभिनव प्रयोग, पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास का नया मॉडल

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गांव अब स्वच्छता और नवाचार की नई पहचान गढ़ रहे हैं। प्लास्टिक कचरे से सड़क निर्माण, घर-घर कूड़ा संग्रहण कर उससे खाद निर्माण और आय सृजन के अभिनव प्रयोगों ने प्रदेश के ग्रामीण परिदृश्य को हाईटेक बना दिया है। राजधानी लखनऊ समेत रामपुर, अमेठी, ललितपुर और एटा में प्लास्टिक कचरे से अब तक 75 किलोमीटर लंबी सड़कें तैयार की जा चुकी हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास का नया मॉडल पेश कर रही हैं।  ’वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल पर काम पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में घर-घर से कूड़ा संग्रहण शुरू कर वर्मी खाद का उत्पादन किया जा रहा है। इस पहल से अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक की आय सृजित हो चुकी है। वहीं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों से 29 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई की गई है। इस योजना के तहत पंचायतीराज विभाग प्रदेश में ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल पर काम कर रहा है। प्रदेश के हर गांव में किया जाएगा अभिनव प्रयोग पंचायती राज विभाग द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ गांव महाभियान के तहत कूड़े को संसाधन में बदला जा रहा है। प्लास्टिक कचरे का सदुपयोग कर सड़क निर्माण, जैविक कचरे से खाद उत्पादन और पंचायतों की आय बढ़ाने के ये प्रयोग प्रदेश के हर गांव को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इस योजना के जरिए प्रदेश के हर गांव में अभिनव प्रयोग किए जाएंगे। प्लास्टिक वेस्ट का यूटिलाइजेशन पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, विभाग ग्राम पंचायतों को नवाचार के माध्यम से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। गांव-गांव स्वच्छता अभियान के साथ प्लास्टिक वेस्ट के यूटिलाइजेशन से न केवल पर्यावरण सुरक्षित हो रहा है, बल्कि करोड़ों रुपये की आय भी सृजित हो रही है।

पीएम मोदी से ‘परीक्षा पर चर्चा’ में सवाल पूछेंगी चंडीगढ़ की अनन्या शर्मा

चंडीगढ़. शहर के सरकारी स्कूल की होनहार छात्रा को इस बार परीक्षा पे चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी से अपने मन की बात रखने का मौका मिलेगा। सेक्टर-20डी स्थित गवर्नमेंट माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल(जीएमएसएसएस) में 9वीं क्लास की छात्रा अनन्या शशर्मा का चयन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बोर्ड परीक्षाओं से पहले परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए किया गया है। देश भर से बच्चों के इस खास कार्यक्रम के लिए 4.5 करोड़ युवाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था।  सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से सिर्फ 36 विद्यार्थियों का प्रधानमंत्री से सीधे बातचीत लिए चयन हुआ है। दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में अनन्या ने कहा कि वह पिछले तीन चार वर्ष से प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में चयन को लेकर लगातार कोशिश कर रही थी। पीएम मोदी के बोर्ड परीक्षाओं से पहले बच्चों के बीच तनाव को दूर करने के लिए खास तौर पर परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस खास कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए चंडीगढ़ से सरकारी स्कूल की इस प्रतिभाशाली छात्रा का चयन हुआ है। इन्हें अब परीक्षाओं को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से सीधे बात करने का मौका मिलेगा। जानकारी अनुसार आगामी छह फरवरी को मोदी के इस कार्यक्रम का देश भर में प्रसारण होने की उम्मीद है। इससे पहले भी चंडीगढ़ के स्कूली होनहारों का परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में चयन हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के लिए अनन्या शर्मा को चयन की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। शहर के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों से आवेदन और स्क्रूटनी के बाद 10 विद्यार्थियों का चयन किया गया । फिर मिनिस्ट्री के एक्सपर्ट पैनल के समक्ष शार्टलिस्ट विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का मौका मिलता है। प्रत्येक राज्य या यूटी से एक स्टूडेंट का अंतिम लिस्ट में चयन होता है। चंडीगढ़ से अनन्या इस बार की सौभाग्यशाली बेटी बनी हैं। अनन्या बताती हैं कि उनका परीक्षा पे चर्चा के लिए चयन होने में सबसे अधिक योगदान उनके स्कूल टीचर्स और अभिभावकों का रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल टीचर ज्योत्सना हमेशा ही उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। स्कूल टीचर हरजीत कौर,जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल शर्मा,डाृयरेक्टर स्कूल एजुकेशन नितिन सिंगला और शिक्षा सचिव ने उन्हें इस बड़े मंच तक आने के लिए काफी प्रेरित किया। अनन्या के पिता सचिन शर्मा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और मां अंजली शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर आप्रेशंस मैनेजर हैं।

ग्राम हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

बिलासपुर उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किये। एवं भूमि पूजन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विकास निर्माण कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के ऊपर पुष्प वर्षा भी बांधवगढ़ विधायक शिव नारायण सिंह ने किये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने कहे कि अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी जो चल रही थी।अब उसकी जगह में जी राम जी योजना के तहत  सभी लोगों को 100 दिन से बढ़ाकर के 125 दिन का काम आपके पंचायत में दिया जाएगा। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में सभी ग्रामीण जनों को जानकारी भी दिए। कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ग्राम पंचायत हर्रवाह के सरपंच सोनू गुप्ता भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री सोहन कोल मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी,रामपाल सिंह,सत्यनारायण गुप्ता,शिव प्रकाश द्विवेदी, द्वारिका द्विवेदी एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन

किसानों को अब 5 मिनट में ई-केसीसी से ऋण: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन डिजिटल गवर्नेंस से किसानों को राहत, एफपीओ, सहकारिता व एमएसएमई से मजबूत हुई उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था: सीएम योगी लघु-सीमांत किसानों को कम ब्याज पर ऋण से मिला संबल, सहकारिता के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता व जवाबदेही मुख्यमंत्री ने बैंकों से की अन्नदाता किसानों के लिए ऋण शर्तों को सरल बनाने की अपील तकनीक, ट्रेनिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए उत्तर प्रदेश अपने अनलिमिटेड पोटेंशियल को कर रहा साकार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ने उत्तर प्रदेश में ऋण स्वीकृति की तस्वीर ही बदल दी है। अन्नदाता किसान जब पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण लेने जाता था, तो 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज वही किसान ई-केसीसी के माध्यम से मात्र पांच मिनट में ऋण सुविधा प्राप्त कर रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए जो हमारा कृषि ऋण 3 लाख करोड़ है, यह पहले की तुलना में 13 फीसदी बढ़ा है। यही सुशासन है और इसी दिशा में हमें और मजबूती से आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सरकार और अन्नदाता किसान मिलकर सोच रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग खेती में कैसे किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में एआई एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) को मंच पर सम्मानित भी किया। दिव्यांग और महिला नेतृत्व वाले एफपीओ बने प्रदेश के लिए रोल मॉडल मुख्यमंत्री ने कहा कि संगोष्ठी में जो मॉडल प्रस्तुत किए गए, वे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर एफपीओ, जिसमें 1,005 सदस्य हैं, इसका जीवंत उदाहरण है। पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में, जिन्हें पहले कमजोर माना जाता था, दिव्यांगजनों ने अपनी मेहनत और क्षमता से नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह आंखें खोलने वाला काम है और इसके लिए वे सभी अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने मथुरा की 750 महिलाओं वाली सरसों उत्पादन कंपनी का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने स्वयं उनकी प्रदर्शनी देखी है। किस तरह मस्टर्ड ऑयल को प्रोसेसिंग से जोड़कर महिलाओं ने बेहतर मुनाफा कमाया, यह पूरे प्रदेश के लिए सीख है। सरकार इस तरह के प्रयासों को हर स्तर पर सहयोग देगी। एमएसएमई को नई जान, ओडीओपी बना यूपी की पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज सहकारिता क्षेत्र भी बदल रहा है। “सहकार से समृद्धि की ओर” के विजन के तहत डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों से सहकारी संस्थाओं में सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो विश्व बैंक के साथ एग्री-टेक के क्षेत्र में काम कर रहा है। कृषि, एमएसएमई, महिला, एग्री-टेक और युवा उद्यमिता आज सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र में माफिया हावी था। रिजर्व बैंक ने 16 जिला सरकारी बैंकों को डिफाल्टर घोषित कर बंदी का आदेश कर दिया था। आज हमारी सरकार में इन्हीं 16 में से 15 बैंक प्रॉफिट में आ चुके हैं और 16वें को भी प्रॉफिट में लाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में भी एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश से बड़े पैमाने पर पलायन हो चुका था। हस्तशिल्प और निर्यात लगभग ठप थे और एमएसएमई सेक्टर बंदी की कगार पर खड़ा था। हमारी सरकार ने इसे एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) के रूप में आगे बढ़ाया। आज उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो एमएसएमई सेक्टर को ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा दे रहा है। आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं और लगभग 3 करोड़ परिवार इसी सेक्टर पर निर्भर हैं। टेक्नोलॉजी, मार्केट, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से जोड़कर ओडीओपी को एक ब्रांड बनाया गया है। परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात ₹84 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री जब विदेश जाते हैं, तो राष्ट्राध्यक्षों को ओडीओपी प्रोडक्ट्स उपहार में देते हैं। एफपीओ की मजबूती से बदली यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश के एफपीओज की ताकत को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस ट्रेड शो में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन एफपीओ और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर का रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का क्रेडिट-डेबिट रेशियो (सीडी रेशियो) 9 वर्षों में 43 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि इसी साल 31 मार्च तक इसे 62 प्रतिशत और 2026-27 में 65 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लघु और सीमांत किसानों को सशक्त करने के लिए सहकारिता के माध्यम से ठोस कदम उठाए गए हैं। पहले किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था, जिससे किसानों पर बोझ पड़ता था और बैंक भी घाटे में थे, क्योंकि उनका पैसा डूब जाता था। हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लघु र सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, शेष सहयोग सरकार करेगी। जब किसानों को आसान ब्याज दर और सरल किस्तों पर ऋण मिलेगा तो वे खेती में निवेश करेंगे, तकनीक अपनाएंगे और उनकी आय में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी। अनलिमिटेड पोटेंशियल को साकार कर रहा यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश ही नहीं, दुनिया का पहला राज्य है, जहां 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है, नहरों से सिंचाई मुफ्त है और एक लाख किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं। एक समय उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला राज्य बन चुका है। 10 वर्ष पहले देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान मात्र 8 प्रतिशत था, जबकि आज यह बढ़कर … Read more

मातृ और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्य सचिव जैन

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव  जैन राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की हुई बैठक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की उपलब्धियों और वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना की हुई समीक्षा भोपाल मुख्य सचिव  अनुराग जैन की अध्यक्षता में मंत्रालय में  राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव  जैन ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं डिजिटल पहलों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं। अनमोल 2.0 से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी से एमएमआर और आईएमआर में हुआ है सुधार मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के समन्वित प्रयास करें। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया गया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य के 51 जिलों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए 228 बर्थ वेटिंग रूम क्रियाशील हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं की शंकाओं के समाधान हेतु सुमन सखी चैटबॉट को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है। गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी अनमोल 2.0 के माध्यम से की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में कमी दर्ज की गई है। बैठक में मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना ने लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। आरबीएसके के अंतर्गत 33 हज़ार से अधिक निःशुल्क सर्जरी ई-शिशु मॉडल के अंतर्गत एमजीएम इंदौर में वन-हब एवं 16 स्पोक्स के माध्यम से अब तक 947 नवजात शिशुओं को टेली-कंसल्टेशन सेवाएँ प्रदान की गई हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 33,075 नि:शुल्क शल्य क्रियाएँ की गईं, साथ ही 1,026 नि:शुल्क जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) सर्जरी भी की गई हैं। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतें हुई टीबी-मुक्त टीबी (क्षय रोग) के नोटिफिकेशन एवं उपचार सफलता दर में सुधार के परिणामस्वरूप डीआर-टीबी मृत्यु दर 3.9 से घटकर 3.0 हुई है। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतों को टीबी-मुक्त पंचायत घोषित किया गया। सिकल सेल प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 28,541 मरीजों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया गया और एक करोड़ 13 लाख 59 हजार 76 नागरिकों को सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं। स्वस्थ यकृत मिशन में 1 करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ (एनएएफएलडी स्क्रीनिंग अभियान) के अंतर्गत एक करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग की गई हैं। फाइब्रोस्कैन सेवाएँ 13 जिलों में प्रारंभ की गई हैं, जिनमें अब तक 2,032 स्कैन पूर्ण किए जा चुके हैं। उच्च रक्तचाप के उपचार हेतु 1.77 करोड़ नागरिक की स्क्रीनिंग एवं 10.40 लाख नागरिक उपचाराधीन, इसी प्रकार मधुमेह के लिए 1.80 करोड़ स्क्रीनिंग एवं 7.21 लाख उपचाराधीन रोगी हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ‘मिशन मधुमेह’ के अंतर्गत 537 टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे उपचाराधीन हैं। ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच करने के निर्देश राज्य में 4,03,401 मोतियाबिंद शल्य क्रियाएँ की गईं। इसमें 48,816 स्कूली बच्चों एवं 1,03,944 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 2,235 कॉर्निया नेत्रदान के माध्यम से एकत्र किए गए। होप (होम बेस्ड केयर प्रोग्राम फॉर एल्डर्ली) योजना के अंतर्गत 6 शहरी क्षेत्रों में 1,214 अशक्त वृद्धजनों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई हैं। मुख्य सचिव  जैन ने ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच कराने के निर्देश दिए। मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी करें मुख्य सचिव  जैन ने उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी किए जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि राज्य में 3,756 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त प्रमाणित किया गया है। टेली-मानस सेवा (टोल-फ्री नंबर 14416 / 1800-891-4416) के माध्यम से 55,711 उपयोगकर्ताओं को नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया। आत्महत्या रोकथाम के लिये गेट-कीपर कार्यक्रम के अंतर्गत 2,385 आत्म-हानि एवं 1,593 आत्मघाती विचारों से संबंधित मामलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) के माध्यम से परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना निर्माण प्रक्रिया में बॉटम-अप दृष्टिकोण अपनाया गया है और शून्य-आधारित बजटिंग सिद्धांतों पर संसाधन आवंटन किया गया है, जिससे वर्तमान स्वास्थ्य आवश्यकताओं एवं जिला-स्तरीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएँ तैयार की जा सकें। परिणाम-आधारित योजना एवं बजटिंग के अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों के नियंत्रण जैसे मापनीय स्वास्थ्य लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एसएनए-स्पर्श के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जिला स्वास्थ्य कार्ययोजना की तैयारी, राज्य स्तरीय समीक्षा, कार्यकारी समिति की बैठक एवं राज्य स्वास्थ्य समिति की स्वीकृति की सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई है, जो विकेंद्रीकरण, अभिसरण, लक्ष्य निर्धारण एवं प्राथमिकता निर्धारण के सिद्धांतों पर आधारित है। यह दृष्टिकोण "विकसित मध्यप्रदेश@2047" एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है। बैठक में लगभग 5 हज़ार करोड़ रुपए की वार्षिक कार्य योजना भारत सरकार को प्रेषित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आयुक्त, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय, आयुष, स्कूल शिक्षा, वित्त विभाग, आयुक्त महिला बाल विकास, मनरेगा विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिली पर्यटन विकास की बड़ी सौगात

रायपुर. ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।     मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।  उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।  साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर, उभरेगा नया पर्यटन केंद्र मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णाेद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।     यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय की धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

हाईकोर्ट ने धारा 500 की कार्रवाई रद्द की, कानूनी अधिकार के तहत की गई शिकायत को मानहानि नहीं माना

जबलपुर  हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि कानूनी अधिकार के तहत आपराधिक शिकायत सक्षम प्राधिकरण के समक्ष करना मानहानि की श्रेणी में नहीं आता है। हाईकोर्ट जस्टिस बी पी शर्मा ने अपने आदेश में कहा है कि यह धारा 498 अपवाद 8 के सुरक्षा कवच के अंदर आता है। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ तलाश पूर्व पत्नी की शिकायत पर भोपाल न्यायालय द्वारा मानहानि तहत धारा 500 के तहत प्रारंभ की गयी आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने के आदेश जारी किये हैं।  भोपाल निवासी सैयद राशिद अली की तरफ से तलाकशुदा पत्नी की तरफ से दायर आवेदन पर भोपाल न्यायालय द्वारा मानहानि के तहत प्रारंभ किये गये आपराधिक प्रकरण को निरस्त किये जाने की राहत चाही गयी थी। याचिका में कहा गया था कि शादी के बाद झगड़ा होने पर पत्नी ने उसके खिलाफ धारा 498 ए के तहत प्रकरण दर्ज करवाया था। न्यायालय ने उसे एक साल की सजा से दंडित किया था परंतु अपीलीय न्यायालय ने उसे दोषमुक्त कर दिया था। दोषमुक्ति के खिलाफ अनावेदिका ने हाईकोर्ट के अपील की है, जो लंबित है। शिकायतकर्ता अनावेदिका का कहना है कि धारा 498 ए के तहत प्रकरण दर्ज करवाने के बाद आवेदक ने मुस्लिम कानून के तहत लिखित तलाक-ए-बैन दिया। इसके बाद आवेदन ने शिकायतकर्ता तलाकशुदा पत्नी तथा उसके रिश्तेदारों के खिलाफ धारा खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 477, 494 और 149 के तहत अपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 14 अक्टूबर 2023 को उसकी तलाकशुदा पत्नी और अन्य को दोषमुक्त कर दिया था। तलाकशुदा पत्नी ने उसके खिलाफ धारा 499 और 500 के तहत यह शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसके तथा रिश्तेदारों के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोपों लगाते हुए अपराधिक कार्रवाई प्रारंभ की थी, जिसके उसके मानसिक तकलीफ हो। इसके अलावा समाज में उसकी बदनामी करना और लंबित अपराधिक प्रकरण वापस लेने के दबाव बनाना है। तलाकशुदा पत्नी तथा उसके पिता के बयान के आधार पर भोपाल जिला न्यायालय के जेएफएमसी ने उसके खिलाफ धारा 500 के तहत अपराधिक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश जारी किये हैं, जिसमें सजा का प्रावधान है। याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि उसने आपराधिक शिकायत कानूनी अधिकार रखने वाली प्राधिकरण के समक्ष की थी। धारा 499 के सेक्शन 8 के तहत कानूनी अधिकार रखने वाले किसी व्यक्ति के द्वारा अच्छी नीयत से आपराधिक शिकायत में आरोप लगाना मानहानि नहीं है। एकलपीठ ने मामला धारा 499 के सेक्शन 8 के तहत आता है, इसलिए याचिकाकर्ता के खिलाफ मानहानि का कोई अपराध नहीं बनता है। याचिकाकर्ता के खिलाफ धारा 500 के तहत भोपाल की अदालत में चल रही आपराधिक कार्रवाई को रद्द किया जाता है।  

विधायक जी के दौड़ने के किस्से साझा करने वाले जतिन ने इंदौर सांसद से माफी मांगी

 इंदौर दौड़ते हुए 'विधायक जी संग युवा नेता के किस्से' सुनाने वाले जतिन शुक्ला के खिलाफ इंदौर में केस दर्ज होने के बाद उनका माफी मांगने का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर ने वीडियो में कहा- "मेरे शब्दों से माननीय सांसद जी की भावना आहत हुई, इसके लिए मैं सांसद जी और आप सब से माफी मांगता हूं।" दरअसल सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। मैंने भूलवश माननीय सांसद जी… नए वीडियो में उन्होंने सफाई देते हुए माफी मांगी है। वीडियो में कहा- “कुछ दिन पहले मैंने इंदौर की घटना पर वीडियो बनाया था। इसमें जानकारी के अभाव में मैंने भूलवश माननीय सांसद इंदौर जी के प्रति कुछ अपशब्दों का प्रयोग कर दिया था। मेरा मकसद माननीय सांसद जी की छवि धूमिल करने या उनका अपमान करने का नहीं था। मेरे शब्दों से माननीय सांसद जी की भावना आहत हुई, इसके लिए मैं सांसद जी और आप सब से माफी मांगता हूं।” इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ था केस एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक- सांसद के प्रतिनिधि ने क्राइम ब्रांच थाने में जतिन ऑफिशियल नामक इंस्टाग्राम से एक गलत और झूठा वीडियो वायरल करने की बात कही गई थी। वीडियो में अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने जतिन शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज कर लिया गया था। इसी मामले में अब जतिन ने नई वीडियो शेयर करते हुए माफी मांगी है। इंदौर में पानी से मौत पर की थी टिपप्णी शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा था- जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं हैं, जो पूरी तरह असत्य हैं। शिकायतकर्ता ने आगे कहा- सांसद कभी जतिन से नहीं मिले हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों पर भी सांसद पर कटाक्ष करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे थे।