samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: 57 मार्गों पर बस संचालन, पहली बार यात्री बस सुविधा से जुड़े 330 गाँव

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 से दूरस्थ गाँवों को सुलभ आवागमन की सौगात रायपुर छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुँचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहाँ अब तक यात्री बस सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है। अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गाँवों तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुँची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहाँ पूर्व में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। इससे ग्रामीण नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस संचालकों को राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त योजना के तहत गासिक कर में पूर्णतः छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके। मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके। चयनित मार्गों पर बस संचालन हेतु निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा सतत बनी रहे। निविदा में चयनित आवेदक से विधिवत परमिट आवेदन प्राप्त कर सुनवाई की प्रक्रिया के उपरांत बस संचालन हेतु परमिट जारी किया जाता है। इससे नियामकीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाता है। वर्तमान में 12 नवीन ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसके अतिरिक्त 15 नए ग्रामीण मार्गों का चयन कर लिया गया है, जिन पर बस संचालन हेतु निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं। जिलावार स्थिति की बात करें तो सुकमा में 8, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 2, कोण्डागांव में 4, कांकेर में 6, दंतेवाड़ा में 7, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 6, कोरिया में 5, जशपुर में 7, बलरामपुर में 4 तथा अंबिकापुर में 2 बसों का संचालन किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं। आगामी कार्ययोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाकर समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।

आबकारी नीति 2026-27 का निर्धारण करने मंत्रि-परिषद् समिति गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के निर्धारण, उससे संबंधित अनुषांगिक विषयों पर समय-समय पर निर्णय लेने तथा आगामी वर्षों के लिए सुझाव प्रस्तुत करने के उद्देश्य से मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किया गया है। समिति में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, श्री उदय प्रताप सिंह मंत्री परिवहन एवं स्कूल शिक्षा तथा श्रीमती सम्पतिया उइके, मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के सचिव प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर होंगे। समिति द्वारा आबकारी नीति 2026-27 को अंतिम रूप देने के साथ-साथ संबंधित विषयों पर निर्णय लेकर आगामी वर्षों के लिए आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।  

वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान पथराव में 5 पुलिस जवान घायल

गया. बेलागंज थाना क्षेत्र के जाहिर बिगहा गांव में शुक्रवार के सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जब न्यायालय के एक वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर उसके स्वजनों ने हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। जबकि पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद गांव में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार बेलागंज थाना की पुलिस न्यायालय के आदेश पर वारंटी विनोद चौधरी को गिरफ्तार करने जाहिर बिगहा गांव पहुंची थी।  पुलिस टीम पर पथराव कर दिया पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वारंटी को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान वारंटी के स्वजनों पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने लगे और पुलिसकर्मियों से उलझ गए। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि स्वजनों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में सिपाही मदन कुमार, दुर्गानंद पासवान, मीरा कुमारी, चौकीदार नंदू पासवान एवं मनोज कुमार घायल हो गए। सभी जख्मी पुलिसकर्मियों को तत्काल इलाज के लिए बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को खतरे से बाहर बताया।  पुलिस वाहन का शीशा टूटा हमले के दौरान पुलिस वाहन का शीशा टूट गया। जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा है। घटना को लेकर अवर निरीक्षक अभिनेश कुमार के लिखित आवेदन पर बेलागंज थाना में आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।  थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को चिन्हित कर लिया गया है और उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल कलमंती देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था भंग करने और पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा हीं जाएगा।

‘होम डिलीवरी चालू है’ के पोस्टर संग शराब का ठेला, देवास में कांग्रेस ने किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन

देवास शहर के नोवेल्टी चौराहे पर मंगलवार को युवा कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन किया। शहर में गली-गली बिक रही अवैध शराब को लेकर आबकारी विभाग को घेरा। ठेले पर शराब की खाली बोतलें सजाकर बाजार में निकले। इस पर लिखा कि शराब की होम डिलीवरी चालू है। आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठाए सवाल युकां पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौड़ ने कहा कि पिछले दिनों युवा कांग्रेस द्वारा आबकारी विभाग में ज्ञापन देकर शहर में चल रहे अवैध शराब कारोबार को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी। विभाग को स्पष्ट रूप से चेताया गया था कि शहर के कई इलाकों में डायरी सिस्टम के नाम पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है और शराब दुकानों के आसपास अवैध अहाते संचालित हो रहे हैं, लेकिन 10–15 दिन बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।   अवैध अहातों और डायरी सिस्टम पर रोक की मांग आबकारी विभाग की लापरवाही के कारण गली–मोहल्लों में खुलेआम शराब बिक रही है। इसी के विरोध में ठेले पर शराब की बोतलें रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया है। हमारी मांग है कि शराब दुकानों के पास बने अवैध अहाते तुरंत बंद किए जाएं। शहर में चल रहे डायरी सिस्टम पर रोक लगे। अवैध शराब बिक्री करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा की हुंकार: आरक्षण पर बोले—यह हमारा हक है, एहसान नहीं

भोपाल राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आम सभा में कई नेताओं ने शिरकत की और प्रदेश सरकार से ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को शीघ्र बहाल करने की स्पष्ट मांग की। इस आम सभा में प्रदेशभर से 70 से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी देखने को मिली। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों को वर्षों से अधर में रखा गया है, जो सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर रिक्तियों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिखाती है, वहीं दूसरी ओर 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर देना ओबीसी समाज के साथ अन्याय है। डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, "27 प्रतिशत आरक्षण कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। हम किसी का हक़ नहीं मार रहे बल्कि अपने हक़ की मांग कर रहे हैं। जब तक ओबीसी को उसका पूरा हक़ नहीं मिलेगा, तब तक सामाजिक समानता की बात अधूरी रहेगी।" उन्होंने एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में निजी क्षेत्रों में आरक्षण दिए जाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी ओबीसी को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

यमुना एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-11 में ‘फिनटेक पार्क’ और इससे जुड़ा इकोसिस्टम होगा विकसित

डिजिटल फाइनेंस, साइबर सिक्योरिटी और बैंकिंग सेक्टर में युवाओं के लिए पैदा होंगे रोजगार के हजारों नए अवसर प्रोजेक्ट के लिए इंटरनेशनल कंसल्टेंट तैयार करेंगे निवेश का रोडमैप, डीपीआर प्रक्रिया शुरू लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को नई पीढ़ी की डिजिटल अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-11 में 250 एकड़ भूमि पर “फिनटेक पार्क” विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को केवल आईटी पार्क के रूप में नहीं, वरन एक संपूर्ण फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के रूप में आकार दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख फिनटेक हब के रूप में स्थापित करेगी। यह 'फिनटेक पार्क’ बैंकिंग से ब्लॉकचेन तक का विशाल हब होगा। योजना के अनुसार, सेक्टर-11 का फिनटेक पार्क बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, इंश्योटेक, इन्वेस्टटेक, Fintech SaaS (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर ऐज ए सर्विस) और इंटरनेशनल मनी ट्रांसफर से जुड़ी कंपनियों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। यहां वित्तीय सेवाओं से जुड़ी सभी आधुनिक तकनीकों को एक ही परिसर में विकसित और स्थापित किया जाएगा, जिससे कि स्टार्टअप से लेकर बड़ी वैश्विक कंपनियां तक, यहां निवेश के लिए आकर्षित हो सकें। फिनटेक पार्क की सबसे बड़ी शक्ति इसकी लोकेशन है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ा है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अत्यंत निकट स्थित है। सरकार का आकलन है कि एयरपोर्ट की शुरुआत के बाद यह इलाका अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनेगा। दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यहां आने वाली कंपनियों को राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तर पर परिचालन में सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंसी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीआर में फिनटेक पार्क के इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश मॉडल, रोजगार क्षमता और चरणबद्ध विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार डीपीआर पूरी होते ही निवेशकों के लिए प्लॉट आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं का रोडमैप सार्वजनिक किया जाएगा। योगी सरकार इस परियोजना को रोजगार सृजन से भी जोड़कर देख रही है। फिनटेक पार्क के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। बैंकिंग टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे सेक्टरों में युवाओं को अवसर मिलेंगे। सरकार का फोकस इस बात पर है कि उत्तर प्रदेश की प्रतिभाएं अब दूसरे राज्यों में पलायन करने के बजाय प्रदेश में ही वैश्विक स्तर का काम करें। योगी सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश को केवल परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और अब फिनटेक जैसे हाई एंड (उच्च मूल्य) सेक्टर में प्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा। सेक्टर-11 का फिनटेक पार्क इसी नीति का हिस्सा है, जहां नीति और नीयत दोनों स्पष्ट दिखाई देती हैं। औद्योगिक क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना न केवल निवेश बढ़ाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के डिजिटल फाइनेंस मैप पर मजबूत स्थान दिलाने में सक्षम होगी।

सागर में एम.पी. ट्रांस्को के कार्मिकों ने सीखीं जीवन रक्षक तकनीकें

भोपाल मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी एवं शासकीय बुंदेलखण्ड चिकित्सा महाविद्यालय, सागर के संयुक्त तत्वावधान में सी.पी.आर. एवं अन्य ऐसे ही जीवन रक्षक तकनीकों‘‘ पर प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। एम.पी. ट्रांस्को के ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस उप मुख्यालय- सागरकी पहल पर आयोजित हुई इस प्रशिक्षण कार्यशाला मे सागर के अधीक्षण अभियंता एम.वाय. मंसूरी, कार्यपालिक अभियंता एस.के. मुड़ा द्वारा कार्यक्रम के उद्देश्य एवं विषय की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। संयोजक सहायक अभियंता एम.ए. बेग एवं कनिष्ठ अभियंता जे.पी. असाटी के सतत् प्रयासों से आयोजित कंपनी के कार्मिकों एवं समाज के लिए बहुउपयोगी एवं जीवनरक्षक इस कार्यशाला के सफल आयोजन में एम.पी. ट्रांसको और मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र कंपनी सागर के करीब 100 मेंटनेन्स, ऑपरेटिंग एवं सुरक्षा कर्मियों ने हिस्सा लिया। चिकित्सकों द्वारा दिया गया व्यवहारिक प्रशिक्षण सी.पी.आर. प्रशिक्षण के लिये उपयोग किये जाने वाले मानव पुतले एवं कुछ वीडियों की सहायता से सी.पी.आर. तकनीक का व्यवहारिक और उपयोगी प्रशिक्षण दिया गया। चिकित्सकों द्वारा अन्य जीवन रक्षक तकनीकों यथा पानी में डूबे हुए व्यक्ति का बचाव, किसी भी प्रकार के शॉक लगने वाले व्यक्ति का बचाव, सिक्का या किसी अन्य वस्तु का गलती से श्वास नली में फंस जाने एवं चोट लगने पर उसका प्राथमिक उपचार इत्यादि पर विस्तृत जानकारी भी दी गई। प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी इस कार्यशाला में किया गया। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के इन विशेषज्ञो ने दिया प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीएमसी, सागर के आकस्मिक चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक डॉ सत्येंद्र उईके, सह प्राध्यापक एवं निश्चेतना विभाग के डॉ मोहम्मद इलियास,,निश्चेतना विभाग के ही डॉ दीपक गुप्ता, सहायक प्राध्यापक एवं मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन, सहायक प्राध्यापक डॉ उमेश पटेल शामिल थे।  

श्रीलंकाई उद्योग समूह जॉन कील्स के साथ निवेश अवसरों पर हुई चर्चा

भोपाल WEF-दावोस-दूसरा दिन वर्ल्ड इकोनॉमिक दावोस यात्रा के दूसरे दिन प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार श्री मनीष सिंह ने श्रीलंका के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह जॉन कील्स होल्डिंग्स पीएलसी के चेयरमैन श्री कृष्णन बालेंद्र के साथ मीटिंग की। उन्होंने राज्य में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में लॉजिस्टिक्स, आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी), खाद्य प्रसंस्करण एवं पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों पर विचार-विमर्श किया गया। राज्य सरकार द्वारा निवेश को प्रोत्साहित करने हेतु लागू नीतियों एवं उपलब्ध प्रोत्साहनों की जानकारी भी प्रतिनिधिमंडल के साथ साझा की गई। जॉन कील्स समूह ने भारतीय कंपनियों के साथ अपने मौजूदा व्यावसायिक जुड़ाव तथा भारत में विभिन्न टाई-अप्स के माध्यम से अपने व्यापार की जानकारी दी। प्रमुख सचिव श्री सिंह ने राज्य की अनुकूल निवेश नीति, मजबूत अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन एवं उद्योग-अनुकूल वातावरण को रेखांकित करते हुए जॉन कील्स समूह को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया।  

मतदाता सूची विवाद ने पकड़ा तूल, पूर्व पार्षद की शिकायत पर पुलिस में मामला दर्ज

जयपुर राजस्थान में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 89 में मतदाता सूची से नाम हटाने की कथित साजिश का मामला सामने आया है। पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने पुलिस थाना लालकोठी (जयपुर पूर्व) में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उनके नाम को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए फर्जी फॉर्म-7 भरकर झूठी घोषणा की गई। अकबरद्दीन ने बताया कि उनका नाम वार्ड 89, बूथ संख्या 107 (सांगानेरी गेट) की मतदाता सूची में EPIC नंबर MCM 3202645 के साथ दर्ज है। उन्होंने SIR प्रक्रिया के तहत नियमानुसार बीएलओ द्वारा दिया गया परिगणना प्रपत्र भी जमा कराया था। पूर्व पार्षद के अनुसार, 15 जनवरी को जब वे बूथ पर पहुंचे तो बीएलओ पुष्पा ने उन्हें बताया कि अशोक नामक व्यक्ति ने उनके नाम, मकान नंबर और EPIC नंबर का उपयोग कर फर्जी फॉर्म-7 जमा कराया। फॉर्म में झूठी घोषणा की गई कि अकबरद्दीन स्थायी रूप से स्थानांतरित हैं, जबकि वे जन्म से उसी पते पर अपने परिवार के साथ निवास कर रहे हैं। अकबरद्दीन ने बताया कि उनका मकान संख्या 188 उनके पिता द्वारा 50 वर्ष पहले खरीदा गया था और वर्षों तक वही उनका पार्षद कार्यालय भी रहा। इसके बावजूद उन्हें उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि फॉर्म-7 भरने वाला अशोक, भाजपा BLA सुनील का भाई है और दोनों ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। आरोप है कि बूथ संख्या 107 पर दर्जनों फर्जी फॉर्म-7 जमा कराए गए। पूर्व पार्षद ने कहा कि आरोपियों ने जानबूझकर बीएलओ को मिथ्या सूचना और साक्ष्य दिए, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दंडनीय है। उन्होंने पुलिस से मांग की कि दोषियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

बिजनौर की रितु बनी उद्यमी, कैफे से रोजाना सात हजार रुपये की कमाई

पति की दिहाड़ी से आत्मनिर्भरता तक : सीएम योगी की आजीविका नीति ने बदली ग्रामीण महिला की तकदीर हौसले की उड़ान : सामान्य गृहणी से उद्यमी बनकर लखपति दीदी बनने का पूरा किया सपना लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर में संचालित 'राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' ग्रामीण महिलाओं के जीवन में निर्णायक बदलाव ला रहा है। सरकार की यह पहल महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ा रही है। प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और बाजार से सीधा जुड़ाव, योगी सरकार की उस नीति का आधार है, जिसके चलते गांवों में महिलाओं की भूमिका अब घर तक सीमित नहीं रही। बिजनौर जिले की रितु की सफलता इसी परिवर्तन की सशक्त मिसाल है। इस तरह आया जीवन में बदलाव देवमल ब्लॉक के ग्राम फिरोजपुर नरोत्तम की रहने वाली रितु का जीवन कुछ वर्ष पहले तक पति की दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर था। सीमित और अनिश्चित आय के कारण परिवार का खर्च चलाना कठिन होता था। भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। ऐसे समय में वर्ष 2022 में रितु का जुड़ाव लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह से हुआ। यह जुड़ाव उनके जीवन में बदलाव का आधार बना। आगे बढ़ने का मिला भरोसा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रितु को उद्यमिता से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें बचत और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई तथा व्यवसाय शुरू करने के लिए निरंतर मार्गदर्शन भी मिला। योगी सरकार का संकल्प है कि ग्रामीण महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और आत्मसम्मान के साथ आजीविका अर्जित करें। इसी सोच ने रितु को आगे बढ़ने का भरोसा दिया। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ अभियान आजीविका मिशन के सहयोग से रितु ने ‘विदुर कैफे’ की शुरुआत की। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ यह कैफे आज उनकी पहचान बन चुका है। रितु अब प्रतिदिन 6-7 हजार रुपये तक की आय कर रही हैं। कभी जिनके लिए घर का खर्च जुटाना चुनौती था, आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं और भविष्य की योजनाएं बना रही हैं। रितु की सफलता का असर केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने अपने कैफे के माध्यम से गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है। इससे गांव में महिलाओं के बीच आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है। समूह से जुड़ने के बाद मिला प्रशिक्षण, अवसर और सम्मान महिलाएं अब काम के लिए बाहर जाने के बजाय गांव में ही सम्मानजनक रोजगार पा रही हैं, जिससे सामाजिक माहौल में भी सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। रितु का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, अवसर और सम्मान, तीनों मिले। योगी सरकार की योजनाओं ने उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। उनकी कहानी यह बताती है कि यदि नीति स्पष्ट हो और जमीनी स्तर पर सहयोग मिले, तो गांवों में भी सफल और स्थायी व्यवसाय खड़े किए जा सकते हैं। ग्रामीण महिलाएं अब बदलाव की बनीं भागीदार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं अब बदलाव की साक्षी बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से सरकार महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। रितु जैसी सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भरता अब केवल योजना नहीं, बल्कि धरातल पर साकार होती वास्तविकता है।