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जहां था कचरे का अंबार, वहीं बनेगा मॉडर्न बस टर्मिनल — दिल्ली सरकार का बड़ा क्लीन-अप प्लान

नई दिल्ली सरकार की योजना के मुताबिक भलस्वा में बनने वाले नए अंतरराज्यीय बस अड्डे से हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लिए बसों का संचालन किया जाएगा। वर्तमान में इन सभी राज्यों की बसें कश्मीरी गेट स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डे से चलती हैं, जहां पहले से ही यात्रियों और बसों का भारी दबाव है। भलस्वा में नया बस अड्डा शुरू होने के बाद कश्मीरी गेट ISBT पर भीड़ और ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। नए बस अड्डे के बनने से यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं मिलने की संभावना है। अभी कश्मीरी गेट से रोजाना सैकड़ों बसें इन राज्यों के लिए रवाना होती हैं, जिससे वहां अक्सर जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। भलस्वा में बस अड्डा तैयार होने के बाद बसों को बाहरी दिल्ली के भारी ट्रैफिक से गुजरकर कश्मीरी गेट तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे बस संचालन अधिक सुचारू होगा और यात्रियों का समय भी बचेगा। भलस्वा बस अड्डे से होंगे कई तरह के फायदे भलस्वा बस अड्डे की एक बड़ी खासियत इसकी रणनीतिक स्थिति होगी। यह इलाका दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर के बेहद करीब स्थित है। ऐसे में यहां से चलने वाली बसें कम समय में ही दिल्ली की सीमा पार कर सकेंगी। इसके विपरीत कश्मीरी गेट से निकलने वाली बसों को दिल्ली बॉर्डर तक पहुंचने में कई बार घंटों लग जाते हैं। नए बस अड्डे के बनने से इन राज्यों की ओर जाने वाली बसों का सफर न सिर्फ छोटा होगा, बल्कि ज्यादा आसान और आरामदायक भी हो जाएगा। बायो-माइनिंग के जरिए साफ की जा रही है लैंडफिल साइट दिल्ली नगर निगम ने भलस्वा लैंडफिल साइट को पूरी तरह साफ करने के लिए इस साल के अंत तक का लक्ष्य तय किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस परियोजना को लेकर हाल ही में दिल्ली सरकार और एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच अहम बैठक भी हुई है। बाहरी दिल्ली में स्थित यह लैंडफिल साइट करीब 70 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली हुई है और इसकी ऊंचाई 60 मीटर से ज्यादा हो चुकी है। नगर निगम इस कूड़े के पहाड़ को हटाने के लिए बायो-माइनिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। इस प्रक्रिया के जरिए पुराने कचरे को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर वैज्ञानिक तरीके से उसका निपटान किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि लैंडफिल साइट के खत्म होने से न केवल आसपास के इलाकों का पर्यावरण सुधरेगा, बल्कि भलस्वा में बनने वाला नया अंतरराज्यीय बस अड्डा दिल्ली के यातायात ढांचे को भी बड़ी राहत प्रदान करेगा।

गुजरात की धरा ने दिया है, मानव कल्याण और सनातन का संदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जन्म उत्सव में एक साथ श्लोक पाठ का बना नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव वडोदरा में महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में हुए शामिल मध्यप्रदेश से जुड़ी हैं स्वामी जी की जीवन यात्रा की जड़ें भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात की धरती भारत सहित अनेक राष्ट्रों में धर्म, आध्यात्म, सनातनी परम्परा, मानव कल्याण और सेवा मूल्यों को चेतना से जोड़ने का कार्य कर रही है। इस धरा से कभी महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसी विभूतियों ने राष्ट्र को योगदान दिया, वहीं अब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह इस परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं। आज सऊदी अरब सहित अबूधाबी और अमेरिका में स्वामी नारायण अक्षर धाम के पारम्परिक हिन्दू मंदिर और विश्व के अनेक देशों में 600 से अधिक मंदिरों का निर्माण उल्लेखनीय है। सत्संगदीक्षा जैसे शास्त्रसम्मत ग्रंथ की रचना और हजारों सेवाभावी नवयुवान संतों का निर्माण सनातन की परम्परा को ऊंचाइयां दे रहा है। यह गर्व की बात है कि महंत स्वामी महाराज की जीवन यात्रा की जड़ें मध्यप्रदेश से भी जुड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को गुजरात के वडोदरा में पूज्य महंत स्वामी महाराज की 92वीं जन्म वर्षगांठ पर उनके दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी को जन्म दिवस की बधाई देते हुए उनके शतायु होने की कामना की और आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में स्वामी जी का जन्म शताब्दी समारोह अधिक भव्य रूप में आयोजित होगा। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र भाई पटेल भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वडोदरा एक नगर नहीं बल्कि उस सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है जहां भक्ति के साथ सेवा की सुदीर्घ परम्परा है। इस धरती से गुरू के उस संदेश का प्रसार हो रहा है, जो भगवान स्वामी नारायण से लेकर पूज्य महंत स्वामीजी के जीवन में अभिव्यक्त होता है। अमृत बरसाने वाली यह धारा निरंतर प्रवाहित रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत वृंद ईश्वर के रूप में विराजमान रहते हैं। उनकी सामूहिक उपस्थिति बगिया में अनेक पुष्पों के एक साथ खिलने की तरह होती है। अपनी शिक्षाओं से वे बच्चों को आलोकित करते हैं। निश्चित ही यह बच्चे भारतीय संस्कृति को जीवंत करने का कार्य करेंगे। दीक्षित हो रहे बच्चे भी वंदन अभिनंदन के पात्र हैं। संस्कृत श्लोकों के सामूहिक पाठ का बना नया रिकार्ड मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महंत स्वामी महाराज के 92वें जन्मजयंती महोत्सव में 15 हजार 666 बच्चों को एक साथ स्वामी जी द्वारा रचित 'सत्संग दीक्षा' ग्रंथ के 315 श्लोकों का पाठ किए जाने को एक उपलब्धि बताया। इस गतिविधि का नया गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड भी बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने महंत स्वामी महाराज से जनकल्याण के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी ने दोनों मुख्यमंत्रियों का पुष्पमाला से अभिनंदन किया। कार्यक्रम में श्री गुणातितानंद स्वामी की अद्भुत महिमा एवं जीवन पर केंद्रित नाटक का मंचन किया गया। इसमें गौंड साम्राज्य के राजा श्री भगवत सिंह के चरित्र के माध्यम से गुणातितानंद स्वामी के सामाजिक और धार्मिक कार्यों की जानकारी दी गई। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वडोदरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री पटेल ने आत्मीय स्वागत किया।

भविष्य की पीढ़ियों के लिए ईंधन संरक्षण जरूरी: कृष्णा गौर ने दिखाई सक्षम महोत्सव को हरी झंडी

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने सोमवार को ऑयल इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित संरक्षण क्षमता महोत्सव (सक्षम 2026) का शुभारंभ किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ईंधन संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तेल कंपनियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा सक्षम पखवाड़ा एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि ईंधन का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी है। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने बताया कि तेल कंपनियों का यह सामूहिक प्रयास न केवल अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचेगा, बल्कि इसके सकारात्मक परिणाम भी समाज में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे। कार्यक्रम में बच्चे भी बढ़-चढ़कर सहभागिता कर रहे हैं, इसका उल्लेख करते हुए उन्होंने खुशी जताई और कहा कि नई पीढ़ी में जागरूकता ही वास्तविक बदलाव की नींव है। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ईंधन की बचत को अपनी दैनिक जीवन शैली का हिस्सा बनाएं, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम में ऊर्जा संरक्षण से जुड़े विभिन्न उपायों और जागरूकता गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभियान लोगों को जिम्मेदार उपभोक्ता बनने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्यप्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक एवं राज्य प्रमुख श्री अजय कुमार श्रीवास्तव, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड सेंट्रल जोन के जोनल हेड श्री अश्विन योगेश सिन्हा, गेल इंडिया लिमिटेड से श्री रंजन कुमार, भारत पैट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के राज्य प्रमुख श्री नीरज उपस्थित रहे।  

रूपेश पांडेय केस में फैसला: तीन दोषी, दो बरी

हजारीबाग हजारीबाग के बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने इस मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।   अदालत ने दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। मामले में मोहम्मद असलम अंसारी (उर्फ असलम उर्फ पप्पू मियां), मोहम्मद कैफ और मोहम्मद गुफरान को दोषी ठहराया गया है। वहीं, मोहम्मद इरफान और इस्तखार मियां को कोर्ट ने बरी कर दिया अभियोजन पक्ष के अनुसार, 6 फरवरी 2022 की शाम करीब पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गए थे। विसर्जन के दौरान एक हिंसक भीड़ ने रूपेश पांडेय की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैल गया था घटना के बाद बरही थाने में 27 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2022 को इसकी जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था

हजारों छात्र सड़क पर, यूजीसी नियमों पर विरोध-समर्थन में पुलिस से भिड़ंत

पटना यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद सियासत चरम पर है। बिहार की राजधानी पटना में यूजीसी नियमों के समर्थन में सोमवार को हजारों की संख्या में छात्र सड़क पर उतर गए। उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में यूजीसी के नए समानता नियमों से रोक हटाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान पटना पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हो गई। पुलिस ने दो छात्र नेताओं को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं में अमर आजाद और मनीष यादव शामिल हैं। पुलिस दोनों को पकड़कर कोतवाली थाने ले गई। दरअसल, यूजीसी नियमों के समर्थन में छात्र संगठनों की ओर से सोमवार को पटना में मार्च निकाला गया। पटना कॉलेज से गांधी मैदान तक मार्च कर रहे स्टूडेंट्स को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया। प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग को हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान गहमागहमी की स्थिति बन गई। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वाटर कैनन की गाड़ियां भी बुलाई गई हैं। प्रदर्शनकारी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। पटना यूनिवर्सिटी के विभिन्न छात्रावासों में रहने वाले हजारों छात्र इस मार्च में शामिल हुए। बता दें कि यूजीसी ने पिछले महीने यूनिवर्सिटी एवं कॉलेजों में एससी, एसटी और ओबीसी छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव को रोकने के लिए नए नियमों को लागू किया था। सवर्ण वर्ग के छात्र-छात्राओं ने इस पर आपत्ति जताई और वापस लेने की मांग की गई। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट गया तो शीर्ष अदालत ने इन नियमों पर अंतरिम रोक लगा दी। यूजीसी नियमों का जहां सवर्ण वर्ग के लोग विरोध कर रहे हैं, वहीं दलित एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राएं एवं संगठन इसके समर्थन में हैं। फिलहाल अदालत ने यूजीसी और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।

हाथियों का आतंक: जंगल में लकड़ी लेने गए बुजुर्ग को हाथी ने कुचला, गांव में दहशत

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज अंतर्गत ग्राम चुहकीमार में एक जंगली हाथी के हमले से बुजुर्ग ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीणों के बीच भारी दहशत देखी जा रही है. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुट गए हैं. मृतक की पहचान 70 वर्षीय गंगाराम सारथी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, गंगाराम रोजाना की तरह सुबह करीब 10 बजे लकड़ी लेने के लिए जंगल गया हुआ था. दोपहर लगभग ढाई बजे के आसपास जंगल में उसका सामना एक विशालकाय हाथी से हो गया. इससे पहले कि बुजुर्ग संभल पाता, हाथी ने उस पर हमला कर दिया और उसे कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. फिलहाल वन विभाग ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और मुआवजे की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. जिले में हाथियों की बढ़ती संख्या भी चिंता का विषय बनी हुई है. आंकड़ों के मुताबिक, इन दिनों रायगढ़ जिले में कुल 101 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनमें रायगढ़ वन मंडल में 59 और धरमजयगढ़ वन मंडल में 42 हाथी सक्रिय हैं. इन दलों में 32 नर और 48 मादा हाथियों के साथ 21 शावक भी शामिल हैं. चुहकीमार के जंगलों में अभी भी 12 हाथियों का दल मौजूद है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में खतरा बना हुआ है. वहीं, बीती रात एक अन्य दंतैल हाथी ने लैलूंगा रेंज के कई गांवों में जमकर उत्पात मचाया. दंतैल ने टोंगोटोला, झारआमा, पाकरगांव और सागरपाली में पांच ग्रामीणों के मकानों को ध्वस्त कर दिया. इसके अलावा प्रेमनगर और कुडेकेला जैसे क्षेत्रों में फसलों और सिंचाई के पाइपों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन कर रही हैं और ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की हिदायत दी गई है.

‘पहले बजट समझ लें, फिर बोलें’ – कांग्रेस पर नायब सिंह सैनी का करारा वार

हरियाणा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास, युवाओं के लिए नए अवसर, महिला सशक्तीकरण और गरीबों के कल्याण को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उनके अनुसार, यह बजट हरियाणा के लिए भी कई नई संभावनाएं और लाभ लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज जी एयरपोर्ट किए जाने पर भी आभार जताया।  उन्होंने कहा कि यह फैसला देशभर के अनगिनत लोगों के लिए गर्व का विषय है और इससे महान संत गुरु रविदास महाराज के विचारों और योगदान को सम्मान मिलेगा। नायब सिंह सैनी ने आगे कहा कि हाल ही में अयोध्या धाम, जो भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है, वहां बने एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि पर रखा गया है। इसके साथ ही हरियाणा के हिसार में बने एयरपोर्ट को महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से आने वाली पीढ़ियों को इन महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं और विरासत से परिचित होने का अवसर मिलेगा। बजट को लेकर कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा को जो इस बार दिया है, वह कांग्रेस के लिए सपने से भी परे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 55 साल तक सत्ता में रही, लेकिन आज जो काम मोदी सरकार कर रही है, उसकी तुलना करना भी आसान नहीं है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री हरियाणा के लोगों से विशेष प्रेम रखते हैं और उनके नेतृत्व में ही हरियाणा एक विकसित राज्य बनेगा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बजट का सबसे ज्यादा फायदा हरियाणा के किसानों और युवाओं को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बजट समझ में ही नहीं आया है और तंज कसते हुए सुझाव दिया कि कांग्रेस नेताओं को बजट समझने के लिए 'काउंसलिंग' लेनी चाहिए और पूरी तरह समझने के बाद ही प्रतिक्रिया देनी चाहिए। नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी अंदरूनी गुटों में बंटी हुई है। उन्होंने कहा कि कई नेताओं ने तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पूरे बजट भाषण खत्म होने से पहले ही सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया पोस्ट कर दी।

CM योगी का क्रांतिकारी कृषि मॉडल: जानिए कैसे डबल फसल से दोगुनी कमाई होगी

लखनऊ यूपी में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने गन्ना आधारित तिलहनी और दलहनी अंतःफसली यानी इंटरक्रॉपिंग खेती को लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा है कि उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई छलांग दिलाने का सबसे प्रभावी तरीका गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अंतःफसली खेती को बड़े पैमाने पर लागू करना है। यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि बहु-गुणित करने की क्षमता रखता है।   मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। सीएम ने बताया कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल (इंटरक्रॉपिंग) से किसानों को अतिरिक्त उत्पादन मिलेगा। इससे खेती की लागत कम होगी और पूरे वर्ष स्थिर आय सुनिश्चित हो सकेगी।उन्होंने कहा कि इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गन्ने की पैदावार प्रभावित किए बिना किसानों को अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और जोखिम से सुरक्षा मिलती है। प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है। ऐसे में ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इकाई क्षेत्रफल से अधिक उत्पादन ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने गन्ना आधारित अंतःफसली खेती को यूपी के कृषि भविष्य का नया मॉडल बताते हुए कहा कि यह किसानों को अधिक उत्पादन, अधिक कमाई और जोखिम से सुरक्षा प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी शामिल है। इतने बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश तथा देश को तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मिलेगी। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से वैज्ञानिक आधार पर अंतःफसल का चयन किया जाए। उन्होंने आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुसार रबी में सरसों-मसूर और जायद में उर्द-मूंग को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही वर्षवार रोडमैप और सहायता-अनुदान की स्पष्ट व्यवस्था करने के निर्देश दिए।  

खेती को मुनाफे का सौदा बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

कृषि वर्ष आयोजन के लिए सरकार ने तय की रूपरेखा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय में हर तरीके से वृद्धि करना ही हमारा मूल लक्ष्य है और यह उनकी फसल का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों के हित में 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के समावेशी मॉडल/थीम पर हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष (कृषि वर्ष) के रूप में मना रहे हैं। इस दौरान कृषि उत्पादों का मजबूत विपणन तंत्र स्थापित किया जाएगा, साथ ही खाद्य प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उच्च उत्पादकता वाली फसल किस्मों/बीजों का वितरण, डिजिटलीकृत एवं नवीन कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहन, कृषि स्टार्टअप एवं एफपीओ जैसी कृषि आधारित रोजगार श्रृंखला को बढ़ावा, कृषि से संबद्ध सभी क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला-आधारित क्लस्टर्स का विकास तथा खेती-किसानी में फसल चक्र में बदलाव (विविधीकरण) को प्रोत्साहन देना कृषि वर्ष के प्रमुख लक्ष्य तय किए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत दिवस किसान कल्याण वर्ष-2026 के आयोजन की रूपरेखा के संबंध में हुई बैठक में यह जानकारी दी। कृषि केबिनेट की जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों का कल्याण हमारे लिए एक मिशन है। इनके समग्रहित में इसके लिए कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कृषि केबिनेट भी की जाएगी। कृषि केबिनेट की शुरूआत निमाड़ अंचल से की जाएगी। किसान हित के सभी जरूरी निर्णय फील्ड में होने वाली कृषि केबिनेट में ही लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खेती-किसानी से पर्यावरण में भी व्यापक सुधार आता है। उन्होंने कहा कि निमाड़ क्षेत्र में खेती-किसानी से बढ़ते लाभ और दिनों-दिन सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से दूसरे किसान भी खेती की तरफ बढ़े हैं। इससे निमाड़ अंचल में चारों तरफ हरियाली ही हरियाली है और इस हरियाली का सबसे बड़ा लाभ यह हुआ है कि पूरे निमाड़ अंचल का तापमान पहले से चार डिग्री कम हो गया है। यह उपलब्धि हमें किसानों की बेहतरी के लिए और अधिक प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करती है। कृषि में तकनीक के उपयोग पर रहेगा जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान प्रदेश के किसानों के लिए कृषि तकनीक के उपयोग पर विशेष फोकस किया जाएगा। यह तय किया जाएगा कि किसानों को उनके सभी प्रकार के हितलाभ एग्री स्टैक के जरिए ही दिए जाएं। इसके लिए किसानों के बैंक खातों को समग्र आई.डी. के साथ जोड़ दिया जाएगा। साथ ही मोबाईल एवं क्यू.आर कोड आधारित तकनीक के उपयोग से कृषि आदानों की उपलब्धता (ट्रेसबिलिटी) भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्नत पशुपालन तकनीक सीखने के लिए ब्राजील जाएंगे मप्र के पशुपालक कृषि वर्ष के दौरान सरकार का एक लक्ष्य दुग्ध उत्पादन में वृद्धि कर इसे वर्तमान से दुगना करना भी है। इसके लिए प्रदेश के पशुपालकों को उन्नत पशुपालन की नई-नई तकनीकें सीखने के लिए ब्राजील भेजा जाएगा। राज्य के पशुपालक उन्नत तकनीक से पशुपालन करेंगे तथा नई विधियों और पद्धतियों से उन्नत नस्लों के पशुओं से दुग्ध उत्पादन के लिए तैयार करेंगे। नई तकनीक से पशुपालकों के दुग्ध उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी। पैक्स समितियों के जरिए किसानों को दिलाएंगे अधिकतम सुविधाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि वर्ष के दौरान किसानों को अधिकतम सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्ष के दौरान राजस्व विभाग द्वारा ऐसे किसान, जो किसी वजह से अबतक केसीसी धारक नहीं हैं, उनकी सूची निकटतम प्राथमिक सहकारी साख समितियों (पैक्स) को उपलब्ध कराई जाएगी। पैक्स समितियां किसानों से सम्पर्क कर पात्र किसानों से तय प्रारूप में आवेदन लेंगी और बैंक स्तर पर केसीसी मंजूर कराने की कार्यवाही भी करेंगी। मंजूरी वाले प्रकरणों को एकत्रित कर कैम्प लगाकर किसानों को केसीसी वितरित किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में 4500 से अधिक पैक्स समितियां कार्यरत हैं और करीब 23 लाख से अधिक किसान इन पैक्स समितियों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। भोपाल में होगा 'आम महोत्सव' किसान कल्याण वर्ष आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के संबंध में हुई इस बैठक में बताया गया कि आगामी मई माह में भोपाल में आम महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में आम उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों और विशेषज्ञों की सहभागिता होगी। महोत्सव के दौरान आम की खेती से संबंधित नई तकनीक पर मार्गदर्शन और प्रेजेन्टेशन दिया जाएगा। साथ ही आम की सभी किस्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का होगा लोकार्पण मध्यप्रदेश सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा भोपाल में तैयार की जा रही राज्यस्तरीय केन्द्रीय गुणवत्ता प्रयोगशाला का लोकार्पण भी कृषि वर्ष के दौरान किया जाएगा। लगभग 12.65 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित हो रही इस बड़ी प्रयोगशाला की सुविधा मिल जाने से पेस्टीसाइड, रसायन, भारी खनिज, वेजीटेबल आइल, शर्करा तथा दुग्ध उत्पादों और दूध में मिलावट की गहन जांच अब स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी। इससे दीर्घ अवधि में मिलावटी दूध एवं दूध से बने उत्पादों पर अंकुश लगेगा। गुणवत्तापूर्ण उत्पादन मिलने से उपभोक्ताओं में सांची ब्रांड से बने उत्पादों की साख भी बढ़ेगी। सितम्बर में बालाघाट में होगा 'सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव' किसान कल्याण वर्ष में सितम्बर के संभवत: पहले सप्ताह में बालाघाट जिले में 'सिंघाड़ा एवं मखाना महोत्सव' आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में सिंघाड़ा उत्पादकों, व्यापारियों, निर्यातकों एवं फसल विशेषज्ञों द्वारा सहभागिता की जाएगी। सिंघाड़ा और मखाना कैश क्राप की तरह हैं। इनका सेवन स्वाथ्यवर्धक होता है। यह महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।

सरकारी नौकरी का मौका! HSSC ने ग्रुप-C में बढ़ाई वैकेंसी, जानें आवेदन की पूरी डेट

चंडीगढ़ हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। आयोग ने विज्ञापन संख्या 03/2026 के तहत निकाली गई ग्रुप C की भर्तियों में बड़ा फेरबदल करते हुए पदों की संख्या में भारी बढ़ोतरी कर दी है। 6 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू होंगे। HSSC ने अलग-अलग कैटेगरी में पदों की संख्या में बढ़ोतरी की है। HSSC चेयरमैन ने पोस्ट कर जानकारी दी है कि संशोधन के बाद ग्रुप-2 के अंतर्गत स्टेनो टाइपिस्ट के पदों की संख्या 486 से बढ़ाकर 586 कर दी गई है। वहीं ग्रुप 3 के अंतर्गत स्टेनो टाइपिस्ट के पद 696 से बढ़कर 702 हो गए हैं। ग्रुप 3 में जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर के पदों की संख्या 173 से बढ़ाकर 260 कर दी गई है। इसके आलावा आयोग ने आवेदन प्रक्रिया की तारीख में भी बदलाव किया है। पहले आवेदन 2 फरवरी यानी आज से शुरू होने थे, मगर अब ये 6 फरवरी 2026 से शुरू होंगे।  ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिस को ध्यान से पढ़ें।