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सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन के विकास को समयबद्ध रूप से लागू करने के निर्देश

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर घोषित ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ के लिए सभी जनपदों में उपयुक्त भूमि शीघ्र चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नीति का लक्ष्य ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करना है, जहां युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के अवसर एक ही परिसर में सुलभ हों। उन्होंने निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी योजना को स्थानीय आवश्यकताओं और क्षेत्रीय संभावनाओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जोन उद्योग, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्योग-सहायता से जुड़े विभागों और सुविधाओं को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने एमएसएमई, सेवा आधारित उद्योगों और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित करने के लिए प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया, जिससे उद्यमियों को प्रारंभ से ही आवश्यक अवसंरचना उपलब्ध हो सके। बैठक में अवगत कराया गया कि इस योजना के अंतर्गत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, टेस्टिंग फैसिलिटी, डिस्प्ले एवं डिजाइन सेंटर, टूल रूम, ईटीपी/सीईटीपी, प्लग-एंड-प्ले यूनिट तथा फ्लैटेड फैक्ट्री की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही युवाओं के कौशल उन्नयन हेतु उद्यमिता प्रशिक्षण, मेंटरिंग, विभिन्न ऋण योजनाओं की जानकारी तथा हैंडहोल्डिंग की व्यवस्था भी इसी परिसर से की जाएगी। बैठक में यह भी बताया गया कि योजना को चरणबद्ध रूप से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू किए जाने का प्रस्ताव है। प्रत्येक जनपद में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। प्रस्तावित जोन के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र, फ्लैटेड फैक्ट्री, वाणिज्यिक क्षेत्र, सड़क, कॉमन फैसिलिटी, सर्विस सेक्टर, ग्रीन एरिया और कार्यालय स्पेस का संतुलित लेआउट तैयार किया गया है। इसके साथ ही ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना भी प्रस्तावित है, जिसमें प्रशिक्षण हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, एक्सटेंशन काउंटर और उद्योग-सहायता से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि ऑपरेशनल मॉडल के अंतर्गत स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रशिक्षण, कौशल विकास, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप तथा संबंधित उद्योगों में वेतन आधारित रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और उद्यमिता का एक सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित स्थलों की शीघ्र पहचान कर परियोजना के क्रियान्वयन को गति दी जाए, ताकि यह पहल प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का एक प्रभावी मॉडल बन सके।

राज्य मंत्री गौर के करकमलों से ‘सक्षम’ महोत्सव का शुभारंभ

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)कृष्णा गौर ने सोमवार को ऑयल इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित संरक्षण क्षमता महोत्सव (सक्षम 2026) का शुभारंभ किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ईंधन संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तेल कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा सक्षम पखवाड़ा एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ईंधन का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि तेल कंपनियों का यह सामूहिक प्रयास न केवल अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचेगा, बल्कि इसके सकारात्मक परिणाम भी समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर बच्चे भी सहभागिता कर रहे हैं, इसका उल्लेख करते हुए उन्होंने खुशी जताई और कहा कि नई पीढ़ी में जागरूकता ही वास्तविक बदलाव की नींव है। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ईंधन की बचत को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम में ऊर्जा संरक्षण से जुड़े विभिन्न उपायों और जागरूकता गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान लोगों को जिम्मेदार उपभोक्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्य प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक एवं राज्य प्रमुख श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड सेंट्रल जोन के जोनल हेड श्री अश्विन योगेश सिन्हा, गेल इंडिया लिमिटेड से श्री रंजन कुमार, भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के राज्य प्रमुख श्री नीरज उपस्थित रहे।

नीट छात्रा हत्याकांड: पटना HC ने जांच में हस्तक्षेप से किया इनकार, परिवार को दी कानूनी विकल्प की सलाह

पटना बिहार के चर्चित नीट छात्रा की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को पटना हाईकोर्ट से झटका लगा है। उच्च न्यायालय ने फिलहाल इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। अदालत का कहना है कि यह केस सीबीआई को सौंप दिया गया है। ऐसे में इस मामले में दखल देने का कोई औचित्य नहीं बनता है। पटना हाईकोर्ट में छात्रा के पिता की ओर से न्याय की गुहार लगाते हुए पिछले सप्ताह रिट याचिका दायर की गई थी। जस्टिस अरुण कुमार झा की एकलपीठ में सुनवाई के लिए इसे मंजूर किया गया था। सोमवार को इस मामले पर सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका को निष्पादित कर दिया। हाईकोर्ट से परिवार को क्या विकल्प? पटना हाईकोर्ट ने नीट छात्रा के परिवार को विकल्प देते हुए कहा कि अगर वे सीबीआई की जांच से संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। मृतका के पिता की ओर से दायर इस याचिका में हॉस्टल संचालक, मकान मालिक, निजी अस्पतालों के डॉक्टर जहां छात्रा भर्ती थी, थानेदार से लेकर पटना एसएसपी और डीजीपी तक को प्रतिवादी बनाया गया था। क्या है मामला? बता दें कि पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा पिछले महीने अपने कमरे में बेहोश पाई गई थी। 4 दिन बाद पटना के एक निजी अस्पताल में उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। पुलिस ने पहले इसे सुसाइड बताया, लेकिन परिजन ने रेप के बाद हत्या का आरोप लगाया। जब छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें यौन उत्पीड़न का खुलासा हुआ। इसके बाद हंगामा बढ़ गया। पुलिस ने एसआईटी का गठन कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को विस्तृत अध्ययन के लिए एम्स भेजा गया। हॉस्टल मालिक को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान पता चला कि छात्रा नाबालिग थी, तो इस केस में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं। छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने की भी बात सामने आई। एसआईटी की ओर से कई लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस मामले का खुलासा जल्द करने का दावा ही कर रही थी कि पिछले सप्ताह इस केस को नीतीश सरकार ने सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि वह सीबीआई को मामला सौंपे जाने से संतुष्ट नहीं हैं। वह हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में एक निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उन्होंने हॉस्टल, पुलिस और अस्पताल के स्टाफ की मिलीभगत का भी आरोप लगाया। फिलहाल केंद्रीय एजेंसी केस की जांच कर रही है।

खाद्य गुणवत्ता पर सख्ती, लगातार औचक जांच में कई जिलों में कार्रवाई

रायपुर. खाद्य सामग्रियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने लगातार औचक जांच आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पोषणयुक्त खाद्य सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में लगातार औचक निरीक्षण एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  धमतरी जिले में 73 परिसरों का निरीक्षण खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला धमतरी द्वारा जनवरी 2026 में कुल 73 खाद्य परिसरों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 14 परिसरों को आवश्यक सुधार हेतु निर्देशित किया गया। इस अवधि में 1 खाद्य नमूना संग्रहित किया गया तथा 2 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। उपभोक्ताओं से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर रमन स्वीट्स, बस स्टैंड धमतरी से ‘ढोकना’ का नमूना संकलित कर प्रयोगशाला जांच हेतु भेजा गया। इसके अतिरिक्त खाद्य पदार्थ परोसने में अखबारी कागज के उपयोग को हतोत्साहित करने हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को फॉसटैक प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण-पत्र परिसर में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा में पोहा मिलों पर कार्रवाई जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में जनवरी 2026 के दौरान भाटापारा स्थित मातारानी इंडस्ट्रीज (सेमरिया रोड, खोखली), महासती उद्योग (सूरजपुरा रोड) एवं एन.एस. इंडस्ट्रीज (खोखली) का निरीक्षण किया गया। मातारानी इंडस्ट्रीज में खाद्य लेबल पर विनिर्माता के स्थान पर अन्य फर्म का नाम एवं पता अंकित पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई।महासती उद्योग से पोहा का विधिक नमूना लिया गया। एन.एस. इंडस्ट्रीज में नवीनीकरण के समय फोरेंकोस में अपलोड किए गए स्व-निरीक्षण प्रतिवेदन में असत्य जानकारी पाए जाने पर निरीक्षण कर पोहा एवं नायलॉन पोहा के विधिक नमूने लिए गए तथा नोटिस जारी किया गया। इस माह जिले में कुल 5 विधिक नमूने संकलित किए गए और 1 प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। महासमुंद में गुटखा जब्ती, 15.50 लाख का जुर्माना जिला महासमुंद में जनवरी 2026 के दौरान निरीक्षण के समय कुल 13 नमूने संकलित किए गए, जिनमें 8 विधिक, 4 सर्विलेंस नमूने तथा 1 सूचना सुधार प्रकरण शामिल है। कार्रवाई के दौरान 92,352 पाउच प्रतिबंधित गुटखा, 2 किलोग्राम बेसन एवं 500 ग्राम बारीक सेव (अवमानक तिथि पार) जब्त की गई। न्याय निर्णयन अधिकारी द्वारा संबंधित प्रकरणों में 15,50,000 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। इसके अतिरिक्त बिना अनुज्ञप्ति/पंजीयन के 2 प्रकरणों में धारा 69 (कंपाउंडिंग) के अंतर्गत 20,100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही 51 नग अखाद्य रंग नष्ट किए गए। रायगढ़ में संदिग्ध वाहन से दुग्ध उत्पाद जब्त जिला रायगढ़ में संदिग्ध पिकअप वाहन द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विक्रय हेतु परिवहन की जा रही लगभग 2 लाख रुपये मूल्य की दुग्ध उत्पाद सामग्री (कॉलेज एनालॉग एवं दही) जब्त की गई। नमूने गुणवत्ता जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश के नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु निरंतर सघन निरीक्षण एवं कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

पंजाब को बजट में झटका? सुखबीर बादल बोले – AAP की विफल नीतियों का नतीजा

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार की राज्य के हकों की सही तरीके से वकालत करने में पूरी तरह नाकामी रहने के कारण पंजाब को यूनियन बजट में कुछ नहीं मिला। ये विचार शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और पंजाब के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुखबीर सिंह बादल ने केंद्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहे।   सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब को न तो कोई स्पेशल पैकेज मिला, न ही कोई बड़ा नया प्रोजेक्ट और न ही हमारे किसानों, व्यापारियों, इंडस्ट्री, युवाओं या बॉर्डर एरिया के लिए कोई नई योजना का एलान किया गया। उन्होंने कहा कि प्रकाश सिंह बादल जी का दौर याद कीजिए, उन्होंने हर प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह समेत) के सामने पंजाब का पक्ष और हक मजबूती से रखा और राज्य के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट लाए। उन्होंने पंजाब का पक्ष दमदार तरीके से रखा, और AIIMS, रिफाइनरी, IIM, IIT, और 4/6-लेन नेशनल हाईवे समेत बड़े प्रोजेक्ट लेकर आए। सुखबीर ने कहा कि पंजाब को मजबूत लीडरशिप की जरूरत है जो अपने लोगों के लिए लड़े- न कि ऐसे जो सिर्फ बहाने बनाते रहें।

उद्योगों को संजीवनी, रोजगार को रफ्तार — हरियाणा तैयार ‘मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस’ बनने को

सोनीपत  केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026 में उद्योग और एम.एस.एम.ई. सैक्टर को लेकर की गई घोषणाएं हरियाणा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकती हैं। खासकर 10,000 करोड़ रुपए के एम.एस.एम.ई. ग्रोथ फंड, सरकारी खरीद में एम.एस.एम.ई. की भागीदारी बढ़ाने, टैक्सटाइल सैक्टर के लिए नई स्कीमों और माइक्रो इंटरप्राइजेज को लिक्विडिटी सपोर्ट देने जैसे फैसले राज्य के छोटे, मंझोले और उभरते उद्योगों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। हरियाणा पहले से ही ऑटोमोबाइल, टैक्सटाइल, आई.टी., लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसैसिंग जैसे क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति रखता है। अब बजट में किए गए प्रावधानों से गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, रोहतक और अंबाला जैसे औद्योगिक क्लस्टर्स में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। आम बजट में भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए 10,000 करोड़ रुपए का एम.एस.एम.ई. ग्रोथ फंड बनाने की घोषणा की गई है, जिसमें 30 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। यह फंड उन एम. एस.एम.ई. इकाइयों को टार्गेट करेगा जो विस्तार करना चाहती हैं, नई तकनीक अपनाना चाहती हैं या वैश्विक बाजार में कदम रखना चाहती हैं। हरियाणा के एम.एस.एम.ई. सैक्टर की सबसे बड़ी चुनौती लंबे समय से वर्किंग कैपिटल की कमी, महंगे कर्ज और बैंक गारंटी की जटिल शर्तें रही हैं। नया ग्रोथ फंड इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकता है। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक इससे माइक्रो और स्मॉल यूनिट्स मीडियम लैवल तक पहुंच सकेंगी जो रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएंगी। इससे हरियाणा देश का अगला मैन्यूफैक्चरिंग पावरहाऊस बनेगा। सरकारी खरीद में एम.एस.एन.ई. की हिस्सेदारी बढ़ेगी बजट में एम.एस.एम.ई. से सरकारी खरीद बढ़ाने का साफ संकेत दिया गया है। इसका सीधा फायदा हरियाणा की उन हजारों इकाइयों को मिलेगा जो पहले बड़े कॉर्पोरेट्स से मुकाबले में पिछड़ जाती थीं। हरियाणा में ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, टैक्सटाइल, पैकेजिंग और इलैक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी एम.एस.एम.ई. इकाइयां सरकारी टैंडर से जुड़कर स्थिर ऑर्डर बुक हासिल कर सकेंगी। इससे नकदी प्रवाह सुधरेगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। टैक्सटाइल सैक्टर को नई उड़ान, पानीपत को मिलेगा सीधा फायदा बजट में टैक्सटाइल सैक्टर के लिए 3 बड़ी स्कीमों का ऐलान किया गया है जिनमें नैशनल फाइबर स्कीम, मैन मेड फाइबर स्कीम, एडवांस्ड फाइबर स्कीम शामिल हैं। इसके साथ ही नैशनल हैंडलूम पॉलिसी के जरिए कारीगरों और बुनकरों को प्रोत्साहन और वित्तीय सहायता देने की बात कही गई है। हरियाणा का पानीपत टैक्सटाइल हब, जो हैंडलूम, होम फर्निशिंग और एक्सपोर्ट के लिए जाना जाता है, इन योजनाओं से सबसे अधिक लाभान्वित होगा। नई फाइबर टैक्नोलॉजी और डिजाइन सपोर्ट से यहां के उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति बना सकेंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर रिएक गारंटी फंडः निजी निवेश को मिलेगा भरोसा बजट में प्राइवेट डिवैल्पर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गांरटी फंड की घोषणा की गई है जिसमें सरकार पार्शियल गारंटी देगी। यह कमद खासतौर पर हरियाणा जैसे औद्योगिक राज्यों के लिए अहम है, जहां निजी निवेशक अक्सर जोखिम को लेकर सतर्क रहते हैं। इस फैसले से औद्योगिक पार्क, लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और टाऊनशिप प्रोजैक्ट्स को गति मिलेगी। आई.एम.टी. खरखौदा, कुंडली-मानेसर-पलवल बैल्ट और फरीदाबाद-गुड़गांव क्षेत्र में नए प्रोजैक्ट्स आने की संभावना है। रियल एस्टेट में रिप्साइक्लिंग और सस्टेनेबल डिवैल्पमैंट रियल एस्टेट सैक्टर के लिए रिसाइक्लिंग से जुड़ी योजना को उद्योग जगत ने सकारात्मक कदम बताया है। इससे कंस्ट्रक्शन वेस्ट मैनेजमैंट, ग्रीन बिल्डिंग और पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा मिलेगा। हरियाणा के तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों गडगांव सोनीपत और फरीदाबाद में यह नीति सस्टेनेबल अर्बन डिवैल्पमैंट की दिशा में अहम साबित हो सकती है। वहीं बजट में सैल्फ रिलायंट इंडिया फंड के जरिए माइक्रो इंटरप्राइजेज को वित्तीय मदद देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही ट्रांजैक्शन सैटलमेंट प्रोग्राम, क्रैडिट गारंटी सपोर्ट मैकेनिज्म, जी.ई.एम. को ट्रेड से जोड़ना व एसेट बेस्ड सिक्योरिटी जैसे कदम लिक्विडिटी संकट से जूझ रहे छोटे कारोबारियों के लिए राहत लेकर आएंगे। हरियाणा के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में चल रही हजारों माइक्रो यूनिट्स जैसे फूड प्रोसैसिंग, प्लास्टिक, फर्नीचर और सर्विस सैक्टर को इससे मजबूती मिलेगी। प्रोफैशनल सपोर्ट और स्किलिंगः टियर-2 और 3 शहरों पर फोकस बजट में शॉर्ट टर्म मॉड्यूलर कोर्स डिजाइन करने और टियर-2 व टियर-3 शहरों तक ट्रेनिंग पहुंचाने का ऐलान किया गया है। इसका सीधा लाभ हरियाणा के युवाओं को मिलेगा। इंडस्ट्री की जरूरत के मुताबिक स्किल मिलने से लोकल टैलेंट लोकल इंडस्ट्री को सपोर्ट करेगा, जिससे माइग्रेशन भी घटेगा।  

औषधीय व सुगंधित फसलों की ओर आकर्षित हुए किसान, मेले में दिखा उत्साह

रायपुर. किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती में किसानों की रुचि तेजी से बढ़ी है, जिसका मुख्य कारण पारंपरिक फसलों की तुलना में अधिक लाभ, कम लागत और बाजार में मांग है। अश्वगंधा, लेमनग्रास, तुलसी और खस जैसी फसलों से किसान प्रति एकड़ अच्छी कमाई कर रहे हैं, जिसमें सरकार की सब्सिडी और तकनीकी सहायता भी मदद कर रही है।   किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान   औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ द्वारा आयोजित किसान मेले में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने सक्रिय सहभागिता की। कुम्हारी, दुर्ग में 30-31 जनवरी को आयोजित दो दिवसीय किसान मेले में बोर्ड द्वारा लगाए गए स्टॉल के माध्यम से औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा देने हेतु संचालित शासकीय योजनाओं एवं कार्यों की जानकारी दी गई।  किसान मेले में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के प्रति किसानों में बढ़ी रूझान कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, वन मंत्री  केदार कश्यप, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, सांसद दुर्ग  विजय बघेल सहित कृषि विभाग एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। किसानों के विशेष आकर्षण का केंद्र लेमनग्रास की खेती स्टॉल पर विभिन्न आकर्षक मॉडलों के माध्यम से खेती के सफल उदाहरण प्रस्तुत किए गए। इनमें नदी किनारे की रेतीली एवं अनुपयोगी भूमि पर खस की खेती, महिला सशक्तिकरण के लिए घरों की बाड़ी में सिंदूरी, सतावर एवं ब्राह्मी का रोपण तथा धान की खेती के कन्वर्जेंस के रूप में लेमनग्रास की खेती के मिनिएचर मॉडल शामिल रहे। ये मॉडल किसानों एवं आमजनों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। औषधीय एवं सुगंधित पौधे मच्छर एवं कीट-पतंगों को दूर भगाने में सहायक उल्लेखनीय है कि इस किसान मेले में बोर्ड द्वारा औषधीय एवं सुगंधित पौधों से तैयार उत्पादों का निःशुल्क वितरण भी किया गया। अनंतमूल की जड़ से तैयार नन्नारी शरबत किसानों एवं आमजनों परोसा गया, जो शरीर को आंतरिक रूप से ठंडक प्रदान करता है और ग्रीष्म ऋतु में लू से बचाव में सहायक है। इसके साथ ही लेमनग्रास तेल की 10 मि.ली. शीशियों का निःशुल्क वितरण किया गया। लेमनग्रास तेल का उपयोग मानसिक शांति, सुगंधित वातावरण बनाने, मच्छर एवं कीट-पतंगों को दूर भगाने तथा तेल में मिलाकर मालिश के लिए किया जाता है। किसान मेले में लगभग 1000 से 1500 किसानों एवं आमजनों ने बोर्ड के स्टॉल से जानकारी प्राप्त की तथा नन्नारी शरबत और लेमनग्रास तेल के फायदे के बारे में विस्तृत जानकारी।

वाहन रैली और कृषि रथ के माध्यम से किसानों को किया जा रहा है जागरूक

भोपाल राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसके लिए किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन रैली के माध्यम से किसानों को खेती की नवीन तकनीकों को अपनाकर फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए जागरूक किया गया। इसके तहत विभिन्न जिलों में वाहन रैली आयोजित की गईं। धार जिला मुख्यालय पर विधायक श्रीमती नीना वर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रिंयक मिश्रा द्वारा हरी झण्डी दिखाकर किसान जागरूकता वाहन रैली को रवाना किया गया। जिले में किसानों के लिए कृषि एवं कृषि से संबंधित विभागों की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कृषि रथ के माध्यम से निंरतर प्रत्येक ग्राम पंचायत में किया जा रहा है। कृषक कल्याण वर्ष के प्रचार-प्रसार के लिए कृषि रथ के मुख्य आधार स्तंभ:- जैविक खेती एवं प्राकृतिक कृषि क्षेत्रों का विस्तार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का प्रचार-प्रसार, एकीकृत पोषक तत्व, कीट एवं रोग प्रबंधन, कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उपाय, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना, विभागीय कृषि योजनाओं का प्रचार-प्रसार, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना, ई-विकास प्रणाली अंतर्गत ई-टोकन उर्वरक वितरण व्यवस्था, पराली प्रबंधन आदि विभागीय योजनाओं से जागरूक किया जा रहा है। सिवनी जिला मुख्यालय पर किसानों को जागरूक करने के लिए मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य किसानों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें शासन की विभिन्न कृषक हितैषी योजनाओं से जोड़ना रहा। मोटरसाइकिल रैली में सिवनी विधायक श्री दिनेश राय ने स्वयं मोटरसाइकिल चलाकर सहभागिता की और किसानों का उत्साहवर्धन किया। बैतूल जिले में किसानों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय वाहन रैली का आयोजन किया गया। रैली का शुभारंभ किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर अधिकारियों ने किसानों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, नवाचारों और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने का संदेश दिया। रैली में मोटरसाइकिल, चार पहिया वाहन एवं विभागीय वाहनों के माध्यम से आकर्षक बैनर-पोस्टर लगाकर किसान कल्याण से जुड़े संदेश प्रसारित किए गए। इसी तरह पांढुर्णा जिले में भी किसान मोटरसाइकिल रैली का आयोजन किया गया।  

7 साल में 6 नौकरियों में सफल, लेकिन शिक्षक बनना ही चुना

रतलाम मेहनत और लगन से नामुमकिन को मुमकिन बनाने वाली कहानी सैलाना के अनुराग जैन की है। मध्यप्रदेश में छोटे कस्बे के इस युवा ने 7 साल में राज्य और केन्द्र सरकार की 6 अलग-अलग परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इस अनोखे रेकॉर्ड को इंडिया बुक ऑफ में स्थान मिला है। अनुराग भारतीय डाक विभाग में सॉर्टिंग असिस्टेंट (2018), मप्र जनजातीय विभाग में उच्च माध्यमिक और माध्यमिक शिक्षक (2021), सीजीएसटी में कर सहायक (2022), एकलव्य मॉडल स्कूल में पीजीटी गणित (2025) और मप्र स्कूल शिक्षा विभाग में उच्च माध्यमिक शिक्षक गणित (2025) पदों पर चयनित हुए। लेकिन उन्होंने डाक और वित्त विभाग की नौकरियां छोड़कर शिक्षक बनना चुना। अनुराग ने कहा, 'मेरी सेवानिवृत शिक्षिका मां से मिले संस्कार और मार्गदर्शन ने मुझे शिक्षक बनने के लिए प्रेरित किया।' वे वर्तमान पीएमश्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रिंगनोद में उच्च माध्यमिक शिक्षक (गणित) के रूप में कार्यरत हैं।

उपेंद्र कुशवाहा का ‘फैमिली पॉलिटिक्स प्लान’? घर की बहू साक्षी मिश्रा भी क्या संभालेंगी मोर्चा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव तक परिवार को राजनीति से दूर रखने वाले समाजवादी नेता और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा अब बेलाग परिवारवादी हैं। राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की विधायक बीवी स्नेहलता कुशवाहा और मंत्री बेटे दीपक प्रकाश के बाद उनकी बहू साक्षी मिश्रा कुशवाहा भी जनता के बीच नजर आ रही हैं। कोई चुनाव और मौका फिलहाल तो नहीं दिख रहा है, लेकिन साक्षी मिश्रा कुशवाहा के राजनीति में उतरने की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि कुशवाहा परिवार के सुरक्षित राजनीतिक भविष्य के लिए बीवी और बेटे को राजनीति में उतारने के लिए उपेंद्र कुशवाहा को साक्षी मिश्रा ने ही मनाया था।   कुशवाहा परिवार से बीवी और बेटा राजनीति में लॉन्च तो हो गए हैं, लेकिन विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को बंपर सीट मिलने के बाद उनकी भावी राजनीति पर चर्चा शुरू है। एक तरफ जहां कुशवाहा का सांसद कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है, तो दूसरी तरफ दीपक प्रकाश को मंत्री पद पर बने रहने के लिए 20 मई से पहले विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा। नई चर्चा है कि बीजेपी विधानसभा के बदले सीट-गणित के दम पर कुशवाहा पर खुद की राज्यसभा या दीपक की विधान परिषद की सीट में से कोई एक चुनने का दबाव डाल सकती है। पार्टी दफ्तर के कार्यक्रम से आम लोगों के मंच तक नजर आ रही हैं साक्षी मिश्रा साक्षी मिश्रा कुशवाहा पहली बार सास स्नेहलता के चुनाव प्रचार के दौरान लोगों की नजर में आईं, जब वो सासाराम सीट पर उनके लिए वोट मांगने मैदान में उतरीं। दीपक प्रकाश के मंत्री बनने के बाद वो उनके साथ सार्वजनिक सभाओं और सामाजिक कार्यों में दिख रही हैं। मसलन, जब दही-चूड़ा के मौके पर कुशवाहा ने अपने गांव में भोज रखा, तो वहां साक्षी ना सिर्फ खाना परसोते दिखीं, बल्कि मंच पर माला और माइक के साथ भी सहज रहीं। पार्टी दफ्तर में लाल बहादुर शास्त्री और ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में वो कार्यकर्ताओं के साथ शामिल रहीं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बड़े नेता इंद्रेश कुमार जब उपेंद्र कुशवाहा के आवास गए थे, तब बातचीत के दौरान साक्षी सक्रिय दिखी थीं। उत्तर प्रदेश के एक रिटायर्ड अफसर की बेटी साक्षी और दीपक की लव मैरिज हुई है। दोनों इस समय राज्य के सबसे ज्यादा चर्चित राजनीतिक कपल हैं। बड़े नेताओं के बच्चों में चिराग पासवान और निशांत कुमार ने अभी तक शादी नहीं की है, जबकि तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव घर से बाहर राजनीतिक कदम कम ही रखती हैं। ऐसे में ‘जनेऊधारी ब्राह्मण की बेटी और चंद्रगुप्त मौर्य के वंशज की पतोहू’ साक्षी मिश्रा कुशवाहा अगर राजनीति में आती हैं, तो बिहार की परिवारवादी राजनीति में नया अध्याय शुरू हो सकता है।