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धान खरीदी में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई जारी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के प्रति सरकार प्रतिबद्ध रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार इस संग्रहण केन्द्र में भंडारित धान का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया। संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि भंडारित धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, धान के बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाईन उपलब्ध स्टॉक की जानकारी और मौके पर उपलब्ध धान में गंभीर अंतर पाया गया।जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी नितीश पाठक, क्षेत्र सहायक को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष उपलब्ध धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत जारी है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इन सभी तथ्यों को विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन किसी भी स्तर पर अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सरकार पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़ेगी प्रदेश सरकार: मुख्यमंत्री

  गुणवत्ता, स्वच्छता, फूड सेफ्टी और जीआई टैगिंग सर्वोच्च प्राथमिकता; युवाओं की पसंद के अनुसार स्वाद में नवाचार पर ज़ोर ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के स्तर पर सरकार करेगी प्रोत्साहित लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की समृद्ध और विविधतापूर्ण खान-पान परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में ‘एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना के शुभारंभ का निर्णय लिया है। ब्रांड यूपी को सशक्त बनाने में एक जनपद-एक उत्पाद  योजना की बड़ी भूमिका के बाद अब उत्तर प्रदेश की पारंपरिक क्यूज़ीन को संगठित ब्रांडिंग के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का हर जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ओडीओसी योजना का मूल उद्देश्य है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, अलीगढ़ की चमचम, हाथरस की रबड़ी, कासगंज का कलाकंद और मूंग का दलमा, एटा की चिकोरी, सुल्तानपुर की कड़ाहा की पूरी और कोहड़े की सब्ज़ी, बाराबंकी की चंद्रकला मिठाई, आज़मगढ़ का सफ़ेद गाजर का हलवा, वाराणसी की लौंगलता, बरेली की सिंवइयां, अमेठी का समोसा, बस्ती का सिरका और सिद्धार्थनगर की रामकटोरी जैसी पारंपरिक मिठाइयां और व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें गुणवत्ता, पहचान और बाज़ार उपलब्ध कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक ताकत को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि ओडीओसी को ओडीओपी की तर्ज पर जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, ताकि पारंपरिक कारीगरों, हलवाइयों और छोटे उद्यमियों को स्थायी आजीविका के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और सभी उत्पादों को खाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया जाए। मुख्यमंत्री ने जीआई टैगिंग को प्रोत्साहित करने, स्थानीय व्यंजनों की पहचान सुरक्षित रखने और युवाओं व आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद के अनुसार स्वाद-आधारित विविधता विकसित करने पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीओसी के तहत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजनों की पहचान कर उन्हें क्यूज़ीन क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाए। पारंपरिक व्यंजनों की ब्रांडिंग, टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए निर्माताओं और विक्रेताओं को प्रोत्साहन दिया जाए। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि योजनांतर्गत उत्पादों के संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, खाद्य विविधता का विस्तार, रोजगार सृजन, वैल्यू-चेन और मार्केट लिंकेज को मजबूत करना तथा पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के साथ एकीकरण शामिल है। इसके साथ ही निर्यात क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों को तैयार करने की रणनीति पर भी काम किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि ब्रांडिंग रणनीति के तहत ओडीओसी लोगो के साथ जनपद-विशिष्ट रंग, प्रतीक और शैली जोड़ी जाएगी। हर व्यंजन के साथ उसकी संस्कृति, इतिहास और विधि को दर्शाने वाली प्रोडक्ट स्टोरी और पहचान टैग शामिल होगा। बैठक में यह भी बताया गया कि पैकेजिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फूड-ग्रेड, इको-फ्रेंडली और सुरक्षित पैकेजिंग के साथ शेल्फ-लाइफ बढ़ाने की उन्नत तकनीकों का उपयोग होगा। क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबल, बारकोड और ड्यूल-लैंग्वेज लेबलिंग के माध्यम से ट्रेसबिलिटी और उपभोक्ता जानकारी सुनिश्चित की जाएगी। क्षेत्रीय और त्योहार-थीम आधारित पैकेजिंग डिजाइनों को भी विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओडीओसी योजना 'वोकल फॉर लोकल' को नई गति देगी और उत्तर प्रदेश की पाक कला की विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि यह पहल केवल योजना न रहकर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बने, इसके लिए सभी आवश्यक प्रयास किये जाएं।

मुख्यमंत्री योगी का आह्वान, किसी एक खेल को गोद लें विश्वविद्यालय-महाविद्यालय

मैच देखकर बढ़ाया मुख्यमंत्री ने महिला खिलाड़ियों का उत्साह खेल गतिविधियों को बढ़ाने से नशे से दूर रहेंगे युवा : सीएम योगी पीएम मोदी के मार्गदर्शन में देश में दिख रही नई खेल संस्कृति : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों का आह्वान किया है कि वे किसी एक खेल को गोद लेकर उससे जुड़ी प्रतिभाओं को तराशें। खेल के जरिये स्वस्थ प्रतिस्पर्धा कराकर अनुशासन और खेल भावना को मजबूत करने में योगदान दें। सीएम योगी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वी क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बास्केटबॉल (महिला) प्रतियोगिता के औपचारिक उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ाने से युवा नशे से दूर रहेंगे, तमाम विकृतियों से बचे रहेंगे। युवा खेलेगा तो खिलेगा, और यही युवा देश को आगे बढ़ाने में, 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में योगदान देगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने खेलों के माध्यम से भी विकसित भारत बनाने के अभियान में भरपूर प्रयास किए हैं। प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेरठ में बन चुकी है। मेरठ में हर प्रकार के स्पोर्ट्स आइटम बन रहे हैं और इसे सरकार ने ओडीओपी में शामिल किया है। पीएम मोदी की खेलों में अपार रुचि सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में देश में एक नई खेल संस्कृति ने जन्म लिया है। 2014 के पहले खेल की गतिविधियां और प्रतियोगिताएं सरकार के एजेंडे का हिस्सा नहीं होती थीं। खेल और खिलाड़ियों की उपेक्षा होती थी। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर न होने से खिलाड़ी खेल से पलायन करने को विवश होते थे। कुंठित, हताश और निराश रहते थे। जबकि 2014 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में खेल और खिलाड़ियों का प्रोत्साहन देखते ही बनता है। पीएम मोदी ने खेलो इंडिया, फिट इंडिया और सांसद खेल प्रतियोगिता जैसे अभियानों से स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र की प्रेरणा दी है। गांव-गांव तक खेल प्रतिभाओं को मंच दिया है। प्रधानमंत्री स्वयं विभिन्न खेलों में देश की विजेता टीमों के खिलाड़ियों के साथ बैठते हैं, प्रतियोगिता से पहले भी उनका हौसला बढ़ाते हैं। स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त होंगे जीवन के सभी साधन मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की प्राचीन परंपरा ने खेलकूद को सदैव महत्व दिया है। भारत की ऋषि परंपरा के उद्घोष ‘शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्’ का उद्धरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा जीवन के जितने भी साधन हैं, उन्हें स्वस्थ शरीर से ही प्राप्त किया जा सकता है। शरीर स्वस्थ रखने के लिए खेलकूद की गतिविधियों से जुड़ना होगा। नियम, संयम और अनुशासन से शरीर पर ध्यान देना होगा। स्वस्थ शरीर से ही समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि खेलकूद को तमाम परिवारों ने जीवन का हिस्सा बनाया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में बेटे-बेटी में भेदभाव नहीं है। आज बच्चा (बेटा या बेटी) खेल में रुचि दिखाता है, तो अभिभावक प्रोत्साहित करते हैं, उसके अनुरूप संसाधन की व्यवस्था करते हैं। यूपी ने बढ़ाया खेल इंफ्रास्ट्रक्चर सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान व ओपन जिम, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम, जिला स्तर पर स्टेडियम बनाने के कार्य युद्धस्तर पर आगे बढ़े हैं। खेल गतिविधियां अनौपचारिक न रहें, बल्कि दिनचर्या का हिस्सा बनें, इसके लिए सरकार ने 96000 से अधिक युवक मंगल दलों और महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरित की हैं। 500 से अधिक खिलाड़ियों को दी सरकारी नौकरी खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार की तत्परता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ओलंपिक में प्रदेश के प्रतिभागी खिलाड़ी को सरकार 10 लाख रुपये देती है। ओलंपिक एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक विजेता को 6 करोड़ रुपये का पुरस्कार और क्लास वन जॉब देने की व्यवस्था बनाई गई है। ओलंपिक की टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले यूपी के खिलाड़ी को 3 करोड़ और एकल स्पर्धा में रजत पदक विजेता को भी 3 करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। ऐसे ही ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता सहित एशियाड, कॉमनवेल्थ गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को भी नकद पुरस्कार दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अब तक 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी दे चुकी है। खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी, तहसीलदार और क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी के पद पर भी नियुक्त किया गया है। कॉमनवेल्थ और ओलंपिक के अनुरूप करें तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स गुजरात में होंगे। हर राज्य और खिलाड़ियों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। भारत 2036 के ओलंपिक गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन कर रहा है। कॉमनवेल्थ और ओलंपिक में अधिक पदक जीतने की तैयारी अभी से करनी होगी। गुरु गोरक्षनाथ की धरा पर किया खिलाड़ियों का अभिनंदन अपने संबोधन में सीएम योगी ने प्रदेश सहित देश के 14 राज्यों से आईं बास्केटबाल की महिला खिलाड़ियों का गुरु गोरखनाथ की पावन साधनास्थली पर स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने गोरखपुर को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध धरा बताने के साथ आजादी के आंदोलन में चौरीचौरा की घटना, वैदिक साहित्य के विश्व में सबसे बड़े प्रकाशन केंद्र 'गीता प्रेस' की महत्ता बताई। साथ ही अमर सेनानी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल तथा बंधु सिंह से इस जिले के किसी न किसी रूप में जुड़ाव का उल्लेख करते हुए गोरखपुर को महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की कर्मभूमि बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर अनेक विभूतियों की पावन धरा है। मंचीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की खेल विवरणिका का विमोचन भी किया। गुब्बारे उड़ाकर व बास्केटबॉल कोर्ट में बॉल उछाल कर किया उद्घाटन, खिलाड़ियों से परिचय भी किया मंचीय कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुब्बारे उड़ाकर तथा बास्केटबॉल कोर्ट में फीता काटकर प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने स्वयं भी बास्केटबॉल कोर्ट में बॉल उछाली। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर विश्वविद्यालय और शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ की खिलाड़ियों से परिचय भी प्राप्त किया। मंचीय कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद सीएम योगी ने फर्स्ट हाफ का मैच देखा और ताली बजाकर … Read more

योगी सरकार की योजनाओं से गांवों में बदली विकास की तस्वीर

शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, कौशल विकास तक दिखाई दे रहा समग्र बदलाव पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, खेल स्टेडियम, सोलर प्लांट और बालिकाओं की सुरक्षा को मिल रहा बल सरकारी धन से गांवों में बन रही आत्मनिर्भर विकास संरचना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार पूरी लगन से आकांक्षात्मक विकास खंडों की तस्वीर बदलने में जुटी है। विकास अब कागज़ों से निकलकर गांवों की ज़मीन पर नजर आ रहा है। प्रदेश के कई पिछड़े व आकांक्षात्मक विकास खंडों में केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, ऊर्जा, कौशल तथा आधारभूत सुविधाओं में ठोस बदलाव किया गया है। परिणाम यह है कि जो क्षेत्र कभी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझते थे, वे अब प्रेरणादायी विकास मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। स्पष्ट है कि योगी सरकार ने आकांक्षात्मक ब्लॉकों को परिणाम आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ाया है। शिक्षा से सशक्तिकरण, गांवों में ज्ञान के नए केंद्र विकास खंडों को मिल रही प्रोत्साहन राशि से विकास के व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बरेली के मझगवां विकास खंड में दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की रचनात्मक क्षमता और वैज्ञानिक सोच को विकसित करने के लिए एस्ट्रोनॉमी लैब का निर्माण किया गया है। इससे ग्रामीण बच्चों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का अवसर मिला। न्याय पंचायत गैनी में छात्रों के शैक्षिक विकास के लिए पुस्तकालय का निर्माण कराया गया। खेल और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा मझगवां (बरेली) में ही ग्राम पंचायत बेहटा बुजुर्ग में शारीरिक व सामाजिक विकास के दृष्टिगत मिनी स्टेडियम व ओपन जिम का निर्माण किया गया। यह पहल ग्रामीण युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ ही नशामुक्त, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बालिकाओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष फोकस प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग बदायूं के वजीरगंज विकास खंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में भी देखा गया, जहां छात्राओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीसी रोड तथा बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया। यह योगी सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें ‘बेटी की सुरक्षा और शिक्षा’ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। स्वच्छ ऊर्जा से प्रशासनिक सशक्तिकरण इसी प्रकार बलिया के सोहांव विकास खंड में विकास खंड कार्यालय भवन पर 10 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम स्थापित किया गया है। इससे न केवल बिजली खर्च में कमी आई है, बल्कि सरकारी कार्यालयों में ग्रीन एनर्जी मॉडल को भी बढ़ावा मिला है। स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास में समन्वित प्रयास आकांक्षात्मक ब्लॉकों में स्वास्थ्य एवं पोषण, पेयजल, मानव संसाधन विकास और कौशल उन्नयन जैसे क्षेत्रों में लक्षित निवेश किया गया है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों से जुड़े संकेतकों पर विशेष ध्यान देते हुए योजनाओं को लागू किया जा रहा है, ताकि सामाजिक विकास के साथ मानव विकास सूचकांक में भी सुधार हो। योगी मॉडल: प्रोत्साहन से परिणाम आधारित विकास आकांक्षात्मक विकास खंडों में दिख रहा यह परिवर्तन योगी सरकार के सुशासन, पारदर्शिता और निगरानी आधारित मॉडल का परिणाम है। यहां प्रोत्साहन राशि का उपयोग केवल निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि स्थायी लाभ, सामुदायिक भागीदारी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। आज उत्तर प्रदेश के ये आकांक्षात्मक ब्लॉक संदेश दे रहे हैं कि सरकारी धन यदि सही योजना, ईमानदार क्रियान्वयन और स्पष्ट विजन के साथ खर्च हो, तो वही क्षेत्र प्रेरणादायी विकास की मिसाल बन सकता है। योगी सरकार का यह मॉडल आने वाले समय में प्रदेश ही नहीं, देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक रोल मॉडल बनता दिख रहा है।

चिकित्सा क्षेत्र में इतिहास, PGI चंडीगढ़ ने 2 वर्षीय बच्चे के ब्रेन ट्यूमर का किया सफल ऑपरेशन

चंडीगढ़ दुनिया में पहली बार पीजीआई चंडीगढ़ के दो विभागों के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने सबसे बड़े और दुर्लभ मेनिन्जियो ट्यूमर की एंडोस्कोपी के जरिए सफल सर्जरी कर इतिहास रच दिया है। यह ट्यूमर सिर के निचले हिस्से (स्कल बेस) में बनने वाला अत्यंत दुर्लभ ब्रेन मेनिन्जियोमा था। इस जटिल सर्जरी को न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रो. धंडापानी और ईएनटी (ओटोलैरिंगोलॉजी) विभाग के प्रो. अनुराग की टीम ने करीब 9 घंटे की मैराथन सर्जरी के दौरान अंजाम दिया। यह सर्जरी सोनीपत के 2 वर्षीय बच्चे पर नाक के रास्ते एंडोस्कोपिक तकनीक से की गई। सर्जरी की सफलता के बाद पीजीआई के डॉक्टरों ने न सिर्फ अपनी विशेषज्ञता साबित की, बल्कि चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में भारत को एक बार फिर दुनिया में अग्रणी साबित किया है। इससे पहले वर्ष 2020 में स्पेन में इसी तकनीक से सर्जरी की गई थी, लेकिन उस समय मरीज की उम्र 12 साल थी और ट्यूमर का आकार भी छोटा था। दुर्लभ ट्यूमर के कारण कई समस्याओं से जूझ रहा था बच्चा 2 साल का यह बच्चा लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित था, लेकिन परिवार को बीमारी की जानकारी नहीं थी। बच्चे की बाईं आंख का बाहर की ओर निकल आना, आंखों की मूवमेंट रुकना, तेज खर्राटे, नाक में बार-बार गांठ दिखना और आंखों से अधिक पानी आना जैसे लक्षण सामने आ रहे थे। जब परिजन बच्चे को पीजीआई लाए तो डॉक्टरों ने सीटी स्कैन और एमआरआई करवाई, जिसमें पता चला कि बच्चे के सिर के निचले हिस्से में 7 सेंटीमीटर का ट्यूमर है, जो साइनस, ब्रेन और ऑर्बिट (आंख की कोटर) तक फैल चुका था। बायोप्सी के बाद पुष्टि हुई कि यह बेहद दुर्लभ मेनिन्जियो ट्यूमर है। बेहद चुनौतीपूर्ण थी सर्जरी मेडिकल साइंस में स्कल बेस मेनिन्जियो ट्यूमर की सर्जरी को अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है, खासकर 2 साल के बच्चे में यह जोखिम और भी ज्यादा था। सर्जरी के दौरान हाइपोथर्मिया, अत्यधिक रक्तस्राव और फ्लूइड डिस्टरबेंस से बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। इन जोखिमों को देखते हुए ईएनटी, न्यूरोसर्जरी और न्यूरो-एनेस्थीसिया विभागों की एक विशेष टीम बनाई गई। एंडोस्कोपिक तकनीक से टाला गया बड़ा जोखिम रवायती ओपन सर्जरी के जोखिमों को ध्यान में रखते हुए डॉक्टरों ने सभी सुरक्षित विकल्पों पर विचार कर एंडोस्कोपिक तकनीक से सर्जरी करने का फैसला लिया। सर्जरी के दौरान यह सामने आया कि ट्यूमर नाक के जरिए मैक्सिलरी साइनस और सामने की गाल की हड्डी तक फैल चुका था। इसके बाद उन्नत एंडोस्कोपिक तकनीक, 45 डिग्री नेविगेशन एंगल वाले एंडोस्कोप और विशेष उपकरणों की मदद से ब्रेन के बेहद करीब फंसे ट्यूमर को सावधानीपूर्वक निकाला गया। डॉक्टरों ने बताया कि ट्यूमर में अत्यधिक रक्त वाहिकाएं और कई हड्डियों तक फैलाव था, इसके बावजूद टीम ने पूरी सतर्कता के साथ 9 घंटे में नाक के रास्ते ट्यूमर को पूरी तरह निकालने में सफलता हासिल की, जिससे ओपन सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ी।   पूरी तरह स्वस्थ है बच्चा सर्जरी के अंतिम चरण में स्कल बेस में बने सभी लेयर्स को रिपेयर किया गया। सर्जरी के बाद की गई एमआरआई में पुष्टि हुई कि ट्यूमर पूरी तरह निकाल दिया गया है। फिलहाल बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पीजीआई के डॉक्टरों की इस अद्भुत और ऐतिहासिक सर्जरी को चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।  

यूपी में ठंड का कहर जारी, अब भारी बारिश की चेतावनी; इन इलाकों में अलर्ट

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मौसम लगातार बदल रहा है। इन दिनों सुबह और शाम के समय प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहता है। कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम हो जाती है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। हालांकि दिन में धूप निकलने से मौसम कुछ साफ हो जाता है और लोगों को थोड़ी राहत मिलती है। वहीं पश्चिमी यूपी में ठंडी और बर्फीली हवाओं के कारण ठिठुरन और गलन बढ़ गई है। इसी बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों बारिश का भी अलर्ट जारी किया है। बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले पांच से छह दिनों में पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, 19 और 20 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश हो सकती है। बारिश के कारण ठंड और ज्यादा बढ़ सकती है। विभाग के अनुसार, शनिवार को भी कोहरे के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं रविवार से मौसम में बदलाव आने की संभावना है और पश्चिमी यूपी में बारिश हो सकती है। इन जिलों में चेतावनी मौसम विभाग ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, हापुड़, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती और अंबेडकर नगर जिलों में घने से अत्यंत घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कई जगह दृश्यता शून्य तक जा सकती है। इसके अलावा नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा, कासगंज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया और गाजीपुर में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।  

भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, कहा- ‘जनमानस के साथ खेल रही है भ्रम की राजनीति’

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि एक ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जो बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और पं. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेता हैं जो हर योजना में कमी निकालने का काम करते हैं। चाहे वह सीएए हो, ईवीएम का मुद्दा हो या फिर एसआईआर। कांग्रेस हर विषय पर भ्रम फैलाने का प्रयास करती है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब कांग्रेस को ‘जी रामजी’ नाम से भी आपत्ति है। हमने तो राजस्थान से ‘आरए’ और मध्यप्रदेश से ‘एम’ लिया और महत्वपूर्ण परियोजना ईआरसीपी का नाम स्वतः ही ‘राम जल सेतु’ हो गया। यदि कांग्रेस को राम जी से ही दिक्कत है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। प्रकृति का नियम है कि जो होना है, वह होकर रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश धीरे-धीरे रामराज्य की ओर बढ़ रहे हैं।   न भ्रष्टाचार करने देंगे, न होने देंगे मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने देश को खोखला करने का काम किया है। वह हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है, लेकिन अब मोदी जी का जमाना है। अब न तो भ्रष्टाचार करने दिया जाएगा और न ही भ्रष्टाचार होने दिया जाएगा। कांग्रेस को इस बात का दर्द है कि अब वे भ्रष्टाचार नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ भी है तो मोदी सरकार उसे बाहर निकाल कर सामने लाएगी। सीएम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस झूठ बोलने में नंबर वन है, भ्रम फैलाने में नंबर वन है और तुष्टिकरण के आधार पर राजनीति करना चाहती है। इसलिए झूठ का पर्दाफाश करना आज सबसे अधिक आवश्यक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वीबी-जी रामजी जनजागरण अभियान को लेकर गांव-गांव और ढाणी-ढाणी तक पहुंचना होगा। लोगों को यह बताना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 100 नहीं बल्कि 125 दिन का रोजगार दिया है और 15 दिन में मजदूरी की गारंटी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी डबल इंजन सरकार युवाओं के रोजगार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी हैं, 1.43 लाख भर्तियां प्रक्रिया में हैं और 1 लाख पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हमने पहले ही कह दिया था कि आप पेन और डायरी लेकर बैठ जाएं, हम आपको हर बात का हिसाब देंगे। पेपर लीक के मामलों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि अब तक 400 लोग जेल में हैं। अब यह गिनती करना कांग्रेस का काम है कि ये 400 लोग छोटी मछली हैं या बड़े मगरमच्छ। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है और जनता के विश्वास पर पूरी तरह खरी उतरेगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को किया संबोधित

पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर किया जाएगा विचार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में भारत की आत्मा गांवों में बसती है। अगर देश का विकास करना है तो गांवों को विकसित करें, देश अपने आप आगे बढ़ता चला जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्र के साथ ग्रामीण अंचलों में उद्योग स्थापित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि हमारे गांव ही स्वावलंबी भारत की नींव हैं। राज्य सरकार पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। प्रदेश के किसानों की समृद्धि और ग्रामीण विकास को गति प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष-2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसमें 16 अलग-अलग विभागों को शामिल किया गया है। कृषि कल्याण वर्ष में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन और लघु-कुटीर उद्योग सहित सभी विभागों की योजनाओं का लाभ पंचायत हितग्राहियों को मिलेगा। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भेल दशहरा मैदान पर आयोजित प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मेलन में पहुंचने पर करतल ध्वनि और नारों से उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत सचिव महासंघ के प्रतिनिधियों द्वारा बड़ी माला और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी पंचायती राज व्यवस्था में पंचायत सचिव जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की धुरी हैं। वे सरकारी नीति-निर्णयों और योजनाओं को क्रियान्वित कर धरातल पर उतारते हैं। राज्य सरकार, पंचायत, पंचायत सचिव और पंच परमेश्वर के सहयोग से जनकल्याण के साथ विकास के पैमाने पर आगे बढ़ रही है। हम रामराज की कल्पना करें तो पंचायत सचिव एक प्रकार से पंचायती राज में हनुमान जी की भूमिका में काम करते हैं। प्रधानमंत्री आवास हो या आर्थिक सहायता का लाभ, सभी जनकल्याणकारी कार्य पंचायत सचिव ही पूर्ण कराते हैं। वे ग्रामीण परिवारों के लिए एक सदस्य के नाते संपूर्ण जिम्मेदारी के साथ काम करते हैं। ऐसे में पंचायत सचिवों की चिंता करना सरकार का कर्तव्य है। पंचायत सचिवों के लिए जिला स्तर पर कैडर का गठन करने के साथ उन्हें डिजिटल भारत के निर्माण के लिए सभी तरह के तकनीकी संसाधनों से लैस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत को सम्मान, संसाधन और आधुनिकता देने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। पंचायत के लिए सुसज्जित कार्यालय अटल भवन सामुदायिक भवनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण से केवल कौशल नहीं अपितु प्रशासकीय व्यवस्था की संस्कृति को बदलने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और वाहन भक्तों में वृद्धि की है। इसके साथ ही सरपंचों को 25 लाख रुपए तक के कार्य करने का अधिकार दिया गया है। पंचायत सचिवों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत सचिवों के सेवाकाल की आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है। उनके लिए 7वें वेतनमान के आदेश जारी किए जा चुके हैं। पंचायत सचिवों को विशेष भत्ते का भी लाभ दिया जाएगा। सेवाकाल में पंचायत सचिव की मृत्यु होने पर परिवार को दी जाने वाली डेढ़ लाख रुपए की आकस्मिक सहायता राशि अनुकंपा नियुक्ति के बाद वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों के वेतनमान और अन्य सेवा शर्तों के लिए कमेटी बनाकर विचार किया जाएगा। पंचायत सचिव का दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का है पवित्र अवसर : मंत्री श्री प्रहलाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि ग्राम सभा से लेकर विकास कार्यों के क्रियान्वयन तक हर प्रक्रिया की धूरी पंचायत सचिव हैं। उनका दायित्व केवल नौकरी नहीं, जन सेवा का पवित्र अवसर है। पंचायत सचिवों को आयुष्मान कार्ड योजना के दायरे में लाने की शुरुआत कर दी गई है। पंचायत सचिवों को मिलने वाला 1300 रुपए भत्ता भी प्रारंभ किया जाएगा। म.प्र. पंचायत सचिव संगठन के प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेश पटेल ने कहा कि यह महासम्मेलन ग्रामीण भारत की रीढ़ को सशक्त करने का आयोजन है। पंचायत सचिव शासकीय योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हैं। ग्रामीण विकास में पंचायत सचिवों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। प्रदेश ने औद्योगिक विकास के साथ ग्रामीण विकास के लिए जल संचयन की योजना में राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया है। सभी पंचायत सचिव इसमें हर संभव योगदान देने के लिए तत्पर हैं। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री श्री कुलदीप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार श्रमिकों एवं मजदूरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव महासम्मेलन में भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री सुनील किदवई, सचिव संगठन के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष श्री बालमुकंद पाटीदार, श्री सत्यनारायण यादव, श्री अरविंद सोलंकी, श्री शिवराज सिंह रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पंचायत सचिव एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

सड़कों का विकास परिवहन, कृषि, उद्योग और देश के समग्र विकास की आधारशिला : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

ग्राम आक्या बीका में 9.38 करोड़ की 3 सड़कों का किया भूमि-पूजन टीबी मरीजों को फूड बॉस्केट किए प्रदान भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि सड़कों का विकास परिवहन, कृषि, उद्योग और देश के समग्र विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय सड़कों के विकास का स्वर्णिम युग है। सड़कों का चहुंमुखी विकास हुआ है, जिससे गांव-गांव तक आवागमन सुगम हुआ है। मल्हारगढ़ क्षेत्र में ही लगभग 250 सड़कों का निर्माण किया गया है। यह सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम है कि विकास कार्य लगातार गति से हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा मंदसौर जिले के ग्राम आक्या बीका गोशाला परिसर में कुल 9 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली तीन सड़कें, जिनमें 3 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से खेड़ा से टकरावद सड़क, 3 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से आक्या बीका से मगराना सड़क तथा 2 करोड़ 38 लाख रुपये की लागत से ढाणी से भेरूजी सड़क शामिल हैं, के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा कहा कि गांधी सागर का पानी खेतों तक पहुंचाने का कार्य सरकार द्वारा किया जा रहा है और आगामी एक वर्ष के भीतर किसानों के खेतों तक पानी पहुंच जाएगा। सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों, महिलाओं, गरीबों एवं सभी हितग्राहियों को सीधे मिल रहा है। सड़क परिवहन देश के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सड़कों के माध्यम से न केवल लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जोड़ने का कार्य होता है, बल्कि कृषि, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्रों को भी नई गति मिलती है। सशक्त सड़क नेटवर्क के बिना संतुलित विकास संभव नहीं है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि अच्छी सड़कों से किसान अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुंचा पाते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलता है। वहीं उद्योगों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद के परिवहन में सुविधा होती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और निवेश के नए अवसर सृजित होते हैं। सड़क परिवहन से रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि मजबूत सड़क अवसंरचना शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाती है तथा आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने टीबी मरीजों को फूड बॉस्केट का वितरण भी किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, श्री मदनलाल राठौर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

जबलपुर के विद्युत नेटवर्क को मिली नई सुदृढ़ता

एम.पी. ट्रांसको के विनोबा भावे सब स्टेशन में अब डबल सर्किट सप्लाई भोपाल मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने जबलपुर शहर की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी द्वारा 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के लिए निर्मित की जा रही अत्यंत जटिल डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का सब स्टेशन स्तर पर दूसरा चरण भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब शहर को मिलेगी और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति एम.पी. ट्रांसको के मुख्य अभियंता श्री अमरकीर्ति सक्सेना ने बताया कि 132 के.वी. विनोबा भावे सबस्टेशन के स्विचयार्ड में सीमित स्थान होने के बावजूद, पहले से स्थापित सेट-अप में आवश्यक तकनीकी संशोधन करते हुए दूसरे 132 के.वी. सर्किट की व्यवस्था करना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था। उन्होंने बताया कि ट्रांसको की टीम ने समर्पण, आपसी समन्वय एवं सतत परिश्रम के बल पर इस जटिल कार्य को सफलतापूर्वक पूरा कर एक नई तकनीकी मिसाल कायम की है। इससे शहर के विद्युत तंत्र को और अधिक स्थायित्व एवं विश्वसनीयता प्राप्त होगी। विनोबा भावे सब स्टेशन में अतिरिक्त सर्किट की सुविधा अब 132 के.वी. विनोबा भावे सब स्टेशन को 220 के.वी. सबस्टेशन नयागांव, जबलपुर से एक अतिरिक्त सर्किट उपलब्ध हो गया है, जो पहले से संचालित 132 के.वी. व्हीकल फैक्टरी सबस्टेशन, जबलपुर से जुड़े सर्किट के अतिरिक्त है। इस नई व्यवस्था से किसी एक सर्किट में तकनीकी समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। साथ ही रख-रखाव कार्यों के दौरान अब पूर्ण शटडाउन लेने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।