samacharsecretary.com

यूपी दिवस विशेष: यूपी में अब पलायन नहीं, ‘परावर्तन’ का दौर

योगी सरकार के श्रम, रोजगार, निवेश और सामाजिक सुरक्षा मॉडल से बदली उत्तर प्रदेश की तस्वीर युवाओं व श्रमिकों को अब रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए प्रदेश छोड़ने की मजबूरी नहीं विकास, आत्मनिर्भरता और समावेशी समृद्धि की नई कहानी लिख रहा उत्तर प्रदेश लखनऊ,  उत्तर प्रदेश, जो कभी रोजगार के लिए पलायन करने वाले राज्यों में गिना जाता था, आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और सामाजिक सुरक्षा का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। बीते पौने नौ वर्षों में योगी सरकार की नीतियों का असर अब जमीन पर साफ दिख रहा है। जहां पहले युवा और श्रमिक रोज़गार के लिए प्रदेश छोड़ने को मजबूर थे, अब उनके लिए घर के पास पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए प्रदेश छोड़ने की अब कोई मजबूरी नहीं। पूर्व में राज्य से बाहर जा चुके युवा व श्रमिक भी अब लौट रहे हैं। पलायन का स्थान 'परावर्तन' ने ले लिया है, जो प्रदेश में विकास, आत्मनिर्भरता और समावेशी समृद्धि की नई कहानी लिख रहा है। रोजगार सृजन से लगा पलायन पर ब्रेक योगी सरकार के कार्यकाल में औद्योगिक निवेश, एमएसएमई विस्तार, सेवायोजन मेलों और कौशल विकास योजनाओं के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुए हैं। बेरोजगारी दर में ऐतिहासिक गिरावट आई है और लाखों युवाओं को सरकारी व निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। सेवायोजन विभाग द्वारा संचालित सेवामित्र पोर्टल पर 53 हजार से अधिक कुशल कामगार पंजीकृत हो चुके हैं, जिन्हें सीधे रोजगार से जोड़ा जा रहा है। औद्योगिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर बने विकास की रीढ़ इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम, पारदर्शी प्रक्रियाओं और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' सुधारों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, एयरपोर्ट्स, औद्योगिक कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और लॉजिस्टिक्स हब जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स ने उद्योगों को जिलों तक पहुंचाया। उत्तर प्रदेश रोजगार और फैक्ट्री इकाइयों के मामले में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्थायी नौकरियां बनी हैं। वर्तमान में प्रदेश में 30 हजार से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं, जिनकी संख्या 2017 तक इसकी आधी भी नहीं थी। बीते पौने नौ सालों में युवाओं, श्रमिकों और महिलाओं के लिए उनके गृह जनपदों में रोजगार के अवसरों की संख्या कई गुना बढ़ी है। श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से मजबूत हुआ भरोसा योगी सरकार ने केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, शिक्षा और भविष्य को भी प्राथमिकता दी है। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों और कोविड काल में निराश्रित हुए बच्चों के लिए हर मंडल में अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100 बालक-बालिकाओं को आवासीय शिक्षा दी जा रही है। दुर्घटना, मृत्यु और दिव्यांगता पर आर्थिक संबल सरकार ने श्रमिकों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच तैयार किया है। कार्यस्थल पर मृत्यु होने पर ₹5 लाख, स्थायी दिव्यांगता पर ₹3 लाख, आंशिक दिव्यांगता पर ₹2 लाख, पंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना से मृत्यु पर ₹5 लाख, सामान्य मृत्यु पर ₹2 लाख, ₹25,000 अंत्येष्टि सहायता तथा अपंजीकृत श्रमिक की दुर्घटना/मृत्यु पर ₹1.25 लाख की सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इन प्रावधानों ने श्रमिकों की असुरक्षा को काफी हद तक खत्म किया है। पेंशन, बैंकिंग और परिवार सुरक्षा योजनाएं प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना, अटल पेंशन योजना, मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना और निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना में लाखों लाभार्थी शामिल हैं। कन्या विवाह सहायता योजना के तहत दो बालिकाओं के विवाह पर ₹55,000 से ₹61,000 तक की सहायता दी जा रही है। इस सुरक्षा के चलते युवाओं में घर के पास ही रोजगार की भावना को बल मिला है। प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत राज्य में 9.52 करोड़ से अधिक बैंक खाते भी खोले जा चुके हैं। निर्माण कामगार गंभीर बीमारी सहायता योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पतालों में इलाज की सौ फीसदी व्यय प्रतिपूर्ति की जा रही है। इससे श्रमिक परिवारों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उत्तर प्रदेश में ही मिल रही हैं।

मां और बेटी दोनों की सेहत पर चुपचाप वार कर रहा एनीमिया

आरा. एनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे शरीर को कमजोर करती है, लेकिन इसके दुष्परिणाम गंभीर होते हैं। खासकर किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह बीमारी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। समय रहते जांच और संतुलित आहार न मिलने पर एनीमिया मां और गर्भस्थ शिशु- दोनों की सेहत पर गहरा असर डालता है। किशोरावस्था में माहवारी के दौरान नियमित रक्तस्राव होता है। यदि इस दौरान शरीर को पर्याप्त आयरन और पोषक तत्व नहीं मिलते, तो हीमोग्लोबिन का स्तर गिरने लगता है और एनीमिया की समस्या पैदा हो जाती है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास के लिए मां के शरीर में अतिरिक्त रक्त की जरूरत होती है। ऐसे में खून की कमी होने पर गर्भवती महिलाओं के एनीमिक होने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। एनीमिया से बचाव के लिए सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों और सरकारी विद्यालयों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत हर बुधवार 5 से 9 वर्ष की किशोरियों को गुलाबी गोली, जबकि 10 से 19 वर्ष की किशोरियों को नीली गोली दी जा रही है। आयरन और फोलिक एसिड से भरपूर ये गोलियां शरीर में खून की कमी को दूर करने में कारगर साबित हो रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एनीमिया से बचाव के लिए आयरनयुक्त आहार बेहद जरूरी है। भोजन में पालक, सोयाबीन, चुकंदर, अनार और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। आज सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष शिविर मातृ मृत्यु दर को कम करने और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा देने के उद्देश्य से बुधवार, 21 जनवरी को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में गर्भवती एवं धातृ महिलाओं की संपूर्ण स्वास्थ्य जांच के साथ आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। नियमित एएनसी जांच जरूरी अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में एनीमिया का खतरा अधिक रहता है। किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस होने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित एएनसी जांच अनिवार्य है। शरीर में पर्याप्त रक्त न होने पर मां और बच्चे दोनों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सही खान-पान, नियमित जांच और गुलाबी-नीली गोलियों के सेवन से एनीमिया को काफी हद तक रोका जा सकता है।

CM नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा में उमड़ी महिलाओं की भीड़

गोपालगंज. समृद्धि यात्रा के तहत बरौली हाईस्कूल में आयोजित सभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं विपक्ष पर तीखा हमला भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति बेहद खराब थी। लोग शाम ढलते ही घर से निकलने में डरते थे। समाज में आए दिन विवाद होते थे, हिंदू-मुस्लिम झगड़े आम बात थी। पढ़ाई-लिखाई की स्थिति दयनीय थी और इलाज के समुचित इंतजाम नहीं थे। सड़कों का अभाव था और बिजली बहुत कम जगहों तक ही सीमित थी। उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार बनी, तब हमने एक-एक कर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली के क्षेत्र में व्यापक काम किए गए। आज बिहार में हालात बदले हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अब कहीं हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते हैं क्या? विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक नेता केवल सात महीने के लिए मुख्यमंत्री बना। उस दौरान गड़बड़ी की और हटने के बाद अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बना दिया। उन्होंने कहा कि पुराने लोगों ने कभी विकास के लिए काम नहीं किया, जबकि उनकी सरकार शुरू से ही बिहार के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत रही है।

लुधियाना में जबरदस्त धमाके के साथ मकान की उड़ी छत

लुधियाना. महानगर के जनकपुरी स्थित इंदिरा कॉलोनी में आज दोपहर उस समय चीख-पुकार मच गई, जब यहां एक क्वार्टर में अचानक गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई और देखते ही देखते क्वार्टर की छत मलबे में तब्दील होकर नीचे गिर गई। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय या तो परिवार के सदस्य सुरक्षित दूरी पर थे या समय रहते बाहर निकल आए। इस भयानक धमाके में छत तो जमींदोज हो गई और घर का सामान जलकर राख हो गया, लेकिन किसी भी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ। मोहल्ला निवासियों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि उन्हें लगा जैसे कोई बम फटा हो। हादसे की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और राहत कार्य का जायजा लिया। अधिकारियों का कहना है कि धमाके के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में इसे गैस लीकेज का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है ताकि हादसे की असल वजह साफ हो सके।

राजस्थान के करौली में कुख्यात सटोरिए रशीद के घर पर चला बुलडोजर

करौली. राजस्थान में करौली के सट्टा किंग एवं मोटरसाइकिल रैली पर हुए पथराव और दंगे के मुख्य आरोपी, पूर्व सभापति रशीदा खातून के पुत्र अमीनुद्दीन खान की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को पुलिस ने भारी जाप्ते के साथ उसके अंबेडकर सर्किल क्षेत्र स्थित अवैध भवन और अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाया। कई रास्तों को बंद किया प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्रवाई से पहले नजदीकी स्कूल में छुट्टी करवाकर आसपास की दुकानों एवं भवनों को एहतियातन खाली कराया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर को पुलिस छावनी में तब्दील करते हुए मेला गेट, शिकारगंज सहित आसपास के कई रास्तों को बंद किया गया। शहर के मुख्य चौराहों, तिराहों और बाजार क्षेत्रों में करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कई थानों का पुलिस बल मौजूद अधिकारियों ने बताया कि नगर परिषद करौली ने जांच के दौरान भवन निर्माण में अनियमितताएं पाई थीं, जिसके बाद पट्टा और निर्माण स्वीकृति को विधिवत निरस्त कर दिया गया था। पट्टा रद्द होने के बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मौके पर अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुमना राम, उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीणा और पुलिस उपाधीक्षक अनुज शुभम सहित कई थानों का पुलिस बल मौजूद रहा।

जालंधर में चेस इवेंट में पंजाब सहित अन्य राज्यों से आएंगे खिलाड़ी

जालंधर. पहला लाला लक्ष्मी नारायण दुग्गल और विश्वामित्र दुग्गल मेमोरियल ओपन चेस टूर्नामेट का आयोजन 31 जनवरी  से 01 फरवरी सत्य नारायण मंदिर, नजदीक एस डी कॉलेज, जालंधर के ऑडिटोरियम में होगा जिसका आयोजन लाला लक्ष्मी नारायण चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। जिसमें  खिलाड़ियों को एक लाख रुपए तक के नगद इनाम दिए जायेंगे। इसके साथ ही सभी खिलाड़ियों के लिए दो दिन की निःशुल्क  खाने पीने की सुविधा दी जाएगी। चेयर पर्सन राधा दुग्गल ने जानकारी दी कि इस प्रतियोगिता में इंटरेशनल मास्टर, फ़ीडे मास्टर, पूर्व पंजाब चैंपियन हिस्सा ले रहे हैं। इस प्रतियोगिता में पंजाब के अलावा राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, चंडीगढ़ से नामी खिलाड़ी हिस्सा ले रहे है। इस प्रतियोगिता का अर्ली बर्ड एंट्री फीस का लाभ खिलाड़ी 23 जनवरी वसन्त पंचमी तक उठा सकते हैं।

पंजाब में 60 गैंगस्टर के खिलाफ 12000 पुलिसकर्मियों की दो हजार ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने राज्य में ड्रग तस्करी और संगठित गैंगस्टर नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से आज से 72 घंटे का विशेष अभियान 'वार अगेंस्ट ड्रग'– ऑपरेशन प्रहार” शुरू कर दिया है।  पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि गैंगस्टरों के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। आज से 72 घंटे का ऑपरेशन शुरू किया गया है। इसके पहले चरण में लगभग 12,000 पुलिस अधिकारी लगभग 2,000 ठिकानों पर छापेमारी कर रहे हैं। 60 प्रमुख गैंगस्टरों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे सुरक्षित हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियों की विस्तृत मैपिंग के बाद यह सामने आया है कि पंजाब से जुड़े करीब 2000 गैंगस्टर सक्रिय हैं। इनमें से लगभग 1940 गैंगस्टर देश के अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं, जबकि 60 कुख्यात गैंगस्टर विदेशों में बैठकर ड्रग तस्करी, हथियार सप्लाई, हत्या और फिरौती के नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर अधिकारियों के अनुसार, विदेशों में बैठे इन 60 गैंगस्टरों में से 23 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुके हैं या जारी होने की प्रक्रिया में हैं, जबकि शेष 37 गैंगस्टरों के खिलाफ अगले तीन महीनों में सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर नोटिस जारी किए जाएंगे। इन अपराधियों को भारत लाकर न्याय के कटघरे में खड़ा करना सरकार की प्राथमिकता है। ऑपरेशन प्रहार के तहत केवल गिरफ्तारियां ही नहीं होंगी, बल्कि ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क की पूरी मैपिंग की जा रही है। इसमें हर गैंगस्टर की भूमिका, उसका फाइनेंसर, हथियार सप्लायर, ड्रग सप्लाई चेन, सेफ हाउस, डिजिटल कम्युनिकेशन और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। इस मैपिंग के आधार पर एक-एक कड़ी पर कार्रवाई की जाएगी। अभियान के लिए विशेष ढांचा तैयार इस अभियान की निगरानी के लिए एक विशेष ढांचा तैयार किया गया है। आईजी काउंटर इंटेलिजेंस को पूरे ऑपरेशन का समग्र प्रभारी बनाया गया है। काउंटर इंटेलिजेंस के एडीजीपी आशिष चौधरी, जो हाल ही में एनआईए में लंबी सेवाएं देकर लौटे हैं, को ओवरसीज़ फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रडिशन सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीआईजी गुरमीत चौहान, जो एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख हैं, को राज्य और देश में सक्रिय गैंगस्टरों पर कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं डीआईजी अखिल चौधरी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF), को ड्रग नेटवर्क, सप्लाई चेन और तस्करी के रूट तोड़ने का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा एआईजी ब्यूरो ऑफ इंटेलिजेंस कमलदीप सिंह को ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखने तथा गैंगस्टर गतिविधियों की तकनीकी मैपिंग की जिम्मेदारी दी गई है। सेल में अलग-अलग डेस्क बनाए गए हैं, जो रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण, इंटरपोल समन्वय, कानूनी सहायता और अंतरराष्ट्रीय पत्राचार का काम संभालेंगे। ड्रग से अर्जित धन पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, 68 एनडीपीएस मामलों में ड्रग तस्करों की संपत्तियां फ्रीज़ की जा चुकी हैं। अपराध से अर्जित धन, संपत्तियां और अवैध व्यवसायों को प्रोसिड्स ऑफ क्राइम मानते हुए जब्त किया जा रहा है, ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक रीढ़ पूरी तरह तोड़ी जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो युवा ड्रग के जाल में फंसकर गुमराह हो गए हैं और मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाया जाएगा। लेकिन ड्रग तस्करी या गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एंटी ड्रग हेल्पलाइन नंबर: 93946 93946 24×7 सक्रिय डीजीपी द्वारा घोषित रिवॉर्ड पॉलिसी  ड्रग और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ी किसी भी सूचना का गुप्त रखा जाएगा ड्रग तस्करी और एनडीपीएस मामलों में सूचना देने पर कुल 10 करोड़ रुपये तक इनाम एसएसपी स्तर तक अधिकारी: 1 से 1.5 लाख रुपये तक इनाम देने के अधिकृत पुलिस कमिश्नर / डीआईजी रेंज: 2 लाख रुपये तक इनाम डीसीपी स्तर से ऊपर: 2 लाख से अधिक इनाम की स्वीकृति  ड्रग की कमर्शियल बरामदगी पर 60,000 रुपये प्रति किलो इनाम एनडीपीएस में दोषसिद्धि पर 40,000 रुपये संबंधित जांच अधिकारी को संपत्ति फ्रीज़ कराने पर 20,000 रुपये इनाम पीआईटी-एनडीपीएस (Preventive Detention) प्रस्ताव तैयार करने पर 50,000 रुपये     यह नीति 1 सितंबर 2024 से प्रभावी (रेट्रोस्पेक्टिव) होगी

मध्यप्रदेश: भाजपा विधायक को गांव में घेरा, भीड़ ने बरसाए पत्थर

धार मध्यप्रदेश के धार जिले में धरमपुरी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर पर हमला कर दिया गया। विधायक के गांव में ही कुछ लोगों ने उन पर पत्थर बरसा दिए। इस घटना में विधायक के सिर में चोट आई है। पुलिस ने बताया कि धार मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर सिरसोदिया गांव में विधायक ठाकुर अपने घर के पास खेत पर चल रहे काम देखने गए थे। इसी दौरान पड़ोसियों ने उन पर पत्थरों से हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर धामनोद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विधायक को धामनोद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने बताया जानलेवा हमला धामनोद थाने के उप निरीक्षक नारायण कटारे ने बताया कि विधायक की सिरसोदिया गांव में जमीन है, जहां काम चल रहा था। उसी समय पड़ोसियों ने पत्थरों से उन पर जानलेवा हमला किया। विधायक की शिकायत पर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। कटारे के अनुसार, इस मामले में प्रिन्स उर्फ पिंटू, गेंदाबाई और रंजु गिरवाल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। विधायक ने क्या कहा? घटना के संबंध में विधायक कालूसिंह ठाकुर ने कहा कि वह अपने घर के पास खेत पर खड़े थे, तभी दो-तीन लोग आए और उन पर पत्थरों से हमला कर दिया, जिनमें एक-दो महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने बताया कि हमलावरों को वह शक्ल से पहचान सकते हैं, लेकिन नाम नहीं जानते। विधायक ने यह भी कहा कि पहले भी उन पर गोली चलने की घटना हो चुकी है। हालांकि उनकी किसी से व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।  

दो बड़े मामलों में इंस्पेक्टर समेत कई आरोपी पुलिसकर्मियों पर CBI का शिकंजा

चंडीगढ़. सीबीआई ने चंडीगढ़ पुलिस से जुड़े दो बड़े मामलों में सोमवार को सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। एक मामला नामी डॉक्टर के अपहरण का है जिसमें इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों समेत क्राइम ब्रांच के कई पुलिसकर्मी आरोपित हैं। वहीं, दूसरा मामला सबूतों से छेड़छाड़ का है, जिसमें इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआइ सत्यवान शामिल हैं। अपहरण के मामले में पिछले साल एफआइआर दर्ज हुई थी, जबकि सबूतों से छेड़छाड़ का मामला अप्रैल 2024 में दर्ज हुआ था। पहला मामला: जिला अदालत के बाहर से किया था डॉक्टर को अगवा पिछले साल सीबीआई ने इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 365 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। करीब एक साल चली जांच के बाद सीबीआई ने सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। पिछले साल जिन पर केस दर्ज हुआ था उनमें क्राइम ब्रांच के पूर्व इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों, सब-इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर अजमेर सिंह उर्फ अमितोज सिंह, हेड कॉन्स्टेबल अनिल कुमार, कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा, कॉन्स्टेबल सुभाष और कॉन्स्टेबल नीरज कुमार के नाम थे। वहीं, सूत्रों से पता चला है कि चार्जशीट में कुछ और पुलिसकर्मियों के नाम भी शामिल जोड़े गए हैं। इनके खिलाफ सेक्टर-21 निवासी डेंटिस्ट डा.मोहित धवन ने शिकायत दी थी। जिला अदालत के बाहर से किया अपहरण आरोप के मुताबिक डा.मोहित धवन ने एक आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका पर हाईकोर्ट ने डॉ.धवन को जिला अदालत, सेक्टर-43 में पेश होने के आदेश दिए थे। सात जनवरी 2022 को डा.मोहित धवन अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे, लेकिन अदालत के एंट्री गेट पर ही क्राइम ब्रांच की टीम ने उन्हें अगवा कर लिया ताकि वे जज के सामने पेश न हो सकें। कई घंटों तक डॉ.धवन को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया और शाम को उनकी गिरफ्तारी डाल दी गई। अगले दिन पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर उनका सात दिनों का रिमांड भी ले लिया था। डा.मोहित धवन बिना किसी अपराध के करीब दो महीने जेल में रहे, फिर जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकाेर्ट ने जांच के लिए पंजाब पुलिस को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट के इस फैसले को चंडीगढ़ प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2024 को हाईकोर्ट के फैसले को बदल दिया और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। डॉ.धवन को पकड़ने प्राइवेट कार से आए थे पुलिसकर्मी सीबीआई जांच में सामने आया कि सात जनवरी 2022 को सुबह 10.20 से 10.50 के बीच क्राइम ब्रांच के चार पुलिस मुलाजिम डा.मोहित धवन को पकड़ने एक प्राइवेट आइटी-20 कार से आए थे। यह कार कॉन्स्टेबल विकास हुड्डा की थी जो उनके कजन वीरेंद्र हुड्डा के नाम पर रजिस्टर थी। सीबीआई जांच में सामने आया था कि सात जनवरी 2022 को चार पुलिसकर्मियों अजमेर सिंह, अनिल कुमार, विकास हुड्डा और सुभाष की मोबाइल टावर लोकेशन जिला अदालत के पास की ही थी। दूसरा मामला: आरोपित को बचाने के लिए केस फाइल से बदला मोबाइल दो साल पहले सीबीआई ने इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा और एसआइ सत्यवान के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस केस में भी सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी गई। इन दोनों पुलिसकर्मियों पर एक आरोपित को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप हैं। केस के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने चार अप्रैल 2022 को एक महिला से यौन उत्पीड़न के आरोप में शहर के एक बड़े माल के जीएम के खिलाफ एफआइआर दर्ज की थी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित के घर से उसका आइफोन-12 जब्त किया था। पुलिस ने इस मोबाइल को सील नहीं किया, उल्टा इसकी जगह आइफोन-7 को सील कर दिया। यह आइफोन-7 भी आरोपित का ही था। पुलिस ने आरोपित को बचाने के लिए केस के रिकार्ड से मोबाइल ही बदल डाला। आरोप है कि असली मोबाइल और सिम आरोपित को वापस कर दिया गया था उसकी जगह बिना सिम वाला आइफोन-7 केस फाइल में रख दिया गया। सीबीआई ने शिकायत मिलने पर इस मामले की जांच की और आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर दी।

पंजाब में 22-23 जनवरी को झमाझम बारिश की मौसम ने जारी की चेतावनी

पठानकोट. हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत में लगातार पड़ रही धुंध और कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने 22 जनवरी से पंजाब में मौसम बदलने की भविष्यवाणी की है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 22 और 23 जनवरी को पंजाब के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि 22 जनवरी को शाम के समय पंजाब में मौसम का मिज़ाज बदलेगा और पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना में बारिश होने की संभावना है। उधर, पिछले चार दिनों से चंडीगढ़ के तापमान में 10 डिग्री की बढ़ोतरी होने से अब यह महसूस ही नहीं हो रहा कि इस महीने के पहले 15 दिन शहरवासियों ने रिकॉर्ड तोड़ कड़ाके की ठंड झेली थी। रविवार को उत्तर भारत के 6 राज्यों में सबसे गर्म रहे चंडीगढ़ के तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 25 डिग्री के करीब पहुंचते हुए 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़े हुए तापमान के बीच सोमवार को भी दिल्ली और गुरुग्राम के बाद चंडीगढ़ 6 राज्यों में तीसरा सबसे गर्म शहर रहा।